भारतीय राजव्यवस्था क्विज़: अपनी संवैधानिक समझ का परीक्षण करें
भारत का संविधान, हमारे लोकतंत्र की आत्मा, सिर्फ एक कानूनी दस्तावेज नहीं, बल्कि एक जीवंत ग्रंथ है जो हमारे शासन की नींव रखता है। प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता के लिए भारतीय राजव्यवस्था की गहन समझ अनिवार्य है। यह दैनिक अभ्यास सेट आपको संवैधानिक अनुच्छेदों, मौलिक सिद्धांतों और ऐतिहासिक निर्णयों पर आधारित चुनौतीपूर्ण प्रश्नों के माध्यम से अपनी वैचारिक स्पष्टता और ज्ञान का परीक्षण करने का अवसर प्रदान करता है। अपनी तैयारी को परखें और अपने संवैधानिक ज्ञान को मजबूत करें!
प्रश्न
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भारत के संविधान की प्रस्तावना में ‘धर्मनिरपेक्ष’ शब्द किस संशोधन द्वारा जोड़ा गया था?
- 42वां संविधान संशोधन अधिनियम, 1976
- 44वां संविधान संशोधन अधिनियम, 1978
- 52वां संविधान संशोधन अधिनियम, 1985
- 61वां संविधान संशोधन अधिनियम, 1989
सही उत्तर: (a)
विस्तृत व्याख्या:
भारत के संविधान की प्रस्तावना में ‘समाजवादी’, ‘धर्मनिरपेक्ष’ और ‘अखंडता’ शब्द 42वें संविधान संशोधन अधिनियम, 1976 द्वारा जोड़े गए थे। इस संशोधन को ‘लघु संविधान’ के नाम से भी जाना जाता है क्योंकि इसने संविधान के कई हिस्सों में महत्वपूर्ण बदलाव किए थे। 44वां संशोधन (1978) आंतरिक अशांति के स्थान पर ‘सशस्त्र विद्रोह’ शब्द लाया और संपत्ति के अधिकार को मौलिक अधिकार से हटा दिया। 52वां संशोधन (1985) दलबदल विरोधी कानून से संबंधित है, जबकि 61वां संशोधन (1989) ने मतदान की आयु 21 से घटाकर 18 वर्ष कर दी थी।
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भारतीय संविधान का कौन सा अनुच्छेद ‘दोहरे दंड’ (Double Jeopardy) से संरक्षण प्रदान करता है?
- अनुच्छेद 20(1)
- अनुच्छेद 20(2)
- अनुच्छेद 20(3)
- अनुच्छेद 21
सही उत्तर: (b)
विस्तृत व्याख्या:
भारतीय संविधान का अनुच्छेद 20(2) किसी भी व्यक्ति को एक ही अपराध के लिए एक से अधिक बार अभियोजित और दंडित करने से संरक्षण प्रदान करता है, जिसे ‘दोहरे दंड’ (Double Jeopardy) का सिद्धांत कहा जाता है। अनुच्छेद 20(1) कार्योत्तर विधियों (Ex-post facto laws) से संरक्षण प्रदान करता है, जबकि अनुच्छेद 20(3) आत्म-अभिशंसन (Self-incrimination) से संरक्षण देता है (किसी व्यक्ति को अपने ही खिलाफ गवाह बनने के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता)। अनुच्छेद 21 ‘जीवन और व्यक्तिगत स्वतंत्रता के अधिकार’ से संबंधित है।
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भारतीय संविधान के राज्य के नीति निदेशक तत्वों (DPSP) में निम्नलिखित में से कौन सा गांधीवादी सिद्धांत नहीं है?
- ग्राम पंचायतों का संगठन
- कृषि और पशुपालन को बढ़ावा देना
- समान नागरिक संहिता का क्रियान्वयन
- मादक पेय और हानिकारक औषधियों पर प्रतिबंध
सही उत्तर: (c)
विस्तृत व्याख्या:
समान नागरिक संहिता (Uniform Civil Code) का क्रियान्वयन (अनुच्छेद 44) एक उदारवादी बौद्धिक सिद्धांत है, न कि गांधीवादी। गांधीवादी सिद्धांतों में ग्राम पंचायतों का संगठन (अनुच्छेद 40), कृषि और पशुपालन को बढ़ावा देना (अनुच्छेद 48), कुटीर उद्योगों को प्रोत्साहन (अनुच्छेद 43), और मादक पेय तथा हानिकारक औषधियों पर प्रतिबंध (अनुच्छेद 47) शामिल हैं।
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भारत के राष्ट्रपति के चुनाव के लिए निर्वाचक मंडल में कौन शामिल होता है?
- संसद के दोनों सदनों के निर्वाचित सदस्य
- राज्य विधानमंडलों के दोनों सदनों के निर्वाचित सदस्य
- केवल लोकसभा के निर्वाचित सदस्य
- संसद के दोनों सदनों और राज्य विधानसभाओं के निर्वाचित सदस्य
सही उत्तर: (d)
विस्तृत व्याख्या:
भारत के राष्ट्रपति के चुनाव के लिए निर्वाचक मंडल (अनुच्छेद 54) में संसद के दोनों सदनों (लोकसभा और राज्यसभा) के निर्वाचित सदस्य और राज्यों की विधानसभाओं (राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों दिल्ली व पुडुचेरी) के निर्वाचित सदस्य शामिल होते हैं। विधान परिषदों के सदस्य और मनोनीत सदस्य राष्ट्रपति के चुनाव में भाग नहीं लेते हैं।
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निम्नलिखित में से कौन सा विधेयक संसद के किसी भी सदन में पेश किया जा सकता है?
- धन विधेयक
- वित्त विधेयक (अनुच्छेद 117(1) के तहत)
- साधारण विधेयक
- संविधान संशोधन विधेयक (अनुच्छेद 368 के तहत)
सही उत्तर: (c)
विस्तृत व्याख्या:
एक साधारण विधेयक संसद के किसी भी सदन (लोकसभा या राज्यसभा) में पेश किया जा सकता है। धन विधेयक (अनुच्छेद 110) केवल लोकसभा में पेश किया जा सकता है। वित्त विधेयक, जो अनुच्छेद 117(1) के तहत आता है, केवल लोकसभा में राष्ट्रपति की सिफारिश पर पेश किया जा सकता है। संविधान संशोधन विधेयक (अनुच्छेद 368) संसद के किसी भी सदन में पेश किया जा सकता है, लेकिन इसके लिए दोनों सदनों द्वारा विशेष बहुमत से पारित होना आवश्यक है, और इसमें राष्ट्रपति की पूर्व अनुमति की आवश्यकता नहीं होती है।
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भारतीय संविधान का कौन सा अनुच्छेद उच्चतम न्यायालय को “अभिलेख न्यायालय” (Court of Record) घोषित करता है?
- अनुच्छेद 124
- अनुच्छेद 129
- अनुच्छेद 131
- अनुच्छेद 132
सही उत्तर: (b)
विस्तृत व्याख्या:
भारतीय संविधान का अनुच्छेद 129 उच्चतम न्यायालय को “अभिलेख न्यायालय” (Court of Record) घोषित करता है। इसका अर्थ है कि उच्चतम न्यायालय के निर्णय और कार्यवाहियां स्थायी स्मृति और साक्ष्य के रूप में रखे जाते हैं, और इन्हें किसी भी न्यायालय में चुनौती नहीं दी जा सकती। साथ ही, उच्चतम न्यायालय को अपनी अवमानना के लिए दंडित करने की शक्ति भी है। अनुच्छेद 124 उच्चतम न्यायालय की स्थापना और गठन से संबंधित है, जबकि अनुच्छेद 131 उच्चतम न्यायालय के मूल क्षेत्राधिकार और अनुच्छेद 132 अपीलीय क्षेत्राधिकार से संबंधित है।
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भारत में अंतर-राज्यीय परिषद् (Inter-State Council) की स्थापना का प्रावधान किस अनुच्छेद के तहत किया गया है?
- अनुच्छेद 262
- अनुच्छेद 263
- अनुच्छेद 265
- अनुच्छेद 280
सही उत्तर: (b)
विस्तृत व्याख्या:
भारतीय संविधान का अनुच्छेद 263 अंतर-राज्यीय परिषद् की स्थापना का प्रावधान करता है, जिसका उद्देश्य राज्यों के बीच और केंद्र व राज्यों के बीच विवादों का समाधान करना और सामान्य हित के विषयों पर जांच और सलाह देना है। अनुच्छेद 262 अंतर-राज्यीय नदी विवादों के न्यायनिर्णयन से संबंधित है। अनुच्छेद 265 कहता है कि कानून के अधिकार के बिना कोई कर नहीं लगाया जाएगा और अनुच्छेद 280 वित्त आयोग से संबंधित है।
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भारत के नियंत्रक और महालेखा परीक्षक (CAG) को पद से हटाने की प्रक्रिया किसके समान है?
- भारत के महान्यायवादी
- राज्य लोक सेवा आयोग के सदस्य
- उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीश
- भारत के मुख्य निर्वाचन आयुक्त
सही उत्तर: (c)
विस्तृत व्याख्या:
भारत के नियंत्रक और महालेखा परीक्षक (CAG) को पद से हटाने की प्रक्रिया (अनुच्छेद 148) उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीशों के समान है। उन्हें संसद के दोनों सदनों द्वारा विशेष बहुमत से पारित प्रस्ताव के आधार पर राष्ट्रपति द्वारा हटाया जा सकता है, जो केवल सिद्ध कदाचार या अक्षमता के आधार पर हो सकता है। महान्यायवादी राष्ट्रपति के प्रसादपर्यंत पद धारण करता है। राज्य लोक सेवा आयोग के सदस्य राज्यपाल द्वारा हटाए जा सकते हैं लेकिन सर्वोच्च न्यायालय की जांच के बाद। मुख्य निर्वाचन आयुक्त को हटाने की प्रक्रिया भी उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीश के समान है।
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73वें संविधान संशोधन अधिनियम, 1992 के तहत पंचायती राज संस्थाओं का कार्यकाल कितना निर्धारित किया गया है?
- तीन वर्ष
- चार वर्ष
- पांच वर्ष
- छह वर्ष
सही उत्तर: (c)
विस्तृत व्याख्या:
73वें संविधान संशोधन अधिनियम, 1992 (जो भाग IX में अनुच्छेद 243 से 243O जोड़ता है) के तहत पंचायती राज संस्थाओं का कार्यकाल पांच वर्ष निर्धारित किया गया है। यह संशोधन इन संस्थाओं को संवैधानिक दर्जा प्रदान करता है और उनके नियमित चुनाव, संरचना, शक्तियों और जिम्मेदारियों का प्रावधान करता है।
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भारतीय संविधान के किस अनुच्छेद के तहत वित्तीय आपातकाल की घोषणा की जा सकती है?
- अनुच्छेद 352
- अनुच्छेद 356
- अनुच्छेद 360
- अनुच्छेद 365
सही उत्तर: (c)
विस्तृत व्याख्या:
भारतीय संविधान का अनुच्छेद 360 वित्तीय आपातकाल की घोषणा का प्रावधान करता है। यह तब लगाया जाता है जब भारत या उसके किसी भाग की वित्तीय स्थिरता या साख को खतरा हो। भारत में अभी तक कभी भी वित्तीय आपातकाल लागू नहीं किया गया है। अनुच्छेद 352 राष्ट्रीय आपातकाल से संबंधित है, जबकि अनुच्छेद 356 राज्यों में संवैधानिक तंत्र की विफलता (राष्ट्रपति शासन) से संबंधित है। अनुच्छेद 365 भी राष्ट्रपति शासन से संबंधित है, लेकिन यह केंद्र के निर्देशों का पालन न करने पर लगाया जाता है।
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किस संवैधानिक संशोधन ने भारतीय संघ में गोवा, दमन और दीव को शामिल किया था?
- 10वां संशोधन
- 12वां संशोधन
- 14वां संशोधन
- 18वां संशोधन
सही उत्तर: (b)
विस्तृत व्याख्या:
12वां संविधान संशोधन अधिनियम, 1962 ने गोवा, दमन और दीव को भारतीय संघ में केंद्र शासित प्रदेशों के रूप में शामिल किया था। बाद में, 1987 में गोवा को पूर्ण राज्य का दर्जा मिला। 10वां संशोधन दादरा और नगर हवेली से संबंधित है, जबकि 14वां संशोधन पुडुचेरी के केंद्र शासित प्रदेश के रूप में शामिल होने से संबंधित है।
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‘संविधान की प्रस्तावना संविधान का हिस्सा है और इसे संशोधित किया जा सकता है, लेकिन इसकी मूल संरचना को नहीं बदला जा सकता है।’ यह किस ऐतिहासिक मामले में निर्धारित किया गया था?
- गोलकनाथ बनाम पंजाब राज्य मामला, 1967
- केशवानंद भारती बनाम केरल राज्य मामला, 1973
- मिनर्वा मिल्स बनाम भारत संघ मामला, 1980
- एस.आर. बोम्मई बनाम भारत संघ मामला, 1994
सही उत्तर: (b)
विस्तृत व्याख्या:
केशवानंद भारती बनाम केरल राज्य मामला, 1973 भारतीय संवैधानिक इतिहास में एक मील का पत्थर है। इस मामले में, सर्वोच्च न्यायालय ने ‘संविधान की मूल संरचना’ (Basic Structure Doctrine) का सिद्धांत प्रतिपादित किया, जिसमें कहा गया कि संसद के पास संविधान में संशोधन करने की शक्ति है, लेकिन वह इसकी मूल संरचना को नहीं बदल सकती है। यह भी माना गया कि प्रस्तावना संविधान का एक हिस्सा है और इसे संशोधित किया जा सकता है, बशर्ते मूल संरचना का उल्लंघन न हो।
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निम्नलिखित में से कौन सा मौलिक कर्तव्य नहीं है?
- संविधान का पालन करना और उसके आदर्शों, संस्थाओं, राष्ट्रध्वज और राष्ट्रगान का आदर करना।
- भारत की संप्रभुता, एकता और अखंडता की रक्षा करना।
- सार्वजनिक संपत्ति की रक्षा करना और हिंसा से दूर रहना।
- बच्चों को मुफ्त और अनिवार्य शिक्षा प्रदान करना।
सही उत्तर: (d)
विस्तृत व्याख्या:
बच्चों को मुफ्त और अनिवार्य शिक्षा प्रदान करना (6 से 14 वर्ष की आयु के बच्चों के लिए) एक मौलिक अधिकार (अनुच्छेद 21A) और राज्य का नीति निदेशक तत्व (अनुच्छेद 45) भी है, लेकिन यह मौलिक कर्तव्य (अनुच्छेद 51A) नहीं है। 86वें संविधान संशोधन अधिनियम, 2002 द्वारा 51A में एक नया मौलिक कर्तव्य (k) जोड़ा गया, जिसमें माता-पिता या अभिभावकों का यह कर्तव्य है कि वे अपने बच्चों को शिक्षा के अवसर प्रदान करें। अन्य विकल्प मौलिक कर्तव्य हैं।
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भारत का उपराष्ट्रपति अपना त्यागपत्र किसे संबोधित करता है?
- भारत के मुख्य न्यायाधीश
- लोकसभा अध्यक्ष
- भारत के राष्ट्रपति
- प्रधानमंत्री
सही उत्तर: (c)
विस्तृत व्याख्या:
भारत का उपराष्ट्रपति (अनुच्छेद 67) अपना त्यागपत्र भारत के राष्ट्रपति को संबोधित करता है। राष्ट्रपति को संबोधित त्यागपत्र राष्ट्रपति द्वारा ही स्वीकार किया जाता है। उपराष्ट्रपति राज्यसभा का पदेन सभापति होता है।
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भारतीय संसद की सबसे बड़ी समिति कौन सी है?
- लोक लेखा समिति (Public Accounts Committee)
- प्राक्कलन समिति (Estimates Committee)
- सार्वजनिक उपक्रम समिति (Committee on Public Undertakings)
- नियम समिति (Rules Committee)
सही उत्तर: (b)
विस्तृत व्याख्या:
प्राक्कलन समिति (Estimates Committee) भारतीय संसद की सबसे बड़ी समिति है, जिसमें 30 सदस्य होते हैं और सभी सदस्य लोकसभा से होते हैं। लोक लेखा समिति में 22 सदस्य (15 लोकसभा से और 7 राज्यसभा से) होते हैं, और सार्वजनिक उपक्रम समिति में भी 22 सदस्य (15 लोकसभा से और 7 राज्यसभा से) होते हैं।
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उच्च न्यायालय के न्यायाधीशों की नियुक्ति कौन करता है?
- भारत का मुख्य न्यायाधीश
- संबंधित राज्य का राज्यपाल
- भारत का राष्ट्रपति
- प्रधानमंत्री की सलाह पर भारत का राष्ट्रपति
सही उत्तर: (c)
विस्तृत व्याख्या:
उच्च न्यायालय के न्यायाधीशों की नियुक्ति भारत के राष्ट्रपति द्वारा (अनुच्छेद 217) भारत के मुख्य न्यायाधीश, संबंधित राज्य के राज्यपाल और संबंधित उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश (मुख्य न्यायाधीश के अलावा अन्य न्यायाधीशों के मामले में) से परामर्श करने के बाद की जाती है। हालांकि राज्यपाल और मुख्य न्यायाधीश से परामर्श लिया जाता है, अंतिम नियुक्ति राष्ट्रपति द्वारा ही की जाती है।
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निम्नलिखित में से कौन सा विषय समवर्ती सूची (Concurrent List) का हिस्सा नहीं है?
- आपराधिक कानून
- शिक्षा
- पुलिस
- जनसंख्या नियंत्रण और परिवार नियोजन
सही उत्तर: (c)
विस्तृत व्याख्या:
पुलिस राज्य सूची का विषय है, जिस पर कानून बनाने की शक्ति केवल राज्य सरकारों के पास है। आपराधिक कानून, शिक्षा और जनसंख्या नियंत्रण व परिवार नियोजन समवर्ती सूची के विषय हैं, जिन पर केंद्र और राज्य दोनों कानून बना सकते हैं। यदि केंद्र और राज्य के कानून में टकराव होता है, तो सामान्यतः केंद्रीय कानून प्रभावी होता है।
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संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) के अध्यक्ष और सदस्यों को उनके पद से कौन हटा सकता है?
- भारत के मुख्य न्यायाधीश
- संसद
- भारत के राष्ट्रपति
- केंद्रीय कार्मिक मंत्री
सही उत्तर: (c)
विस्तृत व्याख्या:
संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) के अध्यक्ष और सदस्यों को भारत के राष्ट्रपति (अनुच्छेद 317) द्वारा दुर्व्यवहार या अक्षमता के आधार पर हटाया जा सकता है, लेकिन इस मामले में उच्चतम न्यायालय की जांच रिपोर्ट अनिवार्य है। उच्चतम न्यायालय की जांच के बाद ही राष्ट्रपति उन्हें हटा सकते हैं।
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भारत में शहरी स्थानीय स्वशासन (Urban Local Self-Government) को संवैधानिक दर्जा किस संशोधन द्वारा दिया गया?
- 72वां संविधान संशोधन अधिनियम
- 73वां संविधान संशोधन अधिनियम
- 74वां संविधान संशोधन अधिनियम
- 75वां संविधान संशोधन अधिनियम
सही उत्तर: (c)
विस्तृत व्याख्या:
74वां संविधान संशोधन अधिनियम, 1992 भारत में शहरी स्थानीय स्वशासन (नगरपालिकाओं) को संवैधानिक दर्जा प्रदान करता है। इसने संविधान में भाग IXA और बारहवीं अनुसूची को जोड़ा। 73वां संविधान संशोधन अधिनियम ग्रामीण स्थानीय स्वशासन (पंचायती राज) से संबंधित है।
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राष्ट्रीय आपातकाल (अनुच्छेद 352) के दौरान, राष्ट्रपति किस मौलिक अधिकार को निलंबित नहीं कर सकते हैं?
- अनुच्छेद 19 (स्वतंत्रता का अधिकार)
- अनुच्छेद 20 (अपराधों के लिए दोषसिद्धि के संबंध में संरक्षण)
- अनुच्छेद 21 (प्राण और दैहिक स्वतंत्रता का अधिकार)
- विकल्प (b) और (c) दोनों
सही उत्तर: (d)
विस्तृत व्याख्या:
राष्ट्रीय आपातकाल (अनुच्छेद 352) के दौरान, राष्ट्रपति अनुच्छेद 20 और 21 द्वारा प्रदत्त मौलिक अधिकारों को निलंबित नहीं कर सकते हैं। यह प्रावधान 44वें संविधान संशोधन अधिनियम, 1978 द्वारा जोड़ा गया था। अनुच्छेद 19 के तहत स्वतंत्रता के अधिकार को केवल तभी निलंबित किया जा सकता है जब आपातकाल ‘युद्ध’ या ‘बाहरी आक्रमण’ के आधार पर घोषित किया गया हो, न कि ‘सशस्त्र विद्रोह’ के आधार पर।
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भारतीय संविधान के अनुच्छेद 368 के तहत संविधान संशोधन विधेयक को संसद के प्रत्येक सदन में किस बहुमत से पारित किया जाना आवश्यक है?
- साधारण बहुमत
- उपस्थित और मतदान करने वाले सदस्यों का दो-तिहाई बहुमत
- सदन की कुल सदस्यता का पूर्ण बहुमत और उपस्थित तथा मतदान करने वाले सदस्यों का दो-तिहाई बहुमत
- केवल कुल सदस्यता का पूर्ण बहुमत
सही उत्तर: (c)
विस्तृत व्याख्या:
अनुच्छेद 368 के तहत संविधान संशोधन विधेयक को संसद के प्रत्येक सदन में सदन की कुल सदस्यता के पूर्ण बहुमत (आधे से अधिक) और उपस्थित तथा मतदान करने वाले सदस्यों के दो-तिहाई बहुमत से पारित किया जाना आवश्यक है। यह ‘विशेष बहुमत’ कहलाता है। कुछ संशोधन (जैसे राज्यों पर प्रभाव डालने वाले) के लिए आधे राज्यों की विधानसभाओं के साधारण बहुमत से अनुसमर्थन की भी आवश्यकता होती है।
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भारत के राष्ट्रपति की अध्यादेश जारी करने की शक्ति किस अनुच्छेद के तहत आती है?
- अनुच्छेद 111
- अनुच्छेद 123
- अनुच्छेद 143
- अनुच्छेद 72
सही उत्तर: (b)
विस्तृत व्याख्या:
भारत के राष्ट्रपति की अध्यादेश जारी करने की शक्ति अनुच्छेद 123 के तहत आती है। यह शक्ति तब प्रयोग की जाती है जब संसद के दोनों सदन सत्र में न हों और ऐसी परिस्थितियाँ उत्पन्न हो गई हों जिनके कारण तुरंत कार्रवाई आवश्यक हो। अध्यादेश का वही बल और प्रभाव होता है जो संसद के अधिनियम का होता है। अनुच्छेद 111 विधेयकों पर राष्ट्रपति की अनुमति से संबंधित है, अनुच्छेद 143 उच्चतम न्यायालय से परामर्श करने की राष्ट्रपति की शक्ति से संबंधित है, और अनुच्छेद 72 राष्ट्रपति की क्षमादान शक्ति से संबंधित है।
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मंत्रिपरिषद सामूहिक रूप से किसके प्रति उत्तरदायी होती है?
- राष्ट्रपति
- राज्यसभा
- प्रधानमंत्री
- लोकसभा
सही उत्तर: (d)
विस्तृत व्याख्या:
भारतीय संविधान के अनुच्छेद 75(3) के अनुसार, मंत्रिपरिषद सामूहिक रूप से लोकसभा के प्रति उत्तरदायी होती है। इसका अर्थ है कि यदि लोकसभा मंत्रिपरिषद के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पारित कर देती है, तो पूरी मंत्रिपरिषद को इस्तीफा देना पड़ता है। प्रत्येक मंत्री व्यक्तिगत रूप से राष्ट्रपति के प्रति उत्तरदायी होता है।
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भारत में न्यायिक पुनरावलोकन (Judicial Review) की शक्ति निहित है:
- केवल सर्वोच्च न्यायालय में
- केवल उच्च न्यायालयों में
- सर्वोच्च न्यायालय और उच्च न्यायालयों दोनों में
- संसद में
सही उत्तर: (c)
विस्तृत व्याख्या:
भारत में न्यायिक पुनरावलोकन (Judicial Review) की शक्ति सर्वोच्च न्यायालय (अनुच्छेद 13, 32, 131, 132, 134A, 136) और उच्च न्यायालयों (अनुच्छेद 226, 227) दोनों में निहित है। न्यायिक पुनरावलोकन वह शक्ति है जिसके तहत न्यायपालिका कानूनों और सरकारी आदेशों की संवैधानिकता की जांच करती है और यदि वे संविधान के प्रावधानों का उल्लंघन करते हैं, तो उन्हें असंवैधानिक घोषित कर सकती है।
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भारतीय संविधान की निम्नलिखित में से कौन सी विशेषता ब्रिटेन के संविधान से नहीं ली गई है?
- संसदीय सरकार
- कानून का शासन
- एकल नागरिकता
- न्यायपालिका की स्वतंत्रता
सही उत्तर: (d)
विस्तृत व्याख्या:
न्यायपालिका की स्वतंत्रता की विशेषता संयुक्त राज्य अमेरिका के संविधान से ली गई है। ब्रिटेन में संसदीय संप्रभुता का सिद्धांत है, जबकि भारत में न्यायपालिका की स्वतंत्रता सुनिश्चित की गई है। संसदीय सरकार, कानून का शासन और एकल नागरिकता भारतीय संविधान में ब्रिटेन के संविधान से ली गई प्रमुख विशेषताएं हैं।
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