भारत का संविधान केवल एक कानूनी दस्तावेज नहीं है, बल्कि यह हमारे जीवंत लोकतंत्र की आत्मा है। प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे उम्मीदवारों के लिए, भारतीय राजव्यवस्था की गहरी समझ अत्यंत महत्वपूर्ण है। यह दैनिक अभ्यास सेट आपको संवैधानिक अनुच्छेदों, सिद्धांतों और ऐतिहासिक निर्णयों की अपनी वैचारिक स्पष्टता का परीक्षण करने के लिए चुनौती देगा। अपनी तैयारी का मूल्यांकन करें और संवैधानिक विशेषज्ञ बनें!
भारतीय राजव्यवस्था अभ्यास सेट
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प्रश्न 1: भारतीय संविधान की प्रस्तावना में ‘धर्मनिरपेक्ष’ शब्द किस संशोधन द्वारा जोड़ा गया था?
- A) 42वां संशोधन अधिनियम
- B) 44वां संशोधन अधिनियम
- C) 73वां संशोधन अधिनियम
- D) 74वां संशोधन अधिनियम
सही उत्तर: A
विस्तृत व्याख्या: ‘धर्मनिरपेक्ष’ शब्द भारतीय संविधान की प्रस्तावना में 42वें संशोधन अधिनियम, 1976 द्वारा ‘समाजवादी’ और ‘अखंडता’ शब्दों के साथ जोड़ा गया था। यह संशोधन इंदिरा गांधी सरकार के दौरान आपातकाल के समय किया गया था, जिसे ‘लघु संविधान’ भी कहा जाता है। इसका उद्देश्य भारत की धर्मनिरपेक्ष प्रकृति को और अधिक स्पष्ट करना था, हालांकि सर्वोच्च न्यायालय ने केशवानंद भारती मामले (1973) में पहले ही कहा था कि धर्मनिरपेक्षता संविधान के मूल ढांचे का हिस्सा है। अन्य विकल्प विभिन्न अन्य संशोधनों से संबंधित हैं: 44वां संशोधन (1978) ने संपत्ति के अधिकार को मौलिक अधिकार से हटा दिया; 73वां संशोधन (1992) ने पंचायती राज संस्थाओं को संवैधानिक दर्जा दिया; और 74वां संशोधन (1992) ने शहरी स्थानीय निकायों को संवैधानिक दर्जा दिया।
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प्रश्न 2: भारतीय संविधान के किस अनुच्छेद के तहत किसी व्यक्ति को अपनी पसंद के व्यक्ति से शादी करने का अधिकार संरक्षित है?
- A) अनुच्छेद 19
- B) अनुच्छेद 21
- C) अनुच्छेद 25
- D) अनुच्छेद 29
सही उत्तर: B
विस्तृत व्याख्या: भारतीय संविधान का अनुच्छेद 21, “प्राण और दैहिक स्वतंत्रता का संरक्षण”, सर्वोच्च न्यायालय द्वारा दिए गए विभिन्न निर्णयों के माध्यम से विस्तारित किया गया है। सर्वोच्च न्यायालय ने हादिया बनाम केरल राज्य मामले (2017) में स्पष्ट रूप से माना कि अपनी पसंद के व्यक्ति से शादी करने का अधिकार अनुच्छेद 21 के तहत निजता के अधिकार का एक अभिन्न अंग है। अनुच्छेद 19 विभिन्न स्वतंत्रताओं का अधिकार देता है (जैसे भाषण और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता), लेकिन सीधे विवाह के अधिकार को कवर नहीं करता। अनुच्छेद 25 अंतःकरण की स्वतंत्रता और धर्म के अबाध रूप से मानने, आचरण करने और प्रचार करने की स्वतंत्रता से संबंधित है। अनुच्छेद 29 अल्पसंख्यकों के हितों के संरक्षण से संबंधित है।
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प्रश्न 3: भारतीय संविधान के राज्य के नीति निदेशक तत्वों (DPSP) में कौन सा अनुच्छेद ग्राम पंचायतों के संगठन से संबंधित है?
- A) अनुच्छेद 39
- B) अनुच्छेद 40
- C) अनुच्छेद 43
- D) अनुच्छेद 44
सही उत्तर: B
विस्तृत व्याख्या: अनुच्छेद 40 राज्य के नीति निदेशक तत्वों का हिस्सा है और यह राज्य को ग्राम पंचायतों को संगठित करने और उन्हें ऐसी शक्तियां और अधिकार प्रदान करने का निर्देश देता है जो उन्हें स्वशासन की इकाइयों के रूप में कार्य करने में सक्षम बनाने के लिए आवश्यक हों। यह गांधीवादी सिद्धांतों पर आधारित एक महत्वपूर्ण निर्देश है। अनुच्छेद 39 कुछ नीति सिद्धांतों से संबंधित है जिनका राज्य द्वारा पालन किया जाना है (जैसे समान न्याय और मुफ्त कानूनी सहायता)। अनुच्छेद 43 उद्योगों के प्रबंधन में श्रमिकों की भागीदारी से संबंधित है। अनुच्छेद 44 नागरिकों के लिए एक समान नागरिक संहिता (Uniform Civil Code) से संबंधित है।
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प्रश्न 4: भारतीय संविधान में मौलिक कर्तव्यों को किस समिति की सिफारिशों पर जोड़ा गया था?
- A) बलवंत राय मेहता समिति
- B) स्वर्ण सिंह समिति
- C) अशोक मेहता समिति
- D) सरकारीया आयोग
सही उत्तर: B
विस्तृत व्याख्या: भारतीय संविधान में मौलिक कर्तव्यों को 42वें संशोधन अधिनियम, 1976 द्वारा जोड़ा गया था, जो स्वर्ण सिंह समिति की सिफारिशों पर आधारित था। ये कर्तव्य संविधान के भाग IV-A में अनुच्छेद 51A के तहत शामिल किए गए थे। मूल रूप से 10 मौलिक कर्तव्य जोड़े गए थे, और बाद में 86वें संशोधन अधिनियम, 2002 द्वारा एक और कर्तव्य (शिक्षा का अधिकार) जोड़ा गया, जिससे कुल संख्या 11 हो गई। बलवंत राय मेहता समिति और अशोक मेहता समिति पंचायती राज से संबंधित थीं। सरकारीया आयोग केंद्र-राज्य संबंधों से संबंधित था।
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प्रश्न 5: भारत के राष्ट्रपति के चुनाव के लिए निर्वाचक मंडल में कौन शामिल होते हैं?
- A) संसद के दोनों सदनों के निर्वाचित सदस्य
- B) राज्य विधानसभाओं के निर्वाचित सदस्य
- C) दिल्ली और पुडुचेरी विधानसभाओं के निर्वाचित सदस्य
- D) उपरोक्त सभी
सही उत्तर: D
विस्तृत व्याख्या: भारतीय संविधान के अनुच्छेद 54 के अनुसार, भारत के राष्ट्रपति का चुनाव एक निर्वाचक मंडल द्वारा किया जाता है जिसमें निम्नलिखित सदस्य शामिल होते हैं:
- संसद के दोनों सदनों (लोकसभा और राज्यसभा) के निर्वाचित सदस्य।
- राज्यों की विधानसभाओं के निर्वाचित सदस्य।
- राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली और केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी की विधानसभाओं के निर्वाचित सदस्य (यह प्रावधान 70वें संशोधन अधिनियम, 1992 द्वारा जोड़ा गया था)।
इसलिए, सभी विकल्प मिलकर राष्ट्रपति के निर्वाचक मंडल का सही प्रतिनिधित्व करते हैं।
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प्रश्न 6: भारत के प्रधानमंत्री के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सही नहीं है?
- A) प्रधानमंत्री लोकसभा में बहुमत दल का नेता होता है।
- B) प्रधानमंत्री की नियुक्ति राष्ट्रपति द्वारा की जाती है।
- C) प्रधानमंत्री मंत्रिमंडल का प्रमुख होता है।
- D) प्रधानमंत्री केवल लोकसभा का सदस्य हो सकता है।
सही उत्तर: D
विस्तृत व्याख्या: विकल्प D गलत है। भारत का प्रधानमंत्री संसद के किसी भी सदन (लोकसभा या राज्यसभा) का सदस्य हो सकता है। यदि वह चुनाव के समय किसी भी सदन का सदस्य नहीं है, तो उसे छह महीने के भीतर किसी एक सदन का सदस्य बनना होता है। उदाहरण के लिए, इंदिरा गांधी और मनमोहन सिंह राज्यसभा के सदस्य रहते हुए प्रधानमंत्री बने। अनुच्छेद 75(5) यह स्पष्ट करता है। अन्य सभी कथन सही हैं: प्रधानमंत्री लोकसभा में बहुमत दल का नेता होता है (अनुच्छेद 75(1)); राष्ट्रपति द्वारा उसकी नियुक्ति की जाती है (अनुच्छेद 75(1)); और वह मंत्रिमंडल का प्रमुख होता है।
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प्रश्न 7: धन विधेयक (Money Bill) को राज्यसभा अधिकतम कितने समय तक रोक सकती है?
- A) 14 दिन
- B) 1 महीना
- C) 3 महीने
- D) 6 महीने
सही उत्तर: A
विस्तृत व्याख्या: संविधान के अनुच्छेद 109 के अनुसार, धन विधेयक को लोकसभा में ही पेश किया जा सकता है। लोकसभा से पारित होने के बाद इसे राज्यसभा में उसकी सिफारिशों के लिए भेजा जाता है। राज्यसभा को धन विधेयक को अधिकतम 14 दिनों के भीतर लोकसभा को वापस लौटाना होता है, चाहे वह सिफारिशों के साथ हो या बिना। यदि राज्यसभा 14 दिनों के भीतर इसे वापस नहीं करती है, तो विधेयक को दोनों सदनों द्वारा पारित मान लिया जाता है। राज्यसभा धन विधेयक को अस्वीकार या संशोधित नहीं कर सकती है।
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प्रश्न 8: भारतीय संविधान के किस अनुच्छेद के तहत सर्वोच्च न्यायालय एक ‘अभिलेख न्यायालय’ (Court of Record) है?
- A) अनुच्छेद 124
- B) अनुच्छेद 129
- C) अनुच्छेद 131
- D) अनुच्छेद 132
सही उत्तर: B
विस्तृत व्याख्या: अनुच्छेद 129 के तहत, सर्वोच्च न्यायालय एक ‘अभिलेख न्यायालय’ है। इसका अर्थ है कि इसके निर्णय और कार्यवाही एक अभिलेख के रूप में रखे जाते हैं और भविष्य के सभी मामलों के लिए नजीर (precedent) के रूप में कार्य करते हैं। साथ ही, सर्वोच्च न्यायालय को अपनी अवमानना (contempt) के लिए दंडित करने की शक्ति भी प्राप्त है। अनुच्छेद 124 सर्वोच्च न्यायालय की स्थापना और गठन से संबंधित है। अनुच्छेद 131 सर्वोच्च न्यायालय के मूल क्षेत्राधिकार से संबंधित है। अनुच्छेद 132 सर्वोच्च न्यायालय के अपीलीय क्षेत्राधिकार (संवैधानिक मामलों में) से संबंधित है।
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प्रश्न 9: भारतीय संविधान की सातवीं अनुसूची में उल्लिखित ‘स्थानीय शासन’ (Local Government) किस सूची का विषय है?
- A) संघ सूची
- B) राज्य सूची
- C) समवर्ती सूची
- D) अवशिष्ट शक्तियाँ
सही उत्तर: B
विस्तृत व्याख्या: भारतीय संविधान की सातवीं अनुसूची तीन सूचियों – संघ सूची, राज्य सूची और समवर्ती सूची – के माध्यम से केंद्र और राज्यों के बीच शक्तियों का वितरण करती है। ‘स्थानीय शासन’ या ‘स्थानीय सरकारें’ (पंचायती राज और नगर पालिकाएं) राज्य सूची का विषय हैं (प्रविष्टि 5)। इसका मतलब है कि राज्य सरकारों को स्थानीय शासन से संबंधित कानून बनाने और उन्हें प्रशासित करने की विशेष शक्ति है।
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प्रश्न 10: भारत के नियंत्रक और महालेखा परीक्षक (CAG) का कार्यकाल कितना होता है?
- A) 5 वर्ष या 65 वर्ष की आयु तक, जो भी पहले हो
- B) 6 वर्ष या 65 वर्ष की आयु तक, जो भी पहले हो
- C) 5 वर्ष या 62 वर्ष की आयु तक, जो भी पहले हो
- D) 6 वर्ष या 62 वर्ष की आयु तक, जो भी पहले हो
सही उत्तर: B
विस्तृत व्याख्या: संविधान के अनुच्छेद 148 के तहत, भारत के नियंत्रक और महालेखा परीक्षक (CAG) का कार्यकाल 6 वर्ष या 65 वर्ष की आयु तक होता है, जो भी पहले पूरा हो। CAG सार्वजनिक धन का संरक्षक होता है और केंद्र और राज्य सरकारों के खातों का ऑडिट करता है। वह राष्ट्रपति द्वारा नियुक्त किया जाता है और उसे केवल सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश के समान प्रक्रिया से ही पद से हटाया जा सकता है।
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प्रश्न 11: राष्ट्रीय आपातकाल (National Emergency) के दौरान मौलिक अधिकारों के निलंबन से संबंधित प्रावधान भारतीय संविधान के किस अनुच्छेद में उल्लिखित हैं?
- A) अनुच्छेद 352
- B) अनुच्छेद 356
- C) अनुच्छेद 358 और 359
- D) अनुच्छेद 360
सही उत्तर: C
विस्तृत व्याख्या: भारतीय संविधान के अनुच्छेद 358 और 359 राष्ट्रीय आपातकाल के दौरान मौलिक अधिकारों के निलंबन से संबंधित हैं। अनुच्छेद 358 अनुच्छेद 19 के तहत गारंटीकृत छह मौलिक स्वतंत्रताओं के स्वतः निलंबन का प्रावधान करता है जब युद्ध या बाहरी आक्रमण के आधार पर राष्ट्रीय आपातकाल घोषित किया जाता है। अनुच्छेद 359 राष्ट्रपति को आदेश द्वारा अन्य मौलिक अधिकारों (अनुच्छेद 20 और 21 को छोड़कर) के प्रवर्तन को निलंबित करने का अधिकार देता है। अनुच्छेद 352 राष्ट्रीय आपातकाल की घोषणा से संबंधित है। अनुच्छेद 356 राज्य में संवैधानिक तंत्र की विफलता (राष्ट्रपति शासन) से संबंधित है। अनुच्छेद 360 वित्तीय आपातकाल से संबंधित है।
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प्रश्न 12: भारतीय संविधान के किस संशोधन द्वारा “मंत्रिपरिषद द्वारा राष्ट्रपति को दी गई सलाह किसी भी न्यायालय द्वारा जांच के अधीन नहीं होगी” प्रावधान जोड़ा गया?
- A) 24वां संशोधन
- B) 38वां संशोधन
- C) 42वां संशोधन
- D) 44वां संशोधन
सही उत्तर: C
विस्तृत व्याख्या: यह प्रावधान 42वें संशोधन अधिनियम, 1976 द्वारा अनुच्छेद 74(2) में जोड़ा गया था। इसने स्पष्ट किया कि राष्ट्रपति द्वारा मंत्रिपरिषद की सलाह पर कार्य करने के बाद, उस सलाह की प्रकृति या सामग्री पर किसी भी न्यायालय में प्रश्न नहीं उठाया जा सकता। बाद में, 44वें संशोधन अधिनियम, 1978 ने राष्ट्रपति को एक बार मंत्रिपरिषद की सलाह को पुनर्विचार के लिए वापस भेजने का अधिकार दिया, लेकिन पुनर्विचार के बाद दी गई सलाह को मानने के लिए राष्ट्रपति बाध्य है। 24वां संशोधन (1971) ने संसद को मौलिक अधिकारों सहित संविधान के किसी भी हिस्से में संशोधन करने की शक्ति प्रदान की। 38वां संशोधन (1975) ने आपातकाल की घोषणा को न्यायिक समीक्षा से बाहर कर दिया, जिसे बाद में 44वें संशोधन ने आंशिक रूप से निरस्त कर दिया।
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प्रश्न 13: केशवानंद भारती बनाम केरल राज्य मामले (1973) में सर्वोच्च न्यायालय का सबसे महत्वपूर्ण निर्णय क्या था?
- A) संसद मौलिक अधिकारों में संशोधन नहीं कर सकती।
- B) संसद संविधान के किसी भी हिस्से में संशोधन कर सकती है, लेकिन इसके ‘मूल ढांचे’ को नहीं बदल सकती।
- C) प्रस्तावना संविधान का हिस्सा नहीं है।
- D) राष्ट्रपति को मंत्रिपरिषद की सलाह मानने की बाध्यता नहीं है।
सही उत्तर: B
विस्तृत व्याख्या: केशवानंद भारती बनाम केरल राज्य मामला (1973) भारतीय संवैधानिक इतिहास में एक मील का पत्थर है। इस मामले में सर्वोच्च न्यायालय ने ‘संविधान के मूल ढांचे’ (Basic Structure Doctrine) का सिद्धांत प्रतिपादित किया। न्यायालय ने फैसला सुनाया कि संसद के पास संविधान में संशोधन करने की शक्ति (अनुच्छेद 368 के तहत) है, लेकिन वह इस शक्ति का उपयोग संविधान के मूल ढांचे को बदलने या नष्ट करने के लिए नहीं कर सकती। ‘मूल ढांचे’ में संविधान की सर्वोच्चता, धर्मनिरपेक्षता, संघीय स्वरूप, न्यायिक समीक्षा, स्वतंत्रता और गरिमा जैसे कई सिद्धांत शामिल हैं।
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प्रश्न 14: संसद में ‘शून्य काल’ (Zero Hour) का क्या अर्थ है?
- A) जब सदस्य अत्यंत महत्वपूर्ण मामलों को उठाते हैं और इसके लिए कोई पूर्व सूचना की आवश्यकता नहीं होती।
- B) प्रश्नकाल के तुरंत बाद का समय।
- C) जब विधेयक पेश किए जाते हैं।
- D) जब वित्तीय मामलों पर चर्चा होती है।
सही उत्तर: A
विस्तृत व्याख्या: ‘शून्य काल’ एक भारतीय संसदीय नवाचार है जो 1962 से अस्तित्व में है। यह प्रश्नकाल (Question Hour) के तुरंत बाद शुरू होता है और तब तक चलता है जब तक दिन का नियमित कार्य शुरू नहीं हो जाता। इस दौरान सदस्य बिना किसी पूर्व सूचना के सार्वजनिक महत्व के तत्काल मामलों को उठाते हैं। यह संसदीय प्रक्रिया नियमों में उल्लिखित नहीं है, बल्कि यह एक अनौपचारिक व्यवस्था है। विकल्प B भी आंशिक रूप से सही है क्योंकि यह प्रश्नकाल के तुरंत बाद होता है, लेकिन मुख्य विशेषता पूर्व सूचना के बिना मामले उठाना है।
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प्रश्न 15: भारत में अवशिष्ट शक्तियां (Residuary Powers) किसके पास निहित हैं?
- A) राज्य सरकारें
- B) केंद्र सरकार
- C) राष्ट्रपति
- D) सर्वोच्च न्यायालय
सही उत्तर: B
विस्तृत व्याख्या: भारतीय संविधान में शक्तियों का वितरण कनाडा मॉडल पर आधारित है, जहां अवशिष्ट शक्तियां केंद्र सरकार के पास निहित हैं। संविधान के अनुच्छेद 248 के अनुसार, संसद को उन सभी मामलों पर कानून बनाने की विशेष शक्ति है जो समवर्ती सूची या राज्य सूची में वर्णित नहीं हैं। यह केंद्र को मजबूत बनाने की भारतीय संघीय प्रणाली की एक विशेषता है। संयुक्त राज्य अमेरिका के विपरीत, जहां अवशिष्ट शक्तियां राज्यों के पास हैं।
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प्रश्न 16: संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) के सदस्यों को कौन हटा सकता है?
- A) प्रधानमंत्री
- B) संसद
- C) राष्ट्रपति
- D) सर्वोच्च न्यायालय की सिफारिश पर राष्ट्रपति
सही उत्तर: D
विस्तृत व्याख्या: संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) के अध्यक्ष और अन्य सदस्यों को राष्ट्रपति द्वारा सर्वोच्च न्यायालय की जांच रिपोर्ट के आधार पर हटाया जा सकता है। अनुच्छेद 317 में यह प्रक्रिया उल्लिखित है। सर्वोच्च न्यायालय द्वारा राष्ट्रपति को दी गई सलाह बाध्यकारी होती है। राष्ट्रपति उन्हें कदाचार या अक्षमता के आधार पर हटा सकता है। यह आयोग की स्वतंत्रता सुनिश्चित करने के लिए एक महत्वपूर्ण प्रावधान है।
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प्रश्न 17: भारतीय संविधान का कौन सा भाग पंचायती राज से संबंधित है?
- A) भाग IX
- B) भाग IXA
- C) भाग VIII
- D) भाग X
सही उत्तर: A
विस्तृत व्याख्या: भारतीय संविधान का भाग IX ‘पंचायतें’ से संबंधित है और इसे 73वें संशोधन अधिनियम, 1992 द्वारा जोड़ा गया था। यह अनुच्छेद 243 से 243O तक के प्रावधानों को समाहित करता है, जो पंचायती राज संस्थाओं की संरचना, शक्तियों और कार्यों को परिभाषित करते हैं। भाग IXA ‘नगरपालिकाएं’ से संबंधित है (74वें संशोधन द्वारा जोड़ा गया), भाग VIII केंद्र शासित प्रदेशों से संबंधित है, और भाग X अनुसूचित और जनजातीय क्षेत्रों से संबंधित है।
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प्रश्न 18: मौलिक अधिकारों और राज्य के नीति निदेशक तत्वों के बीच मुख्य अंतर क्या है?
- A) मौलिक अधिकार न्यायोचित हैं, जबकि DPSP गैर-न्यायोचित हैं।
- B) मौलिक अधिकार सकारात्मक हैं, जबकि DPSP नकारात्मक हैं।
- C) मौलिक अधिकार केंद्र सरकार पर लागू होते हैं, जबकि DPSP राज्य सरकारों पर।
- D) मौलिक अधिकार नागरिक को अधिकार देते हैं, जबकि DPSP समाज को दिशा-निर्देश देते हैं।
सही उत्तर: A
विस्तृत व्याख्या: मौलिक अधिकारों और राज्य के नीति निदेशक तत्वों (DPSP) के बीच एक महत्वपूर्ण अंतर उनकी प्रवर्तनीयता में है। मौलिक अधिकार न्यायोचित (Justiciable) हैं, जिसका अर्थ है कि उनका उल्लंघन होने पर नागरिक न्यायालयों में जा सकते हैं। दूसरी ओर, DPSP गैर-न्यायोचित (Non-justiciable) हैं, जिसका अर्थ है कि उनके उल्लंघन के लिए न्यायालय में चुनौती नहीं दी जा सकती। वे राज्य के लिए केवल नैतिक निर्देश हैं। विकल्प B गलत है क्योंकि मौलिक अधिकार कुछ मामलों में नकारात्मक (राज्य की शक्ति पर प्रतिबंध) और कुछ में सकारात्मक (नागरिकों को विशेष अधिकार प्रदान करना) दोनों हो सकते हैं, जबकि DPSP अधिकतर सकारात्मक (राज्य को कुछ करने का निर्देश) होते हैं। विकल्प C और D आंशिक रूप से सही हैं लेकिन मुख्य अंतर न्यायोचितता का है।
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प्रश्न 19: उच्च न्यायालय के न्यायाधीशों की नियुक्ति कौन करता है?
- A) राज्यपाल
- B) मुख्यमंत्री
- C) भारत के राष्ट्रपति
- D) सर्वोच्च न्यायालय का मुख्य न्यायाधीश
सही उत्तर: C
विस्तृत व्याख्या: संविधान के अनुच्छेद 217 के अनुसार, उच्च न्यायालय के प्रत्येक न्यायाधीश की नियुक्ति राष्ट्रपति द्वारा भारत के मुख्य न्यायाधीश, संबंधित राज्य के राज्यपाल और मुख्य न्यायाधीश के अलावा अन्य न्यायाधीशों की नियुक्ति के मामले में उस उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश से परामर्श करने के बाद की जाती है। सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीशों की नियुक्ति में भी राष्ट्रपति की ही मुख्य भूमिका होती है।
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प्रश्न 20: भारतीय संविधान की किस अनुसूची में दलबदल के आधार पर अयोग्यता से संबंधित प्रावधान शामिल हैं?
- A) नौवीं अनुसूची
- B) दसवीं अनुसूची
- C) ग्यारहवीं अनुसूची
- D) बारहवीं अनुसूची
सही उत्तर: B
विस्तृत व्याख्या: भारतीय संविधान की दसवीं अनुसूची को 52वें संशोधन अधिनियम, 1985 द्वारा जोड़ा गया था और यह दलबदल के आधार पर संसद और राज्य विधानसभाओं के सदस्यों की अयोग्यता से संबंधित प्रावधानों को समाहित करती है। इसे आमतौर पर ‘दलबदल विरोधी कानून’ के रूप में जाना जाता है। नौवीं अनुसूची कुछ अधिनियमों और विनियमों के सत्यापन से संबंधित है (पहले भूमि सुधार कानूनों के लिए उपयोग की जाती थी)। ग्यारहवीं अनुसूची पंचायती राज की शक्तियों, अधिकार और जिम्मेदारियों से संबंधित है। बारहवीं अनुसूची नगर पालिकाओं की शक्तियों, अधिकार और जिम्मेदारियों से संबंधित है।
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प्रश्न 21: भारतीय संविधान सभा के पहले अध्यक्ष (अस्थायी) कौन थे?
- A) डॉ. बी. आर. अम्बेडकर
- B) डॉ. राजेंद्र प्रसाद
- C) सच्चिदानंद सिन्हा
- D) जवाहरलाल नेहरू
सही उत्तर: C
विस्तृत व्याख्या: भारतीय संविधान सभा की पहली बैठक 9 दिसंबर, 1946 को हुई थी। इस बैठक में, सच्चिदानंद सिन्हा को फ्रांस की परंपरा का पालन करते हुए सबसे वरिष्ठ सदस्य के रूप में अस्थायी अध्यक्ष चुना गया था। बाद में, 11 दिसंबर, 1946 को डॉ. राजेंद्र प्रसाद को स्थायी अध्यक्ष के रूप में चुना गया। डॉ. बी. आर. अम्बेडकर प्रारूप समिति के अध्यक्ष थे और उन्हें भारतीय संविधान का जनक माना जाता है। जवाहरलाल नेहरू ने उद्देश्य प्रस्ताव पेश किया था।
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प्रश्न 22: भारत के राष्ट्रपति को क्षमादान (Pardoning Power) की शक्ति संविधान के किस अनुच्छेद के तहत प्रदान की गई है?
- A) अनुच्छेद 72
- B) अनुच्छेद 74
- C) अनुच्छेद 76
- D) अनुच्छेद 78
सही उत्तर: A
विस्तृत व्याख्या: संविधान के अनुच्छेद 72 के तहत, भारत के राष्ट्रपति को किसी भी अपराध के लिए सिद्धदोष ठहराए गए किसी भी व्यक्ति की सजा को क्षमा करने, निलंबित करने, कम करने या बदलने की शक्ति प्राप्त है। यह शक्ति सैन्य न्यायालयों द्वारा दी गई सजा, मृत्युदंड और ऐसे मामलों में भी लागू होती है जहां केंद्रीय कानून के तहत सजा दी गई हो। अनुच्छेद 74 मंत्रिपरिषद द्वारा राष्ट्रपति को सलाह देने से संबंधित है। अनुच्छेद 76 भारत के महान्यायवादी (Attorney General) से संबंधित है। अनुच्छेद 78 प्रधानमंत्री के कर्तव्यों से संबंधित है।
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प्रश्न 23: ‘हम आदेश देते हैं’ (We Command) का शाब्दिक अर्थ किस रिट का है?
- A) बंदी प्रत्यक्षीकरण (Habeas Corpus)
- B) परमादेश (Mandamus)
- C) प्रतिषेध (Prohibition)
- D) उत्प्रेषण (Certiorari)
सही उत्तर: B
विस्तृत व्याख्या: ‘परमादेश’ (Mandamus) रिट का शाब्दिक अर्थ ‘हम आदेश देते हैं’ (We Command) है। यह रिट एक उच्च न्यायालय द्वारा किसी सार्वजनिक प्राधिकरण, निगम, अवर न्यायालय या सरकार को एक सार्वजनिक या कानूनी कर्तव्य का पालन करने का आदेश देने के लिए जारी की जाती है जिसे वे करने में विफल रहे हैं या करने से इनकार कर दिया है। ‘बंदी प्रत्यक्षीकरण’ का अर्थ है ‘शरीर को पेश करो’। ‘प्रतिषेध’ का अर्थ है ‘मना करना’ या ‘रोकना’। ‘उत्प्रेषण’ का अर्थ है ‘प्रमाणित होना’ या ‘सूचित किया जाना’।
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प्रश्न 24: भारतीय संविधान के किस अनुच्छेद के तहत संविधान में संशोधन किया जा सकता है?
- A) अनुच्छेद 368
- B) अनुच्छेद 370
- C) अनुच्छेद 356
- D) अनुच्छेद 352
सही उत्तर: A
विस्तृत व्याख्या: भारतीय संविधान के भाग XX में अनुच्छेद 368 संविधान में संशोधन करने की संसद की शक्ति और उसकी प्रक्रिया से संबंधित है। यह अनुच्छेद संसद को संविधान के किसी भी हिस्से में संशोधन करने का अधिकार देता है, बशर्ते वह ‘संविधान के मूल ढांचे’ का उल्लंघन न करे जैसा कि केशवानंद भारती मामले में सर्वोच्च न्यायालय ने स्थापित किया था। अनुच्छेद 370 जम्मू और कश्मीर को विशेष दर्जा देता था (अब निरस्त)। अनुच्छेद 356 राज्यों में संवैधानिक तंत्र की विफलता (राष्ट्रपति शासन) से संबंधित है। अनुच्छेद 352 राष्ट्रीय आपातकाल की घोषणा से संबंधित है।
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प्रश्न 25: नीति आयोग (NITI Aayog) एक है:
- A) संवैधानिक निकाय
- B) वैधानिक निकाय
- C) गैर-संवैधानिक और गैर-वैधानिक निकाय
- D) स्वायत्त निकाय
सही उत्तर: C
विस्तृत व्याख्या: नीति आयोग (National Institution for Transforming India) को 1 जनवरी, 2015 को केंद्रीय मंत्रिमंडल के एक प्रस्ताव द्वारा योजना आयोग के स्थान पर स्थापित किया गया था। यह न तो संविधान द्वारा निर्मित है (इसलिए संवैधानिक नहीं) और न ही किसी अधिनियम द्वारा निर्मित है (इसलिए वैधानिक नहीं)। यह सरकार के एक कार्यकारी संकल्प द्वारा बनाया गया एक थिंक टैंक है। अतः, यह एक गैर-संवैधानिक और गैर-वैधानिक निकाय है, जो सहकारी संघवाद के सिद्धांत पर कार्य करता है।
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