भारतीय राजव्यवस्था क्विज़: अपने संवैधानिक ज्ञान की गहन परीक्षा
भारत का संविधान केवल कानूनों का एक संग्रह नहीं, बल्कि हमारे लोकतांत्रिक मूल्यों और सिद्धांतों का जीता-जागता प्रमाण है। संघ लोक सेवा आयोग (UPSC), कर्मचारी चयन आयोग (SSC) और विभिन्न राज्य लोक सेवा आयोगों (State PSCs) जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे उम्मीदवारों के लिए भारतीय राजव्यवस्था की गहरी समझ अत्यंत महत्वपूर्ण है। यह दैनिक अभ्यास सेट आपकी वैचारिक स्पष्टता, संवैधानिक अनुच्छेदों के ज्ञान और महत्वपूर्ण निर्णयों की समझ का परीक्षण करने के लिए डिज़ाइन किया गया है। अपनी तैयारी को परखें और हमारे लोकतांत्रिक ढांचे की जटिलताओं को समझें!
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निम्नलिखित में से कौन सा कथन उद्देशिका (Preamble) के संबंध में सही नहीं है?
- यह संविधान के उद्देश्य और दर्शन को बताता है।
- यह संविधान का भाग है और इसे संशोधित किया जा सकता है।
- इसमें न्याय, स्वतंत्रता, समानता और बंधुत्व के आदर्श शामिल हैं।
- यह न्याययोग्य है और इसकी सामग्री को न्यायालय में लागू किया जा सकता है।
सही उत्तर: D
विस्तृत व्याख्या:
विकल्प D गलत है क्योंकि भारत के संविधान की उद्देशिका न्याययोग्य (justiciable) नहीं है। इसका अर्थ यह है कि इसकी सामग्री को सीधे न्यायालय में लागू नहीं किया जा सकता है। यह संविधान की व्याख्या में एक मार्गदर्शक सिद्धांत के रूप में कार्य करती है, लेकिन अधिकारों या शक्तियों का स्रोत नहीं है।
- विकल्प A: सही है। उद्देशिका संविधान के उद्देश्य, दर्शन और मूलभूत मूल्यों को बताती है। यह बताती है कि भारत एक संप्रभु, समाजवादी, धर्मनिरपेक्ष, लोकतांत्रिक गणराज्य है।
- विकल्प B: सही है। केशवानंद भारती बनाम केरल राज्य (1973) मामले में सर्वोच्च न्यायालय ने माना कि उद्देशिका संविधान का एक भाग है और इसे अनुच्छेद 368 के तहत संशोधित किया जा सकता है, बशर्ते यह संविधान के मूल ढांचे को नष्ट न करे।
- विकल्प C: सही है। उद्देशिका में न्याय (सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक), स्वतंत्रता (विचार, अभिव्यक्ति, विश्वास, धर्म और उपासना), समानता (प्रतिष्ठा और अवसर) और व्यक्ति की गरिमा तथा राष्ट्र की एकता और अखंडता सुनिश्चित करने वाले बंधुत्व के आदर्श शामिल हैं।
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भारतीय संविधान में ‘संसद के संयुक्त सत्र’ का प्रावधान किस देश के संविधान से प्रेरित है?
- संयुक्त राज्य अमेरिका
- ब्रिटेन
- ऑस्ट्रेलिया
- कनाडा
सही उत्तर: C
विस्तृत व्याख्या:
विकल्प C सही है। भारतीय संविधान में संसद के संयुक्त सत्र (संयुक्त बैठक) का प्रावधान अनुच्छेद 108 में निहित है, और यह ऑस्ट्रेलिया के संविधान से प्रेरित है।
- अनुच्छेद 108: यह साधारण विधेयक पर दोनों सदनों के बीच गतिरोध की स्थिति में राष्ट्रपति को लोकसभा और राज्यसभा का संयुक्त सत्र बुलाने की शक्ति देता है। लोकसभा अध्यक्ष इस सत्र की अध्यक्षता करता है।
- अन्य विकल्पों का संदर्भ:
- संयुक्त राज्य अमेरिका: न्यायिक समीक्षा, मौलिक अधिकार, उपराष्ट्रपति का पद।
- ब्रिटेन: संसदीय सरकार, विधि का शासन, एकल नागरिकता, कैबिनेट प्रणाली।
- कनाडा: सशक्त केंद्र के साथ संघीय प्रणाली, अवशिष्ट शक्तियां केंद्र के पास, राज्यपालों की नियुक्ति।
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निम्नलिखित में से कौन सा मौलिक अधिकार केवल भारतीय नागरिकों को प्राप्त है, विदेशियों को नहीं?
- कानून के समक्ष समानता (अनुच्छेद 14)
- जीवन और व्यक्तिगत स्वतंत्रता का संरक्षण (अनुच्छेद 21)
- सार्वजनिक रोजगार के मामलों में अवसर की समानता (अनुच्छेद 16)
- अपराधों के लिए दोषसिद्धि के संबंध में संरक्षण (अनुच्छेद 20)
सही उत्तर: C
विस्तृत व्याख्या:
विकल्प C सही है। अनुच्छेद 16, जो सार्वजनिक रोजगार के मामलों में अवसर की समानता प्रदान करता है, केवल भारतीय नागरिकों को उपलब्ध है।
- केवल नागरिकों के लिए उपलब्ध मौलिक अधिकार (अनुच्छेद): 15, 16, 19, 29, 30।
- नागरिकों और विदेशियों दोनों के लिए उपलब्ध मौलिक अधिकार (अनुच्छेद): 14, 20, 21, 21A, 22, 23, 24, 25, 26, 27, 28।
- अन्य विकल्पों का संदर्भ:
- अनुच्छेद 14 (कानून के समक्ष समानता): यह सभी व्यक्तियों (नागरिकों और गैर-नागरिकों) को प्राप्त है।
- अनुच्छेद 21 (जीवन और व्यक्तिगत स्वतंत्रता का संरक्षण): यह भी सभी व्यक्तियों को प्राप्त है।
- अनुच्छेद 20 (अपराधों के लिए दोषसिद्धि के संबंध में संरक्षण): यह भी सभी व्यक्तियों को प्राप्त है।
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भारत के राष्ट्रपति के चुनाव में, एक विधायक के मत का मूल्य _________।
- राज्य की जनसंख्या पर निर्भर करता है।
- केवल लोकसभा और राज्यसभा के सदस्यों के मत मूल्य के बराबर होता है।
- सभी राज्यों में समान होता है।
- निर्वाचन आयोग द्वारा निर्धारित किया जाता है।
सही उत्तर: A
विस्तृत व्याख्या:
विकल्प A सही है। राष्ट्रपति के चुनाव में, एक विधायक के मत का मूल्य राज्य की जनसंख्या (1971 की जनगणना के अनुसार) पर निर्भर करता है। यह अनुच्छेद 55 के प्रावधानों के अनुसार निर्धारित किया जाता है।
- विधायक के मत का मूल्य निकालने का सूत्र: (राज्य की कुल जनसंख्या / राज्य विधानसभा के निर्वाचित सदस्यों की कुल संख्या) × 1/1000। इस प्रकार, बड़े राज्यों के विधायकों का मत मूल्य छोटे राज्यों के विधायकों से अधिक होता है।
- विकल्प B: गलत है। संसद सदस्यों (सांसदों) के मत का मूल्य अलग तरीके से निर्धारित होता है, जो सभी सांसदों के लिए समान होता है (सभी राज्यों के विधायकों के कुल मत मूल्यों को कुल निर्वाचित सांसदों की संख्या से विभाजित करके)।
- विकल्प C: गलत है, जैसा कि ऊपर बताया गया है।
- विकल्प D: गलत है। मत मूल्य का निर्धारण संविधान के अनुच्छेद 55 में दिए गए सूत्र के अनुसार किया जाता है, निर्वाचन आयोग द्वारा नहीं।
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भारतीय संविधान का कौन सा अनुच्छेद भारत के नियंत्रक और महालेखा परीक्षक (CAG) के कर्तव्यों और शक्तियों से संबंधित है?
- अनुच्छेद 148
- अनुच्छेद 149
- अनुच्छेद 150
- अनुच्छेद 151
सही उत्तर: B
विस्तृत व्याख्या:
विकल्प B सही है। अनुच्छेद 149 भारत के नियंत्रक और महालेखा परीक्षक (CAG) के कर्तव्यों और शक्तियों से संबंधित है।
- अनुच्छेद 148: यह भारत के CAG के पद की स्थापना और उनकी नियुक्ति, शपथ और सेवा शर्तों से संबंधित है।
- अनुच्छेद 150: यह कहता है कि संघ और राज्यों के खाते राष्ट्रपति के आदेशानुसार CAG की सलाह पर ऐसे प्रारूप में रखे जाएंगे।
- अनुच्छेद 151: यह CAG की ऑडिट रिपोर्ट से संबंधित है, जो राष्ट्रपति को प्रस्तुत की जाती है, और राष्ट्रपति उसे संसद के प्रत्येक सदन के समक्ष रखवाते हैं।
CAG भारतीय लेखापरीक्षा और लेखा विभाग का प्रमुख होता है और सार्वजनिक धन का मुख्य संरक्षक होता है।
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भारत के संविधान के किस भाग में केंद्र-राज्य संबंधों का उल्लेख है?
- भाग X
- भाग XI
- भाग XII
- भाग XIII
सही उत्तर: B
विस्तृत व्याख्या:
विकल्प B सही है। भारतीय संविधान के भाग XI (अनुच्छेद 245 से 263) में केंद्र और राज्यों के बीच विधायी, प्रशासनिक और वित्तीय संबंधों का उल्लेख है।
- भाग XI में दो अध्याय हैं:
- अध्याय I: विधायी संबंध (अनुच्छेद 245-255)
- अध्याय II: प्रशासनिक संबंध (अनुच्छेद 256-263)
- अन्य भागों का संदर्भ:
- भाग X (अनुच्छेद 244): अनुसूचित और जनजातीय क्षेत्र।
- भाग XII (अनुच्छेद 264-300A): वित्त, संपत्ति, संविदाएं और वाद। इसमें अनुच्छेद 280 (वित्त आयोग) भी शामिल है।
- भाग XIII (अनुच्छेद 301-307): भारत के राज्य क्षेत्र के भीतर व्यापार, वाणिज्य और समागम।
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‘समान न्याय और निःशुल्क कानूनी सहायता’ का प्रावधान भारतीय संविधान के किस अनुच्छेद में है?
- अनुच्छेद 38
- अनुच्छेद 39A
- अनुच्छेद 40
- अनुच्छेद 44
सही उत्तर: B
विस्तृत व्याख्या:
विकल्प B सही है। अनुच्छेद 39A, जो राज्य के नीति निदेशक तत्वों (DPSP) का हिस्सा है, ‘समान न्याय और निःशुल्क कानूनी सहायता’ का प्रावधान करता है। इसे 42वें संविधान संशोधन अधिनियम, 1976 द्वारा जोड़ा गया था।
- अनुच्छेद 38: यह राज्य को लोक कल्याण की अभिवृद्धि के लिए सामाजिक व्यवस्था बनाए रखने का निर्देश देता है।
- अनुच्छेद 40: यह ग्राम पंचायतों के संगठन से संबंधित है।
- अनुच्छेद 44: यह नागरिकों के लिए एक समान नागरिक संहिता (Uniform Civil Code) सुनिश्चित करने से संबंधित है।
अनुच्छेद 39A का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि आर्थिक या किसी अन्य अक्षमता के कारण किसी भी नागरिक को न्याय से वंचित न किया जाए।
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भारतीय संविधान की किस अनुसूची में दलबदल के आधार पर अयोग्यता के प्रावधान शामिल हैं?
- सातवीं अनुसूची
- आठवीं अनुसूची
- नौवीं अनुसूची
- दसवीं अनुसूची
सही उत्तर: D
विस्तृत व्याख्या:
विकल्प D सही है। भारतीय संविधान की दसवीं अनुसूची में दलबदल के आधार पर संसद और राज्य विधानमंडलों के सदस्यों की अयोग्यता से संबंधित प्रावधान शामिल हैं। इसे 52वें संविधान संशोधन अधिनियम, 1985 द्वारा जोड़ा गया था।
- सातवीं अनुसूची: संघ, राज्य और समवर्ती सूची के माध्यम से केंद्र और राज्यों के बीच शक्तियों का विभाजन।
- आठवीं अनुसूची: भारत की आधिकारिक भाषाओं से संबंधित है।
- नौवीं अनुसूची: कुछ अधिनियमों और विनियमों के सत्यापन से संबंधित है, जिन्हें न्यायिक समीक्षा से कुछ हद तक सुरक्षा प्रदान की गई थी (हालांकि, आई.आर. कोएल्हो बनाम तमिलनाडु राज्य (2007) मामले में सर्वोच्च न्यायालय ने फैसला सुनाया कि 24 अप्रैल, 1973 के बाद नौवीं अनुसूची में शामिल किए गए कानूनों की न्यायिक समीक्षा की जा सकती है)।
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उच्च न्यायालय के न्यायाधीश को हटाने के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सही है?
- उन्हें राष्ट्रपति के आदेश से हटाया जा सकता है, जिसके लिए संसद के प्रत्येक सदन द्वारा बहुमत से समर्थन आवश्यक है।
- उन्हें उसी प्रक्रिया से हटाया जाता है जैसे सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश को हटाया जाता है।
- उन्हें राज्यपाल के आदेश से हटाया जाता है, बशर्ते राज्य विधानसभा इसे बहुमत से पारित करे।
- उन्हें भारत के मुख्य न्यायाधीश की सिफारिश पर राष्ट्रपति द्वारा हटाया जाता है।
सही उत्तर: B
विस्तृत व्याख्या:
विकल्प B सही है। उच्च न्यायालय के न्यायाधीश को हटाने की प्रक्रिया सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश को हटाने की प्रक्रिया के समान ही है। अनुच्छेद 217(1) में कहा गया है कि उच्च न्यायालय का न्यायाधीश राष्ट्रपति के प्रसादपर्यंत पद धारण नहीं करता, और अनुच्छेद 124(4) में सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश को हटाने की प्रक्रिया का उल्लेख है, जो अनुच्छेद 218 के तहत उच्च न्यायालय के न्यायाधीशों पर भी लागू होती है।
- प्रक्रिया:
- संसद के किसी भी सदन में दुर्व्यवहार या अक्षमता के आधार पर महाभियोग प्रस्ताव पेश किया जा सकता है।
- लोकसभा में 100 सदस्यों या राज्यसभा में 50 सदस्यों के हस्ताक्षर आवश्यक हैं।
- यह प्रस्ताव फिर अध्यक्ष/सभापति द्वारा स्वीकार या अस्वीकार किया जा सकता है।
- यदि स्वीकार किया जाता है, तो एक तीन सदस्यीय जांच समिति का गठन किया जाता है (सर्वोच्च न्यायालय का मुख्य न्यायाधीश या न्यायाधीश, उच्च न्यायालय का मुख्य न्यायाधीश, और एक प्रतिष्ठित न्यायविद)।
- यदि समिति आरोपों को सही पाती है, तो संसद के प्रत्येक सदन में विशेष बहुमत (कुल सदस्यता का बहुमत और उपस्थित और मतदान करने वाले सदस्यों का दो-तिहाई बहुमत) से प्रस्ताव पारित करना होगा।
- दोनों सदनों द्वारा पारित होने के बाद, प्रस्ताव राष्ट्रपति के पास भेजा जाता है, जो फिर न्यायाधीश को हटाने का आदेश जारी करते हैं।
- अन्य विकल्पों का संदर्भ: अन्य विकल्प इस प्रक्रिया का गलत विवरण प्रस्तुत करते हैं।
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भारतीय संविधान का कौन सा अनुच्छेद संसद को नए राज्यों के गठन या मौजूदा राज्यों के क्षेत्रों, सीमाओं या नामों में परिवर्तन करने की शक्ति देता है?
- अनुच्छेद 1
- अनुच्छेद 2
- अनुच्छेद 3
- अनुच्छेद 4
सही उत्तर: C
विस्तृत व्याख्या:
विकल्प C सही है। अनुच्छेद 3 संसद को यह शक्ति देता है कि वह किसी राज्य में से उसका राज्यक्षेत्र अलग करके अथवा दो या अधिक राज्यों को या राज्यों के भागों को मिलाकर अथवा किसी राज्यक्षेत्र को किसी राज्य के भाग के साथ मिलाकर नए राज्य का निर्माण कर सके, और किसी राज्य के क्षेत्र, सीमाओं या नाम में परिवर्तन कर सके।
- अनुच्छेद 1: भारत को ‘राज्यों का संघ’ घोषित करता है और भारत के क्षेत्र को राज्यों के क्षेत्र, केंद्र शासित प्रदेशों और अधिग्रहीत किए जा सकने वाले किसी भी क्षेत्र में वर्गीकृत करता है।
- अनुच्छेद 2: संसद को यह शक्ति देता है कि वह संघ में नए राज्यों का प्रवेश या स्थापना कर सके, जो पहले से भारत संघ का हिस्सा नहीं हैं।
- अनुच्छेद 4: घोषणा करता है कि अनुच्छेद 2 और अनुच्छेद 3 के तहत बनाए गए कानून, अनुच्छेद 368 के तहत संविधान संशोधन नहीं माने जाएंगे और सामान्य विधायी प्रक्रिया द्वारा पारित किए जा सकते हैं।
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भारत में पंचायती राज व्यवस्था किस संवैधानिक संशोधन अधिनियम द्वारा संवैधानिक दर्जा प्राप्त किया?
- 42वां संशोधन अधिनियम
- 44वां संशोधन अधिनियम
- 73वां संशोधन अधिनियम
- 74वां संशोधन अधिनियम
सही उत्तर: C
विस्तृत व्याख्या:
विकल्प C सही है। 73वें संविधान संशोधन अधिनियम, 1992 ने पंचायती राज व्यवस्था को संवैधानिक दर्जा प्रदान किया। इस अधिनियम ने संविधान में एक नया भाग IX और ग्यारहवीं अनुसूची जोड़ी।
- भाग IX (अनुच्छेद 243 से 243O): ‘पंचायतें’ शीर्षक के साथ ग्रामीण स्थानीय स्वशासन से संबंधित प्रावधानों को शामिल किया गया।
- ग्यारहवीं अनुसूची: पंचायतों के 29 कार्यात्मक विषयों को सूचीबद्ध करती है।
- 74वां संशोधन अधिनियम (1992): यह शहरी स्थानीय निकायों (नगर पालिकाओं) को संवैधानिक दर्जा प्रदान करता है, और इसने संविधान में भाग IXA और बारहवीं अनुसूची जोड़ी।
- 42वां संशोधन अधिनियम (1976): इसे ‘मिनी-संविधान’ कहा जाता है, जिसने उद्देशिका में ‘समाजवादी’, ‘धर्मनिरपेक्ष’ और ‘अखंडता’ शब्द जोड़े और मौलिक कर्तव्यों को जोड़ा।
- 44वां संशोधन अधिनियम (1978): आपातकाल के प्रावधानों में बदलाव किए और संपत्ति के अधिकार को मौलिक अधिकार से हटाकर कानूनी अधिकार बनाया।
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भारत के संविधान में ‘धन विधेयक’ को किस अनुच्छेद में परिभाषित किया गया है?
- अनुच्छेद 109
- अनुच्छेद 110
- अनुच्छेद 112
- अनुच्छेद 117
सही उत्तर: B
विस्तृत व्याख्या:
विकल्प B सही है। भारतीय संविधान के अनुच्छेद 110 में ‘धन विधेयक’ को परिभाषित किया गया है।
- अनुच्छेद 110: इसमें उन मामलों की सूची दी गई है जो धन विधेयक में शामिल हो सकते हैं, जैसे कर लगाना या हटाना, भारत की संचित निधि से धन का विनियोग, आदि। लोकसभा अध्यक्ष यह तय करता है कि कोई विधेयक धन विधेयक है या नहीं, और उसका निर्णय अंतिम होता है।
- अनुच्छेद 109: धन विधेयकों के संबंध में विशेष प्रक्रिया निर्धारित करता है, जैसे कि वे केवल लोकसभा में पेश किए जा सकते हैं और राज्यसभा की शक्तियाँ उन पर सीमित होती हैं।
- अनुच्छेद 112: वार्षिक वित्तीय विवरण (बजट) से संबंधित है।
- अनुच्छेद 117: वित्त विधेयकों के संबंध में विशेष प्रावधानों से संबंधित है, जो धन विधेयक नहीं होते हैं लेकिन वित्तीय मामलों से संबंधित होते हैं।
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निम्नलिखित में से कौन भारतीय संविधान के तहत एक संवैधानिक निकाय नहीं है?
- भारत का चुनाव आयोग (Election Commission of India)
- संघ लोक सेवा आयोग (Union Public Service Commission)
- राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (National Human Rights Commission)
- भारत का नियंत्रक और महालेखा परीक्षक (Comptroller and Auditor General of India)
सही उत्तर: C
विस्तृत व्याख्या:
विकल्प C सही है। राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) एक सांविधिक (statutory) निकाय है, जिसका गठन संसद के एक अधिनियम (मानवाधिकार संरक्षण अधिनियम, 1993) द्वारा किया गया है। यह एक संवैधानिक निकाय नहीं है।
- संवैधानिक निकाय वे हैं: जिनका उल्लेख सीधे संविधान में किया गया है और उन्हें संविधान से अपनी शक्तियाँ प्राप्त होती हैं।
- अन्य विकल्पों का संदर्भ:
- भारत का चुनाव आयोग (अनुच्छेद 324): संवैधानिक निकाय।
- संघ लोक सेवा आयोग (अनुच्छेद 315-323): संवैधानिक निकाय।
- भारत का नियंत्रक और महालेखा परीक्षक (अनुच्छेद 148-151): संवैधानिक निकाय।
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किस संवैधानिक संशोधन ने मंत्रिमंडल की सलाह को राष्ट्रपति के लिए बाध्यकारी बना दिया?
- 40वां संविधान संशोधन अधिनियम
- 42वां संविधान संशोधन अधिनियम
- 44वां संविधान संशोधन अधिनियम
- 52वां संविधान संशोधन अधिनियम
सही उत्तर: B
विस्तृत व्याख्या:
विकल्प B सही है। 42वें संविधान संशोधन अधिनियम, 1976 ने अनुच्छेद 74 में यह प्रावधान जोड़ा कि राष्ट्रपति मंत्रिमंडल की “सलाह पर कार्य करेगा”। इसने मंत्रिमंडल की सलाह को राष्ट्रपति के लिए बाध्यकारी बना दिया।
- हालाँकि, बाद में 44वें संविधान संशोधन अधिनियम, 1978 ने इस प्रावधान में संशोधन किया और यह व्यवस्था की कि राष्ट्रपति मंत्रिमंडल की सलाह को एक बार पुनर्विचार के लिए वापस भेज सकता है, लेकिन पुनर्विचार के बाद दी गई सलाह को राष्ट्रपति मानने के लिए बाध्य होगा।
- 52वां संविधान संशोधन अधिनियम (1985): दलबदल विरोधी कानून से संबंधित।
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निम्नलिखित में से कौन सा सर्वोच्च न्यायालय के मूल क्षेत्राधिकार (Original Jurisdiction) के अंतर्गत आता है?
- दो या अधिक राज्यों के बीच का विवाद।
- उच्च न्यायालय के निर्णय के विरुद्ध अपील।
- मौलिक अधिकारों के प्रवर्तन के लिए रिट जारी करना।
- राष्ट्रपति द्वारा संदर्भित कोई भी कानूनी या तथ्यात्मक प्रश्न।
सही उत्तर: A
विस्तृत व्याख्या:
विकल्प A सही है। अनुच्छेद 131 सर्वोच्च न्यायालय के मूल और अनन्य क्षेत्राधिकार का प्रावधान करता है, जिसमें भारत सरकार और एक या अधिक राज्यों के बीच, या भारत सरकार और किसी भी राज्य या राज्यों के बीच, या दो या अधिक राज्यों के बीच विवाद शामिल हैं।
- विकल्प B (अपीलीय क्षेत्राधिकार): यह अनुच्छेद 132-136 के तहत आता है, जहां सर्वोच्च न्यायालय उच्च न्यायालयों के निर्णयों के विरुद्ध अपीलें सुनता है।
- विकल्प C (रिट क्षेत्राधिकार): मौलिक अधिकारों के प्रवर्तन के लिए सर्वोच्च न्यायालय अनुच्छेद 32 के तहत रिट जारी कर सकता है (जबकि उच्च न्यायालय अनुच्छेद 226 के तहत रिट जारी कर सकते हैं)। यह सर्वोच्च न्यायालय का मूल क्षेत्राधिकार तो है, लेकिन अनन्य नहीं है, क्योंकि उच्च न्यायालयों को भी यह शक्ति प्राप्त है।
- विकल्प D (सलाहकारी क्षेत्राधिकार): यह अनुच्छेद 143 के तहत आता है, जहां राष्ट्रपति किसी सार्वजनिक महत्व के कानूनी या तथ्यात्मक प्रश्न पर सर्वोच्च न्यायालय से राय मांग सकते हैं।
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भारतीय संविधान के तहत ‘अपशिष्ट शक्तियां’ (Residuary Powers) किसके पास निहित हैं?
- राज्य विधानमंडल
- केंद्र सरकार
- राष्ट्रपति
- संविधान द्वारा निर्धारित नहीं
सही उत्तर: B
विस्तृत व्याख्या:
विकल्प B सही है। भारतीय संविधान के अनुच्छेद 248 के अनुसार, अपशिष्ट शक्तियां (वे विषय जो संघ सूची, राज्य सूची या समवर्ती सूची में सूचीबद्ध नहीं हैं) केंद्र सरकार (संसद) के पास निहित हैं। यह प्रावधान कनाडा के संविधान से प्रेरित है, जो एक मजबूत केंद्र का समर्थन करता है।
- संयुक्त राज्य अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया जैसे संघीय देशों में, अवशिष्ट शक्तियां राज्यों के पास निहित होती हैं।
- यह प्रावधान केंद्र सरकार को भविष्य में उत्पन्न होने वाले किसी भी ऐसे विषय पर कानून बनाने की शक्ति देता है, जिसका संविधान में स्पष्ट उल्लेख नहीं है।
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राज्य के नीति निदेशक तत्वों (DPSP) को लागू करना किसका कर्तव्य है?
- केवल केंद्र सरकार का
- केवल राज्य सरकारों का
- केंद्र और राज्य दोनों सरकारों का
- न्यायपालिका का
सही उत्तर: C
विस्तृत व्याख्या:
विकल्प C सही है। अनुच्छेद 37 स्पष्ट रूप से कहता है कि “इस भाग में अंतर्विष्ट उपबंध किसी न्यायालय द्वारा प्रवर्तनीय नहीं होंगे, किंतु फिर भी इनमें अधिकथित तत्व देश के शासन में मूलभूत हैं और विधि बनाने में इन तत्वों को लागू करना राज्य का कर्तव्य होगा।” यहां ‘राज्य’ शब्द का अर्थ अनुच्छेद 12 में वर्णित ‘राज्य’ के समान है, जिसमें केंद्र सरकार, राज्य सरकारें, स्थानीय प्राधिकरण और अन्य प्राधिकरण शामिल हैं। इसलिए, DPSP को लागू करना केंद्र और राज्य दोनों सरकारों का कर्तव्य है, हालांकि वे गैर-न्याययोग्य हैं।
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संविधान सभा द्वारा राष्ट्रीय ध्वज को कब अपनाया गया?
- 26 जनवरी 1947
- 15 अगस्त 1947
- 22 जुलाई 1947
- 24 जनवरी 1950
सही उत्तर: C
विस्तृत व्याख्या:
विकल्प C सही है। भारतीय संविधान सभा ने 22 जुलाई 1947 को राष्ट्रीय ध्वज (तिरंगा) को अपनाया था।
- 26 जनवरी 1947: यह तारीख महत्वपूर्ण नहीं है।
- 15 अगस्त 1947: भारत को स्वतंत्रता मिली।
- 24 जनवरी 1950: संविधान सभा ने ‘जन गण मन’ को राष्ट्रगान और ‘वंदे मातरम’ को राष्ट्रीय गीत के रूप में अपनाया। इसी दिन भारत के पहले राष्ट्रपति के रूप में डॉ. राजेंद्र प्रसाद को चुना गया।
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भारत के संविधान के अनुच्छेद 75 के अनुसार, मंत्रिपरिषद सामूहिक रूप से किसके प्रति उत्तरदायी होती है?
- राष्ट्रपति
- राज्यसभा
- लोकसभा
- प्रधानमंत्री
सही उत्तर: C
विस्तृत व्याख्या:
विकल्प C सही है। अनुच्छेद 75 (3) में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि मंत्रिपरिषद सामूहिक रूप से लोकसभा के प्रति उत्तरदायी होगी। इसका अर्थ है कि यदि लोकसभा मंत्रिपरिषद के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पारित करती है, तो पूरी मंत्रिपरिषद को इस्तीफा देना होगा।
- राष्ट्रपति: प्रधानमंत्री और अन्य मंत्रियों की नियुक्ति राष्ट्रपति द्वारा की जाती है, और वे राष्ट्रपति के प्रसादपर्यंत पद धारण करते हैं (अनुच्छेद 75(1) और 75(2))। हालांकि, सामूहिक उत्तरदायित्व लोकसभा के प्रति है।
- राज्यसभा: राज्यसभा के प्रति मंत्रिपरिषद सामूहिक रूप से उत्तरदायी नहीं होती, हालांकि मंत्री राज्यसभा के सदस्य भी हो सकते हैं।
- प्रधानमंत्री: प्रधानमंत्री मंत्रिपरिषद का मुखिया होता है, लेकिन मंत्रिपरिषद सामूहिक रूप से प्रधानमंत्री के प्रति नहीं, बल्कि लोकसभा के प्रति उत्तरदायी होती है।
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भारत में वित्तीय आपातकाल की घोषणा किस अनुच्छेद के तहत की जाती है?
- अनुच्छेद 352
- अनुच्छेद 356
- अनुच्छेद 360
- अनुच्छेद 365
सही उत्तर: C
विस्तृत व्याख्या:
विकल्प C सही है। भारतीय संविधान का अनुच्छेद 360 राष्ट्रपति को वित्तीय आपातकाल की घोषणा करने का अधिकार देता है यदि वह संतुष्ट हो कि ऐसी स्थिति उत्पन्न हो गई है जिससे भारत या उसके क्षेत्र के किसी भी हिस्से की वित्तीय स्थिरता या साख को खतरा है। भारत में अभी तक कभी भी वित्तीय आपातकाल लागू नहीं किया गया है।
- अनुच्छेद 352: राष्ट्रीय आपातकाल (युद्ध, बाहरी आक्रमण या सशस्त्र विद्रोह)।
- अनुच्छेद 356: राज्यों में संवैधानिक तंत्र की विफलता (राष्ट्रपति शासन)।
- अनुच्छेद 365: यदि कोई राज्य संघ द्वारा दिए गए निर्देशों का पालन करने में विफल रहता है तो राष्ट्रपति शासन लागू किया जा सकता है।
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राज्यपाल की नियुक्ति कौन करता है?
- भारत के मुख्य न्यायाधीश
- मुख्यमंत्री
- राष्ट्रपति
- उपराष्ट्रपति
सही उत्तर: C
विस्तृत व्याख्या:
विकल्प C सही है। अनुच्छेद 155 के अनुसार, राज्यपाल की नियुक्ति राष्ट्रपति द्वारा अपने हस्ताक्षर और मुहर के तहत वारंट द्वारा की जाती है। राज्यपाल केंद्र सरकार के एजेंट के रूप में कार्य करता है और राष्ट्रपति के प्रसादपर्यंत पद धारण करता है (अनुच्छेद 156)।
- मुख्यमंत्री: राज्य का कार्यकारी प्रमुख होता है और राज्यपाल द्वारा नियुक्त किया जाता है, लेकिन राज्यपाल की नियुक्ति मुख्यमंत्री द्वारा नहीं की जाती है।
- यह व्यवस्था कनाडा की संघीय प्रणाली से ली गई है, जहाँ प्रांतों के प्रमुख केंद्र सरकार द्वारा नियुक्त किए जाते हैं।
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भारत के संविधान में ‘ग्राम सभा’ को किस अनुच्छेद में परिभाषित किया गया है?
- अनुच्छेद 243A
- अनुच्छेद 243B
- अनुच्छेद 243C
- अनुच्छेद 243D
सही उत्तर: A
विस्तृत व्याख्या:
विकल्प A सही है। अनुच्छेद 243A ‘ग्राम सभा’ को परिभाषित करता है और उसे ऐसी शक्तियाँ और कार्य करने का प्रावधान करता है जो राज्य का विधानमंडल कानून द्वारा प्रदान करे। ग्राम सभा, पंचायत क्षेत्र के भीतर पंजीकृत मतदाताओं से बनी होती है, और इसे पंचायती राज व्यवस्था की आधारशिला माना जाता है।
- अनुच्छेद 243B: पंचायतों के गठन से संबंधित है (ग्राम, मध्यवर्ती और जिला स्तर पर त्रिस्तरीय प्रणाली)।
- अनुच्छेद 243C: पंचायतों की संरचना से संबंधित है।
- अनुच्छेद 243D: पंचायतों में सीटों के आरक्षण से संबंधित है।
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भारत के संविधान में ‘न्यायिक समीक्षा’ की अवधारणा किस देश से ली गई है?
- ब्रिटेन
- संयुक्त राज्य अमेरिका
- कनाडा
- आयरलैंड
सही उत्तर: B
विस्तृत व्याख्या:
विकल्प B सही है। ‘न्यायिक समीक्षा’ (Judicial Review) की अवधारणा भारतीय संविधान में संयुक्त राज्य अमेरिका के संविधान से ली गई है। न्यायिक समीक्षा एक ऐसी शक्ति है जिसके तहत न्यायपालिका कार्यपालिका के आदेशों और विधायिका द्वारा बनाए गए कानूनों की संवैधानिकता की जांच कर सकती है। यदि कोई कानून या आदेश संविधान के प्रावधानों का उल्लंघन करता पाया जाता है, तो न्यायपालिका उसे शून्य और अमान्य घोषित कर सकती है।
- भारत में न्यायिक समीक्षा के प्रमुख अनुच्छेद: अनुच्छेद 13, 32, 131, 132, 133, 134, 136, 143, 226, 227।
- अन्य विकल्पों का संदर्भ:
- ब्रिटेन: संसदीय संप्रभुता का सिद्धांत है, न्यायिक समीक्षा की अवधारणा सीमित है।
- कनाडा: सशक्त केंद्र के साथ संघीय प्रणाली।
- आयरलैंड: राज्य के नीति निदेशक तत्व।
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लोकसभा में अविश्वास प्रस्ताव पेश करने के लिए न्यूनतम कितने सदस्यों का समर्थन आवश्यक है?
- 30 सदस्य
- 50 सदस्य
- 75 सदस्य
- 100 सदस्य
सही उत्तर: B
विस्तृत व्याख्या:
विकल्प B सही है। लोकसभा के प्रक्रिया और कार्य संचालन नियमों के नियम 198 के अनुसार, मंत्रिपरिषद के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पेश करने के लिए कम से कम 50 सदस्यों के समर्थन की आवश्यकता होती है। यह प्रस्ताव केवल लोकसभा में ही पेश किया जा सकता है और यदि यह पारित हो जाता है, तो मंत्रिपरिषद को इस्तीफा देना पड़ता है।
- यह सामूहिक उत्तरदायित्व के सिद्धांत (अनुच्छेद 75(3)) का एक महत्वपूर्ण उपकरण है।
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भारतीय संविधान का कौन सा अनुच्छेद संसद के दो सत्रों के बीच अधिकतम अंतराल को निर्धारित करता है?
- अनुच्छेद 80
- अनुच्छेद 82
- अनुच्छेद 85
- अनुच्छेद 88
सही उत्तर: C
विस्तृत व्याख्या:
विकल्प C सही है। अनुच्छेद 85(1) में कहा गया है कि “राष्ट्रपति, समय-समय पर, संसद के सदनों को ऐसे समय और स्थान पर, जो वह ठीक समझे, सत्र के लिए आहूत करेगा, किन्तु उसके एक सत्र की अंतिम बैठक और आगामी सत्र की पहली बैठक के लिए नियत तारीख के बीच छह मास से अधिक का अंतराल नहीं होगा।” इसका मतलब है कि संसद को हर छह महीने में कम से कम एक बार मिलना चाहिए, और इसलिए एक वर्ष में कम से कम दो सत्र होने चाहिए।
- अनुच्छेद 80: राज्यसभा की संरचना।
- अनुच्छेद 82: प्रत्येक जनगणना के बाद सीटों का पुनःसमायोजन।
- अनुच्छेद 88: मंत्रियों और अटॉर्नी जनरल के अधिकारों से संबंधित।
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भारतीय संविधान के किस भाग में मौलिक कर्तव्यों का उल्लेख है?
- भाग II
- भाग III
- भाग IVA
- भाग V
सही उत्तर: C
विस्तृत व्याख्या:
विकल्प C सही है। मौलिक कर्तव्यों को भारतीय संविधान के भाग IVA में अनुच्छेद 51A के तहत सूचीबद्ध किया गया है। इन्हें 42वें संविधान संशोधन अधिनियम, 1976 द्वारा स्वर्ण सिंह समिति की सिफारिशों पर जोड़ा गया था। मूल रूप से 10 मौलिक कर्तव्य थे, और 86वें संविधान संशोधन अधिनियम, 2002 द्वारा 11वां मौलिक कर्तव्य जोड़ा गया।
- भाग II (अनुच्छेद 5-11): नागरिकता।
- भाग III (अनुच्छेद 12-35): मौलिक अधिकार।
- भाग V (अनुच्छेद 52-151): संघ (कार्यपालिका, संसद, राष्ट्रपति की विधायी शक्तियां, संघ न्यायपालिका, भारत के नियंत्रक-महालेखापरीक्षक)।
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संविधान के किस अनुच्छेद के तहत सर्वोच्च न्यायालय एक ‘अभिलेख न्यायालय’ (Court of Record) है?
- अनुच्छेद 124
- अनुच्छेद 129
- अनुच्छेद 131
- अनुच्छेद 136
सही उत्तर: B
विस्तृत व्याख्या:
विकल्प B सही है। अनुच्छेद 129 सर्वोच्च न्यायालय को ‘अभिलेख न्यायालय’ घोषित करता है। एक अभिलेख न्यायालय के दो निहितार्थ होते हैं:
- इसके निर्णय और कार्यवाही स्थायी अभिलेख के रूप में रखे जाते हैं और उनका साक्ष्य के मूल्य होता है।
- इसे अवमानना (Contempt of Court) के लिए दंडित करने की शक्ति होती है।
इसी तरह, अनुच्छेद 215 के तहत उच्च न्यायालय भी अभिलेख न्यायालय होते हैं।
- अनुच्छेद 124: सर्वोच्च न्यायालय की स्थापना और संविधान से संबंधित है।
- अनुच्छेद 131: सर्वोच्च न्यायालय के मूल क्षेत्राधिकार से संबंधित है।
- अनुच्छेद 136: सर्वोच्च न्यायालय को अपील के लिए विशेष अनुमति देने की शक्ति देता है।
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किसी राज्य की विधानसभा में सदस्यों की अधिकतम संख्या कितनी हो सकती है?
- 400
- 450
- 500
- 550
सही उत्तर: C
विस्तृत व्याख्या:
विकल्प C सही है। भारतीय संविधान के अनुच्छेद 170 के अनुसार, किसी राज्य की विधानसभा में सदस्यों की अधिकतम संख्या 500 और न्यूनतम संख्या 60 हो सकती है। हालांकि, कुछ छोटे राज्यों जैसे सिक्किम (32), गोवा (40), मिजोरम (40) और पुडुचेरी (30) के मामले में अपवाद हैं, जहां यह सीमा कम है।
- गलत विकल्प: अन्य संख्याएँ भारतीय संविधान के अनुसार राज्यों की विधानसभाओं के लिए निर्धारित अधिकतम सदस्य संख्या नहीं हैं।
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भारत के संविधान का कौन सा अनुच्छेद राष्ट्रपति को किसी विधेयक पर ‘पॉकेट वीटो’ (Pocket Veto) का प्रयोग करने की शक्ति देता है?
- अनुच्छेद 110
- अनुच्छेद 111
- अनुच्छेद 123
- अनुच्छेद 143
सही उत्तर: B
विस्तृत व्याख्या:
विकल्प B सही है। अनुच्छेद 111 राष्ट्रपति को किसी विधेयक पर अपनी सहमति देने या रोकने का अधिकार देता है। जब राष्ट्रपति किसी विधेयक पर न तो सहमति देता है और न ही उसे अस्वीकृत करता है, और न ही उसे पुनर्विचार के लिए वापस भेजता है, बल्कि उसे अनिश्चित काल के लिए अपने पास रख लेता है, तो इसे ‘पॉकेट वीटो’ कहा जाता है। भारतीय संविधान राष्ट्रपति के लिए किसी विधेयक पर सहमति देने या उसे अस्वीकृत करने की कोई समय-सीमा निर्धारित नहीं करता है, जिससे राष्ट्रपति को पॉकेट वीटो का प्रयोग करने की शक्ति मिलती है।
- अनुच्छेद 110: धन विधेयक की परिभाषा।
- अनुच्छेद 123: राष्ट्रपति की अध्यादेश जारी करने की शक्ति।
- अनुच्छेद 143: सर्वोच्च न्यायालय से परामर्श करने की राष्ट्रपति की शक्ति।
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राज्यों की सीमाओं में परिवर्तन से संबंधित विधेयक को संसद में पेश करने से पहले किसकी सिफारिश आवश्यक है?
- भारत के मुख्य न्यायाधीश
- संबंधित राज्य के राज्यपाल
- राष्ट्रपति
- संसद के संबंधित सदन का अध्यक्ष
सही उत्तर: C
विस्तृत व्याख्या:
विकल्प C सही है। भारतीय संविधान के अनुच्छेद 3 के तहत, राज्यों की सीमाओं में परिवर्तन, नए राज्यों के गठन या मौजूदा राज्यों के क्षेत्रों, सीमाओं या नामों में परिवर्तन से संबंधित कोई भी विधेयक संसद में केवल राष्ट्रपति की पूर्व सिफारिश पर ही पेश किया जा सकता है। राष्ट्रपति ऐसे विधेयक को संबंधित राज्य विधानमंडल को अपनी राय व्यक्त करने के लिए भी भेजते हैं, लेकिन राज्य विधानमंडल की राय राष्ट्रपति या संसद पर बाध्यकारी नहीं होती है।
- यह प्रावधान केंद्र सरकार को राज्यों के पुनर्गठन में महत्वपूर्ण शक्ति प्रदान करता है।
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भारतीय संविधान का कौन सा अनुच्छेद ‘जीवन और व्यक्तिगत स्वतंत्रता का संरक्षण’ सुनिश्चित करता है?
- अनुच्छेद 19
- अनुच्छेद 20
- अनुच्छेद 21
- अनुच्छेद 22
सही उत्तर: C
विस्तृत व्याख्या:
विकल्प C सही है। अनुच्छेद 21 भारतीय संविधान के सबसे महत्वपूर्ण मौलिक अधिकारों में से एक है, जो ‘जीवन और व्यक्तिगत स्वतंत्रता का संरक्षण’ सुनिश्चित करता है। सर्वोच्च न्यायालय ने इस अनुच्छेद की व्यापक व्याख्या की है, जिसमें गरिमापूर्ण जीवन का अधिकार, निजता का अधिकार, स्वच्छ पर्यावरण का अधिकार, आजीविका का अधिकार, सोने का अधिकार आदि शामिल हैं। यह अधिकार नागरिकों और गैर-नागरिकों दोनों को प्राप्त है।
- अनुच्छेद 19: छह मौलिक स्वतंत्रताओं का संरक्षण (जैसे भाषण और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता)।
- अनुच्छेद 20: अपराधों के लिए दोषसिद्धि के संबंध में संरक्षण।
- अनुच्छेद 22: कुछ मामलों में गिरफ्तारी और हिरासत से संरक्षण।
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भारत में महान्यायवादी (Attorney General of India) की नियुक्ति कौन करता है?
- प्रधानमंत्री
- राष्ट्रपति
- भारत के मुख्य न्यायाधीश
- कानून मंत्री
सही उत्तर: B
विस्तृत व्याख्या:
विकल्प B सही है। भारतीय संविधान के अनुच्छेद 76 के अनुसार, भारत के महान्यायवादी की नियुक्ति राष्ट्रपति द्वारा की जाती है। वह भारत सरकार का मुख्य कानूनी सलाहकार होता है और राष्ट्रपति के प्रसादपर्यंत पद धारण करता है। उसे सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश के रूप में नियुक्त होने के लिए आवश्यक योग्यताएं होनी चाहिए।
- वह संसद के दोनों सदनों की कार्यवाही में भाग ले सकता है और बोल सकता है, लेकिन उसे मतदान का अधिकार नहीं होता है।
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भारतीय संविधान का कौन सा भाग ‘सहकारी समितियों’ से संबंधित है?
- भाग IX
- भाग IXA
- भाग IXB
- भाग X
सही उत्तर: C
विस्तृत व्याख्या:
विकल्प C सही है। भारतीय संविधान के भाग IXB को 97वें संविधान संशोधन अधिनियम, 2011 द्वारा ‘सहकारी समितियां’ शीर्षक के साथ जोड़ा गया है। इसमें अनुच्छेद 243ZH से 243ZT तक के प्रावधान शामिल हैं, जो सहकारी समितियों के गठन, कार्यप्रणाली और स्वायत्तता से संबंधित हैं। इस संशोधन ने सहकारी समितियों को संवैधानिक दर्जा और संरक्षण प्रदान किया।
- भाग IX: पंचायतें (73वां संशोधन)।
- भाग IXA: नगरपालिकाएं (74वां संशोधन)।
- भाग X: अनुसूचित और जनजातीय क्षेत्र।
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