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भारतीय राजव्यवस्था क्विज़: अपनी संवैधानिक समझ को परखें

भारतीय राजव्यवस्था क्विज़: अपनी संवैधानिक समझ को परखें

हमारे जीवंत लोकतंत्र की नींव को समझने के लिए भारतीय राजव्यवस्था और संविधान का ज्ञान अत्यंत महत्वपूर्ण है। यह न केवल नागरिकों के रूप में हमारे अधिकारों और कर्तव्यों को परिभाषित करता है, बल्कि शासन की जटिल मशीनरी को भी स्पष्ट करता है। यह दैनिक अभ्यास सेट आपके संवैधानिक ज्ञान की गहराई का परीक्षण करने और अवधारणाओं के प्रति आपकी वैचारिक स्पष्टता को मजबूत करने के लिए डिज़ाइन किया गया है। इन चुनौतीपूर्ण प्रश्नों के माध्यम से अपनी तैयारी को परखें और भारत के शासन ढांचे की अपनी समझ को बढ़ाएं।


Q1. संविधान सभा द्वारा “उद्देश्य प्रस्ताव” कब अपनाया गया था?

  1. 13 दिसंबर 1946
  2. 22 जनवरी 1947
  3. 26 नवंबर 1949
  4. 24 जनवरी 1950

सही उत्तर: B

विस्तृत व्याख्या:

कथन B सही है। 13 दिसंबर 1946 को जवाहरलाल नेहरू ने उद्देश्य प्रस्ताव पेश किया था, लेकिन इसे संविधान सभा द्वारा 22 जनवरी 1947 को अपनाया गया था। यह प्रस्तावना का आधार बना और भारतीय संविधान के लक्ष्यों व दर्शन को निर्धारित किया।

अन्य विकल्प गलत हैं क्योंकि वे प्रस्ताव पेश करने (13 दिसंबर 1946), संविधान अंगीकृत करने (26 नवंबर 1949) या अंतिम बैठक (24 जनवरी 1950) की तिथियों से संबंधित हैं, न कि उद्देश्य प्रस्ताव अपनाने से।

Q2. भारत के संविधान का कौन सा अनुच्छेद राज्य को ग्राम पंचायतों के संगठन के लिए निर्देश देता है?

  1. अनुच्छेद 39
  2. अनुच्छेद 40
  3. अनुच्छेद 44
  4. अनुच्छेद 48

सही उत्तर: B

विस्तृत व्याख्या:

विकल्प B सही है। अनुच्छेद 40 राज्य के नीति निदेशक तत्वों (DPSP) का हिस्सा है और यह राज्य को ग्राम पंचायतों को संगठित करने तथा उन्हें स्वशासन की इकाइयों के रूप में कार्य करने में सक्षम बनाने के लिए आवश्यक शक्तियां और अधिकार प्रदान करने का निर्देश देता है। यह गांधीवादी सिद्धांतों में से एक है। 73वें संविधान संशोधन अधिनियम, 1992 ने इस निर्देश को संवैधानिक आधार प्रदान किया।

अनुच्छेद 39 कुछ नीति सिद्धांतों, जैसे समान कार्य के लिए समान वेतन, से संबंधित है। अनुच्छेद 44 नागरिकों के लिए एक समान नागरिक संहिता (Uniform Civil Code) से संबंधित है। अनुच्छेद 48 कृषि और पशुपालन के संगठन से संबंधित है।

Q3. भारत के राष्ट्रपति के चुनाव में, निम्नलिखित में से कौन मतदान नहीं करता है?

  1. लोकसभा के निर्वाचित सदस्य
  2. राज्यसभा के निर्वाचित सदस्य
  3. राज्य विधानसभाओं के निर्वाचित सदस्य
  4. राज्य विधान परिषदों के सदस्य

सही उत्तर: D

विस्तृत व्याख्या:

विकल्प D सही है। भारत के राष्ट्रपति का चुनाव एक निर्वाचक मंडल द्वारा किया जाता है जिसमें संसद के दोनों सदनों (लोकसभा और राज्यसभा) के निर्वाचित सदस्य और सभी राज्यों की विधानसभाओं के निर्वाचित सदस्य शामिल होते हैं (अनुच्छेद 54)। केंद्र शासित प्रदेशों दिल्ली और पुडुचेरी की विधानसभाओं के निर्वाचित सदस्य भी इसमें शामिल होते हैं (70वें संशोधन अधिनियम, 1992)। राज्य विधान परिषदों के सदस्य इस निर्वाचक मंडल का हिस्सा नहीं होते हैं, चाहे वे निर्वाचित हों या नामांकित।

विकल्प A, B, और C के सदस्य राष्ट्रपति चुनाव में मतदान करते हैं।

Q4. भारत की संसद के दोनों सदनों की संयुक्त बैठक की अध्यक्षता कौन करता है?

  1. राष्ट्रपति
  2. उपराष्ट्रपति
  3. लोकसभा अध्यक्ष
  4. प्रधानमंत्री

सही उत्तर: C

विस्तृत व्याख्या:

विकल्प C सही है। संविधान के अनुच्छेद 108 के तहत कुछ साधारण विधेयकों पर गतिरोध की स्थिति में राष्ट्रपति द्वारा संयुक्त बैठक बुलाई जाती है। इसकी अध्यक्षता लोकसभा अध्यक्ष (स्पीकर) करते हैं (अनुच्छेद 118(4))। उनकी अनुपस्थिति में, लोकसभा के उपाध्यक्ष और फिर राज्यसभा के उपसभापति अध्यक्षता करते हैं। उपराष्ट्रपति (जो राज्यसभा के पदेन सभापति होते हैं) संयुक्त बैठक की अध्यक्षता नहीं करते हैं।

राष्ट्रपति संयुक्त बैठक बुलाते हैं लेकिन अध्यक्षता नहीं करते। उपराष्ट्रपति राज्यसभा के सभापति होते हैं, लेकिन संयुक्त बैठक के नहीं। प्रधानमंत्री सरकार के प्रमुख होते हैं और अध्यक्षता से संबंधित नहीं हैं।

Q5. भारतीय संविधान के किस अनुच्छेद के तहत सर्वोच्च न्यायालय ‘अभिलेख न्यायालय’ (Court of Record) है?

  1. अनुच्छेद 124
  2. अनुच्छेद 129
  3. अनुच्छेद 131
  4. अनुच्छेद 132

सही उत्तर: B

विस्तृत व्याख्या:

विकल्प B सही है। अनुच्छेद 129 सर्वोच्च न्यायालय को ‘अभिलेख न्यायालय’ (Court of Record) घोषित करता है। इसका अर्थ है कि सर्वोच्च न्यायालय के सभी निर्णय और कार्यवाही दर्ज की जाती हैं, उनका सार्वजनिक महत्व होता है, और उनका उपयोग भविष्य के मामलों के लिए मिसाल (precedent) के रूप में किया जाता है। इसके अलावा, सर्वोच्च न्यायालय को अपनी अवमानना करने पर दंड देने की शक्ति भी होती है।

अनुच्छेद 124 सर्वोच्च न्यायालय की स्थापना और गठन से संबंधित है। अनुच्छेद 131 सर्वोच्च न्यायालय के मूल क्षेत्राधिकार (Original Jurisdiction) से संबंधित है। अनुच्छेद 132 सर्वोच्च न्यायालय के अपीलीय क्षेत्राधिकार (Appellate Jurisdiction) से संबंधित है।

Q6. केंद्र और राज्यों के बीच विधायी शक्तियों के वितरण का उल्लेख संविधान की किस अनुसूची में किया गया है?

  1. पांचवीं अनुसूची
  2. छठी अनुसूची
  3. सातवीं अनुसूची
  4. आठवीं अनुसूची

सही उत्तर: C

विस्तृत व्याख्या:

विकल्प C सही है। भारतीय संविधान की सातवीं अनुसूची संघ सूची, राज्य सूची और समवर्ती सूची के माध्यम से केंद्र और राज्यों के बीच विधायी शक्तियों का विस्तृत विभाजन करती है। यह भारतीय संघवाद का एक महत्वपूर्ण पहलू है।

पांचवीं अनुसूची अनुसूचित क्षेत्रों और अनुसूचित जनजातियों के प्रशासन और नियंत्रण से संबंधित है। छठी अनुसूची असम, मेघालय, त्रिपुरा और मिजोरम राज्यों में जनजातीय क्षेत्रों के प्रशासन से संबंधित है। आठवीं अनुसूची भारत की आधिकारिक भाषाओं से संबंधित है।

Q7. भारत के नियंत्रक और महालेखा परीक्षक (CAG) को पद से कौन हटा सकता है?

  1. राष्ट्रपति द्वारा एक साधारण बहुमत से
  2. संसद के दोनों सदनों द्वारा विशेष बहुमत से, राष्ट्रपति के आदेश पर
  3. प्रधानमंत्री की सलाह पर राष्ट्रपति द्वारा
  4. सर्वोच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश की सलाह पर राष्ट्रपति द्वारा

सही उत्तर: B

विस्तृत व्याख्या:

विकल्प B सही है। नियंत्रक और महालेखा परीक्षक (CAG) को उसी तरह और उन्हीं आधारों पर हटाया जा सकता है जैसे सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश को हटाया जाता है (अनुच्छेद 148(1))। इसमें संसद के दोनों सदनों द्वारा विशेष बहुमत से पारित प्रस्ताव (दुर्व्यवहार या अक्षमता के आधार पर) और फिर राष्ट्रपति का आदेश शामिल होता है। यह एक कठिन प्रक्रिया है जो CAG की स्वतंत्रता सुनिश्चित करती है।

CAG को हटाने की प्रक्रिया राष्ट्रपति के साधारण बहुमत, प्रधानमंत्री की सलाह या मुख्य न्यायाधीश की सलाह पर नहीं होती है, बल्कि एक कठोर संसदीय प्रक्रिया के माध्यम से होती है।

Q8. राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) किस प्रकार का निकाय है?

  1. संवैधानिक निकाय
  2. वैधानिक निकाय
  3. गैर-संवैधानिक और गैर-वैधानिक निकाय
  4. कार्यकारी निकाय

सही उत्तर: B

विस्तृत व्याख्या:

विकल्प B सही है। राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) एक वैधानिक निकाय है, जिसकी स्थापना संसद द्वारा पारित एक अधिनियम, अर्थात् मानवाधिकार संरक्षण अधिनियम, 1993 (The Protection of Human Rights Act, 1993) के तहत की गई थी। इसका संविधान में प्रत्यक्ष रूप से कोई उल्लेख नहीं है, इसलिए यह संवैधानिक निकाय नहीं है।

संवैधानिक निकाय वे होते हैं जिनका उल्लेख सीधे संविधान में होता है (जैसे ECI, UPSC, CAG)। गैर-संवैधानिक और गैर-वैधानिक निकाय कार्यकारी प्रस्तावों द्वारा बनाए जाते हैं (जैसे नीति आयोग)। NHRC एक विशिष्ट कानून द्वारा बनाया गया है।

Q9. पंचायती राज प्रणाली किस सिद्धांत पर आधारित है?

  1. केंद्रीकरण
  2. लोकतांत्रिक विकेंद्रीकरण
  3. प्रशासनिक एकीकरण
  4. राजनीतिक एकरूपता

सही उत्तर: B

विस्तृत व्याख्या:

विकल्प B सही है। पंचायती राज प्रणाली का मुख्य उद्देश्य लोकतांत्रिक विकेंद्रीकरण है। यह स्थानीय स्वशासन को बढ़ावा देकर निचले स्तर पर लोगों की भागीदारी सुनिश्चित करती है, जिससे वे अपने विकास और समस्याओं के समाधान के लिए निर्णय ले सकें। यह सिद्धांत बलवंत राय मेहता समिति की सिफारिशों पर आधारित है, जिसे 73वें संविधान संशोधन अधिनियम, 1992 द्वारा संवैधानिक दर्जा प्राप्त हुआ।

केंद्रीकरण पंचायती राज के सिद्धांत के विपरीत है। प्रशासनिक एकीकरण और राजनीतिक एकरूपता भी इसके प्राथमिक उद्देश्य नहीं हैं, बल्कि स्थानीय स्तर पर शक्तियों का हस्तांतरण इसका मूल है।

Q10. भारत में राष्ट्रीय आपातकाल (National Emergency) की घोषणा किस अनुच्छेद के तहत की जाती है?

  1. अनुच्छेद 352
  2. अनुच्छेद 356
  3. अनुच्छेद 360
  4. अनुच्छेद 365

सही उत्तर: A

विस्तृत व्याख्या:

विकल्प A सही है। भारतीय संविधान का अनुच्छेद 352 युद्ध, बाहरी आक्रमण या सशस्त्र विद्रोह के आधार पर राष्ट्रीय आपातकाल की घोषणा से संबंधित है। राष्ट्रपति कैबिनेट की लिखित सलाह पर इसकी घोषणा करते हैं।

अनुच्छेद 356 राज्य में संवैधानिक तंत्र की विफलता (जिसे लोकप्रिय रूप से ‘राष्ट्रपति शासन’ कहा जाता है) से संबंधित है। अनुच्छेद 360 वित्तीय आपातकाल से संबंधित है। अनुच्छेद 365 केंद्र के निर्देशों का पालन न करने पर राज्य में राष्ट्रपति शासन लगाने से संबंधित है।

Q11. भारतीय संविधान की “आत्मा और हृदय” किसे कहा गया है?

  1. प्रस्तावना
  2. मौलिक अधिकार
  3. राज्य के नीति निदेशक तत्व
  4. संवैधानिक उपचारों का अधिकार (अनुच्छेद 32)

सही उत्तर: D

विस्तृत व्याख्या:

विकल्प D सही है। डॉ. बी.आर. अम्बेडकर ने संवैधानिक उपचारों के अधिकार (अनुच्छेद 32) को भारतीय संविधान की “आत्मा और हृदय” कहा है। यह अधिकार नागरिकों को अपने मौलिक अधिकारों के उल्लंघन की स्थिति में सीधे सर्वोच्च न्यायालय जाने की शक्ति देता है, जिससे मौलिक अधिकार प्रभावी और प्रवर्तनीय बनते हैं। इसके बिना मौलिक अधिकार केवल कागजी घोषणाएँ मात्र रह जाते।

प्रस्तावना को अक्सर संविधान की ‘कुंजी’ या ‘पहचान पत्र’ कहा जाता है। मौलिक अधिकार (भाग III) एक महत्वपूर्ण हिस्सा हैं, लेकिन अनुच्छेद 32 उनकी प्रवर्तनीयता के कारण विशेष महत्व रखता है। राज्य के नीति निदेशक तत्व (DPSP) शासन के लिए दिशानिर्देश हैं।

Q12. अस्पृश्यता के उन्मूलन का प्रावधान भारतीय संविधान के किस अनुच्छेद में है?

  1. अनुच्छेद 14
  2. अनुच्छेद 15
  3. अनुच्छेद 16
  4. अनुच्छेद 17

सही उत्तर: D

विस्तृत व्याख्या:

विकल्प D सही है। अनुच्छेद 17 अस्पृश्यता के उन्मूलन का प्रावधान करता है और किसी भी रूप में इसके अभ्यास को निषिद्ध करता है। यह मौलिक अधिकारों (समानता का अधिकार, अनुच्छेद 14-18) का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है और सामाजिक समानता सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

अनुच्छेद 14 कानून के समक्ष समानता और कानूनों के समान संरक्षण से संबंधित है। अनुच्छेद 15 धर्म, मूलवंश, जाति, लिंग या जन्मस्थान के आधार पर भेदभाव के निषेध से संबंधित है। अनुच्छेद 16 सार्वजनिक रोजगार के मामलों में अवसर की समानता से संबंधित है।

Q13. प्रधानमंत्री की नियुक्ति किसके द्वारा की जाती है?

  1. लोकसभा अध्यक्ष
  2. भारत के मुख्य न्यायाधीश
  3. राष्ट्रपति
  4. संसद

सही उत्तर: C

विस्तृत व्याख्या:

विकल्प C सही है। संविधान के अनुच्छेद 75 के अनुसार, प्रधानमंत्री की नियुक्ति राष्ट्रपति द्वारा की जाती है। राष्ट्रपति सामान्यतः लोकसभा में बहुमत दल के नेता को प्रधानमंत्री नियुक्त करते हैं। यदि कोई दल स्पष्ट बहुमत हासिल नहीं कर पाता है, तो राष्ट्रपति अपने विवेक का प्रयोग करके किसी ऐसे व्यक्ति को प्रधानमंत्री नियुक्त कर सकते हैं जिसके पास सदन में बहुमत साबित करने की संभावना हो।

लोकसभा अध्यक्ष सदन के पीठासीन अधिकारी होते हैं। भारत के मुख्य न्यायाधीश न्यायपालिका के प्रमुख होते हैं। संसद एक विधायी निकाय है जो कानून बनाता है, न कि व्यक्तियों को नियुक्त करता है।

Q14. किसी राज्य की विधान परिषद के सदस्यों का कार्यकाल कितना होता है?

  1. 4 वर्ष
  2. 5 वर्ष
  3. 6 वर्ष
  4. 3 वर्ष

सही उत्तर: C

विस्तृत व्याख्या:

विकल्प C सही है। विधान परिषद (राज्य विधानमंडल का ऊपरी सदन, जहां यह मौजूद है) एक स्थायी निकाय है, जिसका कभी विघटन नहीं होता। हालांकि, इसके सदस्य सेवानिवृत्त होते हैं। विधान परिषद के सदस्यों का कार्यकाल 6 वर्ष होता है, और इसके एक-तिहाई सदस्य प्रत्येक दो वर्ष पर सेवानिवृत्त हो जाते हैं। यह प्रक्रिया राज्यसभा के समान है।

राज्य विधानसभा (निचला सदन) का कार्यकाल सामान्यतः 5 वर्ष होता है। 4 या 3 वर्ष का कार्यकाल विधान परिषद के सदस्यों के लिए नहीं होता है।

Q15. ‘न्यायिक समीक्षा’ (Judicial Review) की शक्ति भारत में किस देश के संविधान से ली गई है?

  1. ब्रिटेन
  2. कनाडा
  3. संयुक्त राज्य अमेरिका
  4. आयरलैंड

सही उत्तर: C

विस्तृत व्याख्या:

विकल्प C सही है। ‘न्यायिक समीक्षा’ (Judicial Review) की अवधारणा भारतीय संविधान में संयुक्त राज्य अमेरिका के संविधान से ली गई है। यह न्यायपालिका को विधायिका (संसद) द्वारा बनाए गए कानूनों और कार्यपालिका द्वारा जारी किए गए आदेशों की संवैधानिकता की जांच करने की शक्ति प्रदान करती है। यदि कोई कानून या आदेश संविधान के प्रावधानों का उल्लंघन करता है, तो सर्वोच्च न्यायालय उसे शून्य घोषित कर सकता है।

ब्रिटेन में संसदीय संप्रभुता का सिद्धांत है, जबकि कनाडा में संघवाद और अवशिष्ट शक्तियां हैं। आयरलैंड से राज्य के नीति निदेशक तत्व और राष्ट्रपति के निर्वाचन की पद्धति ली गई है।

Q16. अंतर-राज्यीय परिषद (Inter-State Council) का गठन कौन करता है?

  1. संसद
  2. प्रधानमंत्री
  3. राष्ट्रपति
  4. भारत के मुख्य न्यायाधीश

सही उत्तर: C

विस्तृत व्याख्या:

विकल्प C सही है। भारतीय संविधान का अनुच्छेद 263 राष्ट्रपति को अंतर-राज्यीय परिषद (Inter-State Council) के गठन का अधिकार देता है। इसका मुख्य उद्देश्य केंद्र और राज्यों के बीच तथा विभिन्न राज्यों के बीच सामान्य हित के विषयों पर समन्वय स्थापित करना और विवादों का अन्वेषण व सलाह देना है। इस परिषद की स्थापना सरकारी आयोग की सिफारिश पर हुई थी।

संसद कानून बना सकती है, लेकिन परिषद का गठन सीधे राष्ट्रपति द्वारा किया जाता है। प्रधानमंत्री परिषद के अध्यक्ष होते हैं, लेकिन गठनकर्ता नहीं। भारत के मुख्य न्यायाधीश न्यायपालिका से संबंधित हैं।

Q17. भारत के चुनाव आयोग के मुख्य चुनाव आयुक्त का कार्यकाल कितना होता है?

  1. 5 वर्ष या 65 वर्ष की आयु, जो भी पहले हो
  2. 6 वर्ष या 65 वर्ष की आयु, जो भी पहले हो
  3. 6 वर्ष या 62 वर्ष की आयु, जो भी पहले हो
  4. 5 वर्ष या 62 वर्ष की आयु, जो भी पहले हो

सही उत्तर: B

विस्तृत व्याख्या:

विकल्प B सही है। भारत के चुनाव आयोग (Election Commission of India) के मुख्य चुनाव आयुक्त और अन्य चुनाव आयुक्तों का कार्यकाल 6 वर्ष या 65 वर्ष की आयु, जो भी पहले हो, तक होता है (अनुच्छेद 324)। यह कार्यकाल सुरक्षा उनकी स्वतंत्रता और निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए महत्वपूर्ण है।

अन्य विकल्प गलत हैं क्योंकि वे सही कार्यकाल अवधि को दर्शाते नहीं हैं। 62 वर्ष की आयु उच्च न्यायालय के न्यायाधीशों की सेवानिवृत्ति की आयु है।

Q18. नीति आयोग (NITI Aayog) किस प्रकार का निकाय है?

  1. संवैधानिक निकाय
  2. वैधानिक निकाय
  3. गैर-संवैधानिक और गैर-वैधानिक निकाय (एक कार्यकारी प्रस्ताव द्वारा निर्मित)
  4. अर्ध-न्यायिक निकाय

सही उत्तर: C

विस्तृत व्याख्या:

विकल्प C सही है। नीति आयोग (नेशनल इंस्टीट्यूशन फॉर ट्रांसफॉर्मिंग इंडिया) का गठन 1 जनवरी 2015 को केंद्रीय मंत्रिमंडल के एक कार्यकारी प्रस्ताव द्वारा किया गया था, योजना आयोग के स्थान पर। यह भारतीय संविधान में उल्लिखित नहीं है (इसलिए संवैधानिक नहीं) और न ही किसी संसदीय अधिनियम द्वारा बनाया गया है (इसलिए वैधानिक नहीं)। यह सरकार के थिंक टैंक के रूप में कार्य करता है।

अर्ध-न्यायिक निकाय ऐसे निकाय होते हैं जिनके पास कुछ न्यायिक शक्तियां होती हैं (जैसे राष्ट्रीय हरित अधिकरण)। नीति आयोग नीति निर्माण और कार्यान्वयन से संबंधित है।

Q19. 74वें संविधान संशोधन अधिनियम का संबंध किससे है?

  1. पंचायती राज
  2. नगरपालिकाएं
  3. मौलिक कर्तव्य
  4. केंद्र-राज्य संबंध

सही उत्तर: B

विस्तृत व्याख्या:

विकल्प B सही है। 74वां संविधान संशोधन अधिनियम, 1992 शहरी स्थानीय निकायों, अर्थात् नगरपालिकाओं को संवैधानिक दर्जा प्रदान करता है। इसने संविधान में भाग IXA (‘नगरपालिकाएं’) और बारहवीं अनुसूची को जोड़ा, जिसमें नगरपालिकाओं के 18 कार्यात्मक विषय शामिल हैं।

पंचायती राज को 73वें संविधान संशोधन अधिनियम द्वारा संवैधानिक दर्जा दिया गया था। मौलिक कर्तव्य 42वें संविधान संशोधन अधिनियम, 1976 द्वारा जोड़े गए थे। केंद्र-राज्य संबंध संविधान के विभिन्न भागों और अनुसूचियों में विस्तृत हैं।

Q20. 42वें संविधान संशोधन अधिनियम, 1976 द्वारा प्रस्तावना में कौन से शब्द जोड़े गए थे?

  1. संप्रभु, लोकतांत्रिक, गणराज्य
  2. समाजवादी, धर्मनिरपेक्ष, अखंडता
  3. न्याय, स्वतंत्रता, समानता
  4. बंधुत्व, गरिमा, एकता

सही उत्तर: B

विस्तृत व्याख्या:

विकल्प B सही है। 42वें संविधान संशोधन अधिनियम, 1976 द्वारा भारतीय संविधान की प्रस्तावना में ‘समाजवादी’, ‘धर्मनिरपेक्ष’ और ‘अखंडता’ शब्द जोड़े गए थे। यह संशोधन ‘लघु संविधान’ के रूप में भी जाना जाता है क्योंकि इसने संविधान में कई महत्वपूर्ण बदलाव किए थे।

संप्रभु, लोकतांत्रिक, गणराज्य मूल प्रस्तावना में शामिल थे। न्याय, स्वतंत्रता, समानता और बंधुत्व भी मूल प्रस्तावना के आदर्श हैं।

Q21. भारतीय संविधान का कौन सा भाग मौलिक अधिकारों से संबंधित है?

  1. भाग II
  2. भाग III
  3. भाग IV
  4. भाग IVA

सही उत्तर: B

विस्तृत व्याख्या:

विकल्प B सही है। भारतीय संविधान का भाग III (अनुच्छेद 12 से 35) मौलिक अधिकारों से संबंधित है। इन अधिकारों को न्यायोचित बनाया गया है, जिसका अर्थ है कि उनके उल्लंघन के मामले में व्यक्ति अदालत का दरवाजा खटखटा सकते हैं।

भाग II नागरिकता से संबंधित है। भाग IV राज्य के नीति निदेशक तत्वों (DPSP) से संबंधित है। भाग IVA मौलिक कर्तव्यों से संबंधित है, जिन्हें 42वें संशोधन द्वारा जोड़ा गया था।

Q22. ‘समान कार्य के लिए समान वेतन’ का सिद्धांत भारतीय संविधान में कहाँ निहित है?

  1. मौलिक अधिकार
  2. मौलिक कर्तव्य
  3. राज्य के नीति निदेशक तत्व
  4. प्रस्तावना

सही उत्तर: C

विस्तृत व्याख्या:

विकल्प C सही है। ‘समान कार्य के लिए समान वेतन’ का सिद्धांत राज्य के नीति निदेशक तत्वों (DPSP) में अनुच्छेद 39(d) के तहत निहित है। हालांकि ये प्रकृति में गैर-न्यायोचित हैं, ये राज्य के लिए कानून बनाते समय मार्गदर्शन के रूप में कार्य करते हैं।

यह मौलिक अधिकार नहीं है, क्योंकि मौलिक अधिकार न्यायोचित होते हैं। यह मौलिक कर्तव्य या प्रस्तावना का हिस्सा नहीं है, बल्कि DPSP के सामाजिक और आर्थिक न्याय के सिद्धांतों का एक उदाहरण है।

Q23. भारत के अटॉर्नी जनरल की नियुक्ति किसके द्वारा की जाती है?

  1. प्रधानमंत्री
  2. लोकसभा अध्यक्ष
  3. राष्ट्रपति
  4. सर्वोच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश

सही उत्तर: C

विस्तृत व्याख्या:

विकल्प C सही है। भारत के अटॉर्नी जनरल (महान्यायवादी) की नियुक्ति राष्ट्रपति द्वारा की जाती है (अनुच्छेद 76)। वह भारत सरकार के मुख्य कानूनी सलाहकार होते हैं और केंद्र सरकार को कानूनी मामलों पर सलाह देते हैं। वह राष्ट्रपति के प्रसादपर्यंत पद धारण करते हैं।

प्रधानमंत्री सरकार के प्रमुख होते हैं। लोकसभा अध्यक्ष सदन के पीठासीन अधिकारी होते हैं। सर्वोच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश न्यायपालिका के प्रमुख होते हैं। ये पद अटॉर्नी जनरल की नियुक्ति नहीं करते हैं।

Q24. संसद के किसी भी सदन की कार्यवाही में भाग लेने का अधिकार किसे है, भले ही वह उस सदन का सदस्य न हो?

  1. भारत के मुख्य न्यायाधीश
  2. भारत के अटॉर्नी जनरल
  3. भारत के नियंत्रक और महालेखा परीक्षक (CAG)
  4. राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के अध्यक्ष

सही उत्तर: B

विस्तृत व्याख्या:

विकल्प B सही है। भारत के अटॉर्नी जनरल (महान्यायवादी) को संसद के किसी भी सदन की कार्यवाही में बोलने और भाग लेने का अधिकार है, साथ ही संसद की किसी भी समिति में भी (जिसका वह सदस्य नामांकित किया जा सकता है)। हालांकि, उन्हें मतदान का अधिकार नहीं है (अनुच्छेद 88)। ऐसा इसलिए है क्योंकि वह सरकार के मुख्य कानूनी अधिकारी होते हैं और कानूनी सलाह देने के लिए सदन में उपस्थित हो सकते हैं।

भारत के मुख्य न्यायाधीश न्यायपालिका का हिस्सा हैं। CAG संसद की एक समिति (लोक लेखा समिति) से संबंधित होते हैं लेकिन सदन की कार्यवाही में सीधे भाग नहीं लेते। राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के अध्यक्ष एक वैधानिक निकाय के प्रमुख हैं और संसद के सदस्य नहीं होते।

Q25. सर्वोच्च न्यायालय द्वारा मौलिक अधिकारों के प्रवर्तन के लिए कौन सी रिट जारी की जा सकती है?

  1. परमादेश (Mandamus)
  2. बंदी प्रत्यक्षीकरण (Habeas Corpus)
  3. उत्प्रेषण (Certiorari)
  4. उपर्युक्त सभी

सही उत्तर: D

विस्तृत व्याख्या:

विकल्प D सही है। भारतीय संविधान के अनुच्छेद 32 के तहत सर्वोच्च न्यायालय मौलिक अधिकारों के प्रवर्तन के लिए पांच प्रकार की रिट जारी कर सकता है: बंदी प्रत्यक्षीकरण (Habeas Corpus), परमादेश (Mandamus), प्रतिषेध (Prohibition), उत्प्रेषण (Certiorari) और अधिकार पृच्छा (Quo Warranto)। ये रिट मौलिक अधिकारों को लागू करने के लिए महत्वपूर्ण उपकरण हैं।

चूंकि दिए गए सभी विकल्प (परमादेश, बंदी प्रत्यक्षीकरण, उत्प्रेषण) इन पांच रिट में शामिल हैं, इसलिए ‘उपर्युक्त सभी’ सही उत्तर है। उच्च न्यायालय भी अनुच्छेद 226 के तहत ये रिट जारी कर सकते हैं, लेकिन व्यापक उद्देश्यों के लिए, केवल मौलिक अधिकारों के लिए नहीं।

सफलता सिर्फ कड़ी मेहनत से नहीं, सही मार्गदर्शन से मिलती है। हमारे सभी विषयों के कम्पलीट नोट्स, G.K. बेसिक कोर्स, और करियर गाइडेंस बुक के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें।

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