नमस्ते भावी विद्वानों!
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आज का यह समाजशास्त्र अभ्यास सेट आपकी विश्लेषणात्मक क्षमता और सैद्धांतिक समझ को चुनौती देने के लिए विशेष रूप से तैयार किया गया है। चाहे आप UGC-NET की तैयारी कर रहे हों या UPSC और राज्य PSCs की, ये प्रश्न आपकी वैचारिक स्पष्टता को परखने और उसे और अधिक मजबूत करने में सहायक होंगे। आइए, समाजशास्त्र की जटिल अवधारणाओं और समकालीन मुद्दों की गहराईयों में उतरें और अपनी तैयारी को एक नई धार दें!
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- कार्ल मार्क्स के अनुसार, ‘अलगाव’ (Alienation) की स्थिति तब उत्पन्न होती है जब श्रमिक:\n
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- (A) अधिक वेतन प्राप्त करता है।
- (B) उत्पादन की प्रक्रिया और उत्पाद पर अपना नियंत्रण खो देता है।
- (C) अपनी पसंद का कार्य चुनता है।
- (D) समाज में उच्च प्रतिष्ठा प्राप्त करता है।
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सही उत्तर: (B)
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विस्तृत व्याख्या: मार्क्स के अनुसार, पूंजीवादी उत्पादन प्रणाली में श्रमिक चार प्रकार के अलगाव का अनुभव करता है: उत्पाद से, उत्पादन की प्रक्रिया से, अपने साथी श्रमिकों से और स्वयं के मानवीय स्वभाव (Species-being) से। जब श्रमिक का अपने काम पर नियंत्रण नहीं रहता, तो वह मशीन का एक पुर्जा मात्र बनकर रह जाता है। विकल्प A, C और D अलगाव के विपरीत सकारात्मक स्थितियां हैं।
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- मैक्स वेबर द्वारा प्रतिपादित ‘आदर्श प्रारूप’ (Ideal Type) का मुख्य उद्देश्य क्या है?\n
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- (A) समाज का एक सटीक दर्पण प्रस्तुत करना।
- (B) वास्तविकता का पूर्ण विवरण देना।
- (C) सामाजिक वास्तविकता के विश्लेषण के लिए एक वैचारिक उपकरण या मानक प्रदान करना।
- (D) केवल नैतिक मूल्यों की व्याख्या करना।
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सही उत्तर: (C)
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विस्तृत व्याख्या: ‘आदर्श प्रारूप’ वेबर द्वारा विकसित एक पद्धतिगत उपकरण (Methodological Tool) है। यह वास्तविकता का सटीक वर्णन नहीं है, बल्कि विभिन्न लक्षणों का एक मानसिक निर्माण है जिसका उपयोग सामाजिक घटनाओं की तुलना करने और उनका विश्लेषण करने के लिए किया जाता है। विकल्प A और B गलत हैं क्योंकि आदर्श प्रारूप ‘वास्तविक’ नहीं बल्कि ‘तार्किक’ निर्माण है।
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- एमिल दुर्खीम के अनुसार, ‘यांत्रिक एकजुटता’ (Mechanical Solidarity) की विशेषता क्या है?\n
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- (A) कार्य विभाजन की उच्च डिग्री।
- (B) व्यक्तियों के बीच परस्पर निर्भरता।
- (C) समान विश्वास और मूल्यों पर आधारित सामाजिक बंधन।
- (D) जटिल कानूनी प्रणालियों का प्रभुत्व।
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सही उत्तर: (C)
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विस्तृत व्याख्या: दुर्खीम ने अपनी पुस्तक ‘The Division of Labour in Society’ में बताया कि आदिम समाजों में ‘यांत्रिक एकजुटता’ होती है, जहाँ लोग एक समान कार्य करते हैं और उनके विश्वास (Collective Conscience) समान होते हैं। विकल्प A और B ‘सावयवी एकजुटता’ (Organic Solidarity) की विशेषताएं हैं, जो आधुनिक समाजों में पाई जाती हैं।
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- टैलकोट पार्सन्स के AGIL मॉडल में ‘L’ (Latency) का क्या अर्थ है?\n
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- (A) लक्ष्य प्राप्ति (Goal Attainment)
- (B) अनुकूलन (Adaptation)
- (C) सांस्कृतिक स्वरूप का रखरखाव और तनाव प्रबंधन (Pattern Maintenance)
- (D) एकीकरण (Integration)
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सही उत्तर: (C)
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विस्तृत व्याख्या: पार्सन्स का AGIL मॉडल किसी भी सामाजिक व्यवस्था के अस्तित्व के लिए चार अनिवार्य कार्यों को बताता है: A (Adaptation), G (Goal Attainment), I (Integration), और L (Latency)। Latency का अर्थ है समाज के बुनियादी मूल्यों और मानदंडों को बनाए रखना ताकि व्यवस्था स्थिर रहे।
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- रॉबर्ट के. मर्टन द्वारा प्रतिपादित ‘प्रकट कार्य’ (Manifest Function) और ‘अप्रत्यक्ष कार्य’ (Latent Function) में क्या अंतर है?\n
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- (A) प्रकट कार्य अनपेक्षित होते हैं, जबकि अप्रत्यक्ष कार्य अपेक्षित होते हैं।
- (B) प्रकट कार्य मान्यता प्राप्त और इच्छित होते हैं, जबकि अप्रत्यक्ष कार्य अनपेक्षित और अज्ञात होते हैं।
- (C) दोनों एक ही होते हैं।
- (D) अप्रत्यक्ष कार्य केवल नकारात्मक होते हैं।
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सही उत्तर: (B)
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विस्तृत व्याख्या: मर्टन के अनुसार, किसी भी सामाजिक क्रिया का एक इच्छित परिणाम होता है जिसे ‘प्रकट कार्य’ कहते हैं, और कुछ ऐसे परिणाम भी होते हैं जो अनजाने में निकलते हैं, जिन्हें ‘अप्रत्यक्ष कार्य’ (Latent Function) कहा जाता है। उदाहरण के लिए, कॉलेज का प्रकट कार्य शिक्षा देना है, लेकिन अप्रत्यक्ष कार्य सामाजिक नेटवर्किंग या जीवनसाथी खोजना हो सकता है।
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- जॉर्ज हर्बर्ट मीड के अनुसार, ‘स्व’ (Self) के दो घटक कौन से हैं?\n
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- (A) मन और आत्मा
- (B) Id और Ego
- (C) ‘I’ (मैं) और ‘Me’ (मुझे)
- (D) चेतन और अवचेतन
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सही उत्तर: (C)
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विस्तृत व्याख्या: मीड के प्रतीकात्मक अंतःक्रियावाद (Symbolic Interactionism) में, ‘I’ व्यक्ति का सहज और रचनात्मक पक्ष है, जबकि ‘Me’ समाज की अपेक्षाओं का आंतरिक प्रतिबिंब है। इन दोनों के बीच संवाद से ‘स्व’ का विकास होता है। विकल्प B फ्रायड के सिद्धांत से संबंधित है।
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- समाजशास्त्रीय शोध में ‘पॉजिटिविज़्म’ (Positivism) का मुख्य तर्क क्या है?\n
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- (A) समाज को केवल अंतर्ज्ञान से समझा जा सकता है।
- (B) सामाजिक घटनाओं का अध्ययन प्राकृतिक विज्ञानों की तरह अनुभवजन्य और मात्रात्मक विधियों से किया जाना चाहिए।
- (C) व्यक्तिपरक अनुभव ही एकमात्र सत्य हैं।
- (D) समाजशास्त्र को केवल दर्शनशास्त्र का हिस्सा होना चाहिए।
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सही उत्तर: (B)
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विस्तृत व्याख्या: ऑगस्ट कॉम्टे द्वारा शुरू किया गया प्रत्यक्षवाद (Positivism) यह मानता है कि समाज में भी निश्चित नियम होते हैं जिन्हें अवलोकन, प्रयोग और सांख्यिकी के माध्यम से खोजा जा सकता है। विकल्प C ‘घटनाविज्ञान’ (Phenomenology) से संबंधित है।
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- एम.एन. श्रीनिवास द्वारा प्रतिपादित ‘संस्कृतिकरण’ (Sanskritization) की प्रक्रिया क्या है?\n
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- (A) उच्च जातियों का निम्न जातियों के रीति-रिवाजों को अपनाना।
- (B) निम्न जातियों द्वारा उच्च जातियों के रीति-रिवाजों, विचारधारा और जीवन शैली को अपनाकर अपनी सामाजिक स्थिति सुधारने का प्रयास।
- (C) जातियों का पूरी तरह समाप्त हो जाना।
- (D) केवल संस्कृत भाषा का सीखना।
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सही उत्तर: (B)
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विस्तृत व्याख्या: श्रीनिवास ने देखा कि भारतीय समाज में कुछ निम्न जातियां अपनी स्थिति ऊपर उठाने के लिए उच्च जातियों (विशेषकर द्विजों) के कर्मकांडों और जीवन शैली को अपनाती हैं। यह एक गतिशील प्रक्रिया है जो जाति व्यवस्था के भीतर गतिशीलता को दर्शाती है।
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- जी.एस. घुर्ये ने भारतीय जनजातियों को किस रूप में परिभाषित किया है?\n
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- (A) पूरी तरह अलग और पृथक समूह।
- (B) ‘पिछड़े हिंदू’ (Backward Hindus)।
- (C) बाहरी आक्रमणकारियों के वंशज।
- (D) केवल शिकारी-संग्रहकर्ता।
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सही उत्तर: (B)
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विस्तृत व्याख्या: जी.एस. घुर्ये का मानना था कि जनजातियाँ वास्तव में हिंदू समाज का ही हिस्सा हैं जो सामाजिक और सांस्कृतिक रूप से पिछड़ गई हैं। इस विचार के कारण उन्हें ‘पिछड़े हिंदू’ कहा गया। इसके विपरीत, वेरियर एल्विन ने जनजातियों को अलग पहचान देने की वकालत की थी।
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- सामाजिक स्तरीकरण (Social Stratification) के संदर्भ में ‘बंद स्तरीकरण’ (Closed Stratification) का उदाहरण क्या है?\n
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- (A) वर्ग व्यवस्था (Class System)
- (B) योग्यता आधारित व्यवस्था (Meritocracy)
- (C) जाति व्यवस्था (Caste System)
- (D) पेशेवर पदसोपान (Professional Hierarchy)
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सही उत्तर: (C)
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विस्तृत व्याख्या: बंद स्तरीकरण वह होता है जहाँ व्यक्ति की स्थिति जन्म से निर्धारित होती है और उसमें बदलाव की संभावना नगण्य होती है। जाति व्यवस्था इसका सबसे सटीक उदाहरण है। वर्ग व्यवस्था एक ‘खुली व्यवस्था’ है क्योंकि शिक्षा और धन के माध्यम से वर्ग बदला जा सकता है।
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- दुर्खीम के अनुसार, ‘एनोमी’ (Anomie) की स्थिति कब उत्पन्न होती है?\n
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- (A) जब समाज में नियम बहुत सख्त होते हैं।
- (B) जब समाज में मानदंडों का अभाव होता है या वे अस्पष्ट हो जाते हैं।
- (C) जब व्यक्ति बहुत अधिक खुश होता है।
- (D) जब आर्थिक समानता पूरी तरह स्थापित हो जाती है।
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सही उत्तर: (B)
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विस्तृत व्याख्या: एनोमी (नियमहीनता) वह स्थिति है जहाँ तीव्र सामाजिक परिवर्तन (जैसे आर्थिक मंदी या अचानक समृद्धि) के कारण पुराने सामाजिक मानदंड काम करना बंद कर देते हैं और नए मानदंड अभी स्थापित नहीं हुए होते, जिससे व्यक्ति दिशाहीन महसूस करता है।
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- लुई विर्थ के अनुसार, ‘नगरीकरण’ (Urbanism) केवल जनसंख्या का बढ़ना नहीं है, बल्कि:\n
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- (A) केवल गगनचुंबी इमारतों का निर्माण है।
- (B) जीवन जीने का एक विशिष्ट तरीका (Way of Life) है।
- (C) ग्रामीण जीवन का पूर्ण विनाश है।
- (D) केवल औद्योगिक विकास है।
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सही उत्तर: (B)
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विस्तृत व्याख्या: लुई विर्थ ने अपने लेख ‘Urbanism as a Way of Life’ में तर्क दिया कि शहरी जीवन के अपने विशिष्ट मनोवैज्ञानिक और सामाजिक लक्षण होते हैं, जैसे संबंधों में औपचारिकता, गुमनामी (Anonymity) और व्यक्तिवाद।
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- हालिया अध्ययनों (जैसे सटन और सहकर्मियों, 2026) के अनुसार, ग्रामीण क्षेत्रों में शैक्षिक उपलब्धि के लैंगिक अंतर (Gender Gap) को प्रभावित करने वाले कारक क्या हो सकते हैं?\n
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- (A) केवल इंटरनेट की उपलब्धता।
- (B) ग्रामीणता, स्थानीय अर्थव्यवस्था और राजनीतिक झुकाव (जैसे Red-county status)।
- (C) केवल स्कूल की दूरी।
- (D) केवल शिक्षकों की कमी।
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सही उत्तर: (B)
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विस्तृत व्याख्या: समकालीन समाजशास्त्रीय शोध यह दर्शाते हैं कि ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा तक पहुंच केवल बुनियादी सुविधाओं पर नहीं, बल्कि उस क्षेत्र की सामाजिक-राजनीतिक विचारधारा और स्थानीय आर्थिक ढांचे पर निर्भर करती है, जो लैंगिक भूमिकाओं को प्रभावित करते हैं।
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- डिजिटल समाजशास्त्र के संदर्भ में, AI-जनरेटेड विजुअल्स का घरेलू कार्यों (Housework) के लिए उपयोग किस सामाजिक प्रवृत्ति को दर्शाता है?\n
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- (A) लैंगिक समानता का पूर्ण अंत।
- (B) पारंपरिक लैंगिक रूढ़ियों (Gender Stereotypes) का डिजिटल माध्यमों में पुनरुत्पादन।
- (C) घरेलू कार्यों का पूर्ण मशीनीकरण।
- (D) पितृसत्ता का अंत।
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सही उत्तर: (B)
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विस्तृत व्याख्या: हालिया शोध (2026) बताते हैं कि AI द्वारा बनाए गए चित्रों में अक्सर घरेलू काम महिलाओं से और बाहरी काम पुरुषों से जोड़े जाते हैं, जो यह साबित करता है कि AI डेटा उन पूर्वाग्रहों को दोहराता है जो पहले से समाज में मौजूद हैं।
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- मीडिया समाजशास्त्र में ‘क्लिकबेट’ (Clickbait) अपराध समाचारों का विश्लेषण पेशेवर अधिकार (Professional Authority) के किस पहलू को उजागर करता है?\n
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- (A) पत्रकारिता के मानकों में वृद्धि।
- (B) व्यावसायिक लाभ और व्यूज के लिए पत्रकारिता की नैतिकता और गुणवत्ता में गिरावट।
- (C) समाचारों की सटीकता में सुधार।
- (D) जनता की जागरूकता में वृद्धि।
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सही उत्तर: (B)
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विस्तृत व्याख्या: बें-मेनाचेम (2026) जैसे शोधकर्ताओं ने पाया है कि स्थानीय समाचार कक्षों में ‘क्लिकबेट’ का बढ़ता चलन यह दिखाता है कि अब पेशेवर पत्रकारिता के मानकों के बजाय डिजिटल मैट्रिक्स (व्यूज/लाइक्स) को अधिक महत्व दिया जा रहा है।
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- स्वास्थ्य समाजशास्त्र (Sociology of Health) में ‘सामाजिक निर्धारकों’ (Social Determinants) का क्या अर्थ है?\n
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- (A) केवल आनुवंशिक बीमारियां।
- (B) वे सामाजिक और आर्थिक स्थितियाँ जिनमें लोग जन्म लेते हैं, बढ़ते हैं, रहते हैं और काम करते हैं।
- (C) केवल अस्पताल की गुणवत्ता।
- (D) केवल व्यक्तिगत स्वास्थ्य आदतें।
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सही उत्तर: (B)
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विस्तृत व्याख्या: स्वास्थ्य केवल जैविक मामला नहीं है। भौगोलिक स्थिति, शिक्षा, आय, आवास और सामाजिक नीतियां यह निर्धारित करती हैं कि किसी व्यक्ति का स्वास्थ्य परिणाम (Health Outcome) क्या होगा। हालिया शोध इसी दिशा में केंद्रित हैं।
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- अल्फ्रेड शुट्ज़ (Alfred Schutz) किस समाजशास्त्रीय दृष्टिकोण से जुड़े हैं?\n
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- (A) संरचनात्मक कार्यात्मकता (Structural Functionalism)
- (B) घटनाविज्ञान (Phenomenology)
- (C) संघर्ष सिद्धांत (Conflict Theory)
- (D) प्रत्यक्षवाद (Positivism)
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सही उत्तर: (B)
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विस्तृत व्याख्या: शुट्ज़ ने घटनाविज्ञान पर जोर दिया, जिसमें इस बात का अध्ययन किया जाता है कि व्यक्ति अपनी दुनिया का अर्थ कैसे निकालते हैं और उनके ‘जीवन-जगत’ (Life-world) की संरचना क्या है।
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- किन्शिप (Kinship) के संदर्भ में ‘वंश’ (Lineage) और ‘कुल’ (Clan) में क्या मुख्य अंतर है?\n
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- (A) वंश में पूर्वज ज्ञात होते हैं, जबकि कुल में पूर्वज काल्पनिक या अज्ञात हो सकते हैं।
- (B) कुल छोटा होता है, वंश बड़ा होता है।
- (C) वंश केवल मातृवंशीय होता है।
- (D) दोनों में कोई अंतर नहीं है।
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सही उत्तर: (A)
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विस्तृत व्याख्या: वंश (Lineage) उन लोगों का समूह है जो वास्तव में एक सामान्य पूर्वज से जुड़े होते हैं और उस संबंध को सिद्ध कर सकते हैं। कुल (Clan) एक बड़ा समूह है जो एक सामान्य पूर्वज का दावा तो करता है, लेकिन सटीक वंशावली का प्रमाण नहीं दे सकता।
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- धर्म के समाजशास्त्र में, दुर्खीम के अनुसार ‘पवित्र’ (Sacred) और ‘अपवित्र/लौकिक’ (Profane) के बीच का अंतर क्या है?\n
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- (A) पवित्र वह है जो बुरा है, अपवित्र वह जो अच्छा है।
- (B) पवित्र वह है जिसे समाज ने अलग रखा और सम्मानित किया है, जबकि लौकिक वह है जो दैनिक जीवन का साधारण हिस्सा है।
- (C) यह अंतर केवल ईसाई धर्म में पाया जाता है।
- (D) पवित्र केवल ईश्वर से संबंधित है, लौकिक मनुष्य से।
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सही उत्तर: (B)
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विस्तृत व्याख्या: दुर्खीम के अनुसार, धर्म का सार किसी देवता में नहीं, बल्कि ‘पवित्र’ और ‘लौकिक’ के विभाजन में है। पवित्र वस्तुएं सामूहिक चेतना का प्रतीक होती हैं और समाज को एकजुट करती हैं।
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- पियरे बोर्दियो (Pierre Bourdieu) द्वारा प्रतिपादित ‘सांस्कृतिक पूंजी’ (Cultural Capital) का क्या अर्थ है?\n
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- (A) बैंक में जमा पैसा।
- (B) ज्ञान, कौशल, शिक्षा और भाषा जैसी गैर-वित्तीय सामाजिक संपत्ति जो व्यक्ति को समाज में उच्च स्थान दिलाने में मदद करती है।
- (C) केवल प्राचीन कलाकृतियों का संग्रह।
- (D) सरकारी अनुदान।
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सही उत्तर: (B)
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विस्तृत व्याख्या: बोर्दियो का तर्क था कि शिक्षा प्रणाली केवल योग्यता को नहीं, बल्कि उन बच्चों को पुरस्कृत करती है जिनके पास पहले से ही घर से ‘सांस्कृतिक पूंजी’ (जैसे बोलने का तरीका, साहित्य का ज्ञान) लेकर आने की सुविधा होती है।
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- ‘डिजिटल जाति व्यवस्था’ (Digital Caste System) का तात्पर्य क्या है?\n
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- (A) इंटरनेट पर जाति आधारित ऐप्स बनाना।
- (B) डिजिटल संसाधनों, तकनीकी ज्ञान और ऑनलाइन अवसरों तक पहुंच में जाति-आधारित असमानता का बने रहना।
- (C) कंप्यूटर द्वारा जाति का निर्धारण करना।
- (D) इंटरनेट के कारण जाति का पूरी तरह समाप्त हो जाना।
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सही उत्तर: (B)
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विस्तृत व्याख्या: यह एक समकालीन अवधारणा है जो बताती है कि भौतिक दुनिया की तरह, डिजिटल स्पेस में भी सामाजिक पूंजी और संसाधनों का वितरण असमान है, जिससे हाशिए के समुदायों को तकनीकी लाभ प्राप्त करने में कठिनाई होती है।
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- मैक्स वेबर के अनुसार, ‘सत्ता’ (Authority) का वह प्रकार क्या है जो परंपराओं और रीति-रिवाजों पर आधारित होता है?\n
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- (A) कानूनी-तार्किक सत्ता (Legal-Rational Authority)
- (B) करिश्माई सत्ता (Charismatic Authority)
- (C) पारंपरिक सत्ता (Traditional Authority)
- (D) लोकतांत्रिक सत्ता (Democratic Authority)
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सही उत्तर: (C)
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विस्तृत व्याख्या: वेबर ने सत्ता के तीन प्रकार बताए: पारंपरिक (जैसे राजशाही), करिश्माई (जैसे कोई महान नेता), और कानूनी-तार्किक (जैसे आधुनिक नौकरशाही)। पारंपरिक सत्ता ‘हमेशा से ऐसा ही होता आया है’ के तर्क पर चलती है।
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- शिक्षा के समाजशास्त्र में ‘गुप्त पाठ्यक्रम’ (Hidden Curriculum) से क्या तात्पर्य है?\n
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- (A) वह पाठ्यक्रम जो शिक्षकों ने छिपा रखा है।
- (B) वे अनकहे नियम, मूल्य और व्यवहार जो छात्र स्कूल के वातावरण से अनजाने में सीखते हैं।
- (C) वह पाठ्यक्रम जो केवल अमीर बच्चों को पढ़ाया जाता है।
- (D) ऑनलाइन कक्षाएं।
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सही उत्तर: (B)
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विस्तृत व्याख्या: गुप्त पाठ्यक्रम उन सामाजिक मानदंडों (जैसे अनुशासन, आज्ञाकारिता, समय की पाबंदी) को संदर्भित करता है जो आधिकारिक पाठ्यपुस्तकों में नहीं होते, लेकिन स्कूल की संस्कृति के माध्यम से सिखाए जाते हैं।
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- प्रतिष्ठा स्तरीकरण (Status Stratification) के संदर्भ में ‘स्टेटस कंसिस्टेंसी’ (Status Consistency) क्या है?\n
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- (A) जब व्यक्ति की आय बहुत अधिक होती है।
- (B) जब एक व्यक्ति के सभी सामाजिक आयाम (जैसे शिक्षा, आय, व्यवसाय) एक ही स्तर पर होते हैं।
- (C) जब व्यक्ति की जाति और वर्ग अलग-अलग होते हैं।
- (D) जब समाज में कोई स्तरीकरण नहीं होता।
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सही उत्तर: (B)
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विस्तृत व्याख्या: यदि कोई व्यक्ति उच्च शिक्षित है, उच्च वेतन प्राप्त करता है और उच्च प्रतिष्ठा वाले व्यवसाय में है, तो उसकी स्थिति ‘संगत’ (Consistent) है। यदि वह उच्च शिक्षित है लेकिन न्यूनतम वेतन पर काम कर रहा है, तो इसे ‘स्टेटस इनकंसिस्टेंसी’ कहा जाएगा।
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- ‘प्रतीकात्मक अंतःक्रियावाद’ (Symbolic Interactionism) का मुख्य केंद्र क्या है?\n
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- (A) बड़े पैमाने की सामाजिक संरचनाएं।
- (B) व्यक्तियों के बीच सूक्ष्म स्तर (Micro-level) पर होने वाले अर्थ और प्रतीकों का आदान-प्रदान।
- (C) आर्थिक उत्पादन के साधन।
- (D) केवल जैविक विकास।
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सही उत्तर: (B)
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विस्तृत व्याख्या: यह दृष्टिकोण मानता है कि समाज व्यक्तियों की दैनिक अंतःक्रियाओं का परिणाम है। लोग प्रतीकों (शब्द, संकेत, हाव-भाव) का उपयोग करके दुनिया को अर्थ देते हैं और उसी के आधार पर व्यवहार करते हैं।
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- ब्यूरोक्रेसी (नौकरशाही) के संदर्भ में वेबर ने ‘लौह पिंजरा’ (Iron Cage) शब्द का प्रयोग क्यों किया?\n
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- (A) क्योंकि नौकरशाही में जेल जैसी व्यवस्था होती है।
- (B) अत्यधिक तर्कसंगतता और नियमों के कारण मानवीय स्वतंत्रता और रचनात्मकता का समाप्त हो जाना।
- (C) क्योंकि सरकारी दफ्तरों में बहुत भीड़ होती है।
- (D) केवल भ्रष्टाचार को दर्शाने के लिए।
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सही उत्तर: (B)
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विस्तृत व्याख्या: वेबर का मानना था कि जैसे-जैसे समाज अधिक तर्कसंगत (Rational) और नौकरशाही-प्रधान होता जाता है, नियम इतने सख्त हो जाते हैं कि मनुष्य केवल एक मशीन की तरह काम करने लगता है, जिससे उसकी आत्मा और स्वतंत्रता का हनन होता है। इसे ही ‘लौह पिंजरा’ कहा गया।
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टिप: इन प्रश्नों का अभ्यास करने के बाद, संबंधित विचारकों की मूल पुस्तकों और समकालीन शोध पत्रों का अध्ययन अवश्य करें। निरंतरता ही सफलता की कुंजी है। पढ़ते रहें, बढ़ते रहें!
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