नमस्ते भविष्य के समाजशास्त्रियों!
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क्या आप अपनी वैचारिक गहराई को चुनौती देने के लिए तैयार हैं? आज का यह अभ्यास सेट न केवल आपकी स्मृति का परीक्षण करेगा, बल्कि आपको समाजशास्त्रीय सिद्धांतों के सूक्ष्म विश्लेषण की ओर ले जाएगा। आइए, इस बौद्धिक चुनौती में शामिल हों और अपनी विश्लेषणात्मक क्षमता को निखारकर प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता सुनिश्चित करें!
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- कार्ल मार्क्स के अनुसार, ‘अलगाव’ (Alienation) की स्थिति में श्रमिक सबसे पहले किससे अलग होता है?\n
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- (A) समाज से
- (B) अपने साथी श्रमिकों से
- (C) उत्पादित वस्तु से
- (D) स्वयं से
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सही उत्तर: (C) उत्पादित वस्तु से
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विस्तृत व्याख्या: मार्क्स के अनुसार, पूंजीवादी व्यवस्था में श्रमिक उस वस्तु पर नियंत्रण खो देता है जिसे वह बनाता है। उत्पाद अब उसका नहीं, बल्कि पूंजीपति का होता है। यह अलगाव की पहली अवस्था है। इसके बाद वह उत्पादन की प्रक्रिया, साथी श्रमिकों और अंततः अपने ‘मानवीय सार’ (Species-being) से अलग हो जाता है।
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- मैक्स वेबर ने ‘आदर्श प्रारूप’ (Ideal Type) की अवधारणा का उपयोग किस उद्देश्य के लिए किया था?\n
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- (A) समाज का पूर्ण वर्णन करने के लिए
- (B) तुलनात्मक विश्लेषण के लिए एक वैचारिक उपकरण के रूप में
- (C) सामाजिक वास्तविकता का सटीक दर्पण बनाने के लिए
- (D) केवल ऐतिहासिक तथ्यों को दर्ज करने के लिए
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सही उत्तर: (B) तुलनात्मक विश्लेषण के लिए एक वैचारिक उपकरण के रूप में
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विस्तृत व्याख्या: ‘आदर्श प्रारूप’ कोई वास्तविक अस्तित्व वाली वस्तु नहीं है, बल्कि एक मानसिक निर्माण है जो किसी सामाजिक घटना के सबसे महत्वपूर्ण लक्षणों को उजागर करता है। वेबर इसका उपयोग वास्तविक दुनिया की घटनाओं की तुलना करने और उनके विचलन को समझने के लिए करते थे।
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- एमिल दुर्खीम के अनुसार, ‘यांत्रिक एकजुटता’ (Mechanical Solidarity) की विशेषता क्या है?\n
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- (A) श्रम विभाजन का उच्च स्तर
- (B) कार्यात्मक अंतर्निर्भरता
- (C) सामूहिक चेतना (Collective Conscience) की प्रबलता
- (D) व्यक्तिगत भिन्नताओं का सम्मान
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सही उत्तर: (C) सामूहिक चेतना (Collective Conscience) की प्रबलता
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विस्तृत व्याख्या: यांत्रिक एकजुटता सरल और पारंपरिक समाजों में पाई जाती है जहाँ लोग समान कार्य करते हैं और उनके विचार, मूल्य और विश्वास एक जैसे होते हैं। यहाँ समाज को जोड़ने वाला तत्व ‘समानता’ है, न कि ‘विशेषज्ञता’। विकल्प (A) और (B) जैविक एकजुटता की विशेषताएं हैं।
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- टैलकॉट पार्सन्स के AGIL मॉडल में ‘L’ का क्या अर्थ है?\n
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- (A) Legitimization (वैधता)
- (B) Latency (सुप्तता/तनाव प्रबंधन)
- (C) Linearization (रेखीयकरण)
- (D) Localization (स्थानीयकरण)
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सही उत्तर: (B) Latency (सुप्तता/तनाव प्रबंधन)
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विस्तृत व्याख्या: पार्सन्स के अनुसार, किसी भी सामाजिक प्रणाली के जीवित रहने के लिए चार कार्य अनिवार्य हैं: Adaptation (अनुकूलन), Goal Attainment (लक्ष्य प्राप्ति), Integration (एकीकरण), और Latency (सुप्तता)। Latency का संबंध सांस्कृतिक मूल्यों को बनाए रखने और तनाव को कम करने से है (जैसे परिवार और शिक्षा)।
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- रॉबर्ट के. मर्टन ने ‘प्रकट कार्य’ (Manifest Function) और ‘अप्रत्यक्ष कार्य’ (Latent Function) के बीच क्या अंतर बताया है?\n
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- (A) प्रकट कार्य हानिकारक होते हैं और अप्रत्यक्ष कार्य लाभदायक।
- (B) प्रकट कार्य इच्छित और ज्ञात होते हैं, जबकि अप्रत्यक्ष कार्य अनपेक्षित और अज्ञात होते हैं।
- (C) दोनों एक ही होते हैं, बस नाम अलग हैं।
- (D) प्रकट कार्य केवल धर्म से संबंधित होते हैं।
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सही उत्तर: (B) प्रकट कार्य इच्छित और ज्ञात होते हैं, जबकि अप्रत्यक्ष कार्य अनपेक्षित और अज्ञात होते हैं।
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विस्तृत व्याख्या: उदाहरण के लिए, विश्वविद्यालय जाने का प्रकट कार्य डिग्री प्राप्त करना और ज्ञान अर्जित करना है, लेकिन इसका अप्रत्यक्ष कार्य सामाजिक नेटवर्क बनाना या जीवनसाथी खोजना हो सकता है।
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- जॉर्ज हर्बर्ट मीड के अनुसार, ‘मैं’ (I) और ‘मुझे’ (Me) में क्या अंतर है?\n
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- (A) ‘मैं’ सामाजिक अपेक्षाओं का समूह है और ‘मुझे’ व्यक्ति की सहज प्रतिक्रिया है।
- (B) ‘मैं’ व्यक्ति का रचनात्मक और सहज पक्ष है, जबकि ‘मुझे’ समाज द्वारा आंतरिककृत सामाजिक मानदंडों का प्रतिबिंब है।
- (C) दोनों में कोई अंतर नहीं है।
- (D) ‘मैं’ केवल बचपन में होता है और ‘मुझे’ वयस्कता में।
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सही उत्तर: (B) ‘मैं’ व्यक्ति का रचनात्मक और सहज पक्ष है, जबकि ‘मुझे’ समाज द्वारा आंतरिककृत सामाजिक मानदंडों का प्रतिबिंब है।
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विस्तृत व्याख्या: मीड का प्रतीकात्मक अंतःक्रियावाद बताता है कि ‘Self’ इन दोनों के बीच के संवाद का परिणाम है। ‘Me’ वह है जो समाज हमसे चाहता है, और ‘I’ वह है जो हम उस अपेक्षा पर प्रतिक्रिया देते हैं।
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- निम्नलिखित में से कौन सा ‘बंद स्तरीकरण’ (Closed Stratification) का उदाहरण है?\n
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- (A) वर्ग प्रणाली (Class System)
- (B) जाति प्रणाली (Caste System)
- (C) योग्यता आधारित प्रणाली (Meritocracy)
- (D) व्यावसायिक स्तरीकरण
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सही उत्तर: (B) जाति प्रणाली (Caste System)
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विस्तृत व्याख्या: बंद स्तरीकरण वह होता है जहाँ व्यक्ति की सामाजिक स्थिति जन्म से निर्धारित होती है और उसमें बदलाव की संभावना न के बराबर होती है। जाति इसका उत्कृष्ट उदाहरण है, जबकि वर्ग एक ‘खुला स्तरीकरण’ है जहाँ शिक्षा और धन से स्थिति बदली जा सकती है।
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- ‘नृजाति-केंद्रिकता’ (Ethnocentrism) का क्या अर्थ है?\n
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- (A) अन्य संस्कृतियों का सम्मान करना।
- (B) अपनी संस्कृति को सर्वश्रेष्ठ मानना और दूसरों को उसी के पैमाने पर आंकना।
- (C) सभी संस्कृतियों को समान मानना।
- (D) अपनी संस्कृति को पूरी तरह त्याग देना।
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सही उत्तर: (B) अपनी संस्कृति को सर्वश्रेष्ठ मानना और दूसरों को उसी के पैमाने पर आंकना।
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विस्तृत व्याख्या: यह एक ऐसी प्रवृत्ति है जिसमें व्यक्ति अपनी संस्कृति को केंद्र मानकर अन्य समूहों के व्यवहार और मूल्यों को हीन या गलत समझता है। यह सांस्कृतिक सापेक्षवाद (Cultural Relativism) के विपरीत है।
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- दुर्खीम द्वारा प्रतिपादित ‘एनोमी’ (Anomie) की स्थिति कब उत्पन्न होती है?\n
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- (A) जब समाज में नियम बहुत सख्त होते हैं।
- (B) जब सामाजिक मानदंडों का अभाव होता है या वे टूट जाते हैं।
- (C) जब व्यक्ति समाज से पूरी तरह कट जाता है।
- (D) जब अर्थव्यवस्था बहुत स्थिर होती है।
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सही उत्तर: (B) जब सामाजिक मानदंडों का अभाव होता है या वे टूट जाते हैं।
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विस्तृत व्याख्या: ‘एनोमी’ का अर्थ है ‘नियमहीनता’। यह तब होता है जब तेजी से सामाजिक परिवर्तन (जैसे आर्थिक मंदी या अचानक समृद्धि) आता है और पुराने नियम अब प्रभावी नहीं रहते, जिससे व्यक्ति दिशाहीन महसूस करता है।
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- प्राथमिक समाजीकरण (Primary Socialization) का मुख्य अभिकरण (Agency) कौन सा है?\n
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- (A) स्कूल
- (B) मित्र समूह (Peer Group)
- (C) परिवार
- (D) मास मीडिया
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सही उत्तर: (C) परिवार
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विस्तृत व्याख्या: प्राथमिक समाजीकरण जीवन के शुरुआती वर्षों में होता है जहाँ बच्चा भाषा, बुनियादी व्यवहार और मूल्यों को सीखता है। परिवार इसका सबसे शक्तिशाली और पहला स्रोत है। स्कूल और मीडिया द्वितीयक समाजीकरण के अंग हैं।
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- मातृवंशीय (Matrilineal) परिवार की मुख्य विशेषता क्या है?\n
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- (A) परिवार का मुखिया पुरुष होता है।
- (B) वंश और संपत्ति का हस्तांतरण माता से पुत्री को होता है।
- (C) पति अपनी पत्नी के घर रहने जाता है।
- (D) केवल महिलाएँ ही निर्णय लेती हैं।
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सही उत्तर: (B) वंश और संपत्ति का हस्तांतरण माता से पुत्री को होता है।
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विस्तृत व्याख्या: मातृवंश (Matrilineage) वंश परंपरा से संबंधित है, जबकि मातृस्थानीय (Matrilocal) आवास से संबंधित है (जहाँ पति पत्नी के घर रहता है)। विकल्प (B) वंश की सही व्याख्या करता है।
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- एमिल दुर्खीम ने धर्म के अध्ययन में ‘पवित्र’ (Sacred) और ‘अपवित्र/लौकिक’ (Profane) के बीच अंतर किया है। ‘पवित्र’ से क्या तात्पर्य है?\n
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- (A) वह जो केवल मंदिरों में पाया जाता है।
- (B) वह जो सामान्य दुनिया से अलग, विशेष और पूजनीय माना जाता है।
- (C) वह जो वैज्ञानिक रूप से सिद्ध हो।
- (D) वह जो केवल व्यक्तिगत होता है।
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सही उत्तर: (B) वह जो सामान्य दुनिया से अलग, विशेष और पूजनीय माना जाता है।
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विस्तृत व्याख्या: दुर्खीम के अनुसार, धर्म का आधार पवित्र और लौकिक का विभाजन है। पवित्र वस्तुएँ वे हैं जिन्हें समाज ने विशेष दर्जा दिया है और जिनके चारों ओर निषेध (Taboos) और अनुष्ठान होते हैं।
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- शिक्षा के समाजशास्त्र में ‘प्रच्छन्न पाठ्यक्रम’ (Hidden Curriculum) का क्या अर्थ है?\n
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- (A) वह पाठ्यक्रम जो गुप्त रूप से पढ़ाया जाता है।
- (B) वह अनौपचारिक मूल्य, मानदंड और विश्वास जो छात्र स्कूल के वातावरण से अनजाने में सीखते हैं।
- (C) वह सिलेबस जो सरकार ने प्रतिबंधित कर दिया हो।
- (D) केवल खेल-कूद और कला की गतिविधियाँ।
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सही उत्तर: (B) वह अनौपचारिक मूल्य, मानदंड और विश्वास जो छात्र स्कूल के वातावरण से अनजाने में सीखते हैं।
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विस्तृत व्याख्या: प्रच्छन्न पाठ्यक्रम में अनुशासन, समय की पाबंदी, सत्ता का सम्मान और प्रतिस्पर्धा जैसी बातें शामिल होती हैं, जो लिखित पाठ्यक्रम का हिस्सा नहीं होतीं लेकिन छात्र उन्हें आत्मसात कर लेते हैं।
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- मिशेल फौकॉल्ट (Michel Foucault) के अनुसार ‘शक्ति’ (Power) कैसी होती है?\n
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- (A) यह केवल राज्य के पास होती है।
- (B) यह ऊपर से नीचे की ओर प्रवाहित होती है।
- (C) यह विकेंद्रीकृत होती है और समाज के हर संबंध में मौजूद होती है।
- (D) शक्ति का अस्तित्व केवल कानून में होता है।
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सही उत्तर: (C) यह विकेंद्रीकृत होती है और समाज के हर संबंध में मौजूद होती है।
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विस्तृत व्याख्या: फौकॉल्ट ने शक्ति को ‘कैपिलरी’ (Capillary) माना है, जिसका अर्थ है कि यह केवल सरकार या पुलिस तक सीमित नहीं है, बल्कि ज्ञान, चिकित्सा और दैनिक बातचीत के माध्यम से पूरे समाज में फैली हुई है।
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- समाजशास्त्रीय अनुसंधान में ‘सर्वेक्षण’ (Survey) मुख्य रूप से किस प्रकार की विधि है?\n
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- (A) गुणात्मक विधि (Qualitative Method)
- (B) मात्रात्मक विधि (Quantitative Method)
- (C) नृवंशविज्ञान विधि (Ethnographic Method)
- (D) प्रयोगात्मक विधि
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सही उत्तर: (B) मात्रात्मक विधि (Quantitative Method)
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विस्तृत व्याख्या: सर्वेक्षण का उद्देश्य डेटा का संग्रहण और सांख्यिकीय विश्लेषण करना होता है ताकि निष्कर्षों को बड़ी आबादी पर लागू किया जा सके। इसके विपरीत, साक्षात्कार या अवलोकन गुणात्मक विधियाँ हैं।
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- ‘सहभागी अवलोकन’ (Participant Observation) किस अनुसंधान पद्धति का मुख्य हिस्सा है?\n
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- (A) सामग्री विश्लेषण (Content Analysis)
- (B) नृवंशविज्ञान (Ethnography)
- (C) प्रश्नावली विधि
- (D) प्रयोगशाला प्रयोग
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सही उत्तर: (B) नृवंशविज्ञान (Ethnography)
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विस्तृत व्याख्या: नृवंशविज्ञान में शोधकर्ता अध्ययन समूह के बीच रहकर, उनके दैनिक जीवन में भाग लेकर और गहन अवलोकन के माध्यम से डेटा एकत्र करता है ताकि संस्कृति को ‘भीतर से’ समझा जा सके।
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- ‘स्नोबॉल सैंपलिंग’ (Snowball Sampling) का उपयोग कब किया जाता है?\n
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- (A) जब जनसंख्या बहुत बड़ी और ज्ञात हो।
- (B) जब अध्ययन समूह गुप्त या कठिन से प्राप्त होने वाला हो (जैसे ड्रग एडिक्ट्स)।
- (C) जब शोधकर्ता को यादृच्छिक नमूने की आवश्यकता हो।
- (D) जब केवल सरकारी डेटा का उपयोग करना हो।
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सही उत्तर: (B) जब अध्ययन समूह गुप्त या कठिन से प्राप्त होने वाला हो (जैसे ड्रग एडिक्ट्स)।
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विस्तृत व्याख्या: इसमें शोधकर्ता पहले एक व्यक्ति को ढूंढता है, और फिर वह व्यक्ति दूसरे संभावित उत्तरदाताओं का सुझाव देता है, जिससे नमूना बर्फ के गोले की तरह बढ़ता जाता है।
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- एम.एन. श्रीनिवास द्वारा प्रतिपादित ‘संस्कृतिकरण’ (Sanskritization) की प्रक्रिया क्या है?\n
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- (A) उच्च जातियों द्वारा निम्न जातियों का शोषण।
- (B) निम्न जातियों द्वारा उच्च जातियों के रीति-रिवाजों और जीवनशैली को अपनाना।
- (C) केवल संस्कृत भाषा का अध्ययन करना।
- (D) जातियों का पूरी तरह समाप्त हो जाना।
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सही उत्तर: (B) निम्न जातियों द्वारा उच्च जातियों के रीति-रिवाजों और जीवनशैली को अपनाना।
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विस्तृत व्याख्या: यह एक सामाजिक गतिशीलता की प्रक्रिया है जिसमें कोई निम्न जाति या समूह अपनी स्थिति ऊपर उठाने के लिए द्विजात (Twice-born) जातियों के रीति-रिवाजों, शाकाहार और कर्मकांडों को अपनाता है।
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- जी.एस. घुरये ने भारतीय जनजातियों के बारे में क्या दृष्टिकोण रखा था?\n
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- (A) वे पूरी तरह से अलग और शुद्ध संस्कृतियाँ हैं।
- (B) वे ‘पिछड़े हिंदू’ (Backward Hindus) हैं।
- (C) उन्हें समाज से पूरी तरह अलग रखा जाना चाहिए।
- (D) वे भारत के मूल निवासी नहीं हैं।
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सही उत्तर: (B) वे ‘पिछड़े हिंदू’ (Backward Hindus) हैं।
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विस्तृत व्याख्या: घुरये का मानना था कि जनजातियों और हिंदुओं के बीच सांस्कृतिक समानताएं हैं और समय के साथ जनजातियां हिंदू समाज में विलीन हो गई हैं। यह एक ‘एकीकरणवादी’ (Integrationist) दृष्टिकोण था।
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- ‘प्रभावी जाति’ (Dominant Caste) की अवधारणा एम.एन. श्रीनिवास ने किन मानदंडों के आधार पर दी थी?\n
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- (A) केवल धार्मिक शुद्धता के आधार पर।
- (B) केवल जनसंख्या की अधिकता के आधार पर।
- (C) संख्यात्मक शक्ति, भूमि स्वामित्व और राजनीतिक प्रभाव के आधार पर।
- (D) केवल शिक्षा के स्तर के आधार पर।
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सही उत्तर: (C) संख्यात्मक शक्ति, भूमि स्वामित्व और राजनीतिक प्रभाव के आधार पर।
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विस्तृत व्याख्या: ग्रामीण भारत में वह जाति ‘प्रभावी’ कहलाती है जिसके पास जमीन का बड़ा हिस्सा हो, जनसंख्या अधिक हो और जिसका स्थानीय राजनीति में दबदबा हो, चाहे उसकी अनुक्रमिक (Ritual) स्थिति सबसे ऊंची न हो।
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- लुई वर्थ (Louis Wirth) के अनुसार ‘नगरीयता’ (Urbanism) क्या है?\n
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- (A) केवल जनसंख्या का घनत्व।
- (B) जीवन जीने का एक तरीका (A way of life)।
- (C) केवल ऊंची इमारतों का निर्माण।
- (D) ग्रामीण क्षेत्रों का विनाश।
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सही उत्तर: (B) जीवन जीने का एक तरीका (A way of life)
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विस्तृत व्याख्या: वर्थ का तर्क था कि शहर केवल भौतिक स्थान नहीं हैं, बल्कि वे सामाजिक संबंधों को प्रभावित करते हैं। नगरीय जीवन में संबंध ‘द्वितीयक’ (Secondary), सतही और औपचारिक हो जाते हैं।
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- ग्रामीण समाजशास्त्र में ‘कृषि संरचना’ (Agrarian Structure) से क्या तात्पर्य है?\n
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- (A) केवल खेती के औजारों से।
- (B) भूमि स्वामित्व, वितरण और कृषि उत्पादन के सामाजिक संबंधों से।
- (C) केवल फसलों के प्रकार से।
- (D) केवल मौसम के बदलाव से।
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सही उत्तर: (B) भूमि स्वामित्व, वितरण और कृषि उत्पादन के सामाजिक संबंधों से।
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विस्तृत व्याख्या: कृषि संरचना यह विश्लेषण करती है कि जमीन किसके पास है (जमींदार, बटाईदार, किसान) और यह शक्ति संतुलन ग्रामीण समाज के सामाजिक स्तरीकरण को कैसे निर्धारित करता है।
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- समकालीन समाजशास्त्र में ‘डिजिटल जाति व्यवस्था’ (Digital Caste System) का क्या अर्थ हो सकता है?\n
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- (A) कंप्यूटर पर जाति आधारित सॉफ्टवेयर चलाना।
- (B) डिजिटल संसाधनों और तकनीक तक पहुंच में जाति-आधारित असमानता का बने रहना।
- (C) इंटरनेट पर जाति का पूरी तरह समाप्त हो जाना।
- (D) केवल ऑनलाइन जाति प्रमाण पत्र बनाना।
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सही उत्तर: (B) डिजिटल संसाधनों और तकनीक तक पहुंच में जाति-आधारित असमानता का बने रहना।
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विस्तृत व्याख्या: यह अवधारणा बताती है कि भौतिक दुनिया की असमानताएं डिजिटल दुनिया में भी स्थानांतरित हो जाती हैं (जैसे इंटरनेट एक्सेस, डिजिटल साक्षरता और एल्गोरिथम पूर्वाग्रह), जिससे हाशिए के समूह पीछे रह जाते हैं।
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- यदि हम AI-जनित छवियों का उपयोग करके ‘घरेलू काम के विभाजन’ का अध्ययन करते हैं, तो यह समाजशास्त्र के किस क्षेत्र के अंतर्गत आएगा?\n
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- (A) ग्रामीण समाजशास्त्र
- (B) डिजिटल समाजशास्त्र और लिंग अध्ययन (Digital Sociology & Gender Studies)
- (C) राजनीतिक समाजशास्त्र
- (D) केवल सांख्यिकीय अध्ययन
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सही उत्तर: (B) डिजिटल समाजशास्त्र और लिंग अध्ययन (Digital Sociology & Gender Studies)
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विस्तृत व्याख्या: जब हम आधुनिक तकनीक (जैसे AI) का उपयोग सामाजिक धारणाओं (जैसे लिंग और घरेलू कार्य) को समझने के लिए करते हैं, तो यह डिजिटल समाजशास्त्र का हिस्सा होता है। यह विश्लेषण करता है कि तकनीक समाज की रूढ़ियों को कैसे प्रतिबिंबित या चुनौती देती है।
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- कर्म (Karma) के विश्वास और दान देने की प्राथमिकताओं के बीच संबंध का अध्ययन करना किस शाखा से संबंधित है?\n
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- (A) शिक्षा का समाजशास्त्र
- (B) धर्म का समाजशास्त्र (Sociology of Religion)
- (C) नगरीय समाजशास्त्र
- (D) अपराधशास्त्र
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सही उत्तर: (B) धर्म का समाजशास्त्र (Sociology of Religion)
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विस्तृत व्याख्या: धर्म का समाजशास्त्र यह देखता है कि धार्मिक विश्वास (जैसे कर्म, पुनर्जन्म) किस प्रकार व्यक्तियों के सामाजिक व्यवहार (जैसे परोपकार, दान) और सामाजिक संरचनाओं को प्रभावित करते हैं।
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