दैनिक समाजशास्त्र क्विज़: अपनी अकादमिक दक्षता का परीक्षण करें
प्रिय उम्मीदवारों, “The Sociology Scholar” के साथ अपनी दैनिक बौद्धिक चुनौती के लिए तैयार हो जाइए! यह विशेष क्विज़ सेट आपको समाजशास्त्रीय अवधारणाओं, विचारकों और सिद्धांतों की गहरी समझ का परीक्षण करने के लिए डिज़ाइन किया गया है। चाहे आप UGC-NET, UPSC, या State PSCs की तैयारी कर रहे हों, ये 25 बहुविकल्पीय प्रश्न आपको अपनी वैचारिक स्पष्टता को बढ़ाने और आगामी परीक्षाओं के लिए अपनी तैयारी को मजबूत करने में मदद करेंगे। आज ही अपनी क्षमताओं का आकलन करें और समाजशास्त्र में अपनी महारत को सिद्ध करें!
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एमिल दुर्खीम के अनुसार, “एनोमी” की अवधारणा का सबसे अच्छा वर्णन क्या करता है?
A) समाज में अत्यधिक नैतिक नियम और नियंत्रण
B) सामाजिक मानदंडों और विनियमन का अभाव
C) सामाजिक गतिशीलता का उच्च स्तर
D) व्यक्तिगत स्वतंत्रता और स्वायत्तता की अनुपस्थिति
सही उत्तर: B
विस्तृत व्याख्या:
सही विकल्प (B) है। दुर्खीम के अनुसार, “एनोमी” एक ऐसी स्थिति है जहाँ सामाजिक मानदंड और नियम अस्पष्ट, अनुपस्थित या कमजोर हो जाते हैं। यह व्यक्तियों में भ्रम और दिशाहीनता की भावना पैदा करता है, जिससे आत्महत्या दर बढ़ सकती है। दुर्खीम ने इसे अपनी प्रसिद्ध पुस्तक “आत्महत्या (Suicide)” में विस्तार से वर्णित किया है।
गलत विकल्प: (A) अत्यधिक नैतिक नियम दुर्खीम की “घातक आत्महत्या” से संबंधित हो सकते हैं, जो एनोमी के विपरीत है। (C) सामाजिक गतिशीलता सीधे एनोमी से संबंधित नहीं है, हालांकि यह सामाजिक परिवर्तन का एक पहलू है। (D) व्यक्तिगत स्वतंत्रता का अभाव “परोपकारी आत्महत्या” से अधिक जुड़ा है, जहाँ व्यक्ति समूह के लिए खुद को बलिदान करता है।
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कार्ल मार्क्स के अलगाव (Alienation) के सिद्धांत के अनुसार, पूंजीवादी व्यवस्था में श्रमिक मुख्य रूप से किससे अलगाव का अनुभव करते हैं?
A) प्रकृति से
B) अपनी प्रजाति-सत्ता (Species-being) से
C) केवल अन्य श्रमिकों से
D) केवल उत्पादन के साधनों से
सही उत्तर: B
विस्तृत व्याख्या:
सही विकल्प (B) है। मार्क्स ने चार प्रकार के अलगाव का वर्णन किया है: उत्पाद से अलगाव, उत्पादन की प्रक्रिया से अलगाव, अन्य मनुष्यों से अलगाव, और अपनी प्रजाति-सत्ता (मनुष्य के सार या मानव प्रकृति) से अलगाव। पूंजीवाद में, श्रमिक अपनी रचनात्मक क्षमता और मानवीय सार को व्यक्त नहीं कर पाता, जिससे वह अपनी प्रजाति-सत्ता से अलग हो जाता है। यह मार्क्स के “1844 के आर्थिक और दार्शनिक पांडुलिपियों” में उल्लिखित है।
गलत विकल्प: (A) प्रकृति से अलगाव एक व्यापक दार्शनिक अवधारणा है, लेकिन मार्क्स के पूंजीवादी अलगाव सिद्धांत का केंद्रीय बिंदु प्रजाति-सत्ता है। (C) और (D) आंशिक रूप से सही हैं लेकिन अलगाव के पूर्ण दायरे को नहीं दर्शाते; मार्क्स के लिए प्रजाति-सत्ता से अलगाव सबसे गहरा है।
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मैक्स वेबर ने सामाजिक क्रिया के चार आदर्श प्रकारों में से किसमें “परंपरागत क्रिया” को शामिल किया है?
A) लक्ष्य-तार्किक क्रिया (Zweckrational Action)
B) मूल्य-तार्किक क्रिया (Wertrational Action)
C) भावनात्मक क्रिया (Affectual Action)
D) परंपरागत क्रिया (Traditional Action)
सही उत्तर: D
विस्तृत व्याख्या:
सही विकल्प (D) है। मैक्स वेबर ने सामाजिक क्रिया को चार आदर्श प्रकारों में वर्गीकृत किया है: लक्ष्य-तार्किक क्रिया (एक विशिष्ट लक्ष्य प्राप्त करने के लिए सबसे कुशल साधनों का उपयोग), मूल्य-तार्किक क्रिया (नैतिक, सौंदर्यवादी, धार्मिक या अन्य मूल्यों द्वारा निर्देशित), भावनात्मक क्रिया (भावनाओं द्वारा निर्देशित), और परंपरागत क्रिया (स्थापित आदतों या रीति-रिवाजों द्वारा निर्देशित)।
गलत विकल्प: (A), (B) और (C) वेबर द्वारा वर्णित अन्य प्रकार की सामाजिक क्रियाएं हैं, लेकिन प्रश्न विशेष रूप से “परंपरागत क्रिया” के बारे में पूछता है।
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समाजशास्त्र में “सामाजिक स्तरीकरण” की अवधारणा का क्या अर्थ है?
A) समाज में व्यक्तियों का नैतिक वर्गीकरण
B) सामाजिक पद और संसाधनों के आधार पर समाज का पदानुक्रमित विभाजन
C) सांस्कृतिक प्रथाओं का भौगोलिक वितरण
D) सामाजिक गतिशीलता को बढ़ावा देने वाली प्रक्रियाएं
सही उत्तर: B
विस्तृत व्याख्या:
सही विकल्प (B) है। सामाजिक स्तरीकरण समाज का पदानुक्रमित विभाजन है जो सामाजिक पद, धन, शक्ति और प्रतिष्ठा जैसे संसाधनों के असमान वितरण पर आधारित है। यह एक स्थिर प्रणाली है जो पीढ़ी-दर-पीढ़ी बनी रहती है। यह वर्ग, जाति और संपत्ति जैसी प्रणालियों के माध्यम से प्रकट होता है।
गलत विकल्प: (A) नैतिक वर्गीकरण समाजशास्त्र में स्तरीकरण का केंद्रीय बिंदु नहीं है। (C) सांस्कृतिक प्रथाओं का भौगोलिक वितरण “सांस्कृतिक भूगोल” या “क्षेत्रीय विविधता” से संबंधित है। (D) सामाजिक गतिशीलता सामाजिक स्तरीकरण के भीतर व्यक्तियों या समूहों के आंदोलन को संदर्भित करती है, न कि स्तरीकरण की अवधारणा को।
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भारत में जाति व्यवस्था की “शुद्धता और प्रदूषण” की अवधारणा को किसने विस्तार से समझाया है?
A) एम.एन. श्रीनिवास
B) लुई ड्यूमोंट
C) जी.एस. घुर्ये
D) आंद्रे बेतेई
सही उत्तर: B
विस्तृत व्याख्या:
सही विकल्प (B) है। फ्रांसीसी समाजशास्त्री लुई ड्यूमोंट ने अपनी प्रसिद्ध पुस्तक “होमो हायरार्किकस: द कास्ट सिस्टम एंड इट्स इम्प्लिकेशन्स” में भारतीय जाति व्यवस्था को समझने के लिए “शुद्धता और प्रदूषण” की अवधारणा को केंद्रीय माना। उनके अनुसार, यह द्वंद्व जाति पदानुक्रम का आधार है।
गलत विकल्प: (A) एम.एन. श्रीनिवास ने संस्कृतिकरण और प्रभावी जाति जैसी अवधारणाओं पर काम किया। (C) जी.एस. घुर्ये को भारतीय समाजशास्त्र के अग्रदूतों में से एक माना जाता है और उन्होंने जाति पर कई अध्ययन किए, लेकिन “शुद्धता और प्रदूषण” के विशिष्ट द्वंद्व पर ड्यूमोंट का जोर था। (D) आंद्रे बेतेई ने वर्ग, स्थिति और शक्ति पर काम किया और जाति पर एक समकालीन दृष्टिकोण प्रस्तुत किया।
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निम्नलिखित में से कौन सी गुणात्मक अनुसंधान विधि नहीं है?
A) नृवंशविज्ञान (Ethnography)
B) सहभागी अवलोकन (Participant Observation)
C) सर्वेक्षण अनुसंधान (Survey Research)
D) गहन साक्षात्कार (In-depth Interviews)
सही उत्तर: C
विस्तृत व्याख्या:
सही विकल्प (C) है। सर्वेक्षण अनुसंधान एक मात्रात्मक अनुसंधान विधि है जो बड़ी संख्या में प्रतिभागियों से संरचित प्रश्नावली के माध्यम से डेटा एकत्र करती है और सांख्यिकीय विश्लेषण पर जोर देती है। नृवंशविज्ञान, सहभागी अवलोकन और गहन साक्षात्कार सभी गुणात्मक अनुसंधान विधियाँ हैं जो सामाजिक घटनाओं की गहरी समझ प्राप्त करने के लिए डिज़ाइन की गई हैं।
गलत विकल्प: (A), (B), और (D) सभी गुणात्मक अनुसंधान विधियों के उदाहरण हैं।
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“परिवार का एकीकरण” की अवधारणा को किसने प्रस्तावित किया, जिसमें परिवार एक औद्योगिक समाज के लिए फिट होने के लिए अपने कार्यों को कम करता है?
A) टालकॉट पार्सन्स
B) जॉर्ज मर्डोक
C) विलियम जे. गुडे
D) एवरेट सी. ह्यूजेस
सही उत्तर: A
विस्तृत व्याख्या:
सही विकल्प (A) है। टालकॉट पार्सन्स ने तर्क दिया कि औद्योगिक समाज में, परिवार अपने कई पारंपरिक कार्यों (जैसे उत्पादन, शिक्षा) को अन्य विशिष्ट संस्थाओं (जैसे कारखाने, स्कूल) को सौंप देता है। यह इसे “कार्यात्मक रूप से विशिष्ट” बनाता है, मुख्य रूप से प्राथमिक समाजीकरण और वयस्कों के व्यक्तित्व के स्थिरीकरण पर ध्यान केंद्रित करता है। इस प्रक्रिया को “परिवार का एकीकरण” के रूप में जाना जाता है।
गलत विकल्प: (B) जॉर्ज मर्डोक ने सार्वभौमिक परिवार के कार्यों पर काम किया। (C) विलियम जे. गुडे ने परिवार पर कई अध्ययन किए, विशेष रूप से औद्योगिक समाजों में। (D) एवरेट सी. ह्यूजेस ने कार्य के समाजशास्त्र पर काम किया।
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वह प्रक्रिया जिसके द्वारा व्यक्ति अपने समाज के सांस्कृतिक मूल्यों, मानदंडों और व्यवहारों को सीखते हैं, क्या कहलाती है?
A) एकीकरण (Assimilation)
B) समाजीकरण (Socialization)
C) पर-संस्कृतिग्रहण (Acculturation)
D) वि-संस्कृतिग्रहण (Deculturation)
सही उत्तर: B
विस्तृत व्याख्या:
सही विकल्प (B) है। समाजीकरण वह आजीवन प्रक्रिया है जिसके माध्यम से व्यक्ति समाज के सांस्कृतिक मानदंडों, मूल्यों, विश्वासों और व्यवहारों को आंतरिक रूप से सीखते और आत्मसात करते हैं। यह उन्हें समाज के कामकाज में भाग लेने में सक्षम बनाता है।
गलत विकल्प: (A) एकीकरण वह प्रक्रिया है जिसके द्वारा एक अल्पसंख्यक समूह प्रमुख संस्कृति के मूल्यों और व्यवहारों को अपनाता है। (C) पर-संस्कृतिग्रहण तब होता है जब दो भिन्न संस्कृतियाँ संपर्क में आती हैं और एक-दूसरे को प्रभावित करती हैं। (D) वि-संस्कृतिग्रहण सांस्कृतिक विशेषताओं के नुकसान को संदर्भित करता है।
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जॉर्ज हर्बर्ट मीड के अनुसार, “मी (Me)” और “आई (I)” की अवधारणाएँ किससे संबंधित हैं?
A) समाजीकरण की प्रक्रिया
B) आत्म (Self) का विकास
C) सामाजिक संरचना के घटक
D) सामूहिक चेतना के प्रकार
सही उत्तर: B
विस्तृत व्याख्या:
सही विकल्प (B) है। जॉर्ज हर्बर्ट मीड ने “आत्म (Self)” के विकास को समझने के लिए “मी (Me)” और “आई (I)” की अवधारणाओं को प्रस्तुत किया। “मी” समाज के संगठित दृष्टिकोण (सामान्यीकृत अन्य) का प्रतिनिधित्व करता है और सामाजिक मानदंडों और अपेक्षाओं के आत्मसातीकरण का परिणाम है। “आई” आत्म का सहज, रचनात्मक और अप्रत्याशित हिस्सा है जो “मी” की प्रतिक्रिया देता है।
गलत विकल्प: (A) समाजीकरण आत्म के विकास का एक हिस्सा है, लेकिन “मी” और “आई” सीधे आत्म के घटकों से संबंधित हैं। (C) और (D) मीड के सिद्धांत के केंद्रीय बिंदु नहीं हैं।
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एम.एन. श्रीनिवास द्वारा प्रस्तुत “संस्कृतिकरण” की अवधारणा का क्या अर्थ है?
A) उच्च जातियों द्वारा निम्न जातियों की जीवन शैली को अपनाना
B) निम्न जातियों द्वारा उच्च जातियों की जीवन शैली को अपनाना
C) किसी समूह की अपनी संस्कृति का नवीनीकरण
D) पश्चिमीकरण की प्रक्रिया
सही उत्तर: B
विस्तृत व्याख्या:
सही विकल्प (B) है। एम.एन. श्रीनिवास ने “संस्कृतिकरण” की अवधारणा को भारतीय समाज में सामाजिक गतिशीलता की एक प्रक्रिया के रूप में प्रस्तुत किया। इसमें एक निम्न जाति या समूह, सामाजिक स्थिति में ऊपर उठने के लिए, एक उच्च या “द्विज” जाति के रीति-रिवाजों, अनुष्ठानों, विचारधारा और जीवन शैली को अपनाता है।
गलत विकल्प: (A) श्रीनिवास की अवधारणा इसके विपरीत है। (C) यह एक सामान्य सांस्कृतिक नवीनीकरण है, न कि विशिष्ट अर्थ में संस्कृतिकरण। (D) पश्चिमीकरण एक अलग अवधारणा है जो पश्चिमी संस्कृति के प्रभाव को दर्शाती है।
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रॉबर्ट रेडफ़ील्ड द्वारा प्रतिपादित “लघु समुदाय” की अवधारणा की मुख्य विशेषता क्या है?
A) शहरी जीवन शैली
B) समरूपता, आत्म-निर्भरता, और विशिष्टता
C) अत्यधिक सामाजिक गतिशीलता
D) औपचारिक सामाजिक नियंत्रण
सही उत्तर: B
विस्तृत व्याख्या:
सही विकल्प (B) है। रॉबर्ट रेडफ़ील्ड ने “लघु समुदाय” (Little Community) की अवधारणा को ग्रामीण समाजों का वर्णन करने के लिए विकसित किया। इसकी मुख्य विशेषताओं में समरूपता (एक जैसी जीवन शैली), आत्म-निर्भरता (आर्थिक और सामाजिक रूप से), विशिष्टता (अन्य समुदायों से भिन्न), और एक मजबूत समूह चेतना शामिल है।
गलत विकल्प: (A) शहरी जीवन शैली लघु समुदाय के विपरीत है। (C) लघु समुदायों में आमतौर पर कम सामाजिक गतिशीलता होती है। (D) औपचारिक सामाजिक नियंत्रण के बजाय, लघु समुदायों में अनौपचारिक नियंत्रण (जैसे गपशप, सामाजिक दबाव) अधिक प्रभावी होता है।
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हाल के समाचारों में उल्लिखित “क्लिकबेट क्राइम न्यूज़” जैसे विषयों का अध्ययन समाजशास्त्र के किस उप-क्षेत्र से सबसे अधिक संबंधित होगा?
A) आर्थिक समाजशास्त्र
B) मीडिया समाजशास्त्र
C) ग्रामीण समाजशास्त्र
D) परिवार का समाजशास्त्र
सही उत्तर: B
विस्तृत व्याख्या:
सही विकल्प (B) है। “क्लिकबेट क्राइम न्यूज़” मीडिया के माध्यम से अपराध के प्रतिनिधित्व, पत्रकारिता प्रथाओं और सार्वजनिक धारणा पर उनके प्रभाव से संबंधित है। यह मीडिया, संचार और सूचना के सामाजिक पहलुओं का अध्ययन करने वाले मीडिया समाजशास्त्र का एक स्पष्ट विषय है।
गलत विकल्प: (A), (C), और (D) विशिष्ट उप-क्षेत्र हैं जो क्रमशः अर्थव्यवस्था, ग्रामीण जीवन और परिवार पर ध्यान केंद्रित करते हैं, और सीधे क्लिकबेट क्राइम न्यूज़ के अध्ययन से संबंधित नहीं हैं।
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रॉबर्ट के. मर्टन द्वारा प्रस्तुत “संदर्भ समूह” (Reference Group) की अवधारणा का क्या अर्थ है?
A) एक ऐसा समूह जिससे व्यक्ति संबंधित है
B) एक ऐसा समूह जिसके मानदंड और मूल्य व्यक्ति अपने व्यवहार के लिए एक मानक के रूप में उपयोग करता है
C) एक ऐसा समूह जो व्यक्ति के समाजीकरण के लिए प्राथमिक होता है
D) एक ऐसा समूह जो केवल औपचारिक संबंधों पर आधारित होता है
सही उत्तर: B
विस्तृत व्याख्या:
सही विकल्प (B) है। रॉबर्ट के. मर्टन ने “संदर्भ समूह” की अवधारणा को एक ऐसे समूह के रूप में परिभाषित किया जिसके मानदंड और मूल्य व्यक्ति अपने व्यवहार, दृष्टिकोण और पहचान के लिए एक तुलनात्मक या आदर्श मानक के रूप में उपयोग करता है। यह समूह वह हो सकता है जिससे व्यक्ति संबंधित हो या न हो। यह उनके “सामाजिक सिद्धांत और सामाजिक संरचना (Social Theory and Social Structure)” में वर्णित है।
गलत विकल्प: (A) यह एक संदर्भ समूह हो सकता है, लेकिन आवश्यक नहीं है। संदर्भ समूह की मुख्य विशेषता तुलना के लिए एक मानक के रूप में कार्य करना है। (C) प्राथमिक समूह समाजीकरण के लिए महत्वपूर्ण है, लेकिन संदर्भ समूह की परिभाषा में यह केंद्रीय नहीं है। (D) संदर्भ समूह औपचारिक या अनौपचारिक हो सकता है।
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वह प्रक्रिया जिसमें दो या दो से अधिक व्यक्ति एक सामान्य लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए मिलकर कार्य करते हैं, क्या कहलाती है?
A) प्रतिस्पर्धा (Competition)
B) संघर्ष (Conflict)
C) सहयोग (Cooperation)
D) आत्मसातीकरण (Assimilation)
सही उत्तर: C
विस्तृत व्याख्या:
सही विकल्प (C) है। सहयोग एक सामाजिक अंतःक्रिया की प्रक्रिया है जिसमें व्यक्ति या समूह एक साझा लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए मिलकर काम करते हैं। यह सामाजिक संगठन और कार्यप्रणाली का एक मौलिक पहलू है।
गलत विकल्प: (A) प्रतिस्पर्धा तब होती है जब व्यक्ति समान दुर्लभ संसाधनों या लक्ष्यों के लिए होड़ करते हैं। (B) संघर्ष में विरोध और शत्रुतापूर्ण अंतःक्रिया शामिल होती है। (D) आत्मसातीकरण एक सांस्कृतिक प्रक्रिया है जहाँ एक समूह दूसरे के सांस्कृतिक गुणों को अपनाता है।
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भारत में जनजातीय समुदायों को वर्गीकृत करने के लिए “आदिवासी” शब्द का प्रयोग किसने किया, जिसका अर्थ है “मूल निवासी”?
A) बी.आर. अम्बेडकर
B) जी.एस. घुर्ये
C) एलविन वेरियर
D) ठक्कर बापा
सही उत्तर: D
विस्तृत व्याख्या:
सही विकल्प (D) है। अमृतलाल विट्ठलदास ठक्कर, जिन्हें “ठक्कर बापा” के नाम से जाना जाता है, महात्मा गांधी के एक अनुयायी थे और उन्होंने भारत में जनजातीय कल्याण के लिए महत्वपूर्ण कार्य किया। उन्होंने जनजातीय समुदायों के लिए “आदिवासी” शब्द का प्रयोग किया, जिसका अर्थ है “मूल निवासी”, और वे उन्हें भारत के मूल निवासियों के रूप में देखते थे।
गलत विकल्प: (A) बी.आर. अम्बेडकर ने जाति व्यवस्था और दलित अधिकारों पर काम किया। (B) जी.एस. घुर्ये ने जनजातियों को “पिछड़े हिंदू” कहा। (C) एलविन वेरियर एक ब्रिटिश मानवविज्ञानी थे जिन्होंने भारतीय जनजातियों का अध्ययन किया और उनके संरक्षण के पक्षधर थे।
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शहरी जीवन के लिए “मेट्रोपोलिस और मानसिक जीवन” (The Metropolis and Mental Life) निबंध में जॉर्ज सिमेल ने किस अवधारणा पर चर्चा की?
A) ग्रामीण समुदाय का विकास
B) शहरी व्यक्ति का विरक्तिपूर्ण रवैया (Blasé Attitude)
C) शहरीकरण के आर्थिक लाभ
D) ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के बीच समानताएँ
सही उत्तर: B
विस्तृत व्याख्या:
सही विकल्प (B) है। जॉर्ज सिमेल ने अपने निबंध “मेट्रोपोलिस और मानसिक जीवन” में शहरी वातावरण के मनोवैज्ञानिक प्रभावों का विश्लेषण किया। उन्होंने तर्क दिया कि शहरी जीवन की अत्यधिक उत्तेजना और भीड़भाड़ एक “विरक्तिपूर्ण रवैया (Blasé Attitude)” पैदा करती है, जहाँ व्यक्ति बाहरी उत्तेजनाओं के प्रति भावनात्मक रूप से सुन्न हो जाते हैं, एक तरह की अलगाव की भावना का अनुभव करते हैं।
गलत विकल्प: (A) सिमेल ने शहरी जीवन पर ध्यान केंद्रित किया, ग्रामीण पर नहीं। (C) उनके विश्लेषण का प्राथमिक ध्यान आर्थिक लाभ नहीं था, बल्कि मनोवैज्ञानिक प्रभाव था। (D) उन्होंने ग्रामीण और शहरी जीवन के बीच असमानताओं पर प्रकाश डाला।
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वह प्रक्रिया जिसके माध्यम से समाज अपने सदस्यों के व्यवहार को विनियमित करता है ताकि मानदंडों का पालन सुनिश्चित हो सके, क्या कहलाती है?
A) समाजीकरण (Socialization)
B) सामाजिक स्तरीकरण (Social Stratification)
C) सामाजिक नियंत्रण (Social Control)
D) सामाजिक गतिशीलता (Social Mobility)
सही उत्तर: C
विस्तृत व्याख्या:
सही विकल्प (C) है। सामाजिक नियंत्रण उन तंत्रों और प्रक्रियाओं को संदर्भित करता है जिनके द्वारा समाज अपने सदस्यों के व्यवहार को विनियमित करता है ताकि सामाजिक मानदंडों और अपेक्षाओं का अनुपालन सुनिश्चित हो सके। इसमें औपचारिक (जैसे कानून) और अनौपचारिक (जैसे सामाजिक दबाव) दोनों तरह के तंत्र शामिल हैं।
गलत विकल्प: (A) समाजीकरण सीखने की प्रक्रिया है। (B) सामाजिक स्तरीकरण समाज का पदानुक्रमित विभाजन है। (D) सामाजिक गतिशीलता व्यक्तियों या समूहों का स्तरीकरण प्रणाली के भीतर आंदोलन है।
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टालकॉट पार्सन्स के अनुसार, सामाजिक व्यवस्था के चार कार्यात्मक अनिवार्यताओं (AGIL Schema) में से कौन सा समाज के सदस्यों को उनके मूल्यों और मानदंडों के अनुसार कार्य करने के लिए प्रेरित करने से संबंधित है?
A) अनुकूलन (Adaptation)
B) लक्ष्य प्राप्ति (Goal Attainment)
C) एकीकरण (Integration)
D) प्रसुप्त प्रतिमान अनुरक्षण (Latency/Pattern Maintenance)
सही उत्तर: D
विस्तृत व्याख्या:
सही विकल्प (D) है। टालकॉट पार्सन्स ने सामाजिक व्यवस्था को बनाए रखने के लिए चार कार्यात्मक अनिवार्यताओं (AGIL Schema) की पहचान की:
- अनुकूलन (Adaptation): पर्यावरण से संसाधनों को सुरक्षित करना।
- लक्ष्य प्राप्ति (Goal Attainment): लक्ष्यों को परिभाषित करना और उन्हें प्राप्त करने के लिए संसाधनों को जुटाना।
- एकीकरण (Integration): समाज के विभिन्न हिस्सों को एकजुट करना।
- प्रसुप्त प्रतिमान अनुरक्षण (Latency/Pattern Maintenance): समाज के सदस्यों को साझा मूल्यों और मानदंडों के अनुसार कार्य करने के लिए प्रेरित करना और सांस्कृतिक प्रतिमानों को बनाए रखना।
गलत विकल्प: (A), (B), और (C) AGIL योजना के अन्य घटक हैं, लेकिन वे सीधे मूल्यों और मानदंडों के रखरखाव और प्रेरणा से संबंधित नहीं हैं जैसे कि प्रसुप्त प्रतिमान अनुरक्षण है।
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हाल के अकादमिक शोध “Beyond Text: Using AI-Generated Visual Conjoints to Study Gender and Housework Attribution” में AI-जनित दृश्यों का उपयोग किस उद्देश्य के लिए किया जा रहा है?
A) केवल पुरुषों पर घरेलू काम के प्रभाव का अध्ययन करने के लिए
B) लिंग और घरेलू काम के आरोपण (attribution) का अध्ययन करने के लिए
C) केवल महिलाओं पर AI के प्रभाव का मूल्यांकन करने के लिए
D) शहरी नियोजन में AI के उपयोग का विश्लेषण करने के लिए
सही उत्तर: B
विस्तृत व्याख्या:
सही विकल्प (B) है। अकादमिक शोध का शीर्षक स्पष्ट रूप से “लिंग और घरेलू काम के आरोपण का अध्ययन करने के लिए AI-जनित दृश्यों का उपयोग” इंगित करता है। यह अध्ययन इस बात की पड़ताल करता है कि AI द्वारा उत्पन्न दृश्य उत्तेजनाओं का उपयोग करके लिंग भूमिकाएं घरेलू कामों के वितरण और धारणा को कैसे प्रभावित करती हैं।
गलत विकल्प: (A) और (C) अध्ययन के दायरे को संकुचित करते हैं, जबकि अध्ययन लिंग और घरेलू काम दोनों पर विचार करता है। (D) शहरी नियोजन इस विशेष शोध के दायरे से बाहर है।
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एंथनी गिडेंस द्वारा प्रस्तुत “संरचनाकरण सिद्धांत” (Structuration Theory) का मुख्य उद्देश्य क्या है?
A) केवल व्यक्तिगत एजेंसी की व्याख्या करना
B) केवल सामाजिक संरचनाओं की व्याख्या करना
C) सामाजिक संरचना और मानवीय एजेंसी के बीच संबंध को पाटना
D) सामाजिक संघर्ष के कारणों को समझना
सही उत्तर: C
विस्तृत व्याख्या:
सही विकल्प (C) है। एंथनी गिडेंस का संरचनाकरण सिद्धांत (Structuration Theory) सामाजिक विश्लेषण में संरचना (समाज के नियम और संसाधन) और एजेंसी (व्यक्तियों की कार्य करने की क्षमता) के द्वंद्व को दूर करने का प्रयास करता है। उनका तर्क है कि संरचनाएँ मानवीय एजेंसी के माध्यम से बनती हैं और पुनरुत्पादित होती हैं, और एजेंसी हमेशा संरचनात्मक सीमाओं के भीतर कार्य करती है।
गलत विकल्प: (A) और (B) गिडेंस संरचना और एजेंसी दोनों को एकीकृत करने का प्रयास करते हैं, किसी एक पर विशेष जोर नहीं देते। (D) संघर्ष सिद्धांत उनके सिद्धांत का प्राथमिक फोकस नहीं है।
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दुर्खीम के अनुसार, धर्म का प्राथमिक सामाजिक कार्य क्या है?
A) व्यक्तिगत मोक्ष सुनिश्चित करना
B) समाज में एकता और एकजुटता को बढ़ावा देना
C) आर्थिक असमानता को बनाए रखना
D) सामाजिक संघर्ष को भड़काना
सही उत्तर: B
विस्तृत व्याख्या:
सही विकल्प (B) है। एमिल दुर्खीम ने अपनी पुस्तक “धार्मिक जीवन के प्रारंभिक रूप” में तर्क दिया कि धर्म का प्राथमिक सामाजिक कार्य समाज में एकता और एकजुटता (सामूहिक चेतना) को बढ़ावा देना है। अनुष्ठान और विश्वास व्यक्तियों को एक समूह के रूप में एक साथ लाते हैं और साझा मूल्यों को मजबूत करते हैं।
गलत विकल्प: (A) व्यक्तिगत मोक्ष धार्मिक कार्य का एक व्यक्तिगत पहलू है, लेकिन दुर्खीम का ध्यान सामाजिक कार्य पर था। (C) और (D) धर्म के नकारात्मक कार्यों के रूप में देखे जा सकते हैं, लेकिन दुर्खीम ने इसके एकीकृत कार्यों पर जोर दिया।
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“विपथन” (Deviance) की समाजशास्त्रीय अवधारणा का क्या अर्थ है?
A) एक कानूनी अपराध करना
B) सामाजिक मानदंडों से विचलित होने वाला व्यवहार
C) एक धार्मिक पाप करना
D) मानसिक बीमारी से पीड़ित होना
सही उत्तर: B
विस्तृत व्याख्या:
सही विकल्प (B) है। समाजशास्त्र में, विपथन (Deviance) किसी भी व्यवहार, विश्वास या विशेषता को संदर्भित करता है जो सामाजिक मानदंडों से विचलित होता है और जिसके परिणामस्वरूप नकारात्मक प्रतिक्रिया या प्रतिबंध होते हैं। यह केवल कानूनी अपराधों तक ही सीमित नहीं है, बल्कि इसमें सामाजिक अपेक्षाओं से कोई भी विचलन शामिल है।
गलत विकल्प: (A) कानूनी अपराध विपथन का एक प्रकार है, लेकिन विपथन की अवधारणा व्यापक है। (C) धार्मिक पाप नैतिकता का एक क्षेत्र है, समाजशास्त्र का नहीं। (D) मानसिक बीमारी कुछ विपथनकारी व्यवहारों का कारण बन सकती है, लेकिन यह विपथन की अवधारणा के समान नहीं है।
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भारतीय संदर्भ में “डिजिटल जाति व्यवस्था” (Digital Caste System) की अवधारणा किसे संदर्भित करती है?
A) डिजिटल प्लेटफॉर्म पर नई जातियों का निर्माण
B) डिजिटल प्रौद्योगिकी तक पहुंच और उसके उपयोग में जाति-आधारित असमानताएँ
C) पारंपरिक जाति समूहों का डिजिटल पहचान बनाना
D) केवल ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल विभाजन
सही उत्तर: B
विस्तृत व्याख्या:
सही विकल्प (B) है। “डिजिटल जाति व्यवस्था” एक समकालीन अवधारणा है जो भारत में डिजिटल प्रौद्योगिकी (जैसे इंटरनेट, स्मार्टफोन) तक पहुंच और उसके उपयोग में पारंपरिक जाति पदानुक्रम के बने रहने या नए सिरे से प्रकट होने वाली असमानताओं को संदर्भित करती है। यह जाति-आधारित सामाजिक-आर्थिक असमानताओं का डिजिटल क्षेत्र में विस्तार है।
गलत विकल्प: (A) और (C) डिजिटल जाति व्यवस्था के मुख्य विचार को गलत तरीके से प्रस्तुत करते हैं। (D) डिजिटल विभाजन केवल ग्रामीण क्षेत्रों तक सीमित नहीं है, यह शहरी क्षेत्रों में भी जाति और वर्ग के आधार पर मौजूद है।
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समाजशास्त्रीय अनुसंधान में “सूचित सहमति” (Informed Consent) का क्या महत्व है?
A) यह सुनिश्चित करना कि प्रतिभागी अनुसंधान के लक्ष्यों से पूरी तरह सहमत हों
B) प्रतिभागियों को अनुसंधान में भाग लेने के लिए मुआवजा देना
C) प्रतिभागियों को अनुसंधान की प्रकृति, उद्देश्यों और संभावित जोखिमों के बारे में सूचित करना और उनकी स्वैच्छिक भागीदारी प्राप्त करना
D) शोधकर्ता को किसी भी नैतिक दिशानिर्देश का पालन करने से छूट देना
सही उत्तर: C
विस्तृत व्याख्या:
सही विकल्प (C) है। समाजशास्त्रीय अनुसंधान में सूचित सहमति एक महत्वपूर्ण नैतिक सिद्धांत है। इसमें प्रतिभागियों को अनुसंधान की प्रकृति, उद्देश्यों, विधियों, संभावित लाभों और जोखिमों के बारे में पूरी जानकारी प्रदान करना और यह सुनिश्चित करना शामिल है कि वे स्वेच्छा से और बिना किसी दबाव के भाग लेने के लिए सहमत हों।
गलत विकल्प: (A) सहमति का मतलब पूरी तरह से सहमत होना नहीं है, बल्कि सूचित निर्णय लेना है। (B) मुआवजा देना एक अलग नैतिक विचार है, लेकिन सूचित सहमति का मूल नहीं है। (D) सूचित सहमति नैतिक दिशानिर्देशों का पालन करने के लिए आवश्यक है, न कि छूट देने के लिए।
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पियरे बॉर्डियू की अवधारणा “सांस्कृतिक पूंजी” (Cultural Capital) का क्या अर्थ है?
A) कला और साहित्य में निवेश किया गया धन
B) व्यक्ति द्वारा अर्जित शैक्षिक योग्यताएँ, कौशल और सांस्कृतिक ज्ञान
C) सामाजिक नेटवर्क और संबंध
D) भौतिक धन और संपत्ति
सही उत्तर: B
विस्तृत व्याख्या:
सही विकल्प (B) है। पियरे बॉर्डियू के अनुसार, सांस्कृतिक पूंजी गैर-आर्थिक संसाधनों को संदर्भित करती है जैसे शैक्षिक योग्यताएँ, सांस्कृतिक ज्ञान, कौशल, स्वाद और शिष्टाचार जो किसी व्यक्ति को सामाजिक स्थिति में लाभ प्रदान करते हैं। यह एक प्रकार की पूंजी है जिसे सीखा और अर्जित किया जा सकता है और यह सामाजिक स्तरीकरण में योगदान करती है। बॉर्डियू ने इसे अपनी अवधारणाओं “हैबिटस” और “क्षेत्र” के साथ विकसित किया।
गलत विकल्प: (A) सांस्कृतिक पूंजी केवल कला और साहित्य में निवेश किए गए धन तक सीमित नहीं है। (C) यह सामाजिक पूंजी को संदर्भित करता है। (D) यह आर्थिक पूंजी को संदर्भित करता है।
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माल्थस के जनसंख्या सिद्धांत के अनुसार, जनसंख्या की वृद्धि किस दर से होती है?
A) अंकगणितीय दर (Arithmetic rate)
B) ज्यामितीय दर (Geometric rate)
C) स्थिर दर (Constant rate)
D) घटती हुई दर (Decreasing rate)
सही उत्तर: B
विस्तृत व्याख्या:
सही विकल्प (B) है। थॉमस रॉबर्ट माल्थस ने अपने प्रसिद्ध निबंध “जनसंख्या के सिद्धांत पर एक निबंध” (An Essay on the Principle of Population) में तर्क दिया कि जनसंख्या ज्यामितीय दर (जैसे 2, 4, 8, 16…) से बढ़ती है, जबकि खाद्य उत्पादन अंकगणितीय दर (जैसे 1, 2, 3, 4…) से बढ़ता है। इससे जनसंख्या और संसाधनों के बीच असंतुलन पैदा होता है।
गलत विकल्प: (A) अंकगणितीय दर खाद्य उत्पादन की वृद्धि दर है। (C) और (D) माल्थस के सिद्धांत के अनुसार जनसंख्या वृद्धि की दरें नहीं हैं।
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“प्रतीकात्मक अंतःक्रियावाद” (Symbolic Interactionism) परिप्रेक्ष्य किस पर सबसे अधिक जोर देता है?
A) बड़े पैमाने पर सामाजिक संरचनाएं
B) व्यक्तिपरक अर्थ और सामाजिक अंतःक्रिया
C) सामाजिक व्यवस्था बनाए रखने में धर्म की भूमिका
D) आर्थिक असमानता के कारण
सही उत्तर: B
विस्तृत व्याख्या:
सही विकल्प (B) है। प्रतीकात्मक अंतःक्रियावाद एक समाजशास्त्रीय परिप्रेक्ष्य है जो व्यक्तिपरक अर्थ, प्रतीकों और छोटे पैमाने की सामाजिक अंतःक्रियाओं पर जोर देता है। यह इस बात पर केंद्रित है कि व्यक्ति अपनी सामाजिक दुनिया का निर्माण कैसे करते हैं और प्रतीकों (जैसे भाषा, हावभाव) के माध्यम से एक-दूसरे के साथ कैसे बातचीत करते हैं। जॉर्ज हर्बर्ट मीड और हर्बर्ट ब्लूमर इसके प्रमुख विचारक हैं।
गलत विकल्प: (A) बड़े पैमाने पर संरचनाएं प्रकार्यवाद और संघर्ष सिद्धांत का केंद्र बिंदु हैं। (C) और (D) विशिष्ट विषय हैं जो इस परिप्रेक्ष्य के प्राथमिक फोकस नहीं हैं।
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निम्नलिखित में से कौन “प्राथमिक समूह” (Primary Group) का उदाहरण नहीं है?
A) परिवार
B) घनिष्ठ मित्र मंडली
C) कार्यस्थल पर सहकर्मी
D) एक पड़ोस का समूह जिसके सदस्य एक-दूसरे को अच्छी तरह जानते हैं
सही उत्तर: C
विस्तृत व्याख्या:
सही विकल्प (C) है। चार्ल्स कूले ने प्राथमिक समूह को एक ऐसे समूह के रूप में परिभाषित किया जिसमें व्यक्तिगत, घनिष्ठ, आमने-सामने के और भावनात्मक संबंध होते हैं, जो समाजीकरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। परिवार, घनिष्ठ मित्र और एक करीबी पड़ोस का समूह इसके उदाहरण हैं। कार्यस्थल पर सहकर्मी आमतौर पर द्वितीयक समूह का हिस्सा होते हैं, जहां संबंध अधिक औपचारिक और विशिष्ट होते हैं, हालांकि कुछ सहकर्मियों के साथ प्राथमिक संबंध विकसित हो सकते हैं।
गलत विकल्प: (A), (B) और (D) प्राथमिक समूह के उत्कृष्ट उदाहरण हैं।
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