Get free Notes

सफलता सिर्फ कड़ी मेहनत से नहीं, सही मार्गदर्शन से मिलती है। हमारे सभी विषयों के कम्पलीट नोट्स, G.K. बेसिक कोर्स, और करियर गाइडेंस बुक के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें।

Click Here

समाजशास्त्र मास्टरक्लास: वैचारिक स्पष्टता और प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए महत्वपूर्ण प्रश्न

नमस्ते समाजशास्त्र के जिज्ञासुओं!

\n

आज की यह बौद्धिक चुनौती आपकी वैचारिक स्पष्टता और विश्लेषणात्मक क्षमता को परखने के लिए डिज़ाइन की गई है। चाहे आप UGC-NET की तैयारी कर रहे हों या UPSC की, समाजशास्त्र की गहराइयों को समझना केवल परीक्षा पास करने के लिए नहीं, बल्कि समाज को देखने के नज़रिए को बदलने के लिए आवश्यक है। आइए, अपने ज्ञान की सीमाओं को विस्तार दें और इस उच्च-स्तरीय मॉक टेस्ट के माध्यम से अपनी तैयारी का मूल्यांकन करें!

\n


\n

    \n

  1. ‘सामाजिक तथ्य’ (Social Fact) की अवधारणा किसने प्रतिपादित की थी, जिन्होंने इसे व्यक्ति से बाहरी और बाध्यकारी माना?\n
      \n

    • (A) मैक्स वेबर
    • \n

    • (B) एमिल दुर्खीम
    • \n

    • (C) कार्ल मार्क्स
    • \n

    • (D) हरबर्ट स्पेंसर
    • \n

    \n

    सही उत्तर: (B) एमिल दुर्खीम

    \n

    विस्तृत व्याख्या: दुर्खीम ने अपनी पुस्तक ‘The Rules of Sociological Method’ में सामाजिक तथ्यों को परिभाषित किया। उनके अनुसार, सामाजिक तथ्य वे तरीके के सोचने, महसूस करने और कार्य करने के तरीके हैं जो व्यक्ति के बाहर मौजूद होते हैं और उस पर दबाव डालते हैं (जैसे कानून, नैतिकता और रीति-रिवाज)। वेबर ‘सामाजिक क्रिया’ पर केंद्रित थे, जबकि मार्क्स ‘वर्ग संघर्ष’ पर।

    \n\n

  2. कार्ल मार्क्स के अनुसार, ‘अलगाव’ (Alienation) का मुख्य कारण क्या है?\n
      \n

    • (A) सामाजिक मूल्यों का अभाव
    • \n

    • (B) पूंजीवादी उत्पादन प्रणाली और निजी स्वामित्व
    • \n

    • (C) धार्मिक अंधविश्वास
    • \n

    • (D) शिक्षा की कमी
    • \n

    \n

    सही उत्तर: (B) पूंजीवादी उत्पादन प्रणाली और निजी स्वामित्व

    \n

    विस्तृत व्याख्या: मार्क्स का तर्क था कि पूंजीवाद में श्रमिक अपने उत्पाद, उत्पादन की प्रक्रिया, अपने साथी श्रमिकों और अंततः अपने ‘मानवीय स्वभाव’ (Species-being) से अलग हो जाता है। यह अलगाव निजी संपत्ति और श्रम के वस्तुकरण (Commodification) का परिणाम है।

    \n\n

  3. मैक्स वेबर की ‘आदर्श प्रारूप’ (Ideal Type) पद्धति का मुख्य उद्देश्य क्या है?\n
      \n

    • (A) समाज का पूर्ण विवरण देना
    • \n

    • (B) सामाजिक वास्तविकता के लिए एक तुलनात्मक मानक बनाना
    • \n

    • (C) केवल सकारात्मक तथ्यों का संग्रह करना
    • \n

    • (D) सामाजिक परिवर्तन की भविष्यवाणी करना
    • \n

    \n

    सही उत्तर: (B) सामाजिक वास्तविकता के लिए एक तुलनात्मक मानक बनाना

    \n

    विस्तृत व्याख्या: आदर्श प्रारूप कोई ‘आदर्श’ स्थिति नहीं है, बल्कि एक विश्लेषणात्मक उपकरण है। वेबर इसका उपयोग जटिल सामाजिक घटनाओं को समझने के लिए एक मानक के रूप में करते थे, जिससे वे वास्तविक दुनिया की स्थितियों की तुलना कर सकें।

    \n\n

  4. टैलकॉट पार्सन्स के AGIL मॉडल में ‘L’ का क्या अर्थ है?\n
      \n

    • (A) Legitimacy (वैधता)
    • \n

    • (B) Latency (प्रसुप्ति/अनुकूलन)
    • \n

    • (C) Logic (तर्क)
    • \n

    • (D) Liberalism (उदारवाद)
    • \n

    \n

    सही उत्तर: (B) Latency (प्रसुप्ति/अनुकूलन)

    \n

    विस्तृत व्याख्या: AGIL मॉडल में A-Adaptation, G-Goal Attainment, I-Integration और L-Latency है। Latency (Pattern Maintenance) का अर्थ है उन सांस्कृतिक मूल्यों और मानदंडों को बनाए रखना जो समाज के स्थायित्व के लिए आवश्यक हैं (जैसे परिवार और शिक्षा)।

    \n\n

  5. रॉबर्ट के. मर्टन ने ‘प्रकट कार्य’ (Manifest Function) और ‘अप्रत्यक्ष कार्य’ (Latent Function) के बीच अंतर स्पष्ट किया। ‘अप्रत्यक्ष कार्य’ से क्या तात्पर्य है?\n
      \n

    • (A) जो कार्य जानबूझकर किया गया हो
    • \n

    • (B) जो कार्य अपेक्षित और ज्ञात हो
    • \n

    • (C) अनपेक्षित और अनजाने में होने वाले परिणाम
    • \n

    • (D) समाज के लिए हानिकारक कार्य (Dysfunction)
    • \n

    \n

    सही उत्तर: (C) अनपेक्षित और अनजाने में होने वाले परिणाम

    \n

    विस्तृत व्याख्या: प्रकट कार्य वे परिणाम हैं जिनके लिए कोई संस्था बनाई जाती है (जैसे स्कूल शिक्षा के लिए है), जबकि अप्रत्यक्ष कार्य वे परिणाम हैं जो अनजाने में निकलते हैं (जैसे स्कूल में सामाजिक नेटवर्क बनाना)। विकल्प (D) ‘डिसफंक्शन’ है, जो अलग अवधारणा है।

    \n\n

  6. जॉर्ज हरबर्ट मीड के अनुसार, ‘स्व’ (Self) का विकास कैसे होता है?\n
      \n

    • (A) आनुवंशिक गुणों के माध्यम से
    • \n

    • (B) केवल जैविक परिपक्वता से
    • \n

    • (C) सामाजिक अंतःक्रिया और प्रतीकात्मक संचार के माध्यम से
    • \n

    • (D) कठोर अनुशासन के माध्यम से
    • \n

    \n

    सही उत्तर: (C) सामाजिक अंतःक्रिया और प्रतीकात्मक संचार के माध्यम से

    \n

    विस्तृत व्याख्या: मीड ने ‘I’ (स्वयं का सहज रूप) और ‘Me’ (समाज द्वारा देखा गया रूप) के बीच संवाद के माध्यम से ‘Self’ के विकास की व्याख्या की। यह प्रतीकात्मक अंतःक्रियावाद (Symbolic Interactionism) का मूल आधार है।

    \n\n

  7. ‘एनोमी’ (Anomie) की स्थिति का वर्णन करते हुए दुर्खीम ने इसे किससे जोड़ा?\n
      \n

    • (A) अत्यधिक सामाजिक नियंत्रण से
    • \n

    • (B) सामाजिक मानदंडों के टूटने या स्पष्टता की कमी से
    • \n

    • (C) केवल आर्थिक गरीबी से
    • \n

    • (D) धार्मिक कट्टरपंथ से
    • \n

    \n

    सही उत्तर: (B) सामाजिक मानदंडों के टूटने या स्पष्टता की कमी से

    \n

    विस्तृत व्याख्या: ‘एनोमी’ का अर्थ है ‘नियमहीनता’। जब समाज में तीव्र परिवर्तन आता है और पुराने नियम काम नहीं करते जबकि नए नियम अभी बने नहीं होते, तो व्यक्ति दिशाहीन महसूस करता है। दुर्खीम ने इसे आत्महत्या के एक प्रकार (Anomic Suicide) से जोड़ा था।

    \n\n

  8. पियरे बोर्दियु की ‘सांस्कृतिक पूंजी’ (Cultural Capital) की अवधारणा क्या दर्शाती है?\n
      \n

    • (A) बैंक में जमा धन
    • \n

    • (B) केवल भौतिक संपत्तियां
    • \n

    • (C) ज्ञान, कौशल और शिक्षा जो सामाजिक लाभ प्रदान करती है
    • \n

    • (D) केवल पारंपरिक लोक कलाएं
    • \n

    \n

    सही उत्तर: (C) ज्ञान, कौशल और शिक्षा जो सामाजिक लाभ प्रदान करती है

    \n

    विस्तृत व्याख्या: बोर्दियु के अनुसार, उच्च वर्ग अपने बच्चों को ऐसी सांस्कृतिक पूंजी (जैसे भाषा, शिष्टाचार, कला का ज्ञान) प्रदान करता है जो उन्हें शिक्षा प्रणाली में लाभ दिलाती है और सामाजिक असमानता को बनाए रखती है।

    \n\n

  9. सामाजिक स्तरीकरण (Social Stratification) के संदर्भ में, ‘खुली व्यवस्था’ (Open System) की विशेषता क्या है?\n
      \n

    • (A) जन्म आधारित स्थिति (Ascribed Status)
    • \n

    • (B) सामाजिक गतिशीलता (Social Mobility) की संभावना
    • \n

    • (C) कठोर जाति व्यवस्था
    • \n

    • (D) परिवर्तन का पूर्ण अभाव
    • \n

    \n

    सही उत्तर: (B) सामाजिक गतिशीलता (Social Mobility) की संभावना

    \n

    विस्तृत व्याख्या: खुली व्यवस्था (जैसे वर्ग व्यवस्था) में व्यक्ति अपनी योग्यता और उपलब्धि (Achieved Status) के आधार पर अपना स्तर बदल सकता है, जबकि बंद व्यवस्था (जैसे जाति) में स्थिति जन्म से निर्धारित होती है।

    \n\n

  10. निम्नलिखित में से कौन सा ‘मात्रात्मक अनुसंधान’ (Quantitative Research) का उदाहरण है?\n
      \n

    • (A) गहन साक्षात्कार (In-depth Interview)
    • \n

    • (B) सहभागी अवलोकन (Participant Observation)
    • \n

    • (C) संरचित सर्वेक्षण (Structured Survey)
    • \n

    • (D) केस स्टडी (Case Study)
    • \n

    \n

    सही उत्तर: (C) संरचित सर्वेक्षण (Structured Survey)

    \n

    विस्तृत व्याख्या: मात्रात्मक अनुसंधान आंकड़ों और सांख्यिकी पर आधारित होता है। सर्वेक्षण, प्रश्नावली और जनगणना इसके उदाहरण हैं। अन्य तीन विकल्प ‘गुणात्मक’ (Qualitative) अनुसंधान की विधियाँ हैं।

    \n\n

  11. ‘त्रिभुजीकरण’ (Triangulation) विधि का अनुसंधान में क्या महत्व है?\n
      \n

    • (A) केवल एक ही डेटा स्रोत का उपयोग करना
    • \n

    • (B) डेटा की वैधता बढ़ाने के लिए कई विधियों का उपयोग करना
    • \n

    • (C) नमूना आकार को कम करना
    • \n

    • (D) केवल गुणात्मक डेटा पर ध्यान केंद्रित करना
    • \n

    \n

    सही उत्तर: (B) डेटा की वैधता बढ़ाने के लिए कई विधियों का उपयोग करना

    \n

    विस्तृत व्याख्या: जब एक ही शोध समस्या का अध्ययन करने के लिए सर्वेक्षण, साक्षात्कार और अवलोकन जैसे विभिन्न तरीकों का उपयोग किया जाता है, तो उसे त्रिभुजीकरण कहते हैं। इससे निष्कर्षों की विश्वसनीयता और सटीकता बढ़ती है।

    \n\n

  12. ‘नृवंशविज्ञान’ (Ethnography) अनुसंधान की किस विशेषता को दर्शाता है?\n
      \n

    • (A) प्रयोगशाला प्रयोग
    • \n

    • (B) सांख्यिकीय विश्लेषण
    • \n

    • (C) किसी संस्कृति या समूह का गहन, प्रत्यक्ष अवलोकन
    • \n

    • (D) केवल पुस्तकालय आधारित शोध
    • \n

    \n

    सही उत्तर: (C) किसी संस्कृति या समूह का गहन, प्रत्यक्ष अवलोकन

    \n

    विस्तृत व्याख्या: नृवंशविज्ञान में शोधकर्ता उस समुदाय के बीच रहकर उनके जीवन जीने के तरीकों, रीति-रिवाजों और व्यवहारों का सूक्ष्म अध्ययन करता है। यह गुणात्मक शोध का एक सशक्त माध्यम है।

    \n\n

  13. एम.एन. श्रीनिवास द्वारा प्रतिपादित ‘संस्कृतिकरण’ (Sanskritization) की प्रक्रिया क्या है?\n
      \n

    • (A) निचली जातियों द्वारा उच्च जातियों के रीति-रिवाजों को अपनाना
    • \n

    • (B) उच्च जातियों का निम्न जातियों के साथ विलीनीकरण
    • \n

    • (C) केवल संस्कृत भाषा सीखना
    • \n

    • (D) जाति व्यवस्था का पूर्ण अंत
    • \n

    \n

    सही उत्तर: (A) निचली जातियों द्वारा उच्च जातियों के रीति-रिवाजों को अपनाना

    \n

    विस्तृत व्याख्या: संस्कृतिकरण वह प्रक्रिया है जिसमें निम्न जातियाँ अपनी सामाजिक स्थिति ऊपर उठाने के लिए उच्च जातियों (विशेषकर द्विजों) के रीति-रिवाजों, विचारधारा और जीवन शैली को अपनाती हैं।

    \n\n

  14. ‘प्रभु जाति’ (Dominant Caste) की अवधारणा के लिए कौन सी शर्त आवश्यक नहीं है?\n
      \n

    • (A) संख्यात्मक शक्ति
    • \n

    • (B) आर्थिक शक्ति (भूमि स्वामित्व)
    • \n

    • (C) राजनीतिक प्रभाव
    • \n

    • (D) केवल धार्मिक शुद्धता (Ritual Purity)
    • \n

    \n

    सही उत्तर: (D) केवल धार्मिक शुद्धता (Ritual Purity)

    \n

    विस्तृत व्याख्या: श्रीनिवास के अनुसार, प्रभु जाति होने के लिए केवल अनुष्ठानिक शुद्धता पर्याप्त नहीं है; उसके पास संख्या, भूमि और राजनीतिक शक्ति का होना अनिवार्य है। कई बार निम्न अनुष्ठानिक स्थिति वाली जातियाँ भी प्रभु जाति हो सकती हैं।

    \n\n

  15. भारतीय समाज में ‘डिजिटल जाति व्यवस्था’ (Digital Caste System) से क्या तात्पर्य है?\n
      \n

    • (A) कंप्यूटर का उपयोग करने वाली नई जातियों का निर्माण
    • \n

    • (B) तकनीकी संसाधनों तक पहुंच में जाति-आधारित असमानता
    • \n

    • (C) इंटरनेट पर केवल जातिगत चर्चाएं होना
    • \n

    • (D) डिजिटल साक्षरता का जाति से कोई संबंध न होना
    • \n

    \n

    सही उत्तर: (B) तकनीकी संसाधनों तक पहुंच में जाति-आधारित असमानता

    \n

    विस्तृत व्याख्या: यह एक समकालीन अवधारणा है जो बताती है कि कैसे ऐतिहासिक सामाजिक असमानताएं डिजिटल युग में भी जारी हैं, जहाँ संसाधनों और अवसरों तक पहुँच अभी भी जातिगत पृष्ठभूमि से प्रभावित होती है।

    \n\n

  16. ‘संयुक्त परिवार’ (Joint Family) के विघटन का मुख्य समाजशास्त्रीय कारण क्या माना जाता है?\n
      \n

    • (A) जनसंख्या वृद्धि
    • \n

    • (B) नगरीकरण और औद्योगिकरण
    • \n

    • (C) धार्मिक विश्वासों में वृद्धि
    • \n

    • (D) संयुक्त परिवार के सदस्यों की अधिक संख्या
    • \n

    \n

    सही उत्तर: (B) नगरीकरण और औद्योगिकरण

    \n

    विस्तृत व्याख्या: औद्योगिकीकरण ने रोजगार के अवसरों को शहरों की ओर स्थानांतरित कर दिया, जिससे व्यक्ति अपनी पारिवारिक जड़ों से दूर हुआ। इसके परिणामस्वरूप एकल परिवारों (Nuclear Families) का चलन बढ़ा।

    \n\n

  17. धर्म के समाजशास्त्र में ‘पवित्र’ (Sacred) और ‘अपवित्र/लौकिक’ (Profane) के बीच अंतर किसने किया?\n
      \n

    • (A) मैक्स वेबर
    • \n

    • (B) कार्ल मार्क्स
    • \n

    • (C) एमिल दुर्खीम
    • \n

    • (D) ऑगस्ट कॉम्टे
    • \n

    \n

    सही उत्तर: (C) एमिल दुर्खीम

    \n

    विस्तृत व्याख्या: दुर्खीम ने अपनी पुस्तक ‘The Elementary Forms of the Religious Life’ में तर्क दिया कि धर्म वास्तव में पवित्र और लौकिक चीजों के बीच विभाजन है। पवित्र वह है जिसे समाज अलग रखता है और सम्मान देता है।

    \n\n

  18. शिक्षा के समाजशास्त्र में ‘गुप्त पाठ्यक्रम’ (Hidden Curriculum) का क्या अर्थ है?\n
      \n

    • (A) वह पाठ्यक्रम जो शिक्षकों ने छिपा रखा हो
    • \n

    • (B) अनौपचारिक मूल्य और व्यवहार जो छात्र स्कूल में अनजाने में सीखते हैं
    • \n

    • (C) केवल बाहरी कोचिंग संस्थानों का सिलेबस
    • \n

    • (D) वह ज्ञान जो केवल प्रतिभाशाली छात्रों को दिया जाता है
    • \n

    \n

    सही उत्तर: (B) अनौपचारिक मूल्य और व्यवहार जो छात्र स्कूल में अनजाने में सीखते हैं

    \n

    विस्तृत व्याख्या: औपचारिक शिक्षा (गणित, विज्ञान) के अलावा, छात्र स्कूल में अनुशासन, सत्ता के प्रति आज्ञाकारिता और सामाजिक पदानुक्रम जैसे मूल्य सीखते हैं, जिसे ‘गुप्त पाठ्यक्रम’ कहा जाता है।

    \n\n

  19. ‘जेंट्रीफिकेशन’ (Gentrification) शहरी समाजशास्त्र की किस प्रक्रिया को दर्शाता है?\n
      \n

    • (A) झुग्गी-झोपड़ियों का स्वतः विस्तार
    • \n

    • (B) शहरी क्षेत्रों के पुराने/निम्न आय वाले इलाकों का उच्च आय वर्ग द्वारा पुनर्विकास
    • \n

    • (C) शहरों से गांवों की ओर पलायन
    • \n

    • (D) शहरी बुनियादी ढांचे का पूर्ण विनाश
    • \n

    \n

    सही उत्तर: (B) शहरी क्षेत्रों के पुराने/निम्न आय वाले इलाकों का उच्च आय वर्ग द्वारा पुनर्विकास

    \n

    विस्तृत व्याख्या: यह एक प्रक्रिया है जहाँ मध्यम और उच्च वर्ग के लोग पुराने शहरी इलाकों में निवेश करते हैं, जिससे वहां का जीवन स्तर तो बढ़ता है, लेकिन मूल गरीब निवासी विस्थापित हो जाते हैं।

    \n\n

  20. ग्रामीण समाजशास्त्र के संदर्भ में ‘ग्राम समुदाय’ (Village Community) की प्रमुख विशेषता क्या है?\n
      \n

    • (A) पूर्णतः व्यक्तिगत संबंध
    • \n

    • (B) प्राथमिक संबंधों की प्रधानता और पारस्परिक निर्भरता
    • \n

    • (C) केवल व्यावसायिक संबंधों का होना
    • \n

    • (D) शहरी जीवन के समान गुमनामी (Anonymity)
    • \n

    \n

    सही उत्तर: (B) प्राथमिक संबंधों की प्रधानता और पारस्परिक निर्भरता

    \n

    विस्तृत व्याख्या: ग्रामीण समाज में लोग एक-दूसरे को व्यक्तिगत रूप से जानते हैं (Face-to-face interactions) और सामाजिक नियंत्रण अनौपचारिक होता है, जो प्राथमिक समूह की विशेषता है।

    \n\n

  21. समकालीन समाजशास्त्र में ‘मित्रता बाजार’ (Friendship Market) की अवधारणा क्या संकेत देती है?\n
      \n

    • (A) दोस्तों के बीच व्यापार करना
    • \n

    • (B) सामाजिक पूंजी और संसाधनों के आधार पर संबंधों के बनने की सहजता
    • \n

    • (C) केवल आर्थिक लाभ के लिए मित्रता करना
    • \n

    • (D) मित्रता का पूरी तरह से समाप्त हो जाना
    • \n

    \n

    सही उत्तर: (B) सामाजिक पूंजी और संसाधनों के आधार पर संबंधों के बनने की सहजता

    \n

    विस्तृत व्याख्या: हालिया शोध बताते हैं कि जिस तरह आर्थिक बाजार होते हैं, उसी तरह सामाजिक संबंधों में भी एक ‘बाजार’ काम करता है, जहाँ व्यक्ति की सामाजिक स्थिति, आकर्षण और संसाधन यह तय करते हैं कि वह कितने आसानी से स्थायी संबंध बना पाता है।

    \n\n

  22. AI-जनित विजुअल पार्टनर्स और घरेलू काम के वितरण पर शोध क्या दर्शाता है?\n
      \n

    • (A) AI ने जेंडर असमानता को पूरी तरह खत्म कर दिया है
    • \n

    • (B) तकनीक के बावजूद घरेलू काम के प्रति जेंडर-आधारित धारणाएं अभी भी मौजूद हैं
    • \n

    • (C) अब केवल पुरुष ही AI का उपयोग करते हैं
    • \n

    • (D) घरेलू काम का वितरण अब पूरी तरह से यादृच्छिक (Random) है
    • \n

    \n

    सही उत्तर: (B) तकनीक के बावजूद घरेलू काम के प्रति जेंडर-आधारित धारणाएं अभी भी मौजूद हैं

    \n

    विस्तृत व्याख्या: समकालीन समाजशास्त्रीय अध्ययन दिखाते हैं कि भले ही हम AI जैसे उन्नत उपकरणों का उपयोग करें, लेकिन समाज में यह धारणा अभी भी गहरी है कि घरेलू कार्य महिलाओं की जिम्मेदारी है। यह ‘जेंडर रोल’ के स्थायित्व को दर्शाता है।

    \n\n

  23. चीन में इंटरनेट के उपयोग और प्रजनन उम्मीदों (Fertility Expectations) के बीच ‘सामाजिक असमानता’ की क्या भूमिका है?\n
      \n

    • (A) इंटरनेट का उपयोग प्रजनन दर को हमेशा बढ़ाता है
    • \n

    • (B) सामाजिक असमानता इस संबंध को प्रभावित (Mediate) करती है, जिससे अलग-अलग वर्गों में प्रभाव अलग होता है
    • \n

    • (C) इंटरनेट का प्रजनन से कोई संबंध नहीं है
    • \n

    • (D) केवल अमीर लोग ही इंटरनेट का उपयोग करते हैं
    • \n

    \n

    सही उत्तर: (B) सामाजिक असमानता इस संबंध को प्रभावित (Mediate) करती है, जिससे अलग-अलग वर्गों में प्रभाव अलग होता है

    \n

    विस्तृत व्याख्या: शोध संकेत देते हैं कि इंटरनेट के माध्यम से मिलने वाली जानकारी का प्रजनन निर्णयों पर प्रभाव इस बात पर निर्भर करता है कि व्यक्ति की सामाजिक-आर्थिक स्थिति क्या है। असमानता यहाँ एक ‘मध्यस्थ’ (Mediator) का कार्य करती है।

    \n\n

  24. निम्न और मध्यम आय वाले देशों में महामारी के दौरान ‘वन-टू-वन फोन ट्यूटरिंग’ का शिक्षाशास्त्र पर क्या प्रभाव देखा गया?\n
      \n

    • (A) इससे छात्रों के सीखने के स्तर में गिरावट आई
    • \n

    • (B) इससे केवल भाषा कौशल बढ़ा, गणित नहीं
    • \n

    • (C) इसने साक्षरता और संख्यात्मकता (Numeracy) स्कोर में उल्लेखनीय सुधार किया
    • \n

    • (D) इसका कोई प्रभाव नहीं पड़ा क्योंकि तकनीक अनुपलब्ध थी
    • \n

    \n

    सही उत्तर: (C) इसने साक्षरता और संख्यात्मकता (Numeracy) स्कोर में उल्लेखनीय सुधार किया

    \n

    विस्तृत व्याख्या: यह अध्ययन दर्शाता है कि डिजिटल डिवाइड के बावजूद, सरल तकनीक (फोन) के माध्यम से व्यक्तिगत ध्यान (Personalized Attention) देना शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार ला सकता है, खासकर उन क्षेत्रों में जहाँ भौतिक स्कूल बंद थे।

    \n\n

  25. ‘इंटरसेक्शनैलिटी’ (Intersectionality) का समाजशास्त्रीय अर्थ क्या है?\n
      \n

    • (A) केवल एक सामाजिक पहचान (जैसे केवल जाति) का अध्ययन करना
    • \n

    • (B) विभिन्न सामाजिक श्रेणियों (जैसे जाति, वर्ग, लिंग) के परस्पर प्रभाव से उत्पन्न उत्पीड़न का अध्ययन
    • \n

    • (C) सामाजिक वर्गों के बीच पूर्ण समानता लाना
    • \n

    • (D) केवल अंतरराष्ट्रीय संबंधों का अध्ययन करना
    • \n

    \n

    सही उत्तर: (B) विभिन्न सामाजिक श्रेणियों (जैसे जाति, वर्ग, लिंग) के परस्पर प्रभाव से उत्पन्न उत्पीड़न का अध्ययन

    \n

    विस्तृत व्याख्या: इंटरसेक्शनैलिटी यह बताती है कि एक व्यक्ति का अनुभव केवल उसकी एक पहचान (जैसे महिला होना) से तय नहीं होता, बल्कि उसकी जाति, वर्ग और नस्ल जैसी कई पहचानें मिलकर उसके शोषण या विशेषाधिकार के स्तर को निर्धारित करती हैं।

    \n

सफलता सिर्फ कड़ी मेहनत से नहीं, सही मार्गदर्शन से मिलती है। हमारे सभी विषयों के कम्पलीट नोट्स, G.K. बेसिक कोर्स, और करियर गाइडेंस बुक के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें।

[कोर्स और फ्री नोट्स के लिए यहाँ क्लिक करें]

Leave a Comment