इतिहास की गहन यात्रा: अपनी तैयारी को दें एक नई दिशा
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समय के पहिये को पीछे घुमाएं और अतीत की उन गलियों में चलें जहाँ से महान साम्राज्यों का उदय हुआ और शक्तिशाली राजवंशों का पतन। एक प्रतियोगी उम्मीदवार के लिए इतिहास केवल तारीखों का संग्रह नहीं, बल्कि घटनाओं के बीच के संबंधों को समझने की कला है। आज का यह विशेष अभ्यास सेट आपको प्राचीन सभ्यताओं से लेकर आधुनिक विश्व की क्रांतियों तक ले जाएगा, जिससे आपकी वैचारिक स्पष्टता और याद रखने की क्षमता दोनों का परीक्षण होगा। चलिए, इस बौद्धिक यात्रा को शुरू करते हैं!
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- सिंधु घाटी सभ्यता का वह कौन सा स्थल है जिसे ‘पत्तन नगर’ (Port City) के रूप में जाना जाता है और जहाँ से गोदीबाड़ा (Dockyard) के प्रमाण मिले हैं?\n
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- हड़प्पा
- मोहनजोदड़ो
- लोथल
- कालीबंगा
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सही उत्तर: लोथल\n
विस्तृत व्याख्या: लोथल, गुजरात के अहमदाबाद जिले में स्थित सिंधु घाटी सभ्यता का एक महत्वपूर्ण बंदरगाह शहर था। यहाँ से एक विशाल ईंटों से बना गोदीबाड़ा (Dockyard) मिला है, जो यह सिद्ध करता है कि सिंधु निवासी समुद्री व्यापार में निपुण थे और मेसोपोटामिया जैसी सभ्यताओं के साथ व्यापार करते थे।\n
अन्य विकल्प गलत क्यों हैं? हड़प्पा और मोहनजोदड़ो मुख्य नगर थे लेकिन वे आंतरिक स्थल थे। कालीबंगा राजस्थान में है और यहाँ मुख्य रूप से जुते हुए खेतों के प्रमाण मिले हैं, बंदरगाह के नहीं। - ऋग्वेद के किस मंडल में ‘पुरुष सूक्त’ का वर्णन है, जिसमें चार वर्णों की उत्पत्ति का उल्लेख मिलता है?\n
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- तीसरे मंडल में
- सातवें मंडल में
- नौवें मंडल में
- दसवें मंडल में
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सही उत्तर: दसवें मंडल में\n
विस्तृत व्याख्या: ऋग्वेद के 10वें मंडल के ‘पुरुष सूक्त’ में पहली बार समाज के चार वर्णों (ब्राह्मण, क्षत्रिय, वैश्य और शूद्र) का उल्लेख मिलता है, जिन्हें एक विराट पुरुष के विभिन्न अंगों से उत्पन्न बताया गया है।\n
अन्य विकल्प गलत क्यों हैं? तीसरे मंडल में प्रसिद्ध ‘गायत्री मंत्र’ है। सातवें मंडल में नदियों का वर्णन और इंद्र-वरुण की स्तुति है, और नौवां मंडल पूरी तरह से ‘सोम’ देवता को समर्पित है। - चौथी बौद्ध संगीति (Fourth Buddhist Council) किसके शासनकाल में और कहाँ आयोजित की गई थी?\n
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- अशोक – पाटलिपुत्र
- कनिष्क – कुंडलवन (कश्मीर)
- कालाशोक – पाटलिपुत्र
- अजातशत्रु – राजगृह
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सही उत्तर: कनिष्क – कुंडलवन (कश्मीर)\n
विस्तृत व्याख्या: पहली शताब्दी ईस्वी में कुषाण राजा कनिष्क के संरक्षण में चौथी बौद्ध संगीति कश्मीर के कुंडलवन में हुई। इसी संगीति के बाद बौद्ध धर्म स्पष्ट रूप से ‘हीनयान’ और ‘महायान’ दो संप्रदायों में विभाजित हो गया।\n
अन्य विकल्प गलत क्यों हैं? पहली संगीति अजातशत्रु (राजगृह), दूसरी कालाशोक (वैशाली) और तीसरी अशोक (पाटलिपुत्र) के समय हुई थी। - मौर्य काल के दौरान ‘धम्म महामात्रों’ की नियुक्ति का मुख्य उद्देश्य क्या था?\n
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- सीमाओं की सुरक्षा करना
- करों की वसूली करना
- धम्म के प्रचार-प्रसार और समाज में नैतिक उत्थान को बढ़ावा देना
- गुप्तचर व्यवस्था को मजबूत करना
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सही उत्तर: धम्म के प्रचार-प्रसार और समाज में नैतिक उत्थान को बढ़ावा देना\n
विस्तृत व्याख्या: सम्राट अशोक ने अपने शासन के 13वें वर्ष में ‘धम्म महामात्रों’ नामक अधिकारियों की नियुक्ति की। उनका कार्य लोगों को अशोक के ‘धम्म’ (नैतिक आचरण) की शिक्षा देना, धार्मिक सहिष्णुता को बढ़ावा देना और कैदियों के कल्याण का ध्यान रखना था।\n
अन्य विकल्प गलत क्यों हैं? सीमाओं की सुरक्षा सेना का कार्य था और कर वसूली ‘समाहर्ता’ जैसे अधिकारियों द्वारा की जाती थी। - गुप्त सम्राट चंद्रगुप्त द्वितीय (विक्रमादित्य) के शासनकाल में किस चीनी यात्री ने भारत की यात्रा की थी?\n
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- ह्वेन त्सांग
- फा-हियान (Faxian)
- इत्सिंग
- मेगस्थनीज
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सही उत्तर: फा-हियान (Faxian)\n
विस्तृत व्याख्या: फा-हियान चंद्रगुप्त द्वितीय के काल में भारत आया था। उसने गुप्त साम्राज्य की शांति, समृद्धि और बौद्ध धर्म की स्थिति के बारे में अपने यात्रा वृत्तांतों में लिखा है।\n
अन्य विकल्प गलत क्यों हैं? ह्वेन त्सांग हर्षवर्द्धन के काल में आया था। इत्सिंग सातवीं शताब्दी में आया था। मेगस्थनीज मौर्य सम्राट चंद्रगुप्त मौर्य के दरबार में यूनानी राजदूत था। - हर्षवर्धन के प्रशासन के बारे में जानकारी देने वाला मुख्य स्रोत ‘हर्षचरित’ किसके द्वारा लिखा गया था?\n
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- ह्वेन त्सांग
- बाणभट्ट
- कल्हण
- चाणक्य
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सही उत्तर: बाणभट्ट\n
विस्तृत व्याख्या: बाणभट्ट सम्राट हर्षवर्धन के दरबारी कवि थे। उन्होंने ‘हर्षचरित’ नामक जीवनी लिखी, जो संस्कृत गद्य का एक उत्कृष्ट उदाहरण है और हर्ष के जीवन एवं प्रशासन की जानकारी देती है।\n
अन्य विकल्प गलत क्यों हैं? ह्वेन त्सांग ने ‘सी-यू-की’ लिखी थी। कल्हण ने ‘राजतरंगिणी’ (कश्मीर का इतिहास) लिखी और चाणक्य ने ‘अर्थशास्त्र’ लिखा। - दिल्ली सल्तनत के किस सुल्तान ने ‘बाजार नियंत्रण नीति’ (Market Control Policy) लागू की थी ताकि सेना के लिए सस्ता अनाज सुनिश्चित किया जा सके?\n
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- इल्तुतमिश
- बलबन
- अलाउद्दीन खिलजी
- मोहम्मद बिन तुगलक
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सही उत्तर: अलाउद्दीन खिलजी\n
विस्तृत व्याख्या: अलाउद्दीन खिलजी ने अपनी विशाल सेना के रखरखाव के लिए वस्तुओं की कीमतें निर्धारित कीं और ‘शहना-ए-मंडी’ नामक अधिकारी नियुक्त किए ताकि जमाखोरी रोकी जा सके और कीमतें नियंत्रित रहें।\n
अन्य विकल्प गलत क्यों हैं? इल्तुतमिश ने इक्ता प्रणाली को मजबूत किया। बलबन ने ‘सिजदा और पाबोस’ जैसी दरबारी शिष्टाचार प्रथाएं शुरू कीं। तुगलक ने राजधानी परिवर्तन और सांकेतिक मुद्रा का प्रयोग किया। - इल्तुतमिश द्वारा स्थापित ‘तुर्कान-ए-चहलगां’ (Turkan-i-Chahalgani) क्या था?\n
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- एक विशेष कर प्रणाली
- 40 वफादार गुलाम तुर्क अमीरों का एक समूह
- एक सैन्य टुकड़ी जो केवल घुड़सवारों की थी
- एक धार्मिक परिषद
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सही उत्तर: 40 वफादार गुलाम तुर्क अमीरों का एक समूह\n
विस्तृत व्याख्या: इल्तुतमिश ने शासन चलाने और अपनी स्थिति मजबूत करने के लिए 40 विश्वसनीय गुलाम अधिकारियों का एक समूह बनाया था, जिसे ‘चालीसा’ या ‘तुर्कान-ए-चहलगां’ कहा जाता था।\n
अन्य विकल्प गलत क्यों हैं? यह न तो कर प्रणाली थी और न ही कोई धार्मिक परिषद, बल्कि एक राजनीतिक-सैन्य गुट था जिसने बाद में सुल्तानों के चयन में हस्तक्षेप करना शुरू कर दिया। - मुगल सम्राट अकबर द्वारा शुरू की गई ‘मनसबदारी प्रणाली’ का मुख्य आधार क्या था?\n
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- जाति आधारित श्रेणी
- जात और सवार (पद और घुड़सवारों की संख्या)
- भूमि स्वामित्व का प्रकार
- धार्मिक निष्ठा का स्तर
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सही उत्तर: जात और सवार (पद और घुड़सवारों की संख्या)\n
विस्तृत व्याख्या: मनसबदारी प्रणाली एक प्रशासनिक और सैन्य व्यवस्था थी। ‘जात’ अधिकारी के व्यक्तिगत पद और वेतन को दर्शाता था, जबकि ‘सवार’ यह तय करता था कि उस अधिकारी को कितने घुड़सवार रखने होंगे।\n
अन्य विकल्प गलत क्यों हैं? यह जाति या धर्म पर आधारित नहीं थी, बल्कि योग्यता और सम्राट के प्रति निष्ठा पर आधारित एक वेतनभोगी पद था। - औरंगजेब की किस नीति के कारण मराठों और सिखों के साथ उसके संबंध तनावपूर्ण हो गए?\n
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- सुलह-ए-कुल की नीति
- धार्मिक असहिष्णुता और जजिया कर का पुनः लागू होना
- मनसबदारी में सुधार
- कृषि विस्तार नीति
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सही उत्तर: धार्मिक असहिष्णुता और जजिया कर का पुनः लागू होना\n
विस्तृत व्याख्या: अकबर द्वारा हटाए गए ‘जजिया कर’ को औरंगजेब ने 1679 में पुनः लागू कर दिया। साथ ही, उसकी कट्टर धार्मिक नीतियों और क्षेत्रीय स्वायत्तता को दबाने के प्रयासों ने मराठों (शिवाजी महाराज) और सिखों के विद्रोह को जन्म दिया।\n
अन्य विकल्प गलत क्यों हैं? ‘सुलह-ए-कुल’ अकबर की उदार नीति थी। मनसबदारी में बदलाव प्रशासनिक थे, लेकिन तनाव का मुख्य कारण धार्मिक और राजनीतिक कठोरता थी। - विजयनगर साम्राज्य के किस शासक के काल को कला और साहित्य का स्वर्ण युग माना जाता है, और जिसके दरबार में ‘अष्टदिग्गज’ (आठ महान कवि) थे?\n
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- हरिहर I
- देवराय II
- कृष्णदेव राय
- अच्युत देव राय
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सही उत्तर: कृष्णदेव राय\n
विस्तृत व्याख्या: कृष्णदेव राय तुलुव वंश के सबसे महान शासक थे। उन्होंने साहित्य को बहुत बढ़ावा दिया और उनके दरबार में तेनालीराम सहित आठ महान तेलुगु कवि थे जिन्हें ‘अष्टदिग्गज’ कहा जाता था। उन्होंने स्वयं ‘अमुक्तमाल्यद’ ग्रंथ लिखा।\n
अन्य विकल्प गलत क्यों हैं? हरिहर I और बुक्का ने साम्राज्य की स्थापना की थी। देवराय II ने सेना का आधुनिकीकरण किया था, लेकिन साहित्यिक चरम कृष्णदेव राय के समय आया। - भक्ति आंदोलन के उस संत का नाम बताइए जिन्होंने ‘गुरु ग्रंथ साहिब’ का संकलन किया और सिख धर्म की नींव रखी?\n
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- गुरु अंगद देव
- गुरु अर्जुन देव
- गुरु नानक देव
- गुरु गोबिंद सिंह
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सही उत्तर: गुरु अर्जुन देव\n
विस्तृत व्याख्या: यद्यपि सिख धर्म की स्थापना गुरु नानक देव जी ने की थी, लेकिन पांचवें गुरु, गुरु अर्जुन देव जी ने विभिन्न संतों की वाणी और गुरु नानक देव जी की रचनाओं को संकलित कर ‘आदि ग्रंथ’ (बाद में गुरु ग्रंथ साहिब) का संकलन किया।\n
अन्य विकल्प गलत क्यों हैं? गुरु नानक देव संस्थापक थे। गुरु गोबिंद सिंह ने ‘खालसा पंथ’ की स्थापना की और गुरु ग्रंथ साहिब को अंतिम गुरु घोषित किया। - 1943 के बंगाल अकाल (Bengal Famine) का प्राथमिक कारण क्या था, जिसने लाखों लोगों की जान ली?\n
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- अत्यधिक वर्षा और बाढ़
- ब्रिटिश सरकार की युद्धकालीन नीतियां और अनाज का निर्यात
- फसल में व्यापक कीट हमला
- स्थानीय जमींदारों द्वारा अनाज की पूरी तरह रोक
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सही उत्तर: ब्रिटिश सरकार की युद्धकालीन नीतियां और अनाज का निर्यात\n
विस्तृत व्याख्या: यह अकाल प्राकृतिक से अधिक मानव-निर्मित था। द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान ब्रिटिश सरकार (विंस्टन चर्चिल के नेतृत्व में) ने युद्ध के प्रयासों के लिए अनाज का निर्यात जारी रखा और बंगाल में खाद्य आपूर्ति को बाधित किया, जिससे भीषण भुखमरी फैली।\n
अन्य विकल्प गलत क्यों हैं? हालांकि कुछ प्राकृतिक कारण थे, लेकिन वे इतने विनाशकारी नहीं थे जितने कि ब्रिटिश प्रशासनिक विफलताओं और अनाज के निर्यात की नीतियों का प्रभाव था। - 1857 के विद्रोह के दौरान ‘झांसी’ का नेतृत्व किसने किया और उनके मुख्य सहयोगी कौन थे?\n
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- बेगम हजरत महल – तात्या टोपे
- रानी लक्ष्मीबाई – तात्या टोपे
- कुंवर सिंह – नाना साहेब
- रानी अवंतीबाई – लियाकत अली
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सही उत्तर: रानी लक्ष्मीबाई – तात्या टोपे\n
विस्तृत व्याख्या: रानी लक्ष्मीबाई ने ‘व्यपगत के सिद्धांत’ (Doctrine of Lapse) के विरोध में झांसी का नेतृत्व किया। तात्या टोपे उनके प्रमुख सैन्य रणनीतिकार और सहयोगी थे जिन्होंने गोरिल्ला युद्ध में उनकी मदद की।\n
अन्य विकल्प गलत क्यों हैं? बेगम हजरत महल ने लखनऊ का नेतृत्व किया। कुंवर सिंह ने बिहार (जगदीशपुर) का नेतृत्व किया। - राजा राममोहन राय ने 1828 में ‘ब्रह्म समाज’ की स्थापना की थी। उनका प्राथमिक उद्देश्य क्या था?\n
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- अंग्रेजी शिक्षा का विरोध करना
- सती प्रथा जैसी सामाजिक बुराइयों का अंत और एकेश्वरवाद का प्रचार
- हिंदू धर्म को पूरी तरह समाप्त करना
- केवल राजनीतिक स्वतंत्रता प्राप्त करना
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सही उत्तर: सती प्रथा जैसी सामाजिक बुराइयों का अंत और एकेश्वरवाद का प्रचार\n
विस्तृत व्याख्या: राजा राममोहन राय को ‘भारतीय पुनर्जागरण का जनक’ कहा जाता है। उन्होंने सती प्रथा, बाल विवाह और जातिवाद का विरोध किया और तर्कसंगत, एकेश्वरवादी धर्म का समर्थन किया। उनके प्रयासों से 1829 में लॉर्ड विलियम बेंटिक ने सती प्रथा को अवैध घोषित किया।\n
अन्य विकल्प गलत क्यों हैं? उन्होंने अंग्रेजी शिक्षा का समर्थन किया था क्योंकि वे विज्ञान और आधुनिक विचारों को लाना चाहते थे। उनका उद्देश्य धर्म को समाप्त करना नहीं, बल्कि उसमें सुधार करना था। - भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (INC) के प्रथम अधिवेशन (1885) की अध्यक्षता किसने की थी?\n
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- ए. ओ. ह्यूम
- दादाभाई नौरोजी
- व्योमेश चन्द्र बनर्जी (W.C. Bonnerjee)
- सुरेंद्रनाथ बनर्जी
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सही उत्तर: व्योमेश चन्द्र बनर्जी (W.C. Bonnerjee)\n
विस्तृत व्याख्या: दिसंबर 1885 में बॉम्बे के गोकुलदास तेजपाल संस्कृत कॉलेज में कांग्रेस का पहला सत्र हुआ, जिसकी अध्यक्षता व्योमेश चन्द्र बनर्जी ने की थी।\n
अन्य विकल्प गलत क्यों हैं? ए. ओ. ह्यूम कांग्रेस के संस्थापक/संगठक थे, अध्यक्ष नहीं। दादाभाई नौरोजी ने 1886 के सत्र की अध्यक्षता की थी। - महात्मा गांधी द्वारा शुरू किया गया ‘चंपारण सत्याग्रह’ (1917) मुख्य रूप से किसके विरोध में था?\n
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- नमक कर के विरुद्ध
- तीन पटियों (Tinkathia) वाली नील खेती प्रणाली के विरुद्ध
- मिल मजदूरों के वेतन वृद्धि के लिए
- रौलेट एक्ट के विरोध में
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सही उत्तर: तीन पटियों (Tinkathia) वाली नील खेती प्रणाली के विरुद्ध\n
विस्तृत व्याख्या: चंपारण (बिहार) में किसानों को अपनी भूमि के 3/20 हिस्से पर नील की खेती करने के लिए मजबूर किया जाता था (तिनकठिया प्रथा)। गांधीजी ने किसानों के शोषण के खिलाफ भारत में अपना पहला सत्याग्रह यहीं चलाया।\n
अन्य विकल्प गलत क्यों हैं? नमक कर का विरोध ‘दांडी मार्च’ (1930) में हुआ। मिल मजदूरों के लिए अहमदाबाद सत्याग्रह हुआ था और रौलेट एक्ट के खिलाफ 1919 का आंदोलन चला था। - ‘हिंदुस्तान सोशलिस्ट रिपब्लिकन एसोसिएशन’ (HSRA) की स्थापना 1928 में किसने की थी?\n
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- सुभाष चंद्र बोस
- चंद्रशेखर आजाद और भगत सिंह
- लाला हरदयाल
- बी. आर. अंबेडकर
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सही उत्तर: चंद्रशेखर आजाद और भगत सिंह\n
विस्तृत व्याख्या: दिल्ली के फिरोजशाह कोटला मैदान में चंद्रशेखर आजाद और भगत सिंह ने HSRA की स्थापना की। इसका उद्देश्य समाजवाद के आधार पर भारत को स्वतंत्र कराना और साम्राज्यवाद का अंत करना था।\n
अन्य विकल्प गलत क्यों हैं? लाला हरदयाल ने विदेश में ‘गदर पार्टी’ की स्थापना की थी। सुभाष चंद्र बोस ने ‘आजाद हिंद फौज’ का नेतृत्व किया। - लॉर्ड डलहौजी द्वारा लागू ‘व्यपगत का सिद्धांत’ (Doctrine of Lapse) का मुख्य उद्देश्य क्या था?\n
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- भारतीयों को अंग्रेजी शिक्षा देना
- बिना प्राकृतिक उत्तराधिकारी वाले देशी राज्यों को ब्रिटिश साम्राज्य में मिला लेना
- रेलवे का विस्तार करना
- सती प्रथा को समाप्त करना
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सही उत्तर: बिना प्राकृतिक उत्तराधिकारी वाले देशी राज्यों को ब्रिटिश साम्राज्य में मिला लेना\n
विस्तृत व्याख्या: इस नीति के अनुसार, यदि किसी भारतीय शासक का कोई जैविक पुत्र नहीं होता था, तो वह राज्य ब्रिटिश साम्राज्य का हिस्सा बन जाता था। सतारा, झाँसी और नागपुर इसी नीति के शिकार हुए।\n
अन्य विकल्प गलत क्यों हैं? अंग्रेजी शिक्षा मैकाले के प्रयासों से आई। रेलवे का विस्तार डलहौजी का कार्य था, लेकिन वह ‘व्यपगत सिद्धांत’ नहीं था। सती प्रथा बेंटिक ने समाप्त की थी। - अंग्रेजी गृहयुद्ध (English Civil War) के दौरान किस नेता ने राजशाही को समाप्त कर ‘कॉमनवेल्थ’ (Commonwealth) की स्थापना की थी?\n
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- किंग चार्ल्स प्रथम
- ओलिवर क्रॉमवेल (Oliver Cromwell)
- किंग जेम्स द्वितीय
- विलियम ऑफ ऑरेंज
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सही उत्तर: ओलिवर क्रॉमवेल (Oliver Cromwell)\n
विस्तृत व्याख्या: 17वीं शताब्दी में इंग्लैंड में संसद और राजा (चार्ल्स प्रथम) के बीच संघर्ष हुआ। ओलिवर क्रॉमवेल के नेतृत्व में संसदीय सेना विजयी हुई, चार्ल्स प्रथम को मृत्युदंड दिया गया और इंग्लैंड को एक गणतंत्र (Commonwealth) घोषित किया गया, जिसका शासन क्रॉमवेल ने ‘लॉर्ड प्रोटेक्टर’ के रूप में चलाया।\n
अन्य विकल्प गलत क्यों हैं? चार्ल्स प्रथम वह राजा था जिसे फांसी दी गई। विलियम ऑफ ऑरेंज 1688 की ‘शानदार क्रांति’ (Glorious Revolution) से जुड़े थे। - फ्रांसीसी क्रांति (1789) के दौरान ‘बास्तील के किले’ (Bastille) का पतन किस बात का प्रतीक था?\n
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- राजा के प्रति जनता के प्रेम का
- निरंकुश राजशाही और अत्याचार के अंत का
- धार्मिक सहिष्णुता की शुरुआत का
- औद्योगिक क्रांति के उदय का
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सही उत्तर: निरंकुश राजशाही और अत्याचार के अंत का\n
विस्तृत व्याख्या: 14 जुलाई 1789 को पेरिस की भीड़ ने बास्तील के किले (जो शाही जेल और हथियारों का भंडार था) पर हमला कर उसे नष्ट कर दिया। यह घटना निरंकुश शासन के विरुद्ध जनता के विद्रोह और फ्रांसीसी क्रांति की औपचारिक शुरुआत का प्रतीक बनी।\n
अन्य विकल्प गलत क्यों हैं? यह प्रेम का नहीं बल्कि घृणा और विद्रोह का प्रतीक था। इसका औद्योगिक क्रांति से कोई सीधा संबंध नहीं था। - औद्योगिक क्रांति (Industrial Revolution) की शुरुआत सबसे पहले किस देश में हुई थी और किस उद्योग से हुई थी?\n
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- फ्रांस – लोहा उद्योग
- जर्मनी – रसायन उद्योग
- ब्रिटेन – सूती वस्त्र उद्योग (Textile Industry)
- अमेरिका – ऑटोमोबाइल उद्योग
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सही उत्तर: ब्रिटेन – सूती वस्त्र उद्योग (Textile Industry)\n
विस्तृत व्याख्या: औद्योगिक क्रांति 18वीं शताब्दी के मध्य में ब्रिटेन में शुरू हुई। यहाँ उपलब्ध कोयला, लोहा और उपनिवेशों से मिलने वाले कच्चे माल के कारण सूती वस्त्र उद्योग में मशीनीकरण सबसे पहले हुआ (जैसे स्पिनिंग जेनी का आविष्कार)।\n
अन्य विकल्प गलत क्यों हैं? फ्रांस और जर्मनी में यह बाद में फैली। ऑटोमोबाइल उद्योग 19वीं शताब्दी के अंत और 20वीं शताब्दी की शुरुआत की घटना है। - प्रथम विश्व युद्ध (1914-1918) का तात्कालिक कारण क्या था?\n
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- जर्मनी का पोलैंड पर आक्रमण
- आर्कड्यूक फ्रांज फर्डिनेंड की साराजेवो में हत्या
- रूस की क्रांति
- वर्साय की संधि
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सही उत्तर: आर्कड्यूक फ्रांज फर्डिनेंड की साराजेवो में हत्या\n
विस्तृत व्याख्या: ऑस्ट्रिया-हंगरी के राजकुमार आर्कड्यूक फ्रांज फर्डिनेंड की 28 जून 1914 को साराजेवो (बोस्निया) में एक सर्ब राष्ट्रवादी द्वारा हत्या कर दी गई, जिसने विश्व शक्तियों के बीच गठबंधन की कड़ियों को सक्रिय कर दिया और युद्ध छिड़ गया।\n
अन्य विकल्प गलत क्यों हैं? जर्मनी का पोलैंड पर आक्रमण द्वितीय विश्व युद्ध (1939) का कारण था। वर्साय की संधि युद्ध के बाद हुई थी, कारण नहीं थी। - 1917 की रूसी क्रांति (October Revolution) का नेतृत्व किसने किया था और किस विचारधारा को बढ़ावा दिया?\n
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- स्टालिन – फासीवाद
- लेनिन – साम्यवाद (Communism)
- ट्रोट्स्की – उदारवाद
- ज़ार निकोलस – राजशाही
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सही उत्तर: लेनिन – साम्यवाद (Communism)\n
विस्तृत व्याख्या: व्लादिमीर लेनिन के नेतृत्व में बोल्शेविकों ने अक्टूबर 1917 में सत्ता पर कब्जा किया। उन्होंने कार्ल मार्क्स के विचारों पर आधारित साम्यवादी शासन की स्थापना की और रूस को दुनिया का पहला समाजवादी राज्य बनाया।\n
अन्य विकल्प गलत क्यों हैं? स्टालिन ने लेनिन के बाद शासन किया। ज़ार निकोलस वह शासक था जिसे क्रांति द्वारा हटा दिया गया था। - अमेरिकी स्वतंत्रता संग्राम (American War of Independence) के दौरान ‘बोस्टन टी पार्टी’ (Boston Tea Party) की मुख्य वजह क्या थी?\n
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- चाय की कीमतों में भारी कमी
- ब्रिटिश सरकार द्वारा लगाया गया चाय कर (Tea Act) और प्रतिनिधित्व की कमी
- चाय के बागानों का विनाश
- अमेरिका में चाय की खेती शुरू करना
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सही उत्तर: ब्रिटिश सरकार द्वारा लगाया गया चाय कर (Tea Act) और प्रतिनिधित्व की कमी\n
विस्तृत व्याख्या: अमेरिकी उपनिवेशवादी ब्रिटिश सरकार द्वारा लगाए गए करों के खिलाफ थे, उनका नारा था “प्रतिनिधित्व नहीं तो कर नहीं” (No Taxation Without Representation)। विरोध स्वरूप उन्होंने बोस्टन बंदरगाह पर ब्रिटिश जहाजों से चाय की पेटियां समुद्र में फेंक दीं।\n
अन्य विकल्प गलत क्यों हैं? यह कीमतों में कमी का नहीं, बल्कि कर थोपने के विरोध का मामला था। - प्राचीन भारत के किस शासक ने ‘कलिङ्ग युद्ध’ के बाद हिंसा का मार्ग त्यागकर बौद्ध धर्म अपना लिया था?\n
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- बिंबिसार
- चंद्रगुप्त मौर्य
- अशोक
- कनिष्क
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सही उत्तर: अशोक\n
विस्तृत व्याख्या: 261 ईसा पूर्व के कलिङ्ग युद्ध में हुए भीषण नरसंहार ने अशोक को अंदर तक झकझोर दिया। उसने ‘भेरीघोष’ (युद्ध की घोषणा) को ‘धम्मघोष’ (धम्म की घोषणा) में बदल दिया और शांति व अहिंसा का मार्ग अपनाया।\n
अन्य विकल्प गलत क्यों हैं? चंद्रगुप्त मौर्य ने जैन धर्म अपनाया था। बिंबिसार मगध के शुरुआती शासकों में से थे जिन्होंने विस्तार किया, लेकिन अशोक की तरह पूर्णतः अहिंसक नहीं हुए।
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रणनीति टिप: इतिहास पढ़ने का सबसे सही तरीका यह है कि आप घटनाओं को एक ‘कहानी’ की तरह जोड़ें। जब आप किसी राजा या क्रांति के बारे में पढ़ें, तो खुद से पूछें— “यह क्यों हुआ?” और “इसका परिणाम क्या निकला?”। यही दृष्टिकोण आपको प्रतियोगी परीक्षाओं में कठिन प्रश्नों को हल करने में मदद करेगा।
सफलता सिर्फ कड़ी मेहनत से नहीं, सही मार्गदर्शन से मिलती है। हमारे सभी विषयों के कम्पलीट नोट्स, G.K. बेसिक कोर्स, और करियर गाइडेंस बुक के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें।