इतिहास के गलियारों से: अपनी तैयारी को दें एक नई धार
\n\n
समय के अंतहीन प्रवाह में पीछे मुड़कर देखना केवल यादों को ताजा करना नहीं, बल्कि भविष्य की नींव को मजबूत करना है। क्या आप तैयार हैं इतिहास की उस रोमांचक यात्रा के लिए, जहाँ हर तथ्य एक नई कहानी कहता है और हर प्रश्न आपकी बुद्धिमत्ता की परीक्षा लेता है? आइए, प्राचीन सभ्यताओं से लेकर आधुनिक क्रांतियों तक के इस सफर में अपनी तैयारी को परखें और सफलता की ओर एक और कदम बढ़ाएं।
\n\n
\n\n
- \n \n
- हालिया पुरातात्विक खोजों के संदर्भ में, तुर्की में खोजा गया ‘हित्ती (Hittite)’ महल किस कालखंड और विशेषता के लिए जाना जाता है?\n
- \n
- (A) 500 BCE, कांस्य युग की वास्तुकला
- (B) 1300 BCE, प्रारंभिक लौह युग का प्रभाव
- (C) 2000 BCE, केवल कृषि आधारित समाज
- (D) 800 CE, रोमन साम्राज्य का प्रभाव
\n
\n
\n
\n
\n
\n सही उत्तर: (B) 1300 BCE, प्रारंभिक लौह युग का प्रभाव\n
विस्तृत व्याख्या: हालिया खोजों के अनुसार, तुर्की में हित्ती सभ्यता का महल लगभग 1300 ईसा पूर्व का है। हित्ती लोग प्राचीन विश्व के उन पहले लोगों में से थे जिन्होंने लोहे का व्यापक उपयोग किया और युद्ध तकनीकों में क्रांति ला दी। विकल्प (A) गलत है क्योंकि हित्ती प्रभाव उससे पुराना है। विकल्प (C) गलत है क्योंकि वे एक शक्तिशाली सैन्य साम्राज्य थे, न कि केवल कृषि समाज। विकल्प (D) कालक्रमानुसार पूरी तरह गलत है।
\n
\n
- सिंधु घाटी सभ्यता के ‘लोथल’ शहर के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सत्य है?\n
- \n
- (A) यह एक प्रमुख प्रशासनिक केंद्र था।
- (B) यहाँ दुनिया का पहला कृत्रिम गोदीबाड़ा (Dockyard) पाया गया।
- (C) यह सभ्यता का सबसे बड़ा शहर था।
- (D) यहाँ से केवल कृषि प्रमाण मिले हैं।
\n
\n
\n
\n
\n
\n सही उत्तर: (B) यहाँ दुनिया का पहला कृत्रिम गोदीबाड़ा (Dockyard) पाया गया।\n
विस्तृत व्याख्या: लोथल (गुजरात) सिंधु घाटी सभ्यता का एक महत्वपूर्ण बंदरगाह शहर था, जहाँ से विदेशी व्यापार (विशेषकर मेसोपोटामिया के साथ) होता था। विकल्प (A) गलत है क्योंकि यह मुख्य रूप से व्यापारिक केंद्र था। विकल्प (C) गलत है क्योंकि मोहनजोदड़ो और हड़प्पा बड़े शहर थे। विकल्प (D) गलत है क्योंकि यहाँ व्यापार और शिल्प के प्रचुर प्रमाण मिले हैं।
\n
\n
- ऋग्वैदिक काल में ‘गोविष्ठ’ शब्द का प्रयोग किसके लिए किया जाता था?\n
- \n
- (A) गायों का रक्षक
- (B) वह व्यक्ति जो गायों के लिए युद्ध करता था
- (C) गांव का मुखिया
- (D) पशु चिकित्सक
\n
\n
\n
\n
\n
\n सही उत्तर: (B) वह व्यक्ति जो गायों के लिए युद्ध करता था\n
विस्तृत व्याख्या: ऋग्वैदिक समाज में गाय सबसे मूल्यवान संपत्ति थी, और गायों की चोरी या उन्हें प्राप्त करने के लिए होने वाले युद्धों को अत्यधिक महत्व दिया जाता था। ‘गोविष्ठ’ वह व्यक्ति था जो गायों के लिए संघर्ष करता था। विकल्प (C) के लिए ‘कुलपा’ या ‘ग्रामणी’ शब्द का प्रयोग होता था।
\n
\n
- गौतम बुद्ध ने अपना प्रथम उपदेश (धर्मचक्रप्रवर्तन) कहाँ दिया था?\n
- \n
- (A) बोधगया
- (B) लुम्बिनी
- (C) सारनाथ
- (D) कुशीनगर
\n
\n
\n
\n
\n
\n सही उत्तर: (C) सारनाथ\n
विस्तृत व्याख्या: ज्ञान प्राप्ति के बाद बुद्ध ने सारनाथ में अपने पांच पूर्व साथियों को पहला उपदेश दिया, जिसे ‘धर्मचक्रप्रवर्तन’ कहा जाता है। बोधगया वह स्थान है जहाँ उन्हें ज्ञान प्राप्त हुआ (विकल्प A), लुम्बिनी उनका जन्मस्थान है (विकल्प B) और कुशीनगर वह स्थान है जहाँ उनका महापरिनिर्वाण हुआ (विकल्प D)।
\n
\n
- मौर्य सम्राट अशोक के अभिलेखों में प्रयुक्त ‘धम्म’ का मुख्य उद्देश्य क्या था?\n
- \n
- (A) एक नया धर्म स्थापित करना
- (B) बौद्ध धर्म का जबरन प्रचार करना
- (C) नैतिक आचरण और सामाजिक सद्भाव को बढ़ावा देना
- (D) केवल ब्राह्मणवाद का विरोध करना
\n
\n
\n
\n
\n
\n सही उत्तर: (C) नैतिक आचरण और सामाजिक सद्भाव को बढ़ावा देना\n
विस्तृत व्याख्या: अशोक का ‘धम्म’ कोई औपचारिक धर्म नहीं था, बल्कि जीवन जीने की एक संहिता थी जिसमें बड़ों का सम्मान, अहिंसा और सहिष्णुता शामिल थी। विकल्प (A) और (B) गलत हैं क्योंकि उन्होंने किसी पर धर्म थोपा नहीं। विकल्प (D) भी गलत है क्योंकि धम्म सार्वभौमिक था।
\n
\n
- गुप्त काल के दौरान ‘नवरत्न’ किस शासक के दरबार की शोभा बढ़ाते थे?\n
- \n
- (A) चंद्रगुप्त प्रथम
- (B) समुद्रगुप्त
- (C) चंद्रगुप्त द्वितीय (विक्रमादित्य)
- (D) स्कंदगुप्त
\n
\n
\n
\n
\n
\n सही उत्तर: (C) चंद्रगुप्त द्वितीय (विक्रमादित्य)\n
विस्तृत व्याख्या: चंद्रगुप्त द्वितीय के दरबार में नौ विद्वान थे जिन्हें ‘नवरत्न’ कहा जाता था, जिनमें कालिदास और वराहमिहिर प्रमुख थे। समुद्रगुप्त को ‘भारत का नेपोलियन’ कहा जाता है, लेकिन नवरत्न उनकी विशेषता नहीं थे।
\n
\n
- प्राचीन दक्षिण भारत में ‘संगम साहित्य’ का निर्माण मुख्य रूप से किस भाषा में हुआ था?\n
- \n
- (A) संस्कृत
- (B) तेलुगु
- (C) तमिल
- (D) कन्नड़
\n
\n
\n
\n
\n
\n सही उत्तर: (C) तमिल\n
विस्तृत व्याख्या: संगम साहित्य प्राचीन तमिल साहित्य का संग्रह है, जो चेर, चोल और पांड्य राजाओं के संरक्षण में लिखा गया था। संस्कृत (विकल्प A) उस समय की शास्त्रीय भाषा थी, लेकिन संगम साहित्य विशेष रूप से तमिल भाषा की देन है।
\n
\n
- दिल्ली सल्तनत के किस सुल्तान ने ‘रक्त और लौह’ (Blood and Iron) की नीति अपनाई थी?\n
- \n
- (A) इल्तुतमिश
- (B) गयासुद्दीन बलबन
- (C) अलाउद्दीन खिलजी
- (D) मोहम्मद बिन तुगलक
\n
\n
\n
\n
\n
\n सही उत्तर: (B) गयासुद्दीन बलबन\n
विस्तृत व्याख्या: बलबन ने विद्रोहियों और मेवाती लुटेरों को कुचलने के लिए कठोर ‘रक्त और लौह’ की नीति अपनाई ताकि सुल्तान की प्रतिष्ठा बनी रहे। अलाउद्दीन खिलजी (विकल्प C) अपनी बाजार नियंत्रण नीति के लिए प्रसिद्ध था।
\n
\n
- अलाउद्दीन खिलजी द्वारा शुरू की गई ‘बाजार नियंत्रण प्रणाली’ का मुख्य उद्देश्य क्या था?\n
- \n
- (A) व्यापारियों को लाभ पहुँचाना
- (B) अपनी विशाल सेना का कम खर्च में रखरखाव करना
- (C) कृषि उत्पादन बढ़ाना
- (D) विदेशी व्यापार को बढ़ावा देना
\n
\n
\n
\n
\n
\n सही उत्तर: (B) अपनी विशाल सेना का कम खर्च में रखरखाव करना\n
विस्तृत व्याख्या: मंगोल आक्रमणों से बचने के लिए खिलजी को एक बड़ी स्थायी सेना की आवश्यकता थी। सैनिकों को कम वेतन में गुजारा कराने के लिए उसने वस्तुओं की कीमतें निर्धारित कीं। विकल्प (A) गलत है क्योंकि व्यापारियों पर कड़ा नियंत्रण था।
\n
\n
- मोहम्मद बिन तुगलक की ‘टोकन करेंसी’ (सांकेतिक मुद्रा) की विफलता का मुख्य कारण क्या था?\n
- \n
- (A) मुद्रा का मूल्य बहुत अधिक होना
- (B) सिक्कों की ढलाई पर राज्य का नियंत्रण न होना (जालसाजी)
- (C) जनता द्वारा नए सिक्कों का स्वागत न करना
- (D) सोने के भंडार की कमी
\n
\n
\n
\n
\n
\n सही उत्तर: (B) सिक्कों की ढलाई पर राज्य का नियंत्रण न होना (जालसाजी)\n
विस्तृत व्याख्या: तुगलक ने तांबे और पीतल के सिक्के चलाए, लेकिन राज्य इन्हें बनाने की प्रक्रिया को गुप्त नहीं रख पाया, जिससे हर घर में नकली सिक्के बनने लगे और अर्थव्यवस्था चरमरा गई।
\n
\n
- मुगल बादशाह अकबर द्वारा प्रतिपादित ‘दीन-ए-इलाही’ का मूल उद्देश्य क्या था?\n
- \n
- (A) इस्लाम का नया संस्करण पेश करना
- (B) सभी धर्मों के अच्छे तत्वों को मिलाकर एक साझा नैतिक कोड बनाना
- (C) हिंदू धर्म को समाप्त करना
- (D) केवल सूफी संतों को खुश करना
\n
\n
\n
\n
\n
\n सही उत्तर: (B) सभी धर्मों के अच्छे तत्वों को मिलाकर एक साझा नैतिक कोड बनाना\n
विस्तृत व्याख्या: अकबर ने साम्राज्य में धार्मिक एकता और सहिष्णुता स्थापित करने के लिए ‘दीन-ए-इलाही’ शुरू किया। यह कोई औपचारिक धर्म नहीं बल्कि एक दार्शनिक मार्ग था।
\n
\n
- विजयनगर साम्राज्य के किस शासक ने ‘अमुक्तमाल्यद’ नामक तेलुगु ग्रंथ की रचना की थी?\n
- \n
- (A) हरिहर I
- (B) देवराय II
- (C) कृष्णदेव राय
- (D) अच्युत राय
\n
\n
\n
\n
\n
\n सही उत्तर: (C) कृष्णदेव राय\n
विस्तृत व्याख्या: कृष्णदेव राय न केवल एक महान विजेता थे बल्कि साहित्य के संरक्षक भी थे। उन्होंने ‘अमुक्तमाल्यद’ की रचना की और उनके दरबार में ‘अष्टदिग्गज’ (आठ महान कवि) रहते थे।
\n
\n
- छत्रपति शिवाजी महाराज द्वारा स्थापित ‘अष्टप्रधान’ परिषद में ‘पेशवा’ का मुख्य कार्य क्या था?\n
- \n
- (A) धार्मिक मामले देखना
- (B) विदेश मंत्री का कार्य करना
- (C) प्रधानमंत्री के रूप में सामान्य प्रशासन का संचालन
- (D) सेना का नेतृत्व करना
\n
\n
\n
\n
\n
\n सही उत्तर: (C) प्रधानमंत्री के रूप में सामान्य प्रशासन का संचालन\n
विस्तृत व्याख्या: अष्टप्रधान में पेशवा सबसे महत्वपूर्ण पद था, जो राजा के बाद प्रशासन का प्रमुख होता था। विदेश मंत्री को ‘सुमंत’ कहा जाता था।
\n
\n
- दिल्ली सल्तनत के किस वंश ने सबसे कम समय तक शासन किया?\n
- \n
- (A) खिलजी वंश
- (B) तुगलक वंश
- (C) सैयद वंश
- (D) लोधी वंश
\n
\n
\n
\n
\n
\n सही उत्तर: (A) खिलजी वंश\n
विस्तृत व्याख्या: खिलजी वंश ने लगभग 30 वर्षों (1290-1320) तक शासन किया, जो अन्य सल्तनत वंशों की तुलना में सबसे कम है।
\n
\n
- 1857 के विद्रोह के दौरान कानपुर का नेतृत्व किसने किया था?\n
- \n
- (A) बेगम हजरत महल
- (B) नाना साहब
- (C) कुंवर सिंह
- (D) रानी लक्ष्मीबाई
\n
\n
\n
\n
\n
\n सही उत्तर: (B) नाना साहब\n
विस्तृत व्याख्या: कानपुर में विद्रोह का नेतृत्व नाना साहब ने किया था, जिनकी सहायता तात्या टोपे ने की। बेगम हजरत महल ने लखनऊ (A), कुंवर सिंह ने बिहार (C) और रानी लक्ष्मीबाई ने झाँसी (D) का नेतृत्व किया।
\n
\n
- राजा राममोहन राय द्वारा स्थापित ‘ब्रह्म समाज’ का मुख्य लक्ष्य क्या था?\n
- \n
- (A) हिंदू धर्म का पूर्ण त्याग
- (B) सती प्रथा का अंत और एकेश्वरवाद का प्रचार
- (C) केवल अंग्रेजी भाषा का प्रचार करना
- (D) जाति व्यवस्था को और मजबूत करना
\n
\n
\n
\n
\n
\n सही उत्तर: (B) सती प्रथा का अंत और एकेश्वरवाद का प्रचार\n
विस्तृत व्याख्या: राजा राममोहन राय ने समाज में व्याप्त कुरीतियों, विशेषकर सती प्रथा के खिलाफ लड़ाई लड़ी और एक ईश्वर की उपासना पर जोर दिया।
\n
\n
- 1919 का ‘रौलट एक्ट’ भारतीय जनता के बीच इतना अप्रिय क्यों था?\n
- \n
- (A) इसने करों में भारी वृद्धि की थी।
- (B) इसने बिना मुकदमे के किसी को भी जेल में डालने का अधिकार दिया था।
- (C) इसने भारतीयों के विदेशी व्यापार पर रोक लगा दी थी।
- (D) इसने भारतीय प्रेस को पूरी तरह प्रतिबंधित कर दिया था।
\n
\n
\n
\n
\n
\n सही उत्तर: (B) इसने बिना मुकदमे के किसी को भी जेल में डालने का अधिकार दिया था।\n
विस्तृत व्याख्या: रौलट एक्ट को ‘बिना वकील, बिना अपील, बिना दलील’ का कानून कहा गया, जिसने ब्रिटिश सरकार को दमनकारी शक्तियाँ प्रदान कीं। इसी के विरोध में जलियाँवाला बाग हत्याकांड हुआ।
\n
\n
- महात्मा गांधी ने ‘करो या मरो’ (Do or Die) का नारा किस आंदोलन के दौरान दिया था?\n
- \n
- (A) असहयोग आंदोलन
- (B) सविनय अवज्ञा आंदोलन
- (C) भारत छोड़ो आंदोलन
- (D) चंपारण सत्याग्रह
\n
\n
\n
\n
\n
\n सही उत्तर: (C) भारत छोड़ो आंदोलन\n
विस्तृत व्याख्या: 8 अगस्त 1942 को भारत छोड़ो आंदोलन शुरू करते समय गांधीजी ने देशवासियों को ‘करो या मरो’ का मंत्र दिया था। असहयोग आंदोलन (A) 1920 में और सविनय अवज्ञा (B) 1930 में शुरू हुआ था।
\n
\n
- भारत शासन अधिनियम 1935 की सबसे महत्वपूर्ण विशेषता क्या थी?\n
- \n
- (A) पूर्ण स्वराज की घोषणा
- (B) प्रांतीय स्वायत्तता (Provincial Autonomy) की शुरुआत
- (C) महिलाओं को मतदान का अधिकार
- (D) भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस का गठन
\n
\n
\n
\n
\n
\n सही उत्तर: (B) प्रांतीय स्वायत्तता (Provincial Autonomy) की शुरुआत\n
विस्तृत व्याख्या: 1935 के अधिनियम ने प्रांतों में द्वैध शासन समाप्त कर उन्हें स्वायत्तता प्रदान की। इसी अधिनियम ने संघीय न्यायालय और रिज़र्व बैंक की स्थापना का मार्ग प्रशस्त किया।
\n
\n
- ‘सत्यशोधक समाज’ की स्थापना किसने की थी ताकि दलितों और पिछड़ों को शिक्षा और अधिकार मिल सकें?\n
- \n
- (A) बी. आर. अंबेडकर
- (B) ज्योतिबा फुले
- (C) पेरियार ई. वी. रामास्वामी
- (D) श्री नारायण गुरु
\n
\n
\n
\n
\n
\n सही उत्तर: (B) ज्योतिबा फुले\n
विस्तृत व्याख्या: ज्योतिबा फुले ने 1873 में महाराष्ट्र में सत्यशोधक समाज की स्थापना की ताकि निम्न जातियों का शोषण रोका जा सके और उन्हें शिक्षित किया जा सके।
\n
\n
- 1946 के ‘कैबिनेट मिशन’ का मुख्य उद्देश्य क्या था?\n
- \n (A) भारत को तुरंत पूर्ण स्वतंत्रता देना
- बंगाल के अकाल (Bengal Famine) के संदर्भ में, हालिया ऐतिहासिक विश्लेषण क्या बताते हैं?\n
- \n
- (A) यह केवल प्राकृतिक सूखे के कारण हुआ था।
- (B) यह ब्रिटिश प्रशासनिक विफलताओं और युद्धकालीन नीतियों का परिणाम था।
- (C) यह स्थानीय व्यापारियों के भ्रष्टाचार के कारण हुआ था।
- (D) यह भारतीय किसानों की लापरवाही का नतीजा था।
\n
\n
\n
\n
\n
\n सही उत्तर: (B) यह ब्रिटिश प्रशासनिक विफलताओं और युद्धकालीन नीतियों का परिणाम था।\n
विस्तृत व्याख्या: आधुनिक शोध और पत्रों के विश्लेषण से पता चलता है कि 1943 का बंगाल अकाल प्राकृतिक आपदा से अधिक ‘मानव निर्मित’ था, क्योंकि ब्रिटिश सरकार ने अनाज का निर्यात जारी रखा और स्थानीय वितरण को नजरअंदाज किया।
\n
\n
- फ्रांसीसी क्रांति (1789) का मुख्य नारा क्या था?\n
- \n
- (A) शांति, प्रगति और समृद्धि
- (B) स्वतंत्रता, समानता और बंधुत्व (Liberty, Equality, Fraternity)
- (C) ईश्वर, देश और राजा
- (D) लोकतंत्र, अधिकार और न्याय
\n
\n
\n
\n
\n
\n सही उत्तर: (B) स्वतंत्रता, समानता और बंधुत्व (Liberty, Equality, Fraternity)\n
विस्तृत व्याख्या: यह नारा फ्रांसीसी क्रांति का आधार बना और इसने पूरी दुनिया में लोकतांत्रिक मूल्यों और मानवाधिकारों की प्रेरणा दी।
\n
\n
- प्रथम विश्व युद्ध के बाद 1919 में हस्ताक्षरित ‘वर्साय की संधि’ का मुख्य परिणाम क्या था?\n
- \n
- (A) जर्मनी को आर्थिक और सैन्य रूप से कमजोर करना
- (B) रूस को युद्ध में शामिल करना
- (C) अमेरिका को यूरोप का नेता बनाना
- (D) लीग ऑफ नेशंस को पूर्ण शक्ति देना
\n
\n
\n
\n
\n
\n सही उत्तर: (A) जर्मनी को आर्थिक और सैन्य रूप से कमजोर करना\n
विस्तृत व्याख्या: वर्साय की संधि बहुत कठोर थी, जिसमें जर्मनी पर भारी जुर्माना लगाया गया और उसके क्षेत्रों को छीन लिया गया। इसी अपमान ने भविष्य में हिटलर के उदय और द्वितीय विश्व युद्ध का मार्ग प्रशस्त किया।
\n
\n
- ‘औद्योगिक क्रांति’ की शुरुआत सबसे पहले किस देश में हुई थी?\n
- \n
- (A) फ्रांस
- (B) अमेरिका
- (C) ब्रिटेन
- (D) जर्मनी
\n
\n
\n
\n
\n
\n सही उत्तर: (C) ब्रिटेन\n
विस्तृत व्याख्या: 18वीं शताब्दी के उत्तरार्ध में ब्रिटेन में कोयले की उपलब्धता और तकनीकी नवाचारों (जैसे स्टीम इंजन) के कारण औद्योगिक क्रांति शुरू हुई।
\n
\n
- ब्रिटिश म्यूजियम की हालिया प्रदर्शनी “The Empire’s Afterlife” किस वैश्विक मुद्दे को रेखांकित करती है?\n
- \n
- (A) साम्राज्यवाद का विस्तार
- (B) वि-उपनिवेशीकरण (Decolonization) और कलाकृतियों की वापसी
- (C) ब्रिटिश साम्राज्य की महानता
- (D) केवल प्राचीन मिस्र की कला का संरक्षण
\n
\n
\n
\n
\n
\n सही उत्तर: (B) वि-उपनिवेशीकरण (Decolonization) और कलाकृतियों की वापसी\n
विस्तृत व्याख्या: यह प्रदर्शनी उन कलाकृतियों और वस्तुओं पर केंद्रित है जिन्हें उपनिवेश काल के दौरान जबरन ले जाया गया था, और अब उनके मूल देशों को वापस करने की मांग और प्रक्रिया पर चर्चा करती है।
\n
\n
- रूस की 1917 की क्रांति का नेतृत्व किसने किया था?\n
- \n
- (A) जोसेफ स्टालिन
- (B) व्लादिमीर लेनिन
- (C) निकोलस II
- (D) कार्ल मार्क्स
\n
\n
\n
\n
\n
\n सही उत्तर: (B) व्लादिमीर लेनिन\n
विस्तृत व्याख्या: लेनिन के नेतृत्व में बोल्शेविक पार्टी ने अक्टूबर क्रांति की और रूस में दुनिया की पहली समाजवादी सरकार की स्थापना की। कार्ल मार्क्स (D) ने केवल विचारधारा दी थी, वे क्रांति के समय जीवित नहीं थे।
\n
\n
\n\n
\n\n
\n\n
\n\n
\n\n
\n\n
\n\n \n
\n\n
\n\n
\n\n
\n\n
\n\n
\n\n
\n\n \n
\n\n
\n\n
\n\n
\n\n
\n\n
\n\n
\n (B) भारत के लिए एक अंतरिम सरकार का गठन करना और संविधान सभा बनाना
\n (C) जिन्ना के ‘पाकिस्तान’ के प्रस्ताव को स्वीकार करना
\n (D) ब्रिटिश सेना को भारत से पूरी तरह हटाना
\n
\n
\n सही उत्तर: (B) भारत के लिए एक अंतरिम सरकार का गठन करना और संविधान सभा बनाना\n
विस्तृत व्याख्या: कैबिनेट मिशन का लक्ष्य भारत को सत्ता हस्तांतरित करने के लिए एक संवैधानिक ढांचा तैयार करना था, जिससे संविधान सभा का गठन हुआ।
\n
\n
\n\n
\n\n \n
\n\n
\n\n
\n\n
\n\n
\n
सफलता सिर्फ कड़ी मेहनत से नहीं, सही मार्गदर्शन से मिलती है। हमारे सभी विषयों के कम्पलीट नोट्स, G.K. बेसिक कोर्स, और करियर गाइडेंस बुक के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें।