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समाजशास्त्र मास्टरक्लास: वैचारिक स्पष्टता और गहन विश्लेषण के लिए महत्वपूर्ण प्रश्न

नमस्ते समाजशास्त्र के जिज्ञासुओं!

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आज का यह दैनिक अभ्यास सेट आपकी वैचारिक गहराई और विश्लेषणात्मक क्षमता को चुनौती देने के लिए सावधानीपूर्वक तैयार किया गया है। चाहे आप UGC-NET, UPSC या किसी राज्य लोक सेवा आयोग की तैयारी कर रहे हों, समाजशास्त्र के इन जटिल सिद्धांतों और विचारकों पर पकड़ बनाना आपकी सफलता की कुंजी है। आइए, अपनी तैयारी को एक नए स्तर पर ले जाएं और अपनी वैचारिक स्पष्टता का परीक्षण करें!

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  1. एमिल दुर्खीम के अनुसार, ‘एनोमी’ (Anomie) की स्थिति तब उत्पन्न होती है जब:\n
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    • (A) समाज में सामाजिक एकजुटता बहुत अधिक हो जाती है।
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    • (B) तीव्र सामाजिक परिवर्तन के कारण सामाजिक मानदंडों में गिरावट आती है।
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    • (C) व्यक्ति अपनी आर्थिक स्थिति से संतुष्ट नहीं होता।
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    • (D) परिवार और धर्म का प्रभाव पूरी तरह समाप्त हो जाता है।
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    सही उत्तर: (B)

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    \n विस्तृत व्याख्या: दुर्खीम ने ‘एनोमी’ शब्द का उपयोग उस स्थिति का वर्णन करने के लिए किया जहाँ समाज के नियम और मूल्य कमजोर हो जाते हैं या स्पष्ट नहीं रहते, जिससे व्यक्ति दिशाहीन महसूस करता है। यह अक्सर तीव्र आर्थिक या सामाजिक उथल-पुथल के दौरान होता है।\n
    संदर्भ: यह अवधारणा उनकी प्रसिद्ध कृति ‘Suicide’ (1897) में विस्तार से समझाई गई है।\n
    गलत विकल्प: (A) सामाजिक एकजुटता (Solidarity) एनोमी का विपरीत है। (C) आर्थिक असंतोष एक कारण हो सकता है, लेकिन एनोमी एक व्यापक सामाजिक स्थिति है। (D) यह केवल संस्थाओं के अंत के बारे में नहीं, बल्कि मानदंडों के अभाव के बारे में है।\n

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  2. \n\n \n

  3. मैक्स वेबर की ‘आदर्श प्रारूप’ (Ideal Type) की अवधारणा का मुख्य उद्देश्य क्या है?\n
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    • (A) समाज के लिए एक आदर्श दुनिया का निर्माण करना।
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    • (B) सामाजिक वास्तविकता को मापने के लिए एक विश्लेषणात्मक उपकरण प्रदान करना।
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    • (C) यह बताना कि समाज को कैसा होना चाहिए।
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    • (D) केवल मात्रात्मक डेटा का विश्लेषण करना।
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    सही उत्तर: (B)

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    \n विस्तृत व्याख्या: ‘आदर्श प्रारूप’ कोई नैतिक आदर्श नहीं है, बल्कि एक मानसिक निर्माण (Mental Construct) है जिसे समाजशास्त्री वास्तविकता की तुलना करने और उसे समझने के लिए एक बेंचमार्क के रूप में उपयोग करते हैं।\n
    संदर्भ: यह वेबर की ‘समझपरक समाजशास्त्र’ (Interpretive Sociology) का हिस्सा है।\n
    गलत विकल्प: (A) और (C) इसे ‘नैतिक आदर्श’ मान रहे हैं, जो गलत है। (D) यह एक गुणात्मक उपकरण है, न कि केवल मात्रात्मक।\n

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  4. \n\n \n

  5. कार्ल मार्क्स के अनुसार, ‘अलगाव’ (Alienation) का सबसे गहरा रूप क्या है?\n
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    • (A) सहकर्मियों से अलगाव।
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    • (B) समाज से अलगाव।
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    • (C) अपने स्वयं के ‘मानवीय स्वभाव’ (Species-being) से अलगाव।
    • \n

    • (D) परिवार से अलगाव।
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    सही उत्तर: (C)

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    \n विस्तृत व्याख्या: मार्क्स के अनुसार, जब श्रमिक को उसके उत्पादन के साधनों और उसके द्वारा बनाए गए उत्पाद से अलग कर दिया जाता है, तो वह अंततः अपनी रचनात्मक क्षमता और मानवीय स्वभाव (Gattungswesen) से अलग हो जाता है।\n
    संदर्भ: यह अवधारणा उनके ‘Economic and Philosophic Manuscripts of 1844’ में मिलती है।\n
    गलत विकल्प: (A), (B) और (D) अलगाव के विभिन्न स्तर हैं, लेकिन ‘मानवीय स्वभाव’ से अलगाव सबसे मौलिक और गहरा है।\n

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  6. \n\n \n

  7. एम.एन. श्रीनिवास द्वारा प्रतिपादित ‘संस्कृतिकरण’ (Sanskritization) की प्रक्रिया में शामिल है:\n
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    • (A) उच्च जातियों का निम्न जातियों के रीति-रिवाजों को अपनाना।
    • \n

    • (B) निम्न जातियों का उच्च जातियों के रीति-रिवाजों, विचारधारा और जीवन शैली को अपनाना।
    • \n

    • (C) जाति व्यवस्था का पूरी तरह समाप्त हो जाना।
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    • (D) केवल धार्मिक ग्रंथों का अध्ययन करना।
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    सही उत्तर: (B)

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    \n विस्तृत व्याख्या: संस्कृतिकरण वह प्रक्रिया है जिसके द्वारा निम्न जातियाँ या समूह उच्च जातियों (विशेषकर द्विजों) के रीति-रिवाजों, कर्मकांडों और जीवन शैली को अपनाकर अपनी सामाजिक स्थिति में सुधार करने का प्रयास करते हैं।\n
    संदर्भ: श्रीनिवास ने भारतीय ग्रामीण समाज के अध्ययन के माध्यम से यह अवधारणा दी।\n
    गलत विकल्प: (A) यह प्रक्रिया ऊपर से नीचे नहीं, बल्कि नीचे से ऊपर की ओर होती है। (C) संस्कृतिकरण जाति व्यवस्था को समाप्त नहीं करता, बल्कि उसके भीतर गतिशीलता पैदा करता है।\n

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  8. \n\n \n

  9. एक ‘बंद स्तरीकरण प्रणाली’ (Closed Stratification System) की मुख्य विशेषता क्या है?\n
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    • (A) उच्च सामाजिक गतिशीलता (Social Mobility)।
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    • (B) योग्यता के आधार पर पदोन्नति।
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    • (C) जन्म के आधार पर स्थिति का निर्धारण और गतिशीलता का अभाव।
    • \n

    • (D) वर्ग और जाति का पूर्ण अभाव।
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    सही उत्तर: (C)

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    \n विस्तृत व्याख्या: बंद प्रणाली (जैसे जाति व्यवस्था) में व्यक्ति की स्थिति जन्म से तय होती है और जीवनकाल में इसे बदलना लगभग असंभव होता है।\n
    संदर्भ: यह सामाजिक स्तरीकरण (Social Stratification) के सिद्धांतों का हिस्सा है।\n
    गलत विकल्प: (A) और (B) ‘खुली प्रणाली’ (Open System) जैसे कि वर्ग (Class) की विशेषताएं हैं।\n

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  10. \n\n \n

  11. टैल्कॉट पार्सन्स के AGIL मॉडल में ‘L’ (Latency) का अर्थ क्या है?\n
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    • (A) लक्ष्यों को प्राप्त करना (Goal Attainment)।
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    • (B) संसाधनों का अनुकूलन (Adaptation)।
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    • (C) सामाजिक मूल्यों और सांस्कृतिक पैटर्न को बनाए रखना।
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    • (D) समाज के विभिन्न अंगों के बीच समन्वय (Integration)।
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    सही उत्तर: (C)

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    \n विस्तृत व्याख्या: ‘Latency’ (सुप्तावस्था) का अर्थ है उन सांस्कृतिक मूल्यों और मानदंडों को बनाए रखना जो समाज की स्थिरता के लिए आवश्यक हैं (जैसे परिवार और शिक्षा के माध्यम से समाजीकरण)।\n
    संदर्भ: यह पार्सन्स के संरचनात्मक-प्रकार्यवाद (Structural-Functionalism) का हिस्सा है।\n
    गलत विकल्प: (A) लक्ष्य प्राप्ति ‘G’ है, (B) अनुकूलन ‘A’ है, और (D) एकीकरण ‘I’ है।\n

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  12. \n\n \n

  13. समकालीन समाजशास्त्रीय शोध में AI-जनित विजुअल्स का उपयोग अक्सर किस विषय के विश्लेषण के लिए किया जा रहा है?\n
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    • (A) आर्थिक विकास की गणना के लिए।
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    • (B) लिंग (Gender) और घरेलू काम के वितरण के सामाजिक दृष्टिकोणों को समझने के लिए।
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    • (C) प्राचीन सभ्यताओं के पुनर्निर्माण के लिए।
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    • (D) केवल तकनीकी त्रुटियों को खोजने के लिए।
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    सही उत्तर: (B)

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    \n विस्तृत व्याख्या: हालिया शोधों में AI का उपयोग यह देखने के लिए किया जा रहा है कि लोग घर के कामों और लिंग भूमिकाओं को कैसे देखते हैं, जिससे सामाजिक पूर्वाग्रहों (Biases) का पता चलता है।\n
    संदर्भ: यह डिजिटल समाजशास्त्र (Digital Sociology) और लिंग अध्ययन का एक आधुनिक मेल है।\n
    गलत विकल्प: अन्य विकल्प तकनीकी या ऐतिहासिक हैं, जबकि प्रश्न समाजशास्त्रीय दृष्टिकोण (Gender/Housework) पर केंद्रित है।\n

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  14. \n\n \n

  15. ‘प्रतिभागी अवलोकन’ (Participant Observation) की सबसे बड़ी ताकत क्या है?\n
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    • (A) बड़े नमूने (Sample size) का विश्लेषण करना।
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    • (B) सांख्यिकीय सटीकता प्रदान करना।
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    • (C) सामाजिक व्यवहार का गहन और आंतरिक (Emic) दृष्टिकोण प्राप्त करना।
    • \n

    • (D) कम समय में अधिक डेटा एकत्र करना।
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    सही उत्तर: (C)

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    \n विस्तृत व्याख्या: इसमें शोधकर्ता स्वयं समूह का हिस्सा बनकर उनके जीवन का अनुभव करता है, जिससे उसे उन बारीकियों का पता चलता है जो प्रश्नावली या सर्वेक्षण से संभव नहीं हैं।\n
    संदर्भ: यह नृवंशविज्ञान (Ethnography) की एक मुख्य विधि है।\n
    गलत विकल्प: (A) और (B) मात्रात्मक विधियों (Quantitative methods) की विशेषताएं हैं। (D) यह एक अत्यंत समय लेने वाली प्रक्रिया है।\n

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  16. \n\n \n

  17. लुई ड्यूमों ने अपनी पुस्तक ‘होमो हिएरार्किकस’ (Homo Hierarchicus) में भारतीय जाति व्यवस्था के किस मुख्य सिद्धांत पर जोर दिया है?\n
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    • (A) समानता और भाईचारा।
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    • (B) शुद्धता और अशुद्धता (Purity and Pollution) का पदानुक्रम।
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    • (C) केवल आर्थिक वर्गों का प्रभाव।
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    • (D) जाति का पूरी तरह से राजनीतिकरण।
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    सही उत्तर: (B)

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    \n विस्तृत व्याख्या: ड्यूमों के अनुसार, भारतीय समाज का मूल आधार ‘पदानुक्रम’ (Hierarchy) है, जो शुद्धता और अशुद्धता के धार्मिक और वैचारिक सिद्धांतों पर टिका है।\n
    संदर्भ: यह पुस्तक भारतीय समाज के संरचनात्मक विश्लेषण का एक मील का पत्थर है।\n
    गलत विकल्प: (A) जाति व्यवस्था मूलतः असमानता पर आधारित है। (C) ड्यूमों ने आर्थिक कारकों के बजाय वैचारिक कारकों को प्राथमिकता दी।\n

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  18. \n\n \n

  19. रॉबर्ट के. मर्टन के अनुसार, ‘प्रकट कार्य’ (Manifest Function) और ‘अप्रत्यक्ष कार्य’ (Latent Function) में क्या अंतर है?\n
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    • (A) प्रकट कार्य हानिकारक होते हैं, अप्रत्यक्ष कार्य लाभकारी।
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    • (B) प्रकट कार्य इच्छित और ज्ञात होते हैं, जबकि अप्रत्यक्ष कार्य अनपेक्षित और अज्ञात होते हैं।
    • \n

    • (C) दोनों एक ही बात के दो नाम हैं।
    • \n

    • (D) प्रकट कार्य केवल व्यक्तिगत होते हैं और अप्रत्यक्ष कार्य सामाजिक।
    • \n

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    सही उत्तर: (B)

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    \n विस्तृत व्याख्या: प्रकट कार्य वे परिणाम हैं जिनके लिए कोई क्रिया जानबूझकर की जाती है (जैसे स्कूल जाना शिक्षा के लिए)। अप्रत्यक्ष कार्य वे परिणाम हैं जो अनजाने में होते हैं (जैसे स्कूल में मित्र बनाना)।\n
    संदर्भ: मर्टन ने इसे कार्यात्मक विश्लेषण (Functional Analysis) को और अधिक सटीक बनाने के लिए पेश किया।\n
    गलत विकल्प: (A) दोनों लाभकारी या हानिकारक हो सकते हैं। (C) इनमें स्पष्ट अंतर है। (D) दोनों ही सामाजिक स्तर पर कार्य करते हैं।\n

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  20. \n\n \n

  21. ‘पितृसत्तात्मक परिवार’ (Patrilineal Family) की मुख्य विशेषता क्या है?\n
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    • (A) वंश का निर्धारण माता के नाम से होता है।
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    • (B) संपत्ति और वंश का हस्तांतरण पिता से पुत्र को होता है।
    • \n

    • (C) परिवार में केवल महिलाएं निर्णय लेती हैं।
    • \n

    • (D) यह एक मातृसत्तात्मक व्यवस्था है।
    • \n

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    सही उत्तर: (B)

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    \n विस्तृत व्याख्या: पितृवंशीय (Patrilineal) व्यवस्था में वंश परंपरा और उत्तराधिकार पिता के पक्ष से चलता है।\n
    संदर्भ: यह kinship (नातेदारी) अध्ययन का हिस्सा है।\n
    गलत विकल्प: (A) और (D) मातृवंशीय (Matrilineal) व्यवस्था की विशेषताएं हैं।\n

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  22. \n\n \n

  23. जॉर्ज हर्बर्ट मीड के अनुसार, ‘स्व’ (Self) के विकास में ‘Generalized Other’ का क्या महत्व है?\n
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    • (A) यह केवल माता-पिता के विचारों को दर्शाता है।
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    • (B) यह समाज के सामान्य मानदंडों और अपेक्षाओं की आंतरिक समझ है।
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    • (C) यह व्यक्ति के अहंकार (Ego) का प्रतीक है।
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    • (D) इसका स्व के विकास में कोई योगदान नहीं है।
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    सही उत्तर: (B)

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    \n विस्तृत व्याख्या: जब बच्चा केवल विशिष्ट व्यक्तियों के बजाय समाज की सामान्य अपेक्षाओं को समझने लगता है, तो उसे ‘Generalized Other’ कहा जाता है। इसी से सामाजिक नियंत्रण और पहचान विकसित होती है।\n
    संदर्भ: यह प्रतीकात्मक अंतःक्रियावाद (Symbolic Interactionism) का मूल है।\n
    गलत विकल्प: (A) यह केवल विशिष्ट दूसरों (Significant Others) से आगे की अवस्था है।\n

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  24. \n\n \n

  25. ‘स्नोबॉल सैंपलिंग’ (Snowball Sampling) का उपयोग मुख्य रूप से कब किया जाता है?\n
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    • (A) जब जनसंख्या बहुत बड़ी और ज्ञात हो।
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    • (B) जब अध्ययन समूह (जैसे ड्रग एडिक्ट्स या गुप्त समुदाय) तक पहुँचना कठिन हो।
    • \n

    • (C) जब शोधकर्ता को पूरी तरह से यादृच्छिक (Random) नमूना चाहिए हो।
    • \n

    • (D) केवल सरकारी जनगणना के दौरान।
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    सही उत्तर: (B)

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    \n विस्तृत व्याख्या: इसमें शोधकर्ता एक व्यक्ति को ढूंढता है, जो फिर उसे दूसरे व्यक्ति से मिलवाता है, जिससे नमूना धीरे-धीरे ‘स्नोबॉल’ की तरह बढ़ता है। यह उन ‘छिपी हुई’ आबादी के लिए उपयोगी है।\n
    संदर्भ: यह गैर-संभाव्यता नमूनाकरण (Non-probability sampling) की एक विधि है।\n
    गलत विकल्प: (A) और (C) के लिए प्रोबेबिलिटी सैंपलिंग (Random Sampling) का उपयोग होता है।\n

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  26. \n\n \n

  27. ‘जेंट्रीफिकेशन’ (Gentrification) की प्रक्रिया का क्या अर्थ है?\n
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    • (A) शहरी क्षेत्रों से लोगों का ग्रामीण क्षेत्रों की ओर पलायन।
    • \n

    • (B) निम्न-आय वाले शहरी क्षेत्रों का पुनर्विकास और उच्च-आय वर्ग के लोगों का वहां बसना।
    • \n

    • (C) झुग्गी-बस्तियों का पूरी तरह से समाप्त हो जाना।
    • \n

    • (D) शहरों में हरियाली बढ़ाना।
    • \n

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    सही उत्तर: (B)

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    \n विस्तृत व्याख्या: जेंट्रीफिकेशन तब होता है जब किसी पुराने या उपेक्षित शहरी इलाके में निवेश बढ़ता है और मध्यम या उच्च वर्ग के लोग वहां रहने आते हैं, जिससे वहां के मूल निम्न-आय वाले निवासी विस्थापित हो जाते हैं।\n
    संदर्भ: यह शहरी समाजशास्त्र (Urban Sociology) की एक प्रमुख समस्या है।\n
    गलत विकल्प: (A) यह ‘काउंटर-अर्बनाइजेशन’ है।\n

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  28. \n\n \n

  29. हालिया समाजशास्त्रीय अध्ययनों के अनुसार, किशोरावस्था में सोशल मीडिया का अत्यधिक उपयोग किस क्षेत्र को नकारात्मक रूप से प्रभावित कर सकता है?\n
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    • (A) केवल शारीरिक खेलकूद को।
    • \n

    • (B) गणित और भाषा जैसे शैक्षणिक प्रदर्शन को।
    • \n

    • (C) केवल सामाजिक संबंधों को।
    • \n

    • (D) तकनीकी कौशल को।
    • \n

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    सही उत्तर: (B)

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    \n विस्तृत व्याख्या: हालिया अनुदैर्ध्य (Longitudinal) अध्ययनों (जैसे इटली का अध्ययन) में पाया गया है कि सोशल मीडिया का शुरुआती उपयोग मध्य विद्यालय के छात्रों के गणित और भाषा कौशल के प्रदर्शन को कम कर सकता है।\n
    संदर्भ: यह शिक्षा के समाजशास्त्र (Sociology of Education) और डिजिटल प्रभाव का अध्ययन है।\n
    गलत विकल्प: हालांकि अन्य क्षेत्र प्रभावित हो सकते हैं, लेकिन विशिष्ट शोध डेटा शैक्षणिक प्रदर्शन (Academic Performance) की ओर इशारा करता है।\n

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  30. \n\n \n

  31. जॉर्ज सिमेल के अनुसार, एक ‘अजनबी’ (The Stranger) कौन है?\n
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    • (A) वह व्यक्ति जो समाज से पूरी तरह अलग रहता है।
    • \n

    • (B) वह व्यक्ति जो समूह का हिस्सा तो है, लेकिन पूरी तरह से आत्मसात (Assimilated) नहीं हुआ है।
    • \n

    • (C) वह व्यक्ति जिसे समाज ने बहिष्कृत कर दिया है।
    • \n

    • (D) वह जो किसी भी सामाजिक नियम को नहीं मानता।
    • \n

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    सही उत्तर: (B)

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    \n विस्तृत व्याख्या: सिमेल के अनुसार, अजनबी वह है जो हमारे बीच आता है लेकिन हमारे साथ नहीं रहता। वह समूह के भीतर होने के बावजूद एक बाहरी व्यक्ति बना रहता है, जिससे वह एक ‘तटस्थ’ दृष्टिकोण रख पाता है।\n
    संदर्भ: यह सिमेल के सूक्ष्म-समाजशास्त्र (Microsociology) का हिस्सा है।\n
    गलत विकल्प: (A) और (C) पूरी तरह से अलगाव की बात करते हैं, जबकि अजनबी का संबंध ‘आंशिक समावेश’ से है।\n

    \n

  32. \n\n \n

  33. ‘सांस्कृतिक विलंबन’ (Cultural Lag) की अवधारणा किसने दी थी?\n
      \n

    • (A) अगस्त कॉम्टे
    • \n

    • (B) डब्ल्यू.एफ. ऑगबर्न
    • \n

    • (C) हर्बर्ट स्पेंसर
    • \n

    • (D) टैलकॉट पार्सन्स
    • \n

    \n

    सही उत्तर: (B)

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    \n विस्तृत व्याख्या: ऑगबर्न के अनुसार, जब भौतिक संस्कृति (तकनीक, उपकरण) तेजी से बदलती है, लेकिन अभौतिक संस्कृति (मूल्य, विश्वास, कानून) धीमी गति से बदलती है, तो उनके बीच एक अंतराल पैदा होता है जिसे ‘सांस्कृतिक विलंबन’ कहते हैं।\n
    संदर्भ: यह सामाजिक परिवर्तन (Social Change) के सिद्धांत से संबंधित है।\n
    गलत विकल्प: कॉम्टे और स्पेंसर ने विकासवादी सिद्धांतों पर काम किया, लेकिन इस विशिष्ट अवधारणा का श्रेय ऑगबर्न को जाता है।\n

    \n

  34. \n\n \n

  35. ‘प्रबल जाति’ (Dominant Caste) की अवधारणा के लिए कौन सी शर्त अनिवार्य है?\n
      \n

    • (A) केवल धार्मिक शुद्धता का उच्च स्तर।
    • \n

    • (B) संख्यात्मक शक्ति, आर्थिक संसाधन (भूमि) और राजनीतिक प्रभाव।
    • \n

    • (C) केवल उच्च शिक्षा का स्तर।
    • \n

    • (D) समाज में सबसे निचली स्थिति होना।
    • \n

    \n

    सही उत्तर: (B)

    \n

    \n विस्तृत व्याख्या: एम.एन. श्रीनिवास के अनुसार, एक जाति ‘प्रबल’ तब होती है जब उसके पास बड़ी जनसंख्या हो, जमीन का स्वामित्व हो और स्थानीय राजनीति में उसका प्रभाव हो, चाहे वह जाति पदानुक्रम में सबसे ऊपर न हो।\n
    संदर्भ: यह भारतीय ग्रामीण समाज के शक्ति संरचना के विश्लेषण के लिए महत्वपूर्ण है।\n
    गलत विकल्प: (A) धार्मिक शुद्धता जरूरी नहीं है (जैसे कुछ मध्यवर्ती जातियाँ प्रबल हो सकती हैं)।\n

    \n

  36. \n\n \n

  37. पियरे बोर्दियू के अनुसार ‘सांस्कृतिक पूंजी’ (Cultural Capital) का क्या अर्थ है?\n
      \n

    • (A) बैंक में जमा धन।
    • \n

    • (B) ज्ञान, कौशल, शिक्षा और भाषा के वे रूप जो सामाजिक लाभ दिलाते हैं।
    • \n

    • (C) केवल पुरानी कलाकृतियों का संग्रह।
    • \n

    • (D) केवल शारीरिक शक्ति।
    • \n

    \n

    सही उत्तर: (B)

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    \n विस्तृत व्याख्या: बोर्दियू का तर्क है कि शिक्षा और उच्च सामाजिक वर्गों द्वारा अपनाए गए व्यवहार, बोलने का तरीका और ज्ञान एक प्रकार की ‘पूंजी’ के रूप में कार्य करते हैं, जो व्यक्ति को समाज में उच्च स्थान दिलाने में मदद करते हैं।\n
    संदर्भ: यह सामाजिक पुनरुत्पादन (Social Reproduction) के सिद्धांत का हिस्सा है।\n
    गलत विकल्प: (A) यह आर्थिक पूंजी है, सांस्कृतिक नहीं।\n

    \n

  38. \n\n \n

  39. ‘धर्मनिरपेक्षीकरण’ (Secularization) की प्रक्रिया का अर्थ क्या है?\n
      \n

    • (A) धर्म का पूरी तरह से समाप्त हो जाना।
    • \n

    • (B) समाज के विभिन्न क्षेत्रों (जैसे राजनीति, शिक्षा) में धार्मिक प्रभाव का कम होना।
    • \n

    • (C) एक नए धर्म की स्थापना करना।
    • \n

    • (D) केवल व्यक्तिगत प्रार्थना में वृद्धि होना।
    • \n

    \n

    सही उत्तर: (B)

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    \n विस्तृत व्याख्या: धर्मनिरपेक्षीकरण वह प्रक्रिया है जिसमें सामाजिक संस्थाएं धार्मिक नियंत्रण से मुक्त होती हैं और तर्कसंगतता (Rationality) का प्रभाव बढ़ता है।\n
    संदर्भ: यह वेबर के ‘तर्कसंगतीकरण’ (Rationalization) के सिद्धांत से गहराई से जुड़ा है।\n
    गलत विकल्प: (A) यह गलत है क्योंकि धर्म समाप्त नहीं होता, बल्कि उसका प्रभाव सीमित हो जाता है।\n

    \n

  40. \n\n \n

  41. मैक्स वेबर के अनुसार, ‘तर्कसंगत-मूल्य उन्मुख क्रिया’ (Value-Rational Action) क्या है?\n
      \n

    • (A) वह क्रिया जो केवल लाभ के लिए की जाए।
    • \n

    • (B) वह क्रिया जो भावनाओं के आवेश में की जाए।
    • \n

    • (C) वह क्रिया जो किसी नैतिक या धार्मिक मूल्य के प्रति प्रतिबद्धता के कारण की जाए, बिना परिणाम की चिंता किए।
    • \n

    • (D) वह क्रिया जो परंपरा के कारण की जाए।
    • \n

    \n

    सही उत्तर: (C)

    \n

    \n विस्तृत व्याख्या: इसमें व्यक्ति किसी मूल्य (जैसे सत्य, धर्म या सम्मान) को सर्वोच्च मानता है और उसके आधार पर कार्य करता है, चाहे उसका परिणाम उसके लिए नुकसानदेह ही क्यों न हो।\n
    संदर्भ: यह वेबर के ‘सामाजिक क्रिया’ (Social Action) के चार प्रकारों में से एक है।\n
    गलत विकल्प: (A) यह ‘लक्ष्य-तर्कसंगत’ (Goal-Rational) है। (B) यह ‘भावात्मक’ (Affective) है। (D) यह ‘पारंपरिक’ (Traditional) है।\n

    \n

  42. \n\n \n

  43. जी.एस. घुर्ये ने भारतीय जनजातियों को किस रूप में देखा है?\n
      \n

    • (A) पूरी तरह से अलग और विदेशी प्रजाति के रूप में।
    • \n

    • (B) ‘पिछड़ी हिंदू’ (Backward Hindus) के रूप में।
    • \n

    • (C) विकसित समाज के रूप में।
    • \n

    • (D) केवल राजनीतिक इकाइयों के रूप में।
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    सही उत्तर: (B)

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    \n विस्तृत व्याख्या: घुर्ये का मानना था कि भारतीय जनजातियाँ हिंदू समाज का ही हिस्सा हैं और समय के साथ वे हिंदू संस्कृति में घुल-मिल गई हैं, इसलिए उन्हें ‘पिछड़े हिंदू’ कहा।\n
    संदर्भ: यह ‘एकीकरणवादी’ (Integrationist) दृष्टिकोण है।\n
    गलत विकल्प: (A) यह दृष्टिकोण वर्जील एल्विन जैसे विचारकों का था जिन्होंने जनजातियों को अलग रखने की वकालत की थी।\n

    \n

  44. \n\n \n

  45. समाजशास्त्र में ‘एनोमी’ और ‘अलगाव’ के बीच मुख्य अंतर क्या है?\n
      \n

    • (A) दोनों एक ही अवधारणाएं हैं।
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    • (B) एनोमी सामाजिक मानदंडों के अभाव से संबंधित है, जबकि अलगाव उत्पादन प्रक्रिया और स्वयं से दूरी से संबंधित है।
    • \n

    • (C) एनोमी मार्क्स ने दी थी और अलगाव दुर्खीम ने।
    • \n

    • (D) अलगाव केवल ग्रामीण समाज में होता है, एनोमी केवल शहरी में।
    • \n

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    सही उत्तर: (B)

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    \n विस्तृत व्याख्या: एनोमी (Durkheim) एक सामाजिक स्थिति है जहाँ नियम टूट जाते हैं। अलगाव (Marx) एक मनोवैज्ञानिक और सामाजिक स्थिति है जहाँ श्रमिक अपनी मेहनत के फल और अपनी पहचान खो देता है।\n
    संदर्भ: यह संरचनात्मक-प्रकार्यवाद बनाम संघर्ष सिद्धांत का अंतर है।\n
    गलत विकल्प: (C) यह बिल्कुल उल्टा है। (D) दोनों शहरी और ग्रामीण दोनों जगह हो सकते हैं।\n

    \n

  46. \n\n \n

  47. एक ‘परिकल्पना’ (Hypothesis) क्या होती है?\n
      \n

    • (A) शोध का अंतिम निष्कर्ष।
    • \n

    • (B) दो या दो से अधिक चरों (Variables) के बीच संबंधों का एक परीक्षण योग्य अनुमान।
    • \n

    • (C) केवल एक व्यक्तिगत राय।
    • \n

    • (D) डेटा संग्रह की एक विधि।
    • \n

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    सही उत्तर: (B)

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    \n विस्तृत व्याख्या: परिकल्पना एक अस्थायी प्रस्ताव होता है जिसे शोध के माध्यम से सिद्ध या असिद्ध किया जाता है। यह शोध को दिशा प्रदान करती है।\n
    संदर्भ: यह वैज्ञानिक अनुसंधान पद्धति (Scientific Research Methodology) का बुनियादी हिस्सा है।\n
    गलत विकल्प: (A) निष्कर्ष परिकल्पना के परीक्षण के बाद आता है। (C) यह केवल राय नहीं, बल्कि सैद्धांतिक आधार पर बनाया गया अनुमान है।\n

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  48. \n\n \n

  49. लुई विर्थ (Louis Wirth) के अनुसार, ‘शहरीकरण’ (Urbanism) का मुख्य प्रभाव व्यक्ति के मनोविज्ञान पर क्या पड़ता है?\n
      \n

    • (A) लोगों के बीच संबंधों में अत्यधिक गहराई और निकटता आती है।
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    • (B) संबंधों में सतहीपन (Superficiality) और अनामिकता (Anonymity) बढ़ती है।
    • \n

    • (C) व्यक्ति अधिक धार्मिक हो जाता है।
    • \n

    • (D) सामुदायिक भावना और मजबूत हो जाती है।
    • \n

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    सही उत्तर: (B)

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    \n विस्तृत व्याख्या: विर्थ ने तर्क दिया कि शहर की घनी आबादी और विविधता के कारण लोग एक-दूसरे को जानते तो हैं, लेकिन उनके संबंध गहरे नहीं होते (Secondary relations), जिससे अकेलापन और अनामिकता बढ़ती है।\n
    संदर्भ: उनकी प्रसिद्ध लेख ‘Urbanism as a Way of Life’ में यह चर्चा की गई है।\n
    गलत विकल्प: (A) और (D) ग्रामीण समुदायों (Gemeinschaft) की विशेषताएं हैं, न कि आधुनिक शहरों की।\n

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  50. \n

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प्रो टिप: समाजशास्त्र में सफलता पाने के लिए केवल तथ्यों को याद न करें, बल्कि यह समझें कि एक विचारक की अवधारणा दूसरे विचारक की अवधारणा से कैसे अलग है। अपनी तैयारी को निरंतर बनाए रखें!

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