समय की यात्रा: इतिहास के पन्नों से अपनी तैयारी को परखें
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इतिहास केवल तारीखों और घटनाओं का संग्रह नहीं है, बल्कि यह मानव सभ्यता के विकास की एक रोमांचक यात्रा है। चाहे आप UPSC की कठिन तैयारी कर रहे हों या SSC और State PSCs की चुनौतियों का सामना कर रहे हों, अतीत की गहरी समझ ही आपको सफलता दिला सकती है। आइए, आज के इस विशेष मॉक टेस्ट के माध्यम से समय के पहिये को पीछे घुमाते हैं और देखते हैं कि आप इतिहास के कितने रहस्यों से परिचित हैं। अपनी एकाग्रता बढ़ाएं और इस बौद्धिक चुनौती के लिए तैयार हो जाएं!
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- सिंधु घाटी सभ्यता के किस स्थल पर एक विस्तृत ‘गोदीबाड़ा’ (Dockyard) पाया गया था, जो विदेशी व्यापार का प्रमाण देता है?\n
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- (A) हड़प्पा
- (B) मोहनजोदड़ो
- (C) लोथल
- (D) कालीबंगन
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\n सही उत्तर: (C) लोथल\n
विस्तृत व्याख्या: लोथल (वर्तमान गुजरात में) सिंधु घाटी सभ्यता का एक महत्वपूर्ण बंदरगाह शहर था। यहाँ एक कृत्रिम गोदीबाड़ा मिला है, जिससे यह सिद्ध होता है कि हड़प्पावासी समुद्र के माध्यम से मेसोपोटामिया जैसी सभ्यताओं के साथ व्यापार करते थे।\n
अन्य विकल्प: हड़प्पा और मोहनजोदड़ो मुख्य प्रशासनिक केंद्र थे; कालीबंगन में जूते हुए खेतों के साक्ष्य मिले हैं, लेकिन गोदीबाड़ा नहीं।\n
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- ऋग्वेद के किस मंडल में ‘पुरुष सूक्त’ का वर्णन है, जिसमें चार वर्णों की उत्पत्ति का उल्लेख मिलता है?\n
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- (A) तीसरे मंडल
- (B) सातवें मंडल
- (C) नौवें मंडल
- (D) दसवें मंडल
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\n सही उत्तर: (D) दसवें मंडल\n
विस्तृत व्याख्या: ऋग्वेद के 10वें मंडल के ‘पुरुष सूक्त’ में पहली बार समाज के चार वर्णों (ब्राह्मण, क्षत्रिय, वैश्य और शूद्र) का उल्लेख मिलता है, जिन्हें एक आदि पुरुष के शरीर से उत्पन्न बताया गया है।\n
अन्य विकल्प: तीसरे मंडल में प्रसिद्ध ‘गायत्री मंत्र’ है; नौवां मंडल पूरी तरह से सोम देवता को समर्पित है।\n
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- सम्राट अशोक के किस शिलालेख में ‘धम्म’ के सिद्धांतों और प्रजा के कल्याण के लिए उनके प्रयासों का विस्तृत वर्णन है?\n
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- (A) प्रथम शिलालेख
- (B) सातवां शिलालेख
- (C) तेरहवां शिलालेख
- (D) इनमें से कोई नहीं
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\n सही उत्तर: (C) तेरहवां शिलालेख\n
विस्तृत व्याख्या: अशोक का 13वां शिलालेख सबसे महत्वपूर्ण है क्योंकि इसमें कलिंग युद्ध के भीषण नरसंहार और उसके बाद अशोक के हृदय परिवर्तन और बौद्ध धर्म के प्रति उनके झुकाव का वर्णन है।\n
अन्य विकल्प: प्रथम शिलालेख में पशु बलि की निंदा की गई है।\n
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- ‘प्रयाग प्रशस्ति’ का संबंध किस गुप्त शासक से है, जिसकी रचना हरिषेण ने की थी?\n
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- (A) चंद्रगुप्त प्रथम
- (B) समुद्रगुप्त
- (C) चंद्रगुप्त द्वितीय
- (D) स्कंदगुप्त
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\n सही उत्तर: (B) समुद्रगुप्त\n
विस्तृत व्याख्या: प्रयाग प्रशस्ति (इलाहाबाद स्तंभ लेख) समुद्रगुप्त के दरबारी कवि हरिषेण द्वारा रचित है। इसमें समुद्रगुप्त की सैन्य विजयों, उसकी ‘दिग्विजय’ नीति और उसके व्यक्तित्व का विस्तृत वर्णन है।\n
अन्य विकल्प: चंद्रगुप्त द्वितीय (विक्रमादित्य) अपने समय के महान विद्वानों और ‘नवरत्नों’ के लिए प्रसिद्ध थे।\n
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- बौद्ध धर्म की ‘चौथी संगीति’ (Fourth Council) का आयोजन किसके शासनकाल में और कहाँ हुआ था?\n
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- (A) अशोक – पाटलिपुत्र
- (B) कालाशोक – पाटलिपुत्र
- (C) कनिष्क – कुंडलवन (कश्मीर)
- (D) अजातशत्रु – राजगृह
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\n सही उत्तर: (C) कनिष्क – कुंडलवन (कश्मीर)\n
विस्तृत व्याख्या: चौथी बौद्ध संगीति कुषाण राजा कनिष्क के संरक्षण में कश्मीर के कुंडलवन में हुई। इसी संगीति के बाद बौद्ध धर्म ‘हीनयान’ और ‘महायान’ दो प्रमुख शाखाओं में विभाजित हो गया।\n
अन्य विकल्प: प्रथम संगीति अजातशत्रु के समय राजगृह में हुई थी; तीसरी अशोक के समय पाटलिपुत्र में हुई थी।\n
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- प्राचीन दक्षिण भारत में ‘संगम साहित्य’ का संकलन मुख्य रूप से किस भाषा में किया गया था?\n
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- (A) संस्कृत
- (B) प्राकृत
- (C) तमिल
- (D) तेलुगु
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\n सही उत्तर: (C) तमिल\n
विस्तृत व्याख्या: संगम साहित्य प्राचीन तमिल साहित्य का समूह है, जो पांड्य राजाओं के संरक्षण में मदुरै में आयोजित तीन संगमों (सभाओं) के दौरान रचा गया था। यह तत्कालीन चोल, चेर और पांड्य राजवंशों के सामाजिक-आर्थिक जीवन पर प्रकाश डालता है।\n
अन्य विकल्प: संस्कृत उस समय की दरबारी और धार्मिक भाषा थी, लेकिन संगम साहित्य विशिष्ट रूप से तमिल था।\n
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- दिल्ली सल्तनत के किस सुल्तान ने ‘रक्त और लौह’ (Blood and Iron) की नीति अपनाई थी?\n
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- (A) इल्तुतमिश
- (B) बलबन
- (C) अलाउद्दीन खिलजी
- (D) मोहम्मद बिन तुगलक
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\n सही उत्तर: (B) बलबन\n
विस्तृत व्याख्या: गयासुद्दीन बलबन ने विद्रोहियों और मेवाती लुटेरों को कुचलने के लिए ‘रक्त और लौह’ की कठोर नीति अपनाई थी ताकि सल्तनत की प्रतिष्ठा और अनुशासन को पुनः स्थापित किया जा सके।\n
अन्य विकल्प: इल्तुतमिश को सल्तनत का वास्तविक संस्थापक माना जाता है; अलाउद्दीन खिलजी अपनी बाजार नियंत्रण प्रणाली के लिए प्रसिद्ध था।\n
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- अलाउद्दीन खिलजी द्वारा लागू की गई ‘बाजार नियंत्रण प्रणाली’ (Market Control System) का मुख्य उद्देश्य क्या था?\n
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- (A) किसानों की आय बढ़ाना
- (B) व्यापार को प्रोत्साहित करना
- (C) एक विशाल सेना का कम खर्च में रखरखाव करना
- (D) विदेशी व्यापारियों को आकर्षित करना
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\n सही उत्तर: (C) एक विशाल सेना का कम खर्च में रखरखाव करना\n
विस्तृत व्याख्या: मंगोल आक्रमणों से बचने के लिए अलाउद्दीन को एक बड़ी स्थायी सेना की आवश्यकता थी। सैनिकों को कम वेतन में गुजारा कराने के लिए उसने आवश्यक वस्तुओं की कीमतें तय कर दीं और सख्त निगरानी रखी।\n
अन्य विकल्प: यह नीति जन कल्याण के लिए नहीं, बल्कि सैन्य रणनीति का हिस्सा थी।\n
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- मुगल बादशाह अकबर ने ‘दीन-ए-इलाही’ की स्थापना किस वर्ष की थी?\n
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- (A) 1556 ई.
- (B) 1575 ई.
- (C) 1582 ई.
- (D) 1605 ई.
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\n सही उत्तर: (C) 1582 ई.\n
विस्तृत व्याख्या: अकबर ने 1582 ई. में ‘दीन-ए-इलाही’ (तौहीद-ए-इलाही) नामक एक नए विश्वास तंत्र की शुरुआत की, जिसका उद्देश्य सभी धर्मों के अच्छे तत्वों को मिलाकर एक साझा नैतिक संहिता बनाना था।\n
अन्य विकल्प: 1556 में अकबर का राज्याभिषेक हुआ था और 1605 में उसकी मृत्यु हुई थी।\n
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- विजयनगर साम्राज्य के किस शासक को ‘राय तुलासत्य’ कहा जाता था और जिसके काल में साम्राज्य अपने चरमोत्कर्ष पर था?\n
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- (A) हरिहर I
- (B) बुक्का I
- (C) कृष्णदेव राय
- (D) अच्युत राय
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\n सही उत्तर: (C) कृष्णदेव राय\n
विस्तृत व्याख्या: तुलुव वंश के शासक कृष्णदेव राय विजयनगर के सबसे महान राजा थे। उनके दरबार में ‘अष्टदिग्गज’ (आठ महान कवि) थे और उन्होंने साहित्य एवं कला को अत्यधिक प्रोत्साहन दिया।\n
अन्य विकल्प: हरिहर और बुक्का ने साम्राज्य की स्थापना की थी।\n
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- मध्यकालीन भारत में ‘मंसबदारी प्रणाली’ का मुख्य आधार क्या था?\n
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- (A) जाति और धर्म
- (B) ज़ात और सवार
- (C) भूमि का स्वामित्व
- (D) केवल वंशानुगत अधिकार
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\n सही उत्तर: (B) ज़ात और सवार\n
विस्तृत व्याख्या: अकबर द्वारा शुरू की गई मंसबदारी प्रणाली में ‘ज़ात’ व्यक्ति के व्यक्तिगत पद और वेतन को निर्धारित करती थी, जबकि ‘सवार’ यह निर्धारित करता था कि उस अधिकारी को कितने घुड़सवार रखने होंगे।\n
अन्य विकल्प: यह प्रणाली योग्यता और सम्राट के विश्वास पर आधारित थी, न कि जाति पर।\n
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- छत्रपति शिवाजी महाराज द्वारा अपनाई गई ‘गुरिल्ला युद्ध’ (छापामार युद्ध) पद्धति की मुख्य विशेषता क्या थी?\n
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- (A) आमने-सामने का बड़ा युद्ध करना
- (B) किलेबंदी करके दुश्मन का इंतजार करना
- (C) अचानक हमला करना और पहाड़ियों का लाभ उठाकर गायब हो जाना
- (D) केवल नौसेना का उपयोग करना
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\n सही उत्तर: (C) अचानक हमला करना और पहाड़ियों का लाभ उठाकर गायब हो जाना\n
विस्तृत व्याख्या: शिवाजी महाराज ने सह्याद्री की पहाड़ियों और घने जंगलों का उपयोग करते हुए छापामार युद्ध पद्धति विकसित की। वे छोटी टुकड़ियों के साथ अचानक हमला करते थे और मुगल सेना की बड़ी संख्या को अपनी गतिशीलता से मात देते थे।\n
अन्य विकल्प: बड़ी सेना के सामने आमने-सामने का युद्ध करना उस समय जोखिम भरा था।\n
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- 1757 के प्लासी युद्ध में अंग्रेजों की जीत का मुख्य कारण क्या था?\n
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- (A) अंग्रेजों की बेहतर सैन्य तकनीक
- (B) सिराजुद्दौला के सेनापति मीर जाफर का विश्वासघात
- (C) फ्रांसीसियों की मदद
- (D) बंगाल की सेना का कम होना
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\n सही उत्तर: (B) सिराजुद्दौला के सेनापति मीर जाफर का विश्वासघात\n
विस्तृत व्याख्या: प्लासी का युद्ध वास्तव में एक सैन्य संघर्ष कम और एक साजिश ज्यादा थी। रॉबर्ट क्लाइव ने मीर जाफर को लालच देकर सिराजुद्दौला के खिलाफ कर लिया था, जिसके कारण युद्ध मैदान में एक बड़ी टुकड़ी निष्क्रिय रही।\n
अन्य विकल्प: सैन्य तकनीक बेहतर थी, लेकिन निर्णायक मोड़ मीर जाफर की गद्दारी थी।\n
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- ‘ब्रह्म समाज’ की स्थापना राजा राममोहन राय ने किस उद्देश्य से की थी?\n
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- (A) हिंदू धर्म को पूरी तरह त्यागना
- (B) मूर्ति पूजा और सती प्रथा जैसी सामाजिक कुरीतियों का विरोध करना
- (C) केवल अंग्रेजी शिक्षा का प्रसार करना
- (D) राजनीतिक सत्ता प्राप्त करना
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\n सही उत्तर: (B) मूर्ति पूजा और सती प्रथा जैसी सामाजिक कुरीतियों का विरोध करना\n
विस्तृत व्याख्या: राजा राममोहन राय को ‘आधुनिक भारत का जनक’ कहा जाता है। उन्होंने एकेश्वरवाद का प्रचार किया और सती प्रथा के उन्मूलन के लिए ब्रिटिश सरकार पर दबाव डाला, जिसके परिणामस्वरूप 1829 में यह प्रतिबंधित हुई।\n
अन्य विकल्प: उन्होंने हिंदू धर्म के सुधार की बात की थी, उसे त्यागने की नहीं।\n
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- 1857 के विद्रोह के दौरान लखनऊ में नेतृत्व किसने किया था?\n
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- (A) रानी लक्ष्मीबाई
- (B) बेगम हजरत महल
- (C) कुंवर सिंह
- (D) नाना साहब
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\n सही उत्तर: (B) बेगम हजरत महल\n
विस्तृत व्याख्या: 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम में लखनऊ का नेतृत्व बेगम हजरत महल ने किया था। उन्होंने अपने बेटे बिरजिस कादिर को नवाब घोषित कर अंग्रेजों के खिलाफ विद्रोह का नेतृत्व किया।\n
अन्य विकल्प: रानी लक्ष्मीबाई ने झाँसी में और कुंवर सिंह ने बिहार (जगदीशपुर) में नेतृत्व किया था।\n
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- भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के प्रथम अधिवेशन (1885) की अध्यक्षता किसने की थी?\n
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- (A) ए.ओ. ह्यूम
- (B) दादाभाई नौरोजी
- (C) डब्ल्यू.सी. बनर्जी
- (D) सुरेन्द्रनाथ बनर्जी
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\n सही उत्तर: (C) डब्ल्यू.सी. बनर्जी\n
विस्तृत व्याख्या: भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस का पहला अधिवेशन दिसंबर 1885 में बंबई के गोकुलदास तेजपाल संस्कृत कॉलेज में हुआ था, जिसकी अध्यक्षता व्योमेश चंद्र बनर्जी (W.C. Bonnerjee) ने की थी।\n
अन्य विकल्प: ए.ओ. ह्यूम कांग्रेस के संस्थापक (सेक्रेटरी) थे, लेकिन अध्यक्ष नहीं।\n
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- गांधीजी ने ‘असहयोग आंदोलन’ (Non-Cooperation Movement) को किस घटना के बाद वापस ले लिया था?\n
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- (A) जलियांवाला बाग हत्याकांड
- (B) चौरी-चौरा कांड
- (C) रॉलेट एक्ट
- (D) दांडी मार्च
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\n सही उत्तर: (B) चौरी-चौरा कांड\n
विस्तृत व्याख्या: फरवरी 1922 में उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले के चौरी-चौरा नामक स्थान पर हिंसक भीड़ ने पुलिस स्टेशन को जला दिया, जिसमें 22 पुलिसकर्मी मारे गए। गांधीजी अहिंसा के प्रबल समर्थक थे, इसलिए उन्होंने तुरंत आंदोलन वापस ले लिया।\n
अन्य विकल्प: जलियांवाला बाग कांड (1919) के बाद आंदोलन की नींव पड़ी थी, न कि वह समाप्त हुआ था।\n
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- ‘करो या मरो’ (Do or Die) का नारा महात्मा गांधी ने किस आंदोलन के दौरान दिया था?\n
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- (A) सविनय अवज्ञा आंदोलन
- (B) भारत छोड़ो आंदोलन
- (C) चंपारण सत्याग्रह
- (D) खिलाफत आंदोलन
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\n सही उत्तर: (B) भारत छोड़ो आंदोलन\n
विस्तृत व्याख्या: 8 अगस्त 1942 को बम्बई के ग्वालिया टैंक मैदान से भारत छोड़ो आंदोलन की शुरुआत करते हुए गांधीजी ने भारतीयों को ‘करो या मरो’ का मंत्र दिया, जो अंग्रेजों के खिलाफ अंतिम निर्णायक संघर्ष का संकेत था।\n
अन्य विकल्प: सविनय अवज्ञा आंदोलन (1930) दांडी यात्रा से शुरू हुआ था।\n
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- आजाद हिन्द फौज (INA) की कमान सुभाष चंद्र बोस ने कब संभाली थी?\n
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- (A) 1940 ई.
- (B) 1942 ई.
- (C) 1943 ई.
- (D) 1945 ई.
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\n सही उत्तर: (C) 1943 ई.\n
विस्तृत व्याख्या: हालांकि INA की स्थापना रास बिहारी बोस और कैप्टन मोहन सिंह के प्रयासों से हुई थी, लेकिन 1943 में सुभाष चंद्र बोस ने सिंगापुर पहुँचकर इसकी कमान संभाली और इसे एक शक्तिशाली सैन्य संगठन में बदल दिया।\n
अन्य विकल्प: 1945 में INA के सैनिकों पर लाल किले में मुकदमा चलाया गया था।\n
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- फ्रांसीसी क्रांति (1789) का तात्कालिक कारण क्या था?\n
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- (A) नेपोलियन का उदय
- (B) तीसरे एस्टेट पर करों का अत्यधिक बोझ और आर्थिक संकट
- (C) चर्च का प्रभाव खत्म होना
- (D) इंग्लैंड के साथ युद्ध
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\n सही उत्तर: (B) तीसरे एस्टेट पर करों का अत्यधिक बोझ और आर्थिक संकट\n
विस्तृत व्याख्या: फ्रांस का समाज तीन एस्टेट्स में बंटा था। प्रथम (पादरी) और द्वितीय (कुलीन) को करों से छूट थी, जबकि सारा बोझ तीसरे एस्टेट (आम जनता) पर था। बढ़ती महंगाई और अकाल ने इस आक्रोश को क्रांति में बदल दिया।\n
अन्य विकल्प: नेपोलियन क्रांति के बाद सत्ता में आया था।\n
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- औद्योगिक क्रांति (Industrial Revolution) की शुरुआत सबसे पहले किस देश में हुई थी?\n
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- (A) फ्रांस
- (B) जर्मनी
- (C) इंग्लैंड (ब्रिटेन)
- (D) अमेरिका
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\n सही उत्तर: (C) इंग्लैंड (ब्रिटेन)\n
विस्तृत व्याख्या: 18वीं शताब्दी के उत्तरार्ध में इंग्लैंड में औद्योगिक क्रांति शुरू हुई। इसके कारणों में कोयले और लोहे की प्रचुरता, उपनिवेशों से कच्चा माल मिलना और तकनीकी आविष्कार (जैसे स्टीम इंजन) शामिल थे।\n
अन्य विकल्प: अन्य यूरोपीय देशों में यह क्रांति इंग्लैंड के बाद पहुँची।\n
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- प्रथम विश्व युद्ध (1914-1918) का तात्कालिक कारण क्या था?\n
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- (A) वर्साय की संधि
- (B) आर्कड्यूक फ्रांसिफ़र्ड की हत्या
- (C) रूसी क्रांति
- (D) जर्मनी का आक्रमण
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\n सही उत्तर: (B) आर्कड्यूक फ्रांसिफ़र्ड की हत्या\n
विस्तृत व्याख्या: ऑस्ट्रिया-हंगरी के राजकुमार आर्कड्यूक फ्रांसिफ़र्ड की साराजेवो में हत्या ने एक ऐसी श्रृंखला शुरू की जिससे मित्र राष्ट्र (Allies) और केंद्रीय शक्तियाँ (Central Powers) आमने-सामने आ गईं।\n
अन्य विकल्प: वर्साय की संधि प्रथम विश्व युद्ध के समाप्त होने के बाद हुई थी।\n
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- द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान ‘होलोकॉस्ट’ (Holocaust) शब्द का संबंध किससे है?\n
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- (A) जापान के परमाणु बम हमलों से
- (B) नाजी जर्मनी द्वारा यहूदियों का सामूहिक नरसंहार
- (C) सोवियत संघ की सैन्य विजय से
- (D) अमेरिका के आर्थिक संकट से
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\n सही उत्तर: (B) नाजी जर्मनी द्वारा यहूदियों का सामूहिक नरसंहार\n
विस्तृत व्याख्या: एडोल्फ हिटलर के नेतृत्व में नाजी शासन ने नस्लीय श्रेष्ठता के नाम पर लाखों यहूदियों और अन्य अल्पसंख्यकों का व्यवस्थित तरीके से कत्लेआम किया, जिसे ‘होलोकॉस्ट’ कहा जाता है। हाल के वर्षों में जर्मनी में डिजिटल डेटाबेस के माध्यम से इन अपराधों के नए दस्तावेज़ सामने आ रहे हैं, जिससे ऐतिहासिक जवाबदेही बढ़ी है।\n
अन्य विकल्प: जापान के बम हमलों को ‘हिरोशिमा-नागासाकी त्रासदी’ कहा जाता है।\n
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- शीत युद्ध (Cold War) के दौरान गठित ‘नाटो’ (NATO) का मुख्य उद्देश्य क्या था?\n
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- (A) वैश्विक व्यापार बढ़ाना
- (B) सोवियत संघ के प्रभाव को रोकना (Containment)
- (C) परमाणु हथियारों को समाप्त करना
- (D) उपनिवेशवाद को बढ़ावा देना
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\n सही उत्तर: (B) सोवियत संघ के प्रभाव को रोकना (Containment)\n
विस्तृत व्याख्या: नाटो (North Atlantic Treaty Organization) 1949 में अमेरिका और उसके सहयोगियों द्वारा बनाया गया एक सैन्य गठबंधन था, जिसका प्राथमिक उद्देश्य साम्यवाद (Communism) और सोवियत संघ के विस्तार को रोकना था।\n
अन्य विकल्प: इसके जवाब में सोवियत संघ ने ‘वारसॉ पैक्ट’ बनाया था।\n
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- ‘पुनर्जागरण’ (Renaissance) की शुरुआत सबसे पहले किस यूरोपीय शहर से मानी जाती है?\n
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- (A) पेरिस
- (B) लंदन
- (C) फ्लोरेंस (इटली)
- (D) बर्लिन
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\n सही उत्तर: (C) फ्लोरेंस (इटली)\n
विस्तृत व्याख्या: 14वीं शताब्दी में इटली के फ्लोरेंस शहर में पुनर्जागरण की शुरुआत हुई। यह कला, साहित्य और विज्ञान के क्षेत्र में एक नया जागरण था, जिसने मध्यकाल का अंत और आधुनिक युग की शुरुआत की।\n
अन्य विकल्प: इटली की भौगोलिक स्थिति और व्यापारिक समृद्धि ने इसे पुनर्जागरण का केंद्र बनाया।\n
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- अमेरिका की स्वतंत्रता का घोषणापत्र (Declaration of Independence) किस वर्ष जारी किया गया था?\n
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- (A) 1770 ई.
- (B) 1776 ई.
- (C) 1783 ई.
- (D) 1789 ई.
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\n सही उत्तर: (B) 1776 ई.\n
विस्तृत व्याख्या: 4 जुलाई 1776 को अमेरिका के 13 उपनिवेशों ने ब्रिटिश शासन से अलग होकर खुद को स्वतंत्र घोषित कर दिया। थॉमस जेफरसन ने इस घोषणापत्र का मुख्य मसौदा तैयार किया था।\n
अन्य विकल्प: 1783 में पेरिस की संधि के द्वारा स्वतंत्रता को औपचारिक मान्यता मिली।\n
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- 1917 की रूसी क्रांति का नेतृत्व किसने किया था, जिससे दुनिया का पहला साम्यवादी राज्य बना?\n
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- (A) जोसेफ स्टालिन
- (B) व्लादिमीर लेनिन
- (C) निकोलस II
- (D) ट्रॉट्स्की
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\n सही उत्तर: (B) व्लादिमीर लेनिन\n
विस्तृत व्याख्या: व्लादिमीर लेनिन के नेतृत्व में ‘बोल्शेविक क्रांति’ (अक्टूबर क्रांति) हुई, जिसने रूस के जार शासन को समाप्त कर दिया और दुनिया के पहले समाजवादी/साम्यवादी राज्य (USSR) की स्थापना की।\n
अन्य विकल्प: निकोलस II अंतिम जार था जिसे क्रांति में सत्ता गंवानी पड़ी।\n
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रणनीतिक टिप: इतिहास को रटने के बजाय घटनाओं के बीच ‘कारण और प्रभाव’ (Cause and Effect) का संबंध जोड़ें। आज के इस सेट में हमने प्राचीन से लेकर आधुनिक और विश्व इतिहास तक के महत्वपूर्ण बिंदुओं को छुआ है। अपनी गलतियों का विश्लेषण करें और उन्हें सुधारें!
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