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समाजशास्त्र के महत्वपूर्ण प्रश्न: अपनी वैचारिक स्पष्टता और विश्लेषणात्मक कौशल को परखें

नमस्ते भविष्य के समाजशास्त्रियों!

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आज का यह विशेष क्विज़ आपकी वैचारिक स्पष्टता और विश्लेषणात्मक क्षमता को परखने के लिए तैयार किया गया है। चाहे आप UGC-NET, UPSC या किसी राज्य PSC परीक्षा की तैयारी कर रहे हों, समाजशास्त्र के इन जटिल सिद्धांतों और समकालीन मुद्दों पर पकड़ बनाना आपकी सफलता की कुंजी है। आइए, इस बौद्धिक चुनौती को स्वीकार करें और अपनी तैयारी को एक नए स्तर पर ले जाएं!

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  1. कार्ल मार्क्स के अनुसार, ‘अलगाव’ (Alienation) की स्थिति मुख्य रूप से किसके कारण उत्पन्न होती है?\n
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    • (A) सामाजिक असमानता
    • \n

    • (B) पूंजीवादी उत्पादन प्रणाली
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    • (C) धार्मिक अंधविश्वास
    • \n

    • (D) शिक्षा का अभाव
    • \n

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    सही उत्तर: (B) पूंजीवादी उत्पादन प्रणाली

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    \n विस्तृत व्याख्या: मार्क्स के अनुसार, पूंजीवाद में श्रमिक अपने उत्पाद, उत्पादन की प्रक्रिया, अपने साथी श्रमिकों और अंततः अपने स्वयं के मानवीय स्वभाव से अलग हो जाता है। यह अलगाव उत्पादन के साधनों पर निजी स्वामित्व के कारण होता है। विकल्प (A) और (D) अलगाव के परिणाम हो सकते हैं, लेकिन मुख्य कारण पूंजीवादी ढांचा है।\n

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  2. \n\n \n

  3. मैक्स वेबर द्वारा प्रतिपादित ‘वेरस्टहेन’ (Verstehen) पद्धति का मुख्य उद्देश्य क्या है?\n
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    • (A) सामाजिक तथ्यों का सांख्यिकीय विश्लेषण करना
    • \n

    • (B) सामाजिक क्रियाओं के पीछे के व्यक्तिपरक अर्थों को समझना
    • \n

    • (C) समाज के विकास के चरणों का वर्णन करना
    • \n

    • (D) केवल वस्तुनिष्ठ डेटा का संग्रह करना
    • \n

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    सही उत्तर: (B) सामाजिक क्रियाओं के पीछे के व्यक्तिपरक अर्थों को समझना

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    \n विस्तृत व्याख्या: ‘वेरस्टहेन’ एक जर्मन शब्द है जिसका अर्थ है ‘समझना’। वेबर का मानना था कि समाजशास्त्र को केवल बाहरी व्यवहार का अध्ययन नहीं करना चाहिए, बल्कि उस व्यक्ति के दृष्टिकोण से क्रिया के अर्थ को समझना चाहिए जिसने वह क्रिया की है। विकल्प (A) और (D) प्रत्यक्षवाद (Positivism) से संबंधित हैं, जो वेबर के दृष्टिकोण से भिन्न है।\n

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  4. \n\n \n

  5. एमिल दुर्खीम के अनुसार, ‘एनोमी’ (Anomie) की स्थिति तब उत्पन्न होती है जब:\n
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    • (A) समाज में बहुत अधिक नियम होते हैं
    • \n

    • (B) व्यक्ति समाज से पूरी तरह कट जाता है
    • \n

    • (C) सामाजिक मानदंडों में तेजी से बदलाव आता है और नियम अस्पष्ट हो जाते हैं
    • \n

    • (D) आर्थिक समृद्धि अत्यधिक बढ़ जाती है
    • \n

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    सही उत्तर: (C) सामाजिक मानदंडों में तेजी से बदलाव आता है और नियम अस्पष्ट हो जाते हैं

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    \n विस्तृत व्याख्या: ‘एनोमी’ या ‘नियमहीनता’ की स्थिति तब आती है जब समाज में तेजी से परिवर्तन (जैसे आर्थिक संकट या तीव्र विकास) होता है, जिससे पुराने नियम काम नहीं करते और नए नियम अभी स्थापित नहीं हुए होते। यह व्यक्ति में भटकाव और तनाव पैदा करता है। विकल्प (B) सामाजिक अलगाव है, जो एनोमी से अलग है।\n

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  6. \n\n \n

  7. ‘पर्यावरणीय समाजशास्त्र’ (Environmental Sociology) के संदर्भ में, मानव समाज और प्राकृतिक पर्यावरण के बीच संबंधों का अध्ययन करने वाला दृष्टिकोण क्या कहलाता है?\n
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    • (A) मानव-केंद्रित दृष्टिकोण (Anthropocentric)
    • \n

    • (B) पारिस्थितिक दृष्टिकोण (Ecological Perspective)
    • \n

    • (C) केवल आर्थिक दृष्टिकोण
    • \n

    • (D) इनमें से कोई नहीं
    • \n

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    सही उत्तर: (B) पारिस्थितिक दृष्टिकोण (Ecological Perspective)

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    \n विस्तृत व्याख्या: हालिया शैक्षणिक रुझानों (जैसे ड्रेक्सल विश्वविद्यालय के नए कार्यक्रम) के अनुसार, पर्यावरणीय समाजशास्त्र इस बात पर जोर देता है कि सामाजिक संरचनाएं पर्यावरण को कैसे प्रभावित करती हैं और जलवायु परिवर्तन जैसी घटनाएं समाज को कैसे आकार देती हैं। विकल्प (A) केवल मनुष्य को केंद्र में रखता है, जबकि पारिस्थितिक दृष्टिकोण अंतर्संबंधों पर ध्यान देता है।\n

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  8. \n\n \n

  9. ‘नस्लीय पूंजीवाद’ (Racial Capitalism) की अवधारणा शहरी नियोजन (Urban Planning) में किस प्रकार परिलक्षित होती है?\n
      \n

    • (A) सभी नस्लों के लिए समान आवास सुविधा प्रदान करना
    • \n

    • (B) नस्लीय भेदभाव के माध्यम से आर्थिक लाभ कमाना और संसाधनों का असमान वितरण करना
    • \n

    • (C) केवल ग्रामीण क्षेत्रों का विकास करना
    • \n

    • (D) नस्ल और पूंजीवाद के बीच कोई संबंध न होना
    • \n

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    सही उत्तर: (B) नस्लीय भेदभाव के माध्यम से आर्थिक लाभ कमाना और संसाधनों का असमान वितरण करना

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    \n विस्तृत व्याख्या: यह अवधारणा बताती है कि पूंजीवाद नस्लीय पदानुक्रमों का उपयोग करके कुछ समूहों का शोषण करता है ताकि लाभ को अधिकतम किया जा सके। शहरी नियोजन में यह ‘रेडलाइनिंग’ या कुछ नस्लीय समूहों को संसाधनों से वंचित रखने के रूप में दिखता है।\n

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  10. \n\n \n

  11. सोशल मीडिया के संदर्भ में ‘नैतिक घबराहट’ (Moral Panic) का क्या अर्थ है?\n
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    • (A) इंटरनेट की धीमी गति के कारण होने वाला तनाव
    • \n

    • (B) समाज के एक बड़े वर्ग द्वारा किसी समूह या व्यवहार को समाज के लिए बड़ा खतरा मानकर अत्यधिक प्रतिक्रिया देना
    • \n

    • (C) डिजिटल साक्षरता की कमी
    • \n

    • (D) ऑनलाइन शॉपिंग के कारण होने वाली आर्थिक हानि
    • \n

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    सही उत्तर: (B) समाज के एक बड़े वर्ग द्वारा किसी समूह या व्यवहार को समाज के लिए बड़ा खतरा मानकर अत्यधिक प्रतिक्रिया देना

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    \n विस्तृत व्याख्या: ‘नैतिक घबराहट’ तब होती है जब मीडिया और समाज किसी विशेष घटना या समूह को ‘लोककल्याण’ के लिए खतरा घोषित कर देते हैं, भले ही वास्तविक खतरा कम हो। वर्तमान में सोशल मीडिया इस प्रक्रिया को तीव्र कर देता है।\n

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  12. \n\n \n

  13. टैलकोट पार्सन्स के AGIL मॉडल में ‘L’ (Latency) का क्या अर्थ है?\n
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    • (A) अनुकूलन (Adaptation)
    • \n

    • (B) लक्ष्य प्राप्ति (Goal Attainment)
    • \n

    • (C) एकीकरण (Integration)
    • \n

    • (D) स्वरूप अनुरक्षण (Latency/Pattern Maintenance)
    • \n

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    सही उत्तर: (D) स्वरूप अनुरक्षण (Latency/Pattern Maintenance)

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    \n विस्तृत व्याख्या: पार्सन्स के अनुसार, समाज को जीवित रहने के लिए चार कार्य करने होते हैं: A (Adaptation), G (Goal Attainment), I (Integration), और L (Latency)। Latency का अर्थ है सांस्कृतिक मूल्यों और मानदंडों को बनाए रखना ताकि समाज की स्थिरता बनी रहे (जैसे परिवार और शिक्षा के माध्यम से)।\n

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  14. \n\n \n

  15. रॉबर्ट के. मर्टन द्वारा प्रतिपादित ‘प्रकट कार्य’ (Manifest Function) और ‘अप्रत्यक्ष कार्य’ (Latent Function) के बीच क्या अंतर है?\n
      \n

    • (A) प्रकट कार्य अनपेक्षित होते हैं, जबकि अप्रत्यक्ष कार्य अपेक्षित होते हैं।
    • \n

    • (B) प्रकट कार्य वांछित और मान्यता प्राप्त होते हैं, जबकि अप्रत्यक्ष कार्य अनपेक्षित और छिपे होते हैं।
    • \n

    • (C) दोनों एक ही हैं और इनमें कोई अंतर नहीं है।
    • \n

    • (D) प्रकट कार्य केवल आर्थिक होते हैं, अप्रत्यक्ष कार्य केवल सामाजिक।
    • \n

    \n

    सही उत्तर: (B) प्रकट कार्य वांछित और मान्यता प्राप्त होते हैं, जबकि अप्रत्यक्ष कार्य अनपेक्षित और छिपे होते हैं।

    \n

    \n विस्तृत व्याख्या: उदाहरण के लिए, विश्वविद्यालय जाने का ‘प्रकट कार्य’ शिक्षा प्राप्त करना है, लेकिन ‘अप्रत्यक्ष कार्य’ नेटवर्किंग करना या जीवनसाथी खोजना हो सकता है।\n

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  16. \n\n \n

  17. जॉर्ज हरबर्ट मीड के अनुसार, ‘स्व’ (Self) का विकास कैसे होता है?\n
      \n

    • (A) केवल आनुवंशिक गुणों के माध्यम से
    • \n

    • (B) सामाजिक अंतःक्रिया और प्रतीकों के माध्यम से
    • \n

    • (C) अकेले चिंतन करने से
    • \n

    • (D) केवल जैविक परिपक्वता से
    • \n

    \n

    सही उत्तर: (B) सामाजिक अंतःक्रिया और प्रतीकों के माध्यम से

    \n

    \n विस्तृत व्याख्या: मीड के ‘प्रतीकात्मक अंतःक्रियावाद’ (Symbolic Interactionism) के अनुसार, मनुष्य दूसरों की प्रतिक्रियाओं के आधार पर अपना ‘स्व’ विकसित करता है। इसमें ‘I’ (स्वयं का सहज रूप) और ‘Me’ (समाज द्वारा देखा गया रूप) के बीच संवाद होता है।\n

    \n

  18. \n\n \n

  19. ‘बंद स्तरीकरण’ (Closed Stratification) का सबसे सटीक उदाहरण कौन सा है?\n
      \n

    • (A) वर्ग व्यवस्था (Class System)
    • \n

    • (B) जाति व्यवस्था (Caste System)
    • \n

    • (C) व्यावसायिक पदसोपान
    • \n

    • (D) योग्यता आधारित समाज (Meritocracy)
    • \n

    \n

    सही उत्तर: (B) जाति व्यवस्था (Caste System)

    \n

    \n विस्तृत व्याख्या: बंद स्तरीकरण वह होता है जहाँ व्यक्ति की सामाजिक स्थिति जन्म से निर्धारित होती है और जीवनभर नहीं बदलती (जैसे जाति)। इसके विपरीत, वर्ग व्यवस्था एक ‘खुली व्यवस्था’ है जहाँ शिक्षा और धन से गतिशीलता संभव है।\n

    \n

  20. \n\n \n

  21. एम.एन. श्रीनिवास द्वारा प्रतिपादित ‘संस्कृतिकरण’ (Sanskritization) की प्रक्रिया का अर्थ है:\n
      \n

    • (A) संस्कृत भाषा सीखना
    • \n

    • (B) निम्न जाति द्वारा उच्च जाति के रीति-रिवाजों और जीवन शैली को अपनाना
    • \n

    • (C) उच्च जाति का निम्न जाति के समान बनना
    • \n

    • (D) पूरी तरह से धर्म का त्याग करना
    • \n

    \n

    सही उत्तर: (B) निम्न जाति द्वारा उच्च जाति के रीति-रिवाजों और जीवन शैली को अपनाना

    \n

    \n विस्तृत व्याख्या: संस्कृतिकरण वह प्रक्रिया है जिसके द्वारा कोई निम्न हिंदू जाति या जनजाति, उच्च जाति (विशेषकर द्विज) के रीति-रिवाजों, विचारधारा और जीवन पद्धति को अपनाकर अपनी सामाजिक स्थिति सुधारने का प्रयास करती है।\n

    \n

  22. \n\n \n

  23. जी.एस. घुर्ये ने भारतीय जनजातियों को समाज के किस रूप में देखा?\n
      \n

    • (A) पूरी तरह से अलग और विदेशी समूह
    • \n

    • (B) ‘पिछड़े हिंदू’ (Backward Hindus)
    • \n

    • (C) आधुनिक समाज के अग्रदूत
    • \n

    • (D) केवल शिकारी और संग्राहक
    • \n

    \n

    सही उत्तर: (B) ‘पिछड़े हिंदू’ (Backward Hindus)

    \n

    \n विस्तृत व्याख्या: घुर्ये का मानना था कि जनजातियां हिंदू समाज का ही एक हिस्सा हैं जो मुख्यधारा से अलग रह गईं, इसलिए उन्होंने उन्हें ‘पिछड़े हिंदू’ कहा। यह दृष्टिकोण वर्जील एल्विन के ‘अलगाव’ (Isolation) के सिद्धांत के विपरीत था।\n

    \n

  24. \n\n \n

  25. नृवंशविज्ञान (Ethnography) अनुसंधान पद्धति की मुख्य विशेषता क्या है?\n
      \n

    • (A) केवल प्रश्नावली का उपयोग करना
    • \n

    • (B) प्रयोगशाला में प्रयोग करना
    • \n

    • (C) शोधकर्ता का अध्ययन समूह के साथ दीर्घकालिक प्रवास और गहन अवलोकन करना
    • \n

    • (D) केवल द्वितीयक डेटा का विश्लेषण करना
    • \n

    \n

    सही उत्तर: (C) शोधकर्ता का अध्ययन समूह के साथ दीर्घकालिक प्रवास और गहन अवलोकन करना

    \n

    \n विस्तृत व्याख्या: नृवंशविज्ञान में ‘सहभागी अवलोकन’ (Participant Observation) का उपयोग होता है, जहाँ शोधकर्ता उस संस्कृति का हिस्सा बनकर गहराई से अध्ययन करता है। यह गुणात्मक अनुसंधान (Qualitative Research) का हिस्सा है।\n

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  26. \n\n \n

  27. समाजशास्त्र में ‘प्रत्यक्षवाद’ (Positivism) का जनक किसे माना जाता है?\n
      \n

    • (A) अगस्त कॉम्टे
    • \n

    • (B) हर्बर्ट स्पेंसर
    • \n

    • (C) मैक्स वेबर
    • \n

    • (D) कार्ल मार्क्स
    • \n

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    सही उत्तर: (A) अगस्त कॉम्टे

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    \n विस्तृत व्याख्या: अगस्त कॉम्टे ने तर्क दिया कि समाज का अध्ययन उन्हीं वैज्ञानिक तरीकों (अवलोकन, प्रयोग, तुलना) से किया जाना चाहिए जिनसे प्राकृतिक विज्ञानों (भौतिकी, रसायन) का अध्ययन होता है।\n

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  28. \n\n \n

  29. ‘विस्तारित परिवार’ (Extended Family) और ‘एकल परिवार’ (Nuclear Family) के बीच मुख्य अंतर क्या है?\n
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    • (A) केवल परिवार के सदस्यों की संख्या
    • \n

    • (B) केवल रहने का स्थान
    • \n

    • (C) सदस्यों की संरचना और पीढ़ियों का सह-अस्तित्व
    • \n

    • (D) परिवार की आर्थिक स्थिति
    • \n

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    सही उत्तर: (C) सदस्यों की संरचना और पीढ़ियों का सह-अस्तित्व

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    \n विस्तृत व्याख्या: एकल परिवार में केवल माता-पिता और उनके अविवाहित बच्चे होते हैं, जबकि विस्तारित परिवार में दादा-दादी, चाचा-चाची और अन्य रिश्तेदार भी एक ही छत के नीचे रहते हैं और साझा संसाधनों का उपयोग करते हैं।\n

    \n

  30. \n\n \n

  31. एमिल दुर्खीम के अनुसार, धर्म का मूल तत्व क्या है?\n
      \n

    • (A) ईश्वर में अटूट विश्वास
    • \n

    • (B) पवित्र (Sacred) और अपवित्र/लौकिक (Profane) के बीच का अंतर
    • \n

    • (C) स्वर्ग और नर्क की अवधारणा
    • \n

    • (D) केवल कर्मकांडों का पालन
    • \n

    \n

    सही उत्तर: (B) पवित्र (Sacred) और अपवित्र/लौकिक (Profane) के बीच का अंतर

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    \n विस्तृत व्याख्या: दुर्खीम के अनुसार, धर्म वह प्रणाली है जो चीजों को ‘पवित्र’ (जिन्हें विशेष सम्मान दिया जाता है) और ‘लौकिक’ (सामान्य दैनिक चीजें) में विभाजित करती है। धर्म वास्तव में समाज की ही पूजा है।\n

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  32. \n\n \n

  33. भारतीय ग्रामीण समाज में ‘जजमानी व्यवस्था’ का मुख्य आधार क्या था?\n
      \n

    • (A) केवल नकद भुगतान
    • \n

    • (B) सेवाओं का आदान-प्रदान और पारस्परिक निर्भरता
    • \n

    • (C) केवल कानूनी अनुबंध
    • \n

    • (D) सरकारी नियंत्रण
    • \n

    \n

    सही उत्तर: (B) सेवाओं का आदान-प्रदान और पारस्परिक निर्भरता

    \n

    \n विस्तृत व्याख्या: जजमानी व्यवस्था एक पारंपरिक सामाजिक-आर्थिक व्यवस्था थी जहाँ विभिन्न जातियाँ (जैसे नाई, लोहार, कुम्हार) एक उच्च जाति के परिवार (जजमान) को सेवाएँ प्रदान करती थीं और बदले में उन्हें अनाज या अन्य वस्तुएँ मिलती थीं।\n

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  34. \n\n \n

  35. बर्गेस के ‘संकेंद्रित क्षेत्र मॉडल’ (Concentric Zone Model) के अनुसार, शहर का सबसे आंतरिक हिस्सा क्या होता है?\n
      \n

    • (A) आवासीय क्षेत्र
    • \n

    • (B) औद्योगिक क्षेत्र
    • \n

    • (C) केंद्रीय व्यावसायिक जिला (CBD)
    • \n

    • (D) उपनगर (Suburbs)
    • \n

    \n

    सही उत्तर: (C) केंद्रीय व्यावसायिक जिला (CBD)

    \n

    \n विस्तृत व्याख्या: अर्नेस्ट बर्गेस ने शिकागो शहर के अध्ययन के आधार पर बताया कि शहर रिंग्स (वलयों) के रूप में विकसित होता है, जिसके केंद्र में CBD (Central Business District) होता है, जहाँ व्यापार और वाणिज्य की सघनता सबसे अधिक होती है।\n

    \n

  36. \n\n \n

  37. ‘लेबलिंग सिद्धांत’ (Labeling Theory) के अनुसार, विचलन (Deviance) क्या है?\n
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    • (A) एक जैविक दोष
    • \n

    • (B) समाज द्वारा किसी व्यक्ति पर लगाया गया एक ठप्पा (Label)
    • \n

    • (C) केवल गरीबी का परिणाम
    • \n

    • (D) मनोवैज्ञानिक विकार
    • \n

    \n

    सही उत्तर: (B) समाज द्वारा किसी व्यक्ति पर लगाया गया एक ठप्पा (Label)

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    \n विस्तृत व्याख्या: यह सिद्धांत (जैसे हॉवर्ड बेकर द्वारा समर्थित) कहता है कि कोई कार्य अपने आप में विचलित नहीं होता, बल्कि वह तब विचलित बनता है जब समाज उस कार्य को करने वाले व्यक्ति को ‘अपराधी’ या ‘विचलित’ का लेबल दे देता है।\n

    \n

  38. \n\n \n

  39. ‘सांस्कृतिक पिछड़ापन’ (Cultural Lag) की अवधारणा किसने दी थी?\n
      \n

    • (A) विलियम ओगबर्न
    • \n

    • (B) कार्ल मार्क्स
    • \n

    • (C) हर्बर्ट स्पेंसर
    • \n

    • (D) मैक्स वेबर
    • \n

    \n

    सही उत्तर: (A) विलियम ओगबर्न

    \n

    \n विस्तृत व्याख्या: ओगबर्न के अनुसार, जब भौतिक संस्कृति (तकनीक, मशीनें) तेजी से बदलती है, लेकिन गैर-भौतिक संस्कृति (मूल्य, विश्वास, कानून) धीमी गति से बदलती है, तो उनके बीच का अंतर ‘सांस्कृतिक पिछड़ापन’ कहलाता है।\n

    \n

  40. \n\n \n

  41. ‘पितृवंशीय’ (Patrilineal) वंश परंपरा में वंश का निर्धारण कैसे होता है?\n
      \n

    • (A) माता के वंश से
    • \n

    • (B) पिता के वंश से
    • \n

    • (C) दोनों माता और पिता के वंश से
    • \n

    • (D) केवल विवाह के माध्यम से
    • \n

    \n

    सही उत्तर: (B) पिता के वंश से

    \n

    \n विस्तृत व्याख्या: पितृवंशीय व्यवस्था में परिवार का नाम, संपत्ति और उत्तराधिकार पिता से पुत्र को हस्तांतरित होता है। इसके विपरीत, मातृवंशीय (Matrilineal) व्यवस्था में यह माता के माध्यम से होता है।\n

    \n

  42. \n\n \n

  43. मैक्स वेबर के अनुसार, एक ‘आदर्श नौकरशाही’ (Ideal Bureaucracy) की प्रमुख विशेषता क्या है?\n
      \n

    • (A) व्यक्तिगत संबंधों पर आधारित निर्णय
    • \n

    • (B) लिखित नियम, स्पष्ट पदानुक्रम और योग्यता आधारित चयन
    • \n

    • (C) केवल वंशानुगत नियुक्ति
    • \n

    • (D) नियमों का पूर्ण अभाव
    • \n

    \n

    सही उत्तर: (B) लिखित नियम, स्पष्ट पदानुक्रम और योग्यता आधारित चयन

    \n

    \n विस्तृत व्याख्या: वेबर ने नौकरशाही को सबसे कुशल संगठन माना क्योंकि यह तर्कसंगतता (Rationality), अवैयक्तिकता (Impersonality) और नियमों पर आधारित होती है, जिससे पक्षपात कम होता है।\n

    \n

  44. \n\n \n

  45. ‘डिजिटल विभाजन’ (Digital Divide) समाजशास्त्रीय दृष्टिकोण से क्या दर्शाता है?\n
      \n

    • (A) केवल इंटरनेट की गति में अंतर
    • \n

    • (B) सूचना तकनीक तक पहुँच और उसके उपयोग में सामाजिक-आर्थिक असमानता
    • \n

    • (C) कंप्यूटर के विभिन्न ब्रांडों का उपयोग
    • \n

    • (D) सोशल मीडिया पर मित्रों की संख्या का अंतर
    • \n

    \n

    सही उत्तर: (B) सूचना तकनीक तक पहुँच और उसके उपयोग में सामाजिक-आर्थिक असमानता

    \n

    \n विस्तृत व्याख्या: डिजिटल विभाजन केवल तकनीक की उपलब्धता नहीं, बल्कि वर्ग, जाति, लिंग और भूगोल के आधार पर सूचना के उपयोग की क्षमता में अंतर को दर्शाता है। यह सामाजिक स्तरीकरण का एक आधुनिक रूप है।\n

    \n

  46. \n\n \n

  47. हिंसक अपराध दरों में गिरावट के बावजूद, निवारण कार्यक्रमों (Prevention Programs) के लिए धन में कमी का समाजशास्त्रीय प्रभाव क्या हो सकता है?\n
      \n

    • (A) अपराध पूरी तरह समाप्त हो जाएगा
    • \n

    • (B) सामाजिक नियंत्रण के तंत्र कमजोर हो सकते हैं, जिससे भविष्य में अपराध बढ़ सकते हैं
    • \n

    • (C) पुलिस की आवश्यकता समाप्त हो जाएगी
    • \n

    • (D) अर्थव्यवस्था में सुधार होगा
    • \n

    \n

    सही उत्तर: (B) सामाजिक नियंत्रण के तंत्र कमजोर हो सकते हैं, जिससे भविष्य में अपराध बढ़ सकते हैं

    \n

    \n विस्तृत व्याख्या: समाजशास्त्रीय रूप से, अपराध केवल व्यक्तिगत निर्णय नहीं बल्कि सामाजिक संरचनाओं का परिणाम है। यदि निवारण कार्यक्रम (जैसे शिक्षा, सामुदायिक सहायता) बंद होते हैं, तो समाज में ‘अव्यवस्था’ (Disorganization) बढ़ सकती है, जो अपराध को बढ़ावा देती है।\n

    \n

  48. \n\n \n

  49. ‘सामाजिक संरचना’ (Social Structure) से क्या तात्पर्य है?\n
      \n

    • (A) किसी समाज की केवल जनसंख्या
    • \n

    • (B) समाज के विभिन्न अंगों (संस्थाओं, समूहों, पदों) का एक व्यवस्थित और स्थिर पैटर्न
    • \n

    • (C) केवल व्यक्तिगत इच्छाओं का समूह
    • \n

    • (D) केवल सरकार का ढांचा
    • \n

    \n

    सही उत्तर: (B) समाज के विभिन्न अंगों (संस्थाओं, समूहों, पदों) का एक व्यवस्थित और स्थिर पैटर्न

    \n

    \n विस्तृत व्याख्या: सामाजिक संरचना समाज का वह ढांचा है जो व्यक्ति के व्यवहार को सीमित और निर्देशित करता है। इसमें परिवार, धर्म, अर्थव्यवस्था जैसी संस्थाएं और उनके बीच के संबंध शामिल होते हैं।\n

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टिप: यदि आपने 20 से अधिक प्रश्नों के सही उत्तर दिए हैं, तो आपकी वैचारिक पकड़ बहुत मजबूत है। यदि 15 से कम हैं, तो समाजशास्त्रीय विचारकों और मूल अवधारणाओं का पुनरीक्षण (Revision) करें। पढ़ते रहें और सीखते रहें!

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