समाजशास्त्र की गहन समझ: वैचारिक स्पष्टता और विश्लेषणात्मक चुनौती
समाजशास्त्र केवल समाज का अध्ययन नहीं है, बल्कि यह हमारे चारों ओर की दुनिया को देखने का एक वैज्ञानिक दृष्टिकोण है। यदि आप UGC-NET, UPSC या State PSC जैसी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं, तो केवल तथ्यों को रटना पर्याप्त नहीं है; आपको अवधारणाओं के बीच अंतर्संबंधों को समझना होगा। यह दैनिक अभ्यास सेट विशेष रूप से आपकी तार्किक क्षमता और समाजशास्त्रीय गहराई को परखने के लिए डिज़ाइन किया गया है। आइए, अपनी तैयारी को एक नए स्तर पर ले जाएं!
- एमिल दुर्खीम के अनुसार ‘एनोमी’ (Anomie) की स्थिति कब उत्पन्न होती है?
- (A) जब समाज में बहुत अधिक नियम होते हैं।
- (B) जब सामाजिक मानदंडों का अभाव होता है या वे अस्पष्ट हो जाते हैं।
- (C) जब व्यक्ति समाज से पूरी तरह अलग हो जाता है।
- (D) जब आर्थिक असमानता समाप्त हो जाती है।
सही उत्तर: (B)
विस्तृत व्याख्या: दुर्खीम के अनुसार, एनोमी वह स्थिति है जहाँ समाज में व्यक्ति के व्यवहार को नियंत्रित करने वाले नियम या मानदंड कमजोर हो जाते हैं, जिससे व्यक्ति दिशाहीन महसूस करता है। यह अक्सर तीव्र सामाजिक परिवर्तन या आर्थिक संकट के दौरान होता है।
संदर्भ: यह अवधारणा उनकी प्रसिद्ध पुस्तक ‘Suicide’ (1897) में विस्तार से दी गई है।
गलत विकल्प: विकल्प (A) इसके विपरीत स्थिति है। विकल्प (C) ‘अलगाव’ (Alienation) की ओर संकेत करता है, जो मार्क्स की अवधारणा है। - कार्ल मार्क्स के ‘अलगाव’ (Alienation) के सिद्धांत में, श्रमिक सबसे पहले किससे अलग होता है?
- (A) अपने सहकर्मियों से
- (B) समाज के अन्य वर्गों से
- (C) अपने द्वारा उत्पादित वस्तु (उत्पाद) से
- (D) राज्य की मशीनरी से
सही उत्तर: (C)
विस्तृत व्याख्या: मार्क्स के अनुसार, पूंजीवादी व्यवस्था में श्रमिक अपनी मेहनत से बनाई गई वस्तु पर नियंत्रण खो देता है, जिससे वह अपने ‘उत्पाद’ से अलग हो जाता है। इसके बाद वह उत्पादन की प्रक्रिया, अपनी प्रजाति (species-being) और अन्य मनुष्यों से अलग होता है।
संदर्भ: यह विचार ‘Economic and Philosophic Manuscripts of 1844’ में मिलता है।
गलत विकल्प: विकल्प (A) और (B) अलगाव के बाद के चरण या परिणाम हैं, प्राथमिक अलगाव उत्पाद से होता है। - मैक्स वेबर के अनुसार ‘आदर्श प्रारूप’ (Ideal Type) क्या है?
- (A) एक ऐसी सामाजिक स्थिति जो नैतिकता की दृष्टि से आदर्श हो।
- (B) एक काल्पनिक मॉडल जो वास्तविकता के मुख्य लक्षणों को संकलित करता है।
- (C) एक ऐसा समाज जहाँ कोई संघर्ष न हो।
- (D) केवल उन आंकड़ों का समूह जो सांख्यिकीय रूप से सही हों।
सही उत्तर: (B)
विस्तृत व्याख्या: आदर्श प्रारूप कोई ‘आदर्श’ (Perfect) स्थिति नहीं है, बल्कि एक विश्लेषणात्मक उपकरण है। यह वास्तविकता के कुछ विशिष्ट गुणों को बढ़ा-चढ़ाकर पेश करता है ताकि वास्तविक घटनाओं की तुलना की जा सके।
संदर्भ: वेबर ने इसका उपयोग नौकरशाही (Bureaucracy) और धर्म के अध्ययन में किया था।
गलत विकल्प: विकल्प (A) इसे नैतिक आदर्श मान लेता है, जो गलत है। - तालकोट पार्सन्स के AGIL मॉडल में ‘L’ (Latency) का क्या अर्थ है?
- (A) लक्ष्य प्राप्ति (Goal Attainment)
- (B) अनुकूलन (Adaptation)
- (C) पैटर्न का रखरखाव या सांस्कृतिक स्थिरता (Latency)
- (D) सामाजिक एकीकरण (Integration)
सही उत्तर: (C)
विस्तृत व्याख्या: ‘L’ का अर्थ है Latency (प्रसुप्तता), जिसका कार्य सांस्कृतिक मूल्यों को बनाए रखना और उन्हें नई पीढ़ी में स्थानांतरित करना है (जैसे परिवार और शिक्षा)।
संदर्भ: पार्सन्स का संरचनात्मक-प्रकार्यवाद (Structural Functionalism)।
गलत विकल्प: (A) Goal Attainment (G) है, (B) Adaptation (A) है, और (D) Integration (I) है। - रॉबर्ट के. मर्टन ने ‘प्रकट कार्य’ (Manifest Function) और ‘अप्रत्यक्ष कार्य’ (Latent Function) के बीच क्या अंतर बताया है?
- (A) प्रकट कार्य हानिकारक होते हैं, अप्रत्यक्ष कार्य लाभदायक।
- (B) प्रकट कार्य ज्ञात और इच्छित होते हैं, जबकि अप्रत्यक्ष कार्य अनपेक्षित और अज्ञात होते हैं।
- (C) दोनों एक ही होते हैं, बस नाम अलग हैं।
- (D) प्रकट कार्य केवल ग्रामीण समाज में होते हैं।
सही उत्तर: (B)
विस्तृत व्याख्या: प्रकट कार्य वे परिणाम हैं जिनके लिए कोई संस्था बनाई जाती है (जैसे स्कूल का कार्य शिक्षा देना)। अप्रत्यक्ष कार्य वे परिणाम हैं जो अनपेक्षित होते हैं (जैसे स्कूल में सामाजिक नेटवर्क बनाना)।
संदर्भ: मर्टन का कार्यात्मक विश्लेषण (Functional Analysis)।
गलत विकल्प: विकल्प (A) गलत है क्योंकि अप्रत्यक्ष कार्य नकारात्मक (Dysfunctions) भी हो सकते हैं। - सामाजिक स्तरीकरण (Social Stratification) की ‘बंद प्रणाली’ (Closed System) का उदाहरण कौन सा है?
- (A) वर्ग (Class)
- (B) जाति (Caste)
- (C) पेशा (Occupation)
- (D) शिक्षा स्तर
सही उत्तर: (B)
विस्तृत व्याख्या: बंद प्रणाली वह होती है जहाँ सामाजिक गतिशीलता (Social Mobility) अत्यंत सीमित या असंभव होती है। जाति जन्म पर आधारित होती है और इसे बदला नहीं जा सकता।
संदर्भ: स्तरीकरण के सिद्धांत।
गलत विकल्प: वर्ग (Class) एक ‘खुली प्रणाली’ है क्योंकि व्यक्ति अपनी मेहनत और शिक्षा से अपना वर्ग बदल सकता है। - ‘सांस्कृतिक सापेक्षवाद’ (Cultural Relativism) का क्या अर्थ है?
-
(A) अपनी संस्कृति को सर्वश्रेष्ठ मानना।
- (B) किसी संस्कृति को उसके अपने मूल्यों और संदर्भों के आधार पर समझना।
- (C) सभी संस्कृतियों को एक ही मानक से मापना।
- (D) विदेशी संस्कृतियों को पूरी तरह नकारना।
- जॉर्ज हर्बर्ट मीड के अनुसार, ‘स्व’ (Self) के विकास में ‘Me’ (मैं/मुझे) का क्या महत्व है?
- (A) यह व्यक्ति की सहज और रचनात्मक प्रतिक्रिया है।
- (B) यह समाज द्वारा थोपे गए मानदंडों और अपेक्षाओं का आंतरिक रूप है।
- (C) यह केवल जन्मजात होता है।
- (D) इसका सामाजिकरण से कोई संबंध नहीं है।
सही उत्तर: (B)
विस्तृत व्याख्या: मीड के अनुसार, ‘I’ व्यक्ति का रचनात्मक और स्वतःस्फूर्त हिस्सा है, जबकि ‘Me’ वह हिस्सा है जो समाज की नजरों से खुद को देखता है (Generalized Other)।
संदर्भ: प्रतीकात्मक अंतःक्रियावाद (Symbolic Interactionism)।
गलत विकल्प: विकल्प (A) ‘I’ की विशेषता है। - दुर्खीम ने धर्म के अध्ययन में ‘पवित्र’ (Sacred) और ‘अपवित्र’ (Profane) के बीच अंतर किया है। यहाँ ‘पवित्र’ क्या है?
- (A) वह सब कुछ जो दैनिक जीवन का हिस्सा है।
- (B) वह वस्तु या विचार जिसे समाज विशेष सम्मान देता है और अलग रखता है।
- (C) केवल मंदिर और मस्जिद।
- (D) वह जो विज्ञान द्वारा प्रमाणित हो।
सही उत्तर: (B)
विस्तृत व्याख्या: पवित्र वह है जिसे समाज ने विशेष दर्जा दिया है और जिसे सामान्य दुनिया (Profane) से अलग रखा गया है। यह केवल भौतिक वस्तु नहीं, बल्कि एक सामाजिक भावना है।
संदर्भ: ‘The Elementary Forms of the Religious Life’।
गलत विकल्प: विकल्प (A) ‘अपवित्र’ (Profane) की परिभाषा है। - भारतीय समाज के संदर्भ में ‘संस्कृतिकरण’ (Sanskritization) की अवधारणा किसने दी?
- (A) जी.एस. घुरिये
- (B) एम.एन. श्रीनिवास
- (C) इरावती कर्वे
- (D) एस.सी. दुबे
सही उत्तर: (B)
विस्तृत व्याख्या: एम.एन. श्रीनिवास के अनुसार, संस्कृतिकरण वह प्रक्रिया है जिसमें निम्न जातियां उच्च जातियों (विशेषकर द्विजों) के रीति-रिवाजों, विचारधाराओं और जीवन शैली को अपनाकर अपनी सामाजिक स्थिति सुधारने का प्रयास करती हैं।
संदर्भ: भारतीय समाजशास्त्र और ग्रामीण अध्ययन।
गलत विकल्प: घुरिये ने जाति के ऐतिहासिक विश्लेषण पर जोर दिया, श्रीनिवास ने गतिशीलता (Mobility) पर। - ‘प्रभु जाति’ (Dominant Caste) के लिए निम्नलिखित में से कौन सी शर्त आवश्यक नहीं है?
- (A) जमीन का स्वामित्व
- (B) संख्यात्मक शक्ति
- (C) राजनीतिक प्रभाव
- (D) केवल धार्मिक उच्चता (Ritual Status)
सही उत्तर: (D)
विस्तृत व्याख्या: प्रभु जाति होने के लिए केवल धार्मिक स्थिति काफी नहीं है। श्रीनिवास के अनुसार, इसके लिए आर्थिक शक्ति (भूमि), संख्यात्मक बहुलता और राजनीतिक प्रभाव का होना आवश्यक है। एक निम्न अनुष्ठानिक स्थिति वाली जाति भी प्रभु जाति हो सकती है यदि उसके पास जमीन और शक्ति हो।
संदर्भ: एम.एन. श्रीनिवास का ग्रामीण समाजशास्त्र। - शिक्षा के समाजशास्त्र में ‘प्रच्छन्न पाठ्यक्रम’ (Hidden Curriculum) से क्या तात्पर्य है?
-
(A) वह पाठ्यक्रम जो आधिकारिक तौर पर स्कूल द्वारा पढ़ाया जाता है।
- (B) वह अनकहे नियम, मूल्य और व्यवहार जो छात्र अनजाने में सीखते हैं।
- (C) वह किताबें जो लाइब्रेरी में छिपी होती हैं।
- (D) केवल व्यावसायिक प्रशिक्षण।
- मैक्स वेबर के अनुसार ‘करिश्माई सत्ता’ (Charismatic Authority) का आधार क्या है?
- (A) लिखित कानून और नियम।
- (B) पारंपरिक रीति-रिवाज।
- (C) नेता के असाधारण व्यक्तिगत गुण या दैवीय शक्ति में विश्वास।
- (D) लोकतांत्रिक चुनाव।
सही उत्तर: (C)
विस्तृत व्याख्या: करिश्माई सत्ता किसी व्यक्ति के असाधारण व्यक्तित्व, वीरता या धार्मिक आकर्षण पर आधारित होती है, न कि किसी पद या कानून पर।
संदर्भ: वेबर के सत्ता के तीन प्रकार (Traditional, Legal-Rational, Charismatic)।
गलत विकल्प: (A) कानूनी-तार्किक सत्ता है, (B) पारंपरिक सत्ता है। - समाजशास्त्रीय अनुसंधान में ‘प्रत्यक्षवाद’ (Positivism) का मुख्य उद्देश्य क्या है?
- (A) मानवीय भावनाओं का गहराई से वर्णन करना।
- (B) समाज को प्राकृतिक विज्ञानों की तरह वस्तुनिष्ठ और अनुभवजन्य विधियों से अध्ययन करना।
- (C) केवल दार्शनिक चर्चा करना।
- (D) समाज के प्रति सहानुभूति रखना।
सही उत्तर: (B)
विस्तृत व्याख्या: प्रत्यक्षवाद (अगस्त कॉम्ट द्वारा प्रवर्तित) का मानना है कि समाज के नियम भी भौतिक विज्ञान की तरह निश्चित होते हैं और उन्हें अवलोकन (Observation) और प्रयोग द्वारा खोजा जा सकता है।
संदर्भ: अनुसंधान पद्धति (Research Methodology)।
गलत विकल्प: विकल्प (A) ‘व्याख्यात्मक’ (Interpretivism) दृष्टिकोण की विशेषता है। - शहरी अपराध अनुसंधान में ‘कंप्यूटेशनल दृष्टिकोण’ (Computational Approach) का उपयोग किस लिए किया जाता है?
- (A) अपराधियों को सजा देने के लिए।
- (B) बड़े डेटासेट (Big Data) और एल्गोरिदम के माध्यम से अपराध पैटर्न और प्रवृत्तियों का विश्लेषण करने के लिए।
- (C) केवल पुलिस की संख्या बढ़ाने के लिए।
- (D) अपराधियों के साथ व्यक्तिगत साक्षात्कार करने के लिए।
सही उत्तर: (B)
विस्तृत व्याख्या: आधुनिक समाजशास्त्र में कंप्यूटेशनल विधियों का उपयोग शहरी अपराधों के स्थानिक (Spatial) और कालिक (Temporal) पैटर्न को समझने के लिए किया जा रहा है, जिससे नीति निर्माण में सटीकता आती है। (संदर्भ: हालिया शोध प्रवृत्तियाँ)।
संदर्भ: शहरी समाजशास्त्र और डिजिटल पद्धति। - सहभागी अवलोकन (Participant Observation) किस प्रकार की शोध पद्धति है?
- (A) मात्रात्मक (Quantitative)
- (B) गुणात्मक (Qualitative)
- (C) प्रयोगात्मक (Experimental)
- (D) केवल सांख्यिकीय
सही उत्तर: (B)
विस्तृत व्याख्या: सहभागी अवलोकन में शोधकर्ता स्वयं उस समूह का हिस्सा बनता है जिसका वह अध्ययन कर रहा है, ताकि वह उनके जीवन के गहन और सूक्ष्म अनुभवों (Insights) को समझ सके।
संदर्भ: नृवंशविज्ञान (Ethnography)। - ‘डिजिटल जाति व्यवस्था’ (Digital Caste System) का समाजशास्त्रीय अर्थ क्या हो सकता है?
- (A) इंटरनेट पर जाति आधारित समूह बनाना।
- (B) डिजिटल संसाधनों और सूचना तक पहुँच में जाति-आधारित असमानता का बने रहना।
- (C) कंप्यूटर के माध्यम से जाति का अंत हो जाना।
- (D) केवल ऑनलाइन जाति प्रमाण पत्र बनाना।
सही उत्तर: (B)
विस्तृत व्याख्या: जिस प्रकार भौतिक दुनिया में जाति संसाधनों तक पहुँच को नियंत्रित करती थी, उसी प्रकार डिजिटल युग में इंटरनेट, शिक्षा और तकनीक तक पहुँच में भी सामाजिक असमानताएँ (Social Inequalities) प्रतिबिंबित होती हैं।
संदर्भ: समकालीन भारतीय समाज और डिजिटल समाजशास्त्र। - ‘जनजातीय पहचान’ (Tribal Identity) के संदर्भ में ‘एकीकरण’ (Assimilation) का क्या अर्थ है?
- (A) अपनी संस्कृति को पूरी तरह सुरक्षित रखना।
- (B) मुख्यधारा के समाज की संस्कृति और मूल्यों को अपनाकर उसमें विलीन हो जाना।
- (C) अन्य जनजातियों के साथ युद्ध करना।
- (D) जंगलों में वापस लौट जाना।
सही उत्तर: (B)
विस्तृत व्याख्या: एकीकरण वह प्रक्रिया है जहाँ एक अल्पसंख्यक समूह अपनी विशिष्ट पहचान खोकर बहुसंख्यक समाज की संस्कृति में समाहित हो जाता है।
संदर्भ: जनजातीय समाजशास्त्र। - इरविंग गोफमैन (Erving Goffman) के ‘नाट्यशास्त्र’ (Dramaturgy) मॉडल के अनुसार ‘Front Stage’ क्या है?
- (A) वह स्थान जहाँ व्यक्ति अकेले होता है।
- (B) वह व्यवहार जो व्यक्ति दूसरों के सामने अपनी एक विशिष्ट छवि बनाने के लिए प्रदर्शित करता है।
- (C) वास्तविक रंगमंच (Theater)।
- (D) व्यक्ति की निजी भावनाएँ।
सही उत्तर: (B)
विस्तृत व्याख्या: गोफमैन के अनुसार, सामाजिक जीवन एक नाटक की तरह है। ‘Front Stage’ वह है जहाँ हम समाज की अपेक्षाओं के अनुसार ‘अभिनय’ करते हैं, जबकि ‘Back Stage’ वह है जहाँ हम अपनी वास्तविक पहचान में होते हैं।
संदर्भ: ‘The Presentation of Self in Everyday Life’। - ग्रामीण समाजशास्त्र में ‘जाति-वर्ग गठबंधन’ (Caste-Class Alliance) का क्या प्रभाव होता है?
- (A) इससे सामाजिक संघर्ष समाप्त हो जाता है।
- (B) यह ग्रामीण शक्ति संरचना (Power Structure) को और अधिक मजबूत और जटिल बनाता है।
- (C) इससे केवल दलितों को लाभ होता है।
- (D) इसका ग्रामीण राजनीति पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता।
सही उत्तर: (B)
विस्तृत व्याख्या: जब एक ही जाति के लोग आर्थिक रूप से भी समृद्ध होते हैं, तो वे ग्रामीण क्षेत्रों में अत्यधिक राजनीतिक और सामाजिक शक्ति प्राप्त कर लेते हैं, जिससे संसाधनों का वितरण असमान हो जाता है।
संदर्भ: भारतीय ग्रामीण समाजशास्त्र। - लुई विर्थ (Louis Wirth) ने शहरीकरण को किस रूप में परिभाषित किया है?
- (A) केवल जनसंख्या की वृद्धि के रूप में।
- (B) जीवन जीने के एक तरीके (Urbanism as a Way of Life) के रूप में।
- (C) ग्रामीण इलाकों से पलायन के रूप में।
- (D) केवल कंक्रीट के जंगलों के निर्माण के रूप में।
सही उत्तर: (B)
विस्तृत व्याख्या: विर्थ के अनुसार, शहरीकरण केवल जनसंख्या का बढ़ना नहीं है, बल्कि यह सामाजिक संबंधों में बदलाव (जैसे संबंधों का सतही और औपचारिक होना) की एक प्रक्रिया है।
संदर्भ: शहरी समाजशास्त्र (Urban Sociology)। - स्वास्थ्य समाजशास्त्र (Sociology of Health) के अनुसार, टीकाकरण के प्रति संशय (Vaccine Hesitancy) का मुख्य सामाजिक कारण क्या हो सकता है?
- (A) केवल दवाओं की कमी।
- (B) संस्थागत अविश्वास (Institutional Mistrust) और सूचना का अभाव।
- (C) व्यायाम की कमी।
- (D) केवल आर्थिक स्थिति।
सही उत्तर: (B)
विस्तृत व्याख्या: स्वास्थ्य संबंधी निर्णय केवल व्यक्तिगत नहीं होते, बल्कि सामाजिक होते हैं। जब लोगों का राज्य या चिकित्सा संस्थानों पर विश्वास कम होता है, तो वे वैज्ञानिक साक्ष्यों के बावजूद टीकाकरण से बचते हैं। (संदर्भ: हालिया वैश्विक स्वास्थ्य संकट)।
संदर्भ: स्वास्थ्य और चिकित्सा का समाजशास्त्र। - पारंपरिक ‘पुरुष ब्रेडविनर’ (Male Breadwinner) मॉडल का मनोवैज्ञानिक और सामाजिक प्रभाव क्या देखा गया है?
- (A) यह पुरुषों के मानसिक स्वास्थ्य में सुधार करता है।
- (B) यह पुरुषों पर अत्यधिक दबाव डालता है जिससे उनके मानसिक स्वास्थ्य और कल्याण में गिरावट आ सकती है।
- (C) यह परिवार में पूर्ण समानता लाता है।
- (D) इसका कोई प्रभाव नहीं पड़ता।
सही उत्तर: (B)
विस्तृत व्याख्या: पारंपरिक धारणा कि केवल पुरुष को ही कमाना चाहिए, पुरुषों पर वित्तीय बोझ और भावनात्मक तनाव पैदा करती है, जो उनके स्वास्थ्य को प्रभावित करता है। (संदर्भ: हालिया शोध)।
संदर्भ: लिंग समाजशास्त्र (Sociology of Gender)। - नाइजीरिया में ‘बैंडिट्री’ (Banditry) जैसी समस्याओं का समाजशास्त्रीय विश्लेषण किस अवधारणा के अंतर्गत किया जा सकता है?
- (A) सामाजिक स्थिरता (Social Stability)
- (B) सामाजिक अव्यवस्था (Social Disorganization) और राज्य की विफलता।
- (C) केवल व्यक्तिगत आपराधिक प्रवृत्ति।
- (D) शहरीकरण का सकारात्मक प्रभाव।
सही उत्तर: (B)
विस्तृत व्याख्या: जब समाज की संस्थाएँ (जैसे कानून, पुलिस, अर्थव्यवस्था) व्यक्ति की आवश्यकताओं को पूरा करने में विफल रहती हैं, तो सामाजिक अव्यवस्था पैदा होती है, जिससे संगठित अपराध और बैंडिट्री जैसी समस्याएँ जन्म लेती हैं।
संदर्भ: वैश्विक समाजशास्त्र और अपराध विज्ञान। - समाजशास्त्रीय अनुसंधान में ‘सैम्पलिंग’ (Sampling) का क्या उद्देश्य है?
- (A) पूरी जनसंख्या का साक्षात्कार लेना।
- (B) जनसंख्या के एक छोटे लेकिन प्रतिनिधि हिस्से का अध्ययन कर पूरे समूह के बारे में निष्कर्ष निकालना।
- (C) केवल अपने दोस्तों का इंटरव्यू लेना।
- (D) आंकड़ों को मनमाने ढंग से बदलना।
सही उत्तर: (B)
विस्तृत व्याख्या: समय और संसाधनों की कमी के कारण पूरी जनसंख्या का अध्ययन संभव नहीं होता, इसलिए एक ‘प्रतिनिधि नमूना’ (Representative Sample) चुना जाता है जो पूरी जनसंख्या के गुणों को दर्शाता हो।
संदर्भ: अनुसंधान पद्धति। - धर्म और अर्थव्यवस्था के संबंध में मैक्स वेबर का मुख्य तर्क क्या था?
- (A) धर्म अर्थव्यवस्था में बाधा डालता है।
- (B) धार्मिक विश्वास (जैसे प्रोटेस्टेंट नैतिकता) आर्थिक व्यवहार और पूंजीवाद के विकास को प्रभावित कर सकते हैं।
- (C) अर्थव्यवस्था ही धर्म का एकमात्र आधार है।
- (D) धर्म और अर्थव्यवस्था का एक-दूसरे से कोई संबंध नहीं है।
सही उत्तर: (B)
विस्तृत व्याख्या: वेबर ने तर्क दिया कि कैल्विनवाद की मान्यताओं (कड़ी मेहनत और बचत) ने आधुनिक पूंजीवाद के उदय के लिए एक मनोवैज्ञानिक आधार प्रदान किया।
संदर्भ: ‘The Protestant Ethic and the Spirit of Capitalism’।
गलत विकल्प: विकल्प (C) मार्क्स का दृष्टिकोण है (आर्थिक आधार $\rightarrow$ अधिरचना)।
सही उत्तर: (B)
विस्तृत व्याख्या: यह दृष्टिकोण मानता है कि कोई भी संस्कृति दूसरी से श्रेष्ठ या निम्न नहीं है; प्रत्येक संस्कृति के अपने तर्क और मूल्य होते हैं।
संदर्भ: सांस्कृतिक नृविज्ञान (Cultural Anthropology)।
गलत विकल्प: विकल्प (A) ‘नृजातीयकेंद्रवाद’ (Ethnocentrism) कहलाता है।
सही उत्तर: (B)
विस्तृत व्याख्या: प्रच्छन्न पाठ्यक्रम में वे सामाजिक मानदंड, आज्ञाकारिता और वर्ग-आधारित व्यवहार शामिल होते हैं जो शिक्षक या स्कूल का माहौल छात्रों को सिखाता है, भले ही वे किताबों में न लिखे हों। (हालिया समाचारों में पाठ्यपुस्तकों में नस्लवादी सामग्री का विवाद इसी प्रच्छन्न पाठ्यक्रम और पूर्वाग्रहों से जुड़ा है)।
संदर्भ: शिक्षा का समाजशास्त्र (Sociology of Education)।
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