समय के गलियारों में एक यात्रा: इतिहास की गहराईयों को टटोलें
इतिहास केवल तारीखों और घटनाओं का संग्रह नहीं है, बल्कि यह मानव सभ्यता के विकास की एक अद्भुत कहानी है। क्या आप तैयार हैं समय की यात्रा पर निकलने और अपनी तैयारी को एक नई ऊंचाई पर ले जाने के लिए? आइए, प्राचीन सभ्यताओं के रहस्यों से लेकर आधुनिक युग की क्रांतियों तक, अपने ज्ञान का परीक्षण करें और यह जानें कि आप प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए कितने तैयार हैं।
- सिंधु घाटी सभ्यता के किस स्थल से ‘गोदीबाड़ा’ (Dockyard) के प्रमाण मिले हैं, जो प्राचीन व्यापार का मुख्य केंद्र था?
- (A) कालीबंगन
- (B) लोथल
- (C) धोलावीरा
- (D) बनावली
सही उत्तर: (B) लोथल
विस्तृत व्याख्या: लोथल (गुजरात) सिंधु घाटी सभ्यता का एक प्रमुख बंदरगाह शहर था। यहाँ से एक विशाल ईंटों से बनी गोदीबाड़ा (Dockyard) मिली है, जिससे यह सिद्ध होता है कि सिंधु निवासी मेसोपोटामिया जैसी विदेशी सभ्यताओं के साथ समुद्री व्यापार करते थे।
अन्य विकल्प: कालीबंगन (राजस्थान) अपने जुते हुए खेतों के लिए प्रसिद्ध है; धोलावीरा (गुजरात) अपनी उन्नत जल प्रबंधन प्रणाली के लिए जाना जाता है; बनावली (हरियाणा) से मिट्टी के हल के प्रमाण मिले हैं। - सम्राट अशोक के शिलालेखों में ‘धम्म’ शब्द का प्रयोग किस संदर्भ में किया गया है?
- (A) एक विशिष्ट धार्मिक संप्रदाय
- (B) बौद्ध धर्म का कट्टर प्रचार
- (C) नैतिक आचार संहिता और सामाजिक कर्तव्य
- (D) केवल प्रशासनिक नियम
सही उत्तर: (C) नैतिक आचार संहिता और सामाजिक कर्तव्य
विस्तृत व्याख्या: अशोक का ‘धम्म’ किसी विशिष्ट धर्म का प्रचार नहीं था, बल्कि यह एक नैतिक जीवन जीने का तरीका था। इसमें बड़ों का सम्मान, अहिंसा, सहिष्णुता और सभी जीवों के प्रति दया शामिल थी, जिसका उद्देश्य समाज में शांति और सद्भाव स्थापित करना था।
अन्य विकल्प: धम्म केवल बौद्ध धर्म तक सीमित नहीं था, बल्कि यह सार्वभौमिक नैतिक मूल्यों पर आधारित था। - गुप्त काल को भारतीय इतिहास का ‘स्वर्ण युग’ क्यों कहा जाता है?
- (A) सोने के सिक्कों की अत्यधिक उपलब्धता के कारण
- (B) कला, साहित्य, विज्ञान और संस्कृति के अभूतपूर्व विकास के कारण
- (C) केवल विशाल साम्राज्य विस्तार के कारण
- (D) विदेशी आक्रमणों की पूर्ण अनुपस्थिति के कारण
सही उत्तर: (B) कला, साहित्य, विज्ञान और संस्कृति के अभूतपूर्व विकास के कारण
विस्तृत व्याख्या: गुप्त काल में कालिदास जैसे साहित्यकार, आर्यभट्ट और वराहमिहिर जैसे वैज्ञानिक और महान मंदिर वास्तुकला का विकास हुआ। इस काल में सामाजिक स्थिरता और आर्थिक समृद्धि ने बौद्धिक प्रगति को प्रेरित किया।
अन्य विकल्प: हालाँकि सोने के सिक्के (दीनार) जारी किए गए थे, लेकिन ‘स्वर्ण युग’ की संज्ञा सांस्कृतिक और बौद्धिक उपलब्धि के कारण दी गई है। - प्रथम बौद्ध संगीति का आयोजन किसके शासनकाल में और कहाँ हुआ था?
- (A) कालाशोक – वैशाली
- (B) अशोक – पाटलिपुत्र
- (C) अजातशत्रु – राजगृह
- (D) कनिष्क – कुंडलवन
सही उत्तर: (C) अजातशत्रु – राजगृह
विस्तृत व्याख्या: बुद्ध की मृत्यु के तुरंत बाद, उनके उपदेशों को संकलित करने के लिए राजगृह की सप्तपर्णी गुफा में प्रथम बौद्ध संगीति आयोजित की गई थी। इसकी अध्यक्षता महाकश्यप ने की थी।
अन्य विकल्प: द्वितीय संगीति कालाशोक के समय वैशाली में; तृतीय अशोक के समय पाटलिपुत्र में; और चतुर्थ कनिष्क के समय कश्मीर में हुई थी। - ऋग्वेद के किस मंडल में ‘पुरुष सूक्त’ का वर्णन है, जिसमें वर्ण व्यवस्था का उल्लेख मिलता है?
- (A) तीसरे मंडल
- (B) सातवें मंडल
- (C) नौवें मंडल
- (D) दसवें मंडल
सही उत्तर: (D) दसवें मंडल
विस्तृत व्याख्या: ऋग्वेद के 10वें मंडल के पुरुष सूक्त में पहली बार समाज को चार वर्णों (ब्राह्मण, क्षत्रिय, वैश्य और शूद्र) में विभाजित करने का उल्लेख मिलता है, जिसे एक विराट पुरुष के अंगों से उत्पन्न बताया गया है।
अन्य विकल्प: तीसरे मंडल में प्रसिद्ध ‘गायत्री मंत्र’ का उल्लेख है। - चीनी यात्री ह्वेनसांग किसके शासनकाल में भारत आया था?
- (A) चंद्रगुप्त मौर्य
- (B) हर्षवर्धन
- (C) समुद्रगुप्त
- (D) कनिष्क
सही उत्तर: (B) हर्षवर्धन
विस्तृत व्याख्या: ह्वेनसांग 7वीं शताब्दी में राजा हर्षवर्धन के शासनकाल के दौरान भारत आया था। उसका मुख्य उद्देश्य बौद्ध ग्रंथों का अध्ययन करना था। उसने ‘सी-यू-की’ नामक यात्रा वृत्तांत लिखा, जो उस समय के भारत का महत्वपूर्ण स्रोत है।
अन्य विकल्प: फाह्यान चंद्रगुप्त द्वितीय (गुप्त वंश) के समय आया था। - कौटिल्य (चाणक्य) द्वारा रचित ‘अर्थशास्त्र’ मुख्य रूप से किस विषय पर आधारित ग्रंथ है?
- (A) केवल अर्थशास्त्र और व्यापार
- (B) धार्मिक अनुष्ठान और दर्शन
- (C) राज्य शासन, राजनीति और कूटनीति
- (D) सैन्य रणनीति और युद्ध कला
सही उत्तर: (C) राज्य शासन, राजनीति और कूटनीति
विस्तृत व्याख्या: अर्थशास्त्र केवल धन का शास्त्र नहीं है, बल्कि यह एक व्यापक ग्रंथ है जो शासनकला, कर प्रणाली, जासूसी व्यवस्था और विदेश नीति (मंडल सिद्धांत) का विस्तृत विवरण देता है।
अन्य विकल्प: इसमें सैन्य रणनीति है, लेकिन यह समग्र राज्य प्रशासन का हिस्सा है। - अलाउद्दीन खिलजी द्वारा लागू की गई ‘बाजार नियंत्रण प्रणाली’ का मुख्य उद्देश्य क्या था?
- (A) व्यापारियों की आय बढ़ाना
- (B) अपनी विशाल सेना का कम खर्च में रखरखाव करना
- (C) कृषि उत्पादन में वृद्धि करना
- (D) विदेशी व्यापार को प्रोत्साहित करना
सही उत्तर: (B) अपनी विशाल सेना का कम खर्च में रखरखाव करना
विस्तृत व्याख्या: मंगोल आक्रमणों से बचने के लिए अलाउद्दीन को एक बहुत बड़ी सेना की आवश्यकता थी। सैनिकों को कम वेतन में जीवन यापन योग्य बनाने के लिए उसने आवश्यक वस्तुओं की कीमतें निर्धारित कर दीं और कठोर नियंत्रण लगाया।
अन्य विकल्प: इस प्रणाली ने व्यापारियों को लाभ पहुँचाने के बजाय उन पर सख्त नियंत्रण लगाया था। - मुगल सम्राट अकबर द्वारा शुरू किए गए ‘दीन-इ-इलाही’ का प्राथमिक लक्ष्य क्या था?
- (A) एक नया धर्म स्थापित करना जो इस्लाम की जगह ले सके
- (B) सभी धर्मों के साझा नैतिक मूल्यों के आधार पर साम्राज्य में एकता लाना
- (C) केवल सूफी संतों को खुश करना
- (D) कट्टरपंथियों का समर्थन करना
सही उत्तर: (B) सभी धर्मों के साझा नैतिक मूल्यों के आधार पर साम्राज्य में एकता लाना
विस्तृत व्याख्या: दीन-इ-इलाही (ईश्वर का धर्म) एक धार्मिक विश्वास नहीं बल्कि एक आचार संहिता थी, जिसमें अकबर ने विभिन्न धर्मों (हिंदू, मुस्लिम, पारसी, ईसाई) की अच्छी बातों को समाहित किया ताकि साम्राज्य में सामाजिक सद्भाव बढ़े।
अन्य विकल्प: यह इस्लाम का विकल्प नहीं था, बल्कि एक समन्वयवादी दृष्टिकोण था। - विजयनगर साम्राज्य के किस शासक को ‘आंध्र भोज’ कहा जाता है और जिसके काल में साहित्य का अत्यधिक विकास हुआ?
- (A) हरिहर I
- (B) देवराय II
- (C) कृष्णदेव राय
- (D) अच्युत राय
सही उत्तर: (C) कृष्णदेव राय
विस्तृत व्याख्या: तुलुव वंश के शासक कृष्णदेव राय एक महान योद्धा होने के साथ-साथ कला और साहित्य के संरक्षक थे। उनके दरबार में ‘अष्टदिग्गज’ (आठ महान तेलुगु कवि) रहते थे। उन्होंने स्वयं ‘अमुक्तमाल्यद’ की रचना की।
अन्य विकल्प: हरिहर और बुक्का ने साम्राज्य की स्थापना की थी। - शिवाजी महाराज के प्रशासन में ‘अष्टप्रधान’ परिषद का क्या कार्य था?
- (A) केवल सैन्य अभियानों का नेतृत्व करना
- (B) राज्य के विभिन्न प्रशासनिक विभागों का प्रबंधन करना
- (C) केवल धार्मिक मामलों का निर्णय लेना
- (D) विदेशी राजदूतों का स्वागत करना
सही उत्तर: (B) राज्य के विभिन्न प्रशासनिक विभागों का प्रबंधन करना
विस्तृत व्याख्या: अष्टप्रधान आठ मंत्रियों की एक परिषद थी। इसमें ‘पेशवा’ (प्रधानमंत्री), ‘अमात्य’ (वित्त मंत्री), और ‘सुमंत’ (विदेश मंत्री) जैसे पद थे, जो प्रशासन को कुशलतापूर्वक चलाने में मदद करते थे।
अन्य विकल्प: यह एक व्यापक प्रशासनिक ढांचा था, न कि केवल सैन्य या धार्मिक। - दिल्ली सल्तनत के किस सुल्तान ने ‘तुर्कान-ए-चहलगानी’ (40 गुलामों का दल) को समाप्त किया था?
- (A) इल्तुतमिश
- (B) गयासुद्दीन बलबन
- (C) अलाउद्दीन खिलजी
- (D) मोहम्मद बिन तुगलक
सही उत्तर: (B) गयासुद्दीन बलबन
विस्तृत व्याख्या: बलबन स्वयं इस दल का सदस्य था, लेकिन सत्ता में आने के बाद उसने महसूस किया कि यह शक्तिशाली समूह सुल्तान की शक्ति को चुनौती देता है। अतः उसने अपनी सत्ता को मजबूत करने के लिए इसे पूरी तरह नष्ट कर दिया।
अन्य विकल्प: इल्तुतमिश ने इस दल की स्थापना की थी। - मुगल वास्तुकला में ‘पिएत्रा ड्यूरा’ (Pietra Dura) तकनीक क्या है?
- (A) ईंटों पर प्लास्टर करने की कला
- (B) संगमरमर पर कीमती पत्थरों की जड़ाई का काम
- (C) गुंबदों को नुकीला बनाने की विधि
- (D) दीवारों पर भित्ति चित्र बनाना
सही उत्तर: (B) संगमरमर पर कीमती पत्थरों की जड़ाई का काम
विस्तृत व्याख्या: यह तकनीक शाहजहाँ के काल में चरम पर थी। इसमें सफेद संगमरमर को तराश कर उसमें रंगीन अर्ध-कीमती पत्थर (जैसे लैपिस लाजुली) जड़े जाते थे। ताजमहल इसका सबसे उत्कृष्ट उदाहरण है।
अन्य विकल्प: भित्ति चित्रों को ‘फ्रेस्को’ कहा जाता है। - भक्ति आंदोलन के उस संत का नाम बताइए जिन्होंने ‘निर्गुण भक्ति’ का प्रचार किया और जाति-पाति का विरोध किया?
- (A) चैतन्य महाप्रभु
- (B) मीराबाई
- (C) कबीर दास
- (D) तुकाराम
सही उत्तर: (C) कबीर दास
विस्तृत व्याख्या: कबीर दास ने ईश्वर के निराकार (निर्गुण) रूप की उपासना पर बल दिया। उन्होंने बाहरी आडंबरों, मूर्ति पूजा और जातिगत भेदभाव का कड़ा विरोध किया और मानवीय प्रेम व नैतिकता को प्राथमिकता दी।
अन्य विकल्प: मीराबाई और चैतन्य महाप्रभु ‘सगुण भक्ति’ (ईश्वर के साकार रूप) के समर्थक थे। - 1857 के विद्रोह के दौरान लखनऊ में नेतृत्व किसने किया था?
- (A) रानी लक्ष्मीबाई
- (B) कुंवर सिंह
- (C) बेगम हजरत महल
- (D) नाना साहेब
सही उत्तर: (C) बेगम हजरत महल
विस्तृत व्याख्या: लखनऊ में विद्रोह का नेतृत्व बेगम हजरत महल ने किया था। उन्होंने अपने बेटे बिरजिस कादिर को नवाब घोषित किया और अंग्रेजों के खिलाफ कड़ा संघर्ष किया।
अन्य विकल्प: रानी लक्ष्मीबाई (झांसी), कुंवर सिंह (बिहार/जगदीशपुर), और नाना साहेब (कानपुर) से संबंधित थे। - राजा राममोहन राय ने 1828 में ‘ब्रह्म समाज’ की स्थापना किस मुख्य उद्देश्य से की थी?
- (A) ब्रिटिश शासन को उखाड़ फेंकना
- (B) सती प्रथा जैसी सामाजिक बुराइयों को मिटाना और एकेश्वरवाद का प्रचार करना
- (C) केवल अंग्रेजी भाषा का प्रचार करना
- (D) हिंदू धर्म को पूरी तरह समाप्त करना
सही उत्तर: (B) सती प्रथा जैसी सामाजिक बुराइयों को मिटाना और एकेश्वरवाद का प्रचार करना
विस्तृत व्याख्या: राजा राममोहन राय को ‘भारतीय पुनर्जागरण का जनक’ कहा जाता है। उन्होंने तर्कवाद और मानवतावाद के आधार पर समाज सुधार की वकालत की और लॉर्ड विलियम बेंटिक के सहयोग से 1829 में सती प्रथा को अवैध करवाया।
अन्य विकल्प: उनका उद्देश्य हिंदू धर्म का सुधार करना था, न कि उसे समाप्त करना। - गांधीजी ने ‘असहयोग आंदोलन’ (Non-Cooperation Movement) को अचानक वापस लेने का निर्णय क्यों लिया?
- (A) ब्रिटिश सरकार के दबाव के कारण
- (B) चौरी-चौरा कांड में हुई हिंसा के कारण
- (C) कांग्रेस के आंतरिक मतभेदों के कारण
- (D) प्रथम विश्व युद्ध की समाप्ति के कारण
सही उत्तर: (B) चौरी-चौरा कांड में हुई हिंसा के कारण
विस्तृत व्याख्या: फरवरी 1922 में उत्तर प्रदेश के चौरी-चौरा में एक हिंसक भीड़ ने पुलिस स्टेशन को जला दिया, जिसमें कई पुलिसकर्मी मारे गए। गांधीजी अहिंसा के कट्टर समर्थक थे, इसलिए उन्होंने आंदोलन को तुरंत वापस ले लिया।
अन्य विकल्प: यह निर्णय पूरी तरह से गांधीजी के अहिंसा के सिद्धांतों पर आधारित था। - भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के प्रथम सत्र (1885) की अध्यक्षता किसने की थी?
- (A) ए.ओ. ह्यूम
- (B) दादाभाई नौरोजी
- (C) डब्ल्यू.सी. बनर्जी
- (D) बदरुद्दीन तैयबजी
सही उत्तर: (C) डब्ल्यू.सी. बनर्जी
विस्तृत व्याख्या: कांग्रेस का प्रथम अधिवेशन दिसंबर 1885 में बंबई के गोकुलदास तेजपाल संस्कृत कॉलेज में हुआ था। इसकी अध्यक्षता व्योमेश चंद्र बनर्जी (W.C. Bonnerjee) ने की थी।
अन्य विकल्प: ए.ओ. ह्यूम कांग्रेस के संस्थापक (सेक्रेटरी) थे, अध्यक्ष नहीं। - 1773 का रेगुलेटिंग एक्ट ब्रिटिश संसद द्वारा पारित क्यों किया गया था?
- (A) भारत में लोकतंत्र स्थापित करने के लिए
- (B) ईस्ट इंडिया कंपनी के प्रशासन को नियंत्रित और नियमित करने के लिए
- (C) मुगल साम्राज्य को पूरी तरह समाप्त करने के लिए
- (D) फ्रांसीसियों को भारत से बाहर निकालने के लिए
सही उत्तर: (B) ईस्ट इंडिया कंपनी के प्रशासन को नियंत्रित और नियमित करने के लिए
विस्तृत व्याख्या: कंपनी में व्याप्त भ्रष्टाचार और कुप्रबंधन के कारण ब्रिटिश सरकार ने इस अधिनियम के माध्यम से कंपनी की शक्तियों पर नियंत्रण लगाया और बंगाल के गवर्नर को ‘गवर्नर जनरल ऑफ बंगाल’ बना दिया।
अन्य विकल्प: इसका उद्देश्य कंपनी को समाप्त करना नहीं बल्कि उसे नियंत्रित करना था। - सुभाष चंद्र बोस द्वारा गठित ‘आजाद हिंद फौज’ (INA) का मुख्य उद्देश्य क्या था?
- (A) ब्रिटिश शासन के साथ समझौता करना
- (B) सैन्य बल के माध्यम से भारत को अंग्रेजों से मुक्त कराना
- (C) केवल दक्षिण-पूर्व एशिया में शासन करना
- (D) जापान की अधीनता स्वीकार करना
सही उत्तर: (B) सैन्य बल के माध्यम से भारत को अंग्रेजों से मुक्त कराना
विस्तृत व्याख्या: नेताजी ने ‘दिल्ली चलो’ का नारा दिया और बाहरी मदद (जापान) के साथ मिलकर सशस्त्र विद्रोह के जरिए भारत की स्वतंत्रता प्राप्त करने का प्रयास किया।
अन्य विकल्प: INA का लक्ष्य पूर्ण स्वतंत्रता था, न कि किसी अन्य शक्ति की अधीनता। - भारत शासन अधिनियम 1935 (Government of India Act 1935) की सबसे महत्वपूर्ण विशेषता क्या थी?
- (A) पूर्ण स्वराज की घोषणा
- (B) प्रांतीय स्वायत्तता (Provincial Autonomy) की शुरुआत
- (C) द्विभाजन (Partition) का प्रावधान
- (D) केवल एक सदन वाली विधायिका
सही उत्तर: (B) प्रांतीय स्वायत्तता (Provincial Autonomy) की शुरुआत
विस्तृत व्याख्या: इस अधिनियम ने प्रांतों में ‘द्वैध शासन’ को समाप्त कर उन्हें स्वायत्तता प्रदान की और केंद्र में ‘द्वैध शासन’ लागू किया। भारतीय संविधान का एक बड़ा हिस्सा इसी अधिनियम से प्रेरित है।
अन्य विकल्प: पूर्ण स्वराज 1930 के लाहौर अधिवेशन में घोषित किया गया था। - फ्रांसीसी क्रांति (1789) का मुख्य नारा क्या था जिसने पूरे विश्व को प्रभावित किया?
- (A) शांति, प्रेम और भाईचारा
- (B) स्वतंत्रता, समानता और बंधुत्व (Liberty, Equality, Fraternity)
- (C) व्यवस्था, अनुशासन और शक्ति
- (D) धर्म, संस्कृति और परंपरा
सही उत्तर: (B) स्वतंत्रता, समानता और बंधुत्व (Liberty, Equality, Fraternity)
विस्तृत व्याख्या: फ्रांसीसी क्रांति ने राजशाही के दैवीय अधिकारों को चुनौती दी और मानवाधिकारों के घोषणा पत्र के माध्यम से इन तीन बुनियादी मूल्यों को दुनिया के सामने रखा।
अन्य विकल्प: ये मूल्य आधुनिक लोकतंत्रों के आधार बने। - हालिया पुरातात्विक खोजों के अनुसार, मिस्र के ‘ग्रेट पिरामिड’ (Great Pyramid) के भीतर क्या नया खुलासा हुआ है?
- (A) सोने का एक विशाल खजाना मिला है
- (B) पहले से अज्ञात निर्माण कक्ष (Construction Chambers) मिले हैं
- (C) पिरामिड के अंदर एक पुस्तकालय मिला है
- (D) यह सिद्ध हुआ है कि पिरामिड एलियंस ने बनाए थे
सही उत्तर: (B) पहले से अज्ञात निर्माण कक्ष (Construction Chambers) मिले हैं
विस्तृत व्याख्या: आधुनिक पुरातात्विक तकनीकों और स्कैनिंग के माध्यम से ग्रेट पिरामिड के भीतर कुछ नए और अज्ञात निर्माण कक्षों का पता चला है, जो पिरामिड के निर्माण की जटिलता और इंजीनियरिंग के बारे में नई जानकारी प्रदान करते हैं।
अन्य विकल्प: पुरातात्विक खोजें वैज्ञानिक प्रमाणों पर आधारित होती हैं, कल्पनाओं पर नहीं। - स्पेन के तट पर खोजा गया प्राचीन रोमन जहाज (Roman Shipwreck) इतिहासकारों के लिए क्यों महत्वपूर्ण है?
- (A) क्योंकि इसमें दुनिया का पहला नक्शा मिला है
- (B) यह रोमन साम्राज्य के व्यापारिक मार्गों और समुद्री परिवहन की नई जानकारी देता है
- (C) यह सिद्ध करता है कि रोमन लोग अमेरिका पहुँच गए थे
- (D) इसमें रोमन सम्राट का मकबरा मिला है
सही उत्तर: (B) यह रोमन साम्राज्य के व्यापारिक मार्गों और समुद्री परिवहन की नई जानकारी देता है
विस्तृत व्याख्या: इस जहाज के मलबे और उसमें मौजूद सामान के विश्लेषण से यह पता चलता है कि रोमन साम्राज्य का व्यापारिक नेटवर्क कितना विस्तृत था और वे किस तरह के सामानों का आदान-प्रदान करते थे।
अन्य विकल्प: यह खोज व्यापारिक इतिहास (Maritime Trade) को समझने में सहायक है। - औद्योगिक क्रांति की शुरुआत सबसे पहले किस देश में हुई थी और इसका मुख्य कारण क्या था?
- (A) फ्रांस – राजनीतिक स्थिरता
- (B) अमेरिका – प्राकृतिक संसाधनों की प्रचुरता
- (C) इंग्लैंड – कोयला, लोहा और औपनिवेशिक बाजारों की उपलब्धता
- (D) जर्मनी – उच्च शिक्षा और विज्ञान
सही उत्तर: (C) इंग्लैंड – कोयला, लोहा और औपनिवेशिक बाजारों की उपलब्धता
विस्तृत व्याख्या: 18वीं शताब्दी के उत्तरार्ध में इंग्लैंड में कोयले और लोहे के विशाल भंडार थे, साथ ही उसके पास उपनिवेशों के रूप में कच्चे माल का स्रोत और तैयार माल बेचने के लिए बड़ा बाजार था।
अन्य विकल्प: फ्रांस और जर्मनी में यह क्रांति बाद में पहुँची। - प्रथम विश्व युद्ध (1914-1918) का तात्कालिक कारण क्या था?
- (A) जर्मनी का रूस पर आक्रमण
- (B) ऑस्ट्रिया-हंगेरियन राजकुमार आर्कड्यूक फ्रांसिफ़र्ड की हत्या
- (C) वर्साय की संधि का उल्लंघन
- (D) अमेरिका का युद्ध में प्रवेश
सही उत्तर: (B) ऑस्ट्रिया-हंगेरियन राजकुमार आर्कड्यूक फ्रांसिफ़र्ड की हत्या
विस्तृत व्याख्या: साराजेवो में एक सर्बियाई राष्ट्रवादी द्वारा आर्कड्यूक फ्रांसिफ़र्ड की हत्या ने एक ऐसी श्रृंखला शुरू की जिससे यूरोप की महान शक्तियाँ आपस में भिड़ गईं और प्रथम विश्व युद्ध छिड़ गया।
अन्य विकल्प: वर्साय की संधि युद्ध के अंत में हुई थी, जो द्वितीय विश्व युद्ध के कारणों में से एक बनी।
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