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समाजशास्त्र के महत्वपूर्ण प्रश्न: अपनी वैचारिक स्पष्टता को परखें

समाजशास्त्र की दुनिया में आपका स्वागत है!

क्या आप अपनी समाजशास्त्रीय समझ को चुनौती देने के लिए तैयार हैं? यह दैनिक अभ्यास सेट विशेष रूप से उन गंभीर उम्मीदवारों के लिए तैयार किया गया है जो UGC-NET, UPSC और राज्य PSC जैसी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं। आज का यह मॉक टेस्ट न केवल आपके स्थिर ज्ञान (Static Knowledge) का परीक्षण करेगा, बल्कि आपको समकालीन सामाजिक मुद्दों और आधुनिक सिद्धांतों से भी रूबरू कराएगा। अपनी विश्लेषणात्मक क्षमता को जगाएं और देखें कि आप समाजशास्त्र के इस जटिल जाल को कितनी सटीकता से सुलझा पाते हैं। चलिए शुरू करते हैं!


  1. कार्ल मार्क्स के अनुसार, ‘अलगाव’ (Alienation) की स्थिति का मुख्य कारण क्या है?
    • (A) सामाजिक मानदंडों का अभाव
    • (B) पूंजीवादी उत्पादन प्रणाली में श्रमिक का अपने कार्य से अलगाव
    • (C) धार्मिक विश्वासों में वृद्धि
    • (D) परिवार के भीतर संघर्ष

    सही उत्तर: (B)
    विस्तृत व्याख्या: मार्क्स का तर्क है कि पूंजीवाद में श्रमिक केवल एक ‘वस्तु’ बन जाता है। वह उत्पाद, उत्पादन की प्रक्रिया, अपने साथी श्रमिकों और अंततः स्वयं के मानवीय स्वभाव (Species-being) से अलग हो जाता है क्योंकि उत्पादन के साधनों पर उसका नियंत्रण नहीं होता।
    संदर्भ: यह विचार मार्क्स के ‘Economic and Philosophic Manuscripts of 1844’ में विस्तृत है।
    अन्य विकल्प: विकल्प (A) दुर्खीम की ‘अनोमी’ से संबंधित है, जबकि (C) और (D) अलगाव के प्राथमिक आर्थिक कारण नहीं हैं।

  2. मैक्स वेबर द्वारा प्रतिपादित ‘आदर्श प्रारूप’ (Ideal Type) क्या है?
    • (A) एक पूर्ण समाज का नैतिक मॉडल
    • (B) समाज का एक वास्तविक और सटीक वर्णन
    • (C) विश्लेषण के लिए निर्मित एक मानसिक अवधारणा या मानक
    • (D) समाज के लिए एक वांछनीय भविष्य का खाका

    सही उत्तर: (C)
    विस्तृत व्याख्या: ‘आदर्श प्रारूप’ कोई वास्तविक वस्तु नहीं है, बल्कि एक विश्लेषणात्मक उपकरण है। यह किसी सामाजिक घटना के सबसे महत्वपूर्ण लक्षणों को चुनकर एक शुद्ध मॉडल बनाता है ताकि वास्तविकता की तुलना उससे की जा सके।
    संदर्भ: वेबर के ‘Verstehende Soziologie’ (Interpretive Sociology) का हिस्सा है।
    अन्य विकल्प: यह न तो कोई नैतिक मानक (A) है और न ही वास्तविकता का हूबहू चित्रण (B)।

  3. इमाइल दुर्खीम के अनुसार, ‘यांत्रिक एकजुटता’ (Mechanical Solidarity) की विशेषता क्या है?
    • (A) कार्यों का उच्च श्रम विभाजन
    • (B) सदस्यों के बीच समानता और साझा विश्वास (सामूहिक चेतना)
    • (C) पारस्परिक निर्भरता पर आधारित समाज
    • (D) आधुनिक औद्योगिक समाज की पहचान

    सही उत्तर: (B)
    विस्तृत व्याख्या: यांत्रिक एकजुटता आदिम या सरल समाजों में पाई जाती है जहाँ लोग एक जैसे काम करते हैं और उनकी सोच, विश्वास और मूल्य लगभग समान होते हैं। यहाँ ‘सामूहिक चेतना’ (Collective Consciousness) बहुत मजबूत होती है।
    संदर्भ: यह अवधारणा उनकी पुस्तक ‘The Division of Labour in Society’ में दी गई है।
    अन्य विकल्प: विकल्प (A) और (C) ‘सावयवी एकजुटता’ (Organic Solidarity) की विशेषताएँ हैं।

  4. टैलकॉट पार्सन्स के AGIL मॉडल में ‘L’ (Latency) का क्या अर्थ है?
    • (A) लक्ष्य प्राप्ति (Goal Attainment)
    • (B) अनुकूलन (Adaptation)
    • (C) प्रतिरूप अनुरक्षण (Pattern Maintenance)
    • (D) एकीकरण (Integration)

    सही उत्तर: (C)
    विस्तृत व्याख्या: ‘Latency’ का अर्थ है समाज के सांस्कृतिक मूल्यों और मानदंडों को बनाए रखना और उन्हें अगली पीढ़ी तक पहुँचाना (जैसे परिवार और शिक्षा के माध्यम से), ताकि सामाजिक व्यवस्था स्थिर रहे।
    संदर्भ: यह पार्सन्स के ‘Structural Functionalism’ का मुख्य हिस्सा है।
    अन्य विकल्प: A = Goal Attainment, B = Adaptation, D = Integration।

  5. रॉबर्ट के. मर्टन द्वारा दी गई ‘प्रकट कार्य’ (Manifest Function) और ‘अंतर्निहित कार्य’ (Latent Function) की अवधारणा का उद्देश्य क्या था?
    • (A) केवल सकारात्मक कार्यों का अध्ययन करना
    • (B) समाजशास्त्र को केवल मनोविज्ञान तक सीमित करना
    • (C) कार्यात्मक विश्लेषण को अधिक सूक्ष्म और सटीक बनाना
    • (D) सामाजिक परिवर्तन को पूरी तरह नकारना

    सही उत्तर: (C)
    विस्तृत व्याख्या: मर्टन ने बताया कि प्रकट कार्य वे होते हैं जो जानबूझकर और अपेक्षित होते हैं, जबकि अंतर्निहित कार्य अनपेक्षित और अनजाने होते हैं। इससे समाजशास्त्रीय विश्लेषण में गहराई आती है।
    संदर्भ: यह मर्टन के ‘Social Theory and Social Structure’ का हिस्सा है।
    अन्य विकल्प: मर्टन ने ‘Dysfunction’ (अकार्य) की बात भी की, इसलिए विकल्प (A) गलत है।

  6. जॉर्ज हर्बर्ट मीड के अनुसार, ‘स्व’ (Self) का विकास कैसे होता है?
    • (A) केवल आनुवंशिक गुणों के माध्यम से
    • (B) सामाजिक अंतःक्रियाओं और प्रतीकात्मक संवाद के माध्यम से
    • (C) जन्मजात प्रवृत्तियों के कारण
    • (D) केवल एकांत चिंतन द्वारा

    सही उत्तर: (B)
    विस्तृत व्याख्या: मीड के अनुसार, ‘स्व’ का निर्माण तब होता है जब व्यक्ति दूसरों के नजरिए से खुद को देखना शुरू करता है (Role Taking)। उन्होंने ‘I’ और ‘Me’ के बीच की बातचीत को महत्वपूर्ण माना।
    संदर्भ: यह ‘Symbolic Interactionism’ (प्रतीकात्मक अंतःक्रियावाद) का आधार है।
    अन्य विकल्प: समाजशास्त्र में ‘स्व’ को जैविक (A) या केवल व्यक्तिगत (D) नहीं माना जाता।

  7. डेविस और मूर के ‘स्तरीकरण के कार्यात्मक सिद्धांत’ के अनुसार, सामाजिक असमानता क्यों आवश्यक है?
    • (A) क्योंकि यह शक्तिशाली लोगों को लाभ पहुँचाती है
    • (B) समाज के सबसे महत्वपूर्ण पदों पर सबसे योग्य व्यक्तियों को प्रोत्साहित करने के लिए
    • (C) जाति व्यवस्था को बनाए रखने के लिए
    • (D) आर्थिक संसाधनों के समान वितरण के लिए

    सही उत्तर: (B)
    विस्तृत व्याख्या: कार्यात्मकतावादियों का तर्क है कि कुछ पद (जैसे डॉक्टर या वैज्ञानिक) अधिक महत्वपूर्ण होते हैं और उनके लिए कठिन प्रशिक्षण की आवश्यकता होती है। उच्च पुरस्कार (पैसा, प्रतिष्ठा) योग्य लोगों को इन पदों के लिए प्रेरित करते हैं।
    संदर्भ: यह ‘Functionalist Theory of Stratification’ है।
    अन्य विकल्प: विकल्प (A) संघर्ष सिद्धांत (Conflict Theory) का दृष्टिकोण है।

  8. जब समाज में लक्ष्यों और उन्हें प्राप्त करने के वैध साधनों के बीच असंतुलन पैदा होता है, तो मर्टन इसे क्या कहते हैं?
    • (A) अलगाव (Alienation)
    • (B) विसंगति/अनोमी (Anomie)
    • (C) सामाजिकरण (Socialization)
    • (D) सांस्कृतिक पिछड़ापन (Cultural Lag)

    सही उत्तर: (B)
    विस्तृत व्याख्या: मर्टन ने दुर्खीम की अनोमी अवधारणा को बदला। उन्होंने कहा कि जब समाज सफलता के लक्ष्य (जैसे पैसा) तो देता है लेकिन सबको समान साधन (शिक्षा, अवसर) नहीं देता, तो व्यक्ति ‘अनोमी’ की स्थिति में पहुँचकर अपराध या विद्रोह की ओर बढ़ता है।
    संदर्भ: मर्टन का ‘Strain Theory’ (तनाव सिद्धांत)।
    अन्य विकल्प: विकल्प (D) ओगबर्न की अवधारणा है।

  9. ‘सांस्कृतिक पिछड़ापन’ (Cultural Lag) की अवधारणा किसने दी, जिसमें भौतिक संस्कृति, गैर-भौतिक संस्कृति से आगे निकल जाती है?
    • (A) विलियम एफ. ओगबर्न
    • (B) हर्बर्ट स्पेंसर
    • (C) अगस्त कॉम्टे
    • (D) एमिल दुर्खीम

    सही उत्तर: (A)
    विस्तृत व्याख्या: ओगबर्न के अनुसार, तकनीक और भौतिक चीजें (जैसे स्मार्टफोन) तेजी से बदलती हैं, लेकिन हमारे मूल्य, रीति-रिवाज और कानून (गैर-भौतिक संस्कृति) धीमी गति से बदलते हैं, जिससे एक ‘लैग’ या अंतराल पैदा होता है।
    संदर्भ: यह समाजशास्त्रीय परिवर्तन के सिद्धांत से संबंधित है।

  10. ‘प्राथमिक सामाजिकरण’ (Primary Socialization) का सबसे महत्वपूर्ण अभिकर्ता (Agent) कौन है?
    • (A) स्कूल
    • (B) राज्य/सरकार
    • (C) परिवार
    • (D) मास मीडिया

    सही उत्तर: (C)
    विस्तृत व्याख्या: प्राथमिक सामाजिकरण बचपन के शुरुआती वर्षों में होता है, जहाँ बच्चा भाषा, बुनियादी मूल्य और व्यवहार परिवार से सीखता है। यह व्यक्तित्व निर्माण की नींव है।
    संदर्भ: सामाजिकरण के सिद्धांतों में परिवार को ‘प्रथम विद्यालय’ माना गया है।
    अन्य विकल्प: स्कूल और मीडिया ‘द्वितीयक सामाजिकरण’ (Secondary Socialization) के अंग हैं।

  11. निम्नलिखित में से कौन सा परिवार का एक प्रकार है जिसमें पति-पत्नी और उनके अविवाहित बच्चे शामिल होते हैं?
    • (A) संयुक्त परिवार (Joint Family)
    • (B) विस्तारित परिवार (Extended Family)
    • (C) एकल परिवार (Nuclear Family)
    • (D) मातृसत्तात्मक परिवार (Matrilineal Family)

    सही उत्तर: (C)
    विस्तृत व्याख्या: एकल परिवार आधुनिक औद्योगिक समाजों की विशेषता है, जिसमें केवल दो पीढ़ियां (माता-पिता और बच्चे) एक साथ रहती हैं।
    संदर्भ: पारिवारिक समाजशास्त्र (Sociology of Family)।

  12. इमाइल दुर्खीम ने धर्म को किन दो श्रेणियों में विभाजित किया है?
    • (A) ईश्वर और प्रकृति
    • (B) पवित्र (Sacred) और अपवित्र/लौकिक (Profane)
    • (C) विश्वास और कर्म
    • (D) मिथक और वास्तविकता

    सही उत्तर: (B)
    विस्तृत व्याख्या: दुर्खीम के अनुसार, धर्म वह प्रणाली है जो चीजों को ‘पवित्र’ (जिसे विशेष सम्मान दिया जाए) और ‘लौकिक’ (रोजमर्रा की साधारण चीजें) में बांटती है।
    संदर्भ: उनकी पुस्तक ‘The Elementary Forms of the Religious Life’ से।

  13. पियरे बोर्दियू (Pierre Bourdieu) के अनुसार, शिक्षा प्रणाली किस प्रकार सामाजिक असमानता को बनाए रखती है?
    • (A) सभी को समान अवसर देकर
    • (B) ‘सांस्कृतिक पूंजी’ (Cultural Capital) के माध्यम से
    • (C) केवल मेधावी छात्रों को चुनकर
    • (D) मुफ्त शिक्षा प्रदान करके

    सही उत्तर: (B)
    विस्तृत व्याख्या: बोर्दियू का तर्क है कि उच्च वर्ग के बच्चों के पास विशेष ज्ञान, भाषा और शिष्टाचार (सांस्कृतिक पूंजी) होता है, जिसे स्कूल मान्यता देते हैं। इस तरह शिक्षा केवल योग्यता नहीं, बल्कि वर्ग की विरासत को आगे बढ़ाती है।
    संदर्भ: बोर्दियू का ‘Reproduction Theory’।

  14. मैक्स वेबर ने सत्ता (Authority) के तीन प्रकार बताए हैं। इनमें ‘करिश्माई सत्ता’ का आधार क्या है?
    • (A) लिखित कानून और नियम
    • (B) पारंपरिक रीति-रिवाज
    • (C) नेता के असाधारण व्यक्तित्व और आकर्षण में विश्वास
    • (D) लोकतांत्रिक चुनाव

    सही उत्तर: (C)
    विस्तृत व्याख्या: करिश्माई सत्ता व्यक्ति के विशेष गुणों, चमत्कारिक शक्तियों या असाधारण नेतृत्व क्षमता पर आधारित होती है (जैसे महात्मा गांधी या नेपोलियन)।
    संदर्भ: वेबर का ‘Theory of Social and Economic Organization’।
    अन्य विकल्प: (A) कानूनी-तर्कसंगत सत्ता है, (B) पारंपरिक सत्ता है।

  15. जब एक शोधकर्ता एक ही घटना का अध्ययन करने के लिए कई अलग-अलग विधियों (जैसे सर्वे और इंटरव्यू दोनों) का उपयोग करता है, तो इसे क्या कहा जाता है?
    • (A) नृवंशविज्ञान (Ethnography)
    • (B) त्रिकोणीकरण (Triangulation)
    • (C) सामग्री विश्लेषण (Content Analysis)
    • (D) प्रयोगात्मक विधि (Experimental Method)

    सही उत्तर: (B)
    विस्तृत व्याख्या: त्रिकोणीकरण का उद्देश्य शोध की वैधता (Validity) को बढ़ाना है। जब अलग-अलग विधियों से एक ही परिणाम आता है, तो निष्कर्ष अधिक विश्वसनीय होता है।
    संदर्भ: अनुसंधान पद्धति (Research Methodology)।

  16. ‘सहभागी अवलोकन’ (Participant Observation) किस शोध पद्धति की मुख्य विशेषता है?
    • (A) मात्रात्मक शोध (Quantitative Research)
    • (B) नृवंशविज्ञान/गुणात्मक शोध (Ethnography/Qualitative Research)
    • (C) प्रयोगात्मक शोध (Experimental Research)
    • (D) केवल सांख्यिकीय विश्लेषण (Statistical Analysis)

    सही उत्तर: (B)
    विस्तृत व्याख्या: इसमें शोधकर्ता स्वयं उस समूह का हिस्सा बन जाता है जिसका वह अध्ययन कर रहा है, ताकि वह उनके जीवन के अनुभवों को गहराई से समझ सके।
    संदर्भ: यह विधि विशेष रूप से मानव विज्ञान और समाजशास्त्र में प्रचलित है।

  17. एम.एन. श्रीनिवास द्वारा प्रतिपादित ‘संस्कृतिकरण’ (Sanskritization) की प्रक्रिया क्या है?
    • (A) निम्न जातियों द्वारा उच्च जातियों के रीति-रिवाजों और जीवन शैली को अपनाना
    • (B) उच्च जातियों का निम्न जातियों के साथ मिलना
    • (C) धर्म का पूरी तरह त्याग करना
    • (D) केवल अंग्रेजी भाषा सीखना

    सही उत्तर: (A)
    विस्तृत व्याख्या: संस्कृतिकरण वह प्रक्रिया है जिसमें एक निम्न जाति या समूह उच्च जाति (विशेषकर द्विज जातियों) के रीति-रिवाजों, विचारधारा और जीवन पद्धति को अपनाकर अपनी सामाजिक स्थिति सुधारने का प्रयास करता है।
    संदर्भ: एम.एन. श्रीनिवास की ग्रामीण समाजशास्त्र संबंधी अध्ययन।

  18. ‘प्रभावी जाति’ (Dominant Caste) की अवधारणा के लिए कौन से कारक आवश्यक हैं?
    • (A) केवल उच्च धार्मिक स्थिति
    • (B) संख्यात्मक शक्ति, आर्थिक संसाधन (भूमि) और राजनीतिक प्रभाव
    • (C) केवल उच्च शिक्षा
    • (D) केवल शहरी क्षेत्रों में निवास

    सही उत्तर: (B)
    विस्तृत व्याख्या: श्रीनिवास के अनुसार, वह जाति ‘प्रभावी’ होती है जिसकी जनसंख्या अधिक हो, जिसके पास गांव की अधिकांश जमीन हो और जिसका स्थानीय राजनीति में दबदबा हो, चाहे उसकी अनुक्रमिक स्थिति (Hierarchy) कुछ भी हो।
    संदर्भ: भारतीय ग्रामीण समाजशास्त्र।

  19. जी. एस. घुर्ये ने जनजातियों (Tribes) को समाज के किस रूप में देखा?
    • (A) पूरी तरह अलग और बाहरी समूह
    • (B) ‘पिछड़े हिंदू’ (Backward Hindus)
    • (C) विदेशी आक्रमणकारी
    • (D) आधुनिक नागरिक

    सही उत्तर: (B)
    विस्तृत व्याख्या: घुर्ये का मानना था कि भारतीय जनजातियां हिंदू समाज का ही एक हिस्सा हैं, जो समय के साथ मुख्यधारा से अलग हो गईं या पिछड़ गईं। इसे ‘एकीकरण’ का दृष्टिकोण कहा जाता है।
    संदर्भ: भारतीय समाजशास्त्र के पितामह जी. एस. घुर्ये का दृष्टिकोण।

  20. ‘ग्रामीण-शहरी सातत्य’ (Rural-Urban Continuum) का क्या अर्थ है?
    • (A) गांव और शहर के बीच एक स्पष्ट और कठोर दीवार
    • (B) यह विचार कि ग्रामीण और शहरी क्षेत्र अलग-अलग नहीं बल्कि एक क्रमिक बदलाव की तरह हैं
    • (C) केवल शहरों का गांवों में बदलना
    • (D) गांवों का पूरी तरह समाप्त हो जाना

    सही उत्तर: (B)
    विस्तृत व्याख्या: यह अवधारणा बताती है कि गांव और शहर दो विपरीत छोर हैं, लेकिन उनके बीच कई ऐसे क्षेत्र (जैसे कस्बे या उपनगर) होते हैं जहाँ दोनों की विशेषताएं मिली-जुली होती हैं।

  21. लुई विर्थ (Louis Wirth) के अनुसार, ‘शहरीवाद’ (Urbanism) की मुख्य विशेषताएं क्या हैं?
    • (A) घनिष्ठ और गहरे सामाजिक संबंध
    • (B) जनसंख्या का आकार, घनत्व और सामाजिक विषमता
    • (C) कृषि पर आधारित अर्थव्यवस्था
    • (D) केवल धार्मिक गतिविधियों की प्रधानता

    सही उत्तर: (B)
    विस्तृत व्याख्या: विर्थ ने कहा कि शहरी जीवन में जनसंख्या अधिक और सघन होती है, जिससे संबंध ‘अनाम’ (Anonymous) और ‘सतही’ (Superficial) हो जाते हैं। उन्होंने शहरीवाद को ‘जीवन जीने के एक तरीके’ के रूप में देखा।
    संदर्भ: ‘Urbanism as a Way of Life’।

  22. ‘पर्यावरणीय नस्लवाद’ (Environmental Racism) शब्द का प्रयोग समाजशास्त्र में किस संदर्भ में किया जाता है?
    • (A) पर्यावरण की रक्षा के लिए नस्लीय भेदभाव करना
    • (B) जब प्रदूषित उद्योगों या कचरा डंपिंग साइट्स को जानबूझकर अल्पसंख्यक या हाशिए के समुदायों के क्षेत्रों में स्थापित किया जाता है
    • (C) केवल श्वेत लोगों द्वारा प्रकृति का प्रेम
    • (D) वन्यजीवों के बीच नस्लीय भेदभाव

    सही उत्तर: (B)
    विस्तृत व्याख्या: यह एक गंभीर समकालीन मुद्दा है। इसमें देखा गया है कि गरीब, अश्वेत या अल्पसंख्यक समुदायों के पास राजनीतिक शक्ति कम होती है, इसलिए जहरीले कारखाने या कचरा केंद्र अक्सर उनके इलाकों में बनाए जाते हैं, जिससे उनका स्वास्थ्य प्रभावित होता है।
    संदर्भ: समकालीन पर्यावरणीय समाजशास्त्र (Environmental Sociology)।

  23. ‘पालन-पोषण की भावनात्मक अर्थव्यवस्था’ (Emotional Economy of Parenting) का तात्पर्य क्या है?
    • (A) बच्चों को पालने के लिए केवल पैसों का खर्च करना
    • (B) बच्चों की देखभाल में लगने वाले अदृश्य भावनात्मक श्रम, तनाव और मानसिक ऊर्जा का विश्लेषण करना
    • (C) बच्चों को व्यापार सिखाना
    • (D) केवल सरकारी योजनाओं का लाभ लेना

    सही उत्तर: (B)
    विस्तृत व्याख्या: यह अवधारणा इस बात पर जोर देती है कि पालन-पोषण केवल एक जैविक कार्य नहीं है, बल्कि इसमें भारी ‘भावनात्मक श्रम’ (Emotional Labor) शामिल होता है, जो अक्सर महिलाओं पर अधिक थोपा जाता है और जिसे समाज में ‘काम’ के रूप में मान्यता नहीं मिलती।
    संदर्भ: भावनाओं का समाजशास्त्र (Sociology of Emotions)।

  24. समकालीन समाजशास्त्र में ‘डिजिटल निगरानी’ (Digital Surveillance) और सेंसरशिप का नागरिक पत्रकारों (Citizen Journalists) पर क्या प्रभाव पड़ता है?
    • (A) इससे सूचनाओं का प्रवाह और अधिक स्वतंत्र होता है
    • (B) यह राज्य की शक्ति को कम करता है
    • (C) यह लोकतांत्रिक अभिव्यक्ति को दबाता है और ‘चिलिंग इफेक्ट’ (Chilling Effect) पैदा करता है
    • (D) इसका समाज पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता

    सही उत्तर: (C)
    विस्तृत व्याख्या: जब सरकारें तकनीक के जरिए नागरिक पत्रकारों की निगरानी करती हैं, तो लोग डर के कारण सच बोलने से बचते हैं। इसे ‘चिलिंग इफेक्ट’ कहा जाता है, जिससे स्वतंत्र पत्रकारिता और मानवाधिकारों का हनन होता है।
    संदर्भ: मीडिया समाजशास्त्र और राज्य-शक्ति (Power & State)।

  25. ‘कांच की छत’ (Glass Ceiling) की अवधारणा किससे संबंधित है?
    • (A) आधुनिक वास्तुकला के नए डिजाइन से
    • (B) कार्यस्थल पर महिलाओं के लिए अदृश्य बाधाएं जो उन्हें शीर्ष पदों तक पहुँचने से रोकती हैं
    • (C) गरीबी रेखा के नीचे रहने वाले लोगों की स्थिति से
    • (D) शिक्षा के व्यवसायीकरण से

    सही उत्तर: (B)
    विस्तृत व्याख्या: यह एक रूपक है। ‘कांच की छत’ का मतलब है कि ऊपर का रास्ता तो दिखता है, लेकिन सामाजिक पूर्वाग्रहों और लैंगिक भेदभाव के कारण महिलाएं एक निश्चित स्तर के बाद ऊपर नहीं बढ़ पातीं।
    संदर्भ: जेंडर समाजशास्त्र (Sociology of Gender)।


निष्कर्ष: आशा है कि इस अभ्यास सेट ने आपकी वैचारिक स्पष्टता को बढ़ाया होगा। याद रखें, समाजशास्त्र केवल किताबों को पढ़ने का नहीं, बल्कि अपने आस-पास की दुनिया को एक ‘समाजशास्त्रीय नजरिए’ (Sociological Imagination) से देखने का नाम है। कल फिर मिलेंगे एक नई चुनौती के साथ!

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