नमस्कार भविष्य के समाजशास्त्रियों! अपनी बौद्धिक सीमाओं को चुनौती देने और समाजशास्त्र की गहन समझ विकसित करने के लिए तैयार हो जाइए। आज का यह विशेष अभ्यास सेट न केवल आपके वैचारिक आधार को मजबूत करेगा, बल्कि आपको समकालीन सामाजिक परिवर्तनों और शास्त्रीय सिद्धांतों के बीच सेतु बनाने में मदद करेगा। अपनी विश्लेषणात्मक क्षमता को परखें और सफलता की ओर एक और कदम बढ़ाएं!
- मैक्स वेबर के अनुसार ‘तर्कसंगतता’ (Rationalization) का चरम परिणाम क्या है, जिसे उन्होंने एक विशेष रूपक से समझाया है?
- (A) वर्ग संघर्ष
- (B) लोहे का पिंजरा (Iron Cage)
- (C) एनोमी (Anomie)
- (D) सामाजिक एकजुटता
सही उत्तर: (B) लोहे का पिंजरा (Iron Cage)
विस्तृत व्याख्या: वेबर का तर्क था कि आधुनिक समाज में दक्षता, गणना और नियंत्रण पर अत्यधिक जोर देने से नौकरशाही का विस्तार होता है, जो अंततः व्यक्ति की स्वतंत्रता को सीमित कर देता है और उसे ‘लोहे के पिंजरे’ में कैद कर देता है।
संदर्भ: यह विचार उनकी प्रसिद्ध पुस्तक ‘The Protestant Ethic and the Spirit of Capitalism’ में मिलता है।
अन्य विकल्प: (A) मार्क्स का विचार है, (C) दुर्खीम की अवधारणा है, और (D) कार्यात्मकतावादियों का दृष्टिकोण है। - एमिल दुर्खीम ने ‘एनोमी’ (Anomie) की स्थिति को किस रूप में परिभाषित किया है?
- (A) सामाजिक बंधनों की अत्यधिक मजबूती
- (B) आर्थिक असमानता का बढ़ना
- (C) सामाजिक मानदंडों की विफलता या स्पष्टता का अभाव
- (D) सांस्कृतिक विलुप्ति
सही उत्तर: (C) सामाजिक मानदंडों की विफलता या स्पष्टता का अभाव
विस्तृत व्याख्या: दुर्खीम के अनुसार, जब समाज में तेजी से परिवर्तन आते हैं, तो पुराने नियम काम नहीं करते और नए नियम स्थापित नहीं होते, जिससे व्यक्ति दिशाहीन महसूस करता है। इसी स्थिति को ‘एनोमी’ कहा जाता है।
संदर्भ: यह अवधारणा उनकी पुस्तक ‘Suicide’ और ‘The Division of Labour in Society’ में प्रमुखता से आई है।
अन्य विकल्प: (A) यांत्रिक एकजुटता से संबंधित है, जबकि (B) मार्क्सवादी विश्लेषण का हिस्सा है। - कार्ल मार्क्स के ‘ऐतिहासिक भौतिकवाद’ (Historical Materialism) का मूल आधार क्या है?
- (A) विचारों का विकास समाज को बदलता है
- (B) उत्पादन के साधन और संबंध सामाजिक संरचना निर्धारित करते हैं
- (C) धार्मिक विश्वास इतिहास की दिशा तय करते हैं
- (D) केवल राजनीतिक इच्छाशक्ति परिवर्तन लाती है
सही उत्तर: (B) उत्पादन के साधन और संबंध सामाजिक संरचना निर्धारित करते हैं
विस्तृत व्याख्या: मार्क्स का मानना था कि समाज का ‘आधार’ (Base) आर्थिक उत्पादन प्रणाली है, और इसी आधार पर समाज का ‘अधिरचना’ (Superstructure) जैसे कानून, धर्म और राजनीति निर्मित होते हैं।
संदर्भ: यह मार्क्सवादी समाजशास्त्र का केंद्रीय सिद्धांत है।
अन्य विकल्प: (A) आदर्शवादी (Idealist) दृष्टिकोण है, जबकि (C) वेबर के विपरीत विचार हैं। - टैलकोट पार्सन्स के AGIL मॉडल में ‘L’ (Latency) का क्या अर्थ है?
- (A) अनुकूलन (Adaptation)
- (B) लक्ष्य प्राप्ति (Goal Attainment)
- (C) एकीकरण (Integration)
- (D) पैटर्न का रखरखाव (Latency/Pattern Maintenance)
सही उत्तर: (D) पैटर्न का रखरखाव (Latency/Pattern Maintenance)
विस्तृत व्याख्या: पार्सन्स के अनुसार, किसी भी सामाजिक प्रणाली को जीवित रहने के लिए सांस्कृतिक मूल्यों को बनाए रखना और उन्हें अगली पीढ़ी तक पहुँचाना आवश्यक है, जिसे ‘Latency’ कहा जाता है (जैसे परिवार और शिक्षा)।
संदर्भ: यह संरचनात्मक कार्यात्मकता (Structural Functionalism) का हिस्सा है।
अन्य विकल्प: A, B, और C क्रमशः Adaptation, Goal Attainment और Integration को दर्शाते हैं। - रॉबर्ट के. मर्टन द्वारा प्रतिपादित ‘प्रकट कार्य’ (Manifest Function) और ‘अंतर्निहित कार्य’ (Latent Function) में मुख्य अंतर क्या है?
- (A) एक सकारात्मक है और दूसरा नकारात्मक
- (B) एक इच्छित परिणाम है और दूसरा अनपेक्षित परिणाम
- (C) एक सूक्ष्म स्तर का है और दूसरा व्यापक स्तर का
- (D) दोनों एक ही हैं, केवल नाम अलग हैं
सही उत्तर: (B) एक इच्छित परिणाम है और दूसरा अनपेक्षित परिणाम
विस्तृत व्याख्या: प्रकट कार्य वे परिणाम हैं जो जानबूझकर किए जाते हैं और ज्ञात होते हैं, जबकि अंतर्निहित कार्य वे परिणाम हैं जो अनजाने में होते हैं और अक्सर छिपे रहते हैं।
संदर्भ: मर्टन ने कार्यात्मकतावाद में सुधार करते हुए इस भेद को पेश किया।
अन्य विकल्प: (A) गलत है क्योंकि अंतर्निहित कार्य सकारात्मक या नकारात्मक दोनों हो सकते हैं। - जॉर्ज हर्बर्ट मीड के अनुसार ‘स्व’ (Self) का विकास कैसे होता है?
- (A) जैविक विरासत के माध्यम से
- (B) केवल माता-पिता के निर्देशों से
- (C) सामाजिक अंतःक्रिया और प्रतीकात्मक संचार के माध्यम से
- (D) एकांत चिंतन द्वारा
सही उत्तर: (C) सामाजिक अंतःक्रिया और प्रतीकात्मक संचार के माध्यम से
विस्तृत व्याख्या: मीड का मानना था कि ‘स्व’ जन्मजात नहीं होता, बल्कि दूसरों के साथ बातचीत करने और खुद को दूसरों की नजर से देखने (Taking the role of the other) से विकसित होता है।
संदर्भ: यह प्रतीकात्मक अंतःक्रियावाद (Symbolic Interactionism) की नींव है।
अन्य विकल्प: (A) जीव विज्ञान का क्षेत्र है, और (B) समाजीकरण का केवल एक छोटा हिस्सा है। - लुई ड्युमों ने अपनी पुस्तक ‘होमो हिएरार्किकस’ (Homo Hierarchicus) में भारतीय जाति व्यवस्था के किस मूल सिद्धांत पर जोर दिया है?
- (A) वर्ग संघर्ष
- (B) शुद्धता और अशुद्धता (Purity and Pollution)
- (C) आर्थिक प्रतिस्पर्धा
- (D) राजनीतिक शक्ति
सही उत्तर: (B) शुद्धता और अशुद्धता (Purity and Pollution)
विस्तृत व्याख्या: ड्युमों का तर्क था कि भारतीय समाज का मूल आधार ‘श्रेणीबद्धता’ (Hierarchy) है, जो शुद्धता और अशुद्धता के धार्मिक/वैचारिक सिद्धांतों पर टिकी है।
संदर्भ: यह पुस्तक जाति के समाजशास्त्रीय अध्ययन में एक मील का पत्थर है।
अन्य विकल्प: (A) मार्क्सवादी दृष्टिकोण है, (C) और (D) आधुनिक समाजशास्त्रीय विश्लेषण का हिस्सा हैं। - एम.एन. श्रीनिवास द्वारा प्रतिपादित ‘संस्कृतिकरण’ (Sanskritization) की प्रक्रिया क्या है?
- (A) उच्च जातियों का निम्न जातियों की संस्कृति को अपनाना
- (B) निम्न जातियों द्वारा उच्च जातियों के रीति-रिवाजों और जीवनशैली को अपनाना
- (C) केवल संस्कृत भाषा सीखना
- (D) जाति व्यवस्था का पूरी तरह समाप्त हो जाना
सही उत्तर: (B) निम्न जातियों द्वारा उच्च जातियों के रीति-रिवाजों और जीवनशैली को अपनाना
विस्तृत व्याख्या: संस्कृतीकरण वह प्रक्रिया है जिसमें एक निम्न जाति या जनजाति उच्च जाति के रीति-रिवाजों, विचारधारा और जीवन शैली को अपनाकर अपनी सामाजिक स्थिति सुधारने का प्रयास करती है।
संदर्भ: श्रीनिवास ने इसे भारतीय समाज में सामाजिक गतिशीलता (Social Mobility) के रूप में समझाया।
अन्य विकल्प: (A) इसके विपरीत प्रक्रिया है, और (D) एक आदर्श स्थिति है, वास्तविकता नहीं। - समाजशास्त्रीय अनुसंधान में ‘प्रत्यक्षवाद’ (Positivism) का मुख्य उद्देश्य क्या है?
- (A) केवल व्यक्तिपरक अनुभवों का अध्ययन करना
- (B) सामाजिक घटनाओं के लिए सार्वभौमिक नियमों की खोज करना (प्राकृतिक विज्ञान की तरह)
- (C) समाज का आलोचनात्मक विश्लेषण कर उसे बदलना
- (D) केवल ऐतिहासिक दस्तावेजों का अध्ययन करना
सही उत्तर: (B) सामाजिक घटनाओं के लिए सार्वभौमिक नियमों की खोज करना (प्राकृतिक विज्ञान की तरह)
विस्तृत व्याख्या: प्रत्यक्षवाद का मानना है कि समाज का अध्ययन उन्हीं वैज्ञानिक विधियों (अवलोकन, प्रयोग, सांख्यिकी) से किया जा सकता है जिनसे भौतिक विज्ञान का अध्ययन होता है।
संदर्भ: अगस्त कॉम्टे को प्रत्यक्षवाद का जनक माना जाता है।
अन्य विकल्प: (A) व्याख्यात्मक समाजशास्त्र (Interpretivism) है, और (C) मार्क्सवाद/क्रिटिकल थ्योरी है। - ‘एथ्नोग्राफी’ (Ethnography) अनुसंधान की कौन सी विधि है?
- (A) केवल सर्वेक्षण (Survey)
- (B) गहन सहभागी अवलोकन (Participant Observation)
- (C) प्रयोगशाला प्रयोग (Laboratory Experiment)
- (D) केवल सांख्यिकीय विश्लेषण
सही उत्तर: (B) गहन सहभागी अवलोकन (Participant Observation)
विस्तृत व्याख्या: एथ्नोग्राफी में शोधकर्ता स्वयं उस समुदाय या संस्कृति का हिस्सा बनकर लंबे समय तक उनके साथ रहता है ताकि उनकी जीवनशैली और संस्कृति को गहराई से समझ सके।
संदर्भ: यह गुणात्मक अनुसंधान (Qualitative Research) की एक प्रमुख विधि है।
अन्य विकल्प: (A) और (D) मात्रात्मक (Quantitative) विधियां हैं। - सामाजिक स्तरीकरण (Social Stratification) का अर्थ क्या है?
- (A) समाज का भौगोलिक विभाजन
- (B) समाज का विभिन्न स्तरों या श्रेणियों में विभाजन (जैसे जाति, वर्ग, लिंग)
- (C) केवल अमीर और गरीब के बीच का अंतर
- (D) जनसंख्या का वितरण
सही उत्तर: (B) समाज का विभिन्न स्तरों या श्रेणियों में विभाजन (जैसे जाति, वर्ग, लिंग)
विस्तृत व्याख्या: स्तरीकरण एक ऐसी व्यवस्था है जिसमें समाज के व्यक्तियों और समूहों को संसाधनों, शक्ति और प्रतिष्ठा के आधार पर ऊंच-नीच के क्रम में व्यवस्थित किया जाता है।
संदर्भ: यह समाजशास्त्र की एक केंद्रीय अवधारणा है।
अन्य विकल्प: (A) भूगोल से संबंधित है, और (C) स्तरीकरण का केवल एक आयाम (आर्थिक) है। - संयुक्त परिवार (Joint Family) और एकल परिवार (Nuclear Family) के बीच मुख्य अंतर क्या है?
- (A) केवल सदस्यों की संख्या
- (B) निवास की व्यवस्था और साझा संसाधन/रसोई
- (C) केवल आर्थिक स्थिति
- (D) केवल धार्मिक विश्वास
सही उत्तर: (B) निवास की व्यवस्था और साझा संसाधन/रसोई
विस्तृत व्याख्या: संयुक्त परिवार में कई पीढ़ियां एक साथ रहती हैं, एक ही रसोई का उपयोग करती हैं और संपत्ति साझा करती हैं, जबकि एकल परिवार में केवल माता-पिता और उनके अविवाहित बच्चे होते हैं।
संदर्भ: यह परिवार समाजशास्त्र (Sociology of Family) का मूल विषय है।
अन्य विकल्प: (A) एक लक्षण है, लेकिन परिभाषा का आधार नहीं। - मैक्स वेबर के अनुसार ‘धर्म’ ने पूंजीवाद के विकास को कैसे प्रभावित किया?
- (A) धर्म ने पूंजीवाद का विरोध किया
- (B) प्रोटेस्टेंट नैतिकता (विशेषकर केल्विनवाद) ने कठिन परिश्रम और बचत को प्रोत्साहित किया
- (C) केवल कैथोलिक चर्च ने पूंजीवाद को जन्म दिया
- (D) धर्म का आर्थिक विकास पर कोई प्रभाव नहीं पड़ा
सही उत्तर: (B) प्रोटेस्टेंट नैतिकता (विशेषकर केल्विनवाद) ने कठिन परिश्रम और बचत को प्रोत्साहित किया
विस्तृत व्याख्या: वेबर ने तर्क दिया कि प्रोटेस्टेंट धर्म की ‘पूर्वनिर्धारण’ (Predestination) की अवधारणा ने लोगों को दुनियावी सफलता को ईश्वर की कृपा के संकेत के रूप में देखने के लिए प्रेरित किया, जिससे पूंजीवाद बढ़ा।
संदर्भ: ‘The Protestant Ethic and the Spirit of Capitalism’।
अन्य विकल्प: (A) और (D) वेबर के निष्कर्षों के विपरीत हैं। - वर्तमान समय में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का समाजशास्त्रीय अनुसंधान पर क्या प्रभाव पड़ सकता है?
- (A) यह केवल डेटा एंट्री का काम आसान करेगा
- (B) यह पारंपरिक गुणात्मक विधियों को पूरी तरह समाप्त कर देगा
- (C) यह विश्लेषण के नए तरीके प्रदान कर सकता है, लेकिन पारंपरिक शोध विधियों के लिए चुनौती भी पेश कर सकता है
- (D) AI का समाजशास्त्र से कोई लेना-देना नहीं है
सही उत्तर: (C) यह विश्लेषण के नए तरीके प्रदान कर सकता है, लेकिन पारंपरिक शोध विधियों के लिए चुनौती भी पेश कर सकता है
विस्तृत व्याख्या: AI बड़े डेटा सेट (Big Data) के विश्लेषण में मदद कर सकता है, लेकिन यह शोधकर्ता की सहानुभूति (Empathy) और गहरे संदर्भ की समझ (Thick Description) को प्रतिस्थापित नहीं कर सकता, जिससे शोध की प्रामाणिकता पर बहस छिड़ गई है।
संदर्भ: समकालीन डिजिटल समाजशास्त्र (Digital Sociology) की चर्चाओं पर आधारित।
अन्य विकल्प: (B) अतिशयोक्ति है और (D) गलत है। - डिजिटल तकनीकों के कारण बच्चों के खिलाफ होने वाले यौन शोषण जैसे मुद्दे किस समाजशास्त्रीय श्रेणी में आते हैं?
- (A) केवल तकनीकी विफलता
- (B) समकालीन सामाजिक समस्याएं और डिजिटल भेद्यता (Digital Vulnerability)
- (C) केवल ग्रामीण समाजशास्त्र
- (D) प्राचीन सामाजिक कुरीतियाँ
सही उत्तर: (B) समकालीन सामाजिक समस्याएं और डिजिटल भेद्यता (Digital Vulnerability)
विस्तृत व्याख्या: तकनीक ने नए माध्यम प्रदान किए हैं जिनसे शोषण आसान हो गया है। यह दर्शाता है कि कैसे तकनीकी प्रगति सामाजिक जोखिमों को नया रूप देती है, जिसे समाजशास्त्री ‘डिजिटल भेद्यता’ कहते हैं।
संदर्भ: आधुनिक समाजशास्त्रीय मुद्दों और नीतिगत प्रतिक्रियाओं का विश्लेषण।
अन्य विकल्प: (A) सामाजिक आयाम को नजरअंदाज करता है, और (C) तथा (D) अप्रासंगिक हैं। - ‘ग्रामीण-शहरी सातत्य’ (Rural-Urban Continuum) की अवधारणा क्या बताती है?
- (A) गांव और शहर के बीच एक स्पष्ट और अटूट दीवार है
- (B) ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के बीच एक क्रमिक परिवर्तन होता है, न कि अचानक बदलाव
- (C) गांव हमेशा शहर से बेहतर होते हैं
- (D) शहर अंततः गांवों को खत्म कर देते हैं
सही उत्तर: (B) ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के बीच एक क्रमिक परिवर्तन होता है, न कि अचानक बदलाव
विस्तृत व्याख्या: यह अवधारणा मानती है कि ग्रामीण और शहरी जीवन के बीच कोई सख्त सीमा नहीं है, बल्कि कई ऐसे क्षेत्र (जैसे कस्बे या अर्ध-शहरी इलाके) होते हैं जिनमें दोनों की विशेषताएं होती हैं।
संदर्भ: ग्रामीण और शहरी समाजशास्त्र का बुनियादी सिद्धांत।
अन्य विकल्प: (A) वास्तविकता के विपरीत है। - ‘जेंट्रीफिकेशन’ (Gentrification) की प्रक्रिया का क्या अर्थ है?
- (A) ग्रामीण क्षेत्रों का शहरीकरण होना
- (B) शहरी गरीब इलाकों का पुनर्विकास और वहां उच्च-आय वाले लोगों का बसना
- (C) शहरों से लोगों का पलायन कर गांवों में जाना
- (D) झुग्गी-बस्तियों का पूरी तरह उन्मूलन
सही उत्तर: (B) शहरी गरीब इलाकों का पुनर्विकास और वहां उच्च-आय वाले लोगों का बसना
विस्तृत व्याख्या: जेंट्रीफिकेशन में पुराने या गरीब शहरी क्षेत्रों को आधुनिक बनाया जाता है, जिससे वहां संपत्ति की कीमतें बढ़ जाती हैं और मूल गरीब निवासी वहां से विस्थापित हो जाते हैं।
संदर्भ: शहरी समाजशास्त्र (Urban Sociology) का एक महत्वपूर्ण मुद्दा।
अन्य विकल्प: (C) इसे ‘Counter-urbanization’ कहते हैं। - इरविंग गोफमैन की ‘नाट्यशास्त्र’ (Dramaturgy) अवधारणा का मुख्य सार क्या है?
- (A) समाज एक रंगमंच है जहां लोग अपनी भूमिका निभाते हैं
- (B) नाटक समाज का एकमात्र प्रतिबिंब है
- (C) लोग केवल अपनी आंतरिक इच्छाओं के अनुसार कार्य करते हैं
- (D) सामाजिक भूमिकाएं जन्मजात होती हैं
सही उत्तर: (A) समाज एक रंगमंच है जहां लोग अपनी भूमिका निभाते हैं
विस्तृत व्याख्या: गोफमैन का तर्क था कि हम समाज में ‘इंप्रेशन मैनेजमेंट’ (Impression Management) करते हैं। हम ‘फ्रंट स्टेज’ (जहाँ हम आदर्श दिखते हैं) और ‘बैक स्टेज’ (जहाँ हम वास्तविक होते हैं) के बीच स्विच करते हैं।
संदर्भ: उनकी पुस्तक ‘The Presentation of Self in Everyday Life’।
अन्य विकल्प: (C) और (D) प्रतीकात्मक अंतःक्रियावाद के विपरीत हैं। - पियरे बॉर्ड्यू के अनुसार ‘सांस्कृतिक पूंजी’ (Cultural Capital) क्या है?
- (A) केवल बैंक में जमा पैसा
- (B) ज्ञान, कौशल, शिक्षा और बोलचाल के तरीके जो सामाजिक लाभ दिलाते हैं
- (C) केवल प्राचीन स्मारकों का संरक्षण
- (D) उच्च जातियों के साथ शारीरिक संबंध
सही उत्तर: (B) ज्ञान, कौशल, शिक्षा और बोलचाल के तरीके जो सामाजिक लाभ दिलाते हैं
विस्तृत व्याख्या: बॉर्ड्यू का मानना था कि शिक्षा और संस्कृति केवल व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं हैं, बल्कि वे पूंजी के रूप में कार्य करती हैं जो उच्च वर्ग को अपनी स्थिति बनाए रखने में मदद करती हैं।
संदर्भ: यह सामाजिक पुनरुत्पादन (Social Reproduction) के सिद्धांत से संबंधित है।
अन्य विकल्प: (A) आर्थिक पूंजी है। - जी.एस. घुर्ये ने भारतीय जाति व्यवस्था का विश्लेषण किस दृष्टिकोण से किया है?
- (A) केवल संघर्षवादी दृष्टिकोण
- (B) ऐतिहासिक और तुलनात्मक दृष्टिकोण (इंडोलॉजिकल)
- (C) केवल मार्क्सवादी दृष्टिकोण
- (D) केवल मनोवैज्ञानिक दृष्टिकोण
सही उत्तर: (B) ऐतिहासिक और तुलनात्मक दृष्टिकोण (इंडोलॉजिकल)
विस्तृत व्याख्या: घुर्ये को ‘भारतीय समाजशास्त्र का पिता’ माना जाता है। उन्होंने जाति व्यवस्था को समझने के लिए प्राचीन ग्रंथों और ऐतिहासिक साक्ष्यों का उपयोग किया।
संदर्भ: उनकी पुस्तक ‘Caste and Race in India’।
अन्य विकल्प: (A) और (C) उनके दृष्टिकोण से भिन्न हैं। - ‘समाजीकरण’ (Socialization) की प्रक्रिया का मुख्य उद्देश्य क्या है?
- (A) व्यक्ति को समाज से अलग करना
- (B) व्यक्ति को सामाजिक मानदंडों, मूल्यों और संस्कृति को सीखने में मदद करना
- (C) केवल भाषा सिखाना
- (D) व्यक्ति की मूल प्रवृत्ति को समाप्त करना
सही उत्तर: (B) व्यक्ति को सामाजिक मानदंडों, मूल्यों और संस्कृति को सीखने में मदद करना
विस्तृत व्याख्या: समाजीकरण वह आजीवन चलने वाली प्रक्रिया है जिसके माध्यम से एक जैविक प्राणी (Biological Being) एक सामाजिक प्राणी (Social Being) बनता है।
संदर्भ: यह समाजशास्त्र की एक बुनियादी प्रक्रिया है।
अन्य विकल्प: (A) विसंस्कृतीकरण (Deculturation) जैसा है, जो गलत है। - वैश्वीकरण (Globalization) ने स्थानीय संस्कृतियों को कैसे प्रभावित किया है?
- (A) स्थानीय संस्कृतियां पूरी तरह समाप्त हो गई हैं
- (B) केवल पश्चिमी संस्कृति का प्रसार हुआ है, स्थानीय संस्कृति स्थिर रही है
- (C) ‘ग्लोकलाइजेशन’ (Glocalization) के माध्यम से वैश्विक और स्थानीय का मिश्रण हुआ है
- (D) वैश्वीकरण ने सांस्कृतिक विविधता को बढ़ा दिया है लेकिन कोई मिश्रण नहीं हुआ
सही उत्तर: (C) ‘ग्लोकलाइजेशन’ (Glocalization) के माध्यम से वैश्विक और स्थानीय का मिश्रण हुआ है
विस्तृत व्याख्या: ग्लोकलाइजेशन वह प्रक्रिया है जहाँ वैश्विक उत्पादों या विचारों को स्थानीय स्वाद और संस्कृति के अनुसार ढाला जाता है (जैसे मैकडॉनल्ड्स का भारतीय मेनू)।
संदर्भ: समकालीन समाजशास्त्र और संस्कृति का अध्ययन।
अन्य विकल्प: (A) अतिशयोक्ति है और (B) वास्तविकता को पूरी तरह नहीं दर्शाता। - अनुसंधान में ‘परिकल्पना’ (Hypothesis) क्या होती है?
- (A) शोध का अंतिम निष्कर्ष
- (B) दो या दो से अधिक चरों के बीच एक परीक्षण योग्य अस्थायी संबंध का कथन
- (C) केवल एक व्यक्तिगत राय
- (D) डेटा संग्रह की एक विधि
सही उत्तर: (B) दो या दो से अधिक चरों के बीच एक परीक्षण योग्य अस्थायी संबंध का कथन
विस्तृत व्याख्या: परिकल्पना एक ‘शिक्षित अनुमान’ (Educated Guess) है जिसे शोधकर्ता डेटा के माध्यम से सिद्ध या असिद्ध करने का प्रयास करता है।
संदर्भ: सामाजिक अनुसंधान पद्धति (Research Methodology)।
अन्य विकल्प: (A) निष्कर्ष (Conclusion) है, (D) उपकरण (Tool) है। - जॉर्ज सिमेल (Georg Simmel) के अनुसार ‘अजनबी’ (The Stranger) कौन है?
- (A) वह जो समाज से पूरी तरह कटा हुआ है
- (B) वह जो समूह के भीतर है लेकिन मानसिक रूप से उससे दूर है (एक तटस्थ पर्यवेक्षक)
- (C) वह जो किसी समूह का हिस्सा नहीं है
- (D) केवल विदेशी नागरिक
सही उत्तर: (B) वह जो समूह के भीतर है लेकिन मानसिक रूप से उससे दूर है (एक तटस्थ पर्यवेक्षक)
विस्तृत व्याख्या: सिमेल का तर्क था कि अजनबी वह व्यक्ति है जो भौतिक रूप से समूह का हिस्सा तो होता है, लेकिन भावनात्मक रूप से उससे अलग होता है, जिससे वह अधिक निष्पक्ष और वस्तुनिष्ठ हो पाता है।
संदर्भ: सिमेल का औपचारिक समाजशास्त्र (Formal Sociology)।
अन्य विकल्प: (A) और (C) बाहरी व्यक्ति (Outsider) को दर्शाते हैं। - सामाजिक परिवर्तन (Social Change) के लिए सबसे शक्तिशाली कारक किसे माना जाता है?
- (A) केवल परंपराएं
- (B) प्रौद्योगिकी, विचारधारा और सामाजिक संघर्ष
- (C) केवल मौसम में बदलाव
- (D) व्यक्तिगत इच्छाएं
सही उत्तर: (B) प्रौद्योगिकी, विचारधारा और सामाजिक संघर्ष
विस्तृत व्याख्या: समाजशास्त्र मानता है कि जब नई तकनीक आती है, विचार बदलते हैं या समूहों के बीच संघर्ष होता है, तो सामाजिक संरचनाओं में गहरा परिवर्तन आता है।
संदर्भ: सामाजिक परिवर्तन के सिद्धांत।
अन्य विकल्प: (A) परिवर्तन का विरोध करता है, (C) और (D) सीमित प्रभाव डालते हैं।
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