समय की यात्रा: इतिहास के गौरवशाली पन्नों का अन्वेषण
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समय की धूल झाड़कर अतीत के गौरवशाली पन्नों को फिर से खोलने का समय आ गया है। क्या आप तैयार हैं उस रोमांचक यात्रा के लिए जो आपको सिंधु घाटी की प्राचीन गलियों से लेकर आधुनिक लोकतंत्र की दहलीज और विश्व की महान क्रांतियों तक ले जाएगी? अपनी तैयारी को धार दें और देखें कि आप इतिहास के कितने रहस्यों को सुलझा सकते हैं। यह अभ्यास सेट आपकी वैचारिक स्पष्टता और याद रखने की क्षमता दोनों का परीक्षण करेगा।
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- सिंधु घाटी सभ्यता का वह कौन सा शहर था जो एक प्रमुख बंदरगाह (Dockyard) के रूप में जाना जाता था?\n
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- हड़प्पा
- मोहनजोदड़ो
- लोथल
- कालीबंगन
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सही उत्तर: लोथल
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\nविस्तृत व्याख्या:\n
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- सही होने का कारण: लोथल (गुजरात) में एक कृत्रिम गोदी (Dockyard) के साक्ष्य मिले हैं, जिससे यह सिद्ध होता है कि सिंधु घाटी के लोग समुद्री व्यापार में निपुण थे।
- संदर्भ: यह शहर साबरमती नदी की सहायक नदी के तट पर स्थित था और मेसोपोटामिया के साथ व्यापार का मुख्य केंद्र था।
- गलत विकल्प: हड़प्पा और मोहनजोदड़ो मुख्य प्रशासनिक केंद्र थे, जबकि कालीबंगन अपने जुते हुए खेतों के साक्ष्यों के लिए प्रसिद्ध है।
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- ऋग्वेद में ‘दशराज्ञ युद्ध’ (दस राजाओं का युद्ध) किस नदी के तट पर लड़ा गया था?\n
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- वितस्ता
- परुष्णी
- असिक़नी
- विपाशा
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सही उत्तर: परुष्णी
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\nविस्तृत व्याख्या:\n
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- सही होने का कारण: दशराज्ञ युद्ध परुष्णी (आधुनिक रावी नदी) के तट पर लड़ा गया था, जिसमें भरत कबीले के राजा सुदास ने दस अन्य कबीलों के संघ को हराया था।
- संदर्भ: यह युद्ध आर्यों के बीच आंतरिक संघर्ष और राजनीतिक एकीकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण मोड़ था।
- गलत विकल्प: वितस्ता (झेलम), असिक़नी (चेनाब) और विपाशा (ब्यास) अन्य महत्वपूर्ण ऋग्वैदिक नदियाँ थीं, लेकिन युद्ध का मुख्य केंद्र परुष्णी था।
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- सम्राट अशोक के किस शिलालेख में ‘धम्म’ की व्याख्या और सामाजिक कल्याण के कार्यों का उल्लेख है?\n
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- प्रथम शिलालेख
- सातवाँ शिलालेख
- तेरहवाँ शिलालेख
- दसवाँ शिलालेख
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सही उत्तर: तेरहवाँ शिलालेख
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\nविस्तृत व्याख्या:\n
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- सही होने का कारण: तेरहवें शिलालेख में कलिंग युद्ध का वर्णन है और इसी के माध्यम से अशोक ने हिंसा का त्याग कर ‘धम्म’ (धर्म) के मार्ग को अपनाने की घोषणा की।
- संदर्भ: कलिंग युद्ध (261 ईसा पूर्व) ने अशोक के जीवन को पूरी तरह बदल दिया और वह बौद्ध धर्म के संरक्षक बन गए।
- गलत विकल्प: प्रथम शिलालेख में पशु बलि का निषेध है, सातवें में विभिन्न संप्रदायों के बीच सहिष्णुता की बात है।
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- गुप्त काल के दौरान किस शासक को ‘भारत का नेपोलियन’ कहा जाता है?\n
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- चंद्रगुप्त प्रथम
- समुद्रगुप्त
- चंद्रगुप्त द्वितीय (विक्रमादित्य)
- कुमारगुप्त
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सही उत्तर: समुद्रगुप्त
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\nविस्तृत व्याख्या:\n
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- सही होने का कारण: इतिहासकार वी.ए. स्मिथ ने समुद्रगुप्त की सैन्य विजयों और दिग्विजय अभियान के कारण उन्हें ‘भारत का नेपोलियन’ कहा।
- संदर्भ: प्रयाग प्रशस्ति (हरिषेण द्वारा लिखित) में उनकी उत्तर और दक्षिण भारत की सफल सैन्य यात्राओं का विस्तृत वर्णन है।
- गलत विकल्प: चंद्रगुप्त द्वितीय अपनी सांस्कृतिक उपलब्धियों और चीनी यात्री फाह्यान के आगमन के लिए जाने जाते हैं, न कि नेपोलियन जैसी विजयों के लिए।
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- चोल प्रशासन की सबसे विशिष्ट विशेषता क्या थी?\n
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- केंद्रीकृत नौकरशाही
- ग्राम स्वायत्तता (Local Self-Government)
- सैन्य तानाशाही
- जाति-आधारित शासन
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सही उत्तर: ग्राम स्वायत्तता (Local Self-Government)
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\nविस्तृत व्याख्या:\n
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- सही होने का कारण: चोल काल में ‘उर’ और ‘सभा’ जैसी ग्राम परिषदों के माध्यम से स्थानीय स्वशासन की एक विकसित प्रणाली थी, जिसका विवरण उत्तरमेरुर शिलालेख में मिलता है।
- संदर्भ: यह प्रणाली आधुनिक पंचायती राज का प्राचीनतम उदाहरण मानी जा सकती है।
- गलत विकल्प: चोल शासन केंद्रीकृत होने के बजाय स्थानीय स्तर पर अत्यधिक लोकतांत्रिक था।
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- प्राचीन भारत के ‘संगम साहित्य’ की रचना मुख्य रूप से किस भाषा में हुई थी?\n
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- संस्कृत
- प्राकृत
- तमिल
- पali
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सही उत्तर: तमिल
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\nविस्तृत व्याख्या:\n
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- सही होने का कारण: संगम साहित्य प्राचीन तमिल कवियों और विद्वानों द्वारा रचित साहित्य का संग्रह है, जो दक्षिण भारत के सामाजिक और राजनीतिक जीवन पर प्रकाश डालता है।
- संदर्भ: ‘संगम’ का अर्थ है सभा, जहाँ कवियों का जमावड़ा होता था।
- गलत विकल्प: संस्कृत और प्राकृत उत्तर भारत की प्रमुख भाषाएँ थीं, जबकि पाली का उपयोग मुख्य रूप से बौद्ध धर्म के ग्रंथों के लिए किया गया।
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- दिल्ली सल्तनत की पहली महिला शासिका रज़िया सुल्तान किस वंश से संबंधित थीं?\n
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- खिलजी वंश
- तुगलक वंश
- गुलाम वंश
- लोदी वंश
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सही उत्तर: गुलाम वंश
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\nविस्तृत व्याख्या:\n
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- सही होने का कारण: रज़िया सुल्तान इल्तुतमिश की पुत्री थीं और उन्होंने गुलाम वंश (ममलुक वंश) के तहत शासन किया।
- संदर्भ: उन्होंने पुरुष प्रधान समाज और तुर्की अमीरों के विरोध के बावजूद 1236-1240 ई. तक शासन किया।
- गलत विकल्प: खिलजी, तुगलक और लोदी वंश रज़िया के शासनकाल के बहुत बाद आए।
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- अलाउद्दीन खिलजी द्वारा शुरू की गई ‘बाजार नियंत्रण नीति’ (Market Control Policy) का मुख्य उद्देश्य क्या था?\n
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- व्यापार को बढ़ावा देना
- किसानों की आय बढ़ाना
- एक विशाल सेना के रखरखाव के लिए वस्तुओं की कीमतें कम रखना
- धार्मिक प्रचार करना
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सही उत्तर: एक विशाल सेना के रखरखाव के लिए वस्तुओं की कीमतें कम रखना
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\nविस्तृत व्याख्या:\n
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- सही होने का कारण: मंगोल आक्रमणों से बचने के लिए अलाउद्दीन को एक बड़ी स्थायी सेना की आवश्यकता थी, जिसे कम वेतन पर रखने के लिए उसने आवश्यक वस्तुओं की कीमतें निर्धारित कीं।
- संदर्भ: उसने ‘शहना-ए-मंडी’ नामक अधिकारी नियुक्त किए जो कीमतों की निगरानी करते थे।
- गलत विकल्प: यह नीति व्यापारिक लाभ के लिए नहीं बल्कि सैन्य रणनीति के तहत लागू की गई थी।
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- मुहम्मद बिन तुगलक ने अपनी राजधानी दिल्ली से कहाँ स्थानांतरित की थी?\n
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- लाहौर
- दौलताबाद
- अजमेर
- मुल्तान
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सही उत्तर: दौलताबाद
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\nविस्तृत व्याख्या:\n
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- सही होने का कारण: साम्राज्य के केंद्र को दक्षिण भारत की ओर ले जाने और विद्रोहों को नियंत्रित करने के लिए उसने राजधानी को दौलताबाद (देवगिरि) स्थानांतरित किया।
- संदर्भ: यह निर्णय एक बड़ी विफलता साबित हुआ क्योंकि दिल्ली से दौलताबाद की यात्रा कठिन थी और बाद में उसे वापस दिल्ली लौटना पड़ा।
- गलत विकल्प: अन्य विकल्प तुगलक काल के शहर थे, लेकिन राजधानी स्थानांतरण केवल दौलताबाद के साथ हुआ।
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- अकबर द्वारा प्रतिपादित ‘दीन-इ-इलाही’ का मुख्य उद्देश्य क्या था?\n
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- एक नया धर्म स्थापित करना
- ईसाई धर्म का प्रचार करना
- सभी धर्मों के अच्छे तत्वों को मिलाकर एक नैतिक संहिता बनाना
- इस्लाम के कट्टरपंथी रूप को बढ़ावा देना
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सही उत्तर: सभी धर्मों के अच्छे तत्वों को मिलाकर एक नैतिक संहिता बनाना
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\nविस्तृत व्याख्या:\n
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- सही होने का कारण: अकबर एक उदार शासक था जिसने ‘सुलह-ए-कुल’ (सार्वभौमिक शांति) की नीति अपनाई और सभी धर्मों की शिक्षाओं को समाहित करने का प्रयास किया।
- संदर्भ: यह धर्म से अधिक एक दार्शनिक और नैतिक दृष्टिकोण था ताकि साम्राज्य में एकता बनी रहे।
- गलत विकल्प: इसका उद्देश्य किसी विशेष धर्म को नष्ट करना या केवल एक नया धर्म थोपना नहीं था।
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- मुगल वास्तुकला का स्वर्ण युग किसके शासनकाल को माना जाता है?\n
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- अकबर
- जहाँगीर
- शाहजहाँ
- औरंगजेब
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सही उत्तर: शाहजहाँ
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\nविस्तृत व्याख्या:\n
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- सही होने का कारण: शाहजहाँ के काल में ताजमहल, लाल किला और जामा मस्जिद जैसी विश्व प्रसिद्ध इमारतों का निर्माण हुआ, जिनमें संगमरमर का व्यापक उपयोग किया गया।
- संदर्भ: उसकी वास्तुकला में फारसी, भारतीय और इस्लामी शैलियों का अद्भुत समन्वय था।
- गलत विकल्प: अकबर ने फतेहपुर सीकरी बनाया, लेकिन भव्यता और बारीकी के मामले में शाहजहाँ का काल सर्वोच्च था।
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- विजयनगर साम्राज्य के किस शासक ने ‘अमुक्तमाल्यद’ नामक ग्रंथ की रचना की थी?\n
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- हरिहर I
- बुक्का I
- कृष्णदेव राय
- अच्युत देव राय
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सही उत्तर: कृष्णदेव राय
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\nविस्तृत व्याख्या:\n
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- सही होने का कारण: कृष्णदेव राय न केवल एक महान योद्धा थे बल्कि एक विद्वान भी थे। उन्होंने तेलुगु भाषा में ‘अमुक्तमाल्यद’ की रचना की।
- संदर्भ: उनके दरबार में ‘अष्टदिग्गज’ (आठ महान कवि) रहते थे।
- गलत विकल्प: हरिहर और बुक्का साम्राज्य के संस्थापक थे, जबकि कृष्णदेव राय इसके चरमोत्कर्ष के शासक थे।
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- शिवाजी महाराज द्वारा स्थापित ‘अष्टप्रधान’ परिषद का क्या कार्य था?\n
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- केवल सैन्य रणनीति बनाना
- प्रशासनिक कार्यों का समन्वय और शासन में सहायता करना
- विदेशी राजदूतों का स्वागत करना
- केवल कर संग्रहण करना
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सही उत्तर: प्रशासनिक कार्यों का समन्वय और शासन में सहायता करना
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\nविस्तृत व्याख्या:\n
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- सही होने का कारण: अष्टप्रधान आठ मंत्रियों की एक परिषद थी, जिसमें पेशवा (प्रधानमंत्री), अमात्य (वित्त मंत्री) आदि शामिल थे, जो शासन के विभिन्न अंगों का संचालन करते थे।
- संदर्भ: यह व्यवस्था शासन में विकेंद्रीकरण और दक्षता लाने के लिए बनाई गई थी।
- गलत विकल्प: अष्टप्रधान केवल एक कार्य तक सीमित नहीं थे, बल्कि वे पूर्ण प्रशासनिक ढांचा थे।
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- 1857 के विद्रोह का तात्कालिक कारण क्या था?\n
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- सती प्रथा का उन्मूलन
- एनफील्ड राइफल के कारतूसों में चर्बी का उपयोग
- डालहौजी की हड़प नीति (Doctrine of Lapse)
- भारतीयों पर भारी कर लगाना
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सही उत्तर: एनफील्ड राइफल के कारतूसों में चर्बी का उपयोग
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\nविस्तृत व्याख्या:\n
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- सही होने का कारण: सैनिकों के बीच यह खबर फैल गई कि नए कारतूसों के खोल पर गाय और सूअर की चर्बी लगी है, जिससे हिंदू और मुस्लिम दोनों सैनिकों की धार्मिक भावनाएं आहत हुईं।
- संदर्भ: इसी घटना ने मंगल पांडे के विद्रोह और फिर व्यापक जन-विद्रोह का रूप ले लिया।
- गलत विकल्प: हड़प नीति एक दीर्घकालिक कारण था, लेकिन तात्कालिक कारण कारतूसों वाला विवाद था।
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- ‘सत्यशोधक समाज’ की स्थापना किसने की थी?\n
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- बी.आर. अंबेडकर
- ज्योतिराव फुले
- ई.वी. रामास्वामी नायकर
- स्वामी दयानंद सरस्वती
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सही उत्तर: ज्योतिराव फुले
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\nविस्तृत व्याख्या:\n
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- सही होने का कारण: ज्योतिराव फुले ने 1873 में महाराष्ट्र में निम्न जातियों और महिलाओं को शिक्षा प्रदान करने तथा उन्हें सामाजिक शोषण से मुक्त कराने के लिए सत्यशोधक समाज की स्थापना की।
- संदर्भ: उन्होंने ‘गुलामगिरी’ नामक प्रसिद्ध पुस्तक भी लिखी।
- गलत विकल्प: दयानंद सरस्वती ने आर्य समाज की स्थापना की थी, जबकि अंबेडकर ने बाद में दलित आंदोलन का नेतृत्व किया।
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- भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (INC) के प्रथम अधिवेशन (1885) की अध्यक्षता किसने की थी?\n
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- ए.ओ. ह्यूम
- दादाभाई नौरोजी
- डब्ल्यू. सी. बनर्जी (W. C. Bonnerjee)
- गोपाल कृष्ण गोखले
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सही उत्तर: डब्ल्यू. सी. बनर्जी (W. C. Bonnerjee)
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\nविस्तृत व्याख्या:\n
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- सही होने का कारण: दिसंबर 1885 में बंबई के गोकुलदास तेजपाल संस्कृत कॉलेज में हुए पहले सत्र की अध्यक्षता उमेश चंद्र बनर्जी ने की थी।
- संदर्भ: इस अधिवेशन में 72 प्रतिनिधियों ने भाग लिया था।
- गलत विकल्प: ए.ओ. ह्यूम कांग्रेस के संस्थापक/संगठनकर्ता थे, लेकिन अध्यक्ष नहीं।
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- 1905 के ‘बंगाल विभाजन’ के विरोध में कौन सा आंदोलन शुरू हुआ था?\n
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- असहयोग आंदोलन
- स्वदेशी आंदोलन
- भारत छोड़ो आंदोलन
- सविनय अवज्ञा आंदोलन
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सही उत्तर: स्वदेशी आंदोलन
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\nविस्तृत व्याख्या:\n
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- सही होने का कारण: लॉर्ड कर्जन द्वारा बंगाल विभाजन के निर्णय के विरोध में भारतीय लोगों ने ब्रिटिश वस्तुओं का बहिष्कार किया और स्वदेशी उत्पादों को अपनाने का संकल्प लिया।
- संदर्भ: इसने भारतीय राष्ट्रवाद को एक नई दिशा दी और आम जनता को राजनीति से जोड़ा।
- गलत विकल्प: असहयोग और सविनय अवज्ञा आंदोलन गांधीजी के नेतृत्व में बाद के वर्षों (1920 और 1930) में शुरू हुए।
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- जलियांवाला बाग हत्याकांड (1919) के समय भारत का वायसराय कौन था?\n
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- लॉर्ड इरविन
- लॉर्ड चेम्सफोर्ड
- लॉर्ड रीडिंग
- लॉर्ड कर्जन
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सही उत्तर: लॉर्ड चेम्सफोर्ड
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\nविस्तृत व्याख्या:\n
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- सही होने का कारण: 13 अप्रैल 1919 को जब जनरल डायर ने निहत्थे लोगों पर गोलियां चलवाईं, तब लॉर्ड चेम्सफोर्ड भारत के वायसराय थे।
- संदर्भ: यह घटना रौलट एक्ट के विरोध प्रदर्शनों के दौरान हुई थी।
- गलत विकल्प: लॉर्ड इरविन के समय गांधी-इरविन समझौता हुआ था और लॉर्ड कर्जन बंगाल विभाजन के लिए जाने जाते हैं।
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- महात्मा गांधी ने ‘दांडी मार्च’ (1930) की शुरुआत किस उद्देश्य से की थी?\n
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- ब्रिटिश शासन को पूरी तरह समाप्त करने के लिए
- नमक कानून को तोड़ने के लिए
- अछूत प्रथा को समाप्त करने के लिए
- भारत छोड़ो का आह्वान करने के लिए
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सही उत्तर: नमक कानून को तोड़ने के लिए
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\nविस्तृत व्याख्या:\n
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- सही होने का कारण: नमक एक बुनियादी जरूरत थी जिस पर अंग्रेजों ने एकाधिकार कर रखा था और भारी कर लगाया था। गांधीजी ने साबरमती से दांडी तक मार्च कर नमक कानून तोड़कर सविनय अवज्ञा आंदोलन शुरू किया।
- संदर्भ: यह मार्च 12 मार्च 1930 को शुरू हुआ और 6 अप्रैल को समाप्त हुआ।
- गलत विकल्प: भारत छोड़ो आंदोलन 1942 में शुरू हुआ था।
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- 1946 के ‘कैबिनेट मिशन’ (Cabinet Mission) का मुख्य उद्देश्य क्या था?\n
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- भारत को तत्काल पूर्ण स्वतंत्रता देना
- भारतीय संविधान के निर्माण के लिए एक रूपरेखा तैयार करना
- भारतीय सेना का पुनर्गठन करना
- अखंड भारत का प्रस्ताव देना
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सही उत्तर: भारतीय संविधान के निर्माण के लिए एक रूपरेखा तैयार करना
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\nविस्तृत व्याख्या:\n
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- सही होने का कारण: ब्रिटिश सरकार ने भारत को सत्ता हस्तांतरण की प्रक्रिया शुरू करने और एक संविधान सभा (Constituent Assembly) के गठन का प्रस्ताव देने के लिए कैबिनेट मिशन भेजा था।
- संदर्भ: इसमें पैथिक लॉरेंस, स्टैफोर्ड क्रिप्स और ए.वी. अलेक्जेंडर शामिल थे।
- गलत विकल्प: मिशन ने तत्काल स्वतंत्रता के बजाय एक योजनाबद्ध हस्तांतरण और संघ का प्रस्ताव रखा था।
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- फ्रांसीसी क्रांति (1789) का मुख्य नारा क्या था?\n
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- शांति, प्रेम और भाईचारा
- स्वतंत्रता, समानता और बंधुत्व (Liberty, Equality, Fraternity)
- एक देश, एक कानून
- ईश्वर के लिए युद्ध
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सही उत्तर: स्वतंत्रता, समानता और बंधुत्व (Liberty, Equality, Fraternity)
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\nविस्तृत व्याख्या:\n
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- सही होने का कारण: फ्रांसीसी क्रांति ने निरंकुश राजशाही को समाप्त किया और लोकतंत्र के इन तीन स्तंभों को दुनिया के सामने रखा।
- संदर्भ: इस क्रांति ने ‘मानव और नागरिक अधिकारों के घोषणापत्र’ को जन्म दिया।
- गलत विकल्प: अन्य विकल्प इस क्रांति की मूल भावना को व्यक्त नहीं करते।
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- औद्योगिक क्रांति की शुरुआत सबसे पहले किस देश में हुई थी?\n
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- फ्रांस
- जर्मनी
- ब्रिटेन
- संयुक्त राज्य अमेरिका
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सही उत्तर: ब्रिटेन
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\nविस्तृत व्याख्या:\n
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- सही होने का कारण: 18वीं शताब्दी के उत्तरार्ध में ब्रिटेन में कोयले की उपलब्धता, उपनिवेशों से कच्चा माल और तकनीकी नवाचारों (जैसे स्टीम इंजन) के कारण औद्योगिक क्रांति शुरू हुई।
- संदर्भ: वस्त्र उद्योग (Textile Industry) इस क्रांति का केंद्र बिंदु था।
- गलत विकल्प: फ्रांस और अमेरिका में औद्योगिकरण बाद में शुरू हुआ।
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- 1917 की रूसी क्रांति का नेतृत्व किसने किया था?\n
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- कार्ल मार्क्स
- व्लादिमीर लेनिन
- जोसेफ स्टालिन
- ट्रॉट्स्की
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सही उत्तर: व्लादिमीर लेनिन
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\nविस्तृत व्याख्या:\n
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- सही होने का कारण: लेनिन ने बोल्शेविक पार्टी का नेतृत्व किया और अक्टूबर क्रांति के माध्यम से रूस में पहली समाजवादी सरकार की स्थापना की।
- संदर्भ: इस क्रांति ने ज़ार शासन का अंत किया और सोवियत संघ (USSR) की नींव रखी।
- गलत विकल्प: कार्ल मार्क्स ने समाजवाद का सिद्धांत दिया था, लेकिन क्रांति के समय वे जीवित नहीं थे।
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- द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान 6 जून 1944 को होने वाले ‘डी-डे’ (D-Day) लैंडिंग्स का क्या महत्व था?\n
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- यह जापान के आत्मसमर्पण की तारीख थी
- मित्र राष्ट्रों द्वारा फ्रांस के नॉर्मेंडी तट पर आक्रमण कर यूरोप को नाजी कब्जे से मुक्त करने की शुरुआत
- जर्मनी और सोवियत संघ के बीच शांति समझौता
- परल हार्बर पर हमला
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सही उत्तर: मित्र राष्ट्रों द्वारा फ्रांस के नॉर्मेंडी तट पर आक्रमण कर यूरोप को नाजी कब्जे से मुक्त करने की शुरुआत
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\nविस्तृत व्याख्या:\n
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- सही होने का कारण: ‘ऑपरेशन ओवरलॉर्ड’ के तहत मित्र देशों (अमेरिका, ब्रिटेन, कनाडा) ने नॉर्मेंडी के तटों पर बड़े पैमाने पर लैंडिंग की, जिससे पश्चिमी यूरोप में नाजी जर्मनी के खिलाफ निर्णायक मोर्चा खुला।
- संदर्भ: हाल ही में इसकी 80वीं वर्षगांठ मनाई गई, जिसने इस ऐतिहासिक घटना के महत्व को फिर से उजागर किया।
- गलत विकल्प: परल हार्बर हमला 1941 में हुआ था और जापान का आत्मसमर्पण 1945 में हुआ था।
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- हालिया पुरातात्विक शोधों के अनुसार, ‘क्लासिक माया सभ्यता’ (Classic Maya Civilization) के पतन का एक प्रमुख कारण क्या माना गया है?\n
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- विदेशी आक्रमण
- भीषण ज्वालामुखी विस्फोट
- लंबे समय तक चलने वाला सूखा (Prolonged Droughts)
- महामारी का प्रसार
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सही उत्तर: लंबे समय तक चलने वाला सूखा (Prolonged Droughts)
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\nविस्तृत व्याख्या:\n
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- सही होने का कारण: आधुनिक जलवायु-इतिहास अध्ययनों से संकेत मिले हैं कि गंभीर सूखे ने माया सभ्यता की कृषि व्यवस्था को ध्वस्त कर दिया, जिससे शहरों का पतन हुआ।
- संदर्भ: यह खोज दर्शाती है कि कैसे पर्यावरणीय परिवर्तन महान सभ्यताओं के भाग्य को बदल सकते हैं।
- गलत विकल्प: हालांकि युद्ध और राजनीतिक अस्थिरता भी कारण थे, लेकिन वर्तमान शोध ‘जलवायु परिवर्तन’ और ‘सूखे’ को सबसे प्रभावी कारण मान रहे हैं।
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