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समाजशास्त्र मास्टरक्लास: वैचारिक स्पष्टता और प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए महत्वपूर्ण अभ्यास

क्या आप अपनी समाजशास्त्रीय समझ को चुनौती देने के लिए तैयार हैं?

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यह दैनिक क्विज़ न केवल आपकी याददाश्त, बल्कि आपके विश्लेषणात्मक कौशल को भी निखारेगा। यूजीसी-नेट, यूपीएससी और अन्य राज्य लोक सेवा आयोगों की परीक्षाओं के लिए तैयार किए गए ये प्रश्न आपको समाजशास्त्र के जटिल सिद्धांतों और समकालीन मुद्दों की गहरी समझ प्रदान करेंगे। आइए, अपनी वैचारिक स्पष्टता का परीक्षण करें और सफलता की ओर एक कदम और बढ़ाएं!

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  1. एमिल दुर्खीम के अनुसार, ‘यांत्रिक एकजुटता’ (Mechanical Solidarity) की मुख्य विशेषता क्या है?\n
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    • (A) श्रम विभाजन में उच्च विशिष्टीकरण
    • \n

    • (B) पारस्परिक निर्भरता की अधिकता
    • \n

    • (C) समान विश्वास और सामूहिक चेतना
    • \n

    • (D) व्यक्तिगत भिन्नताओं का सम्मान
    • \n

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    सही उत्तर: (C) समान विश्वास और सामूहिक चेतना

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    \n विस्तृत व्याख्या: दुर्खीम ने अपनी पुस्तक ‘The Division of Labour in Society’ में बताया कि आदिम समाजों में यांत्रिक एकजुटता होती है, जहाँ लोग एक जैसे काम करते हैं और उनकी सोच व विश्वास समान होते हैं। विकल्प (A) और (B) ‘सावयवी एकजुटता’ (Organic Solidarity) की विशेषताएँ हैं, जो आधुनिक औद्योगिक समाजों में पाई जाती हैं।\n

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  2. \n\n

  3. मैक्स वेबर द्वारा प्रतिपादित ‘Verstehen’ (वरस्टहेन) शब्द का समाजशास्त्रीय अर्थ क्या है?\n
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    • (A) सांख्यिकीय डेटा का विश्लेषण
    • \n

    • (B) सामाजिक क्रियाओं की सहानुभूतिपूर्ण समझ
    • \n

    • (C) संरचनात्मक कार्यात्मक विश्लेषण
    • \n

    • (D) सामाजिक तथ्यों का वस्तुनिष्ठ माप
    • \n

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    सही उत्तर: (B) सामाजिक क्रियाओं की सहानुभूतिपूर्ण समझ

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    \n विस्तृत व्याख्या: ‘Verstehen’ एक जर्मन शब्द है जिसका अर्थ है ‘समझना’। वेबर का मानना था कि समाजशास्त्री को केवल बाहरी व्यवहार नहीं, बल्कि कर्ता (actor) के दृष्टिकोण से क्रिया के पीछे के अर्थ को समझना चाहिए। यह गुणात्मक अनुसंधान (Qualitative Research) का आधार है।\n

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  4. \n\n

  5. कार्ल मार्क्स के अनुसार, ‘अलगाव’ (Alienation) की स्थिति सबसे अधिक किसमें पाई जाती है?\n
      \n

    • (A) सामंतवादी किसान
    • \n

    • (B) पूंजीवादी समाज का श्रमिक
    • \n

    • (C) पारंपरिक समाज का शिल्पकार
    • \n

    • (D) राज्य का नौकरशाह
    • \n

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    सही उत्तर: (B) पूंजीवादी समाज का श्रमिक

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    \n विस्तृत व्याख्या: मार्क्स के अनुसार, पूंजीवाद में श्रमिक अपने उत्पाद, उत्पादन की प्रक्रिया, अपने साथी श्रमिकों और स्वयं से अलग हो जाता है। यह अलगाव उत्पादन के साधनों पर निजी स्वामित्व के कारण होता है।\n

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  6. \n\n

  7. टैलकॉट पार्सन्स के AGIL मॉडल में ‘L’ (Latency) का क्या अर्थ है?\n
      \n

    • (A) लक्ष्य प्राप्ति (Goal Attainment)
    • \n

    • (B) अनुकूलन (Adaptation)
    • \n

    • (C) पैटर्न का रखरखाव (Pattern Maintenance)
    • \n

    • (D) एकीकरण (Integration)
    • \n

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    सही उत्तर: (C) पैटर्न का रखरखाव (Pattern Maintenance)

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    \n विस्तृत व्याख्या: पार्सन्स का AGIL मॉडल किसी भी सामाजिक प्रणाली के अस्तित्व के लिए चार अनिवार्य कार्यों को बताता है: Adaptation (अर्थव्यवस्था), Goal Attainment (राजनीति), Integration (कानून/धर्म), और Latency (परिवार/शिक्षा)। Latency का कार्य सांस्कृतिक मूल्यों को बनाए रखना है।\n

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  8. \n\n

  9. रॉबर्ट के. मर्टन ने ‘प्रकट कार्य’ (Manifest Function) और ‘अंतर्निहित कार्य’ (Latent Function) के बीच क्या अंतर बताया है?\n
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    • (A) एक सकारात्मक है, दूसरा नकारात्मक
    • \n

    • (B) एक इच्छित परिणाम है, दूसरा अनपेक्षित परिणाम
    • \n

    • (C) एक व्यक्तिगत है, दूसरा सामूहिक
    • \n

    • (D) एक स्थायी है, दूसरा अस्थायी
    • \n

    \n

    सही उत्तर: (B) एक इच्छित परिणाम है, दूसरा अनपेक्षित परिणाम

    \n

    \n विस्तृत व्याख्या: प्रकट कार्य वे परिणाम हैं जिनके लिए किसी संस्था को बनाया गया है (जैसे स्कूल का कार्य शिक्षा देना), जबकि अंतर्निहित कार्य वे परिणाम हैं जो अनजाने में होते हैं (जैसे स्कूल में सामाजिक नेटवर्क बनना)।\n

    \n

  10. \n\n \n

  11. ‘एनोमी’ (Anomie) की अवधारणा का उपयोग करते हुए, दुर्खीम ने इसे किस रूप में परिभाषित किया है?\n
      \n

    • (A) सामाजिक वर्गों के बीच संघर्ष
    • \n

    • (B) मानदंडों की शून्यता या विखंडन की स्थिति
    • \n

    • (C) सामाजिक गतिशीलता की कमी
    • \n

    • (D) सांस्कृतिक पिछड़ापन
    • \n

    \n

    सही उत्तर: (B) मानदंडों की शून्यता या विखंडन की स्थिति

    \n

    \n विस्तृत व्याख्या: दुर्खीम के अनुसार, जब समाज में तीव्र परिवर्तन आता है, तो पुराने मानदंड काम नहीं करते और नए विकसित नहीं होते, जिससे व्यक्ति दिशाहीन महसूस करता है। इसे ही ‘एनोमी’ कहा गया है।\n

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  12. \n\n

  13. मैक्स वेबर के अनुसार, सामाजिक स्तरीकरण के तीन आयाम कौन से हैं?\n
      \n

    • (A) जाति, धर्म और भाषा
    • \n

    • (B) वर्ग, स्थिति और शक्ति (पार्टी)
    • \n

    • (C) शिक्षा, आय और व्यवसाय
    • \n

    • (D) लिंग, आयु और नस्ल
    • \n

    \n

    सही उत्तर: (B) वर्ग, स्थिति और शक्ति (पार्टी)

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    \n विस्तृत व्याख्या: वेबर ने मार्क्स के केवल आर्थिक आधार (वर्ग) को चुनौती दी और तर्क दिया कि सामाजिक प्रतिष्ठा (Status) और राजनीतिक प्रभाव (Power/Party) भी स्तरीकरण के महत्वपूर्ण कारक हैं।\n

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  14. \n\n

  15. ‘लुकिंग ग्लास सेल्फ’ (Looking Glass Self) की अवधारणा किसने दी थी?\n
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    • (A) जॉर्ज हर्बर्ट मीड
    • \n

    • (B) चार्ल्स कूले
    • \n

    • (C) हर्बर्ट ब्लूमर
    • \n

    • (D) इरविंग गोफमैन
    • \n

    \n

    सही उत्तर: (B) चार्ल्स कूले

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    \n विस्तृत व्याख्या: कूले का मानना था कि हमारा ‘स्व’ (Self) समाज के दर्पण में अपनी छवि को देखकर बनता है। हम यह कल्पना करते हैं कि दूसरे हमारे बारे में क्या सोचते हैं, और उसी के आधार पर अपनी पहचान बनाते हैं।\n

    \n

  16. \n\n

  17. ‘प्रतीकात्मक अंतःक्रियावाद’ (Symbolic Interactionism) का मुख्य केंद्र क्या है?\n
      \n

    • (A) वृहत सामाजिक संरचनाएँ
    • \n

    • (B) सूक्ष्म स्तर पर अर्थ और प्रतीकों का आदान-प्रदान
    • \n

    • (C) आर्थिक उत्पादन के साधन
    • \n

    • (D) जैविक विकास और समाज
    • \n

    \n

    सही उत्तर: (B) सूक्ष्म स्तर पर अर्थ और प्रतीकों का आदान-प्रदान

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    \n विस्तृत व्याख्या: यह सिद्धांत (जिसमें ब्लूमर और मीड प्रमुख हैं) इस बात पर जोर देता है कि मनुष्य वस्तुओं और घटनाओं को उनके द्वारा दिए गए ‘अर्थ’ के आधार पर प्रतिक्रिया देता है, न कि वस्तु के वास्तविक स्वरूप के आधार पर।\n

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  18. \n\n

  19. सामाजिक गतिशीलता (Social Mobility) में ‘अंतःपीढ़ीगत गतिशीलता’ (Inter-generational Mobility) का अर्थ है:\n
      \n

    • (A) एक व्यक्ति के जीवनकाल में होने वाला बदलाव
    • \n

    • (B) माता-पिता की तुलना में संतान की सामाजिक स्थिति में बदलाव
    • \n

    • (C) समाज के सभी वर्गों का एक साथ ऊपर उठना
    • \n

    • (D) केवल भौगोलिक स्थान का परिवर्तन
    • \n

    \n

    सही उत्तर: (B) माता-पिता की तुलना में संतान की सामाजिक स्थिति में बदलाव

    \n

    \n विस्तृत व्याख्या: यदि एक मजदूर का बेटा डॉक्टर बनता है, तो यह अंतःपीढ़ीगत गतिशीलता है। विकल्प (A) ‘अंतः-पीढ़ीगत’ (Intra-generational) गतिशीलता कहलाती है।\n

    \n

  20. \n\n \n

  21. धर्म के समाजशास्त्र में ‘पवित्र’ (Sacred) और ‘अपवित्र/लौकिक’ (Profane) का अंतर किसने स्पष्ट किया था?\n
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    • (A) मैक्स वेबर
    • \n

    • (B) एमिल दुर्खीम
    • \n

    • (C) कार्ल मार्क्स
    • \n

    • (D) क्लाउड लेवी-स्ट्रॉस
    • \n

    \n

    सही उत्तर: (B) एमिल दुर्खीम

    \n

    \n विस्तृत व्याख्या: दुर्खीम के अनुसार, धर्म का आधार वस्तुओं को दो श्रेणियों—पवित्र और अपवित्र—में बांटना है। हालिया शोध (जैसे येल विश्वविद्यालय का अध्ययन) भी दिखाता है कि कैसे आधुनिक संस्कृति में भी प्रतीकों को ‘पवित्र’ मानकर उन्हें विशेष महत्व दिया जाता है।\n

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  22. \n\n

  23. ‘गुप्त पाठ्यक्रम’ (Hidden Curriculum) शब्द का संबंध किससे है?\n
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    • (A) औपचारिक पाठ्यपुस्तकों से
    • \n

    • (B) स्कूल में अनौपचारिक रूप से सीखे गए मूल्यों और व्यवहारों से
    • \n

    • (C) केवल तकनीकी शिक्षा से
    • \n

    • (D) शिक्षकों के वेतन निर्धारण से
    • \n

    \n

    सही उत्तर: (B) स्कूल में अनौपचारिक रूप से सीखे गए मूल्यों और व्यवहारों से

    \n

    \n विस्तृत व्याख्या: गुप्त पाठ्यक्रम वह शिक्षा है जो लिखित पाठ्यक्रम का हिस्सा नहीं होती, लेकिन छात्र स्कूल के वातावरण, अनुशासन और सामाजिक संबंधों के माध्यम से सीखते हैं (जैसे आज्ञाकारिता और समय की पाबंदी)।\n

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  24. \n\n

  25. एक ऐसी विवाह प्रणाली जिसमें एक पुरुष एक से अधिक पत्नियों से विवाह करता है, क्या कहलाती है?\n
      \n

    • (A) बहुपति विवाह (Polyandry)
    • \n

    • (B) बहुपत्नी विवाह (Polygyny)
    • \n

    • (C) एकपत्नी विवाह (Monogamy)
    • \n

    • (D) अंतर्विवाह (Endogamy)
    • \n

    \n

    सही उत्तर: (B) बहुपत्नी विवाह (Polygyny)

    \n

    \n विस्तृत व्याख्या: Polygyny (बहुपत्नी विवाह) में एक पति और कई पत्नियाँ होती हैं। Polyandry (बहुपति विवाह) में एक पत्नी और कई पति होते हैं।\n

    \n

  26. \n\n

  27. मैक्स वेबर के अनुसार, ‘करिश्माई सत्ता’ (Charismatic Authority) का आधार क्या है?\n
      \n

    • (A) लिखित कानून और संविधान
    • \n

    • (B) वंशानुगत परंपराएँ
    • \n

    • (C) नेता के असाधारण व्यक्तिगत गुण
    • \n

    • (D) आर्थिक शक्ति
    • \n

    \n

    सही उत्तर: (C) नेता के असाधारण व्यक्तिगत गुण

    \n

    \n विस्तृत व्याख्या: वेबर ने सत्ता के तीन प्रकार बताए: पारंपरिक (परंपरा), कानूनी-तर्कसंगत (संविधान), और करिश्माई (व्यक्तित्व)। करिश्माई सत्ता किसी व्यक्ति की विशेष क्षमताओं या ‘जादू’ के प्रति विश्वास पर टिकी होती है।\n

    \n

  28. \n\n

  29. ‘कुल’ (Clan) और ‘वंश’ (Lineage) में मुख्य अंतर क्या है?\n
      \n

    • (A) कुल में पूर्वज ज्ञात होते हैं, वंश में अज्ञात
    • \n

    • (B) वंश में पूर्वज ज्ञात होते हैं, कुल में एक साझा काल्पनिक पूर्वज हो सकता है
    • \n

    • (C) कुल केवल शहरी क्षेत्रों में पाया जाता है
    • \n

    • (D) दोनों एक ही हैं, कोई अंतर नहीं है
    • \n

    \n

    सही उत्तर: (B) वंश में पूर्वज ज्ञात होते हैं, कुल में एक साझा काल्पनिक पूर्वज हो सकता है

    \n

    \n विस्तृत व्याख्या: वंश (Lineage) एक ऐसा समूह है जिसके सदस्य अपने पूर्वजों का नाम और संबंध सटीक रूप से बता सकते हैं। कुल (Clan) बड़ा समूह होता है जहाँ पूर्वज अक्सर पौराणिक या अज्ञात होते हैं।\n

    \n

  30. \n\n \n

  31. ‘प्रतिभागी अवलोकन’ (Participant Observation) किस प्रकार की शोध विधि है?\n
      \n

    • (A) मात्रात्मक (Quantitative)
    • \n

    • (B) गुणात्मक (Qualitative)
    • \n

    • (C) प्रयोगात्मक (Experimental)
    • \n

    • (D) सांख्यिकीय (Statistical)
    • \n

    \n

    सही उत्तर: (B) गुणात्मक (Qualitative)

    \n

    \n विस्तृत व्याख्या: इसमें शोधकर्ता अध्ययन समूह का हिस्सा बनकर उनके जीवन का अनुभव करता है। यह गहराई से समझने (Deep Insight) के लिए उपयोग किया जाता है, न कि संख्यात्मक गणना के लिए।\n

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  32. \n\n

  33. सामाजिक अनुसंधान में ‘विश्वसनीयता’ (Reliability) का क्या अर्थ है?\n
      \n

    • (A) डेटा का पूर्णतः सत्य होना
    • \n

    • (B) समान परिस्थितियों में वही परिणाम दोबारा प्राप्त करना
    • \n

    • (C) केवल विशेषज्ञों द्वारा डेटा का सत्यापन
    • \n

    • (D) शोधकर्ता की व्यक्तिगत राय
    • \n

    \n

    सही उत्तर: (B) समान परिस्थितियों में वही परिणाम दोबारा प्राप्त करना

    \n

    \n विस्तृत व्याख्या: विश्वसनीयता का अर्थ है स्थिरता (Consistency)। यदि कोई शोध अलग-अलग समय पर या अलग शोधकर्ताओं द्वारा दोहराया जाए और परिणाम समान आएं, तो वह विश्वसनीय है।\n

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  34. \n\n

  35. ‘एथनोग्राफी’ (Ethnography) का मुख्य उद्देश्य क्या है?\n
      \n

    • (A) जनगणना डेटा का विश्लेषण करना
    • \n

    • (B) किसी विशिष्ट संस्कृति या समुदाय का विस्तृत वर्णन करना
    • \n

    • (C) प्रयोगशाला में मानव व्यवहार का परीक्षण करना
    • \n

    • (D) सर्वेक्षण के माध्यम से राय जानना
    • \n

    \n

    सही उत्तर: (B) किसी विशिष्ट संस्कृति या समुदाय का विस्तृत वर्णन करना

    \n

    \n विस्तृत व्याख्या: एथनोग्राफी में शोधकर्ता लंबे समय तक किसी समुदाय के साथ रहकर उनकी जीवनशैली, रीति-रिवाजों और सामाजिक संरचना का अध्ययन करता है।\n

    \n

  36. \n\n \n

  37. एम.एन. श्रीनिवास द्वारा प्रतिपादित ‘संस्कृतिकरण’ (Sanskritization) की प्रक्रिया क्या है?\n
      \n

    • (A) उच्च जातियों का निम्न जातियों के रीति-रिवाजों को अपनाना
    • \n

    • (B) निम्न जातियों का उच्च जातियों के रीति-रिवाजों और जीवनशैली को अपनाना
    • \n

    • (C) जातियों का पूरी तरह समाप्त हो जाना
    • \n

    • (D) केवल संस्कृत भाषा का सीखना
    • \n

    \n

    सही उत्तर: (B) निम्न जातियों का उच्च जातियों के रीति-रिवाजों और जीवनशैली को अपनाना

    \n

    \n विस्तृत व्याख्या: श्रीनिवास के अनुसार, यह एक ऐसी प्रक्रिया है जिसमें निम्न जातियां अपनी सामाजिक स्थिति ऊपर उठाने के लिए उच्च जातियों (विशेषकर ब्राह्मणों) के रीति-रिवाजों, शाकाहार और कर्मकांडों को अपनाती हैं।\n

    \n

  38. \n\n

  39. ‘प्रभावी जाति’ (Dominant Caste) की अवधारणा के लिए कौन सी शर्त आवश्यक है?\n
      \n

    • (A) केवल उच्च अनुष्ठानिक स्थिति (Ritual Status)
    • \n

    • (B) भूमि का स्वामित्व, संख्यात्मक बल और राजनीतिक शक्ति
    • \n

    • (C) केवल उच्च शिक्षा और आधुनिकता
    • \n

    • (D) केवल धार्मिक नेतृत्व
    • \n

    \n

    सही उत्तर: (B) भूमि का स्वामित्व, संख्यात्मक बल और राजनीतिक शक्ति

    \n

    \n विस्तृत व्याख्या: एम.एन. श्रीनिवास के अनुसार, प्रभावी जाति वह होती है जिसके पास गांव में जमीन का बड़ा हिस्सा हो, जनसंख्या में उसकी संख्या अधिक हो और स्थानीय राजनीति में उसका प्रभाव हो।\n

    \n

  40. \n\n

  41. जी.एस. घुर्ये ने जाति व्यवस्था की किन विशेषताओं पर जोर दिया था?\n
      \n

    • (A) केवल आर्थिक असमानता
    • \n

    • (B) श्रेणीबद्ध असमानता, अंतर्विवाह और शुद्धता-अशुद्धता का विचार
    • \n

    • (C) केवल आधुनिक शहरीकरण
    • \n

    • (D) केवल जनजातीय प्रभाव
    • \n

    \n

    सही उत्तर: (B) श्रेणीबद्ध असमानता, अंतर्विवाह और शुद्धता-अशुद्धता का विचार

    \n

    \n विस्तृत व्याख्या: घुर्ये ने जाति को एक जटिल संस्था माना जिसमें पदानुक्रम (Hierarchy), जन्म आधारित सदस्यता और सामाजिक दूरी (शुद्धता/अशुद्धता) मुख्य तत्व थे।\n

    \n

  42. \n\n

  43. समकालीन भारतीय समाज में ‘डिजिटल जाति व्यवस्था’ (Digital Caste System) से क्या तात्पर्य है?\n
      \n

    • (A) कंप्यूटर चलाना सीखने वाली जातियों का समूह
    • \n

    • (B) इंटरनेट और तकनीकी संसाधनों तक पहुंच में मौजूद सामाजिक असमानता
    • \n

    • (C) सोशल मीडिया पर जाति आधारित समूह बनाना
    • \n

    • (D) ऑनलाइन जाति प्रमाण पत्र प्राप्त करना
    • \n

    \n

    सही उत्तर: (B) इंटरनेट और तकनीकी संसाधनों तक पहुंच में मौजूद सामाजिक असमानता

    \n

    \n विस्तृत व्याख्या: यह एक समकालीन मुद्दा है जहाँ पारंपरिक सामाजिक असमानताएं डिजिटल युग में भी जारी हैं। संसाधनों (स्मार्टफोन, डेटा, शिक्षा) तक पहुंच में वर्ग और जाति आधारित अंतर ‘डिजिटल डिवाइड’ पैदा करते हैं।\n

    \n

  44. \n\n

  45. भारतीय समाजशास्त्र में ‘गांव का अध्ययन’ (Village Studies) के दौर में किस दृष्टिकोण की प्रधानता थी?\n
      \n

    • (A) केवल पुस्तकीय ज्ञान (Book View)
    • \n

    • (B) क्षेत्र कार्य आधारित दृष्टिकोण (Field View)
    • \n

    • (C) केवल शहरी दृष्टिकोण
    • \n

    • (D) केवल विदेशी दृष्टिकोण
    • \n

    \n

    सही उत्तर: (B) क्षेत्र कार्य आधारित दृष्टिकोण (Field View)

    \n

    \n विस्तृत व्याख्या: एम.एन. श्रीनिवास जैसे विचारकों ने ‘Book View’ (ग्रंथों के आधार पर समाज को समझना) के बजाय ‘Field View’ (सीधे गांव जाकर अध्ययन करना) को बढ़ावा दिया ताकि वास्तविक सामाजिक सच्चाई सामने आ सके।\n

    \n

  46. \n\n \n

  47. लुई विर्थ (Louis Wirth) के अनुसार, ‘शहरीकरण’ (Urbanism) की तीन मुख्य विशेषताएं क्या हैं?\n
      \n

    • (A) गरीबी, प्रदूषण और भीड़
    • \n

    • (B) आकार, घनत्व और विषमता (Size, Density, Heterogeneity)
    • \n

    • (C) धर्म, राजनीति और शिक्षा
    • \n

    • (D) कृषि, उद्योग और व्यापार
    • \n

    \n

    सही उत्तर: (B) आकार, घनत्व और विषमता (Size, Density, Heterogeneity)

    \n

    \n विस्तृत व्याख्या: विर्थ ने तर्क दिया कि शहर की बड़ी जनसंख्या (Size), लोगों का पास-पास रहना (Density) और विभिन्न पृष्ठभूमि के लोगों का मिश्रण (Heterogeneity) सामाजिक संबंधों को औपचारिक और सतही बना देता है।\n

    \n

  48. \n\n

  49. ‘ग्रामीण-शहरी सातत्य’ (Rural-Urban Continuum) का क्या अर्थ है?\n
      \n

    • (A) गांव और शहर के बीच एक स्पष्ट दीवार होना
    • \n

    • (B) ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के बीच एक क्रमिक परिवर्तन, न कि अचानक बदलाव
    • \n

    • (C) केवल गांवों का शहरों में बदलना
    • \n

    • (D) शहरों का गांवों की ओर पलायन करना
    • \n

    \n

    सही उत्तर: (B) ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के बीच एक क्रमिक परिवर्तन, न कि अचानक बदलाव

    \n

    \n विस्तृत व्याख्या: यह अवधारणा बताती है कि ग्रामीण और शहरी समाज दो अलग-अलग दुनिया नहीं हैं, बल्कि उनके बीच एक ग्रेडिएंट (Continuum) होता है जिसमें अर्ध-शहरी (Semi-urban) क्षेत्र आते हैं।\n

    \n

  50. \n

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टिप: अपनी तैयारी को मजबूत करने के लिए इन अवधारणाओं को समकालीन उदाहरणों से जोड़कर पढ़ें। यदि आपको किसी प्रश्न में संदेह है, तो समाजशास्त्रीय शब्दकोश या मानक पाठ्यपुस्तकों का संदर्भ लें।

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