परिचय
प्रिय उम्मीदवारों, क्या आप पृथ्वी के रहस्यों को जानने और दुनिया के मानचित्रों को समझने के लिए तैयार हैं? हमारे ‘भूगोल विशेषज्ञ’ ‘द जियो-एक्सप्लोरर’ द्वारा तैयार किए गए इस विशेष दैनिक अभ्यास सेट के साथ अपनी भौगोलिक बुद्धिमत्ता का परीक्षण करें। यह सेट आपको भौतिक प्रक्रियाओं से लेकर भारतीय और विश्व भूगोल तक, विभिन्न पहलुओं पर चुनौती देगा, जिससे आपकी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी को एक नई दिशा मिलेगी। आइए, इस अन्वेषण यात्रा पर निकलें और अपने ज्ञान की गहराई मापें!
भूगोल अभ्यास प्रश्न
-
प्रश्न 1: नदियों और महासागरों में “मृत क्षेत्र” (Dead Zones) के निर्माण का प्राथमिक कारण क्या है?
- अत्यधिक लवणीयता
- यूट्रोफिकेशन (पोषक तत्वों का अत्यधिक संवर्धन) और तापमान वृद्धि
- गहरे समुद्र में ज्वालामुखी गतिविधि
- सुनामी जैसी प्राकृतिक आपदाएँ
सही उत्तर: B
विस्तृत व्याख्या: “मृत क्षेत्र” वे समुद्री या जलीय क्षेत्र होते हैं जहाँ ऑक्सीजन का स्तर इतना कम हो जाता है कि अधिकांश जलीय जीवन (मछलियाँ, केकड़े, आदि) जीवित नहीं रह पाते। इसका प्राथमिक कारण ‘यूट्रोफिकेशन’ है, जिसमें कृषि अपवाह (नाइट्रोजन और फास्फोरस जैसे पोषक तत्व) और सीवेज के कारण शैवाल (Algae) की अत्यधिक वृद्धि होती है। जब ये शैवाल मर जाते हैं और विघटित होते हैं, तो वे पानी में मौजूद ऑक्सीजन का उपभोग कर लेते हैं, जिससे हाइपोक्सिया (कम ऑक्सीजन) या एनोक्सिया (ऑक्सीजन रहित) की स्थिति उत्पन्न होती है। हाल के समाचार डेटा में भी नदियों में निम्न ऑक्सीजन स्तर का उल्लेख किया गया है, जो बढ़ते तापमान और पोषक तत्वों के अपवाह से जुड़ा है। अत्यधिक लवणीयता (A) कुछ क्षेत्रों में हो सकती है लेकिन सीधे मृत क्षेत्रों का कारण नहीं है। गहरे समुद्र में ज्वालामुखी गतिविधि (C) हाइड्रोथर्मल वेंट बनाती है जो विशिष्ट पारिस्थितिक तंत्रों का समर्थन करती है, न कि मृत क्षेत्रों का। सुनामी (D) एक अल्पकालिक घटना है जो जलीय जीवन को नष्ट कर सकती है लेकिन स्थायी मृत क्षेत्रों का निर्माण नहीं करती।
-
प्रश्न 2: हाल ही में अटलांटिक द्वीप के नीचे ‘गुप्त’ मैग्मा वृद्धि के कारण हजारों उथले भूकंप दर्ज किए गए। यह किस प्रकार की भौगोलिक घटना का संकेत है?
- प्लेट विवर्तनिकी द्वारा निर्मित भ्रंश (Faulting)
- सक्रिय ज्वालामुखी गतिविधि और मैग्मा कक्ष का विस्तार
- समुद्री खाई का निर्माण
- ग्लेशियरों का तेजी से पिघलना
सही उत्तर: B
विस्तृत व्याख्या: उथले भूकंपों की एक श्रृंखला, खासकर जब वे किसी द्वीप के नीचे ‘गुप्त’ मैग्मा वृद्धि से जुड़े हों, तो यह सीधे तौर पर सक्रिय ज्वालामुखी गतिविधि का संकेत है। मैग्मा कक्ष के अंदर दबाव बढ़ने या मैग्मा के ऊपर की ओर बढ़ने से आसपास की चट्टानों में दरारें और हलचल होती है, जिससे भूकंप आते हैं। यह अक्सर आने वाले ज्वालामुखी विस्फोट का अग्रदूत होता है। प्लेट विवर्तनिकी द्वारा निर्मित भ्रंश (A) भी भूकंप का कारण बनता है, लेकिन मैग्मा वृद्धि का विशिष्ट उल्लेख इसे ज्वालामुखी गतिविधि से जोड़ता है। समुद्री खाई का निर्माण (C) सबडक्शन क्षेत्रों में होता है और यह मैग्मा वृद्धि से सीधे संबंधित नहीं है। ग्लेशियरों का पिघलना (D) ‘आइसोस्टैटिक’ समायोजन से भूकंप का कारण बन सकता है, लेकिन यह ‘मैग्मा वृद्धि’ से संबंधित नहीं है।
-
प्रश्न 3: दक्षिणी महासागर में सतह के गर्म होने और नमी के नुकसान में वृद्धि के वैश्विक जलवायु पर क्या प्रभाव हो सकते हैं?
- अटलांटिक मेरिडियनल ओवरटर्निंग सर्कुलेशन (AMOC) का सुदृढ़ीकरण
- वैश्विक समुद्र-स्तर वृद्धि में कमी
- महासागरीय परिसंचरण पैटर्न में व्यवधान और तटीय क्षेत्रों में अधिक बाढ़
- अंटार्कटिक हिमखंडों का तेजी से जमना
सही उत्तर: C
विस्तृत व्याख्या: दक्षिणी महासागर का गर्म होना और उससे नमी का अधिक नुकसान वैश्विक जलवायु के लिए गंभीर निहितार्थ रखता है। यह महासागरीय परिसंचरण पैटर्न, विशेष रूप से ‘अंटार्कटिक सर्कंपोलर करंट’ (ACC) और ‘अटलांटिक मेरिडियनल ओवरटर्निंग सर्कुलेशन’ (AMOC) को प्रभावित कर सकता है, जिससे समुद्री धाराओं का धीमा पड़ना या उनमें बदलाव आ सकता है। इससे तटीय क्षेत्रों में समुद्र-स्तर में वृद्धि, चरम मौसम की घटनाओं में वृद्धि और समुद्री पारिस्थितिक तंत्रों पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। AMOC का सुदृढ़ीकरण (A) के बजाय कमजोर पड़ने की संभावना है। वैश्विक समुद्र-स्तर वृद्धि में कमी (B) के बजाय वृद्धि होगी। अंटार्कटिक हिमखंडों का तेजी से जमना (D) के बजाय पिघलना अधिक संभावित परिणाम है।
-
प्रश्न 4: फरवरी 2024 में वैश्विक सतह और समुद्री सतह के तापमान में रिकॉर्ड वृद्धि का मुख्य कारण क्या माना जाता है?
- सौर विकिरण में वृद्धि
- ग्रीनहाउस गैसों के उत्सर्जन में वृद्धि और प्राकृतिक जलवायु परिवर्तनशीलता
- बड़े पैमाने पर ज्वालामुखी विस्फोट
- ओजोन परत का पतला होना
सही उत्तर: B
विस्तृत व्याख्या: हाल के वर्षों में वैश्विक तापमान में रिकॉर्ड वृद्धि का प्राथमिक कारण मानव गतिविधियों, विशेष रूप से जीवाश्म ईंधन के जलने से ग्रीनहाउस गैसों (जैसे कार्बन डाइऑक्साइड, मीथेन) के उत्सर्जन में वृद्धि है, जो वायुमंडल में गर्मी को रोकते हैं। इसके साथ ही, प्राकृतिक जलवायु परिवर्तनशीलता (जैसे ‘अल नीनो’ घटनाएँ) भी अल्पकालिक तापमान वृद्धि में योगदान कर सकती हैं। सौर विकिरण में वृद्धि (A) और बड़े पैमाने पर ज्वालामुखी विस्फोट (C) दोनों तापमान को प्रभावित कर सकते हैं, लेकिन वर्तमान रिकॉर्ड-उच्च तापमान के लिए ये प्राथमिक चालक नहीं हैं। ओजोन परत का पतला होना (D) पराबैंगनी विकिरण को प्रभावित करता है, लेकिन यह सीधे वैश्विक सतह के तापमान में वृद्धि का मुख्य कारण नहीं है।
-
प्रश्न 5: भारत में मैंग्रोव वन मुख्य रूप से किन क्षेत्रों में पाए जाते हैं?
- उच्च हिमालयी क्षेत्र
- गंगा-ब्रह्मपुत्र डेल्टा, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह
- थार मरुस्थल
- दक्कन का पठार
सही उत्तर: B
विस्तृत व्याख्या: मैंग्रोव वन तटीय खारे पानी के दलदली क्षेत्रों में उगने वाले विशेष प्रकार के पेड़ और झाड़ियाँ हैं। भारत में, ये वन मुख्य रूप से डेल्टा क्षेत्रों, ज्वारनदमुख (estuaries) और लैगून में पाए जाते हैं। सबसे बड़ा और विश्व प्रसिद्ध मैंग्रोव वन गंगा-ब्रह्मपुत्र डेल्टा में सुंदरबन है। अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, गुजरात के तट, महानदी, गोदावरी और कृष्णा नदियों के डेल्टा भी मैंग्रोव वनस्पति के लिए महत्वपूर्ण हैं। उच्च हिमालयी क्षेत्र (A) और थार मरुस्थल (C) में मैंग्रोव के लिए उपयुक्त परिस्थितियाँ नहीं हैं, जबकि दक्कन का पठार (D) आंतरिक पठारी क्षेत्र है।
-
प्रश्न 6: प्रायद्वीपीय भारत की सबसे लंबी नदी कौन सी है?
- नर्मदा
- कृष्णा
- गोदावरी
- महानदी
सही उत्तर: C
विस्तृत व्याख्या: गोदावरी नदी प्रायद्वीपीय भारत की सबसे लंबी नदी है, जिसकी कुल लंबाई लगभग 1465 किलोमीटर है। यह महाराष्ट्र में नासिक के पास त्र्यंबकेश्वर से निकलती है और बंगाल की खाड़ी में गिरती है। इसे ‘दक्षिण गंगा’ के नाम से भी जाना जाता है। नर्मदा नदी (लगभग 1312 किमी) पश्चिम की ओर बहने वाली सबसे लंबी प्रायद्वीपीय नदी है। कृष्णा (लगभग 1400 किमी) और महानदी (लगभग 858 किमी) भी महत्वपूर्ण प्रायद्वीपीय नदियाँ हैं लेकिन गोदावरी से छोटी हैं।
-
प्रश्न 7: ‘काली मिट्टी’ (Black Soil) किस फसल के लिए सर्वाधिक उपयुक्त मानी जाती है?
- चावल
- गेहूँ
- कपास
- गन्ना
सही उत्तर: C
विस्तृत व्याख्या: काली मिट्टी, जिसे ‘रेगुर मिट्टी’ भी कहा जाता है, कपास की खेती के लिए अत्यंत उपयुक्त मानी जाती है। यह दक्कन के पठार के अधिकांश हिस्सों (महाराष्ट्र, गुजरात, मध्य प्रदेश के कुछ हिस्से) में पाई जाती है। इसमें नमी धारण करने की उच्च क्षमता होती है और यह कैल्शियम कार्बोनेट, मैग्नीशियम, पोटाश और चूने से भरपूर होती है। चावल (A) के लिए जलोढ़ मिट्टी और पर्याप्त पानी की आवश्यकता होती है। गेहूँ (B) के लिए दोमट मिट्टी अच्छी होती है, जबकि गन्ना (D) के लिए भी विभिन्न प्रकार की उपजाऊ मिट्टी उपयुक्त होती है, लेकिन काली मिट्टी विशेष रूप से कपास के लिए प्रसिद्ध है।
-
प्रश्न 8: पश्चिमी घाट को यूनेस्को की विश्व धरोहर स्थल के रूप में मान्यता क्यों दी गई है?
- अपनी ऐतिहासिक इमारतों के कारण
- अद्वितीय जैव विविधता और उच्च स्थानिक प्रजातियों की उपस्थिति के कारण
- अपनी विशाल खनिज संपदा के कारण
- यह एक महत्वपूर्ण कृषि क्षेत्र है
सही उत्तर: B
विस्तृत व्याख्या: पश्चिमी घाट (Western Ghats) को 2012 में यूनेस्को की विश्व धरोहर स्थल के रूप में मान्यता दी गई थी, मुख्य रूप से इसकी असाधारण जैव विविधता के कारण। यह क्षेत्र वैश्विक जैव विविधता हॉटस्पॉट में से एक है, जहाँ पौधों और जानवरों की हजारों प्रजातियाँ पाई जाती हैं, जिनमें से कई स्थानिक (दुनिया में और कहीं नहीं पाई जातीं) हैं। इसकी पारिस्थितिकीय अखंडता और विकासवादी प्रक्रियाएं भी इसे महत्वपूर्ण बनाती हैं। ऐतिहासिक इमारतें (A) या खनिज संपदा (C) इसके विश्व धरोहर स्थल के दर्जे का प्राथमिक कारण नहीं हैं, हालांकि ये वहाँ मौजूद हो सकती हैं। यह एक महत्वपूर्ण कृषि क्षेत्र (D) होने के बावजूद, यह दर्जा जैव विविधता के लिए दिया गया है।
-
प्रश्न 9: भारत की जलवायु को प्रभावित करने वाले कारकों में से एक ‘जेट स्ट्रीम’ किस वायुमंडल परत में प्रवाहित होती है?
- क्षोभमंडल (Troposphere)
- समतापमंडल (Stratosphere)
- मेसोस्फीयर (Mesosphere)
- थर्मोस्फीयर (Thermosphere)
सही उत्तर: A
विस्तृत व्याख्या: जेट स्ट्रीम तेज़ हवाओं की संकरी बेल्ट होती हैं जो पृथ्वी के वायुमंडल में, मुख्य रूप से ‘क्षोभमंडल’ (Troposphere) के ऊपरी स्तरों में (लगभग 7 से 16 किलोमीटर की ऊँचाई पर) पश्चिम से पूर्व की ओर प्रवाहित होती हैं। ये भारत के मानसून और पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbances) को प्रभावित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। समतापमंडल (B) ओजोन परत के लिए जाना जाता है। मेसोस्फीयर (C) वह परत है जहाँ उल्कापिंड जलते हैं, और थर्मोस्फीयर (D) सबसे बाहरी परत है जहाँ अरोरा (Aurora) जैसी घटनाएँ होती हैं।
-
प्रश्न 10: ‘भाबर’ क्षेत्र भारतीय उपमहाद्वीप के किस भू-आकृतिक क्षेत्र से संबंधित है?
- तटीय मैदान
- हिमालय का गिरिपाद क्षेत्र (Footthill region)
- दक्कन का पठार
- थार मरुस्थल
सही उत्तर: B
विस्तृत व्याख्या: ‘भाबर’ क्षेत्र उत्तरी मैदानों का एक हिस्सा है और यह हिमालय के गिरिपाद क्षेत्र (शिवालिक पर्वतमाला के दक्षिण में) में स्थित है। यह संकीर्ण पट्टी (8-16 किमी चौड़ी) कंकड़ और पत्थर से बनी होती है जिसे नदियाँ पहाड़ों से नीचे लाती हैं। इस क्षेत्र में, नदियाँ अक्सर इन बड़े कंकड़ों के नीचे विलीन हो जाती हैं और सतह पर दिखाई नहीं देतीं। यह तराई क्षेत्र के उत्तर में स्थित है। तटीय मैदान (A), दक्कन का पठार (C) और थार मरुस्थल (D) अलग-अलग भू-आकृतिक क्षेत्र हैं।
-
प्रश्न 11: लोकटक झील, जो अपनी ‘फुमदी’ (floating islands) के लिए प्रसिद्ध है, किस राज्य में स्थित है?
- असम
- मेघालय
- मणिपुर
- त्रिपुरा
सही उत्तर: C
विस्तृत व्याख्या: लोकटक झील भारत के पूर्वोत्तर राज्य मणिपुर में स्थित सबसे बड़ी ताजे पानी की झील है। यह अपनी अद्वितीय ‘फुमदी’ (फुमडी या फुमशंग) के लिए प्रसिद्ध है, जो वनस्पतियों, मिट्टी और कार्बनिक पदार्थों से बने तैरते हुए द्वीप हैं। इन फुमदियों में से एक पर केयबुल लामजाओ राष्ट्रीय उद्यान स्थित है, जो दुनिया का एकमात्र तैरता हुआ राष्ट्रीय उद्यान है और लुप्तप्राय संगाई हिरण (Manipuri brow-antlered deer) का निवास स्थान है।
-
प्रश्न 12: ‘रिंग ऑफ फायर’ (Ring of Fire) किस महासागर के चारों ओर स्थित एक सक्रिय भूकंपीय और ज्वालामुखी क्षेत्र है?
- अटलांटिक महासागर
- हिंद महासागर
- प्रशांत महासागर
- आर्कटिक महासागर
सही उत्तर: C
विस्तृत व्याख्या: ‘रिंग ऑफ फायर’ प्रशांत महासागर के चारों ओर घोड़े की नाल के आकार का एक ऐसा क्षेत्र है जहाँ विश्व के अधिकांश भूकंप और ज्वालामुखी विस्फोट होते हैं। यह कई टेक्टोनिक प्लेटों के अभिसारी सीमाओं (convergent plate boundaries) पर स्थित है, जहाँ एक प्लेट दूसरी प्लेट के नीचे खिसकती (subducts) है, जिससे तीव्र भूगर्भीय गतिविधि होती है। अटलांटिक, हिंद और आर्कटिक महासागरों में भी भूकंपीय और ज्वालामुखी गतिविधि होती है, लेकिन ‘रिंग ऑफ फायर’ की विशेषता प्रशांत महासागर से है।
-
प्रश्न 13: पृथ्वी के आंतरिक भाग में किस परत में ‘गुटेनबर्ग असातत्य’ (Gutenberg Discontinuity) पाई जाती है?
- क्रस्ट और मेंटल के बीच
- मेंटल और बाहरी कोर के बीच
- बाहरी कोर और आंतरिक कोर के बीच
- क्रस्ट और बाहरी कोर के बीच
सही उत्तर: B
विस्तृत व्याख्या: गुटेनबर्ग असातत्य (जिसे ‘वेइचर्ट-गुटेनबर्ग असातत्य’ भी कहा जाता है) पृथ्वी के मेंटल (Mantle) और बाहरी कोर (Outer Core) के बीच लगभग 2900 किलोमीटर की गहराई पर स्थित एक प्रमुख भूकंपीय विच्छेदन है। इस सीमा पर, भूकंपीय तरंगों की गति में नाटकीय परिवर्तन होता है, जो इन दो परतों की विभिन्न रासायनिक संरचना और भौतिक अवस्था को दर्शाता है। क्रस्ट और मेंटल के बीच ‘मोहरोविक असातत्य’ (Moho Discontinuity) पाई जाती है, जबकि बाहरी कोर और आंतरिक कोर के बीच ‘लेहमैन असातत्य’ (Lehmann Discontinuity) होती है।
-
प्रश्न 14: ‘एल नीनो’ (El Niño) घटना का संबंध किस महासागरीय धारा से है?
- बेंगुएला धारा
- पेरू (हम्बोल्ट) धारा
- गल्फ स्ट्रीम
- कुरोशियो धारा
सही उत्तर: B
विस्तृत व्याख्या: ‘एल नीनो’ एक जलवायु पैटर्न है जो पूर्वी प्रशांत महासागर में, विशेष रूप से ‘पेरू धारा’ (जिसे हम्बोल्ट धारा भी कहा जाता है) के क्षेत्र में समुद्री सतह के तापमान में असामान्य रूप से गर्म होने का वर्णन करता है। यह भूमध्यरेखीय प्रशांत क्षेत्र में वायुमंडलीय दबाव और समुद्री तापमान में बड़े पैमाने पर बदलाव के कारण होता है, जिसे ‘एल नीनो-दक्षिणी दोलन’ (ENSO) के रूप में जाना जाता है। एल नीनो वैश्विक मौसम पैटर्न को महत्वपूर्ण रूप से प्रभावित कर सकता है। बेंगुएला धारा (A) दक्षिणी अटलांटिक में है, गल्फ स्ट्रीम (C) उत्तरी अटलांटिक में है, और कुरोशियो धारा (D) उत्तरी प्रशांत में है।
-
प्रश्न 15: ‘हेडले सेल’ (Hadley Cell) वायुमंडलीय परिसंचरण पैटर्न पृथ्वी पर किन अक्षांशों के बीच संचालित होता है?
- भूमध्य रेखा से 30° अक्षांश तक
- 30° से 60° अक्षांश तक
- 60° से ध्रुवों तक
- पूरे ग्रह पर समान रूप से
सही उत्तर: A
विस्तृत व्याख्या: ‘हेडले सेल’ वायुमंडलीय परिसंचरण का एक वैश्विक पैटर्न है जो भूमध्य रेखा से लगभग 30° उत्तरी और दक्षिणी अक्षांश तक संचालित होता है। भूमध्य रेखा के पास गर्म, नम हवा ऊपर उठती है (निम्न दबाव क्षेत्र बनाती है), ध्रुवों की ओर बढ़ती है, ठंडी होती है, और लगभग 30° अक्षांश पर नीचे उतरती है (उच्च दबाव क्षेत्र बनाती है)। यह उतरती हुई शुष्क हवा उपोष्णकटिबंधीय रेगिस्तानों के निर्माण में योगदान करती है। 30° से 60° अक्षांश तक ‘फेरल सेल’ (Ferrel Cell) और 60° से ध्रुवों तक ‘ध्रुवीय सेल’ (Polar Cell) संचालित होता है।
-
प्रश्न 16: ‘स्टैलेग्माइट’ और ‘स्टैलेक्टाइट’ स्थलाकृतियां किस प्रकार की चट्टानों में बनती हैं?
- आग्नेय चट्टानें (Igneous rocks)
- कायांतरित चट्टानें (Metamorphic rocks)
- चूना पत्थर (Limestone) जैसी अवसादी चट्टानें
- बेसाल्ट चट्टानें
सही उत्तर: C
विस्तृत व्याख्या: स्टैलेग्माइट (गुफा के फर्श से ऊपर की ओर बढ़ने वाले) और स्टैलेक्टाइट (गुफा की छत से नीचे लटकने वाले) ‘कार्स्ट स्थलाकृति’ की विशिष्ट विशेषताएं हैं। ये चूना पत्थर (Limestone) जैसी घुलनशील अवसादी चट्टानों वाली गुफाओं में बनते हैं। पानी में घुला हुआ कार्बन डाइऑक्साइड चूना पत्थर को घोलता है (एक कमजोर कार्बोनिक एसिड बनाता है)। जब यह पानी गुफा की छत से टपकता है, तो कैल्शियम कार्बोनेट धीरे-धीरे जमा होता है, जिससे ये संरचनाएँ बनती हैं। आग्नेय चट्टानें (A) और कायांतरित चट्टानें (B) आमतौर पर इस प्रक्रिया से नहीं बनतीं। बेसाल्ट चट्टानें (D) आग्नेय चट्टान का एक प्रकार हैं।
-
प्रश्न 17: किस प्रकार की वर्षा ‘ओरोग्राफिक वर्षा’ (Orographic Rainfall) कहलाती है?
- संवहनी वर्षा (Convectional rainfall)
- चक्रवाती वर्षा (Cyclonic rainfall)
- पर्वतीय अवरोध के कारण होने वाली वर्षा
- फ्रंटल वर्षा (Frontal rainfall)
सही उत्तर: C
विस्तृत व्याख्या: ‘ओरोग्राफिक वर्षा’ या पर्वतीय वर्षा तब होती है जब नम हवा का द्रव्यमान किसी पर्वत श्रृंखला से टकराता है और उसे ऊपर उठने के लिए मजबूर होना पड़ता है। जैसे-जैसे हवा ऊपर उठती है, वह ठंडी होती है, संघनित होती है और बादल बनाती है, जिसके परिणामस्वरूप पर्वत के ‘पवनमुखी’ (windward) ढलान पर वर्षा होती है। पर्वत के दूसरी ओर, ‘पवनविमुखी’ (leeward) ढलान पर ‘वृष्टि छाया क्षेत्र’ (rain-shadow area) बनता है, जहाँ कम वर्षा होती है। संवहनी वर्षा (A) गर्म सतह पर हवा के गर्म होकर ऊपर उठने से होती है। चक्रवाती वर्षा (B) कम दबाव प्रणाली (चक्रवात) से जुड़ी होती है। फ्रंटल वर्षा (D) तब होती है जब दो भिन्न तापमान वाली हवाएँ मिलती हैं।
-
प्रश्न 18: विश्व की सबसे लंबी पर्वत श्रृंखला कौन सी है?
- हिमालय
- एंडीज़
- रॉकीज़
- ग्रेट डिवाइडिंग रेंज
सही उत्तर: B
विस्तृत व्याख्या: एंडीज़ पर्वत श्रृंखला विश्व की सबसे लंबी महाद्वीपीय पर्वत श्रृंखला है, जो दक्षिण अमेरिका के पश्चिमी तट के साथ लगभग 7,000 किलोमीटर (4,300 मील) तक फैली हुई है। यह सात देशों से होकर गुजरती है: वेनेजुएला, कोलंबिया, इक्वाडोर, पेरू, बोलीविया, चिली और अर्जेंटीना। हिमालय (A) एशिया में है और सबसे ऊँची पर्वत श्रृंखला है। रॉकीज़ (C) उत्तरी अमेरिका में है, और ग्रेट डिवाइडिंग रेंज (D) ऑस्ट्रेलिया में है।
-
प्रश्न 19: ‘स्वेज नहर’ (Suez Canal) किन दो जल निकायों को जोड़ती है?
- भूमध्य सागर और अटलांटिक महासागर
- लाल सागर और हिंद महासागर
- भूमध्य सागर और लाल सागर
- काला सागर और भूमध्य सागर
सही उत्तर: C
विस्तृत व्याख्या: स्वेज नहर मिस्र में स्थित एक कृत्रिम समुद्री-स्तरीय जलमार्ग है जो ‘भूमध्य सागर’ को ‘लाल सागर’ से जोड़ता है। यह एशिया और अफ्रीका को अलग करती है और यूरोप तथा एशिया के बीच समुद्री यात्रा के लिए एक महत्वपूर्ण shortcut प्रदान करती है, जिससे अफ्रीका के चारों ओर यात्रा करने की आवश्यकता समाप्त हो जाती है। यह नहर वैश्विक व्यापार के लिए एक महत्वपूर्ण धमनी है।
-
प्रश्न 20: ‘सहारा मरुस्थल’ (Sahara Desert) किस महाद्वीप में स्थित है?
- एशिया
- उत्तरी अमेरिका
- अफ्रीका
- ऑस्ट्रेलिया
सही उत्तर: C
विस्तृत व्याख्या: सहारा मरुस्थल विश्व का सबसे बड़ा गर्म मरुस्थल है, जो उत्तरी अफ्रीका के अधिकांश भाग में फैला हुआ है। यह लगभग 9.2 मिलियन वर्ग किलोमीटर (3.6 मिलियन वर्ग मील) क्षेत्र को कवर करता है और कई उत्तरी अफ्रीकी देशों तक फैला हुआ है।
-
प्रश्न 21: ‘मिसिसिपी नदी’ किस महाद्वीप की प्रमुख नदी है?
- दक्षिण अमेरिका
- एशिया
- उत्तरी अमेरिका
- अफ्रीका
सही उत्तर: C
विस्तृत व्याख्या: मिसिसिपी नदी उत्तरी अमेरिका की दूसरी सबसे लंबी नदी है (मिसौरी नदी के बाद, लेकिन मिसिसिपी-मिसौरी-जेफरसन प्रणाली सबसे लंबी है)। यह संयुक्त राज्य अमेरिका के मध्य भाग से होकर बहती है और मेक्सिको की खाड़ी में गिरती है। यह नदी संयुक्त राज्य अमेरिका के इतिहास, अर्थव्यवस्था और संस्कृति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
-
प्रश्न 22: ‘डोवर जलडमरूमध्य’ (Strait of Dover) किन दो देशों को अलग करता है?
- स्पेन और मोरक्को
- यूनाइटेड किंगडम और फ्रांस
- इटली और ग्रीस
- डेनमार्क और स्वीडन
सही उत्तर: B
विस्तृत व्याख्या: डोवर जलडमरूमध्य इंग्लिश चैनल का सबसे संकरा हिस्सा है, जो ‘यूनाइटेड किंगडम’ और ‘फ्रांस’ को अलग करता है। यह इंग्लिश चैनल को उत्तरी सागर से जोड़ता है और वैश्विक शिपिंग के लिए सबसे व्यस्त समुद्री मार्गों में से एक है। स्पेन और मोरक्को को जिब्राल्टर जलडमरूमध्य अलग करता है।
-
प्रश्न 23: ‘अटाकामा मरुस्थल’ (Atacama Desert) किस प्रकार का मरुस्थल है और यह कहाँ स्थित है?
- ध्रुवीय मरुस्थल; अंटार्कटिका में
- गर्म कटिबंधीय मरुस्थल; अफ्रीका में
- तटीय ठंडा मरुस्थल; दक्षिण अमेरिका में
- समशीतोष्ण मरुस्थल; मध्य एशिया में
सही उत्तर: C
विस्तृत व्याख्या: अटाकामा मरुस्थल दक्षिण अमेरिका में चिली के प्रशांत तट पर स्थित एक अत्यंत शुष्क पठार है। यह दुनिया के सबसे शुष्क स्थानों में से एक है। इसकी शुष्कता का मुख्य कारण प्रशांत तट के साथ बहने वाली ठंडी ‘हम्बोल्ट धारा’ (पेरू धारा) है, जो हवा को ठंडा करती है और इसे नमी उठाने से रोकती है, जिससे यह एक ‘तटीय ठंडा मरुस्थल’ बन जाता है। साथ ही, एंडीज पर्वत पूर्व से आने वाली नमी को अवरुद्ध करते हैं (वृष्टि छाया प्रभाव)।
-
प्रश्न 24: ‘स्थानांतरी कृषि’ (Shifting Cultivation) को भारत के पूर्वोत्तर राज्यों में किस नाम से जाना जाता है?
- बेवर
- झूम कृषि
- पोडु
- कुमारी
सही उत्तर: B
विस्तृत व्याख्या: ‘स्थानांतरी कृषि’ (Shifting Cultivation) या ‘काटो और जलाओ’ कृषि, जिसमें वनस्पति को काटकर जलाया जाता है और राख को मिट्टी में मिलाकर खेती की जाती है, भारत के पूर्वोत्तर राज्यों में ‘झूम कृषि’ के नाम से जानी जाती है। यह एक पारंपरिक कृषि पद्धति है जिसमें किसान कुछ वर्षों के बाद एक स्थान से दूसरे स्थान पर चले जाते हैं। बेवर (A) और पोडु (C) मध्य भारत के कुछ हिस्सों में इसके क्षेत्रीय नाम हैं, जबकि कुमारी (D) पश्चिमी घाट में प्रयोग किया जाता है।
-
प्रश्न 25: ‘विश्व का कॉफी पोर्ट’ (Coffee Port of the World) के नाम से किस बंदरगाह को जाना जाता है?
- रियो डी जनेरियो, ब्राजील
- साओ पाउलो, ब्राजील
- सैंटोस, ब्राजील
- मार्सिले, फ्रांस
सही उत्तर: C
विस्तृत व्याख्या: ब्राजील का ‘सैंटोस बंदरगाह’ (Port of Santos) विश्व का सबसे बड़ा कॉफी निर्यात बंदरगाह है और इसे अक्सर ‘विश्व का कॉफी पोर्ट’ कहा जाता है। ब्राजील विश्व का सबसे बड़ा कॉफी उत्पादक और निर्यातक है, और सैंटोस इस व्यापार का प्रमुख केंद्र है। रियो डी जनेरियो (A) और साओ पाउलो (B) ब्राजील के अन्य महत्वपूर्ण शहर हैं, लेकिन सैंटोस कॉफी व्यापार में अग्रणी है। मार्सिले (D) फ्रांस में है और भूमध्य सागर पर एक प्रमुख बंदरगाह है, लेकिन कॉफी व्यापार से इसका विशेष संबंध नहीं है।
सफलता सिर्फ कड़ी मेहनत से नहीं, सही मार्गदर्शन से मिलती है। हमारे सभी विषयों के कम्पलीट नोट्स, G.K. बेसिक कोर्स, और करियर गाइडेंस बुक के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें।