भारतीय राजव्यवस्था: संवैधानिक ज्ञान पर आधारित उच्च-स्तरीय दैनिक क्विज़
भारत का संविधान केवल एक कानूनी दस्तावेज नहीं, बल्कि हमारे लोकतांत्रिक मूल्यों और सिद्धांतों का प्रतिबिंब है। प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता के लिए भारतीय राजव्यवस्था की गहन समझ अत्यंत आवश्यक है। यह दैनिक अभ्यास सेट आपको संवैधानिक अनुच्छेदों, ऐतिहासिक निर्णयों और शासन संरचना की अपनी समझ को परखने का अवसर प्रदान करता है। अपनी वैचारिक स्पष्टता का परीक्षण करें और अपनी तैयारी को नई ऊंचाइयों पर ले जाएं।
1. प्रश्न: भारतीय संविधान की प्रस्तावना में निहित ‘न्याय’ के आदर्श में निम्नलिखित में से कौन-सा न्याय शामिल नहीं है?
- सामाजिक न्याय
- आर्थिक न्याय
- राजनीतिक न्याय
- धार्मिक न्याय
सही उत्तर: D
विस्तृत व्याख्या: भारतीय संविधान की प्रस्तावना ‘सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक न्याय’ की बात करती है। इसमें ‘धार्मिक न्याय’ का स्पष्ट उल्लेख नहीं है, हालांकि संविधान धर्मनिरपेक्षता के सिद्धांत को बढ़ावा देता है और अनुच्छेद 25-28 धार्मिक स्वतंत्रता का अधिकार सुनिश्चित करते हैं। ‘धार्मिक न्याय’ भारतीय धर्मनिरपेक्षता के व्यापक ढांचे के भीतर निहित है, लेकिन यह प्रस्तावना में वर्णित तीन विशिष्ट प्रकार के न्याय में से नहीं है।
2. प्रश्न: संविधान सभा के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- संविधान सभा के सदस्यों का चयन प्रांतीय विधानसभाओं के सदस्यों द्वारा अप्रत्यक्ष रूप से किया गया था।
- यह 1946 के कैबिनेट मिशन योजना के तहत स्थापित की गई थी।
- महात्मा गांधी इसके सदस्य थे।
उपरोक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
- केवल 1
- केवल 1 और 2
- केवल 2 और 3
- 1, 2 और 3
सही उत्तर: B
विस्तृत व्याख्या: कथन 1 और 2 सही हैं। संविधान सभा का गठन कैबिनेट मिशन योजना, 1946 के तहत हुआ था और इसके सदस्यों का चुनाव अप्रत्यक्ष रूप से प्रांतीय विधानसभाओं के सदस्यों द्वारा किया गया था। कथन 3 गलत है क्योंकि महात्मा गांधी संविधान सभा के सदस्य नहीं थे, हालांकि उन्होंने इसके गठन और उद्देश्यों को प्रभावित किया था।
3. प्रश्न: भारतीय संविधान के निम्नलिखित में से किस अनुच्छेद में ‘विधि के समक्ष समानता’ और ‘विधियों के समान संरक्षण’ का सिद्धांत निहित है?
- अनुच्छेद 13
- अनुच्छेद 14
- अनुच्छेद 15
- अनुच्छेद 16
सही उत्तर: B
विस्तृत व्याख्या: अनुच्छेद 14 यह प्रावधान करता है कि “राज्य भारत के राज्यक्षेत्र में किसी व्यक्ति को विधि के समक्ष समानता से या विधियों के समान संरक्षण से वंचित नहीं करेगा।” ‘विधि के समक्ष समानता’ ब्रिटिश अवधारणा है जिसका अर्थ है कोई भी व्यक्ति कानून से ऊपर नहीं है, जबकि ‘विधियों के समान संरक्षण’ अमेरिकी अवधारणा है जो समान परिस्थितियों वाले लोगों के साथ समान व्यवहार सुनिश्चित करती है। अनुच्छेद 13 न्यायिक समीक्षा से संबंधित है, अनुच्छेद 15 धर्म, मूलवंश, जाति, लिंग या जन्मस्थान के आधार पर भेदभाव के निषेध से संबंधित है, और अनुच्छेद 16 सार्वजनिक रोजगार के मामलों में अवसर की समानता से संबंधित है।
4. प्रश्न: भारतीय संविधान में राज्य के नीति निदेशक तत्व (DPSP) किस देश के संविधान से प्रेरित हैं?
- संयुक्त राज्य अमेरिका
- आयरलैंड
- कनाडा
- ऑस्ट्रेलिया
सही उत्तर: B
विस्तृत व्याख्या: राज्य के नीति निदेशक तत्व (DPSP) भारतीय संविधान के भाग IV में अनुच्छेद 36 से 51 तक वर्णित हैं और ये आयरलैंड के संविधान से प्रेरित हैं। इनका उद्देश्य भारत को एक कल्याणकारी राज्य बनाना है। ये गैर-न्यायसंगत (non-justiciable) हैं, लेकिन देश के शासन में मौलिक हैं।
5. प्रश्न: भारत के राष्ट्रपति के महाभियोग की प्रक्रिया का प्रावधान भारतीय संविधान के किस अनुच्छेद में किया गया है?
- अनुच्छेद 56
- अनुच्छेद 61
- अनुच्छेद 72
- अनुच्छेद 123
सही उत्तर: B
विस्तृत व्याख्या: अनुच्छेद 61 भारत के राष्ट्रपति पर महाभियोग चलाने की प्रक्रिया से संबंधित है। महाभियोग का आधार ‘संविधान का अतिक्रमण’ (violation of the Constitution) है। अनुच्छेद 56 राष्ट्रपति के पद की अवधि से संबंधित है। अनुच्छेद 72 राष्ट्रपति की क्षमादान शक्तियों से संबंधित है। अनुच्छेद 123 राष्ट्रपति की अध्यादेश जारी करने की शक्ति से संबंधित है।
6. प्रश्न: भारत में उपराष्ट्रपति के चुनाव में कौन भाग लेते हैं?
- संसद के दोनों सदनों के निर्वाचित सदस्य।
- संसद के दोनों सदनों के सभी सदस्य।
- संसद के दोनों सदनों और राज्य विधानसभाओं के सदस्य।
- संसद के दोनों सदनों, राज्य विधानसभाओं और दिल्ली तथा पुडुचेरी विधानसभाओं के निर्वाचित सदस्य।
सही उत्तर: B
विस्तृत व्याख्या: अनुच्छेद 66 के अनुसार, उपराष्ट्रपति का चुनाव संसद के दोनों सदनों (लोकसभा और राज्यसभा) के सभी सदस्यों (निर्वाचित और मनोनीत) के एक निर्वाचक मंडल द्वारा आनुपातिक प्रतिनिधित्व प्रणाली के अनुसार एकल संक्रमणीय मत द्वारा किया जाता है। राष्ट्रपति के चुनाव में केवल संसद और राज्य विधानसभाओं के निर्वाचित सदस्य भाग लेते हैं, लेकिन उपराष्ट्रपति के चुनाव में राज्य विधानसभाओं के सदस्यों की कोई भूमिका नहीं होती है।
7. प्रश्न: भारतीय संसद के सत्रों को कौन आहूत (summon) करता है और सत्रावसान (prorogue) करता है?
- प्रधानमंत्री
- लोकसभा अध्यक्ष
- भारत के राष्ट्रपति
- भारत के मुख्य न्यायाधीश
सही उत्तर: C
विस्तृत व्याख्या: भारतीय संविधान के अनुच्छेद 85 के अनुसार, भारत के राष्ट्रपति संसद के प्रत्येक सदन को समय-समय पर आहूत करते हैं, और उसका सत्रावसान करते हैं। राष्ट्रपति के पास लोकसभा को भंग करने की शक्ति भी होती है। जबकि लोकसभा अध्यक्ष सदन की बैठकों का संचालन करते हैं, सत्रों को आहूत करने और सत्रावसान करने की शक्ति राष्ट्रपति के पास है।
8. प्रश्न: धन विधेयक (Money Bill) के संबंध में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही नहीं है?
- इसे केवल लोकसभा में ही पेश किया जा सकता है।
- इसे केवल एक मंत्री द्वारा ही पेश किया जा सकता है।
- राज्यसभा धन विधेयक को अस्वीकार या संशोधित कर सकती है।
- लोकसभा अध्यक्ष का यह निर्णय अंतिम होता है कि कोई विधेयक धन विधेयक है या नहीं।
सही उत्तर: C
विस्तृत व्याख्या: कथन C सही नहीं है। राज्यसभा धन विधेयक को अस्वीकार या संशोधित नहीं कर सकती है। राज्यसभा को धन विधेयक को 14 दिनों के भीतर लोकसभा को अपनी सिफारिशों के साथ वापस भेजना होता है। लोकसभा या तो उन सिफारिशों को स्वीकार कर सकती है या अस्वीकार कर सकती है। यदि राज्यसभा 14 दिनों के भीतर विधेयक वापस नहीं करती है, तो इसे दोनों सदनों द्वारा पारित माना जाता है। अन्य सभी कथन सही हैं (अनुच्छेद 110)।
9. प्रश्न: भारतीय संविधान के किस अनुच्छेद के तहत सर्वोच्च न्यायालय एक ‘अभिलेख न्यायालय’ (Court of Record) है?
- अनुच्छेद 124
- अनुच्छेद 129
- अनुच्छेद 136
- अनुच्छेद 143
सही उत्तर: B
विस्तृत व्याख्या: अनुच्छेद 129 घोषित करता है कि सर्वोच्च न्यायालय एक ‘अभिलेख न्यायालय’ होगा और उसके पास अपनी अवमानना के लिए दंडित करने की शक्ति सहित ऐसे सभी न्यायालयों की शक्तियाँ होंगी। ‘अभिलेख न्यायालय’ होने का अर्थ है कि उसके निर्णय साक्ष्य के रूप में दर्ज किए जाते हैं और किसी भी अदालत में उन पर प्रश्न नहीं उठाया जा सकता। अनुच्छेद 124 सर्वोच्च न्यायालय की स्थापना और गठन से संबंधित है। अनुच्छेद 136 विशेष अनुमति याचिका (Special Leave Petition) से संबंधित है। अनुच्छेद 143 राष्ट्रपति की सर्वोच्च न्यायालय से परामर्श करने की शक्ति से संबंधित है।
10. प्रश्न: न्यायिक समीक्षा (Judicial Review) की शक्ति भारत में किसके पास है?
- केवल सर्वोच्च न्यायालय
- केवल उच्च न्यायालय
- सर्वोच्च न्यायालय और उच्च न्यायालय दोनों
- कोई नहीं
सही उत्तर: C
विस्तृत व्याख्या: भारत में, न्यायिक समीक्षा की शक्ति सर्वोच्च न्यायालय (अनुच्छेद 13, 32, 131-136) और उच्च न्यायालयों (अनुच्छेद 13, 226, 227) दोनों के पास है। न्यायिक समीक्षा का अर्थ है विधायिका द्वारा पारित कानूनों और कार्यपालिका द्वारा जारी आदेशों की संवैधानिकता की जांच करने की न्यायपालिका की शक्ति। यदि वे संविधान के प्रावधानों का उल्लंघन करते पाए जाते हैं, तो उन्हें अवैध घोषित किया जा सकता है।
11. प्रश्न: भारतीय संविधान का कौन-सा भाग केंद्र-राज्य संबंधों से संबंधित है?
- भाग X
- भाग XI
- भाग XII
- भाग XIII
सही उत्तर: B
विस्तृत व्याख्या: भारतीय संविधान का भाग XI (अनुच्छेद 245 से 263) केंद्र और राज्यों के बीच विधायी और प्रशासनिक संबंधों से संबंधित है। भाग XII (अनुच्छेद 264 से 300A) वित्त, संपत्ति, संविदाएं और वाद से संबंधित है, जिसमें वित्तीय केंद्र-राज्य संबंध भी शामिल हैं।
12. प्रश्न: निम्नलिखित में से कौन-सा संवैधानिक निकाय नहीं है?
- भारत का चुनाव आयोग
- संघ लोक सेवा आयोग
- नीति आयोग
- भारत के नियंत्रक और महालेखा परीक्षक
सही उत्तर: C
विस्तृत व्याख्या: नीति आयोग (National Institution for Transforming India) एक गैर-संवैधानिक (extra-constitutional) और गैर-वैधानिक (non-statutory) निकाय है जिसे 1 जनवरी, 2015 को योजना आयोग के स्थान पर स्थापित किया गया था। यह सरकार का थिंक-टैंक है। जबकि भारत का चुनाव आयोग (अनुच्छेद 324), संघ लोक सेवा आयोग (अनुच्छेद 315-323), और भारत के नियंत्रक और महालेखा परीक्षक (अनुच्छेद 148) सभी संवैधानिक निकाय हैं, जिनके प्रावधान सीधे संविधान में दिए गए हैं।
13. प्रश्न: पंचायती राज व्यवस्था को संवैधानिक दर्जा किस संशोधन अधिनियम द्वारा दिया गया था?
- 42वाँ संशोधन अधिनियम
- 44वाँ संशोधन अधिनियम
- 73वाँ संशोधन अधिनियम
- 74वाँ संशोधन अधिनियम
सही उत्तर: C
विस्तृत व्याख्या: 73वें संशोधन अधिनियम, 1992 ने पंचायती राज व्यवस्था को संवैधानिक दर्जा दिया। इसने संविधान में एक नया भाग IX और एक ग्यारहवीं अनुसूची जोड़ी, जिसमें पंचायतों के 29 कार्यात्मक विषय शामिल हैं। 74वाँ संशोधन अधिनियम शहरी स्थानीय निकायों (नगरपालिकाओं) को संवैधानिक दर्जा देने से संबंधित है।
14. प्रश्न: राष्ट्रीय आपातकाल (National Emergency) की घोषणा के संबंध में निम्नलिखित में से कौन-सा अनुच्छेद सही है?
- अनुच्छेद 352
- अनुच्छेद 356
- अनुच्छेद 360
- अनुच्छेद 365
सही उत्तर: A
विस्तृत व्याख्या: अनुच्छेद 352 राष्ट्रीय आपातकाल की घोषणा से संबंधित है, जो युद्ध, बाहरी आक्रमण या सशस्त्र विद्रोह के आधार पर लगाया जा सकता है। अनुच्छेद 356 राज्यों में संवैधानिक तंत्र की विफलता (राष्ट्रपति शासन) से संबंधित है। अनुच्छेद 360 वित्तीय आपातकाल से संबंधित है। अनुच्छेद 365 उस स्थिति से संबंधित है जब राज्य केंद्र के निर्देशों का पालन करने में विफल रहता है, जिससे राष्ट्रपति शासन लगाया जा सकता है।
15. प्रश्न: भारतीय संविधान में ‘मौलिक कर्तव्य’ किस समिति की सिफारिश पर जोड़े गए थे?
- बलवंत राय मेहता समिति
- स्वर्ण सिंह समिति
- अशोक मेहता समिति
- सरकारीया आयोग
सही उत्तर: B
विस्तृत व्याख्या: मौलिक कर्तव्यों को 42वें संशोधन अधिनियम, 1976 द्वारा स्वर्ण सिंह समिति की सिफारिश पर भारतीय संविधान के भाग IVA में अनुच्छेद 51A के तहत जोड़ा गया था। प्रारंभ में 10 मौलिक कर्तव्य थे, और बाद में 86वें संशोधन अधिनियम, 2002 द्वारा एक और कर्तव्य जोड़ा गया, जिससे कुल 11 हो गए।
16. प्रश्न: संविधान के अनुच्छेद 108 के तहत संसद के दोनों सदनों की संयुक्त बैठक की अध्यक्षता कौन करता है?
- भारत का राष्ट्रपति
- भारत का उपराष्ट्रपति
- लोकसभा अध्यक्ष
- राज्यसभा का सभापति
सही उत्तर: C
विस्तृत व्याख्या: अनुच्छेद 108 के तहत यदि किसी विधेयक पर दोनों सदनों के बीच गतिरोध होता है, तो राष्ट्रपति संयुक्त बैठक बुला सकते हैं। अनुच्छेद 118(4) के अनुसार, लोकसभा अध्यक्ष ऐसी संयुक्त बैठक की अध्यक्षता करते हैं। उनकी अनुपस्थिति में, लोकसभा के उपाध्यक्ष और यदि वे भी अनुपस्थित हों, तो राज्यसभा के उपसभापति अध्यक्षता करते हैं।
17. प्रश्न: भारतीय संविधान में ‘अवशिष्ट शक्तियाँ’ (Residuary Powers) किसे सौंपी गई हैं?
- राज्य विधानमंडल
- संसद
- भारत के राष्ट्रपति
- सर्वोच्च न्यायालय
सही उत्तर: B
विस्तृत व्याख्या: भारतीय संविधान के अनुच्छेद 248 के तहत, अवशिष्ट शक्तियाँ, यानी उन विषयों पर कानून बनाने की शक्ति जो संघ सूची, राज्य सूची या समवर्ती सूची में से किसी में भी शामिल नहीं हैं, संसद को सौंपी गई हैं। यह कनाडा के मॉडल से प्रेरित है और केंद्र सरकार को मजबूत बनाता है।
18. प्रश्न: निम्नलिखित में से कौन भारत के संविधान का संरक्षक (Guardian) है?
- भारत का राष्ट्रपति
- भारत के प्रधानमंत्री
- सर्वोच्च न्यायालय
- भारत के नियंत्रक और महालेखा परीक्षक
सही उत्तर: C
विस्तृत व्याख्या: सर्वोच्च न्यायालय को भारतीय संविधान का संरक्षक माना जाता है। यह न्यायिक समीक्षा की अपनी शक्ति के माध्यम से संविधान की सर्वोच्चता और उसके प्रावधानों की व्याख्या और रक्षा करता है। सर्वोच्च न्यायालय नागरिकों के मौलिक अधिकारों का भी संरक्षक है (अनुच्छेद 32)।
19. प्रश्न: भारत में किसी राज्य के राज्यपाल को कौन नियुक्त करता है?
- राज्य का मुख्यमंत्री
- भारत के राष्ट्रपति
- सर्वोच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश
- राज्य विधानसभा के सदस्य
सही उत्तर: B
विस्तृत व्याख्या: अनुच्छेद 155 के अनुसार, राज्य के राज्यपाल की नियुक्ति भारत के राष्ट्रपति द्वारा की जाती है। राज्यपाल केंद्र सरकार के एजेंट के रूप में कार्य करता है और साथ ही राज्य का संवैधानिक प्रमुख भी होता है।
20. प्रश्न: भारतीय संविधान के किस अनुच्छेद में अल्पसंख्यकों के हितों के संरक्षण का प्रावधान है?
- अनुच्छेद 25
- अनुच्छेद 26
- अनुच्छेद 29
- अनुच्छेद 30
सही उत्तर: C
विस्तृत व्याख्या: अनुच्छेद 29 अल्पसंख्यकों के हितों के संरक्षण का प्रावधान करता है। यह कहता है कि भारत के राज्यक्षेत्र या उसके किसी भाग के निवासी नागरिकों के किसी भी वर्ग को, जिसकी अपनी विशिष्ट भाषा, लिपि या संस्कृति है, उसे बनाए रखने का अधिकार होगा। अनुच्छेद 30 अल्पसंख्यकों को शिक्षण संस्थानों की स्थापना और प्रशासन का अधिकार देता है। अनुच्छेद 25 और 26 धार्मिक स्वतंत्रता के अधिकार से संबंधित हैं, जो सभी व्यक्तियों और धार्मिक संप्रदायों पर लागू होते हैं।
21. प्रश्न: 42वें संविधान संशोधन अधिनियम, 1976 द्वारा प्रस्तावना में कौन से शब्द जोड़े गए थे?
- गणतंत्र, लोकतांत्रिक, धर्मनिरपेक्ष
- धर्मनिरपेक्ष, समाजवादी, अखंडता
- न्याय, स्वतंत्रता, समानता
- समाजवादी, संप्रभु, बंधुत्व
सही उत्तर: B
विस्तृत व्याख्या: 42वें संविधान संशोधन अधिनियम, 1976 को ‘लघु संविधान’ के नाम से भी जाना जाता है। इस संशोधन द्वारा भारतीय संविधान की प्रस्तावना में ‘समाजवादी’ (Socialist), ‘धर्मनिरपेक्ष’ (Secular) और ‘अखंडता’ (Integrity) शब्द जोड़े गए थे।
22. प्रश्न: ‘समान कार्य के लिए समान वेतन’ भारतीय संविधान के किस भाग में उल्लिखित है?
- मौलिक अधिकार
- राज्य के नीति निदेशक तत्व
- मौलिक कर्तव्य
- प्रस्तावना
सही उत्तर: B
विस्तृत व्याख्या: ‘समान कार्य के लिए समान वेतन’ (Equal pay for equal work) का सिद्धांत भारतीय संविधान के भाग IV में राज्य के नीति निदेशक तत्वों (DPSP) के अनुच्छेद 39(d) में उल्लिखित है। यह एक सामाजिक और आर्थिक न्याय का सिद्धांत है जिसका उद्देश्य राज्य को ऐसी नीतियां बनाने के लिए निर्देशित करना है जो पुरुष और महिला दोनों के लिए समान कार्य हेतु समान वेतन सुनिश्चित करें। यह एक गैर-न्यायसंगत अधिकार है, लेकिन इसका बहुत महत्व है।
23. प्रश्न: भारत के नियंत्रक और महालेखा परीक्षक (CAG) को पद से हटाने की प्रक्रिया किसके समान है?
- भारत के महान्यायवादी
- सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश
- चुनाव आयुक्त
- राज्य के राज्यपाल
सही उत्तर: B
विस्तृत व्याख्या: भारत के नियंत्रक और महालेखा परीक्षक (CAG) को राष्ट्रपति द्वारा सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश को हटाने के समान आधारों और प्रक्रिया पर ही पद से हटाया जा सकता है। इसका अर्थ है संसद के दोनों सदनों द्वारा विशेष बहुमत से पारित एक प्रस्ताव के आधार पर। यह CAG की स्वतंत्रता सुनिश्चित करता है (अनुच्छेद 148)।
24. प्रश्न: भारतीय संविधान में ‘संसदीय विशेषाधिकार’ (Parliamentary Privileges) किस अनुच्छेद के तहत प्रदान किए गए हैं?
- अनुच्छेद 105
- अनुच्छेद 108
- अनुच्छेद 110
- अनुच्छेद 112
सही उत्तर: A
विस्तृत व्याख्या: भारतीय संविधान के अनुच्छेद 105 में संसद के सदनों, उनके सदस्यों और समितियों की शक्तियों, विशेषाधिकारों आदि का प्रावधान है। ये विशेषाधिकार सांसदों को बिना किसी भय या पक्षपात के अपने कर्तव्यों का पालन करने में सक्षम बनाते हैं। अनुच्छेद 108 संयुक्त बैठक से, अनुच्छेद 110 धन विधेयक से और अनुच्छेद 112 वार्षिक वित्तीय विवरण (बजट) से संबंधित है।
25. प्रश्न: किसी राज्य में मुख्यमंत्री सहित मंत्रिपरिषद में मंत्रियों की कुल संख्या उस राज्य की विधानसभा के सदस्यों की कुल संख्या के कितने प्रतिशत से अधिक नहीं होगी?
- 10%
- 15%
- 20%
- 25%
सही उत्तर: B
विस्तृत व्याख्या: 91वें संविधान संशोधन अधिनियम, 2003 के अनुसार, किसी राज्य में मुख्यमंत्री सहित मंत्रिपरिषद में मंत्रियों की कुल संख्या उस राज्य की विधानसभा के सदस्यों की कुल संख्या के 15% से अधिक नहीं होगी। हालांकि, किसी राज्य में मंत्रियों की संख्या 12 से कम नहीं होनी चाहिए। यह प्रावधान मंत्रिपरिषद के आकार को सीमित करने के लिए किया गया था।
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