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भारतीय राजव्यवस्था मास्टर क्लास: संवैधानिक ज्ञान की गहन परीक्षा

भारतीय राजव्यवस्था और संविधान: अपनी वैचारिक स्पष्टता का परीक्षण करें

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भारत का संविधान केवल एक कानूनी दस्तावेज नहीं है, बल्कि यह हमारे जीवंत लोकतंत्र की आत्मा और मार्गदर्शक प्रकाश है। किसी भी गंभीर प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहे उम्मीदवार के लिए संवैधानिक अनुच्छेदों और शासन ढांचे की गहरी समझ होना अनिवार्य है। यह दैनिक अभ्यास सेट विशेष रूप से आपकी विश्लेषणात्मक क्षमता को चुनौती देने और आपकी तैयारी को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए डिज़ाइन किया गया है। आइए, अपनी संवैधानिक दक्षता को परखें!

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  1. भारतीय संविधान की प्रस्तावना में ‘समाजवादी’ और ‘पंथनिरपेक्ष’ शब्द किस संवैधानिक संशोधन द्वारा जोड़े गए थे?\n
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    • (A) 44वां संशोधन अधिनियम
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    • (B) 42वां संशोधन अधिनियम
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    • (C) 73वां संशोधन अधिनियम
    • \n

    • (D) 86वां संशोधन अधिनियम
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    सही उत्तर: (B) 42वां संशोधन अधिनियम

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    \nविस्तृत व्याख्या: 42वें संविधान संशोधन अधिनियम, 1976 (जिसे ‘लघु संविधान’ भी कहा जाता है) के माध्यम से प्रस्तावना में तीन नए शब्द जोड़े गए थे: ‘समाजवादी’ (Socialist), ‘पंथनिरपेक्ष’ (Secular) और ‘अखंडता’ (Integrity)। \n\nअन्य विकल्प क्यों गलत हैं? 44वां संशोधन मुख्य रूप से 42वें संशोधन के कुछ विवादास्पद प्रावधानों को ठीक करने के लिए लाया गया था। 73वां संशोधन पंचायती राज से संबंधित है और 86वां संशोधन शिक्षा के अधिकार से संबंधित है।

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  3. निम्नलिखित में से कौन सा अनुच्छेद ‘जीवन और व्यक्तिगत स्वतंत्रता के संरक्षण’ (Right to Life and Personal Liberty) से संबंधित है?\n
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    • (A) अनुच्छेद 19
    • \n

    • (B) अनुच्छेद 20
    • \n

    • (C) अनुच्छेद 21
    • \n

    • (D) अनुच्छेद 22
    • \n

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    सही उत्तर: (C) अनुच्छेद 21

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    \nविस्तृत व्याख्या: अनुच्छेद 21 घोषित करता है कि किसी भी व्यक्ति को उसके जीवन या व्यक्तिगत स्वतंत्रता से कानून द्वारा स्थापित प्रक्रिया के बिना वंचित नहीं किया जाएगा। मेनका गांधी बनाम भारत संघ (1978) मामले में सुप्रीम कोर्ट ने इसकी व्याख्या व्यापक रूप से की और ‘कानून की उचित प्रक्रिया’ (Due Process of Law) के सिद्धांत को अपनाया।\n\nअन्य विकल्प क्यों गलत हैं? अनुच्छेद 19 अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता देता है, अनुच्छेद 20 अपराधों के लिए दोषसिद्धि के संबंध में संरक्षण देता है और अनुच्छेद 22 गिरफ्तारी और निरोध से संरक्षण प्रदान करता है।

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  5. ‘समान नागरिक संहिता’ (Uniform Civil Code) का उल्लेख संविधान के किस भाग और अनुच्छेद में किया गया है?\n
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    • (A) भाग III, अनुच्छेद 14
    • \n

    • (B) भाग IV, अनुच्छेद 44
    • \n

    • (C) भाग IV-A, अनुच्छेद 51A
    • \n

    • (D) भाग V, अनुच्छेद 72
    • \n

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    सही उत्तर: (B) भाग IV, अनुच्छेद 44

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    \nविस्तृत व्याख्या: अनुच्छेद 44 राज्य के नीति निदेशक तत्वों (DPSP) के अंतर्गत आता है, जो राज्य को निर्देश देता है कि वह भारत के पूरे क्षेत्र में नागरिकों के लिए एक समान नागरिक संहिता सुनिश्चित करने का प्रयास करे।\n\nअन्य विकल्प क्यों गलत हैं? भाग III मौलिक अधिकारों से संबंधित है, भाग IV-A मौलिक कर्तव्यों (अनुच्छेद 51A) से संबंधित है और अनुच्छेद 72 राष्ट्रपति की क्षमादान शक्ति से संबंधित है।

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  7. मौलिक कर्तव्यों को भारतीय संविधान में किस समिति की सिफारिश पर शामिल किया गया था?\n
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    • (A) वर्मा समिति
    • \n

    • (B) सरकारिया आयोग
    • \n

    • (C) स्वर्ण सिंह समिति
    • \n

    • (D) बलवंत राय मेहता समिति
    • \n

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    सही उत्तर: (C) स्वर्ण सिंह समिति

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    \nविस्तृत व्याख्या: 1976 में स्वर्ण सिंह समिति की सिफारिशों के आधार पर 42वें संशोधन अधिनियम द्वारा संविधान में ‘मौलिक कर्तव्य’ (भाग IV-A, अनुच्छेद 51A) जोड़े गए। प्रारंभ में 10 कर्तव्य थे, लेकिन 86वें संशोधन (2002) द्वारा 11वां कर्तव्य जोड़ा गया।\n\nअन्य विकल्प क्यों गलत हैं? सरकारिया आयोग केंद्र-राज्य संबंधों पर था और बलवंत राय मेहता समिति पंचायती राज व्यवस्था पर आधारित थी।

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  9. भारत के राष्ट्रपति के निर्वाचन मंडल (Electoral College) में कौन शामिल नहीं होता है?\n
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    • (A) संसद के निर्वाचित सदस्य
    • \n

    • (B) राज्यों की विधानसभाओं के निर्वाचित सदस्य
    • \n

    • (C) दिल्ली और पुदुचेरी विधानसभाओं के निर्वाचित सदस्य
    • \n

    • (D) राज्य विधान परिषदों के निर्वाचित सदस्य
    • \n

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    सही उत्तर: (D) राज्य विधान परिषदों के निर्वाचित सदस्य

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    \nविस्तृत व्याख्या: अनुच्छेद 54 के अनुसार, राष्ट्रपति के चुनाव में केवल संसद के निर्वाचित सदस्य और राज्य विधानसभाओं (तथा केंद्र शासित प्रदेश दिल्ली और पुदुचेरी) के निर्वाचित सदस्य भाग लेते हैं। विधान परिषद (Legislative Council) के सदस्य इसमें मतदान नहीं कर सकते।\n\nनोट: संसद और विधानसभाओं के ‘मनोनीत’ सदस्य भी इसमें भाग नहीं लेते हैं।

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  11. उपराष्ट्रपति का मुख्य संवैधानिक कार्य क्या है?\n
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    • (A) राज्यपालों की नियुक्ति करना
    • \n

    • (B) राज्यसभा का पदेन सभापति (Ex-officio Chairman) होना
    • \n

    • (C) सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीशों की नियुक्ति करना
    • \n

    • (D) नीति आयोग का अध्यक्ष होना
    • \n

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    सही उत्तर: (B) राज्यसभा का पदेन सभापति (Ex-officio Chairman) होना

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    \nविस्तृत व्याख्या: भारतीय संविधान के अनुच्छेद 64 के तहत, भारत का उपराष्ट्रपति राज्यसभा का पदेन सभापति होता है। वह राज्यसभा की कार्यवाही का संचालन करता है, लेकिन वह राज्यसभा का सदस्य नहीं होता।\n\nअन्य विकल्प क्यों गलत हैं? राज्यपालों की नियुक्ति राष्ट्रपति करता है, सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीशों की नियुक्ति भी राष्ट्रपति करता है और नीति आयोग का अध्यक्ष प्रधानमंत्री होता है।

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  13. संविधान के अनुच्छेद 75 के तहत, मंत्रिपरिषद सामूहिक रूप से किसके प्रति उत्तरदायी होती है?\n
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    • (A) राष्ट्रपति
    • \n

    • (B) प्रधानमंत्री
    • \n

    • (C) लोकसभा
    • \n

    • (D) संसद के दोनों सदन
    • \n

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    सही उत्तर: (C) लोकसभा

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    \nविस्तृत व्याख्या: अनुच्छेद 75(3) के अनुसार, मंत्रिपरिषद सामूहिक रूप से लोकसभा के प्रति उत्तरदायी (Collectively Responsible) होती है। इसका अर्थ है कि यदि लोकसभा में मंत्रिपरिषद के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पारित हो जाता है, तो पूरी सरकार को इस्तीफा देना पड़ता है।\n\nभ्रम निवारण: मंत्रिपरिषद राष्ट्रपति की सलाह पर नियुक्त होती है, लेकिन जवाबदेह लोकसभा को होती है।

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  15. संसद के दोनों सदनों की संयुक्त बैठक (Joint Sitting) की अध्यक्षता कौन करता है?\n
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    • (A) भारत का राष्ट्रपति
    • \n

    • (B) भारत का उपराष्ट्रपति
    • \n

    • (C) लोकसभा का अध्यक्ष (Speaker)
    • \n

    • (D) राज्यसभा का सभापति
    • \n

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    सही उत्तर: (C) लोकसभा का अध्यक्ष (Speaker)

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    \nविस्तृत व्याख्या: अनुच्छेद 108 के तहत जब किसी विधेयक पर दोनों सदनों के बीच गतिरोध होता है, तो राष्ट्रपति संयुक्त बैठक बुलाता है। हालांकि, इस बैठक की अध्यक्षता लोकसभा अध्यक्ष द्वारा की जाती है। यदि अध्यक्ष अनुपस्थित हो, तो उपाध्यक्ष और अंत में राज्यसभा का उप-सभापति अध्यक्षता करता है।\n\nमहत्वपूर्ण तथ्य: राज्यसभा का सभापति (उपराष्ट्रपति) कभी भी संयुक्त बैठक की अध्यक्षता नहीं करता है क्योंकि वह सदन का सदस्य नहीं होता।

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  17. राज्यसभा को किसी राज्य विधेयक को पारित करने के लिए निर्देश देने या केंद्र के लिए राज्य सूची के विषय पर कानून बनाने की शक्ति किस अनुच्छेद के तहत प्राप्त है?\n
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    • (A) अनुच्छेद 245
    • \n

    • (B) अनुच्छेद 249
    • \n

    • (C) अनुच्छेद 250
    • \n

    • (D) अनुच्छेद 252
    • \n

    \n

    सही उत्तर: (B) अनुच्छेद 249

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    \nविस्तृत व्याख्या: अनुच्छेद 249 के तहत, यदि राज्यसभा राष्ट्रीय हित में आवश्यक समझकर दो-तिहाई बहुमत से प्रस्ताव पारित करती है, तो संसद राज्य सूची के किसी विषय पर कानून बना सकती है। यह भारतीय संघवाद की एक विशेष विशेषता है।\n\nअन्य विकल्प: अनुच्छेद 250 आपातकाल के दौरान कानून बनाने की शक्ति देता है और अनुच्छेद 252 राज्यों की सहमति से कानून बनाने की अनुमति देता है।

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  19. सुप्रीम कोर्ट का ‘मूल क्षेत्राधिकार’ (Original Jurisdiction) किस अनुच्छेद के अंतर्गत आता है?\n
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    • (A) अनुच्छेद 131
    • \n

    • (B) अनुच्छेद 136
    • \n

    • (C) अनुच्छेद 141
    • \n

    • (D) अनुच्छेद 143
    • \n

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    सही उत्तर: (A) अनुच्छेद 131

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    \nविस्तृत व्याख्या: अनुच्छेद 131 के तहत, केंद्र और राज्यों के बीच विवादों या दो या अधिक राज्यों के बीच विवादों की सुनवाई सीधे सुप्रीम कोर्ट में होती है। इसे मूल क्षेत्राधिकार कहा जाता है क्योंकि मामला पहली बार वहीं सुना जाता है।\n\nअन्य विकल्प: अनुच्छेद 136 विशेष अवकाश याचिका (SLP) से संबंधित है और अनुच्छेद 143 राष्ट्रपति की सलाहकार शक्ति से संबंधित है।

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  21. उच्च न्यायालयों (High Courts) को रिट (Writ) जारी करने की शक्ति किस अनुच्छेद के तहत प्राप्त है?\n
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    • (A) अनुच्छेद 32
    • \n

    • (B) अनुच्छेद 226
    • \n

    • (C) अनुच्छेद 136
    • \n

    • (D) अनुच्छेद 142
    • \n

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    सही उत्तर: (B) अनुच्छेद 226

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    \nविस्तृत व्याख्या: अनुच्छेद 226 उच्च न्यायालयों को मौलिक अधिकारों के प्रवर्तन के लिए और अन्य उद्देश्यों के लिए रिट जारी करने की शक्ति देता है। ध्यान दें कि अनुच्छेद 226 का दायरा अनुच्छेद 32 (सुप्रीम कोर्ट) से अधिक विस्तृत है क्योंकि यह कानूनी अधिकारों के लिए भी रिट जारी कर सकता है।\n\nअंतर: अनुच्छेद 32 स्वयं में एक मौलिक अधिकार है, जबकि अनुच्छेद 226 एक संवैधानिक शक्ति है।

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  23. ‘मूल ढांचे का सिद्धांत’ (Basic Structure Doctrine) किस ऐतिहासिक फैसले में प्रतिपादित किया गया था?\n
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    • (A) गोलकनाथ मामला
    • \n

    • (B) केशवानंद भारती मामला
    • \n

    • (C) मिनर्वा मिल्स मामला
    • \n

    • (D) एस. आर. बोम्मई मामला
    • \n

    \n

    सही उत्तर: (B) केशवानंद भारती मामला (1973)

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    \nविस्तृत व्याख्या: 1973 के केशवानंद भारती मामले में सुप्रीम कोर्ट ने निर्णय दिया कि संसद संविधान में संशोधन तो कर सकती है, लेकिन वह इसके ‘मूल ढांचे’ (Basic Structure) को नष्ट या परिवर्तित नहीं कर सकती। यह न्यायिक समीक्षा का सबसे शक्तिशाली हथियार है।\n\nअन्य मामले: गोलकनाथ मामले में कहा गया था कि मौलिक अधिकारों को संशोधित नहीं किया जा सकता, जबकि मिनर्वा मिल्स ने मूल ढांचे के सिद्धांत को और मजबूत किया।

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  25. जीएसटी परिषद (GST Council) का गठन संविधान के किस अनुच्छेद के तहत किया गया है?\n
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    • (A) अनुच्छेद 279
    • \n

    • (B) अनुच्छेद 279A
    • \n

    • (C) अनुच्छेद 280
    • \n

    • (D) अनुच्छेद 268
    • \n

    \n

    सही उत्तर: (B) अनुच्छेद 279A

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    \nविस्तृत व्याख्या: 101वें संविधान संशोधन अधिनियम, 2016 द्वारा अनुच्छेद 279A जोड़ा गया, जिसके तहत जीएसटी परिषद का गठन किया गया। यह एक संयुक्त मंच है जहाँ केंद्र और राज्य मिलकर जीएसटी दरों और नियमों पर निर्णय लेते हैं।\n\nभ्रम निवारण: अनुच्छेद 280 वित्त आयोग (Finance Commission) से संबंधित है।

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  27. भारत के चुनाव आयोग (ECI) की नियुक्ति और कार्य किस अनुच्छेद में वर्णित हैं?\n
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    • (A) अनुच्छेद 320
    • \n

    • (B) अनुच्छेद 324
    • \n

    • (C) अनुच्छेद 326
    • \n

    • (D) अनुच्छेद 328
    • \n

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    सही उत्तर: (B) अनुच्छेद 324

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    \nविस्तृत व्याख्या: अनुच्छेद 324 चुनाव आयोग को संसद, राज्य विधानसभाओं, राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति के चुनावों के अधीक्षण, निर्देशन और नियंत्रण की शक्ति प्रदान करता है।\n\nअन्य विकल्प: अनुच्छेद 326 ‘वयस्क मताधिकार’ (Adult Suffrage) से संबंधित है।

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  29. भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) की नियुक्ति कौन करता है?\n
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    • (A) प्रधानमंत्री
    • \n

    • (B) लोकसभा अध्यक्ष
    • \n

    • (C) राष्ट्रपति
    • \n

    • (D) वित्त मंत्री
    • \n

    \n

    सही उत्तर: (C) राष्ट्रपति

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    \nविस्तृत व्याख्या: अनुच्छेद 148 के तहत, राष्ट्रपति CAG की नियुक्ति करते हैं। CAG को ‘सार्वजनिक धन का संरक्षक’ कहा जाता है। वह अपनी रिपोर्ट राष्ट्रपति को सौंपता है, जिसे फिर संसद के सामने रखा जाता है।\n\nसुरक्षा: CAG को हटाने की प्रक्रिया वही है जो सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश को हटाने की होती है।

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  31. वित्त आयोग (Finance Commission) का गठन कितने वर्षों के अंतराल पर किया जाता है?\n
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    • (A) हर 3 वर्ष में
    • \n

    • (B) हर 4 वर्ष में
    • \n

    • (C) हर 5 वर्ष में
    • \n

    • (D) राष्ट्रपति की इच्छा पर
    • \n

    \n

    सही उत्तर: (C) हर 5 वर्ष में

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    \nविस्तृत व्याख्या: अनुच्छेद 280 के अनुसार, राष्ट्रपति हर पांच साल में (या आवश्यकता पड़ने पर उससे पहले) एक वित्त आयोग का गठन करते हैं। इसका मुख्य कार्य केंद्र और राज्यों के बीच करों के वितरण की सिफारिश करना है।\n\nमहत्व: यह एक अर्ध-न्यायिक और संवैधानिक निकाय है।

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  33. संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) के सदस्यों की नियुक्ति कौन करता है?\n
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    • (A) प्रधानमंत्री
    • \n

    • (B) गृह मंत्री
    • \n

    • (C) राष्ट्रपति
    • \n

    • (D) मुख्य न्यायाधीश
    • \n

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    सही उत्तर: (C) राष्ट्रपति

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    \nविस्तृत व्याख्या: अनुच्छेद 315-323 के तहत UPSC और SPSC का प्रावधान है। सदस्यों की नियुक्ति राष्ट्रपति द्वारा की जाती है और उन्हें हटाने की शक्ति भी राष्ट्रपति के पास है (लेकिन हटाने की प्रक्रिया कठिन है)।\n\nकार्य: इसका मुख्य कार्य सिविल सेवाओं के लिए भर्ती परीक्षाएं आयोजित करना है।

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  35. नीति आयोग (NITI Aayog) के संदर्भ में कौन सा कथन सही है?\n
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    • (A) यह एक संवैधानिक निकाय है।
    • \n

    • (B) यह एक वैधानिक निकाय है।
    • \n

    • (C) यह एक कार्यकारी निकाय (Executive Body) है।
    • \n

    • (D) इसे संसद के अधिनियम द्वारा बनाया गया था।
    • \n

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    सही उत्तर: (C) यह एक कार्यकारी निकाय (Executive Body) है।

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    \nविस्तृत व्याख्या: नीति आयोग का गठन 1 जनवरी 2015 को योजना आयोग के स्थान पर एक कैबिनेट प्रस्ताव (Executive Resolution) के माध्यम से किया गया था। यह न तो संवैधानिक है और न ही वैधानिक (Statutory), क्योंकि इसे किसी कानून या संविधान के अनुच्छेद द्वारा नहीं बनाया गया।\n\nभ्रम निवारण: वैधानिक निकाय वे होते हैं जो संसद के कानून द्वारा बनते हैं (जैसे NHRC)।

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  37. 73वें संविधान संशोधन अधिनियम (1992) ने संविधान में किस नए भाग को जोड़ा?\n
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    • (A) भाग IX
    • \n

    • (B) भाग IX-A
    • \n

    • (C) भाग X
    • \n

    • (D) भाग XI
    • \n

    \n

    सही उत्तर: (A) भाग IX

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    \nविस्तृत व्याख्या: 73वें संशोधन द्वारा संविधान में भाग IX जोड़ा गया और 11वीं अनुसूची जोड़ी गई, जिससे पंचायती राज संस्थाओं (PRIs) को संवैधानिक दर्जा मिला।\n\nनोट: भाग IX-A को 74वें संशोधन द्वारा नगरपालिकाओं के लिए जोड़ा गया था।

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  39. नगरपालिकाओं को संवैधानिक दर्जा किस संशोधन अधिनियम द्वारा दिया गया?\n
      \n

    • (A) 72वां संशोधन
    • \n

    • (B) 73वां संशोधन
    • \n

    • (C) 74वां संशोधन
    • \n

    • (D) 75वां संशोधन
    • \n

    \n

    सही उत्तर: (C) 74वां संशोधन

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    \nविस्तृत व्याख्या: 74वें संविधान संशोधन अधिनियम, 1992 के माध्यम से शहरी स्थानीय निकायों (Municipalities) को संवैधानिक मान्यता दी गई और 12वीं अनुसूची जोड़ी गई।\n\nउद्देश्य: शहरी क्षेत्रों में लोकतांत्रिक विकेंद्रीकरण को बढ़ावा देना।

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    \n\n

  41. राष्ट्रीय आपातकाल (National Emergency) की घोषणा किस अनुच्छेद के तहत की जाती है?\n
      \n

    • (A) अनुच्छेद 352
    • \n

    • (B) अनुच्छेद 356
    • \n

    • (C) अनुच्छेद 360
    • \n

    • (D) अनुच्छेद 368
    • \n

    \n

    सही उत्तर: (A) अनुच्छेद 352

    \n

    \nविस्तृत व्याख्या: अनुच्छेद 352 के तहत राष्ट्रपति युद्ध, बाहरी आक्रमण या सशस्त्र विद्रोह (Armed Rebellion) के आधार पर राष्ट्रीय आपातकाल घोषित कर सकते हैं।\n\nमहत्वपूर्ण परिवर्तन: 44वें संशोधन द्वारा ‘आंतरिक अशांति’ शब्द को बदलकर ‘सशस्त्र विद्रोह’ कर दिया गया।

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  42. \n\n


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  43. ‘राष्ट्रपति शासन’ (President’s Rule) लगाने का प्रावधान किस अनुच्छेद में है?\n
      \n

    • (A) अनुच्छेद 352
    • \n

    • (B) अनुच्छेद 356
    • \n

    • (C) अनुच्छेद 360
    • \n

    • (D) अनुच्छेद 365
    • \n

    \n

    सही उत्तर: (B) अनुच्छेद 356

    \n

    \nविस्तृत व्याख्या: जब किसी राज्य की सरकार संविधान के प्रावधानों के अनुसार नहीं चल पाती, तो राज्यपाल की रिपोर्ट पर या राष्ट्रपति के स्वयं के ज्ञान पर अनुच्छेद 356 के तहत राष्ट्रपति शासन लगाया जा सकता है।\n\nचेक: एस. आर. बोम्मई मामले में सुप्रीम कोर्ट ने इसके दुरुपयोग को रोकने के लिए कड़े दिशा-निर्देश दिए थे।

    \n

  44. \n\n


    \n\n

  45. वित्तीय आपातकाल (Financial Emergency) के संबंध में कौन सा अनुच्छेद लागू होता है?\n
      \n

    • (A) अनुच्छेद 352
    • \n

    • (B) अनुच्छेद 356
    • \n

    • (C) अनुच्छेद 360
    • \n

    • (D) अनुच्छेद 364
    • \n

    \n

    सही उत्तर: (C) अनुच्छेद 360

    \n

    \nविस्तृत व्याख्या: अनुच्छेद 360 के तहत राष्ट्रपति वित्तीय आपातकाल की घोषणा कर सकते हैं यदि भारत की वित्तीय स्थिरता या साख खतरे में हो।\n\nतथ्य: भारत में अब तक एक बार भी वित्तीय आपातकाल लागू नहीं किया गया है।

    \n

  46. \n\n


    \n\n

  47. संविधान में संशोधन करने की संसद की शक्ति और प्रक्रिया किस अनुच्छेद में दी गई है?\n
      \n

    • (A) अनुच्छेद 360
    • \n

    • (B) अनुच्छेद 365
    • \n

    • (C) अनुच्छेद 368
    • \n

    • (D) अनुच्छेद 370
    • \n

    \n

    सही उत्तर: (C) अनुच्छेद 368

    \n

    \nविस्तृत व्याख्या: अनुच्छेद 368 भाग XX के तहत संसद को संविधान में संशोधन करने की शक्ति प्रदान करता है। संशोधन तीन प्रकार के हो सकते हैं: साधारण बहुमत, विशेष बहुमत और विशेष बहुमत + आधे राज्यों की सहमति।\n\nसीमा: संसद मूल ढांचे को नहीं बदल सकती।

    \n

  48. \n\n


    \n\n

  49. ‘दलबदल विरोधी कानून’ (Anti-Defection Law) संविधान की किस अनुसूची में शामिल है?\n
      \n

    • (A) 8वीं अनुसूची
    • \n

    • (B) 9वीं अनुसूची
    • \n

    • (C) 10वीं अनुसूची
    • \n

    • (D) 11वीं अनुसूची
    • \n

    \n

    सही उत्तर: (C) 10वीं अनुसूची

    \n

    \nविस्तृत व्याख्या: 52वें संविधान संशोधन अधिनियम, 1985 द्वारा 10वीं अनुसूची जोड़ी गई, जिसे दलबदल विरोधी कानून कहा जाता है। इसका उद्देश्य राजनीतिक अस्थिरता को रोकना है।\n\nदंड: यदि कोई सदस्य दलबदल करता है, तो उसकी सदन की सदस्यता समाप्त की जा सकती है।

    \n

  50. \n

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