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समाजशास्त्र के महत्वपूर्ण प्रश्न: अपनी वैचारिक स्पष्टता को परखें

नमस्ते समाजशास्त्र के जिज्ञासुओं!

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क्या आप अपनी वैचारिक स्पष्टता और विश्लेषणात्मक क्षमता को चुनौती देने के लिए तैयार हैं? आज का यह विशेष अभ्यास सेट न केवल आपके आधारभूत ज्ञान को पुख्ता करेगा, बल्कि आपको आधुनिक समाजशास्त्रीय विमर्शों, जैसे कि डिजिटल समाजशास्त्र और गिग इकोनॉमी, से भी अवगत कराएगा। अपनी तैयारी को एक नई ऊंचाई देने के लिए इस बौद्धिक चुनौती में शामिल हों!

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  1. कार्ल मार्क्स के अनुसार, ‘अलगाव’ (Alienation) की स्थिति तब उत्पन्न होती है जब:\n
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    • (A) श्रमिक को पर्याप्त वेतन नहीं मिलता।
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    • (B) श्रमिक का अपने उत्पाद, उत्पादन की प्रक्रिया, सहकर्मियों और स्वयं से संबंध टूट जाता है।
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    • (C) समाज में वर्ग संघर्ष समाप्त हो जाता है।
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    • (D) पूंजीवादी व्यवस्था में राज्य का नियंत्रण बढ़ जाता है।
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    सही उत्तर: (B)

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    विस्तृत व्याख्या: मार्क्स के अनुसार, पूंजीवाद में श्रमिक केवल एक मशीन का पुर्जा बन जाता है। वह जो बनाता है, उस पर उसका कोई नियंत्रण नहीं होता (उत्पाद से अलगाव), वह काम करने के तरीके को तय नहीं करता (प्रक्रिया से अलगाव), प्रतिस्पर्धा के कारण सहकर्मियों से दूर हो जाता है और अंततः अपनी मानवीय क्षमता खो देता है (स्वयं से अलगाव)। विकल्प (A) केवल आर्थिक पहलू है, जबकि अलगाव एक मनोवैज्ञानिक और सामाजिक स्थिति है।

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  2. मैक्स वेबर द्वारा प्रतिपादित ‘आदर्श प्रारूप’ (Ideal Type) का मुख्य उद्देश्य क्या है?\n
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    • (A) समाज का एक वास्तविक और सटीक वर्णन करना।
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    • (B) यह बताना कि समाज को कैसा होना चाहिए।
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    • (C) एक वैचारिक उपकरण के रूप में उपयोग करना ताकि सामाजिक वास्तविकता की तुलना की जा सके।
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    • (D) केवल नौकरशाही के अध्ययन के लिए एक ढांचा तैयार करना।
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    सही उत्तर: (C)

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    विस्तृत व्याख्या: ‘आदर्श प्रारूप’ कोई वास्तविकता नहीं है, बल्कि एक मानसिक निर्माण है जिसमें किसी घटना की मुख्य विशेषताओं को बढ़ा-चढ़ाकर दिखाया जाता है ताकि वास्तविक मामलों का विश्लेषण किया जा सके। यह कोई नैतिक ‘आदर्श’ (Ideal) नहीं है, बल्कि एक विश्लेषणात्मक उपकरण (Analytical Tool) है।

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  3. एमिल दुर्खीम ने ‘एनोमी’ (Anomie) की अवधारणा का उपयोग किस संदर्भ में किया है?\n
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    • (A) जब समाज में बहुत अधिक नियम होते हैं।
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    • (B) जब सामाजिक मानदंडों का अभाव होता है या वे टूट जाते हैं।
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    • (C) जब व्यक्ति समाज से पूरी तरह कट जाता है।
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    • (D) जब धार्मिक विश्वास समाप्त हो जाते हैं।
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    सही उत्तर: (B)

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    विस्तृत व्याख्या: दुर्खीम के अनुसार, जब समाज में तीव्र परिवर्तन आते हैं, तो पुराने नियम काम नहीं करते और नए नियम अभी बने नहीं होते। इस ‘नियमहीनता’ की स्थिति को एनोमी कहा जाता है, जो अक्सर आत्महत्या (Anomic Suicide) का कारण बनती है। विकल्प (C) सामाजिक अलगाव (Isolation) है, जो एनोमी से अलग है।

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  4. टैलकोट पार्सन्स के AGIL मॉडल में ‘L’ (Latency) का क्या अर्थ है?\n
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    • (A) लक्ष्यों को प्राप्त करना।
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    • (B) संसाधनों को जुटाना।
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    • (C) सामाजिक मानदंडों और मूल्यों को बनाए रखना।
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    • (D) पर्यावरण के साथ अनुकूलन करना।
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    सही उत्तर: (C)

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    विस्तृत व्याख्या: पार्सन्स के अनुसार, किसी भी सामाजिक प्रणाली को जीवित रहने के लिए चार कार्य करने होते हैं: Adaptation (अनुकूलन), Goal Attainment (लक्ष्य प्राप्ति), Integration (एकीकरण) और Latency (प्रसुप्ति/पैटर्न रखरखाव)। Latency का अर्थ है सांस्कृतिक मूल्यों को अगली पीढ़ी तक पहुँचाना और तनाव को प्रबंधित करना।

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  5. रॉबर्ट के. मर्टन ने ‘प्रकट कार्य’ (Manifest Function) और ‘अप्रत्यक्ष कार्य’ (Latent Function) के बीच क्या अंतर बताया है?\n
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    • (A) प्रकट कार्य अनपेक्षित होते हैं, जबकि अप्रत्यक्ष कार्य अपेक्षित होते हैं।
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    • (B) प्रकट कार्य इच्छित और मान्यता प्राप्त होते हैं, जबकि अप्रत्यक्ष कार्य अनपेक्षित और छिपे हुए होते हैं।
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    • (C) दोनों एक ही होते हैं, बस नाम अलग हैं।
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    • (D) प्रकट कार्य केवल धर्म से संबंधित होते हैं।
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    सही उत्तर: (B)

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    विस्तृत व्याख्या: उदाहरण के लिए, विश्वविद्यालय का ‘प्रकट कार्य’ शिक्षा देना है, लेकिन इसका ‘अप्रत्यक्ष कार्य’ विवाह के लिए साथी खोजना या सामाजिक नेटवर्क बनाना हो सकता है। मर्टन ने इसे कार्यात्मक विश्लेषण (Functional Analysis) के तहत समझाया है।

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  6. जी.एच. मीड के अनुसार, ‘स्व’ (Self) का विकास कैसे होता है?\n
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    • (A) केवल जैविक विरासत के माध्यम से।
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    • (B) सामाजिक अंतःक्रिया और दूसरों के दृष्टिकोण को अपनाने के माध्यम से।
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    • (C) केवल अकेले चिंतन करने से।
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    • (D) सख्त नियमों के पालन से।
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    सही उत्तर: (B)

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    विस्तृत व्याख्या: मीड ने ‘I’ (स्वयं का सक्रिय हिस्सा) और ‘Me’ (समाज द्वारा देखा गया हिस्सा) की अवधारणा दी। उनके अनुसार, व्यक्ति जब दूसरों की भूमिका निभाता है (Role-taking) और समाज के सामान्य दृष्टिकोण (Generalized Other) को समझता है, तब उसका ‘स्व’ विकसित होता है।

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  7. समकालीन समाजशास्त्र में ‘प्रिकेरियट’ (Precariat) शब्द का उपयोग किसके लिए किया जाता है?\n
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    • (A) उच्च मध्यम वर्ग के पेशेवरों के लिए।
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    • (B) ऐसे श्रमिकों के लिए जिनके पास रोजगार की सुरक्षा नहीं है और जो अनिश्चित आर्थिक स्थिति में हैं।
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    • (C) केवल सरकारी कर्मचारियों के लिए।
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    • (D) पारंपरिक खेतिहर मजदूरों के लिए।
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    सही उत्तर: (B)

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    विस्तृत व्याख्या: गाइ स्टैंडिंग जैसे विचारकों ने ‘प्रिकेरियट’ (Precarious + Proletariat) शब्द गढ़ा है। यह विशेष रूप से गिग इकोनॉमी (जैसे Uber, Zomato के वर्कर्स) के संदर्भ में उपयोग होता है, जहाँ काम तो है लेकिन पेंशन, बीमा और नौकरी की स्थिरता जैसी सामाजिक सुरक्षा का अभाव है।

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  8. आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) द्वारा श्रम बाजार में बढ़ती असमानता को समाजशास्त्रीय रूप से कैसे देखा जा सकता है?\n
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    • (A) यह केवल एक तकनीकी समस्या है।
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    • (B) यह सामाजिक स्तरीकरण को और गहरा करता है क्योंकि तकनीकी कौशल वाले और बिना कौशल वाले लोगों के बीच वेतन अंतर बढ़ जाता है।
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    • (C) AI समाज में सभी वर्गों को समान बना देगा।
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    • (D) इससे वर्ग संघर्ष पूरी तरह समाप्त हो जाएगा।
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    सही उत्तर: (B)

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    विस्तृत व्याख्या: AI-संचालित स्वचालन (Automation) उन नौकरियों को खत्म कर रहा है जो रूटीन कार्य करती हैं, जिससे निम्न-कौशल श्रमिक बेरोजगार हो रहे हैं, जबकि उच्च-कौशल तकनीकी विशेषज्ञों की आय बढ़ रही है। यह ‘डिजिटल डिवाइड’ और वर्ग अंतराल को बढ़ाता है।

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  9. ‘डिजिटल नृवंशविज्ञान’ (Digital Ethnography) अनुसंधान की कौन सी विधि है?\n
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    • (A) केवल सांख्यिकीय डेटा का विश्लेषण।
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    • (B) ऑनलाइन समुदायों और डिजिटल इंटरैक्शन का गहन अवलोकन और विश्लेषण।
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    • (C) प्रयोगशाला में किए गए प्रयोग।
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    • (D) केवल पुरानी पुस्तकों का अध्ययन।
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    सही उत्तर: (B)

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    विस्तृत व्याख्या: पारंपरिक नृवंशविज्ञान (Ethnography) में शोधकर्ता किसी समुदाय के बीच रहता है। डिजिटल नृवंशविज्ञान में, शोधकर्ता सोशल मीडिया, फोरम और वर्चुअल दुनिया का हिस्सा बनकर लोगों के व्यवहार और संस्कृति का अध्ययन करता है।

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  10. डिजिटल निगरानी (Digital Surveillance) और डेटा गोपनीयता के मुद्दे किस समाजशास्त्रीय अवधारणा से निकटता से जुड़े हैं?\n
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    • (A) यांत्रिक एकजुटता (Mechanical Solidarity)
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    • (B) पैनोप्टिकॉन (Panopticon) और नियंत्रण समाज (Control Society)
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    • (C) संस्कृतिकरण (Sanskritization)
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    • (D) सामाजिक गतिशीलता (Social Mobility)
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    सही उत्तर: (B)

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    विस्तृत व्याख्या: जेरेमी बेंथम और बाद में मिशेल फौकॉल्ट ने ‘पैनोप्टिकॉन’ की अवधारणा दी, जहाँ व्यक्ति को लगता है कि उसे हर समय देखा जा रहा है, जिससे वह स्वयं को नियंत्रित करने लगता है। आधुनिक डेटा निगरानी इसी का डिजिटल रूप है।

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  11. एम.एन. श्रीनिवास द्वारा प्रतिपादित ‘संस्कृतिकरण’ (Sanskritization) की प्रक्रिया क्या है?\n
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    • (A) उच्च जातियों का निम्न जातियों के रीति-रिवाजों को अपनाना।
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    • (B) निम्न जातियों द्वारा उच्च जातियों के रीति-रिवाजों, विचारधारा और जीवन शैली को अपनाना।
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    • (C) विदेशी संस्कृति का भारतीय समाज में समावेश।
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    • (D) केवल संस्कृत भाषा सीखना।
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    सही उत्तर: (B)

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    विस्तृत व्याख्या: श्रीनिवास ने पाया कि कुछ निम्न जातियाँ अपनी सामाजिक स्थिति सुधारने के लिए उच्च जातियों (विशेषकर ब्राह्मणों) के रीति-रिवाजों को अपनाती हैं। यह एक प्रकार की ‘स्थितीय गतिशीलता’ (Positional Change) है, न कि संरचनात्मक परिवर्तन।

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  12. जी.एस. घुर्ये ने जाति व्यवस्था के बारे में क्या तर्क दिया था?\n
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    • (A) जाति केवल एक आर्थिक श्रेणी है।
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    • (B) जाति व्यवस्था का आधार केवल नस्ल है।
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    • (C) जाति एक जटिल संस्था है जिसमें पदानुक्रम, अंतर्विवाह और शुद्धता-अशुद्धता के विचार शामिल हैं।
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    • (D) जाति व्यवस्था का कोई सामाजिक प्रभाव नहीं है।
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    सही उत्तर: (C)

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    विस्तृत व्याख्या: घुर्ये को ‘भारतीय समाजशास्त्र का पिता’ माना जाता है। उन्होंने जाति के छह मुख्य लक्षणों की पहचान की, जिनमें सोपानक्रम (Hierarchy) और अंतर्विवाह (Endogamy) प्रमुख हैं। उन्होंने इसे भारतीय संस्कृति के अभिन्न अंग के रूप में देखा।

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  13. डॉ. बी.आर. अंबेडकर के अनुसार, जाति व्यवस्था को समाप्त करने का सबसे प्रभावी तरीका क्या था?\n
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    • (A) जाति सुधार आंदोलन।
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    • (B) जाति का विनाश (Annihilation of Caste) और अंतर्जातीय विवाह।
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    • (C) केवल शिक्षा का प्रसार।
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    • (D) ग्रामीण अर्थव्यवस्था का विकास।
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    सही उत्तर: (B)

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    विस्तृत व्याख्या: अंबेडकर का मानना था कि जाति केवल सामाजिक भेदभाव नहीं, बल्कि एक धार्मिक मान्यता पर आधारित है। इसलिए, उन्होंने ‘जाति का विनाश’ का आह्वान किया और अंतर्जातीय विवाहों को जाति की सीमाओं को तोड़ने का सबसे सशक्त माध्यम माना।

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  14. ‘संयुक्त परिवार’ (Joint Family) की मुख्य विशेषता क्या है?\n
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    • (A) केवल माता-पिता और बच्चों का साथ रहना।
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    • (B) तीन या अधिक पीढ़ियों का एक ही छत के नीचे रहना, साझा रसोई और साझा संपत्ति।
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    • (C) केवल भाइयों का साथ रहना।
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    • (D) परिवार के सदस्यों का अलग-अलग शहरों में रहना।
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    सही उत्तर: (B)

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    विस्तृत व्याख्या: संयुक्त परिवार में रक्त संबंध, साझा निवास, साझा भोजन और साझा संपत्ति (Common Property) अनिवार्य तत्व होते हैं। विकल्प (A) ‘एकल परिवार’ (Nuclear Family) की विशेषता है।

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  15. ‘नातेदारी’ (Kinship) के संदर्भ में ‘पार्श्व नातेदारी’ (Collateral Kinship) का क्या अर्थ है?\n
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    • (A) माता-पिता और बच्चों के बीच का संबंध।
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    • (B) भाई-बहनों, चचेरे-ममेरे भाइयों और उनके वंशजों के बीच का संबंध।
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    • (C) केवल विवाह द्वारा बने संबंध।
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    • (D) अनजान लोगों के साथ सामाजिक संबंध।
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    सही उत्तर: (B)

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    विस्तृत व्याख्या: सीधी नातेदारी (Lineal Kinship) ऊपर या नीचे की पीढ़ियों (जैसे पिता-पुत्र) से होती है, जबकि पार्श्व नातेदारी एक ही पीढ़ी या समानांतर शाखाओं (जैसे चाचा-भतीजा) के बीच होती है।

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  16. एमिल दुर्खीम ने धर्म में ‘पवित्र’ (Sacred) और ‘अपवित्र/लौकिक’ (Profane) के बीच भेद किया है। यहाँ ‘पवित्र’ का अर्थ है:\n
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    • (A) वह जो केवल मंदिर में पाया जाता है।
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    • (B) वह जिसे समाज द्वारा अलग रखा गया है और जिसे विशेष सम्मान या भय दिया जाता है।
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    • (C) वह जो वैज्ञानिक रूप से सिद्ध हो।
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    • (D) वह जो दैनिक जीवन की साधारण वस्तुओं से बना हो।
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    सही उत्तर: (B)

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    विस्तृत व्याख्या: दुर्खीम के अनुसार, धर्म का सार पवित्र और अपवित्र का विभाजन है। पवित्र वस्तुएं वे हैं जिन्हें समाज ने एक विशेष अर्थ दिया है और जिन्हें साधारण दुनिया से अलग रखा गया है (जैसे तिरंगा झंडा या धार्मिक प्रतीक)।

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  17. ‘सामाजिक संरचना’ (Social Structure) से क्या तात्पर्य है?\n
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    • (A) किसी शहर की भौतिक इमारतों का ढांचा।
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    • (B) समाज में सामाजिक संबंधों और संस्थाओं का एक स्थिर और व्यवस्थित प्रतिरूप।
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    • (C) समाज में होने वाले अचानक परिवर्तन।
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    • (D) केवल सरकार और कानून का समूह।
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    सही उत्तर: (B)

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    विस्तृत व्याख्या: सामाजिक संरचना समाज का वह ढांचा है जो यह निर्धारित करता है कि लोग एक-दूसरे से कैसे जुड़ेंगे (जैसे परिवार, जाति, वर्ग)। यह स्थिर होता है लेकिन समय के साथ इसमें बदलाव आ सकता है।

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  18. ‘बंद स्तरीकरण’ (Closed Stratification) प्रणाली का उदाहरण कौन सा है?\n
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    • (A) वर्ग (Class)
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    • (B) जाति (Caste)
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    • (C) पेशा (Occupation)
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    • (D) शिक्षा (Education)
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    सही उत्तर: (B)

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    विस्तृत व्याख्या: बंद प्रणाली वह है जहाँ व्यक्ति अपनी स्थिति नहीं बदल सकता (जन्म आधारित)। जाति एक बंद प्रणाली है। इसके विपरीत, ‘वर्ग’ एक खुली प्रणाली (Open System) है जहाँ शिक्षा या धन के माध्यम से ऊपर बढ़ा जा सकता है।

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  19. शहरी समाजशास्त्र में ‘जेंट्रीफिकेशन’ (Gentrification) क्या है?\n
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    • (A) झुग्गियों का विस्तार होना।
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    • (B) किसी पुराने या निम्न-आय वाले शहरी क्षेत्र का नवीनीकरण और उच्च-आय वाले लोगों का वहाँ बसना।
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    • (C) शहरों से लोगों का गांवों की ओर पलायन।
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    • (D) ग्रामीण क्षेत्रों का शहरीकरण।
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    सही उत्तर: (B)

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    विस्तृत व्याख्या: जेंट्रीफिकेशन में मध्यम या उच्च वर्ग के लोग पुराने शहरी इलाकों में निवेश करते हैं और वहां घर खरीदते हैं, जिससे वहां का किराया बढ़ जाता है और मूल गरीब निवासी वहां से विस्थापित हो जाते हैं।

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  20. ग्रामीण समाजशास्त्र के संदर्भ में ‘जजमानी व्यवस्था’ (Jajmani System) क्या थी?\n
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    • (A) केवल नकदी आधारित व्यापार प्रणाली।
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    • (B) जातियों के बीच सेवाओं और वस्तुओं के आदान-प्रदान की एक पारंपरिक पारस्परिक प्रणाली।
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    • (C) सरकार द्वारा दी जाने वाली सब्सिडी।
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    • (D) शहरी क्षेत्रों में काम करने वाले मजदूरों का समूह।
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    सही उत्तर: (B)

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    विस्तृत व्याख्या: जजमानी व्यवस्था में एक ‘जजमान’ (उच्च जाति का भूस्वामी) और ‘कमीन’ (सेवा देने वाली निम्न जातियाँ जैसे नाई, धोबी) के बीच दीर्घकालिक संबंध होते थे। भुगतान अक्सर फसल के हिस्से के रूप में होता था।

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  21. गुणात्मक अनुसंधान (Qualitative Research) की मुख्य विशेषता क्या है?\n
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    • (A) बड़े पैमाने पर सर्वेक्षण और सांख्यिकी का उपयोग।
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    • (B) मानवीय अनुभवों, अर्थों और गहन अंतर्दृष्टि को समझना।
    • \n

    • (C) केवल गणितीय सूत्रों का प्रयोग करना।
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    • (D) उत्तरों को केवल ‘हाँ’ या ‘नहीं’ में प्राप्त करना।
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    सही उत्तर: (B)

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    विस्तृत व्याख्या: गुणात्मक अनुसंधान ‘कैसे’ और ‘क्यों’ पर केंद्रित होता है। इसमें केस स्टडी, गहन साक्षात्कार और सहभागी अवलोकन (Participant Observation) का उपयोग किया जाता है। विकल्प (A) मात्रात्मक अनुसंधान (Quantitative Research) है।

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  22. मात्रात्मक अनुसंधान (Quantitative Research) में ‘प्रतिदर्श’ (Sampling) का क्या उद्देश्य है?\n
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    • (A) पूरी जनसंख्या का साक्षात्कार लेना।
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    • (B) जनसंख्या के एक छोटे लेकिन प्रतिनिधि समूह का अध्ययन कर पूरे समूह के बारे में निष्कर्ष निकालना।
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    • (C) केवल अपने मित्रों से डेटा एकत्र करना।
    • \n

    • (D) डेटा को नष्ट करना।
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    सही उत्तर: (B)

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    विस्तृत व्याख्या: पूरी जनसंख्या का अध्ययन करना कठिन और महंगा होता है, इसलिए एक ‘सैंपल’ (Sample) लिया जाता है जो पूरी जनसंख्या की विशेषताओं का प्रतिनिधित्व करता है। इसे ‘सामान्यीकरण’ (Generalization) के लिए उपयोग किया जाता है।

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  23. ‘इंटरसेक्शनलिटी’ (Intersectionality) या ‘प्रतिच्छेदन’ की अवधारणा क्या बताती है?\n
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    • (A) कि वर्ग, जाति, लिंग और नस्ल जैसे विभिन्न सामाजिक पहचानें आपस में जुड़कर भेदभाव के जटिल स्तर बनाती हैं।
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    • (B) कि समाज में केवल एक ही प्रकार का भेदभाव होता है।
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    • (C) कि लिंग भेद अब समाप्त हो चुका है।
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    • (D) कि शिक्षा सभी असमानताओं को खत्म कर देती है।
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    सही उत्तर: (A)

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    विस्तृत व्याख्या: किम्बर्ले क्रेनशॉ द्वारा विकसित यह अवधारणा बताती है कि एक दलित महिला का अनुभव एक सवर्ण महिला या एक दलित पुरुष से अलग होता है क्योंकि यहाँ ‘जाति’ और ‘लिंग’ दोनों का भेदभाव एक साथ काम करता है।

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  24. सोशल मीडिया के अत्यधिक उपयोग और वृद्ध वयस्कों में बढ़ते ‘अकेलेपन’ को समाजशास्त्र में किस रूप में देखा जा सकता है?\n
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    • (A) यह केवल एक जैविक समस्या है।
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    • (B) ‘डिजिटल अलगाव’ के रूप में, जहाँ आभासी संबंध वास्तविक सामाजिक संबंधों और सामुदायिक जुड़ाव की जगह ले लेते हैं।
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    • (C) यह समाज में सामाजिक एकजुटता को बढ़ाता है।
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    • (D) इससे केवल युवाओं पर प्रभाव पड़ता है।
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    सही उत्तर: (B)

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    विस्तृत व्याख्या: यद्यपि सोशल मीडिया कनेक्टिविटी बढ़ाता है, लेकिन यह अक्सर ‘सतही’ संबंधों को जन्म देता है। वृद्ध वयस्कों के लिए, पारंपरिक आमने-सामने की बातचीत की कमी और डिजिटल साक्षरता का अभाव उन्हें सामाजिक रूप से और अधिक अलग-थलग कर सकता है।

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  25. ‘जलवायु न्याय’ (Climate Justice) का समाजशास्त्रीय दृष्टिकोण क्या है?\n
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    • (A) केवल पेड़ों को लगाना।
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    • (B) यह मान्यता कि जलवायु परिवर्तन का प्रभाव गरीब और हाशिए के समुदायों पर सबसे अधिक पड़ता है, जबकि इसके लिए जिम्मेदार विकसित देश और अमीर वर्ग होते हैं।
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    • (C) यह मानना कि प्रकृति का विनाश अपरिहार्य है।
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    • (D) केवल मौसम के बदलाव का अध्ययन करना।
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    सही उत्तर: (B)

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    विस्तृत व्याख्या: यह पर्यावरणीय समाजशास्त्र का हिस्सा है। जलवायु न्याय यह तर्क देता है कि पर्यावरण संकट एक सामाजिक न्याय का मुद्दा है, क्योंकि गरीब देशों और समुदायों के पास प्रदूषण से लड़ने के संसाधन कम हैं, जबकि उन्होंने सबसे कम प्रदूषण फैलाया है।

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  26. ‘प्रतीकात्मक अंतःक्रियावाद’ (Symbolic Interactionism) के मुख्य विचारकों में कौन शामिल हैं?\n
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    • (A) दुर्खीम और पार्सन्स।
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    • (B) जॉर्ज हर्बर्ट मीड और हर्बर्ट ब्लूमर।
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    • (C) कार्ल मार्क्स और मैक्स वेबर।
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    • (D) अगस्त कॉम्टे और ऑगस्टा कॉम्टे।
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    सही उत्तर: (B)

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    विस्तृत व्याख्या: यह विचारधारा सूक्ष्म-समाजशास्त्र (Micro-sociology) पर केंद्रित है। यह इस बात का अध्ययन करती है कि लोग प्रतीकों (जैसे भाषा, संकेत) के माध्यम से एक-दूसरे को कैसे समझते हैं और सामाजिक दुनिया का निर्माण कैसे करते हैं।

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