सामान्य विज्ञान: प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए अभ्यास सेट
परिचय: प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता प्राप्त करने के लिए सामान्य विज्ञान पर मजबूत पकड़ अत्यंत आवश्यक है। चाहे वह भौतिकी, रसायन विज्ञान या जीव विज्ञान हो, इन विषयों से पूछे जाने वाले प्रश्न न केवल आपकी वैचारिक स्पष्टता का परीक्षण करते हैं, बल्कि आपकी विश्लेषणात्मक क्षमता को भी दर्शाते हैं। यह अभ्यास सेट आपको महत्वपूर्ण वैज्ञानिक अवधारणाओं को समझने और उन्हें परीक्षा-केंद्रित तरीके से लागू करने में मदद करेगा। प्रत्येक प्रश्न का विस्तृत हल आपको संबंधित सिद्धांत को गहराई से जानने का अवसर देगा। अपनी तैयारी को परखें और विज्ञान के इस यात्रा में आगे बढ़ें!
सामान्य विज्ञान अभ्यास प्रश्न (General Science Practice MCQs)
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प्रकाश वर्ष (Light-year) किसका मात्रक है?
- (a) समय
- (b) दूरी
- (c) प्रकाश की तीव्रता
- (d) ऊर्जा
उत्तर: (b)
हल (Solution):
सिद्धांत (Principle): खगोलीय दूरियों को मापने के लिए उपयोग की जाने वाली इकाई।
व्याख्या (Explanation): एक प्रकाश वर्ष वह दूरी है जो प्रकाश एक जूलियन वर्ष (365.25 दिन) में निर्वात में तय करता है। इसका उपयोग खगोल विज्ञान में ग्रहों, सितारों और आकाशगंगाओं के बीच की विशाल दूरियों को व्यक्त करने के लिए किया जाता है। चूंकि यह दूरी का माप है, न कि समय का, इसलिए विकल्प (b) सही है। अन्य विकल्प गलत हैं क्योंकि समय को सेकंड, मिनट या घंटे में मापा जाता है; प्रकाश की तीव्रता को कैंडेला में और ऊर्जा को जूल में मापा जाता है।
अतः, सही उत्तर (b) है।
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यदि दो वस्तुओं के बीच की दूरी दोगुनी कर दी जाए, तो उनके बीच गुरुत्वाकर्षण बल पर क्या प्रभाव पड़ेगा?
- (a) दोगुना हो जाएगा
- (b) आधा हो जाएगा
- (c) एक चौथाई हो जाएगा
- (d) चार गुना हो जाएगा
उत्तर: (c)
हल (Solution):
सिद्धांत (Principle): न्यूटन का सार्वत्रिक गुरुत्वाकर्षण का नियम।
व्याख्या (Explanation): न्यूटन के गुरुत्वाकर्षण के नियम के अनुसार, दो वस्तुओं के बीच गुरुत्वाकर्षण बल (F) उनके द्रव्यमानों (m1 और m2) के गुणनफल के समानुपाती होता है और उनके केंद्रों के बीच की दूरी (r) के वर्ग के व्युत्क्रमानुपाती होता है: F = Gm1m2/r². यदि दूरी (r) को दोगुना (2r) कर दिया जाए, तो नया बल F’ = Gm1m2/(2r)² = Gm1m2/(4r²) = (1/4) * (Gm1m2/r²) = F/4 होगा। इस प्रकार, बल एक चौथाई हो जाएगा।
अतः, सही उत्तर (c) है।
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खगोलीय पिंडों को देखने के लिए उपयोग किए जाने वाले दूरबीन (Telescope) में किस प्रकार के लेंस या दर्पण का उपयोग होता है?
- (a) केवल उत्तल लेंस
- (b) केवल अवतल लेंस
- (c) उत्तल दर्पण और अवतल लेंस
- (d) उत्तल लेंस और/या अवतल दर्पण
उत्तर: (d)
हल (Solution):
सिद्धांत (Principle): प्रकाश के अपवर्तन और परावर्तन के सिद्धांतों पर आधारित।
व्याख्या (Explanation): दूरबीन मुख्य रूप से दो प्रकार के होते हैं: अपवर्तक दूरबीन (Refracting Telescopes) जो उत्तल लेंस का उपयोग करते हैं, और परावर्तक दूरबीन (Reflecting Telescopes) जो अवतल दर्पण का उपयोग करते हैं। आधुनिक खगोलीय दूरबीनें अक्सर परावर्तक प्रकार की होती हैं क्योंकि बड़े दर्पण बनाना आसान होता है और वे रंगीन विपथन (chromatic aberration) से मुक्त होते हैं। इसलिए, उत्तल लेंस और/या अवतल दर्पण का उपयोग होता है।
अतः, सही उत्तर (d) है।
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किसी ग्रह की सतह से पलायन वेग (Escape velocity) को परिभाषित करने वाला सबसे उपयुक्त कथन कौन सा है?
- (a) वह वेग जिस पर कोई वस्तु ग्रह की परिक्रमा करती है।
- (b) वह न्यूनतम वेग जिस पर किसी वस्तु को ऊपर की ओर प्रक्षेपित करने पर वह ग्रह के गुरुत्वाकर्षण क्षेत्र से बाहर निकल जाती है।
- (c) वह अधिकतम वेग जिस पर कोई वस्तु ग्रह पर गिर सकती है।
- (d) वह वेग जिस पर कोई वस्तु ग्रह के वायुमंडल में प्रवेश करती है।
उत्तर: (b)
हल (Solution):
सिद्धांत (Principle): गुरुत्वाकर्षण क्षेत्र से बाहर निकलने के लिए आवश्यक गतिज ऊर्जा।
व्याख्या (Explanation): पलायन वेग वह न्यूनतम गति है जो किसी वस्तु को पृथ्वी या किसी अन्य खगोलीय पिंड के गुरुत्वाकर्षण प्रभाव से बचने और अंतरिक्ष में अनिश्चित काल तक यात्रा करने के लिए चाहिए होती है, बिना वापस पिंड की ओर गिरे। यह पिंड के द्रव्यमान और त्रिज्या पर निर्भर करता है। विकल्प (a) कक्षीय वेग है, (c) गिरने का वेग नहीं है, और (d) वायुमंडल में प्रवेश से संबंधित नहीं है।
अतः, सही उत्तर (b) है।
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जब कोई तारा पृथ्वी से दूर जा रहा होता है, तो उसका प्रकाश किस ओर शिफ्ट होता हुआ प्रतीत होता है?
- (a) नीला
- (b) हरा
- (c) लाल
- (d) पीला
उत्तर: (c)
हल (Solution):
सिद्धांत (Principle): डॉप्लर प्रभाव (Doppler Effect) का खगोलीय अनुप्रयोग।
व्याख्या (Explanation): यह डॉप्लर प्रभाव का उदाहरण है, जिसे “रेडशिफ्ट” (Redshift) कहा जाता है। जब कोई प्रकाश स्रोत (जैसे तारा या आकाशगंगा) प्रेक्षक से दूर जा रहा होता है, तो उसकी प्रकाश तरंगें खिंच जाती हैं, जिससे उनकी तरंगदैर्ध्य बढ़ जाती है। विद्युत चुम्बकीय स्पेक्ट्रम में, लंबी तरंगदैर्ध्य लाल सिरे की ओर होती हैं। इसके विपरीत, यदि स्रोत प्रेक्षक की ओर आ रहा हो, तो तरंगें संकुचित होती हैं, जिससे तरंगदैर्ध्य कम हो जाती है और प्रकाश नीले सिरे की ओर शिफ्ट होता है (ब्लूशिफ्ट)।
अतः, सही उत्तर (c) है।
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ध्वनि तरंगें किस माध्यम में यात्रा नहीं कर सकतीं?
- (a) ठोस
- (b) द्रव
- (c) गैस
- (d) निर्वात
उत्तर: (d)
हल (Solution):
सिद्धांत (Principle): ध्वनि तरंगें यांत्रिक तरंगें होती हैं।
व्याख्या (Explanation): ध्वनि तरंगें यांत्रिक तरंगें होती हैं, जिसका अर्थ है कि उन्हें यात्रा करने के लिए एक माध्यम (जैसे ठोस, द्रव या गैस) की आवश्यकता होती है। वे माध्यम के कणों के कंपन के माध्यम से ऊर्जा स्थानांतरित करती हैं। निर्वात में कोई कण नहीं होते हैं, इसलिए ध्वनि तरंगें यात्रा नहीं कर सकतीं। यही कारण है कि अंतरिक्ष में आवाज़ सुनाई नहीं देती।
अतः, सही उत्तर (d) है।
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किसी उपग्रह की कक्षीय गति को बनाए रखने के लिए कौन सा बल आवश्यक है?
- (a) चुंबकीय बल
- (b) स्थिरवैद्युत बल
- (c) गुरुत्वाकर्षण बल
- (d) नाभिकीय बल
उत्तर: (c)
हल (Solution):
सिद्धांत (Principle): वृत्ताकार गति के लिए आवश्यक अभिकेन्द्रीय बल।
व्याख्या (Explanation): पृथ्वी की परिक्रमा कर रहे उपग्रहों पर गुरुत्वाकर्षण बल एक अभिकेन्द्रीय बल के रूप में कार्य करता है, जो उपग्रह को पृथ्वी की ओर खींचता है और उसे एक वृत्ताकार या दीर्घवृत्ताकार कक्षा में बनाए रखता है। यदि यह गुरुत्वाकर्षण बल अनुपस्थित होता, तो उपग्रह अपनी स्पर्शरेखीय दिशा में सीधा अंतरिक्ष में चला जाता। अन्य बल इस संदर्भ में प्रासंगिक नहीं हैं।
अतः, सही उत्तर (c) है।
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सूर्य में ऊर्जा का मुख्य स्रोत क्या है?
- (a) नाभिकीय विखंडन
- (b) नाभिकीय संलयन
- (c) रासायनिक प्रतिक्रियाएं
- (d) गुरुत्वाकर्षण संपीड़न
उत्तर: (b)
हल (Solution):
सिद्धांत (Principle): सूर्य के कोर में अत्यधिक उच्च तापमान और दबाव पर होने वाली परमाणु प्रतिक्रियाएं।
व्याख्या (Explanation): सूर्य और अन्य तारों में ऊर्जा का मुख्य स्रोत नाभिकीय संलयन (Nuclear Fusion) है। इसमें हल्के नाभिक (मुख्यतः हाइड्रोजन के समस्थानिक) अत्यधिक उच्च तापमान और दबाव पर मिलकर भारी नाभिक (जैसे हीलियम) बनाते हैं, इस प्रक्रिया में द्रव्यमान का एक छोटा हिस्सा ऊर्जा में परिवर्तित हो जाता है (आइंस्टीन के E=mc² सिद्धांत के अनुसार)। नाभिकीय विखंडन परमाणु रिएक्टरों में ऊर्जा उत्पादन का स्रोत है, लेकिन तारों में नहीं।
अतः, सही उत्तर (b) है।
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कार्बन डेटिंग विधि (Carbon Dating Method) का उपयोग किसकी आयु निर्धारित करने के लिए किया जाता है?
- (a) चट्टानें
- (b) जीवाश्म
- (c) खनिज
- (d) ग्रह
उत्तर: (b)
हल (Solution):
सिद्धांत (Principle): रेडियोधर्मी समस्थानिक कार्बन-14 के क्षय की दर का उपयोग।
व्याख्या (Explanation): कार्बन डेटिंग, जिसे रेडियोकार्बन डेटिंग भी कहते हैं, एक विधि है जिसका उपयोग जैविक सामग्रियों (जैसे लकड़ी, हड्डी, वस्त्र) और जीवाश्मों की आयु निर्धारित करने के लिए किया जाता है, जो हाल ही में जीवित थे। यह वायुमंडल में कार्बन-14 के स्थिर कार्बन-12 के अनुपात पर आधारित है। जब कोई जीव मर जाता है, तो वह कार्बन-14 का आदान-प्रदान करना बंद कर देता है, और इसके बाद कार्बन-14 का क्षय होना शुरू हो जाता है। इसके क्षय की दर को मापकर उसकी मृत्यु के बाद का समय निर्धारित किया जा सकता है। यह विधि आमतौर पर लगभग 50,000 वर्ष तक की आयु के लिए प्रभावी है। चट्टानों और ग्रहों की आयु निर्धारित करने के लिए पोटेशियम-आर्गन डेटिंग जैसी अन्य रेडियोमेट्रिक डेटिंग विधियों का उपयोग किया जाता है।
अतः, सही उत्तर (b) है।
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हमारे ब्रह्मांड में सबसे प्रचुर मात्रा में पाया जाने वाला तत्व कौन सा है?
- (a) ऑक्सीजन
- (b) हीलियम
- (c) नाइट्रोजन
- (d) हाइड्रोजन
उत्तर: (d)
हल (Solution):
सिद्धांत (Principle): बिग बैंग न्यूक्लियोसिंथेसिस और तारे के निर्माण की प्रक्रियाएं।
व्याख्या (Explanation): ब्रह्मांड में सबसे प्रचुर मात्रा में पाया जाने वाला तत्व हाइड्रोजन है, जो ब्रह्मांड के कुल सामान्य पदार्थ का लगभग 75% हिस्सा बनाता है। इसके बाद हीलियम आता है, जो लगभग 24% होता है। ये दोनों तत्व बिग बैंग के तुरंत बाद बने थे। अन्य भारी तत्व (जैसे ऑक्सीजन, नाइट्रोजन) तारों के अंदर नाभिकीय संलयन प्रक्रियाओं द्वारा बाद में बने थे और उनकी मात्रा अपेक्षाकृत कम है।
अतः, सही उत्तर (d) है।
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पदार्थ की किस अवस्था में कण अत्यधिक आयनीकृत होते हैं और गैस के समान व्यवहार करते हैं?
- (a) ठोस
- (b) द्रव
- (c) गैस
- (d) प्लाज्मा
उत्तर: (d)
हल (Solution):
सिद्धांत (Principle): पदार्थ की चौथी अवस्था, उच्च ऊर्जा और आयनीकरण की विशेषता।
व्याख्या (Explanation): प्लाज्मा पदार्थ की चौथी अवस्था है। यह तब बनती है जब किसी गैस को इतनी ऊर्जा दी जाती है कि उसके परमाणु आयनित हो जाते हैं – यानी, वे अपने इलेक्ट्रॉन खो देते हैं, जिससे मुक्त इलेक्ट्रॉन और धनात्मक आयन बनते हैं। यह अवस्था ब्रह्मांड में सबसे प्रचुर मात्रा में पाई जाती है, जैसे तारों, निहारिकाओं और फ्लोरोसेंट लाइटों में। इसके कण अत्यधिक ऊर्जावान और विद्युत चालक होते हैं। ठोस, द्रव और गैस में कण आयनीकृत नहीं होते।
अतः, सही उत्तर (d) है।
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कार्बन के दो महत्वपूर्ण अपरूप (Allotropes) कौन से हैं जो प्रकृति में पाए जाते हैं?
- (a) हीरा और ग्रेफाइट
- (b) कोयला और कोक
- (c) कार्बन डाइऑक्साइड और कार्बन मोनोऑक्साइड
- (d) इथेन और मीथेन
उत्तर: (a)
हल (Solution):
सिद्धांत (Principle): अपरूपता (Allotropy) एक ही रासायनिक तत्व के विभिन्न संरचनात्मक रूपों में मौजूद होने की घटना है।
व्याख्या (Explanation): अपरूपता वह गुण है जिसमें एक तत्व एक से अधिक भौतिक रूपों में मौजूद हो सकता है, जबकि उनकी रासायनिक गुण समान रहते हैं। कार्बन के दो मुख्य प्राकृतिक अपरूप हीरा और ग्रेफाइट हैं। हीरा में कार्बन परमाणु टेट्राहेड्रल संरचना में जुड़े होते हैं, जिससे यह अत्यंत कठोर होता है। ग्रेफाइट में कार्बन परमाणु षट्कोणीय परतों में व्यवस्थित होते हैं, जिससे यह नरम और चिकना होता है। कोयला और कोक कार्बन के अक्रिस्टलीय रूप हैं, जबकि कार्बन डाइऑक्साइड और कार्बन मोनोऑक्साइड कार्बन के यौगिक हैं। इथेन और मीथेन हाइड्रोकार्बन हैं।
अतः, सही उत्तर (a) है।
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सूर्य के सबसे निकटतम ग्रह बुध (Mercury) का वातावरण लगभग नगण्य है। इसका कारण क्या है?
- (a) अत्यधिक उच्च तापमान
- (b) बहुत कम गुरुत्वाकर्षण बल
- (c) सूर्य की तीव्र हवाएं
- (d) उपरोक्त सभी
उत्तर: (d)
हल (Solution):
सिद्धांत (Principle): ग्रहों के वायुमंडल को बनाए रखने वाले कारक (गुरुत्वाकर्षण, तापमान) और उसे नष्ट करने वाले कारक (सौर पवन)।
व्याख्या (Explanation): बुध का वातावरण नगण्य होने के कई कारण हैं। इसका द्रव्यमान बहुत कम है, जिसके परिणामस्वरूप बहुत कम गुरुत्वाकर्षण बल है जो गैसीय अणुओं को बांधे रख सके (विकल्प b)। इसके अलावा, सूर्य के बहुत करीब होने के कारण, इसका सतह का तापमान दिन के समय बहुत अधिक बढ़ जाता है, जिससे गैसीय अणुओं की गतिज ऊर्जा इतनी अधिक हो जाती है कि वे पलायन वेग से भी अधिक वेग प्राप्त कर लेते हैं और अंतरिक्ष में चले जाते हैं (विकल्प a)। साथ ही, सूर्य से निकलने वाली शक्तिशाली सौर हवाएं (सौर पवन) भी वायुमंडलीय कणों को लगातार बहाकर ले जाती हैं (विकल्प c)। ये सभी कारक मिलकर बुध को लगभग वायुमंडल रहित बनाते हैं।
अतः, सही उत्तर (d) है।
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सबसे हल्की गैस (अणु) कौन सी है?
- (a) ऑक्सीजन
- (b) हीलियम
- (c) नाइट्रोजन
- (d) हाइड्रोजन
उत्तर: (d)
हल (Solution):
सिद्धांत (Principle): तत्वों के परमाणु भार और गैसीय अणुओं के आणविक भार।
व्याख्या (Explanation): हाइड्रोजन (H₂) का आणविक भार (लगभग 2 g/mol) अन्य दिए गए विकल्पों में सबसे कम है। हीलियम (He) एक अक्रिय गैस है जिसका परमाणु भार लगभग 4 g/mol है, और यह अणु के रूप में नहीं पाई जाती, बल्कि एकल परमाणु के रूप में पाई जाती है। ऑक्सीजन (O₂) का आणविक भार 32 g/mol और नाइट्रोजन (N₂) का आणविक भार 28 g/mol है। इसलिए, आणविक हाइड्रोजन सबसे हल्की गैस है।
अतः, सही उत्तर (d) है।
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निम्नलिखित में से कौन सा एक जैव-निम्नीकरणीय (biodegradable) अपशिष्ट है?
- (a) प्लास्टिक की बोतलें
- (b) एल्यूमीनियम के डिब्बे
- (c) फलों के छिलके
- (d) कांच के टुकड़े
उत्तर: (c)
हल (Solution):
सिद्धांत (Principle): जैव-निम्नीकरण सूक्ष्मजीवों द्वारा कार्बनिक पदार्थों का अपघटन है।
व्याख्या (Explanation): जैव-निम्नीकरणीय अपशिष्ट वह होता है जिसे सूक्ष्मजीवों (जैसे बैक्टीरिया, कवक) द्वारा प्राकृतिक रूप से अपघटित किया जा सकता है। फलों के छिलके, सब्जियों के अवशेष, कागज, आदि जैव-निम्नीकरणीय होते हैं। प्लास्टिक, एल्यूमीनियम और कांच गैर-जैव-निम्नीकरणीय होते हैं, क्योंकि वे प्राकृतिक प्रक्रियाओं द्वारा आसानी से नहीं टूटते हैं और पर्यावरण में लंबे समय तक बने रहते हैं।
अतः, सही उत्तर (c) है।
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हमारे शरीर में आनुवंशिक जानकारी कहाँ संग्रहित होती है?
- (a) राइबोसोम
- (b) माइटोकॉन्ड्रिया
- (c) डीएनए (DNA)
- (d) लाइसोसोम
उत्तर: (c)
हल (Solution):
सिद्धांत (Principle): डीएनए (Deoxyribonucleic Acid) जीवन के सभी ज्ञात रूपों में आनुवंशिक सामग्री है।
व्याख्या (Explanation): आनुवंशिक जानकारी मुख्य रूप से डीऑक्सीराइबोन्यूक्लिक एसिड (DNA) में संग्रहित होती है, जो जीवों के विकास, कार्यप्रणाली, वृद्धि और प्रजनन के लिए आवश्यक निर्देशों को वहन करती है। यह डीएनए की डबल हेलिक्स संरचना में नाइट्रोजनी क्षारों (एडेनिन, गुआनिन, साइटोसिन, थाइमिन) के विशिष्ट अनुक्रम में कोडित होती है। राइबोसोम प्रोटीन संश्लेषण के स्थल हैं, माइटोकॉन्ड्रिया कोशिका के ‘पावरहाउस’ हैं, और लाइसोसोम अपशिष्ट निपटान में शामिल होते हैं।
अतः, सही उत्तर (c) है।
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निम्नलिखित में से कौन सा जीव ‘चरमपसंदी’ (Extremophile) का उदाहरण है?
- (a) मानव
- (b) घोड़ा
- (c) थर्मोफिलिक बैक्टीरिया
- (d) आम
उत्तर: (c)
हल (Solution):
सिद्धांत (Principle): वे जीव जो अत्यधिक पर्यावरणीय परिस्थितियों में जीवित रहते हैं और पनपते हैं।
व्याख्या (Explanation): चरमपसंदी (Extremophile) ऐसे जीव होते हैं जो पृथ्वी पर जीवन के लिए अत्यधिक प्रतिकूल मानी जाने वाली पर्यावरणीय परिस्थितियों, जैसे अत्यधिक उच्च या निम्न तापमान, उच्च दबाव, अत्यधिक अम्लीय या क्षारीय pH, उच्च लवणता या विकिरण में पनपते हैं। थर्मोफिलिक बैक्टीरिया अत्यधिक उच्च तापमान (जैसे गर्म झरनों या गहरे समुद्र के हाइड्रोथर्मल वेंट्स) में जीवित रहते हैं। मानव, घोड़े और आम सामान्य पर्यावरणीय परिस्थितियों में पाए जाते हैं।
अतः, सही उत्तर (c) है।
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पौधों में प्रकाश संश्लेषण (Photosynthesis) की प्रक्रिया मुख्य रूप से किस कोशिकांग में होती है?
- (a) माइटोकॉन्ड्रिया
- (b) राइबोसोम
- (c) क्लोरोप्लास्ट
- (d) नाभिक
उत्तर: (c)
हल (Solution):
सिद्धांत (Principle): प्रकाश संश्लेषण वह प्रक्रिया है जिसके द्वारा हरे पौधे सूर्य के प्रकाश का उपयोग करके कार्बन डाइऑक्साइड और पानी से अपना भोजन बनाते हैं।
व्याख्या (Explanation): प्रकाश संश्लेषण की प्रक्रिया क्लोरोप्लास्ट नामक कोशिकांगों में होती है। क्लोरोप्लास्ट में क्लोरोफिल नामक हरा वर्णक होता है जो सूर्य के प्रकाश की ऊर्जा को अवशोषित करता है। यह ऊर्जा फिर रासायनिक ऊर्जा में परिवर्तित हो जाती है, जिसका उपयोग ग्लूकोज (भोजन) बनाने के लिए किया जाता है। माइटोकॉन्ड्रिया श्वसन के लिए, राइबोसोम प्रोटीन संश्लेषण के लिए, और नाभिक कोशिका की गतिविधियों को नियंत्रित करने के लिए जिम्मेदार होते हैं।
अतः, सही उत्तर (c) है।
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जीवाश्म (Fossils) आमतौर पर किस प्रकार की चट्टानों में पाए जाते हैं?
- (a) आग्नेय चट्टानें (Igneous rocks)
- (b) अवसादी चट्टानें (Sedimentary rocks)
- (c) रूपांतरित चट्टानें (Metamorphic rocks)
- (d) इनमें से कोई नहीं
उत्तर: (b)
हल (Solution):
सिद्धांत (Principle): जीवाश्म बनने की प्रक्रिया के लिए तलछट का जमाव और संपीड़न आवश्यक है।
व्याख्या (Explanation): जीवाश्म मुख्य रूप से अवसादी चट्टानों में पाए जाते हैं। अवसादी चट्टानें तलछट (जैसे रेत, गाद, मिट्टी) के जमाव और संपीड़न से बनती हैं। जब कोई जीव मर जाता है और तलछट में दब जाता है, तो उसके अवशेषों को संरक्षित किया जा सकता है क्योंकि तलछट धीरे-धीरे चट्टान में बदल जाती है। आग्नेय चट्टानें पिघले हुए मैग्मा या लावा के ठंडा होने से बनती हैं, और रूपांतरित चट्टानें उच्च गर्मी और दबाव के तहत मौजूदा चट्टानों के परिवर्तन से बनती हैं; इन प्रक्रियाओं में जीवाश्म नष्ट हो जाते हैं।
अतः, सही उत्तर (b) है।
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किसी वस्तु पर कार्य करने वाला ‘गुरुत्वाकर्षण बल’ किस पर निर्भर करता है?
- (a) केवल वस्तु का द्रव्यमान
- (b) केवल वस्तु और पृथ्वी के बीच की दूरी
- (c) वस्तु का द्रव्यमान और पृथ्वी से उसकी दूरी दोनों
- (d) केवल वस्तु का आकार
उत्तर: (c)
हल (Solution):
सिद्धांत (Principle): न्यूटन का सार्वत्रिक गुरुत्वाकर्षण का नियम।
व्याख्या (Explanation): गुरुत्वाकर्षण बल दो द्रव्यमानों के बीच कार्य करता है। न्यूटन के नियम के अनुसार, यह बल दोनों वस्तुओं के द्रव्यमान के गुणनफल के समानुपाती होता है और उनके बीच की दूरी के वर्ग के व्युत्क्रमानुपाती होता है। इसलिए, किसी वस्तु पर पृथ्वी द्वारा लगाया गया गुरुत्वाकर्षण बल वस्तु के द्रव्यमान और पृथ्वी के केंद्र से उसकी दूरी दोनों पर निर्भर करता है। जितना अधिक द्रव्यमान होगा, उतना अधिक बल होगा; जितनी अधिक दूरी होगी, उतना कम बल होगा।
अतः, सही उत्तर (c) है।
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सौरमंडल में किस ग्रह को ‘लाल ग्रह’ (Red Planet) के नाम से जाना जाता है?
- (a) शुक्र
- (b) मंगल
- (c) बृहस्पति
- (d) शनि
उत्तर: (b)
हल (Solution):
सिद्धांत (Principle): ग्रहों की सतह की संरचना और रंग के बीच संबंध।
व्याख्या (Explanation): मंगल ग्रह को उसकी सतह पर मौजूद लौह ऑक्साइड (जंग) की प्रचुरता के कारण ‘लाल ग्रह’ के रूप में जाना जाता है, जो इसे एक विशिष्ट लाल-नारंगी रंग देता है। शुक्र एक गर्म, घना वातावरण वाला ग्रह है। बृहस्पति और शनि गैसीय विशालकाय ग्रह हैं।
अतः, सही उत्तर (b) है।
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निम्नलिखित में से कौन सा कथन विकास के ‘प्राकृतिक चयन’ (Natural Selection) सिद्धांत का सबसे अच्छा वर्णन करता है?
- (a) सभी जीव अपनी संतानों को समान रूप से उत्पन्न करते हैं।
- (b) सबसे मजबूत जीव हमेशा जीवित रहते हैं और प्रजनन करते हैं।
- (c) वे जीव जो अपने पर्यावरण के लिए सबसे अनुकूल होते हैं, उनके जीवित रहने और प्रजनन करने की अधिक संभावना होती है।
- (d) प्रजातियां समय के साथ जानबूझकर खुद को बदलती हैं।
उत्तर: (c)
हल (Solution):
सिद्धांत (Principle): चार्ल्स डार्विन द्वारा प्रतिपादित विकास का एक प्रमुख तंत्र।
व्याख्या (Explanation): प्राकृतिक चयन वह प्रक्रिया है जिसमें वे जीव जो अपने पर्यावरण के अनुकूल सबसे अच्छी तरह से ढल जाते हैं, वे अधिक जीवित रहते हैं और प्रजनन करते हैं, जिससे उनके अनुकूल गुण अगली पीढ़ी में अधिक फैलते हैं। यह ‘योग्यतम की उत्तरजीविता’ (survival of the fittest) से संबंधित है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि केवल ‘सबसे मजबूत’ ही जीवित रहते हैं, बल्कि वे जीवित रहते हैं जो सबसे ‘अनुकूल’ होते हैं (जो विभिन्न गुणों में हो सकता है, जैसे छिपने की क्षमता, भोजन खोजने की क्षमता, रोगों का प्रतिरोध)। विकल्प (d) लैमार्कवाद से संबंधित है जो गलत साबित हुआ है।
अतः, सही उत्तर (c) है।
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कोशिका का ‘शक्तिगृह’ (Powerhouse) किस कोशिकांग को कहा जाता है?
- (a) नाभिक (Nucleus)
- (b) राइबोसोम (Ribosome)
- (c) माइटोकॉन्ड्रिया (Mitochondria)
- (d) एंडोप्लाज्मिक रेटिकुलम (Endoplasmic Reticulum)
उत्तर: (c)
हल (Solution):
सिद्धांत (Principle): कोशिकीय श्वसन और एटीपी उत्पादन।
व्याख्या (Explanation): माइटोकॉन्ड्रिया को कोशिका का ‘शक्तिगृह’ कहा जाता है क्योंकि वे कोशिकीय श्वसन की प्रक्रिया के माध्यम से एडेनोसिन ट्राइफॉस्फेट (ATP) के रूप में ऊर्जा उत्पन्न करते हैं। एटीपी कोशिका की सभी उपापचयी गतिविधियों के लिए आवश्यक ऊर्जा मुद्रा है। नाभिक कोशिका के आनुवंशिक पदार्थ को नियंत्रित करता है, राइबोसोम प्रोटीन संश्लेषण करते हैं, और एंडोप्लाज्मिक रेटिकुलम प्रोटीन और लिपिड के संश्लेषण और परिवहन में शामिल होता है।
अतः, सही उत्तर (c) है।
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मनुष्य में रक्त समूह (Blood Group) की वंशागति (inheritance) किस प्रकार का उदाहरण है?
- (a) अपूर्ण प्रभाविता (Incomplete Dominance)
- (b) सह-प्रभाविता (Co-dominance)
- (c) बहु-युग्मविकल्पी (Multiple Alleles)
- (d) (b) और (c) दोनों
उत्तर: (d)
हल (Solution):
सिद्धांत (Principle): एबीओ रक्त समूह प्रणाली में आनुवंशिकी के गैर-मेंडेलियन पैटर्न।
व्याख्या (Explanation): एबीओ रक्त समूह प्रणाली (जो A, B, AB, और O रक्त समूह निर्धारित करती है) बहु-युग्मविकल्पी (Multiple Alleles) और सह-प्रभाविता (Co-dominance) दोनों का एक उत्कृष्ट उदाहरण है।
* बहु-युग्मविकल्पी: यह तब होता है जब एक जीन के तीन या अधिक युग्मविकल्पी (एलील) एक लक्षण को नियंत्रित करते हैं। एबीओ रक्त समूह में, तीन मुख्य एलील होते हैं: Iᴬ, Iᴮ, और i।
* सह-प्रभाविता: यह तब होता है जब दो भिन्न एलील एक साथ पूर्ण रूप से व्यक्त होते हैं, जिसके परिणामस्वरूप दोनों एलीलों के फेनोटाइपिक गुणधर्मों का मिश्रण या एक साथ अभिव्यक्ति होती है। रक्त समूह AB में, Iᴬ और Iᴮ एलील दोनों सह-प्रभावी होते हैं, और व्यक्ति की लाल रक्त कोशिकाओं पर A और B दोनों एंटीजन व्यक्त होते हैं।
अतः, यह (b) और (c) दोनों का एक उदाहरण है।अतः, सही उत्तर (d) है।
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निम्नलिखित में से कौन सा जीव प्रोटिस्टा जगत (Kingdom Protista) से संबंधित है?
- (a) बैक्टीरिया
- (b) कवक (Fungi)
- (c) अमीबा (Amoeba)
- (d) शैवाल (Algae)
उत्तर: (c)
हल (Solution):
सिद्धांत (Principle): जीव विज्ञान में पांच-जगत वर्गीकरण प्रणाली (Five-Kingdom Classification System)।
व्याख्या (Explanation): प्रोटिस्टा जगत में ऐसे यूकैरियोटिक जीव शामिल होते हैं जो न तो पौधे, न जानवर और न ही कवक होते हैं। ये आमतौर पर एकल-कोशिका वाले होते हैं, लेकिन कुछ बहुकोशिका वाले भी हो सकते हैं। अमीबा एक एकल-कोशिका वाला प्रोटिस्ट है जो अपने स्यूडोपोड (नकली पैर) का उपयोग करके गति करता है। बैक्टीरिया मोनेरा जगत से संबंधित हैं, कवक अपने स्वयं के कवक जगत से संबंधित हैं, और शैवाल व्यापक रूप से वर्गीकृत हैं, जिनमें कुछ प्रोटिस्टा में और कुछ प्लांटी में शामिल हैं, लेकिन अमीबा एक विशिष्ट प्रोटिस्टा है।
अतः, सही उत्तर (c) है।