नमस्ते भविष्य के समाजशास्त्रियों!
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क्या आप अपनी समाजशास्त्रीय समझ को चुनौती देने के लिए तैयार हैं? समाजशास्त्र केवल समाज का अध्ययन नहीं है, बल्कि उन अदृश्य धागों को समझने की कला है जो हमारे व्यवहार, संस्थाओं और वैश्विक संरचनाओं को नियंत्रित करते हैं। आज का यह विशेष अभ्यास सेट न केवल आपके बुनियादी ज्ञान का परीक्षण करेगा, बल्कि आपको समकालीन सामाजिक बदलावों और जटिल सिद्धांतों के बीच संबंध स्थापित करने में मदद करेगा। अपनी एकाग्रता बढ़ाएं और अपनी विश्लेषणात्मक क्षमता को परखें!
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- कार्ल मार्क्स के अनुसार, ‘अलगाव’ (Alienation) की स्थिति तब उत्पन्न होती है जब श्रमिक:\n
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- (A) अधिक वेतन प्राप्त करता है।
- (B) उत्पादन की प्रक्रिया और उत्पाद पर अपना नियंत्रण खो देता है।
- (C) समाज के उच्च वर्ग में शामिल हो जाता है।
- (D) केवल मशीनों के साथ काम करता है।
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सही उत्तर: (B)
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विस्तृत व्याख्या: मार्क्स के अनुसार, पूंजीवाद में श्रमिक अपने उत्पाद, उत्पादन की प्रक्रिया, अपने साथी श्रमिकों और अंततः अपने स्वयं के मानवीय स्वभाव (Species-being) से अलग हो जाता है। यह अलगाव पूंजीवादी उत्पादन पद्धति की एक अनिवार्य विशेषता है। विकल्प (A) और (C) इसके विपरीत हैं, जबकि (D) केवल एक भौतिक कारण है, वैचारिक नहीं।
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- मैक्स वेबर की ‘वेरस्टहेन’ (Verstehen) पद्धति का मुख्य उद्देश्य क्या है?\n
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- (A) सामाजिक तथ्यों का सांख्यिकीय विश्लेषण करना।
- (B) केवल बाहरी व्यवहार का अवलोकन करना।
- (C) सामाजिक क्रियाओं के पीछे के व्यक्तिपरक अर्थों (Subjective Meanings) को समझना।
- (D) समाज के विकास के नियमों को खोजना।
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सही उत्तर: (C)
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विस्तृत व्याख्या: ‘Verstehen’ एक जर्मन शब्द है जिसका अर्थ है ‘समझना’। वेबर का मानना था कि समाजशास्त्रियों को सामाजिक क्रियाओं का अध्ययन करते समय उस कर्ता (Actor) के नजरिए से दुनिया को देखना चाहिए ताकि क्रिया के पीछे के वास्तविक अर्थ को समझा जा सके। विकल्प (A) मात्रात्मक पद्धति है, जबकि वेबर गुणात्मक समझ पर जोर देते थे।
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- एमिल दुर्खीम ने ‘एनोमी’ (Anomie) की अवधारणा का उपयोग किस संदर्भ में किया है?\n
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- (A) सामाजिक एकजुटता की अत्यधिक स्थिति।
- (B) नियमों का अभाव या सामाजिक मानदंडों का टूटना।
- (C) धर्म का समाज पर प्रभाव।
- (D) वर्ग संघर्ष की स्थिति।
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सही उत्तर: (B)
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विस्तृत व्याख्या: दुर्खीम के अनुसार, जब समाज में तीव्र परिवर्तन होते हैं (जैसे आर्थिक संकट या अचानक समृद्धि), तो पुराने सामाजिक मानदंड अप्रासंगिक हो जाते हैं और नए मानदंड अभी विकसित नहीं हुए होते। इस ‘नियमहीनता’ की स्थिति को ‘एनोमी’ कहा जाता है, जो आत्महत्या की दर बढ़ा सकती है। विकल्प (D) मार्क्स की अवधारणा है।
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- टैलकोट पार्सन्स के AGIL मॉडल में ‘L’ (Latency) का क्या अर्थ है?\n
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- (A) लक्ष्यों को प्राप्त करना।
- (B) संसाधनों का संग्रहण।
- (C) सामाजिक मानदंडों और मूल्यों को बनाए रखना (सांस्कृतिक रखरखाव)।
- (D) समाज के विभिन्न अंगों का एकीकरण।
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सही उत्तर: (C)
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विस्तृत व्याख्या: पार्सन्स के अनुसार, किसी भी सामाजिक प्रणाली को जीवित रहने के लिए चार कार्य करने होते हैं: Adaptation (A), Goal Attainment (G), Integration (I), और Latency (L)। Latency का अर्थ है वह तनाव कम करना जो प्रणाली में उत्पन्न होता है, जिसके लिए परिवार और शिक्षा जैसी संस्थाएं मूल्यों का संचार करती हैं।
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- रॉबर्ट के. मर्टन ने ‘प्रकट कार्य’ (Manifest Function) और ‘अंतर्निहित कार्य’ (Latent Function) के बीच क्या अंतर बताया है?\n
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- (A) प्रकट कार्य अनपेक्षित होते हैं और अंतर्निहित कार्य अपेक्षित।
- (B) प्रकट कार्य इच्छित और मान्यता प्राप्त होते हैं, जबकि अंतर्निहित कार्य अनपेक्षित और अज्ञात होते हैं।
- (C) दोनों एक ही हैं, केवल नाम अलग हैं।
- (D) अंतर्निहित कार्य हमेशा हानिकारक होते हैं।
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सही उत्तर: (B)
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विस्तृत व्याख्या: मर्टन के अनुसार, किसी भी सामाजिक क्रिया का एक स्पष्ट उद्देश्य होता है (प्रकट), लेकिन उसके कुछ ऐसे प्रभाव भी हो सकते हैं जिनके बारे में कर्ता को पता नहीं होता (अंतर्निहित)। उदाहरण के लिए, कॉलेज जाने का प्रकट कार्य डिग्री प्राप्त करना है, लेकिन अंतर्निहित कार्य नए सामाजिक संबंध बनाना या जीवनसाथी खोजना हो सकता है।
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- जॉर्ज हर्बर्ट मीड के अनुसार, ‘स्व’ (Self) का विकास कैसे होता है?\n
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- (A) केवल आनुवंशिक गुणों से।
- (B) दूसरों के साथ सामाजिक अंतःक्रिया और प्रतीकात्मक संचार के माध्यम से।
- (C) एकांत चिंतन के द्वारा।
- (D) केवल कठोर दंड और पुरस्कार के माध्यम से।
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सही उत्तर: (B)
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विस्तृत व्याख्या: मीड ‘प्रतीकात्मक अंतःक्रियावाद’ (Symbolic Interactionism) के जनक माने जाते हैं। उनके अनुसार, मनुष्य दूसरों की नजरों से खुद को देखना सीखता है (Taking the role of the other), जिससे ‘I’ और ‘Me’ का निर्माण होता है और ‘स्व’ विकसित होता है।
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- इरविंग गॉफमैन के ‘नाट्यशास्त्र’ (Dramaturgy) सिद्धांत के अनुसार ‘बैकस्टेज’ (Backstage) क्या है?\n
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- (A) वह स्थान जहाँ व्यक्ति अपना सार्वजनिक प्रदर्शन करता है।
- (B) वह निजी क्षेत्र जहाँ व्यक्ति अपनी सार्वजनिक छवि की तैयारी करता है और वास्तविक रूप में होता है।
- (C) समाज का वह हिस्सा जो नियमों का पालन नहीं करता।
- (D) रंगमंच का पिछला हिस्सा।
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सही उत्तर: (B)
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विस्तृत व्याख्या: गॉफमैन का मानना था कि जीवन एक नाटक है। ‘फ्रंट स्टेज’ पर हम दूसरों को प्रभावित करने के लिए एक विशेष भूमिका निभाते हैं, जबकि ‘बैकस्टेज’ वह सुरक्षित स्थान है जहाँ हम उस मुखौटे को उतार देते हैं और स्वयं को विश्राम देते हैं।
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- सामाजिक स्तरीकरण (Social Stratification) के संदर्भ में ‘बंद स्तरीकरण’ (Closed Stratification) का उदाहरण कौन सा है?\n
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- (A) आधुनिक वर्ग प्रणाली (Class System)।
- (B) जाति प्रणाली (Caste System)।
- (C) योग्यता आधारित प्रणाली (Meritocracy)।
- (D) पेशेवर पदानुक्रम।
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सही उत्तर: (B)
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विस्तृत व्याख्या: बंद स्तरीकरण वह होता है जहाँ सामाजिक स्थिति जन्म से निर्धारित होती है और इसमें गतिशीलता (Mobility) लगभग असंभव होती है। जाति प्रणाली इसका सटीक उदाहरण है, जबकि वर्ग प्रणाली ‘खुली’ होती है क्योंकि इसमें शिक्षा और धन से स्थिति बदली जा सकती है।
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- विलियम ऑगबर्न द्वारा प्रतिपादित ‘सांस्कृतिक पिछड़ापन’ (Cultural Lag) का क्या अर्थ है?\n
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- (A) जब संस्कृति का विकास रुक जाता है।
- (B) जब भौतिक संस्कृति (तकनीक) तेजी से बढ़ती है, लेकिन गैर-भौतिक संस्कृति (मान्यताएं, मूल्य) धीमी गति से बदलती हैं।
- (C) आदिम समाजों की संस्कृति।
- (D) पुरानी परंपराओं का पूरी तरह लुप्त होना।
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सही उत्तर: (B)
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विस्तृत व्याख्या: ऑगबर्न के अनुसार, तकनीकी परिवर्तन बहुत तेज होते हैं, लेकिन हमारे सामाजिक मूल्य और कानून उन्हें अपनाने में समय लेते हैं। इसी अंतराल (Gap) को ‘सांस्कृतिक पिछड़ापन’ कहा जाता है। उदाहरण: इंटरनेट का आना (भौतिक) बनाम साइबर कानूनों का निर्माण (गैर-भौतिक)।
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- प्राथमिक समाजीकरण (Primary Socialization) की मुख्य एजेंसी कौन सी है?\n
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- (A) विद्यालय।
- (B) मीडिया।
- (C) परिवार।
- (D) सरकार।
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सही उत्तर: (C)
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विस्तृत व्याख्या: प्राथमिक समाजीकरण बचपन के शुरुआती वर्षों में होता है, जहाँ बच्चा सबसे पहले परिवार के संपर्क में आता है और बुनियादी भाषा, व्यवहार और मूल्य सीखता है। स्कूल और मीडिया ‘द्वितीयक समाजीकरण’ (Secondary Socialization) का हिस्सा हैं।
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- संयुक्त परिवार (Joint Family) के विघटन का मुख्य समाजशास्त्रीय कारण क्या माना जाता है?\n
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- (A) जनसंख्या में वृद्धि।
- (B) औद्योगिकीकरण और शहरीकरण।
- (C) धार्मिक मान्यताओं में बदलाव।
- (D) शिक्षा का प्रसार।
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सही उत्तर: (B)
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विस्तृत व्याख्या: औद्योगिक क्रांति और शहरीकरण ने लोगों को रोजगार के लिए शहरों की ओर पलायन करने पर मजबूर किया, जिससे बड़े संयुक्त परिवारों का स्थान छोटे एकल परिवारों (Nuclear Families) ने ले लिया। यह आर्थिक संरचना में बदलाव का सामाजिक परिणाम है।
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- एमिल दुर्खीम के अनुसार, धर्म का मूल तत्व क्या है?\n
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- (A) ईश्वर की पूजा।
- (B) पवित्र (Sacred) और अपवित्र (Profane) के बीच का अंतर।
- (C) स्वर्ग और नर्क की अवधारणा।
- (D) केवल व्यक्तिगत विश्वास।
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सही उत्तर: (B)
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विस्तृत व्याख्या: दुर्खीम ने धर्म को एक एकीकृत सामाजिक व्यवस्था के रूप में देखा। उनके लिए धर्म का अर्थ ईश्वर नहीं, बल्कि समाज द्वारा कुछ चीजों को ‘पवित्र’ (Sacred) घोषित करना और उन्हें सामान्य या ‘अपवित्र’ (Profane) चीजों से अलग रखना है।
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- पियरे बोर्दियू (Pierre Bourdieu) की ‘सांस्कृतिक पूंजी’ (Cultural Capital) की अवधारणा क्या बताती है?\n
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- (A) बैंक में जमा धन।
- (B) केवल औपचारिक शिक्षा की डिग्री।
- (C) ज्ञान, कौशल, शिक्षा और बोलने का तरीका जो व्यक्ति को समाज में उच्च स्थिति दिलाता है।
- (D) किसी देश की ऐतिहासिक विरासत।
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सही उत्तर: (C)
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विस्तृत व्याख्या: बोर्दियू का तर्क था कि उच्च वर्ग के बच्चे केवल आर्थिक रूप से समृद्ध नहीं होते, बल्कि उनके पास ऐसी ‘सांस्कृतिक पूंजी’ (जैसे विशिष्ट भाषा, शिष्टाचार, कला का ज्ञान) होती है जो उन्हें शिक्षा प्रणाली में दूसरों की तुलना में अधिक लाभ दिलाती है।
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- मैक्स वेबर ने सत्ता (Authority) के कौन से तीन प्रकार बताए हैं?\n
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- (A) राजनीतिक, आर्थिक और सामाजिक।
- (B) पारंपरिक, करिश्माई और कानूनी-तार्किक।
- (C) लोकतांत्रिक, तानाशाही और कुलीनतंत्र।
- (D) प्राथमिक, द्वितीयक और तृतीयक।
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सही उत्तर: (B)
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विस्तृत व्याख्या: वेबर के अनुसार: 1. पारंपरिक सत्ता (परंपराओं पर आधारित), 2. करिश्माई सत्ता (नेता के असाधारण व्यक्तित्व पर आधारित), और 3. कानूनी-तार्किक सत्ता (लिखित नियमों और कानूनों पर आधारित, जैसे आधुनिक नौकरशाही)।
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- अनुसंधान में ‘त्रिकोणीयकरण’ (Triangulation) का क्या अर्थ है?\n
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- (A) केवल तीन लोगों का साक्षात्कार लेना।
- (B) एक ही शोध प्रश्न का उत्तर खोजने के लिए कई विधियों (जैसे सर्वेक्षण और साक्षात्कार दोनों) का उपयोग करना।
- (C) आंकड़ों को त्रिभुज के आकार में व्यवस्थित करना।
- (D) केवल मात्रात्मक डेटा का उपयोग करना।
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सही उत्तर: (B)
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विस्तृत व्याख्या: त्रिकोणीयकरण एक शोध तकनीक है जिसका उपयोग परिणामों की वैधता (Validity) और विश्वसनीयता बढ़ाने के लिए किया जाता है। जब विभिन्न विधियों से एक ही परिणाम मिलता है, तो शोध अधिक सटीक माना जाता है।
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- सहभागी अवलोकन (Participant Observation) किस प्रकार की अनुसंधान पद्धति है?\n
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- (A) मात्रात्मक (Quantitative)।
- (B) प्रयोगात्मक (Experimental)।
- (C) नृवंशविज्ञान (Ethnographic/Qualitative)।
- (D) सांख्यिकीय (Statistical)।
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सही उत्तर: (C)
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विस्तृत व्याख्या: इसमें शोधकर्ता स्वयं उस समूह का हिस्सा बन जाता है जिसका वह अध्ययन कर रहा है। यह पद्धति गुणात्मक डेटा और गहरे अर्थों को समझने के लिए उपयोग की जाती है, जो नृवंशविज्ञान (Ethnography) का मुख्य आधार है।
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- एक शोध परिकल्पना (Hypothesis) क्या होती है?\n
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- (A) शोध का अंतिम निष्कर्ष।
- (B) दो या दो से अधिक चरों के बीच संबंधों का एक परीक्षण योग्य अनुमान।
- (C) केवल शोधकर्ता की निजी राय।
- (D) डेटा संग्रह की एक विधि।
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सही उत्तर: (B)
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विस्तृत व्याख्या: परिकल्पना एक ‘शिक्षित अनुमान’ है जिसे शोध के माध्यम से सिद्ध या खारिज किया जाता है। उदाहरण: \”शिक्षा का स्तर बढ़ने से जातिगत पूर्वाग्रह कम होते हैं।\” यह एक परीक्षण योग्य कथन है।
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- एम.एन. श्रीनिवास द्वारा प्रतिपादित ‘संस्कृतिकरण’ (Sanskritization) की प्रक्रिया क्या है?\n
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- (A) उच्च जातियों का निम्न जातियों के रीति-रिवाजों को अपनाना।
- (B) निम्न जातियों द्वारा उच्च जातियों के रीति-रिवाजों, विचारधारा और जीवनशैली को अपनाना ताकि वे सामाजिक पदानुक्रम में ऊपर उठ सकें।
- (C) संस्कृत भाषा का अनिवार्य अध्ययन।
- (D) धर्म का पूरी तरह त्याग करना।
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सही उत्तर: (B)
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विस्तृत व्याख्या: श्रीनिवास ने बताया कि भारत में निम्न जातियाँ अपनी स्थिति सुधारने के लिए अक्सर उच्च जातियों (विशेषकर ब्राह्मणों) के शाकाहार, पूजा पद्धति और रीति-रिवाजों का अनुकरण करती हैं। यह जाति व्यवस्था के भीतर एक प्रकार की गतिशीलता है।
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- ‘प्रभावी जाति’ (Dominant Caste) की अवधारणा के लिए कौन सी शर्त आवश्यक है?\n
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- (A) केवल उच्च अनुष्ठानिक स्थिति।
- (B) केवल अधिक जनसंख्या।
- (C) भूमि का स्वामित्व, संख्यात्मक शक्ति और राजनीतिक प्रभाव।
- (D) केवल धार्मिक नेतृत्व।
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सही उत्तर: (C)
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विस्तृत व्याख्या: एम.एन. श्रीनिवास के अनुसार, एक जाति ‘प्रभावी’ तब होती है जब उसके पास आर्थिक शक्ति (जमीन), राजनीतिक प्रभाव और जनसंख्या में पर्याप्त संख्या हो, भले ही उसकी अनुष्ठानिक स्थिति (Ritual Status) सबसे ऊंची न हो।
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- आधुनिक भारत में ‘डिजिटल जाति व्यवस्था’ (Digital Caste System) का क्या तात्पर्य है?\n
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- (A) जाति के आधार पर कंप्यूटर का वितरण।
- (B) डिजिटल संसाधनों, इंटरनेट और तकनीक तक पहुंच में जातिगत असमानताओं का बने रहना।
- (C) केवल ऑनलाइन जाति आधारित समूह बनाना।
- (D) तकनीक द्वारा जाति व्यवस्था का पूरी तरह समाप्त होना।
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सही उत्तर: (B)
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विस्तृत व्याख्या: यह समकालीन समाजशास्त्रीय विमर्श है जो बताता है कि कैसे डिजिटल डिवाइड (Digital Divide) पुराने सामाजिक स्तरीकरण को प्रतिबिंबित करता है। जिनके पास सामाजिक पूंजी कम है, वे तकनीक और डिजिटल शिक्षा से वंचित रह जाते हैं, जिससे असमानता और गहरी होती है।
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- लुई विर्थ के अनुसार ‘शहरीकरण’ (Urbanism) की मुख्य विशेषता क्या है?\n
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- (A) घनिष्ठ और गहरे सामाजिक संबंध।
- (B) जनसंख्या का घनत्व, आकार और सामाजिक विषमता।
- (C) केवल गगनचुंबी इमारतों का होना।
- (D) कृषि आधारित अर्थव्यवस्था।
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सही उत्तर: (B)
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विस्तृत व्याख्या: विर्थ ने शहरीकरण को केवल एक स्थान नहीं बल्कि एक ‘जीवन जीने के तरीके’ के रूप में देखा। उन्होंने तर्क दिया कि शहरी जीवन में संबंधों की प्रकृति औपचारिक, सतही और अस्थायी होती है, जिसका कारण जनसंख्या का भारी घनत्व और विविधता है।
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- ग्रामीण समाजशास्त्र में ‘हरित क्रांति’ (Green Revolution) के सामाजिक प्रभाव के रूप में क्या देखा गया?\n
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- (A) ग्रामीण गरीबी का पूर्ण उन्मूलन।
- (B) जाति व्यवस्था का पूरी तरह अंत।
- (C) ग्रामीण क्षेत्रों में आर्थिक असमानता में वृद्धि और वर्ग संघर्ष।
- (D) केवल जनसंख्या में कमी।
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सही उत्तर: (C)
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विस्तृत व्याख्या: हालांकि हरित क्रांति ने उत्पादन बढ़ाया, लेकिन इसका लाभ मुख्य रूप से बड़े किसानों को मिला जिनके पास पूंजी थी। इससे ग्रामीण समाज में अमीर और गरीब किसानों के बीच की खाई बढ़ गई, जिससे सामाजिक तनाव उत्पन्न हुआ।
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- आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का सामाजिक विज्ञान अनुसंधान (Social Science Research) पर क्या संभावित प्रभाव पड़ सकता है?\n
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- (A) यह मानवीय अंतःक्रिया के अध्ययन को पूरी तरह अनावश्यक बना देगा।
- (B) यह केवल डेटा प्रविष्टि (Data Entry) के काम आएगा।
- (C) यह बड़े डेटासेट (Big Data) के विश्लेषण की क्षमता बढ़ाएगा लेकिन नैतिक चुनौतियां और एल्गोरिथमिक पूर्वाग्रह (Algorithmic Bias) पैदा कर सकता है।
- (D) इससे समाजशास्त्रीय सिद्धांतों की आवश्यकता समाप्त हो जाएगी।
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सही उत्तर: (C)
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विस्तृत व्याख्या: समकालीन चर्चाओं के अनुसार, AI शोधकर्ताओं को विशाल मात्रा में डेटा प्रोसेस करने में मदद कर रहा है। हालांकि, खतरा यह है कि AI के एल्गोरिदम उन्हीं सामाजिक पूर्वाग्रहों को दोहरा सकते हैं जो डेटा में मौजूद हैं, जिससे शोध में निष्पक्षता प्रभावित हो सकती है।
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- ‘जलवायु-प्रेरित प्रवासन’ (Climate-driven Migration) के समाजशास्त्रीय निहितार्थ क्या हैं?\n
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- (A) यह केवल एक पर्यावरणीय समस्या है, सामाजिक नहीं।
- (B) इससे शहरी क्षेत्रों में दबाव बढ़ता है और प्रवासियों के बीच नए सामाजिक संघर्ष और पहचान के संकट पैदा होते हैं।
- (C) यह प्रवासन केवल समृद्ध देशों में होता है।
- (D) इससे वैश्विक स्तर पर सामाजिक एकजुटता बढ़ती है।
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सही उत्तर: (B)
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विस्तृत व्याख्या: जब लोग जलवायु परिवर्तन (सूखा, बाढ़) के कारण विस्थापित होते हैं, तो वे केवल घर नहीं छोड़ते, बल्कि अपनी सामाजिक संरचना और सामुदायिक समर्थन भी खो देते हैं। नए स्थानों पर उन्हें अक्सर हाशिए पर धकेला जाता है, जो नए सामाजिक तनाव पैदा करता है।
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- ‘रिमोट वर्क’ (Remote Work) का सामुदायिक सामंजस्य (Community Cohesion) पर क्या प्रभाव पड़ रहा है?\n
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- (A) इससे कार्यस्थल पर सामाजिक संबंधों में प्रगाढ़ता आती है।
- (B) यह सार्वजनिक और निजी जीवन के बीच की सीमाओं को धुंधला करता है और पारंपरिक कार्यालयी सामाजिकता को कम करता है।
- (C) यह सामुदायिक सामंजस्य को पूरी तरह समाप्त कर देता है।
- (D) इसका समाजशास्त्र से कोई संबंध नहीं है।
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सही उत्तर: (B)
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विस्तृत व्याख्या: रिमोट वर्क ने भौतिक कार्यस्थलों (Physical Workspaces) को कम कर दिया है, जहाँ अनौपचारिक बातचीत और सामाजिक बंधन बनते थे। अब ‘घर’ ही ‘दफ्तर’ बन गया है, जिससे पारिवारिक तनाव और पेशेवर अलगाव (Professional Isolation) जैसी नई समस्याएं उभर रही हैं।
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तैयारी की टिप: इन प्रश्नों का अभ्यास करते समय केवल सही उत्तर न देखें, बल्कि उन अवधारणाओं के बीच अंतर्संबंधों को समझें। समाजशास्त्र के प्रश्नों में ‘विश्लेषण’ ही सफलता की कुंजी है। अपनी तैयारी जारी रखें!
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सफलता सिर्फ कड़ी मेहनत से नहीं, सही मार्गदर्शन से मिलती है। हमारे सभी विषयों के कम्पलीट नोट्स, G.K. बेसिक कोर्स, और करियर गाइडेंस बुक के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें।