नमस्ते भविष्य के समाजशास्त्रियों!
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आज का यह विशेष अभ्यास सेट आपकी वैचारिक गहराई और विश्लेषणात्मक क्षमता को परखने के लिए सावधानीपूर्वक तैयार किया गया है। चाहे आप UGC-NET, UPSC या किसी राज्य PSC की तैयारी कर रहे हों, ये प्रश्न आपको समाजशास्त्रीय सिद्धांतों की सूक्ष्मताओं और समकालीन सामाजिक बदलावों से रूबरू कराएंगे। आइए, अपनी तैयारी को एक नए स्तर पर ले चलें और अपनी वैचारिक स्पष्टता का परीक्षण करें!
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- एमिल दुर्खीम के अनुसार ‘अनोमी’ (Anomie) की स्थिति कब उत्पन्न होती है?\n
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- (A) जब समाज में बहुत अधिक नियम होते हैं।
- (B) जब सामाजिक मानदंडों का अभाव होता है या वे टूट जाते हैं।
- (C) जब व्यक्ति पूरी तरह से समाज से अलग हो जाता है।
- (D) जब आर्थिक समृद्धि अत्यधिक बढ़ जाती है।
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\nसही उत्तर: (B) जब सामाजिक मानदंडों का अभाव होता है या वे टूट जाते हैं।\n
विस्तृत व्याख्या: दुर्खीम ने ‘अनोमी’ शब्द का उपयोग उस स्थिति के लिए किया जहाँ समाज में नियमों की कमी होती है, जिससे व्यक्ति दिशाहीन महसूस करता है। यह अक्सर तीव्र सामाजिक परिवर्तनों (जैसे आर्थिक संकट या अचानक समृद्धि) के दौरान होता है। विकल्प (C) ‘अलगाव’ (Alienation) को दर्शाता है, जो मार्क्स की अवधारणा है।
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- कार्ल मार्क्स के ‘आधार’ (Base) और ‘अधिरचना’ (Superstructure) के सिद्धांत में ‘आधार’ का तात्पर्य क्या है?\n
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- (A) समाज के कानूनी और राजनीतिक संस्थान।
- (B) धार्मिक विश्वास और सांस्कृतिक मूल्य।
- (C) उत्पादन की आर्थिक प्रणाली और उत्पादन के संबंध।
- (D) शिक्षा और परिवार की संरचना।
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\nसही उत्तर: (C) उत्पादन की आर्थिक प्रणाली और उत्पादन के संबंध।\n
विस्तृत व्याख्या: मार्क्स के अनुसार, समाज का आर्थिक आधार (उत्पादन के साधन और संबंध) यह निर्धारित करता है कि अधिरचना (कानून, राजनीति, धर्म, संस्कृति) कैसी होगी। अधिरचना आधार को बनाए रखने और उसे वैध बनाने का कार्य करती है।
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- मैक्स वेबर की ‘आदर्श प्रारूप’ (Ideal Type) की अवधारणा का मुख्य उद्देश्य क्या है?\n
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- (A) एक पूर्ण समाज का निर्माण करना।
- (B) सामाजिक वास्तविकता का विश्लेषण करने के लिए एक तुलनात्मक मानक बनाना।
- (C) समाज के नैतिक मूल्यों को निर्धारित करना।
- (D) केवल मात्रात्मक डेटा एकत्र करना।
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\nसही उत्तर: (B) सामाजिक वास्तविकता का विश्लेषण करने के लिए एक तुलनात्मक मानक बनाना।\n
विस्तृत व्याख्या: आदर्श प्रारूप कोई वास्तविक वस्तु नहीं है, बल्कि एक मानसिक निर्माण है जिसमें किसी घटना की मुख्य विशेषताओं को बढ़ाकर दिखाया जाता है ताकि वास्तविक दुनिया की घटनाओं की तुलना उससे की जा सके।
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- टैलकोट पार्सन्स के AGIL मॉडल में ‘L’ (Latency) का क्या अर्थ है?\n
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- (A) अनुकूलन (Adaptation)
- (B) लक्ष्य प्राप्ति (Goal Attainment)
- (C) एकीकरण (Integration)
- (D) स्वरूप अनुरक्षण (Latency/Pattern Maintenance)
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\nसही उत्तर: (D) स्वरूप अनुरक्षण (Latency/Pattern Maintenance)\n
विस्तृत व्याख्या: पार्सन्स के अनुसार, किसी भी सामाजिक प्रणाली को जीवित रहने के लिए चार कार्यों की आवश्यकता होती है। ‘L’ का अर्थ है सांस्कृतिक मूल्यों को बनाए रखना और उन्हें अगली पीढ़ी तक पहुँचाना, जो मुख्य रूप से परिवार और शिक्षा द्वारा किया जाता है।
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- रॉबर्ट के. मर्टन द्वारा प्रतिपादित ‘प्रकट कार्य’ (Manifest Function) और ‘अप्रत्यक्ष कार्य’ (Latent Function) में मुख्य अंतर क्या है?\n
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- (A) प्रकट कार्य अनपेक्षित होते हैं, जबकि अप्रत्यक्ष कार्य अपेक्षित होते हैं।
- (B) प्रकट कार्य इच्छित और पहचाने गए परिणाम हैं, जबकि अप्रत्यक्ष कार्य अनपेक्षित परिणाम हैं।
- (C) दोनों एक ही होते हैं।
- (D) प्रकट कार्य केवल नकारात्मक होते हैं।
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\nसही उत्तर: (B) प्रकट कार्य इच्छित और पहचाने गए परिणाम हैं, जबकि अप्रत्यक्ष कार्य अनपेक्षित परिणाम हैं।\n
विस्तृत व्याख्या: उदाहरण के लिए, विश्वविद्यालय जाने का ‘प्रकट कार्य’ शिक्षा प्राप्त करना है, लेकिन इसका ‘अप्रत्यक्ष कार्य’ जीवनसाथी ढूँढना या सामाजिक नेटवर्क बनाना हो सकता है।
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- जी.एच. मीड के अनुसार, ‘स्व’ (Self) के विकास में ‘I’ और ‘Me’ के बीच क्या संबंध है?\n
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- (A) ‘I’ सामाजिक अपेक्षाओं का प्रतिबिंब है और ‘Me’ व्यक्ति की सहज प्रतिक्रिया है।
- (B) ‘I’ व्यक्ति की सहज, रचनात्मक प्रतिक्रिया है और ‘Me’ समाज द्वारा आत्मसात किया गया सामाजिक दृष्टिकोण है।
- (C) दोनों एक ही सिक्के के दो पहलू हैं और इनमें कोई अंतर नहीं है।
- (D) ‘Me’ केवल बचपन में विकसित होता है।
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\nसही उत्तर: (B) ‘I’ व्यक्ति की सहज, रचनात्मक प्रतिक्रिया है और ‘Me’ समाज द्वारा आत्मसात किया गया सामाजिक दृष्टिकोण है।\n
विस्तृत व्याख्या: ‘Me’ वह हिस्सा है जो सामाजिक नियमों को जानता है, जबकि ‘I’ वह हिस्सा है जो उन नियमों के प्रति प्रतिक्रिया करता है। यह प्रतीकात्मक अंतःक्रियावाद (Symbolic Interactionism) का मूल है।
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- समकालीन समाजशास्त्रीय अनुसंधान में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) के एकीकरण से सबसे बड़ी चुनौती क्या उभर कर आई है?\n
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- (A) डेटा विश्लेषण की गति में कमी।
- (B) एल्गोरिथम पक्षपात और डेटा गोपनीयता संबंधी नैतिक चिंताएं।
- (C) मात्रात्मक शोध की पूरी तरह समाप्ति।
- (D) शोधकर्ताओं की आवश्यकता का खत्म होना।
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\nसही उत्तर: (B) एल्गोरिथम पक्षपात और डेटा गोपनीयता संबंधी नैतिक चिंताएं।\n
विस्तृत व्याख्या: आधुनिक शोध में AI का उपयोग डेटा प्रोसेसिंग को तेज करता है, लेकिन यह खतरा रहता है कि AI मॉडल में मौजूद पूर्वग्रह (Bias) परिणामों को प्रभावित कर सकते हैं और व्यक्तिगत गोपनीयता का उल्लंघन हो सकता है।
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- सामाजिक गतिशीलता (Social Mobility) के संदर्भ में, जब एक व्यक्ति अपनी व्यक्तिगत योग्यता, शिक्षा और प्रयासों से उच्च सामाजिक स्तर प्राप्त करता है, तो इसे क्या कहा जाता है?\n
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- (A) आरोपित गतिशीलता (Ascribed Mobility)
- (B) अर्जित गतिशीलता (Achieved Mobility)
- (C) क्षैतिज गतिशीलता (Horizontal Mobility)
- (D) संरचनात्मक गतिशीलता (Structural Mobility)
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\nसही उत्तर: (B) अर्जित गतिशीलता (Achieved Mobility)\n
विस्तृत व्याख्या: अर्जित गतिशीलता वह है जो व्यक्तिगत उपलब्धि पर आधारित होती है (जैसे शिक्षा के माध्यम से CFO बनना), जबकि आरोपित गतिशीलता जन्म या जाति पर आधारित होती है।
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- डिजिटल प्लेटफार्मों के माध्यम से बच्चों के यौन शोषण जैसी समकालीन सामाजिक समस्याओं के समाधान के लिए समाजशास्त्रीय दृष्टिकोण से क्या सबसे आवश्यक है?\n
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- (A) केवल इंटरनेट पर प्रतिबंध लगाना।
- (B) तकनीकी सुरक्षा के साथ-साथ मजबूत नीतिगत हस्तक्षेप और सामाजिक जागरूकता।
- (C) केवल व्यक्तिगत स्तर पर निगरानी।
- (D) कानून को पूरी तरह समाप्त करना।
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\nसही उत्तर: (B) तकनीकी सुरक्षा के साथ-साथ मजबूत नीतिगत हस्तक्षेप और सामाजिक जागरूकता।\n
विस्तृत व्याख्या: डिजिटल अपराध केवल तकनीकी समस्या नहीं बल्कि एक सामाजिक समस्या है। इसके लिए कानून, शिक्षा और तकनीकी सुरक्षा का एकीकृत दृष्टिकोण आवश्यक है।
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- एम.एन. श्रीनिवास द्वारा प्रतिपादित ‘संस्कृतिकरण’ (Sanskritization) की प्रक्रिया क्या है?\n
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- (A) निम्न जातियों द्वारा उच्च जातियों के रीति-रिवाजों और जीवन शैली को अपनाना।
- (B) उच्च जातियों द्वारा निम्न जातियों के रीति-रिवाजों को अपनाना।
- (C) जाति व्यवस्था का पूरी तरह समाप्त होना।
- (D) पश्चिमी संस्कृति का अंधानुकरण करना।
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\nसही उत्तर: (A) निम्न जातियों द्वारा उच्च जातियों के रीति-रिवाजों और जीवन शैली को अपनाना।\n
विस्तृत व्याख्या: श्रीनिवास के अनुसार, संस्कृतिकरण एक ऐसी प्रक्रिया है जिसके माध्यम से निम्न जातियाँ अपनी सामाजिक स्थिति को ऊपर उठाने के लिए उच्च जातियों (विशेषकर द्विजों) के रीति-रिवाजों का अनुकरण करती हैं।
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- लुई ड्यूमों ने अपनी पुस्तक ‘होमो हायरार्किकस’ (Homo Hierarchicus) में भारतीय जाति व्यवस्था के किस मूल सिद्धांत पर जोर दिया है?\n
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- (A) समानता (Equality)
- (B) शुद्धता और अशुद्धता (Purity and Pollution)
- (C) आर्थिक वर्ग (Economic Class)
- (D) राजनीतिक सत्ता (Political Power)
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\nसही उत्तर: (B) शुद्धता और अशुद्धता (Purity and Pollution)\n
विस्तृत व्याख्या: ड्यूमों का तर्क है कि भारतीय जाति व्यवस्था का आधार ‘पदानुक्रम’ (Hierarchy) है, जो शुद्धता और अशुद्धता के धार्मिक और वैचारिक सिद्धांतों पर टिका है।
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- जी.एस. घुर्ये ने भारतीय जनजातियों के बारे में क्या विचार व्यक्त किए थे?\n
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- (A) जनजातियाँ पूरी तरह से अलग समाज हैं।
- (B) जनजातियाँ ‘पिछड़े हिंदू’ (Backward Hindus) हैं।
- (C) जनजातियों का भारत से कोई संबंध नहीं है।
- (D) जनजातियाँ केवल आर्थिक रूप से पिछड़ी हैं।
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\nसही उत्तर: (B) जनजातियाँ ‘पिछड़े हिंदू’ (Backward Hindus) हैं।\n
विस्तृत व्याख्या: घुर्ये का मानना था कि भारतीय जनजातियों का हिंदू समाज के साथ गहरा सांस्कृतिक और सामाजिक संबंध रहा है, इसलिए उन्होंने उन्हें ‘पिछड़े हिंदू’ के रूप में देखा।
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- ‘संयुक्त परिवार’ (Joint Family) की सबसे प्रमुख विशेषता क्या है?\n
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- (A) केवल पति-पत्नी का साथ रहना।
- (B) एक ही छत के नीचे कई पीढ़ियों का निवास और साझा रसोई।
- (C) परिवार के सदस्यों के बीच कोई संबंध न होना।
- (D) केवल आर्थिक सहायता के लिए साथ रहना।
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\nसही उत्तर: (B) एक ही छत के नीचे कई पीढ़ियों का निवास और साझा रसोई।\n
विस्तृत व्याख्या: संयुक्त परिवार में सामान्य निवास, साझा संपत्ति और साझा भोजन की व्यवस्था होती है, जिसमें आमतौर पर तीन या अधिक पीढ़ियाँ शामिल होती हैं।
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- धर्म के समाजशास्त्र में ‘पवित्र’ (Sacred) और ‘अपवित्र/लौकिक’ (Profane) के बीच अंतर किसने स्पष्ट किया था?\n
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- (A) मैक्स वेबर
- (B) एमिल दुर्खीम
- (C) कार्ल मार्क्स
- (D) ऑगस्ट कॉम्टे
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\nसही उत्तर: (B) एमिल दुर्खीम\n
विस्तृत व्याख्या: दुर्खीम ने अपनी पुस्तक ‘The Elementary Forms of the Religious Life’ में तर्क दिया कि धर्म का मूल आधार पवित्र (Sacred) वस्तुओं और लौकिक (Profane) वस्तुओं के बीच का स्पष्ट विभाजन है।
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- शहरी समाजशास्त्र में ‘शिकागो स्कूल’ (Chicago School) मुख्य रूप से किस पद्धति के लिए जाना जाता है?\n
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- (A) केवल सांख्यिकीय विश्लेषण।
- (B) नृवंशविज्ञान (Ethnography) और शहरी पारिस्थितिकी (Urban Ecology)।
- (C) केवल पुस्तकालय शोध।
- (D) प्रयोगात्मक मनोविज्ञान।
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\nसही उत्तर: (B) नृवंशविज्ञान (Ethnography) और शहरी पारिस्थितिकी (Urban Ecology)।\n
विस्तृत व्याख्या: शिकागो स्कूल ने शहरों को एक ‘सामाजिक प्रयोगशाला’ के रूप में देखा और क्षेत्र कार्य (Field work) तथा अवलोकन के माध्यम से शहरी जीवन का अध्ययन किया।
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- ग्रामीण समाजशास्त्र के संदर्भ में ‘ग्राम अध्ययन’ (Village Studies) का मुख्य उद्देश्य क्या होता है?\n
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- (A) केवल फसल उत्पादन का विश्लेषण करना।
- (B) ग्रामीण सामाजिक संरचना और शक्ति संबंधों को समझना।
- (C) शहरों को ग्रामीण बनाना।
- (D) केवल जनसंख्या की गणना करना।
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\nसही उत्तर: (B) ग्रामीण सामाजिक संरचना और शक्ति संबंधों को समझना।\n
विस्तृत व्याख्या: ग्राम अध्ययन के माध्यम से समाजशास्त्री यह समझने का प्रयास करते हैं कि जाति, वर्ग और रिश्तेदारी ग्रामीण जीवन और निर्णय लेने की प्रक्रिया को कैसे प्रभावित करते हैं।
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- ‘जातीयतावाद’ (Ethnocentrism) से क्या तात्पर्य है?\n
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- (A) सभी संस्कृतियों को समान मानना।
- (B) अपनी संस्कृति को श्रेष्ठ मानना और दूसरों की संस्कृति को उसके आधार पर आंकना।
- (C) दूसरी संस्कृति को पूरी तरह अपना लेना।
- (D) सांस्कृतिक विविधता का जश्न मनाना।
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\nसही उत्तर: (B) अपनी संस्कृति को श्रेष्ठ मानना और दूसरों की संस्कृति को उसके आधार पर आंकना।\n
विस्तृत व्याख्या: जातीयतावाद तब होता है जब कोई व्यक्ति अपनी स्वयं की संस्कृति को ‘सही’ या ‘श्रेष्ठ’ मानता है और अन्य संस्कृतियों को हीन या गलत समझता है।
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- प्रकार्यवाद (Functionalism) के अनुसार, समाज के विभिन्न हिस्से एक साथ मिलकर क्या सुनिश्चित करते हैं?\n
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- (A) निरंतर संघर्ष और क्रांति।
- (B) सामाजिक स्थिरता और संतुलन (Equilibrium)।
- (C) केवल आर्थिक लाभ।
- (D) अराजकता।
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\nसही उत्तर: (B) सामाजिक स्थिरता और संतुलन (Equilibrium)।\n
विस्तृत व्याख्या: प्रकार्यवाद यह मानता है कि समाज एक जटिल प्रणाली है जिसके विभिन्न अंग (जैसे परिवार, धर्म, शिक्षा) समाज की स्थिरता बनाए रखने के लिए मिलकर कार्य करते हैं।
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- राल्फ डाहरेंडोर्फ (Ralf Dahrendorf) ने संघर्ष सिद्धांत (Conflict Theory) में किस बात पर विशेष जोर दिया?\n
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- (A) केवल आर्थिक संसाधनों पर नियंत्रण।
- (B) अधिकार और सत्ता (Authority) के वितरण पर।
- (C) सामाजिक सहयोग पर।
- (D) सांस्कृतिक मूल्यों पर।
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\nसही उत्तर: (B) अधिकार और सत्ता (Authority) के वितरण पर।\n
विस्तृत व्याख्या: मार्क्स ने संघर्ष का आधार ‘वर्ग’ (आर्थिक) को माना था, लेकिन डाहरेंडोर्फ ने तर्क दिया कि संघर्ष का मुख्य स्रोत ‘सत्ता’ (Authority) का असमान वितरण है।
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- प्रतीकात्मक अंतःक्रियावाद (Symbolic Interactionism) के प्रणेता हर्बर्ट ब्लूमर के अनुसार, मानव व्यवहार किस पर आधारित होता है?\n
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- (A) जैविक प्रवृत्तियों पर।
- (B) वस्तुओं और व्यक्तियों को दिए गए अर्थों पर।
- (C) केवल कानूनी नियमों पर।
- (D) भाग्य और किस्मत पर।
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\nसही उत्तर: (B) वस्तुओं और व्यक्तियों को दिए गए अर्थों पर।\n
विस्तृत व्याख्या: ब्लूमर के अनुसार, मनुष्य दुनिया के साथ वैसा व्यवहार नहीं करता जैसी वह है, बल्कि वैसा करता है जैसा वह उसका ‘अर्थ’ निकालता है।
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- पियरे बोर्दियु (Pierre Bourdieu) की ‘सांस्कृतिक पूंजी’ (Cultural Capital) की अवधारणा क्या बताती है?\n
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- (A) केवल बैंक में जमा धन।
- (B) ज्ञान, कौशल और शिक्षा जो सामाजिक लाभ और स्थिति प्रदान करती है।
- (C) केवल भौतिक संपत्तियाँ जैसे भूमि और घर।
- (D) केवल धार्मिक विश्वास।
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\nसही उत्तर: (B) ज्ञान, कौशल और शिक्षा जो सामाजिक लाभ और स्थिति प्रदान करती है।\n
विस्तृत व्याख्या: सांस्कृतिक पूंजी वह गैर-वित्तीय सामाजिक संपत्ति है (जैसे बोलने का तरीका, शिक्षा, शिष्टाचार) जो व्यक्ति को समाज के उच्च वर्गों में प्रवेश पाने में मदद करती है।
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- मिशेल फूको (Michel Foucault) ने ‘सत्ता’ (Power) को किस रूप में परिभाषित किया है?\n
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- (A) केवल सरकार द्वारा लागू किया गया बल।
- (B) ज्ञान और विमर्श (Discourse) के साथ गहराई से जुड़ी हुई और सर्वव्यापी।
- (C) केवल पुलिस और सेना की शक्ति।
- (D) सत्ता का कोई अस्तित्व नहीं होता।
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\nसही उत्तर: (B) ज्ञान और विमर्श (Discourse) के साथ गहराई से जुड़ी हुई और सर्वव्यापी।\n
विस्तृत व्याख्या: फूको के अनुसार, सत्ता केवल ऊपर से नीचे नहीं थोपी जाती, बल्कि यह समाज के हर संबंध और ज्ञान के माध्यम से प्रवाहित होती है (Power/Knowledge nexus)।
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- रक्त-संबंध (Consanguineal Kinship) का क्या अर्थ है?\n
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- (A) विवाह द्वारा स्थापित संबंध।
- (B) जन्म या रक्त के माध्यम से स्थापित संबंध।
- (C) केवल कानूनी तौर पर अपनाए गए संबंध।
- (D) मित्रता पर आधारित संबंध।
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\nसही उत्तर: (B) जन्म या रक्त के माध्यम से स्थापित संबंध।\n
विस्तृत व्याख्या: रक्त-संबंध वे होते हैं जो जैविक वंश (जैसे माता-पिता और बच्चे) से जुड़े होते हैं, जबकि विवाह संबंधी संबंधों को ‘एफिनियल’ (Affinal) कहा जाता है।
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- पितृसत्ता (Patriarchy) का समाजशास्त्रीय अर्थ क्या है?\n
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- (A) महिलाओं का पुरुषों पर नियंत्रण।
- (B) समाज की वह व्यवस्था जिसमें पुरुषों के पास प्राथमिक शक्ति और प्रभुत्व होता है।
- (C) केवल पिता का बच्चों पर अधिकार।
- (D) एक समान अधिकार वाली सामाजिक प्रणाली।
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\nसही उत्तर: (B) समाज की वह व्यवस्था जिसमें पुरुषों के पास प्राथमिक शक्ति और प्रभुत्व होता है।\n
विस्तृत व्याख्या: पितृसत्ता एक सामाजिक संरचना है जो राजनीतिक, सामाजिक और आर्थिक क्षेत्रों में पुरुषों के वर्चस्व को वैध बनाती है।
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- वैश्वीकरण (Globalization) के कारण समाज में ‘संस्कृति का समरूपीकरण’ (Cultural Homogenization) क्या है?\n
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- (A) विभिन्न संस्कृतियों का आपस में मिल जाना और नई संस्कृति बनना।
- (B) वैश्विक स्तर पर एक ही प्रकार की संस्कृति (विशेषकर पश्चिमी) का प्रसार होना।
- (C) स्थानीय संस्कृतियों का अधिक मजबूत होना।
- (D) संस्कृतियों के बीच संघर्ष का बढ़ना।
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\nसही उत्तर: (B) वैश्विक स्तर पर एक ही प्रकार की संस्कृति (विशेषकर पश्चिमी) का प्रसार होना।\n
विस्तृत व्याख्या: इसे अक्सर ‘मैकडोनाल्डीकरण’ (McDonaldization) के रूप में देखा जाता है, जहाँ स्थानीय विविधताएँ खत्म हो रही हैं और एक वैश्विक उपभोक्ता संस्कृति विकसित हो रही है।
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- समाजशास्त्र की ‘पद्धति’ (Methodology) में ‘गुणात्मक शोध’ (Qualitative Research) का मुख्य उद्देश्य क्या है?\n
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- (A) डेटा को सांख्यिकीय रूप में प्रस्तुत करना।
- (B) मानवीय अनुभवों, अर्थों और सामाजिक प्रक्रियाओं की गहराई से समझ विकसित करना।
- (C) केवल हाँ या ना में उत्तर प्राप्त करना।
- (D) बड़े पैमाने पर सर्वेक्षण करना।
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\nसही उत्तर: (B) मानवीय अनुभवों, अर्थों और सामाजिक प्रक्रियाओं की गहराई से समझ विकसित करना।\n
विस्तृत व्याख्या: गुणात्मक शोध (जैसे साक्षात्कार, केस स्टडी) संख्या के बजाय ‘क्यों’ और ‘कैसे’ पर ध्यान केंद्रित करता है, जबकि मात्रात्मक शोध (Quantitative) ‘कितना’ पर केंद्रित होता है।
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