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समाजशास्त्र के महत्वपूर्ण प्रश्न: अपनी वैचारिक स्पष्टता और विश्लेषणात्मक कौशल को परखें

नमस्ते भविष्य के समाजशास्त्रियों!

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समाजशास्त्र केवल एक विषय नहीं, बल्कि समाज की जटिल परतों को समझने का एक नजरिया है। चाहे वह मार्क्स का वर्ग संघर्ष हो या आधुनिक युग में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का श्रम बाजार पर प्रभाव, समाजशास्त्रीय विश्लेषण हमें दुनिया को एक नए दृष्टिकोण से देखने की शक्ति देता है। आज का यह विशेष अभ्यास सेट आपकी वैचारिक गहराई और विश्लेषणात्मक क्षमता को चुनौती देने के लिए तैयार किया गया है। अपनी तैयारी को धार दें और खुद को परखें!

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  1. मैक्स वेबर के अनुसार, ‘आदर्श प्रकार’ (Ideal Type) क्या है?\n
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    • (A) एक पूर्ण समाज का सपना
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    • (B) विश्लेषण के लिए उपयोग किया जाने वाला एक मानसिक निर्माण या मॉडल
    • \n

    • (C) एक नैतिक मानक जिसका पालन सभी को करना चाहिए
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    • (D) वास्तविक समाज का सटीक सांख्यिकीय विवरण
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    सही उत्तर: (B) विश्लेषण के लिए उपयोग किया जाने वाला एक मानसिक निर्माण या मॉडल

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    \nविस्तृत व्याख्या: वेबर का ‘आदर्श प्रकार’ कोई वास्तविक समाज या व्यक्ति नहीं है, बल्कि एक विश्लेषणात्मक उपकरण है। यह किसी घटना की मुख्य विशेषताओं को चुनकर बनाया गया एक मॉडल होता है, जिसका उपयोग वास्तविक दुनिया की घटनाओं की तुलना करने के लिए किया जाता है। विकल्प (A) और (C) इसे नैतिक या यूटोपियन मानते हैं, जो गलत है, जबकि (D) इसे सांख्यिकीय मानता है, जबकि यह एक गुणात्मक उपकरण है।

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  2. \n\n

  3. एमिल दुर्खीम ने ‘एनोमी’ (Anomie) की अवधारणा का उपयोग किस स्थिति को समझाने के लिए किया था?\n
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    • (A) सामाजिक एकजुटता की अधिकता
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    • (B) समाज में नियमों और मूल्यों का अभाव या पतन
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    • (C) वर्ग संघर्ष के कारण होने वाला तनाव
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    • (D) धार्मिक मान्यताओं का वैज्ञानिकरण
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    सही उत्तर: (B) समाज में नियमों और मूल्यों का अभाव या पतन

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    \nविस्तृत व्याख्या: दुर्खीम के अनुसार, जब समाज में तेजी से बदलाव आते हैं (जैसे औद्योगिक क्रांति), तो पुराने नियम काम नहीं करते और नए नियम अभी बने नहीं होते। इस ‘नियमहीनता’ की स्थिति को ‘एनोमी’ कहा जाता है, जिससे व्यक्ति दिशाहीन महसूस करता है। विकल्प (C) मार्क्स के विचारों से अधिक संबंधित है।

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  5. कार्ल मार्क्स के अनुसार ‘अलगाव’ (Alienation) का मुख्य कारण क्या है?\n
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    • (A) शिक्षा का अभाव
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    • (B) पूंजीवादी उत्पादन प्रणाली और निजी स्वामित्व
    • \n

    • (C) धार्मिक अंधविश्वास
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    • (D) परिवार के साथ खराब संबंध
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    सही उत्तर: (B) पूंजीवादी उत्पादन प्रणाली और निजी स्वामित्व

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    \nविस्तृत व्याख्या: मार्क्स का तर्क था कि पूंजीवाद में श्रमिक अपने उत्पाद, उत्पादन की प्रक्रिया, अपने साथी श्रमिकों और अंततः अपने स्वयं के ‘मानवीय स्वभाव’ से अलग हो जाता है क्योंकि उत्पादन के साधनों पर पूंजीपतियों का नियंत्रण होता है। यह अवधारणा उनकी कृति ‘Economic and Philosophic Manuscripts of 1844’ में विस्तार से मिलती है।

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  7. टैलकॉट पार्सन्स के AGIL मॉडल में ‘L’ (Latency) का क्या अर्थ है?\n
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    • (A) कानून व्यवस्था बनाए रखना
    • \n

    • (B) लक्ष्यों को प्राप्त करना
    • \n

    • (C) सांस्कृतिक मूल्यों और पैटर्न का रखरखाव करना
    • \n

    • (D) संसाधनों का अनुकूलन करना
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    सही उत्तर: (C) सांस्कृतिक मूल्यों और पैटर्न का रखरखाव करना

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    \nविस्तृत व्याख्या: AGIL मॉडल में ‘L’ (Latency/Pattern Maintenance) का अर्थ है समाज के बुनियादी मूल्यों और मानदंडों को अगली पीढ़ी तक पहुँचाना (जैसे परिवार और शिक्षा के माध्यम से), ताकि सामाजिक स्थिरता बनी रहे। ‘A’ (Adaptation) संसाधनों से, ‘G’ (Goal Attainment) राजनीति से और ‘I’ (Integration) कानून/धर्म से संबंधित है।

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  8. \n\n

  9. रॉबर्ट के. मर्टन द्वारा प्रतिपादित ‘प्रकट कार्य’ (Manifest Function) और ‘अंतर्निहित कार्य’ (Latent Function) में मुख्य अंतर क्या है?\n
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    • (A) प्रकट कार्य हानिकारक होते हैं, अंतर्निहित लाभदायक
    • \n

    • (B) प्रकट कार्य इच्छित और ज्ञात होते हैं, अंतर्निहित अनपेक्षित और अज्ञात होते हैं और
    • \n

    • (C) दोनों एक ही हैं, बस नाम अलग हैं
    • \n

    • (D) प्रकट कार्य केवल धर्म से संबंधित हैं
    • \n

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    सही उत्तर: (B) प्रकट कार्य इच्छित और ज्ञात होते हैं, अंतर्निहित अनपेक्षित और अज्ञात होते हैं

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    \nविस्तृत व्याख्या: मर्टन के अनुसार, किसी भी सामाजिक संस्था का एक घोषित उद्देश्य होता है (प्रकट कार्य), लेकिन उसके कुछ ऐसे परिणाम भी होते हैं जो अनजाने में होते हैं (अंतर्निहित कार्य)। उदाहरण के लिए, स्कूल का प्रकट कार्य शिक्षा देना है, लेकिन उसका अंतर्निहित कार्य बच्चों का सामाजिकरण और मित्र बनाना भी है।

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  11. जॉर्ज हर्बर्ट मीड के अनुसार, ‘I’ और ‘Me’ में ‘Me’ क्या है?\n
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    • (A) व्यक्ति का सहज और रचनात्मक पक्ष
    • \n

    • (B) व्यक्ति का वह पक्ष जो समाज की अपेक्षाओं और मानदंडों को आत्मसात करता है
    • \n

    • (C) व्यक्ति की जैविक इच्छाएं
    • \n

    • (D) व्यक्ति का अवचेतन मन
    • \n

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    सही उत्तर: (B) व्यक्ति का वह पक्ष जो समाज की अपेक्षाओं और मानदंडों को आत्मसात करता है

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    \nविस्तृत व्याख्या: मीड के प्रतीकात्मक अंतःक्रियावाद (Symbolic Interactionism) में, ‘I’ व्यक्ति की प्रतिक्रियात्मक और रचनात्मक शक्ति है, जबकि ‘Me’ वह सामाजिक स्वरूप है जो दूसरों की दृष्टि से खुद को देखता है। ‘Me’ समाज द्वारा निर्देशित व्यवहार का प्रतिनिधित्व करता है।

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  13. सामाजिक स्तरीकरण (Social Stratification) का अर्थ क्या है?\n
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    • (A) समाज में लोगों का यादृच्छिक वितरण
    • \n

    • (B) समाज का विभिन्न स्तरों या श्रेणियों में पदानुक्रमित विभाजन
    • \n

    • (C) केवल आर्थिक आधार पर अमीर और गरीब का भेद
    • \n

    • (D) विभिन्न संस्कृतियों का एक साथ रहना
    • \n

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    सही उत्तर: (B) समाज का विभिन्न स्तरों या श्रेणियों में पदानुक्रमित विभाजन

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    \nविस्तृत व्याख्या: सामाजिक स्तरीकरण वह प्रक्रिया है जिसके द्वारा समाज को शक्ति, संपत्ति और प्रतिष्ठा के आधार पर ऊंचे और नीचे स्तरों में विभाजित किया जाता है। यह जाति, वर्ग या संपदा के रूप में हो सकता है। विकल्प (C) अधूरा है क्योंकि स्तरीकरण केवल आर्थिक नहीं होता।

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  15. विलियम ओगबर्न द्वारा दी गई ‘सांस्कृतिक पिछड़न’ (Cultural Lag) की अवधारणा क्या दर्शाती है?\n
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    • (A) पुरानी संस्कृति का पूरी तरह गायब होना
    • \n

    • (B) भौतिक संस्कृति (तकनीक) और गैर-भौतिक संस्कृति (मूल्य/नियम) के बीच विकास की गति में अंतर
    • \n

    • (C) ग्रामीण क्षेत्रों में विकास की धीमी गति
    • \n

    • (D) शिक्षा के अभाव के कारण पिछड़ापन
    • \n

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    सही उत्तर: (B) भौतिक संस्कृति (तकनीक) और गैर-भौतिक संस्कृति (मूल्य/नियम) के बीच विकास की गति में अंतर

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    \nविस्तृत व्याख्या: ओगबर्न के अनुसार, भौतिक संस्कृति (जैसे स्मार्टफोन, इंटरनेट) बहुत तेजी से बदलती है, लेकिन गैर-भौतिक संस्कृति (जैसे नैतिकता, कानून) धीमी गति से बदलती है। इस अंतराल को ‘सांस्कृतिक पिछड़न’ कहा जाता है।

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  16. \n\n

  17. ‘संस्कृतिकरण’ (Sanskritization) की अवधारणा एम.एन. श्रीनिवास ने किस संदर्भ में दी थी?\n
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    • (A) उच्च जातियों द्वारा निम्न जातियों का शोषण
    • \n

    • (B) निम्न जातियों द्वारा उच्च जातियों के रीति-रिवाजों और जीवन शैली को अपनाना
    • \n

    • (C) संस्कृत भाषा का अनिवार्य शिक्षण
    • \n

    • (D) धर्म का पूरी तरह त्याग करना
    • \n

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    सही उत्तर: (B) निम्न जातियों द्वारा उच्च जातियों के रीति-रिवाजों और जीवन शैली को अपनाना

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    \nविस्तृत व्याख्या: श्रीनिवास ने बताया कि भारतीय समाज में कुछ निम्न जातियां अपनी सामाजिक स्थिति सुधारने के लिए उच्च जातियों (विशेषकर द्विज जातियों) के रीति-रिवाजों, शाकाहार और कर्मकांडों को अपनाती हैं। यह एक प्रकार की ‘पोजिशनल शिफ्ट’ (Positional Shift) है, न कि संरचनात्मक परिवर्तन।

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  18. \n\n

  19. जी.एस. घुर्ये ने भारतीय जातियों के बारे में क्या विचार व्यक्त किए?\n
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    • (A) उन्होंने जाति को केवल एक आर्थिक व्यवस्था माना
    • \n

    • (B) उन्होंने जाति की विशेषताओं में अंतर्विवाह और पदानुक्रम पर जोर दिया
    • \n

    • (C) उन्होंने कहा कि जाति व्यवस्था का कोई प्रभाव नहीं है
    • \n

    • (D) उन्होंने जनजातियों को पूरी तरह से अलग माना
    • \n

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    सही उत्तर: (B) उन्होंने जाति की विशेषताओं में अंतर्विवाह और पदानुक्रम पर जोर दिया

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    \nविस्तृत व्याख्या: घुर्ये को ‘भारतीय समाजशास्त्र का जनक’ माना जाता है। उन्होंने जाति व्यवस्था का विस्तृत विश्लेषण किया और बताया कि कैसे अंतर्विवाह (Endogamy) और श्रेणीबद्ध असमानता (Hierarchical Inequality) जाति के मूल आधार हैं।

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  20. \n\n

  21. ‘प्रभावी जाति’ (Dominant Caste) का अर्थ क्या है?\n
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    • (A) वह जाति जो सबसे अधिक संख्या में हो
    • \n

    • (B) वह जाति जिसके पास संख्यात्मक शक्ति, आर्थिक संसाधन (भूमि) और राजनीतिक प्रभाव हो
    • \n

    • (C) वह जाति जो धार्मिक रूप से सर्वोच्च हो
    • \n

    • (D) वह जाति जो केवल शहरी क्षेत्रों में रहती हो
    • \n

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    सही उत्तर: (B) वह जाति जिसके पास संख्यात्मक शक्ति, आर्थिक संसाधन (भूमि) और राजनीतिक प्रभाव हो

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    \nविस्तृत व्याख्या: एम.एन. श्रीनिवास के अनुसार, प्रभावी जाति वह होती है जो किसी विशेष क्षेत्र में संख्या में अधिक हो, जिसके पास खेती योग्य भूमि का बड़ा हिस्सा हो और जिसका स्थानीय राजनीति पर प्रभाव हो, भले ही वह औपचारिक जाति पदानुक्रम में सर्वोच्च न हो।

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  22. \n\n

  23. नृवंशविज्ञान (Ethnography) अनुसंधान की कौन सी विधि है?\n
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    • (A) मात्रात्मक (Quantitative)
    • \n

    • (B) गुणात्मक (Qualitative)
    • \n

    • (C) प्रयोगात्मक (Experimental)
    • \n

    • (D) केवल सर्वेक्षण आधारित
    • \n

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    सही उत्तर: (B) गुणात्मक (Qualitative)

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    \nविस्तृत व्याख्या: नृवंशविज्ञान में शोधकर्ता किसी समूह या संस्कृति के बीच रहकर, गहन अवलोकन और साक्षात्कार के माध्यम से डेटा एकत्र करता है। इसमें गहराई से समझने (Deep Understanding) पर जोर दिया जाता है, न कि आंकड़ों के सामान्यीकरण पर।

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  24. \n\n

  25. अनुसंधान में ‘विश्वसनीयता’ (Reliability) का क्या अर्थ है?\n
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    • (A) डेटा का पूरी तरह सत्य होना
    • \n

    • (B) परिणामों की स्थिरता (यदि शोध दोबारा किया जाए तो समान परिणाम मिलें)
    • \n

    • (C) शोधकर्ता की ईमानदारी
    • \n

    • (D) नमूने (Sample) का आकार बहुत बड़ा होना
    • \n

    \n

    सही उत्तर: (B) परिणामों की स्थिरता (यदि शोध दोबारा किया जाए तो समान परिणाम मिलें)

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    \nविस्तृत व्याख्या: विश्वसनीयता का अर्थ है कि यदि वही शोध समान परिस्थितियों में दोबारा किया जाए, तो परिणाम समान आने चाहिए। जबकि ‘वैधता’ (Validity) इस बात से संबंधित है कि क्या शोध वास्तव में उसी चीज को माप रहा है जिसे मापने का उसने दावा किया है।

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  26. \n\n

  27. ‘जजमानी प्रथा’ (Jajmani System) मुख्य रूप से किस पर आधारित थी?\n
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    • (A) केवल नकद लेन-देन पर
    • \n

    • (B) पारस्परिक सेवाओं और वस्तुओं के विनिमय पर आधारित सामाजिक-आर्थिक संबंध
    • \n

    • (C) शहरी औद्योगिक संबंधों पर
    • \n

    • (D) सरकारी अनुबंधों पर
    • \n

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    सही उत्तर: (B) पारस्परिक सेवाओं और वस्तुओं के विनिमय पर आधारित सामाजिक-आर्थिक संबंध

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    \nविस्तृत व्याख्या: जजमानी प्रथा ग्रामीण भारत में प्रचलित थी, जहाँ सेवा प्रदान करने वाली जातियाँ (जैसे नाई, लोहार) उच्च जाति के भूस्वामियों (जजमान) को सेवाएँ देती थीं और बदले में उन्हें अनाज या भूमि का हिस्सा मिलता था। यह एक पारंपरिक पारस्परिक निर्भरता की व्यवस्था थी।

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  29. शहरी समाजशास्त्र में ‘जेंट्रीफिकेशन’ (Gentrification) क्या है?\n
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    • (A) झुग्गी बस्तियों का विस्तार होना
    • \n

    • (B) शहरी गरीब क्षेत्रों का पुनर्निर्माण और मध्यम/उच्च वर्ग का वहाँ बसना
    • \n

    • (C) शहरों से गांवों की ओर पलायन
    • \n

    • (D) शहरी क्षेत्रों में प्रदूषण का बढ़ना
    • \n

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    सही उत्तर: (B) शहरी गरीब क्षेत्रों का पुनर्निर्माण और मध्यम/उच्च वर्ग का वहाँ बसना

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    \nविस्तृत व्याख्या: जेंट्रीफिकेशन वह प्रक्रिया है जिसमें किसी शहर के पुराने या उपेक्षित क्षेत्र को आधुनिक बनाया जाता है, जिससे वहाँ किराया और संपत्ति की कीमतें बढ़ जाती हैं और मूल गरीब निवासी वहां से विस्थापित हो जाते हैं।

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  30. \n\n

  31. ‘पवित्र’ (Sacred) और ‘अपवित्र’ (Profane) के बीच का अंतर किसने स्पष्ट किया था?\n
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    • (A) मैक्स वेबर
    • \n

    • (B) एमिल दुर्खीम
    • \n

    • (C) कार्ल मार्क्स
    • \n

    • (D) हरबर्ट स्पेंसर
    • \n

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    सही उत्तर: (B) एमिल दुर्खीम

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    \nविस्तृत व्याख्या: दुर्खीम ने अपनी पुस्तक ‘The Elementary Forms of the Religious Life’ में धर्म को पवित्र और अपवित्र के विभाजन के रूप में परिभाषित किया। पवित्र वे वस्तुएं या विचार हैं जिन्हें समाज विशेष सम्मान और सुरक्षा प्रदान करता है।

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  33. ‘हिडन करिकुलम’ (Hidden Curriculum) का संबंध किससे है?\n
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    • (A) गणित के कठिन सूत्रों से
    • \n

    • (B) स्कूल में अनौपचारिक रूप से सिखाए गए मूल्य, व्यवहार और सामाजिक मानदंड
    • \n

    • (C) गुप्त रूप से चलाई जाने वाली कोचिंग क्लासेज से
    • \n

    • (D) केवल व्यावसायिक प्रशिक्षण से
    • \n

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    सही उत्तर: (B) स्कूल में अनौपचारिक रूप से सिखाए गए मूल्य, व्यवहार और सामाजिक मानदंड

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    \nविस्तृत व्याख्या: हिडन करिकुलम वह शिक्षा है जो औपचारिक पाठ्यपुस्तकों से नहीं, बल्कि स्कूल के वातावरण, शिक्षकों के व्यवहार और अनुशासन के माध्यम से सीखी जाती है (जैसे आज्ञाकारिता, समय की पाबंदी आदि)।

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  35. सत्ता (Authority) के तीन प्रकारों (परंपरागत, करिश्माई और कानूनी-तर्कसंगत) का वर्गीकरण किसने किया?\n
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    • (A) कार्ल मार्क्स
    • \n

    • (B) मैक्स वेबर
    • \n

    • (C) तालकॉट पार्सन्स
    • \n

    • (D) रॉबर्ट मर्टन
    • \n

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    सही उत्तर: (B) मैक्स वेबर

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    \nविस्तृत व्याख्या: वेबर ने सत्ता को वैधता के आधार पर तीन भागों में बांटा: परंपरागत (वंशानुगत), करिश्माई (व्यक्तिगत व्यक्तित्व पर आधारित) और कानूनी-तर्कसंगत (नियमों और कानूनों पर आधारित)।

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  37. भारत में ‘जनजातीय एकीकरण’ (Tribal Integration) के संदर्भ में ‘अलगाववादी’ (Isolationist) दृष्टिकोण क्या कहता है?\n
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    • (A) जनजातियों को मुख्यधारा के समाज में मिला देना चाहिए
    • \n

    • (B) जनजातियों की विशिष्ट संस्कृति को बचाने के लिए उन्हें बाहरी दुनिया से अलग रखना चाहिए
    • \n

    • (C) जनजातियों को केवल शहरी नौकरियों में लगाना चाहिए
    • \n

    • (D) जनजातीय भाषाओं को समाप्त कर देना चाहिए
    • \n

    \n

    सही उत्तर: (B) जनजातियों की विशिष्ट संस्कृति को बचाने के लिए उन्हें बाहरी दुनिया से अलग रखना चाहिए

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    \nविस्तृत व्याख्या: अलगाववादी दृष्टिकोण यह मानता है कि बाहरी हस्तक्षेप जनजातीय संस्कृति को नष्ट कर देता है, इसलिए उनके अधिकारों और संस्कृति के संरक्षण के लिए उन्हें स्वायत्तता और अलगाव देना आवश्यक है। इसके विपरीत ‘एकीकरणवादी’ उन्हें मुख्यधारा से जोड़ने की बात करते हैं।

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  38. \n\n

  39. ‘डिजिटल डिवाइड’ (Digital Divide) सामाजिक स्तरीकरण का एक आधुनिक रूप क्यों है?\n
      \n

    • (A) क्योंकि सभी के पास इंटरनेट है
    • \n

    • (B) क्योंकि सूचना और तकनीक तक पहुंच में असमानता शक्ति और अवसरों की असमानता पैदा करती है
    • \n

    • (C) क्योंकि यह केवल शहरी लोगों की समस्या है
    • \n

    • (D) क्योंकि कंप्यूटर का उपयोग करना आसान है
    • \n

    \n

    सही उत्तर: (B) क्योंकि सूचना और तकनीक तक पहुंच में असमानता शक्ति और अवसरों की असमानता पैदा करती है

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    \nविस्तृत व्याख्या: आधुनिक समाज में ज्ञान ही शक्ति है। जिन लोगों के पास डिजिटल संसाधनों (इंटरनेट, लैपटॉप, कौशल) की कमी है, वे शिक्षा, रोजगार और स्वास्थ्य सेवाओं में पिछड़ जाते हैं, जिससे एक नया सामाजिक विभाजन पैदा होता है।

    \n

  40. \n\n

  41. समकालीन संदर्भ में, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का श्रम बाजार पर प्रभाव समाजशास्त्रीय रूप से कैसे देखा जा सकता है?\n
      \n

    • (A) केवल तकनीकी प्रगति के रूप में
    • \n

    • (B) ‘तकनीकी बेरोजगारी’ और कार्य के स्वरूप में संरचनात्मक परिवर्तन के रूप में
    • \n

    • (C) केवल उत्पादकता बढ़ाने के साधन के रूप में
    • \n

    • (D) समाज में वर्ग संघर्ष को समाप्त करने के रूप में
    • \n

    \n

    सही उत्तर: (B) ‘तकनीकी बेरोजगारी’ और कार्य के स्वरूप में संरचनात्मक परिवर्तन के रूप में

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    \nविस्तृत व्याख्या: समाजशास्त्रीय दृष्टि से, AI केवल एक टूल नहीं है, बल्कि यह श्रम के विभाजन को बदल रहा है। यह कुछ नौकरियों को समाप्त कर रहा है और नई कौशल आवश्यकताओं को जन्म दे रहा है, जिससे समाज में आर्थिक असमानता और कार्य-जीवन का संतुलन प्रभावित हो रहा है।

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  42. \n\n

  43. आर्थिक असमानता और मानसिक स्वास्थ्य के बीच संबंध क्या दर्शाता है?\n
      \n

    • (A) कि मानसिक स्वास्थ्य केवल जैविक कारणों से होता है
    • \n

    • (B) कि सामाजिक-आर्थिक तनाव और संसाधनों की कमी मनोवैज्ञानिक संकट (Psychological Distress) को बढ़ाती है
    • \n

    • (C) कि अमीर लोग कभी तनावग्रस्त नहीं होते
    • \n

    • (D) कि गरीबी का मानसिक स्वास्थ्य पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता
    • \n

    \n

    सही उत्तर: (B) कि सामाजिक-आर्थिक तनाव और संसाधनों की कमी मनोवैज्ञानिक संकट (Psychological Distress) को बढ़ाती है

    \n

    \nविस्तृत व्याख्या: समाजशास्त्रीय शोध (जैसे हालिया नेचर पोर्टल के शोध) यह बताते हैं कि आर्थिक अभाव केवल भौतिक कमी नहीं है, बल्कि यह सामाजिक प्रतिष्ठा की हानि, असुरक्षा और पुराने तनाव (Chronic Stress) का कारण बनता है, जो अवसाद और चिंता जैसी मानसिक समस्याओं को जन्म देता है।

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  44. \n\n

  45. सापेक्ष गरीबी (Relative Poverty) का क्या अर्थ है?\n
      \n

    • (A) जब व्यक्ति अपनी बुनियादी जरूरतें (भोजन, कपड़ा) पूरी नहीं कर पाता
    • \n

    • (B) जब व्यक्ति की आय समाज के अन्य लोगों की तुलना में कम होती है, जिससे वह समाज के औसत जीवन स्तर का आनंद नहीं ले पाता
    • \n

    • (C) जब किसी व्यक्ति के पास बिल्कुल भी पैसा न हो
    • \n

    • (D) केवल ग्रामीण क्षेत्रों में पाई जाने वाली गरीबी
    • \n

    \n

    सही उत्तर: (B) जब व्यक्ति की आय समाज के अन्य लोगों की तुलना में कम होती है, जिससे वह समाज के औसत जीवन स्तर का आनंद नहीं ले पाता

    \n

    \nविस्तृत व्याख्या: पूर्ण गरीबी (Absolute Poverty) न्यूनतम जीवित रहने की जरूरतों की कमी है, जबकि सापेक्ष गरीबी एक तुलनात्मक अवधारणा है। यह व्यक्ति की स्थिति को समाज के अन्य सदस्यों के संदर्भ में देखती है। यह सामाजिक अलगाव और हीन भावना का कारण बनती है।

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  46. \n\n

  47. पारिवारिक समाजशास्त्र में ‘नाभिकीय परिवार’ (Nuclear Family) की मुख्य विशेषता क्या है?\n
      \n

    • (A) कई पीढ़ियों का एक साथ रहना
    • \n

    • (B) केवल माता-पिता और उनके अविवाहित बच्चों का समूह
    • \n

    • (C) परिवार का मुखिया हमेशा दादाजी होना
    • \n

    • (D) केवल रक्त संबंधों का अभाव होना
    • \n

    \n

    सही उत्तर: (B) केवल माता-पिता और उनके अविवाहित बच्चों का समूह

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    \nविस्तृत व्याख्या: नाभिकीय परिवार सबसे छोटा पारिवारिक स्वरूप है। औद्योगिकरण और शहरीकरण ने नाभिकीय परिवारों के विस्तार को बढ़ावा दिया है क्योंकि इसमें गतिशीलता (Mobility) अधिक होती है। विकल्प (A) संयुक्त परिवार (Joint Family) की विशेषता है।

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  48. \n\n

  49. ‘प्रतीकात्मक अंतःक्रियावाद’ (Symbolic Interactionism) का मुख्य केंद्र क्या है?\n
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    • (A) बड़े सामाजिक ढांचे और संस्थाएं
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    • (B) सूक्ष्म स्तर पर व्यक्तियों के बीच अर्थों का निर्माण और संचार
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    • (C) केवल आर्थिक उत्पादन के साधन
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    • (D) समाज का जैविक विकास
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    सही उत्तर: (B) सूक्ष्म स्तर पर व्यक्तियों के बीच अर्थों का निर्माण और संचार

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    \nविस्तृत व्याख्या: यह एक सूक्ष्म समाजशास्त्रीय दृष्टिकोण (Micro-sociology) है। यह मानता है कि समाज स्थिर नहीं है, बल्कि व्यक्तियों द्वारा साझा प्रतीकों, भाषा और आपसी बातचीत के माध्यम से निरंतर बनाया और बदला जाता है। इसमें मीड और ब्लुमर प्रमुख विचारक हैं।

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  50. \n

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निष्कर्ष: उम्मीद है कि इस अभ्यास सेट ने आपकी वैचारिक स्पष्टता को बढ़ाने में मदद की होगी। समाजशास्त्र के इन सिद्धांतों को केवल रटें नहीं, बल्कि अपने आस-पास के समाज में उन्हें खोजने का प्रयास करें। पढ़ते रहें, विश्लेषण करते रहें!

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