प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए सामान्य विज्ञान का अभ्यास
परिचय: प्रतियोगी परीक्षाओं में सामान्य विज्ञान खंड आपकी सफलता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। भौतिकी, रसायन विज्ञान और जीव विज्ञान की बुनियादी अवधारणाओं की स्पष्ट समझ आपको अन्य उम्मीदवारों से आगे बढ़ा सकती है। यह अभ्यास सेट आपको महत्वपूर्ण वैज्ञानिक सिद्धांतों को समझने और विभिन्न परीक्षा पैटर्न के लिए खुद को तैयार करने में मदद करने के लिए डिज़ाइन किया गया है। यहाँ दिए गए प्रश्न और उनके विस्तृत हल आपको न केवल सही उत्तर जानने में मदद करेंगे, बल्कि संबंधित अवधारणाओं को गहराई से समझने में भी सहायक होंगे। अपनी तैयारी को परखने और मजबूत करने के लिए तैयार हो जाइए!
सामान्य विज्ञान अभ्यास प्रश्न (General Science Practice MCQs)
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दलदली भूमि (swamps) में मीथेन (CH₄) के उत्पादन के लिए मुख्य रूप से कौन से सूक्ष्मजीव जिम्मेदार हैं?
- (a) सायनोबैक्टीरिया (Cyanobacteria)
- (b) मेथेनोजेन (Methanogens)
- (c) नाइट्रिफाइंग बैक्टीरिया (Nitrifying bacteria)
- (d) डीनाइट्रिफाइंग बैक्टीरिया (Denitrifying bacteria)
उत्तर: (b)
हल (Solution):
सिद्धांत (Principle): मीथेनोजेनेसिस (Methanogenesis) एक जैवरासायनिक प्रक्रिया है जिसमें कुछ सूक्ष्मजीव अवायवीय (anaerobic) परिस्थितियों में मीथेन का उत्पादन करते हैं।
व्याख्या (Explanation): मेथेनोजेन, आर्किया (Archaea) नामक सूक्ष्मजीवों का एक समूह है, जो ऑक्सीजन की अनुपस्थिति में कार्बन डाइऑक्साइड और अन्य कार्बनिक यौगिकों से मीथेन का उत्पादन करते हैं। दलदली भूमि, जहाँ पानी जमा रहता है और ऑक्सीजन की कमी होती है, इन जीवों के पनपने के लिए आदर्श वातावरण प्रदान करती है। सायनोबैक्टीरिया प्रकाश संश्लेषण करते हैं, जबकि नाइट्रिफाइंग और डीनाइट्रिफाइंग बैक्टीरिया नाइट्रोजन चक्र से संबंधित हैं। अतः, सही उत्तर मेथेनोजेन है।
अतः, सही उत्तर (b) है।
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निम्नलिखित में से कौन-सी गैस ग्रीनहाउस प्रभाव में सबसे कम योगदान करती है?
- (a) कार्बन डाइऑक्साइड (Carbon Dioxide)
- (b) मीथेन (Methane)
- (c) जलवाष्प (Water Vapor)
- (d) ऑक्सीजन (Oxygen)
उत्तर: (d)
हल (Solution):
सिद्धांत (Principle): ग्रीनहाउस गैसें वे गैसें होती हैं जो पृथ्वी के वायुमंडल में ऊष्मा (अवरक्त विकिरण) को अवशोषित और उत्सर्जित करती हैं, जिससे ग्रह का तापमान बढ़ता है।
व्याख्या (Explanation): कार्बन डाइऑक्साइड, मीथेन और जलवाष्प प्रमुख ग्रीनहाउस गैसें हैं जो पृथ्वी के वातावरण में गर्मी को रोकती हैं, जिससे ग्रीनहाउस प्रभाव पैदा होता है। ऑक्सीजन (O₂) एक ग्रीनहाउस गैस नहीं है; यह सूर्य से आने वाले अवरक्त विकिरण को अवशोषित नहीं करती और पृथ्वी के वायुमंडल में प्रचुर मात्रा में होने के बावजूद सीधे ग्रह को गर्म करने में योगदान नहीं करती। अतः, सही उत्तर ऑक्सीजन है।
अतः, सही उत्तर (d) है।
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पारिस्थितिकी तंत्र में आर्द्रभूमि (wetlands) की प्राथमिक पारिस्थितिक भूमिका क्या है?
- (a) वनों की कटाई को बढ़ावा देना
- (b) जल शोधन और बाढ़ नियंत्रण
- (c) रेगिस्तानीकरण को बढ़ाना
- (d) केवल मनोरंजन गतिविधियों के लिए स्थान प्रदान करना
उत्तर: (b)
हल (Solution):
सिद्धांत (Principle): आर्द्रभूमि, जिसे अक्सर “प्रकृति के गुर्दे” के रूप में जाना जाता है, वे पारिस्थितिकी तंत्र हैं जो जल स्तर और भूमि के बीच संक्रमणकालीन होते हैं और महत्वपूर्ण पारिस्थितिकी सेवाएं प्रदान करते हैं।
व्याख्या (Explanation): आर्द्रभूमि जल को प्राकृतिक रूप से शुद्ध करने में मदद करती है, प्रदूषकों को फ़िल्टर करती है और पोषक तत्वों को अवशोषित करती है। वे स्पंज की तरह कार्य करके बाढ़ के पानी को अवशोषित और संग्रहित करके बाढ़ को नियंत्रित करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। इसके अतिरिक्त, वे जैव विविधता के लिए महत्वपूर्ण आवास प्रदान करती हैं और कार्बन को संग्रहित करने में मदद करती हैं। वनों की कटाई को बढ़ावा देना या रेगिस्तानीकरण बढ़ाना उनकी भूमिका नहीं है। अतः, सही उत्तर जल शोधन और बाढ़ नियंत्रण है।
अतः, सही उत्तर (b) है।
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प्रकाश संश्लेषण की प्रक्रिया में, पौधे वायुमंडल से कौन सी गैस अवशोषित करते हैं?
- (a) ऑक्सीजन
- (b) नाइट्रोजन
- (c) कार्बन डाइऑक्साइड
- (d) मीथेन
उत्तर: (c)
हल (Solution):
सिद्धांत (Principle): प्रकाश संश्लेषण वह प्रक्रिया है जिसके द्वारा हरे पौधे और कुछ अन्य जीव प्रकाश ऊर्जा को रासायनिक ऊर्जा में परिवर्तित करते हैं, जो आमतौर पर चीनी और ऑक्सीजन के रूप में संग्रहीत होती है।
व्याख्या (Explanation): प्रकाश संश्लेषण के दौरान, पौधे सूर्य के प्रकाश की ऊर्जा का उपयोग करके जल और कार्बन डाइऑक्साइड (CO₂) को ग्लूकोज (भोजन) और ऑक्सीजन (O₂) में परिवर्तित करते हैं। यह प्रक्रिया वायुमंडल से कार्बन डाइऑक्साइड को हटाती है, जिससे कार्बन चक्र में संतुलन बना रहता है। अतः, सही उत्तर कार्बन डाइऑक्साइड है।
अतः, सही उत्तर (c) है।
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मीथेन (CH₄) का रासायनिक नाम क्या है?
- (a) इथेनॉल
- (b) मेथनॉल
- (c) मेथैन
- (d) प्रोपेन
उत्तर: (c)
हल (Solution):
सिद्धांत (Principle): हाइड्रोकार्बन कार्बन और हाइड्रोजन परमाणुओं से बने कार्बनिक यौगिक होते हैं। एल्केन्स (Alkanes) सबसे सरल हाइड्रोकार्बन हैं, जिनमें केवल एकल बंध होते हैं।
व्याख्या (Explanation): मीथेन (CH₄) सबसे सरल एल्केन हाइड्रोकार्बन है, जिसमें एक कार्बन परमाणु चार हाइड्रोजन परमाणुओं से जुड़ा होता है। इसका सामान्य नाम “मीथेन” ही है। इथेनॉल (CH₃CH₂OH) एक अल्कोहल है, मेथनॉल (CH₃OH) भी एक अल्कोहल है, और प्रोपेन (C₃H₈) एक अन्य एल्केन है जिसमें तीन कार्बन परमाणु होते हैं। अतः, सही उत्तर मेथैन है।
अतः, सही उत्तर (c) है।
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ग्रीनहाउस प्रभाव के लिए मुख्य रूप से जिम्मेदार विकिरण का प्रकार कौन सा है?
- (a) पराबैंगनी विकिरण (Ultraviolet radiation)
- (b) दृश्य प्रकाश (Visible light)
- (c) अवरक्त विकिरण (Infrared radiation)
- (d) एक्स-रे (X-rays)
उत्तर: (c)
हल (Solution):
सिद्धांत (Principle): ग्रीनहाउस प्रभाव तब होता है जब पृथ्वी की सतह से परावर्तित होने वाली कुछ ऊष्मा (विकिरण) वायुमंडल में ग्रीनहाउस गैसों द्वारा अवशोषित हो जाती है, जिससे ग्रह का तापमान बढ़ जाता है।
व्याख्या (Explanation): सूर्य से आने वाला अधिकांश प्रकाश दृश्य प्रकाश और पराबैंगनी विकिरण के रूप में होता है, जो पृथ्वी की सतह तक पहुँचता है। पृथ्वी की सतह इस ऊर्जा को अवशोषित करती है और इसे ऊष्मा के रूप में (अवरक्त विकिरण के रूप में) पुनः उत्सर्जित करती है। वायुमंडल में मौजूद कार्बन डाइऑक्साइड, मीथेन, नाइट्रस ऑक्साइड आदि जैसी ग्रीनहाउस गैसें इस अवरक्त विकिरण को अवशोषित करती हैं, जिससे वायुमंडल गर्म हो जाता है। अतः, सही उत्तर अवरक्त विकिरण है।
अतः, सही उत्तर (c) है।
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अवायवीय श्वसन (anaerobic respiration) के दौरान, ग्लूकोज का पूर्ण ऑक्सीकरण किसके कारण नहीं होता है?
- (a) ऑक्सीजन की उपस्थिति
- (b) ऑक्सीजन की अनुपस्थिति
- (c) कार्बन डाइऑक्साइड की अधिकता
- (d) उच्च तापमान
उत्तर: (b)
हल (Solution):
सिद्धांत (Principle): श्वसन एक जैव रासायनिक प्रक्रिया है जिसमें ऊर्जा मुक्त करने के लिए पोषक तत्वों का ऑक्सीकरण होता है। यह वायवीय (ऑक्सीजन की उपस्थिति में) या अवायवीय (ऑक्सीजन की अनुपस्थिति में) हो सकता है।
व्याख्या (Explanation): अवायवीय श्वसन तब होता है जब ऑक्सीजन अनुपस्थित या अपर्याप्त होती है। इस स्थिति में, ग्लूकोज का पूर्ण ऑक्सीकरण नहीं होता है, और यह आंशिक रूप से टूटकर कम ऊर्जा वाले उप-उत्पादों जैसे लैक्टिक एसिड, इथेनॉल, या मीथेन (सूक्ष्मजीवों द्वारा) का निर्माण करता है। वायवीय श्वसन में ग्लूकोज का पूर्ण ऑक्सीकरण होता है, जिससे कार्बन डाइऑक्साइड और जल बनता है। अतः, सही उत्तर ऑक्सीजन की अनुपस्थिति है।
अतः, सही उत्तर (b) है।
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निम्नलिखित में से कौन सा पर्यावरणीय कारक दलदली भूमि (swamps) में मीथेन उत्पादन को बढ़ावा देता है?
- (a) उच्च ऑक्सीजन स्तर
- (b) अच्छी जल निकासी (drainage)
- (c) अवायवीय (anaerobic) परिस्थितियाँ
- (d) अत्यधिक अम्लीय मिट्टी
उत्तर: (c)
हल (Solution):
सिद्धांत (Principle): मीथेनोजेनिक सूक्ष्मजीव, जो मीथेन का उत्पादन करते हैं, सख्ती से अवायवीय होते हैं, जिसका अर्थ है कि वे ऑक्सीजन की अनुपस्थिति में पनपते हैं।
व्याख्या (Explanation): दलदली भूमि में जल जमाव के कारण मिट्टी में ऑक्सीजन की कमी हो जाती है, जिससे अवायवीय परिस्थितियाँ बनती हैं। ये परिस्थितियाँ मीथेनोजेनिक बैक्टीरिया के विकास के लिए आदर्श हैं जो कार्बनिक पदार्थों के अपघटन के दौरान मीथेन का उत्पादन करते हैं। उच्च ऑक्सीजन स्तर या अच्छी जल निकासी मीथेन उत्पादन को कम करेगी, न कि बढ़ावा देगी। अत्यधिक अम्लीय मिट्टी कुछ सूक्ष्मजीवों के लिए प्रतिकूल हो सकती है, लेकिन अवायवीयता मीथेनोजेनेसिस का मुख्य चालक है। अतः, सही उत्तर अवायवीय परिस्थितियाँ है।
अतः, सही उत्तर (c) है।
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मीथेन गैस को जलाने (पूर्ण दहन) पर मुख्य उत्पाद क्या होते हैं?
- (a) कार्बन मोनोऑक्साइड और जल
- (b) कार्बन डाइऑक्साइड और जल
- (c) हाइड्रोजन और कार्बन
- (d) कार्बन और ऑक्सीजन
उत्तर: (b)
हल (Solution):
सिद्धांत (Principle): किसी हाइड्रोकार्बन के पूर्ण दहन (Combustion) में, वह ऑक्सीजन के साथ प्रतिक्रिया करके कार्बन डाइऑक्साइड और जल का निर्माण करता है।
व्याख्या (Explanation): मीथेन (CH₄) एक हाइड्रोकार्बन है। जब मीथेन का पूर्ण दहन होता है (पर्याप्त ऑक्सीजन की उपस्थिति में), तो यह कार्बन डाइऑक्साइड (CO₂) और जल (H₂O) का उत्पादन करता है। रासायनिक अभिक्रिया इस प्रकार है: CH₄ + 2O₂ → CO₂ + 2H₂O। अपूर्ण दहन कार्बन मोनोऑक्साइड या कालिख (कार्बन) उत्पन्न कर सकता है, लेकिन पूर्ण दहन में CO₂ और H₂O बनते हैं। अतः, सही उत्तर कार्बन डाइऑक्साइड और जल है।
अतः, सही उत्तर (b) है।
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निम्नलिखित में से कौन सा उपकरण वायुमंडलीय दबाव को मापने के लिए उपयोग किया जाता है?
- (a) थर्मामीटर
- (b) बैरोमीटर
- (c) हाइड्रोमीटर
- (d) लैक्टोमीटर
उत्तर: (b)
हल (Solution):
सिद्धांत (Principle): वायुमंडलीय दबाव हवा के भार के कारण पृथ्वी की सतह पर लगने वाला बल है। इस दबाव को मापने के लिए विशेष उपकरणों का उपयोग किया जाता है।
व्याख्या (Explanation): बैरोमीटर वह उपकरण है जिसका उपयोग वायुमंडलीय दबाव को मापने के लिए किया जाता है। थर्मामीटर तापमान मापता है, हाइड्रोमीटर तरल पदार्थों के सापेक्ष घनत्व को मापता है, और लैक्टोमीटर दूध की शुद्धता (विशिष्ट गुरुत्व) की जांच करता है। जलवायु परिवर्तन और वायुमंडलीय गैसों के अध्ययन में वायुमंडलीय दबाव का मापन महत्वपूर्ण है। अतः, सही उत्तर बैरोमीटर है।
अतः, सही उत्तर (b) है।
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एक पारिस्थितिकी तंत्र में ऊर्जा का अंतिम स्रोत क्या है?
- (a) भूगर्भीय ताप (Geothermal heat)
- (b) रासायनिक ऊर्जा
- (c) परमाणु ऊर्जा
- (d) सौर ऊर्जा
उत्तर: (d)
हल (Solution):
सिद्धांत (Principle): अधिकांश पारिस्थितिकी तंत्रों में, ऊर्जा का प्रवाह सूर्य से शुरू होता है और खाद्य श्रृंखला के माध्यम से विभिन्न पोषी स्तरों तक पहुँचता है।
व्याख्या (Explanation): पृथ्वी पर अधिकांश पारिस्थितिकी तंत्रों के लिए सौर ऊर्जा ऊर्जा का प्राथमिक और अंतिम स्रोत है। पौधे और अन्य प्रकाश संश्लेषक जीव (उत्पादक) सूर्य के प्रकाश का उपयोग करके रासायनिक ऊर्जा (भोजन) का उत्पादन करते हैं। यह ऊर्जा फिर खाद्य श्रृंखला के माध्यम से उपभोक्ताओं और अपघटकों तक स्थानांतरित होती है। भूगर्भीय ताप और रासायनिक ऊर्जा कुछ विशिष्ट पारिस्थितिकी तंत्रों (जैसे गहरे समुद्र के हाइड्रोथर्मल वेंट) में महत्वपूर्ण हो सकती है, लेकिन वैश्विक स्तर पर यह सौर ऊर्जा ही है। अतः, सही उत्तर सौर ऊर्जा है।
अतः, सही उत्तर (d) है।
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कार्बन चक्र में, कार्बन मुख्य रूप से वायुमंडल में किस रूप में संग्रहित होता है?
- (a) कार्बन मोनोऑक्साइड (CO)
- (b) कार्बन डाइऑक्साइड (CO₂)
- (c) मीथेन (CH₄)
- (d) कार्बनिक पदार्थ (Organic matter)
उत्तर: (b)
हल (Solution):
सिद्धांत (Principle): कार्बन चक्र पृथ्वी के भूमंडल, जलमंडल, जीवमंडल और वायुमंडल के बीच कार्बन परमाणुओं का आदान-प्रदान है।
व्याख्या (Explanation): वायुमंडल में कार्बन मुख्य रूप से कार्बन डाइऑक्साइड (CO₂) गैस के रूप में मौजूद होता है। यह प्रकाश संश्लेषण, श्वसन, दहन और अन्य प्रक्रियाओं के माध्यम से लगातार वायुमंडल में जोड़ा और हटाया जाता है। मीथेन भी एक कार्बन-युक्त गैस है, लेकिन इसकी सांद्रता CO₂ की तुलना में बहुत कम है। कार्बन मोनोऑक्साइड एक प्रदूषक है, और कार्बनिक पदार्थ भूमि या जल में संग्रहित होते हैं। अतः, सही उत्तर कार्बन डाइऑक्साइड है।
अतः, सही उत्तर (b) है।
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वैश्विक तापन (global warming) के कारण समुद्र के स्तर में वृद्धि मुख्य रूप से किस कारण होती है?
- (a) ध्रुवीय बर्फ का पिघलना और वायुमंडलीय दबाव में वृद्धि
- (b) ज्वालामुखी गतिविधि और महासागरीय धाराओं में परिवर्तन
- (c) हिमनदों का पिघलना और समुद्र के पानी का तापीय विस्तार
- (d) भूमिगत जल का अति-निष्कर्षण और वर्षा में कमी
उत्तर: (c)
हल (Solution):
सिद्धांत (Principle): वैश्विक तापन से पृथ्वी का औसत तापमान बढ़ता है, जिससे बर्फ पिघलती है और पानी का आयतन बढ़ता है।
व्याख्या (Explanation): समुद्र के स्तर में वृद्धि के दो मुख्य कारण हैं: पहला, हिमनदों (ग्लेशियरों) और ध्रुवीय बर्फ की चादरों का पिघलना, जो पिघले हुए पानी को महासागरों में जोड़ता है; और दूसरा, समुद्र के पानी का तापीय विस्तार (Thermal expansion)। जैसे-जैसे महासागर गर्म होते हैं, पानी फैलता है और अधिक आयतन घेरता है, जिससे समुद्र का स्तर बढ़ जाता है। अन्य विकल्प सीधे या प्रमुख कारण नहीं हैं। अतः, सही उत्तर हिमनदों का पिघलना और समुद्र के पानी का तापीय विस्तार है।
अतः, सही उत्तर (c) है।
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मीथेन (CH₄) गैस हवा की तुलना में _________ होती है।
- (a) भारी
- (b) हल्की
- (c) समान घनत्व वाली
- (d) कभी हल्की कभी भारी
उत्तर: (b)
हल (Solution):
सिद्धांत (Principle): गैसों का घनत्व उनके आणविक भार पर निर्भर करता है। कम आणविक भार वाली गैसें समान तापमान और दबाव पर अधिक आणविक भार वाली गैसों की तुलना में कम घनी होती हैं।
व्याख्या (Explanation): मीथेन (CH₄) का आणविक भार लगभग 16 g/mol होता है। हवा, जो मुख्य रूप से नाइट्रोजन (N₂, लगभग 28 g/mol) और ऑक्सीजन (O₂, लगभग 32 g/mol) का मिश्रण है, का औसत आणविक भार लगभग 29 g/mol होता है। चूंकि मीथेन का आणविक भार हवा के औसत आणविक भार से कम है, इसलिए मीथेन हवा की तुलना में हल्की होती है। यही कारण है कि यह अक्सर वायुमंडल में ऊपर उठ जाती है। अतः, सही उत्तर हल्की है।
अतः, सही उत्तर (b) है।
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दलदली भूमि में जल का pH मान कार्बनिक पदार्थों के अपघटन के कारण अक्सर किस ओर झुका होता है?
- (a) अत्यधिक क्षारीय
- (b) तटस्थ
- (c) थोड़ा अम्लीय
- (d) अत्यधिक क्षारीय से अत्यधिक अम्लीय, अनियमित
उत्तर: (c)
हल (Solution):
सिद्धांत (Principle): कार्बनिक पदार्थों के अपघटन से विभिन्न कार्बनिक अम्ल जैसे ह्यूमिक एसिड और फुल्विक एसिड उत्पन्न होते हैं, जो जल के pH को प्रभावित कर सकते हैं।
व्याख्या (Explanation): दलदली भूमि में, मृत पौधों और जानवरों सहित बड़ी मात्रा में कार्बनिक पदार्थों का अपघटन होता है। इस अपघटन प्रक्रिया के दौरान, सूक्ष्मजीव कार्बनिक अम्ल (जैसे ह्यूमिक और फुल्विक एसिड) का उत्पादन करते हैं। ये अम्ल जल में घुल जाते हैं, जिससे दलदली जल का pH मान थोड़ा अम्लीय हो जाता है। अतः, सही उत्तर थोड़ा अम्लीय है।
अतः, सही उत्तर (c) है।
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निम्नलिखित में से कौन सा समूह जल प्रदूषण के जैव-संकेतक (bioindicators) के रूप में कार्य करता है?
- (a) केवल बड़े स्तनधारी
- (b) लाइकेन और मॉस
- (c) जलीय कीड़े और शैवाल
- (d) प्रवासी पक्षी
उत्तर: (c)
हल (Solution):
सिद्धांत (Principle): जैव-संकेतक वे जीव या प्रजातियां हैं जिनकी उपस्थिति, अनुपस्थिति या स्वास्थ्य किसी विशेष पर्यावरणीय स्थिति या प्रदूषण के स्तर को इंगित करता है।
व्याख्या (Explanation): जलीय कीड़े (जैसे मेफ़्लाइज़, कैडिसफ़्लाइज़ के लार्वा) और शैवाल (जैसे डायटम) जल प्रदूषण के उत्कृष्ट जैव-संकेतक हैं। कुछ प्रजातियाँ स्वच्छ पानी में पनपती हैं, जबकि अन्य प्रदूषित पानी में जीवित रह सकती हैं या संख्या में बढ़ सकती हैं। उनकी उपस्थिति या अनुपस्थिति, और उनकी सापेक्ष बहुतायत, जल की गुणवत्ता के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान कर सकती है। लाइकेन और मॉस वायु प्रदूषण के लिए बेहतर जैव-संकेतक हैं। अतः, सही उत्तर जलीय कीड़े और शैवाल है।
अतः, सही उत्तर (c) है।
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दलदली भूमि में पौधों में जल-भराव वाली मिट्टी से निपटने के लिए एक सामान्य अनुकूलन क्या है?
- (a) मोटी छाल (Thick bark)
- (b) गहरी जड़ प्रणाली
- (c) वात ऊतक (Aerenchyma)
- (d) छोटे पत्ते
उत्तर: (c)
हल (Solution):
सिद्धांत (Principle): पौधे पानी से भरी मिट्टी में ऑक्सीजन की कमी का सामना करने के लिए विशेष संरचनाएं विकसित करते हैं।
व्याख्या (Explanation): दलदली भूमि की मिट्टी अक्सर पानी से भरी होती है, जिससे जड़ों के लिए ऑक्सीजन प्राप्त करना मुश्किल हो जाता है। इस समस्या से निपटने के लिए, दलदली पौधों ने वात ऊतक (Aerenchyma) नामक विशेष ऊतक विकसित किए हैं। ये ऊतक जड़ से लेकर तने और पत्तियों तक वायुमार्गों का एक नेटवर्क बनाते हैं, जिससे जड़ों तक ऑक्सीजन का परिवहन हो पाता है, भले ही वे पानी में डूबी हों। अन्य विकल्प सीधे इस समस्या का समाधान नहीं करते हैं। अतः, सही उत्तर वात ऊतक है।
अतः, सही उत्तर (c) है।
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यदि दलदली भूमि को स्थायी रूप से सूखा दिया जाए, तो किस पर्यावरणीय समस्या के बढ़ने की संभावना है?
- (a) कार्बन डाइऑक्साइड का अवशोषण बढ़ेगा
- (b) जैव विविधता में वृद्धि होगी
- (c) कार्बन उत्सर्जन में वृद्धि होगी
- (d) जल स्तर में कमी आएगी
उत्तर: (c)
हल (Solution):
सिद्धांत (Principle): आर्द्रभूमि महत्वपूर्ण कार्बन सिंक के रूप में कार्य करती है, कार्बनिक पदार्थों के रूप में बड़ी मात्रा में कार्बन का भंडारण करती है। जब वे सूख जाती हैं, तो यह संग्रहीत कार्बन वायुमंडल में छोड़ा जा सकता है।
व्याख्या (Explanation): दलदली भूमि में पीट (peat) के रूप में बड़ी मात्रा में कार्बनिक कार्बन जमा होता है। जब इन आर्द्रभूमियों को सूखा दिया जाता है, तो पीट ऑक्सीजन के संपर्क में आता है, जिससे वायवीय अपघटन होता है। यह अपघटन कार्बन डाइऑक्साइड (CO₂) के रूप में वायुमंडल में बड़ी मात्रा में कार्बन छोड़ता है, जिससे ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन और जलवायु परिवर्तन में वृद्धि होती है। जैव विविधता में कमी आएगी, न कि वृद्धि। अतः, सही उत्तर कार्बन उत्सर्जन में वृद्धि होगी।
अतः, सही उत्तर (c) है।
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प्रकाश की कौन सी तरंगदैर्ध्य (रंग) पानी में सबसे कम गहराई तक प्रवेश करती है, विशेषकर दलदली या गाद वाले पानी में?
- (a) नीला
- (b) हरा
- (c) लाल
- (d) पीला
उत्तर: (c)
हल (Solution):
सिद्धांत (Principle): पानी प्रकाश के विभिन्न रंगों (तरंगदैर्ध्य) को अलग-अलग दरों पर अवशोषित करता है। लाल प्रकाश सबसे लंबी तरंगदैर्ध्य वाला होता है और पानी में सबसे तेजी से अवशोषित होता है।
व्याख्या (Explanation): जब प्रकाश पानी से गुजरता है, तो पानी उसके विभिन्न रंगों को अलग-अलग दरों पर अवशोषित करता है। लाल प्रकाश (सबसे लंबी दृश्य तरंगदैर्ध्य) पानी द्वारा सबसे पहले और सबसे तेजी से अवशोषित होता है, जिससे यह पानी में सबसे कम गहराई तक प्रवेश करता है। यही कारण है कि गहरे पानी में लाल रंग दिखाई नहीं देता और पानी नीला या हरा दिखाई देता है, क्योंकि ये रंग सबसे अधिक गहराई तक प्रवेश करते हैं और फिर हमारी आँखों तक वापस परावर्तित होते हैं। दलदली या गाद वाले पानी में, यह प्रभाव और भी बढ़ सकता है क्योंकि निलंबित कण भी प्रकाश को बिखेरते और अवशोषित करते हैं। अतः, सही उत्तर लाल है।
अतः, सही उत्तर (c) है।
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निम्नलिखित में से कौन सी रासायनिक प्रक्रिया दलदली भूमि में ऑक्सीजन की कमी वाले वातावरण में होती है?
- (a) ऑक्सीकरण
- (b) किण्वन (Fermentation)
- (c) अपघटन (Decomposition)
- (d) किण्वन और अपघटन दोनों
उत्तर: (d)
हल (Solution):
सिद्धांत (Principle): अवायवीय वातावरण में, ऑक्सीजन की कमी के कारण सूक्ष्मजीव ऊर्जा प्राप्त करने के लिए किण्वन जैसी प्रक्रियाओं का उपयोग करते हैं, जिससे कार्बनिक पदार्थों का अपघटन भी होता है।
व्याख्या (Explanation): दलदली भूमि में ऑक्सीजन की कमी (अवायवीय परिस्थितियाँ) होती है। ऐसे वातावरण में, सूक्ष्मजीव कार्बनिक पदार्थों को तोड़ने के लिए किण्वन जैसी अवायवीय प्रक्रियाओं का उपयोग करते हैं। यह प्रक्रिया कार्बनिक पदार्थों के अवायवीय अपघटन का एक रूप है, जिसके परिणामस्वरूप मीथेन, कार्बन डाइऑक्साइड, हाइड्रोजन सल्फाइड और कार्बनिक अम्लों जैसे उत्पादों का निर्माण होता है। ऑक्सीकरण एक वायवीय प्रक्रिया है जिसके लिए ऑक्सीजन की आवश्यकता होती है। अतः, किण्वन और अपघटन दोनों ही ऑक्सीजन की कमी वाले वातावरण में होते हैं।
अतः, सही उत्तर (d) है।
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दलदली भूमि में पादप प्लवक (phytoplankton) खाद्य श्रृंखला में किस पोषी स्तर पर होते हैं?
- (a) प्राथमिक उपभोक्ता (Primary consumers)
- (b) द्वितीयक उपभोक्ता (Secondary consumers)
- (c) उत्पादक (Producers)
- (d) अपघटक (Decomposers)
उत्तर: (c)
हल (Solution):
सिद्धांत (Principle): खाद्य श्रृंखला में उत्पादक वे जीव होते हैं जो सूर्य के प्रकाश (प्रकाश संश्लेषण) या रासायनिक ऊर्जा (रसायनसंश्लेषण) का उपयोग करके अपना भोजन स्वयं बनाते हैं।
व्याख्या (Explanation): पादप प्लवक छोटे, अक्सर एकल-कोशिकीय जीव होते हैं जो जल में तैरते हैं और प्रकाश संश्लेषण करते हैं। वे जल-आधारित खाद्य श्रृंखलाओं में प्राथमिक उत्पादकों के रूप में कार्य करते हैं, ऊर्जा को सूर्य के प्रकाश से कार्बनिक पदार्थों में परिवर्तित करते हैं। वे उन जीवों के लिए भोजन का आधार बनते हैं जो उन्हें खाते हैं (प्राथमिक उपभोक्ता)। अतः, सही उत्तर उत्पादक है।
अतः, सही उत्तर (c) है।
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प्रदूषकों को हटाने के लिए जल उपचार में किस प्रक्रिया का उपयोग किया जाता है जो दलदली भूमि के प्राकृतिक जल शोधन से मिलती-जुलती है?
- (a) आसवन (Distillation)
- (b) विपरीत परासरण (Reverse osmosis)
- (c) जैविक निस्पंदन (Biological filtration)
- (d) क्लोरीनीकरण (Chlorination)
उत्तर: (c)
हल (Solution):
सिद्धांत (Principle): आर्द्रभूमि में, पौधे और सूक्ष्मजीव जल से प्रदूषकों और पोषक तत्वों को अवशोषित और तोड़कर जल को प्राकृतिक रूप से शुद्ध करते हैं।
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मिट्टी में कार्बनिक पदार्थों के अपघटन की दर __________ से प्रभावित होती है।
- (a) केवल तापमान
- (b) केवल आर्द्रता
- (c) तापमान, आर्द्रता और ऑक्सीजन की उपलब्धता
- (d) केवल प्रकाश की तीव्रता
उत्तर: (c)
हल (Solution):
सिद्धांत (Principle): सूक्ष्मजीवों द्वारा कार्बनिक पदार्थों का अपघटन एक जैव रासायनिक प्रक्रिया है जो पर्यावरणीय कारकों से अत्यधिक प्रभावित होती है।
व्याख्या (Explanation): मिट्टी में कार्बनिक पदार्थों के अपघटन की दर कई पर्यावरणीय कारकों से प्रभावित होती है। तापमान सूक्ष्मजीवों की गतिविधि को प्रभावित करता है; उच्च तापमान आमतौर पर तेज अपघटन की ओर ले जाता है। आर्द्रता (या पानी की उपलब्धता) भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि सूक्ष्मजीवों को कार्य करने के लिए पानी की आवश्यकता होती है। अंत में, ऑक्सीजन की उपलब्धता अपघटन के प्रकार को निर्धारित करती है – वायवीय अपघटन (ऑक्सीजन की उपस्थिति में) तेज होता है और CO₂ उत्पन्न करता है, जबकि अवायवीय अपघटन (ऑक्सीजन की अनुपस्थिति में) धीमा होता है और CH₄ उत्पन्न कर सकता है। अतः, सही उत्तर तापमान, आर्द्रता और ऑक्सीजन की उपलब्धता है।
अतः, सही उत्तर (c) है।
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अवायवीय परिस्थितियों में कार्बनिक पदार्थ से मीथेन के उत्पादन की प्रक्रिया को क्या कहा जाता है?
- (a) वाष्पीकरण (Evaporation)
- (b) प्रकाश संश्लेषण (Photosynthesis)
- (c) मेथेनोजेनेसिस (Methanogenesis)
- (d) नाइट्रोजन स्थिरीकरण (Nitrogen fixation)
उत्तर: (c)
हल (Solution):
सिद्धांत (Principle): मेथेनोजेनेसिस एक जैविक प्रक्रिया है जो विशेष रूप से मेथेनोजेनिक आर्किया द्वारा की जाती है, जिसके परिणामस्वरूप मीथेन का निर्माण होता है।
व्याख्या (Explanation): मीथेनोजेनेसिस वह जैविक प्रक्रिया है जिसके द्वारा सूक्ष्मजीव, विशेष रूप से मेथेनोजेनिक आर्किया, ऑक्सीजन-मुक्त वातावरण (अवायवीय परिस्थितियों) में कार्बनिक पदार्थों को तोड़कर मीथेन का उत्पादन करते हैं। यह प्रक्रिया दलदली भूमि, चावल के खेतों और जानवरों के पेट में होती है। वाष्पीकरण पानी का गैसीय अवस्था में बदलना है, प्रकाश संश्लेषण पौधों द्वारा भोजन बनाना है, और नाइट्रोजन स्थिरीकरण वायुमंडलीय नाइट्रोजन को अमोनिया में परिवर्तित करना है। अतः, सही उत्तर मेथेनोजेनेसिस है।
अतः, सही उत्तर (c) है।
-
ध्वनि तरंगें हवा की तुलना में पानी में किस प्रकार यात्रा करती हैं?
- (a) धीमी गति से
- (b) तेजी से
- (c) समान गति से
- (d) यात्रा नहीं करतीं
उत्तर: (b)
हल (Solution):
सिद्धांत (Principle): ध्वनि तरंगों की गति उस माध्यम के गुणों पर निर्भर करती है जिससे वे गुजर रही हैं, विशेष रूप से उसकी घनत्व (density) और संपीड़न क्षमता (compressibility)।
व्याख्या (Explanation): ध्वनि तरंगें माध्यम के कणों के कंपन के माध्यम से यात्रा करती हैं। चूंकि पानी हवा की तुलना में बहुत सघन और कम संपीड़न योग्य होता है, पानी में अणु एक-दूसरे के करीब होते हैं और अधिक प्रभावी ढंग से कंपन को प्रसारित कर सकते हैं। परिणामस्वरूप, ध्वनि हवा (लगभग 343 मीटर/सेकंड) की तुलना में पानी (लगभग 1480 मीटर/सेकंड) में बहुत तेजी से यात्रा करती है। अतः, सही उत्तर तेजी से है।
अतः, सही उत्तर (b) है।
-
किस प्रकार का प्रदूषण आर्द्रभूमि में सुपोषण (Eutrophication) का मुख्य कारण है?
- (a) भारी धातु प्रदूषण
- (b) अत्यधिक पोषक तत्व (नाइट्रोजन और फास्फोरस)
- (c) प्लास्टिक प्रदूषण
- (d) ध्वनि प्रदूषण
उत्तर: (b)
हल (Solution):
सिद्धांत (Principle): सुपोषण (Eutrophication) एक जल निकाय में पोषक तत्वों (विशेष रूप से नाइट्रोजन और फास्फोरस) की अत्यधिक वृद्धि है, जो शैवाल और जलीय पौधों के अत्यधिक विकास को उत्तेजित करती है।
व्याख्या (Explanation): सुपोषण तब होता है जब कृषि अपवाह, सीवेज या औद्योगिक निर्वहन से अत्यधिक पोषक तत्व (मुख्य रूप से नाइट्रोजन और फास्फोरस) जल निकायों, जैसे आर्द्रभूमि में प्रवेश करते हैं। ये अतिरिक्त पोषक तत्व शैवाल और अन्य जलीय पौधों की तेजी से वृद्धि को बढ़ावा देते हैं, जिसे शैवाल प्रस्फुटन (algal blooms) कहा जाता है। जब ये शैवाल मर जाते हैं और अपघटित होते हैं, तो वे जल में ऑक्सीजन को खत्म कर देते हैं, जिससे अन्य जलीय जीवों की मृत्यु हो जाती है और “मृत क्षेत्र” बन जाते हैं। अतः, सही उत्तर अत्यधिक पोषक तत्व है।
अतः, सही उत्तर (b) है।
-
निम्नलिखित में से कौन सा तत्व दलदली भूमि में कार्बनिक पदार्थों के अपघटन के दौरान हाइड्रोजन सल्फाइड (H₂S) का उत्पादन करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है?
- (a) नाइट्रोजन
- (b) फास्फोरस
- (c) सल्फर
- (d) कैल्शियम
उत्तर: (c)
हल (Solution):
सिद्धांत (Principle): अवायवीय परिस्थितियों में, कुछ सूक्ष्मजीव सल्फर युक्त कार्बनिक पदार्थों को तोड़कर या सल्फेट्स को कम करके हाइड्रोजन सल्फाइड उत्पन्न करते हैं।
व्याख्या (Explanation): दलदली भूमि में ऑक्सीजन की कमी वाले वातावरण में, सल्फर-कम करने वाले बैक्टीरिया (sulfate-reducing bacteria) सक्रिय हो जाते हैं। ये बैक्टीरिया सल्फेट्स (SO₄²⁻) को हाइड्रोजन सल्फाइड (H₂S) में कम करते हैं, जो सड़े हुए अंडे जैसी गंध वाली गैस है। यह प्रक्रिया कार्बनिक पदार्थों के अवायवीय अपघटन का एक हिस्सा है और इसमें सल्फर एक महत्वपूर्ण तत्व के रूप में शामिल होता है। यही कारण है कि दलदली भूमि में अक्सर H₂S की गंध आती है। अतः, सही उत्तर सल्फर है।
अतः, सही उत्तर (c) है।
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पीट (Peat), जो दलदली भूमि में पाया जाने वाला एक सामान्य घटक है, मुख्य रूप से किससे बना होता है?
- (a) रेत और गाद
- (b) पूरी तरह से अपघटित कार्बनिक पदार्थ
- (c) आंशिक रूप से अपघटित कार्बनिक पदार्थ
- (d) भारी धातुएँ
उत्तर: (c)
हल (Solution):
सिद्धांत (Principle): पीट एक कार्बनिक पदार्थ है जो दलदली, पानी से भरी परिस्थितियों में पौधों के अवशेषों के अपूर्ण अपघटन से बनता है।
व्याख्या (Explanation): पीट दलदली भूमि में पौधों के अवशेषों का एक संचित, आंशिक रूप से अपघटित रूप है। ऑक्सीजन की कमी वाले (अवायवीय) और अक्सर अम्लीय वातावरण में, अपघटन की दर बहुत धीमी होती है, जिससे पौधों की सामग्री पूरी तरह से विघटित होने के बजाय जमा हो जाती है। यह पीट कई वर्षों में बनता है और कार्बन का एक महत्वपूर्ण भंडार है। पूरी तरह से अपघटित कार्बनिक पदार्थ ह्यूमस बनाते हैं। अतः, सही उत्तर आंशिक रूप से अपघटित कार्बनिक पदार्थ है।
अतः, सही उत्तर (c) है।
-
निम्नलिखित में से कौन सी ऊर्जा दक्षता तकनीक ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन को सीधे कम करने में मदद करेगी?
- (a) अधिक जीवाश्म ईंधन जलाना
- (b) पारंपरिक बल्बों की जगह LED बल्ब का उपयोग करना
- (c) पानी का अधिक उपयोग करना
- (d) एयर कंडीशनर का अधिक उपयोग करना
उत्तर: (b)
हल (Solution):
सिद्धांत (Principle): ऊर्जा दक्षता का अर्थ है कम ऊर्जा का उपयोग करके समान या बेहतर प्रदर्शन प्राप्त करना। यह अक्सर कम बिजली उत्पादन की ओर ले जाता है, जिससे जीवाश्म ईंधन जलाने से होने वाला उत्सर्जन कम होता है।
व्याख्या (Explanation): जीवाश्म ईंधन (कोयला, तेल, प्राकृतिक गैस) के जलने से बिजली पैदा होती है, जो कार्बन डाइऑक्साइड और अन्य ग्रीनहाउस गैसों का मुख्य स्रोत है। LED बल्ब पारंपरिक गरमागरम या CFL बल्बों की तुलना में काफी कम बिजली का उपयोग करते हैं। कम बिजली की खपत का मतलब है कि बिजली संयंत्रों को कम जीवाश्म ईंधन जलाना होगा, जिससे ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन में कमी आएगी। अन्य विकल्प या तो उत्सर्जन में वृद्धि करते हैं या अप्रत्यक्ष रूप से संबंधित हैं। अतः, सही उत्तर पारंपरिक बल्बों की जगह LED बल्ब का उपयोग करना है।
अतः, सही उत्तर (b) है।
-
कार्बनिक पदार्थों के अवायवीय अपघटन से कौन सी गैस का उत्पादन होता है जिसे बायोगैस (biogas) के मुख्य घटक के रूप में भी जाना जाता है?
- (a) नाइट्रस ऑक्साइड
- (b) कार्बन डाइऑक्साइड
- (c) मीथेन
- (d) हाइड्रोजन
उत्तर: (c)
हल (Solution):
सिद्धांत (Principle): बायोगैस एक गैसीय मिश्रण है जो ऑक्सीजन की अनुपस्थिति में कार्बनिक पदार्थों के अवायवीय अपघटन से उत्पन्न होता है।
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एक ही प्रकार के कार्बन परमाणुओं से बने, लेकिन अलग-अलग संरचनात्मक व्यवस्था वाले पदार्थों को क्या कहते हैं?
- (a) समस्थानिक (Isotopes)
- (b) समभारिक (Isobars)
- (c) अपररूप (Allotropes)
- (d) समावयवी (Isomers)
उत्तर: (c)
हल (Solution):
सिद्धांत (Principle): अपररूपता (Allotropy) वह गुण है जिसके द्वारा एक रासायनिक तत्व एक ही भौतिक अवस्था में दो या दो से अधिक विभिन्न रूपों में मौजूद होता है, जिनकी संरचनात्मक व्यवस्था अलग-अलग होती है और इसलिए भौतिक गुण भी अलग होते हैं।
व्याख्या (Explanation): अपररूप (Allotropes) एक ही रासायनिक तत्व के विभिन्न संरचनात्मक रूप होते हैं जो एक ही भौतिक अवस्था (जैसे ठोस) में मौजूद होते हैं। उदाहरण के लिए, कार्बन के अपररूप हीरा, ग्रेफाइट और फुलरीन हैं, जो सभी कार्बन परमाणुओं से बने हैं लेकिन उनकी व्यवस्था अलग-अलग है। समस्थानिक एक ही तत्व के परमाणु होते हैं जिनमें न्यूट्रॉन की संख्या भिन्न होती है। समभारिक भिन्न तत्वों के परमाणु होते हैं जिनमें समान द्रव्यमान संख्या होती है। समावयवी वे यौगिक होते हैं जिनमें समान रासायनिक सूत्र होता है लेकिन परमाणुओं की संरचनात्मक व्यवस्था अलग-अलग होती है। अतः, सही उत्तर अपररूप है।
अतः, सही उत्तर (c) है।
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आर्द्रभूमि में भारी धातुओं जैसे पारा (Mercury) का संचय, खाद्य श्रृंखला में किस प्रक्रिया के कारण जीवों में बढ़ता जाता है?
- (a) जैव-निम्नीकरण (Biodegradation)
- (b) जैव आवर्धन (Biomagnification)
- (c) प्रकाश-अपघटन (Photolysis)
- (d) जैव-उपचार (Bioremediation)
उत्तर: (b)
हल (Solution):
सिद्धांत (Principle): जैव आवर्धन (Biomagnification) एक प्रक्रिया है जिसमें खाद्य श्रृंखला में उच्चतर पोषी स्तरों पर जाते हुए कुछ पदार्थों (जैसे भारी धातु या कीटनाशक) की सांद्रता उत्तरोत्तर बढ़ती जाती है।
व्याख्या (Explanation): जब गैर-विघटनकारी प्रदूषक, जैसे पारा या DDT, किसी पारिस्थितिकी तंत्र में प्रवेश करते हैं, तो वे प्राथमिक उत्पादकों (जैसे पादप प्लवक) द्वारा अवशोषित हो जाते हैं। जब प्राथमिक उपभोक्ता इन उत्पादकों को खाते हैं, तो प्रदूषक उनके शरीर में जमा हो जाते हैं। फिर जब द्वितीयक उपभोक्ता प्राथमिक उपभोक्ताओं को खाते हैं, तो प्रदूषक की सांद्रता और बढ़ जाती है। इस प्रकार, खाद्य श्रृंखला में प्रत्येक उच्चतर स्तर पर, प्रदूषक की सांद्रता कई गुना बढ़ जाती है, जिससे शीर्ष उपभोक्ताओं (जैसे शिकारी पक्षी या मनुष्य) को सबसे अधिक खतरा होता है। इसे जैव आवर्धन कहते हैं। जैव-निम्नीकरण प्रदूषकों को तोड़ना है, प्रकाश-अपघटन प्रकाश द्वारा टूटना है, और जैव-उपचार सूक्ष्मजीवों का उपयोग करके प्रदूषकों को साफ करना है। अतः, सही उत्तर जैव आवर्धन है।
अतः, सही उत्तर (b) है।
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निम्नलिखित में से किस कारक का संबंध वातावरण से कार्बन डाइऑक्साइड हटाने से है?
- (a) श्वसन (Respiration)
- (b) ज्वालामुखी विस्फोट (Volcanic eruption)
- (c) प्रकाश संश्लेषण (Photosynthesis)
- (d) जीवाश्म ईंधन का जलना (Burning of fossil fuels)
उत्तर: (c)
हल (Solution):
सिद्धांत (Principle): कार्बन चक्र में, प्रकाश संश्लेषण वह प्राथमिक जैविक प्रक्रिया है जो वायुमंडलीय कार्बन डाइऑक्साइड को कार्बनिक पदार्थों में परिवर्तित करके हटाती है।
व्याख्या (Explanation): प्रकाश संश्लेषण वह प्रक्रिया है जिसके द्वारा हरे पौधे, शैवाल और कुछ बैक्टीरिया सूर्य के प्रकाश की ऊर्जा का उपयोग करके कार्बन डाइऑक्साइड और जल को ग्लूकोज (भोजन) और ऑक्सीजन में परिवर्तित करते हैं। यह वायुमंडल से कार्बन डाइऑक्साइड को सक्रिय रूप से हटाता है। श्वसन, ज्वालामुखी विस्फोट और जीवाश्म ईंधन का जलना सभी वातावरण में कार्बन डाइऑक्साइड छोड़ते हैं। अतः, सही उत्तर प्रकाश संश्लेषण है।
अतः, सही उत्तर (c) है।
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वायुमंडल में ओजोन परत (Ozone layer) का प्राथमिक कार्य क्या है?
- (a) पृथ्वी को गर्म करना
- (b) हानिकारक पराबैंगनी (UV) विकिरण को अवशोषित करना
- (c) वर्षा उत्पन्न करना
- (d) मीथेन का उत्पादन करना
उत्तर: (b)
हल (Solution):
सिद्धांत (Principle): ओजोन (O₃) एक गैस है जो समताप मंडल में एक परत बनाती है और सूर्य से आने वाले हानिकारक विकिरण को पृथ्वी की सतह तक पहुँचने से रोकती है।
व्याख्या (Explanation): ओजोन परत पृथ्वी के समताप मंडल में स्थित है और सूर्य से आने वाले अधिकांश हानिकारक पराबैंगनी (UV) विकिरण को अवशोषित करके पृथ्वी पर जीवन की रक्षा करती है। UV विकिरण त्वचा कैंसर, मोतियाबिंद और फसल क्षति का कारण बन सकता है। ओजोन परत पृथ्वी को गर्म करने में सीधे तौर पर प्राथमिक कारक नहीं है (यह ग्रीनहाउस गैस है, लेकिन इसका मुख्य कार्य UV अवशोषण है), और यह वर्षा या मीथेन उत्पादन से संबंधित नहीं है। अतः, सही उत्तर हानिकारक पराबैंगनी (UV) विकिरण को अवशोषित करना है।
अतः, सही उत्तर (b) है।
व्याख्या (Explanation): दलदली भूमि प्राकृतिक रूप से जल को शुद्ध करती है, क्योंकि वहां के पौधे और सूक्ष्मजीव प्रदूषकों, जैसे अतिरिक्त पोषक तत्वों (नाइट्रोजन और फास्फोरस) और तलछट को फ़िल्टर और अवशोषित करते हैं। यह प्रक्रिया जैविक निस्पंदन के समान है, जहाँ सूक्ष्मजीवों और पौधों का उपयोग प्रदूषकों को तोड़ने या हटाने के लिए किया जाता है। जल उपचार संयंत्रों में भी जैविक निस्पंदन का उपयोग किया जाता है। आसवन और विपरीत परासरण भौतिक प्रक्रियाएं हैं, जबकि क्लोरीनीकरण कीटाणुशोधन की रासायनिक प्रक्रिया है। अतः, सही उत्तर जैविक निस्पंदन है।
अतः, सही उत्तर (c) है।
व्याख्या (Explanation): बायोगैस मुख्य रूप से मीथेन (CH₄) और कार्बन डाइऑक्साइड (CO₂) का मिश्रण है, जिसमें मीथेन मुख्य ज्वलनशील घटक है। यह अपशिष्ट पदार्थों (जैसे पशु गोबर, कृषि अवशेष) के अवायवीय अपघटन (जिसे अवायवीय डाइजेशन भी कहते हैं) द्वारा उत्पन्न होती है। मीथेन का उपयोग ईंधन के रूप में किया जा सकता है। नाइट्रस ऑक्साइड (N₂O) और हाइड्रोजन (H₂) भी गैसें हैं लेकिन बायोगैस के मुख्य घटक नहीं हैं। अतः, सही उत्तर मीथेन है।
अतः, सही उत्तर (c) है।
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