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प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए सामान्य विज्ञान के आवश्यक प्रश्न

प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए सामान्य विज्ञान के आवश्यक प्रश्न

परिचय: प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में सामान्य विज्ञान एक अत्यंत महत्वपूर्ण खंड है। चाहे वह SSC, Railways, State PSCs हो या कोई अन्य सरकारी नौकरी की परीक्षा, विज्ञान के प्रश्न आपकी सफलता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इस खंड में, हमने भौतिकी (Physics), रसायन विज्ञान (Chemistry), और जीव विज्ञान (Biology) के जटिल लेकिन परीक्षा-केंद्रित अवधारणाओं को आसान और समझने योग्य बहुविकल्पीय प्रश्नों (MCQs) के रूप में प्रस्तुत किया है। प्रत्येक प्रश्न के साथ विस्तृत व्याख्या भी दी गई है, ताकि आप न केवल सही उत्तर जानें, बल्कि उसके पीछे के वैज्ञानिक सिद्धांत को भी समझ सकें। अपनी तैयारी को परखने और विज्ञान में अपनी पकड़ मजबूत करने के लिए तैयार हो जाइए!


सामान्य विज्ञान अभ्यास प्रश्न (General Science Practice MCQs)

  1. हीरे की असाधारण चमक का मुख्य कारण क्या है?

    • (a) उच्च अपवर्तक सूचकांक
    • (b) पूर्ण आंतरिक परावर्तन
    • (c) प्रकाश का प्रकीर्णन
    • (d) उपरोक्त सभी

    उत्तर: (d)

    हल (Solution):

    सिद्धांत (Principle): पूर्ण आंतरिक परावर्तन (Total Internal Reflection) एक ऑप्टिकल घटना है जो तब होती है जब प्रकाश एक सघन माध्यम से विरल माध्यम में जाता है और आपतन कोण क्रांतिक कोण से अधिक होता है, जिससे प्रकाश वापस सघन माध्यम में परावर्तित हो जाता है।

    व्याख्या (Explanation): हीरे की असाधारण चमक (brilliance) का कारण उसका बहुत उच्च अपवर्तक सूचकांक (लगभग 2.42) है, जो प्रकाश को अत्यधिक मोड़ता है। इस उच्च अपवर्तक सूचकांक के कारण हीरे का क्रांतिक कोण (critical angle) बहुत कम (लगभग 24.4 डिग्री) होता है। जब हीरे को उचित रूप से काटा और पॉलिश किया जाता है, तो अधिकांश प्रकाश जो उसमें प्रवेश करता है, वह हीरे की विभिन्न सतहों से बार-बार पूर्ण आंतरिक परावर्तन के माध्यम से उछलता रहता है और फिर केवल कुछ कोणों से ही बाहर निकलता है, जिससे यह बहुत चमकदार दिखाई देता है। साथ ही, प्रकाश का प्रकीर्णन (dispersion) भी इसकी “आग” या रंगीन चमक में योगदान देता है, जिससे यह विभिन्न रंगों में बिखरता है। अतः, इन सभी कारकों का संयोजन हीरे की चमक का कारण है।

    अतः, सही उत्तर (d) है।

  2. कार्बन का कौन सा अपरूप सबसे कठोर प्राकृतिक पदार्थ माना जाता है?

    • (a) ग्रेफाइट
    • (b) हीरा
    • (c) फुलेरीन
    • (d) ग्राफीन

    उत्तर: (b)

    हल (Solution):

    सिद्धांत (Principle): पदार्थों की कठोरता उनकी परमाणु संरचना और रासायनिक बंधों की मजबूती पर निर्भर करती है।

    व्याख्या (Explanation): हीरा (Diamond) कार्बन का एक अपरूप (allotrope) है जिसमें प्रत्येक कार्बन परमाणु sp3 संकरण द्वारा चार अन्य कार्बन परमाणुओं से सहसंयोजक बंध (covalent bonds) द्वारा जुड़ा होता है, जिससे एक त्रि-आयामी नेटवर्क संरचना बनती है। यह अत्यंत मजबूत और स्थिर संरचना हीरे को पृथ्वी पर सबसे कठोर ज्ञात प्राकृतिक पदार्थ बनाती है। ग्रेफाइट, फुलेरीन और ग्राफीन भी कार्बन के अपरूप हैं, लेकिन उनकी परमाणु संरचना और बंधन प्रकृति हीरे से भिन्न होती है, जिससे वे कम कठोर होते हैं।

    अतः, सही उत्तर (b) है।

  3. निम्नलिखित में से कौन सा कोशिकांग ‘कोशिका का ऊर्जा घर’ कहलाता है?

    • (a) राइबोसोम
    • (b) माइटोकॉन्ड्रिया
    • (c) लाइसोसोम
    • (d) एंडोप्लाज्मिक रेटिकुलम

    उत्तर: (b)

    हल (Solution):

    सिद्धांत (Principle): कोशिका के अंदर होने वाली विभिन्न जैविक प्रक्रियाओं के लिए ऊर्जा का उत्पादन एडेनोसिन ट्राइफॉस्फेट (ATP) के रूप में होता है।

    व्याख्या (Explanation): माइटोकॉन्ड्रिया (Mitochondria) वह कोशिकांग है जहां कोशिकीय श्वसन (cellular respiration) होता है। इस प्रक्रिया में, ग्लूकोज और अन्य पोषक तत्वों को ऑक्सीकृत करके एटीपी (ATP) के रूप में ऊर्जा मुक्त की जाती है, जो कोशिका की विभिन्न गतिविधियों के लिए आवश्यक होती है। इसी कारण माइटोकॉन्ड्रिया को ‘कोशिका का ऊर्जा घर’ (Powerhouse of the cell) कहा जाता है। राइबोसोम प्रोटीन संश्लेषण में, लाइसोसोम अपशिष्ट निपटान में, और एंडोप्लाज्मिक रेटिकुलम प्रोटीन और लिपिड संश्लेषण में शामिल होते हैं।

    अतः, सही उत्तर (b) है।

  4. मोहली पैमाने (Mohs scale) का उपयोग क्या मापने के लिए किया जाता है?

    • (a) पदार्थों की सघनता
    • (b) खनिजों की कठोरता
    • (c) ध्वनि की तीव्रता
    • (d) तापमान

    उत्तर: (b)

    हल (Solution):

    सिद्धांत (Principle): मोह्स कठोरता पैमाना (Mohs Hardness Scale) एक गुणात्मक पैमाना है जो खनिजों की खरोंच प्रतिरोध (scratch resistance) को मापता है। यह पैमाने पर उच्चतर संख्या वाले खनिज द्वारा निचले संख्या वाले खनिज को खरोंचने की क्षमता पर आधारित है।

    व्याख्या (Explanation): मोह्स कठोरता पैमाना 1812 में जर्मन भूविज्ञानी फ्रेडरिक मोह्स द्वारा विकसित किया गया था। यह खनिजों की सापेक्ष कठोरता को मापता है, जिसमें 1 (सबसे नरम, जैसे टैलक) से 10 (सबसे कठोर, जैसे हीरा) तक की संख्याएँ होती हैं। यह खनिजों को एक-दूसरे को खरोंचने की क्षमता के आधार पर वर्गीकृत करता है। यह किसी पदार्थ की पूर्ण कठोरता का माप नहीं है, बल्कि एक तुलनात्मक पैमाना है।

    अतः, सही उत्तर (b) है।

  5. कार्बन परमाणु में कौन सा संकरण (hybridization) हीरे की संरचना में मौजूद होता है?

    • (a) sp
    • (b) sp2
    • (c) sp3
    • (d) dsp2

    उत्तर: (c)

    हल (Solution):

    सिद्धांत (Principle): संकरण (Hybridization) परमाणु कक्षकों (atomic orbitals) के मिश्रण की प्रक्रिया है जिससे समान ऊर्जा और आकार के नए संकर कक्षक (hybrid orbitals) बनते हैं, जो रासायनिक बंधों के निर्माण में भाग लेते हैं।

    व्याख्या (Explanation): हीरे की संरचना में, प्रत्येक कार्बन परमाणु चार अन्य कार्बन परमाणुओं से एक चतुष्फलकीय (tetrahedral) व्यवस्था में जुड़ा होता है। इस व्यवस्था में, कार्बन परमाणु sp3 संकरित होता है। इसका मतलब है कि कार्बन के एक 2s और तीन 2p कक्षक मिलकर चार नए sp3 संकर कक्षक बनाते हैं, जो चार मजबूत सिग्मा (σ) बंध बनाते हैं। यह sp3 संकरण हीरे को उसकी अद्वितीय कठोरता और त्रि-आयामी जाली संरचना प्रदान करता है। ग्रेफाइट में sp2 संकरण होता है, जबकि एसिटिलीन जैसे यौगिकों में sp संकरण होता है।

    अतः, सही उत्तर (c) है।

  6. प्रकाश संश्लेषण (Photosynthesis) की प्रक्रिया में हरे पौधे किस गैस का उपयोग करते हैं?

    • (a) ऑक्सीजन
    • (b) नाइट्रोजन
    • (c) कार्बन डाइऑक्साइड
    • (d) सल्फर डाइऑक्साइड

    उत्तर: (c)

    हल (Solution):

    सिद्धांत (Principle): प्रकाश संश्लेषण वह प्रक्रिया है जिसके द्वारा हरे पौधे, शैवाल और कुछ बैक्टीरिया सूर्य के प्रकाश की ऊर्जा का उपयोग करके कार्बन डाइऑक्साइड और पानी को ग्लूकोज (भोजन) और ऑक्सीजन में परिवर्तित करते हैं।

    व्याख्या (Explanation): प्रकाश संश्लेषण क्लोरोप्लास्ट में होता है और इसमें दो मुख्य चरण होते हैं: प्रकाश-निर्भर अभिक्रियाएं और प्रकाश-स्वतंत्र अभिक्रियाएं (केल्विन चक्र)। प्रकाश-स्वतंत्र अभिक्रियाओं में, पौधे वायुमंडल से ली गई कार्बन डाइऑक्साइड (CO2) का उपयोग करके ग्लूकोज (एक कार्बनिक यौगिक) का संश्लेषण करते हैं। इस प्रक्रिया में ऑक्सीजन (O2) एक उप-उत्पाद के रूप में मुक्त होती है। अतः, कार्बन डाइऑक्साइड प्रकाश संश्लेषण के लिए एक आवश्यक कच्चा माल है।

    अतः, सही उत्तर (c) है।

  7. प्रकाश के किस गुणधर्म के कारण हीरे में “आग” या इंद्रधनुषी चमक दिखाई देती है?

    • (a) व्यतिकरण (Interference)
    • (b) विवर्तन (Diffraction)
    • (c) प्रकीर्णन (Dispersion)
    • (d) ध्रुवीकरण (Polarization)

    उत्तर: (c)

    हल (Solution):

    सिद्धांत (Principle): प्रकाश का प्रकीर्णन (Dispersion of light) वह घटना है जिसमें सफेद प्रकाश अपने घटक रंगों में विभाजित हो जाता है, जब वह किसी प्रिज्म या हीरे जैसे माध्यम से गुजरता है। यह विभिन्न तरंग दैर्ध्य के लिए माध्यम के अपवर्तक सूचकांक में भिन्नता के कारण होता है।

    व्याख्या (Explanation): हीरे में “आग” या इंद्रधनुषी चमक (fire/scintillation) प्रकाश के प्रकीर्णन (dispersion) के कारण होती है। हीरे में प्रवेश करने वाला सफेद प्रकाश विभिन्न तरंग दैर्ध्य (यानी रंग) के लिए अलग-अलग कोणों पर अपवर्तित होता है, जिससे यह अपने घटक रंगों (बैंगनी से लाल) में बिखर जाता है। इस बिखरे हुए प्रकाश का पूर्ण आंतरिक परावर्तन होने के बाद, यह हीरे से बाहर निकलता है और हमें रंगीन चमक दिखाई देती है। यह गुणधर्म हीरे को उसकी विशिष्ट रंगीन चमक प्रदान करता है।

    अतः, सही उत्तर (c) है।

  8. निम्नलिखित में से कौन सा कार्बन का अपरूप नहीं है?

    • (a) ग्रेफाइट
    • (b) सिलिकॉन
    • (c) फुलेरीन
    • (d) ग्राफीन

    उत्तर: (b)

    हल (Solution):

    सिद्धांत (Principle): अपरूपता (Allotropy) वह गुण है जिसमें कोई तत्व दो या दो से अधिक विभिन्न रूपों में मौजूद होता है, जिनमें भौतिक गुण भिन्न होते हैं लेकिन रासायनिक गुण समान होते हैं।

    व्याख्या (Explanation): ग्रेफाइट, फुलेरीन और ग्राफीन सभी कार्बन के ज्ञात अपरूप हैं, जिसका अर्थ है कि वे सभी कार्बन परमाणुओं से बने हैं लेकिन उनकी परमाणु संरचना और बंधन व्यवस्था भिन्न होती है, जिसके परिणामस्वरूप उनके भौतिक गुण भिन्न होते हैं। सिलिकॉन (Silicon) एक अलग रासायनिक तत्व है जो आवर्त सारणी में कार्बन के ठीक नीचे स्थित है, लेकिन यह कार्बन का अपरूप नहीं है। यह अपने आप में एक उपधातु (metalloid) है।

    अतः, सही उत्तर (b) है।

  9. जीवित जीवों में आनुवंशिक जानकारी (genetic information) का मुख्य वाहक क्या है?

    • (a) प्रोटीन
    • (b) लिपिड
    • (c) कार्बोहाइड्रेट
    • (d) डीऑक्सीराइबोन्यूक्लिक एसिड (DNA)

    उत्तर: (d)

    हल (Solution):

    सिद्धांत (Principle): आनुवंशिक जानकारी एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी में डीएनए (DNA) के माध्यम से हस्तांतरित होती है, जिसमें किसी जीव के विकास और कार्य के लिए आवश्यक निर्देश होते हैं।

    व्याख्या (Explanation): डीऑक्सीराइबोन्यूक्लिक एसिड (DNA) जीवित जीवों और अधिकांश वायरसों में आनुवंशिक जानकारी का प्राथमिक वाहक है। यह एक डबल हेलिक्स संरचना होती है जिसमें न्यूक्लियोटाइड (नाइट्रोजनस बेस, पेंटोज शुगर और फॉस्फेट समूह) की एक श्रृंखला होती है। डीएनए में जीन्स के रूप में कोडित सभी आनुवंशिक निर्देश होते हैं जो प्रोटीन के संश्लेषण को नियंत्रित करते हैं और अंततः किसी जीव के सभी लक्षणों को निर्धारित करते हैं। प्रोटीन, लिपिड और कार्बोहाइड्रेट भी महत्वपूर्ण जैविक अणु हैं, लेकिन वे सीधे आनुवंशिक जानकारी के वाहक नहीं होते हैं।

    अतः, सही उत्तर (d) है।

  10. परम शून्य तापमान (Absolute zero temperature) पर, किसी आदर्श गैस का आयतन क्या होगा?

    • (a) अधिकतम
    • (b) शून्य
    • (c) अनिश्चित
    • (d) स्थिर

    उत्तर: (b)

    हल (Solution):

    सिद्धांत (Principle): चार्ल्स का नियम (Charles’s Law) कहता है कि एक निश्चित दाब पर, एक निश्चित द्रव्यमान वाली गैस का आयतन उसके परम तापमान के सीधे आनुपातिक होता है (V ∝ T)। परम शून्य वह तापमान है जिस पर गैस के कणों की गतिज ऊर्जा न्यूनतम हो जाती है।

    व्याख्या (Explanation): परम शून्य तापमान (-273.15°C या 0 केल्विन) वह सैद्धांतिक तापमान है जिस पर गैस के कणों की सभी गति रुक ​​जाती है और उनकी गतिज ऊर्जा न्यूनतम होती है। चार्ल्स के नियम के अनुसार, यदि तापमान शून्य केल्विन हो जाता है, तो आदर्श गैस का आयतन भी सैद्धांतिक रूप से शून्य हो जाएगा। हालांकि, वास्तविक गैसें परम शून्य पर पहुंचने से पहले ही द्रवीभूत या ठोस हो जाती हैं।

    अतः, सही उत्तर (b) है।

  11. उच्च दाब और उच्च तापमान पर ग्रेफाइट से हीरे का संश्लेषण किस विधि द्वारा किया जाता है?

    • (a) रासायनिक वाष्प जमाव (CVD)
    • (b) उच्च दाब उच्च तापमान (HPHT)
    • (c) विलायक-उत्प्रेरक विधि
    • (d) (b) और (c) दोनों

    उत्तर: (d)

    हल (Solution):

    सिद्धांत (Principle): कार्बन के विभिन्न अपरूपों के बीच अवस्था परिवर्तन (phase transformation) के लिए विशिष्ट दाब और तापमान की आवश्यकता होती है। हीरे के निर्माण के लिए बहुत अधिक दाब और तापमान की आवश्यकता होती है।

    व्याख्या (Explanation): प्रयोगशाला में हीरे बनाने के लिए दो मुख्य विधियाँ हैं:
    1. **उच्च दाब उच्च तापमान (High-Pressure High-Temperature – HPHT) विधि:** यह विधि ग्रेफाइट को अत्यंत उच्च दाब (5-6 GPa) और तापमान (1300-1600°C) के अधीन करके हीरे में परिवर्तित करती है। इसमें अक्सर एक धातु उत्प्रेरक (जैसे निकल, लोहा, कोबाल्ट) का उपयोग किया जाता है।
    2. **रासायनिक वाष्प जमाव (Chemical Vapor Deposition – CVD) विधि:** यह विधि कम दाब पर हीरे की पतली परतें या छोटे क्रिस्टल बनाती है। इसमें कार्बन युक्त गैस (जैसे मीथेन) को गर्म किया जाता है, जिससे कार्बन परमाणु सतह पर जमा होकर हीरे की परत बनाते हैं।
    यहां, प्रश्न में “उच्च दाब और उच्च तापमान” का उल्लेख है, जो HPHT विधि की विशेषता है। हालांकि, HPHT विधि अक्सर एक विलायक-उत्प्रेरक (solvent-catalyst) का उपयोग करती है, इसलिए (c) भी HPHT विधि का एक पहलू है। इसलिए, (d) दोनों विधियों को समाहित करता है, हालांकि HPHT अधिक सीधा उत्तर है। लेकिन चूंकि HPHT में विलायक-उत्प्रेरक का उपयोग होता है, तो (d) अधिक व्यापक है।
    अगर विकल्प में केवल HPHT होता तो वह सही होता। चूंकि (c) HPHT का एक तरीका है, तो (d) सबसे उपयुक्त उत्तर है।

    अतः, सही उत्तर (d) है।

  12. मनुष्य में लाल रक्त कोशिकाओं (Red Blood Cells) का जीवनकाल कितना होता है?

    • (a) 60 दिन
    • (b) 120 दिन
    • (c) 180 दिन
    • (d) 240 दिन

    उत्तर: (b)

    हल (Solution):

    सिद्धांत (Principle): रक्त कोशिकाएं अस्थि मज्जा (bone marrow) में लगातार उत्पन्न होती रहती हैं और एक निश्चित जीवनकाल के बाद नष्ट हो जाती हैं।

    व्याख्या (Explanation): मनुष्य की लाल रक्त कोशिकाएं (एरिथ्रोसाइट्स) अस्थि मज्जा में बनती हैं और उनका औसत जीवनकाल लगभग 120 दिन होता है। इन कोशिकाओं का मुख्य कार्य फेफड़ों से ऑक्सीजन को शरीर के विभिन्न ऊतकों तक पहुंचाना और कार्बन डाइऑक्साइड को वापस फेफड़ों तक ले जाना है। 120 दिन के बाद, पुरानी और क्षतिग्रस्त RBCs प्लीहा (spleen) और यकृत (liver) में मैक्रोफेज द्वारा नष्ट कर दी जाती हैं।

    अतः, सही उत्तर (b) है।

  13. पवन ऊर्जा (Wind energy) का दोहन करने के लिए किस उपकरण का उपयोग किया जाता है?

    • (a) सोलर पैनल
    • (b) विंड टरबाइन
    • (c) जियोथर्मल प्लांट
    • (d) हाइड्रोइलेक्ट्रिक प्लांट

    उत्तर: (b)

    हल (Solution):

    सिद्धांत (Principle): ऊर्जा संरक्षण का नियम (Law of Conservation of Energy) कहता है कि ऊर्जा को न तो बनाया जा सकता है और न ही नष्ट किया जा सकता है, बल्कि इसे एक रूप से दूसरे रूप में परिवर्तित किया जा सकता है। पवन ऊर्जा में, हवा की गतिज ऊर्जा को विद्युत ऊर्जा में परिवर्तित किया जाता है।

    व्याख्या (Explanation): पवन ऊर्जा हवा की गतिज ऊर्जा का उपयोग करके विद्युत ऊर्जा उत्पन्न करने का एक नवीकरणीय स्रोत है। इस प्रक्रिया में विंड टरबाइन (Wind Turbine) का उपयोग किया जाता है। विंड टरबाइन में बड़े ब्लेड होते हैं जो हवा से टकराकर घूमते हैं, जिससे एक जनरेटर चलता है और बिजली उत्पन्न होती है। सोलर पैनल सौर ऊर्जा को, जियोथर्मल प्लांट भू-तापीय ऊर्जा को, और हाइड्रोइलेक्ट्रिक प्लांट जल ऊर्जा को विद्युत में परिवर्तित करते हैं।

    अतः, सही उत्तर (b) है।

  14. आधुनिक आवर्त सारणी (Modern Periodic Table) किस वैज्ञानिक द्वारा प्रस्तुत की गई थी?

    • (a) जॉन न्यूलैंड्स
    • (b) दिमित्री मेंडेलीव
    • (c) हेनरी मोसले
    • (d) वोल्फगैंग डोबेराइनर

    उत्तर: (c)

    हल (Solution):

    सिद्धांत (Principle): आधुनिक आवर्त नियम (Modern Periodic Law) कहता है कि तत्वों के भौतिक और रासायनिक गुण उनके परमाणु क्रमांक (atomic number) के आवर्ती फलन होते हैं।

    व्याख्या (Explanation): दिमित्री मेंडेलीव ने तत्वों को उनके परमाणु द्रव्यमान (atomic mass) के आधार पर वर्गीकृत किया और आवर्त सारणी का प्रारंभिक संस्करण प्रस्तुत किया। हालांकि, 1913 में हेनरी मोसले (Henry Moseley) ने बताया कि तत्वों के गुण परमाणु द्रव्यमान के बजाय उनके परमाणु क्रमांक पर अधिक निर्भर करते हैं। उन्होंने एक्स-रे स्पेक्ट्रा के साथ अपने प्रयोगों के आधार पर आधुनिक आवर्त नियम और आधुनिक आवर्त सारणी प्रस्तुत की, जिसमें तत्वों को उनके बढ़ते परमाणु क्रमांक के क्रम में व्यवस्थित किया गया है।

    अतः, सही उत्तर (c) है।

  15. मानव शरीर में सबसे बड़ी ग्रंथि कौन सी है?

    • (a) अग्न्याशय (Pancreas)
    • (b) थायराइड ग्रंथि (Thyroid gland)
    • (c) यकृत (Liver)
    • (d) पीयूष ग्रंथि (Pituitary gland)

    उत्तर: (c)

    हल (Solution):

    सिद्धांत (Principle): ग्रंथियां वे अंग या ऊतक होते हैं जो शरीर के कार्यों के लिए आवश्यक पदार्थों (जैसे हार्मोन, एंजाइम, पित्त) को स्रावित करते हैं।

    व्याख्या (Explanation): यकृत (Liver) मानव शरीर की सबसे बड़ी ग्रंथि और सबसे बड़ा आंतरिक अंग है। यह पेट के ऊपरी दाहिने हिस्से में स्थित होता है। यकृत के कई महत्वपूर्ण कार्य हैं, जिनमें पित्त का उत्पादन (जो वसा के पाचन में मदद करता है), रक्त शर्करा का विनियमन, विषहरण, प्रोटीन संश्लेषण और विटामिन का भंडारण शामिल है। अग्न्याशय, थायराइड और पीयूष ग्रंथियां भी महत्वपूर्ण ग्रंथियां हैं लेकिन आकार में यकृत से छोटी होती हैं।

    अतः, सही उत्तर (c) है।

  16. निम्नलिखित में से कौन सा एक सदिश राशि (Vector quantity) नहीं है?

    • (a) विस्थापन (Displacement)
    • (b) वेग (Velocity)
    • (c) त्वरण (Acceleration)
    • (d) दूरी (Distance)

    उत्तर: (d)

    हल (Solution):

    सिद्धांत (Principle): भौतिक राशियों को उनके पास दिशा की आवश्यकता के आधार पर सदिश (vector) और अदिश (scalar) राशियों में वर्गीकृत किया जाता है। सदिश राशियों में परिमाण (magnitude) और दिशा दोनों होते हैं, जबकि अदिश राशियों में केवल परिमाण होता है।

    व्याख्या (Explanation): विस्थापन (Displacement), वेग (Velocity) और त्वरण (Acceleration) सदिश राशियां हैं क्योंकि उन्हें पूरी तरह से परिभाषित करने के लिए परिमाण और दिशा दोनों की आवश्यकता होती है। उदाहरण के लिए, “5 मीटर उत्तर” एक विस्थापन है। इसके विपरीत, दूरी (Distance) एक अदिश राशि है क्योंकि यह केवल तय किए गए पथ की कुल लंबाई को संदर्भित करती है और इसमें दिशा शामिल नहीं होती है। उदाहरण के लिए, “5 मीटर” एक दूरी है, दिशा का कोई उल्लेख नहीं।

    अतः, सही उत्तर (d) है।

  17. वह प्रक्रिया जिसके द्वारा पौधे मिट्टी से पानी और खनिजों को अवशोषित करते हैं, क्या कहलाती है?

    • (a) वाष्पोत्सर्जन (Transpiration)
    • (b) परासरण (Osmosis)
    • (c) प्रकाश संश्लेषण (Photosynthesis)
    • (d) श्वसन (Respiration)

    उत्तर: (b)

    हल (Solution):

    सिद्धांत (Principle): परासरण (Osmosis) एक विशेष प्रकार का विसरण (diffusion) है जिसमें पानी के अणु एक अर्ध-पारगम्य झिल्ली (semi-permeable membrane) के पार उच्च जल सांद्रता वाले क्षेत्र से कम जल सांद्रता वाले क्षेत्र में तब तक गति करते हैं जब तक कि संतुलन स्थापित न हो जाए।

    व्याख्या (Explanation): पौधे अपनी जड़ों के माध्यम से मिट्टी से पानी और उसमें घुले हुए खनिजों को परासरण प्रक्रिया द्वारा अवशोषित करते हैं। जड़ों की कोशिकाओं में मिट्टी की तुलना में विलेय की सांद्रता अधिक होती है, जिससे एक जल क्षमता ढाल (water potential gradient) बनता है। इस ढाल के कारण, पानी परासरण द्वारा जड़ों में प्रवेश करता है। वाष्पोत्सर्जन पत्तियों से पानी का वाष्पीकरण है, प्रकाश संश्लेषण भोजन बनाने की प्रक्रिया है, और श्वसन ऊर्जा जारी करने की प्रक्रिया है।

    अतः, सही उत्तर (b) है।

  18. पानी में हवा के बुलबुले के चमकदार दिखने का कारण क्या है?

    • (a) प्रकाश का अपवर्तन
    • (b) प्रकाश का परावर्तन
    • (c) प्रकाश का पूर्ण आंतरिक परावर्तन
    • (d) प्रकाश का प्रकीर्णन

    उत्तर: (c)

    हल (Solution):

    सिद्धांत (Principle): जब प्रकाश सघन माध्यम (पानी) से विरल माध्यम (हवा) में क्रांतिक कोण से अधिक कोण पर आपतित होता है, तो वह वापस सघन माध्यम में परावर्तित हो जाता है।

    व्याख्या (Explanation): पानी में हवा का बुलबुला एक प्रकार के लेंस के रूप में कार्य करता है जिसके अंदर हवा (विरल माध्यम) होती है और बाहर पानी (सघन माध्यम) होता है। जब प्रकाश पानी से हवा के बुलबुले में प्रवेश करने का प्रयास करता है, और यदि आपतन कोण क्रांतिक कोण से अधिक होता है, तो प्रकाश बुलबुले की आंतरिक सतह से पूर्ण आंतरिक परावर्तन के माध्यम से वापस पानी में परावर्तित हो जाता है। यही कारण है कि बुलबुला हमें चमकदार दिखाई देता है, ठीक वैसे ही जैसे एक कटा हुआ हीरा चमकता है।

    अतः, सही उत्तर (c) है।

  19. निम्नलिखित में से कौन सा एक अम्लीय ऑक्साइड (acidic oxide) है?

    • (a) CaO (कैल्शियम ऑक्साइड)
    • (b) Na2O (सोडियम ऑक्साइड)
    • (c) CO2 (कार्बन डाइऑक्साइड)
    • (d) MgO (मैग्नीशियम ऑक्साइड)

    उत्तर: (c)

    हल (Solution):

    सिद्धांत (Principle): सामान्यतः अधातुओं के ऑक्साइड अम्लीय प्रकृति के होते हैं, जबकि धातुओं के ऑक्साइड क्षारीय प्रकृति के होते हैं। उभयधर्मी ऑक्साइड (amphoteric oxides) धातु और अधातु दोनों के ऑक्साइड हो सकते हैं और वे अम्ल और क्षार दोनों के साथ अभिक्रिया कर सकते हैं।

    व्याख्या (Explanation): कार्बन डाइऑक्साइड (CO2) एक अधातु कार्बन का ऑक्साइड है। जब CO2 को पानी में घोला जाता है, तो यह कार्बोनिक एसिड (H2CO3) बनाता है, जो इसकी अम्लीय प्रकृति को दर्शाता है।
    CO2 + H2O → H2CO3
    दूसरी ओर, CaO, Na2O और MgO धातुओं के ऑक्साइड हैं और ये क्षारीय प्रकृति के होते हैं। उदाहरण के लिए, CaO (चूना) पानी में घोलने पर कैल्शियम हाइड्रॉक्साइड (एक प्रबल क्षार) बनाता है।

    अतः, सही उत्तर (c) है।

  20. मानव शरीर में इंसुलिन हार्मोन का मुख्य कार्य क्या है?

    • (a) रक्तचाप को नियंत्रित करना
    • (b) रक्त शर्करा के स्तर को नियंत्रित करना
    • (c) हड्डी के विकास को बढ़ावा देना
    • (d) प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत करना

    उत्तर: (b)

    हल (Solution):

    सिद्धांत (Principle): हार्मोन रासायनिक संदेशवाहक होते हैं जो अंतःस्रावी ग्रंथियों द्वारा स्रावित होते हैं और रक्तप्रवाह के माध्यम से लक्ष्य कोशिकाओं तक पहुंचते हैं, जहां वे विशिष्ट शारीरिक प्रक्रियाओं को नियंत्रित करते हैं।

  21. व्याख्या (Explanation): इंसुलिन अग्न्याशय (pancreas) द्वारा स्रावित एक हार्मोन है। इसका मुख्य कार्य रक्त में ग्लूकोज (शर्करा) के स्तर को नियंत्रित करना है। यह ग्लूकोज को रक्त से कोशिकाओं में प्रवेश करने में मदद करता है, जहां इसका उपयोग ऊर्जा के लिए किया जाता है या ग्लाइकोजन के रूप में संग्रहीत किया जाता है। जब इंसुलिन पर्याप्त मात्रा में नहीं बनता या शरीर की कोशिकाएं इंसुलिन के प्रति प्रतिक्रिया नहीं करतीं, तो रक्त शर्करा का स्तर बढ़ जाता है, जिससे मधुमेह (diabetes mellitus) होता है।

    अतः, सही उत्तर (b) है।

  22. एक ध्वनि तरंग (Sound wave) किस प्रकार की तरंग है?

    • (a) अनुप्रस्थ तरंग (Transverse wave)
    • (b) अनुदैर्ध्य तरंग (Longitudinal wave)
    • (c) विद्युतचुंबकीय तरंग (Electromagnetic wave)
    • (d) इनमें से कोई नहीं

    उत्तर: (b)

    हल (Solution):

    सिद्धांत (Principle): तरंगों को माध्यम के कणों के दोलन की दिशा के आधार पर वर्गीकृत किया जाता है। अनुदैर्ध्य तरंगों में कणों का दोलन तरंग के प्रसार की दिशा के समानांतर होता है, जबकि अनुप्रस्थ तरंगों में यह लंबवत होता है।

    व्याख्या (Explanation): ध्वनि तरंगें अनुदैर्ध्य तरंगें होती हैं क्योंकि उनमें माध्यम के कण (जैसे हवा के अणु) तरंग के प्रसार की दिशा के समानांतर कंपन करते हैं। यह संपीड़न (compressions) और विरलन (rarefactions) के रूप में यात्रा करती है। इसके विपरीत, प्रकाश तरंगें अनुप्रस्थ तरंगें हैं, और विद्युतचुंबकीय तरंगें हैं जिन्हें संचरण के लिए किसी माध्यम की आवश्यकता नहीं होती है। ध्वनि को संचरण के लिए एक माध्यम (ठोस, तरल या गैस) की आवश्यकता होती है।

    अतः, सही उत्तर (b) है।

  23. पेट्रोलियम के शोधन (refining) में किस विधि का उपयोग किया जाता है?

    • (a) आसवन (Distillation)
    • (b) निस्पंदन (Filtration)
    • (c) प्रभाजी आसवन (Fractional Distillation)
    • (d) वाष्पीकरण (Evaporation)

    उत्तर: (c)

    हल (Solution):

    सिद्धांत (Principle): प्रभाजी आसवन (Fractional Distillation) एक ऐसी विधि है जिसका उपयोग दो या दो से अधिक मिश्रणीय तरल पदार्थों को अलग करने के लिए किया जाता है जिनके क्वथनांक (boiling points) में पर्याप्त अंतर होता है।

  24. व्याख्या (Explanation): पेट्रोलियम (कच्चा तेल) हाइड्रोकार्बन का एक जटिल मिश्रण है जिसमें विभिन्न क्वथनांक वाले घटक (जैसे पेट्रोल, डीजल, मिट्टी का तेल, स्नेहक तेल, बिटुमेन) शामिल होते हैं। इन घटकों को अलग करने के लिए प्रभाजी आसवन विधि का उपयोग किया जाता है। पेट्रोलियम को गर्म किया जाता है, और वाष्प एक प्रभाजीकरण कॉलम में ऊपर उठती है। विभिन्न क्वथनांक वाले घटक कॉलम के विभिन्न स्तरों पर संघनित होकर अलग हो जाते हैं। आसवन सामान्यतः दो घटकों को अलग करने के लिए होता है, जबकि प्रभाजी आसवन कई घटकों को अलग करने के लिए उपयोग होता है।

    अतः, सही उत्तर (c) है।

  25. मानव शरीर में ‘मास्टर ग्रंथि’ (Master Gland) के नाम से किसे जाना जाता है?

    • (a) थायराइड ग्रंथि
    • (b) अधिवृक्क ग्रंथि (Adrenal gland)
    • (c) पीयूष ग्रंथि (Pituitary gland)
    • (d) अग्न्याशय

    उत्तर: (c)

    हल (Solution):

    सिद्धांत (Principle): अंतःस्रावी प्रणाली (endocrine system) हार्मोन का उत्पादन और स्राव करके शरीर के विभिन्न कार्यों को नियंत्रित करती है। इस प्रणाली में कुछ ग्रंथियां अन्य ग्रंथियों के कार्य को नियंत्रित करती हैं।

    व्याख्या (Explanation): पीयूष ग्रंथि (Pituitary gland), जो मस्तिष्क के आधार पर स्थित एक मटर के आकार की ग्रंथि है, को ‘मास्टर ग्रंथि’ के रूप में जाना जाता है। यह इसलिए है क्योंकि यह कई अन्य अंतःस्रावी ग्रंथियों (जैसे थायराइड ग्रंथि, अधिवृक्क ग्रंथि, जननग्रंथि) के कार्यों को नियंत्रित करने वाले हार्मोन का उत्पादन और स्राव करती है। हालांकि, पीयूष ग्रंथि का कार्य स्वयं हाइपोथैलेमस द्वारा नियंत्रित होता है, जो मस्तिष्क का एक हिस्सा है।

    अतः, सही उत्तर (c) है।

  26. चंद्रमा पर वायुमंडल की अनुपस्थिति का मुख्य कारण क्या है?

    • (a) चंद्रमा की सतह का अत्यधिक तापमान
    • (b) चंद्रमा पर ऑक्सीजन की कमी
    • (c) चंद्रमा का निम्न गुरुत्वाकर्षण बल
    • (d) चंद्रमा पर पानी की अनुपस्थिति

    उत्तर: (c)

    हल (Solution):

    सिद्धांत (Principle): किसी ग्रह या खगोलीय पिंड पर वायुमंडल को बनाए रखने के लिए पर्याप्त गुरुत्वाकर्षण बल की आवश्यकता होती है जो गैस के अणुओं को अंतरिक्ष में पलायन करने से रोक सके। पलायन वेग (escape velocity) वह न्यूनतम वेग है जो किसी वस्तु को किसी पिंड के गुरुत्वाकर्षण क्षेत्र से बाहर निकलने के लिए आवश्यक होता है।

    व्याख्या (Explanation): चंद्रमा का द्रव्यमान और आकार पृथ्वी की तुलना में बहुत कम है, जिसके परिणामस्वरूप इसका गुरुत्वाकर्षण बल भी बहुत कम है (पृथ्वी का लगभग 1/6वाँ)। इस कमजोर गुरुत्वाकर्षण बल के कारण, चंद्रमा की सतह पर मौजूद किसी भी गैस के अणु, यहां तक कि सामान्य तापीय गति से भी, आसानी से पलायन वेग तक पहुंच सकते हैं और अंतरिक्ष में चले जाते हैं। समय के साथ, सभी गैसें चंद्रमा की सतह से पलायन कर गईं, जिससे वहां स्थायी वायुमंडल नहीं रह पाया।

    अतः, सही उत्तर (c) है।

  27. पॉलिथीन (Polythene) किसका बहुलक (polymer) है?

    • (a) मीथेन
    • (b) एथिलीन
    • (c) प्रोपीन
    • (d) एसिटिलीन

    उत्तर: (b)

    हल (Solution):

    सिद्धांत (Principle): बहुलकीकरण (Polymerization) वह रासायनिक प्रक्रिया है जिसमें कई छोटे अणु (एकलक, monomers) एक साथ जुड़कर एक बड़ा, दोहरावदार संरचना वाला अणु (बहुलक, polymer) बनाते हैं।

    व्याख्या (Explanation): पॉलिथीन (पॉलीइथिलीन) सबसे व्यापक रूप से उपयोग किए जाने वाले प्लास्टिक में से एक है। यह एथिलीन (C2H4) के एकलक इकाइयों के बहुलकीकरण से बनता है। एथिलीन के कई अणु आपस में जुड़कर एक लंबी श्रृंखला बनाते हैं, जिसे पॉलिथीन कहते हैं। यह आमतौर पर पैकेजिंग सामग्री, फिल्म, बोतलें और विभिन्न उपभोक्ता वस्तुओं के निर्माण में उपयोग होता है।

    अतः, सही उत्तर (b) है।

  28. कोशिका भित्ति (Cell wall) किसमें पाई जाती है?

    • (a) पशु कोशिका (Animal cell)
    • (b) पादप कोशिका (Plant cell)
    • (c) मानव कोशिका
    • (d) (a) और (c) दोनों

    उत्तर: (b)

    हल (Solution):

    सिद्धांत (Principle): कोशिका भित्ति पौधों और कुछ अन्य जीवों की कोशिकाओं में पाई जाने वाली एक कठोर, सुरक्षात्मक परत है, जो कोशिका झिल्ली के बाहर स्थित होती है।

    व्याख्या (Explanation): कोशिका भित्ति पादप कोशिकाओं (Plant cells), कवक (fungi), शैवाल (algae) और कुछ जीवाणुओं (bacteria) में पाई जाती है। यह मुख्य रूप से सेल्युलोज (पौधों में) से बनी होती है और कोशिका को संरचनात्मक सहायता, यांत्रिक शक्ति प्रदान करती है और कोशिका को अतिपरासारी घोल (hypertonic solution) में फटने से बचाती है। पशु कोशिकाओं (Animal cells) और मानव कोशिकाओं में कोशिका भित्ति नहीं पाई जाती है; उनके पास केवल एक कोशिका झिल्ली (cell membrane) होती है।

    अतः, सही उत्तर (b) है।

  29. किसी वस्तु का द्रव्यमान (Mass) मापने के लिए किस उपकरण का उपयोग किया जाता है?

    • (a) स्प्रिंग तुला (Spring balance)
    • (b) भौतिक तुला (Physical balance)
    • (c) बैरोमीटर (Barometer)
    • (d) हाइड्रोमीटर (Hydrometer)

    उत्तर: (b)

    हल (Solution):

    सिद्धांत (Principle): द्रव्यमान किसी वस्तु में पदार्थ की मात्रा का माप है और यह स्थान बदलने पर नहीं बदलता है। भार (Weight) द्रव्यमान पर गुरुत्वाकर्षण बल का परिणाम है और यह स्थान के अनुसार बदल सकता है।

    व्याख्या (Explanation): भौतिक तुला (Physical balance) या साधारण बीम संतुलन (common beam balance) का उपयोग किसी वस्तु के द्रव्यमान को मापने के लिए किया जाता है। यह एक मानक द्रव्यमान के साथ अज्ञात द्रव्यमान की तुलना करके काम करता है। स्प्रिंग तुला भार को मापता है क्योंकि यह गुरुत्वाकर्षण के कारण लगने वाले बल पर निर्भर करता है (F=mg)। बैरोमीटर वायुमंडलीय दाब को मापता है, और हाइड्रोमीटर तरल पदार्थों के सापेक्ष घनत्व को मापता है।

    अतः, सही उत्तर (b) है।

  30. निम्नलिखित में से कौन सा ग्रीनहाउस गैस (Greenhouse gas) नहीं है?

    • (a) कार्बन डाइऑक्साइड (CO2)
    • (b) मीथेन (CH4)
    • (c) नाइट्रस ऑक्साइड (N2O)
    • (d) ऑक्सीजन (O2)

    उत्तर: (d)

    हल (Solution):

    सिद्धांत (Principle): ग्रीनहाउस गैसें वे गैसें हैं जो पृथ्वी के वायुमंडल में ऊष्मा को रोकती हैं, जिससे ग्रह गर्म होता है। ये गैसें अवरक्त विकिरण (infrared radiation) को अवशोषित और उत्सर्जित करती हैं।

    व्याख्या (Explanation): कार्बन डाइऑक्साइड (CO2), मीथेन (CH4), नाइट्रस ऑक्साइड (N2O) और जलवाष्प (H2O) प्रमुख ग्रीनहाउस गैसें हैं जो पृथ्वी के वायुमंडल में ऊष्मा को फंसाकर ग्लोबल वार्मिंग में योगदान करती हैं। ऑक्सीजन (O2) एक ग्रीनहाउस गैस नहीं है। यह वायुमंडल का एक महत्वपूर्ण घटक है जो श्वसन के लिए आवश्यक है, लेकिन यह अवरक्त विकिरण को अवशोषित नहीं करता है जिससे ग्रीनहाउस प्रभाव पैदा होता है।

    अतः, सही उत्तर (d) है।

  31. प्रोटीन के संश्लेषण (synthesis) के लिए कोशिका में कौन सा कोशिकांग जिम्मेदार है?

    • (a) लाइसोसोम
    • (b) राइबोसोम
    • (c) गॉल्जी उपकरण
    • (d) रसधानी (Vacuole)

    उत्तर: (b)

    हल (Solution):

    सिद्धांत (Principle): प्रोटीन संश्लेषण एक जटिल जैविक प्रक्रिया है जिसमें कोशिकाएं एमिनो एसिड को जोड़कर प्रोटीन बनाती हैं, जो कोशिका के कार्य और संरचना के लिए महत्वपूर्ण होते हैं।

    व्याख्या (Explanation): राइबोसोम (Ribosomes) वे छोटे कोशिकांग हैं जो कोशिकाद्रव्य (cytoplasm) में स्वतंत्र रूप से या एंडोप्लाज्मिक रेटिकुलम से जुड़े पाए जाते हैं। वे प्रोटीन संश्लेषण (protein synthesis) या अनुवाद (translation) के स्थल होते हैं, जहां मैसेंजर आरएनए (mRNA) के निर्देशों के अनुसार एमिनो एसिड को एक साथ जोड़कर प्रोटीन श्रृंखलाएं बनाई जाती हैं। लाइसोसोम अपशिष्ट निपटान में शामिल होते हैं, गॉल्जी उपकरण प्रोटीन और लिपिड के संशोधन और पैकेजिंग में मदद करते हैं, और रसधानी पौधों की कोशिकाओं में भंडारण और दबाव बनाए रखने में भूमिका निभाते हैं।

    अतः, सही उत्तर (b) है।

  32. सूर्य की ऊर्जा का मुख्य स्रोत क्या है?

    • (a) नाभिकीय विखंडन (Nuclear fission)
    • (b) नाभिकीय संलयन (Nuclear fusion)
    • (c) रासायनिक अभिक्रियाएँ
    • (d) गुरुत्वाकर्षण संकुचन

    उत्तर: (b)

    हल (Solution):

    सिद्धांत (Principle): नाभिकीय संलयन (Nuclear fusion) वह प्रक्रिया है जिसमें दो या दो से अधिक हल्के परमाणु नाभिक मिलकर एक भारी नाभिक बनाते हैं, जिससे बड़ी मात्रा में ऊर्जा निकलती है। यह प्रक्रिया अत्यंत उच्च तापमान और दाब पर होती है।

    व्याख्या (Explanation): सूर्य और अन्य तारों की विशाल ऊर्जा का स्रोत उनके कोर में होने वाली नाभिकीय संलयन अभिक्रियाएँ हैं। सूर्य के कोर में, अत्यधिक उच्च तापमान (लगभग 15 मिलियन डिग्री सेल्सियस) और दाब के कारण हाइड्रोजन के नाभिक (प्रोटॉन) संलयन करके हीलियम नाभिक बनाते हैं। इस प्रक्रिया में द्रव्यमान का एक छोटा सा हिस्सा ऊर्जा में परिवर्तित हो जाता है, जैसा कि आइंस्टीन के प्रसिद्ध समीकरण E=mc² द्वारा वर्णित है। नाभिकीय विखंडन परमाणु रिएक्टरों में ऊर्जा उत्पन्न करने के लिए उपयोग की जाने वाली प्रक्रिया है।

    अतः, सही उत्तर (b) है।

  33. निम्नलिखित में से कौन सा रसायन सामान्यतः कृत्रिम वर्षा (Artificial Rain) के लिए उपयोग किया जाता है?

    • (a) सोडियम क्लोराइड (NaCl)
    • (b) पोटेशियम आयोडाइड (KI)
    • (c) सिल्वर आयोडाइड (AgI)
    • (d) उपरोक्त सभी

    उत्तर: (d)

    हल (Solution):

    सिद्धांत (Principle): कृत्रिम वर्षा (Cloud Seeding) बादलों में छोटे-छोटे कणों को डालकर की जाती है, जो संघनन नाभिक (condensation nuclei) या हिम नाभिक (ice nuclei) के रूप में कार्य करते हैं, जिससे जलवाष्प संघनित होकर वर्षा की बूंदों या बर्फ के क्रिस्टल में बदल जाती है।

    व्याख्या (Explanation): कृत्रिम वर्षा या ‘क्लाउड सीडिंग’ के लिए कई रसायनों का उपयोग किया जाता है। इनमें सबसे आम हैं सिल्वर आयोडाइड (AgI) और शुष्क बर्फ (ठोस कार्बन डाइऑक्साइड)। पोटेशियम आयोडाइड (KI) और यहां तक कि साधारण नमक (सोडियम क्लोराइड, NaCl) भी कुछ परिस्थितियों में उपयोग किए जाते हैं, खासकर गर्म बादलों में संघनन नाभिक के रूप में। सिल्वर आयोडाइड अपनी क्रिस्टल संरचना के कारण विशेष रूप से प्रभावी है, जो बर्फ के क्रिस्टल के समान होती है और हिम नाभिक के रूप में कार्य करती है। अतः, दिए गए विकल्पों में से सभी का उपयोग कृत्रिम वर्षा के लिए किया जा सकता है।

    अतः, सही उत्तर (d) है।

  34. रक्त का थक्का जमने (Blood clotting) में कौन सा विटामिन सहायक होता है?

    • (a) विटामिन ए
    • (b) विटामिन बी
    • (c) विटामिन सी
    • (d) विटामिन के

    उत्तर: (d)

    हल (Solution):

    सिद्धांत (Principle): रक्त का थक्का जमना शरीर की एक महत्वपूर्ण सुरक्षात्मक प्रक्रिया है जो चोट लगने पर अत्यधिक रक्तस्राव को रोकने में मदद करती है। इसमें कई कारक (clotting factors) शामिल होते हैं।

    व्याख्या (Explanation): विटामिन K रक्त के थक्के जमने की प्रक्रिया के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। यह यकृत (liver) में प्रोथ्रोम्बिन (prothrombin) और अन्य रक्त जमावट कारकों (blood coagulation factors) के संश्लेषण के लिए आवश्यक है। इन कारकों के बिना, रक्त का थक्का ठीक से नहीं जम पाता, जिससे अत्यधिक रक्तस्राव हो सकता है। विटामिन A आँखों की रोशनी के लिए, विटामिन B समूह चयापचय (metabolism) के लिए, और विटामिन C प्रतिरक्षा और कोलेजन निर्माण के लिए महत्वपूर्ण है।

    अतः, सही उत्तर (d) है।

  35. एक नैनोमीटर (nanometer) कितने मीटर के बराबर होता है?

    • (a) 10^-3 मीटर
    • (b) 10^-6 मीटर
    • (c) 10^-9 मीटर
    • (d) 10^-12 मीटर

    उत्तर: (c)

    हल (Solution):

    सिद्धांत (Principle): मीट्रिक प्रणाली में, विभिन्न इकाइयों को व्यक्त करने के लिए उपसर्गों (prefixes) का उपयोग किया जाता है जो मूल इकाई के गुणक या उप-गुणक को दर्शाते हैं।

    व्याख्या (Explanation): नैनोमीटर (nm) लंबाई की एक इकाई है जो एक मीटर के एक अरबवें हिस्से के बराबर होती है।
    1 नैनोमीटर (nm) = 10^-9 मीटर।
    यह परमाणुओं के आकार, अणुओं और नैनोस्केल सामग्री को मापने के लिए उपयोग किया जाता है।
    अन्य विकल्प इस प्रकार हैं:
    1 मिलीमीटर = 10^-3 मीटर
    1 माइक्रोमीटर = 10^-6 मीटर
    1 पिकोमीटर = 10^-12 मीटर

    अतः, सही उत्तर (c) है।

  36. कार्बन चक्र (Carbon Cycle) में कार्बन डाइऑक्साइड को वायुमंडल में वापस लाने वाली मुख्य प्रक्रिया क्या है?

    • (a) प्रकाश संश्लेषण
    • (b) श्वसन (Respiration)
    • (c) नाइट्रोजन स्थिरीकरण (Nitrogen fixation)
    • (d) वाष्पीकरण

    उत्तर: (b)

    हल (Solution):

    सिद्धांत (Principle): कार्बन चक्र एक जैव-रासायनिक चक्र है जिसके द्वारा कार्बन पृथ्वी के जैवमंडल, भूमंडल, जलमंडल और वायुमंडल के बीच विनिमय होता है।

    व्याख्या (Explanation): कार्बन चक्र में, पौधे प्रकाश संश्लेषण द्वारा वायुमंडल से कार्बन डाइऑक्साइड (CO2) लेते हैं और उसे कार्बनिक पदार्थों में बदलते हैं। श्वसन (Respiration) वह प्रक्रिया है जिसके द्वारा जीवित जीव (पौधे और जानवर दोनों) ऊर्जा उत्पन्न करने के लिए कार्बनिक पदार्थों (जैसे ग्लूकोज) को तोड़ते हैं, और इस प्रक्रिया के उप-उत्पाद के रूप में कार्बन डाइऑक्साइड को वायुमंडल में छोड़ते हैं। जीवाश्म ईंधन का दहन और ज्वालामुखी गतिविधियां भी वायुमंडल में CO2 छोड़ती हैं, लेकिन श्वसन जैविक प्रक्रियाओं द्वारा CO2 की वापसी में एक प्रमुख और निरंतर योगदानकर्ता है।

    अतः, सही उत्तर (b) है।

  37. निम्नलिखित में से कौन सा सबसे अच्छा विद्युत चालक (electrical conductor) है?

    • (a) तांबा (Copper)
    • (b) एल्यूमीनियम (Aluminium)
    • (c) चांदी (Silver)
    • (d) सोना (Gold)

    उत्तर: (c)

    हल (Solution):

    सिद्धांत (Principle): विद्युत चालकता (Electrical conductivity) किसी सामग्री की विद्युत प्रवाह को प्रवाहित करने की क्षमता है। यह सामग्री में मुक्त इलेक्ट्रॉनों की उपलब्धता और गतिशीलता पर निर्भर करती है।

    व्याख्या (Explanation): चांदी (Silver) सभी धातुओं में सबसे अच्छा विद्युत चालक है। इसमें प्रति परमाणु सबसे अधिक मुक्त इलेक्ट्रॉन होते हैं जो विद्युत प्रवाह को आसानी से ले जा सकते हैं। हालांकि, अपनी उच्च लागत के कारण, यह आमतौर पर तांबे और एल्यूमीनियम जैसे सस्ते विकल्पों की तुलना में व्यापक रूप से उपयोग नहीं किया जाता है। तांबा और एल्यूमीनियम भी बहुत अच्छे चालक हैं और इनका उपयोग अधिकांश तारों और विद्युत अनुप्रयोगों में किया जाता है। सोना भी एक अच्छा चालक है, लेकिन यह चांदी जितना अच्छा नहीं है।

    अतः, सही उत्तर (c) है।

  38. पेप्सिन एंजाइम (Pepsin enzyme) मानव शरीर के किस अंग में स्रावित होता है?

    • (a) मुंह
    • (b) पेट (Stomach)
    • (c) छोटी आंत (Small intestine)
    • (d) अग्न्याशय (Pancreas)

    उत्तर: (b)

    हल (Solution):

    सिद्धांत (Principle): एंजाइम जैविक उत्प्रेरक (biological catalysts) होते हैं जो शरीर में रासायनिक अभिक्रियाओं की दर को बढ़ाते हैं। प्रत्येक एंजाइम एक विशिष्ट पीएच (pH) और तापमान पर सबसे अच्छा काम करता है।

    व्याख्या (Explanation): पेप्सिन एक प्रोटीन-पाचक एंजाइम है जो मानव पेट (stomach) में स्रावित होता है। यह पेप्सिनोजेन (pepsinogen) के रूप में निष्क्रिय रूप में स्रावित होता है और पेट में मौजूद हाइड्रोक्लोरिक एसिड (HCl) द्वारा सक्रिय पेप्सिन में परिवर्तित हो जाता है। पेप्सिन अम्लीय वातावरण (pH 1.5-3.5) में प्रोटीन को छोटे पेप्टाइडों में तोड़ने का काम करता है। मुंह में एमाइलेज होता है, छोटी आंत में कई एंजाइम होते हैं (जैसे ट्रिप्सिन, लाइपेस), और अग्न्याशय ट्रिप्सिन और लाइपेस जैसे पाचक एंजाइम स्रावित करता है जो छोटी आंत में कार्य करते हैं।

    अतः, सही उत्तर (b) है।

  39. दूर दृष्टि दोष (Hypermetropia) को ठीक करने के लिए किस लेंस का उपयोग किया जाता है?

    • (a) अवतल लेंस (Concave lens)
    • (b) उत्तल लेंस (Convex lens)
    • (c) बेलनाकार लेंस (Cylindrical lens)
    • (d) द्विफोकसी लेंस (Bifocal lens)

    उत्तर: (b)

    हल (Solution):

    सिद्धांत (Principle): दूर दृष्टि दोष में, प्रकाश की किरणें रेटिना के पीछे केंद्रित होती हैं, जिससे पास की वस्तुएं धुंधली दिखाई देती हैं। लेंस का उपयोग प्रकाश को रेटिना पर ठीक से केंद्रित करने के लिए किया जाता है।

    व्याख्या (Explanation): दूर दृष्टि दोष (जिसे हाइपरमेट्रोपिया या दूरदर्शिता भी कहते हैं) में व्यक्ति पास की वस्तुओं को स्पष्ट रूप से नहीं देख पाता है। ऐसा तब होता है जब नेत्रगोलक बहुत छोटा होता है या लेंस की फोकस करने की शक्ति अपर्याप्त होती है, जिससे प्रकाश की किरणें रेटिना के पीछे केंद्रित होती हैं। इस दोष को ठीक करने के लिए उत्तल लेंस (convex lens) का उपयोग किया जाता है। उत्तल लेंस अभिसारी (converging) होता है, जो प्रकाश की किरणों को रेटिना पर ठीक से केंद्रित करने में मदद करता है। अवतल लेंस निकट दृष्टि दोष (myopia) के लिए, बेलनाकार लेंस दृष्टिवैषम्य (astigmatism) के लिए, और द्विफोकसी लेंस प्रेसबायोपिया (presbyopia) के लिए उपयोग किए जाते हैं।

    अतः, सही उत्तर (b) है।

  40. वातावरण में ओजोन परत (Ozone layer) का मुख्य कार्य क्या है?

    • (a) ग्लोबल वार्मिंग को कम करना
    • (b) हानिकारक पराबैंगनी (UV) विकिरणों को अवशोषित करना
    • (c) वायु प्रदूषण को नियंत्रित करना
    • (d) वर्षा को बढ़ावा देना

    उत्तर: (b)

    हल (Solution):

    सिद्धांत (Principle): ओजोन (O3) ऑक्सीजन के तीन परमाणुओं से बना एक अणु है। समताप मंडल (stratosphere) में स्थित ओजोन परत, सूर्य से आने वाले कुछ हानिकारक विकिरणों को पृथ्वी की सतह तक पहुंचने से रोककर पृथ्वी पर जीवन की रक्षा करती है।

    व्याख्या (Explanation): ओजोन परत पृथ्वी के समताप मंडल में स्थित है और यह सूर्य से आने वाली हानिकारक पराबैंगनी (Ultraviolet – UV) विकिरणों (विशेषकर UV-B और UV-C) को अवशोषित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। ये विकिरण त्वचा कैंसर, मोतियाबिंद, प्रतिरक्षा प्रणाली को नुकसान और पौधों को क्षति पहुंचा सकते हैं। ओजोन परत के बिना, पृथ्वी पर जीवन जैसा कि हम जानते हैं, संभव नहीं होगा। ग्रीनहाउस गैसें ग्लोबल वार्मिंग का कारण बनती हैं, और ओजोन परत सीधे वायु प्रदूषण या वर्षा को नियंत्रित नहीं करती है।

    अतः, सही उत्तर (b) है।

  41. मानव रक्त का सामान्य pH मान कितना होता है?

    • (a) 6.0 – 6.5 (अम्लीय)
    • (b) 7.35 – 7.45 (थोड़ा क्षारीय)
    • (c) 7.0 (उदासीन)
    • (d) 8.0 – 8.5 (क्षारीय)

    उत्तर: (b)

    हल (Solution):

    सिद्धांत (Principle): pH एक माप है कि घोल कितना अम्लीय या क्षारीय है, जहां 7.0 उदासीन है, 7.0 से कम अम्लीय है, और 7.0 से अधिक क्षारीय है। शरीर में विभिन्न प्रक्रियाओं के लिए pH का एक संकीर्ण सीमा में बनाए रखना महत्वपूर्ण है।

    व्याख्या (Explanation): मानव रक्त का pH बहुत कसकर नियंत्रित होता है और सामान्यतः 7.35 से 7.45 की संकीर्ण सीमा में होता है, जिसका अर्थ है कि रक्त थोड़ा क्षारीय (या बुनियादी) प्रकृति का होता है। शरीर में बफर सिस्टम इस pH को बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इस सीमा से थोड़ा भी विचलन (जैसे अम्लरक्तता या क्षाररक्तता) गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं पैदा कर सकता है।

    अतः, सही उत्तर (b) है।

  42. कौन सा विटामिन शरीर में कैल्शियम के अवशोषण (absorption) में सहायक होता है?

    • (a) विटामिन ए
    • (b) विटामिन बी12
    • (c) विटामिन डी
    • (d) विटामिन ई

    उत्तर: (c)

    हल (Solution):

    सिद्धांत (Principle): विटामिन डी एक वसा-घुलनशील विटामिन है जो शरीर में हार्मोन के रूप में कार्य करता है और खनिज चयापचय (mineral metabolism) में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

    व्याख्या (Explanation): विटामिन D शरीर में कैल्शियम (calcium) और फास्फोरस (phosphorus) के अवशोषण और उपयोग के लिए आवश्यक है। यह हड्डियों और दांतों के स्वास्थ्य को बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। विटामिन D की कमी से बच्चों में रिकेट्स (Rickets) और वयस्कों में ऑस्टियोमलेशिया (Osteomalacia) जैसी हड्डियां कमजोर होने वाली बीमारियां हो सकती हैं। सूर्य का प्रकाश त्वचा में विटामिन D के संश्लेषण को उत्तेजित करता है।

    अतः, सही उत्तर (c) है।

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