प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए सामान्य विज्ञान के महत्वपूर्ण प्रश्न
परिचय: प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता प्राप्त करने के लिए सामान्य विज्ञान की गहरी समझ अत्यंत महत्वपूर्ण है। यह न केवल आपके ज्ञान का परीक्षण करती है, बल्कि आपको तार्किक रूप से सोचने और समस्याओं का विश्लेषण करने में भी मदद करती है। इस खंड में, हमने भौतिकी, रसायन विज्ञान और जीव विज्ञान के महत्वपूर्ण प्रश्नों का एक संतुलित संग्रह तैयार किया है, जो विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं (जैसे SSC, Railways, State PSCs) के पाठ्यक्रम पर आधारित हैं। इन प्रश्नों का अभ्यास करके आप अपनी तैयारी को मजबूत कर सकते हैं और परीक्षा में बेहतर प्रदर्शन कर सकते हैं। प्रत्येक प्रश्न के साथ विस्तृत व्याख्या दी गई है ताकि आप अवधारणाओं को स्पष्ट रूप से समझ सकें।
सामान्य विज्ञान अभ्यास प्रश्न (General Science Practice MCQs)
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हीरा (Diamond) किस तत्व का अपररूप (Allotrope) है?
- (a) सिलिकॉन
- (b) कार्बन
- (c) गंधक
- (d) ऑक्सीजन
उत्तर: (b)
हल (Solution):
सिद्धांत (Principle): अपररूपता (Allotropy) एक ही रासायनिक तत्व के विभिन्न रूपों में अस्तित्व में रहने का गुण है, जहाँ परमाणु विभिन्न तरीकों से जुड़े होते हैं, जिससे विभिन्न भौतिक गुण उत्पन्न होते हैं।
व्याख्या (Explanation): हीरा, कार्बन का एक अपररूप है। कार्बन के अन्य प्रसिद्ध अपररूपों में ग्रेफाइट, फुलेरीन और ग्राफीन शामिल हैं। हीरे में, प्रत्येक कार्बन परमाणु चार अन्य कार्बन परमाणुओं से एक मजबूत सहसंयोजक बंधन द्वारा चतुष्फलकीय (tetrahedral) रूप से जुड़ा होता है, जिससे एक कठोर, त्रि-आयामी जाली संरचना बनती है। यही संरचना हीरे को उसकी असाधारण कठोरता प्रदान करती है।
अतः, सही उत्तर (b) है।
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हीरे की चमक का मुख्य कारण क्या है?
- (a) अपवर्तन (Refraction)
- (b) प्रकीर्णन (Scattering)
- (c) पूर्ण आंतरिक परावर्तन (Total Internal Reflection – TIR)
- (d) विवर्तन (Diffraction)
उत्तर: (c)
हल (Solution):
सिद्धांत (Principle): पूर्ण आंतरिक परावर्तन तब होता है जब प्रकाश एक सघन माध्यम से विरल माध्यम में प्रवेश करने का प्रयास करता है, और आपतन कोण क्रांतिक कोण (Critical Angle) से अधिक होता है। इस स्थिति में, प्रकाश परावर्तित होकर वापस सघन माध्यम में लौट आता है।
व्याख्या (Explanation): हीरे का अपवर्तनांक (Refractive Index) बहुत अधिक (लगभग 2.42) होता है, जिसके कारण इसका क्रांतिक कोण बहुत कम (लगभग 24.4 डिग्री) होता है। जब प्रकाश हीरे में प्रवेश करता है, तो यह कई बार पूर्ण आंतरिक परावर्तन से गुजरता है, जिससे प्रकाश हीरे के भीतर फंस जाता है और बार-बार परावर्तित होता रहता है। यह घटना हीरे को उसकी प्रसिद्ध चमक (brilliance) और दमक (sparkle) प्रदान करती है। हीरे की कटिंग भी इस प्रभाव को अधिकतम करने के लिए डिज़ाइन की जाती है।
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निम्नलिखित में से कौन सा कार्बन का अपररूप विद्युत का सुचालक है?
- (a) हीरा
- (b) फुलेरीन
- (c) ग्रेफाइट
- (d) कार्बन ब्लैक
उत्तर: (c)
हल (Solution):
सिद्धांत (Principle): विद्युत चालकता मुक्त इलेक्ट्रॉनों की उपस्थिति पर निर्भर करती है। यदि किसी पदार्थ में मुक्त इलेक्ट्रॉन उपलब्ध हैं, तो वह विद्युत का संचालन कर सकता है।
व्याख्या (Explanation): ग्रेफाइट में, प्रत्येक कार्बन परमाणु तीन अन्य कार्बन परमाणुओं से सहसंयोजक बंध द्वारा जुड़ा होता है, जिससे षट्कोणीय वलयों (hexagonal rings) की परतें बनती हैं। प्रत्येक कार्बन परमाणु में एक मुक्त (delocalized) इलेक्ट्रॉन होता है जो इन परतों के बीच स्वतंत्र रूप से घूम सकता है। ये मुक्त इलेक्ट्रॉन ग्रेफाइट को विद्युत का अच्छा सुचालक बनाते हैं। इसके विपरीत, हीरे में सभी चार संयोजी इलेक्ट्रॉन बंधे होते हैं, जिससे कोई मुक्त इलेक्ट्रॉन नहीं होता और यह विद्युत का कुचालक होता है।
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निम्नलिखित में से कौन सा जीवित जीव प्रकाश संश्लेषण (Photosynthesis) की प्रक्रिया के माध्यम से अपने भोजन का निर्माण करता है?
- (a) फफूंद (Fungi)
- (b) जानवर (Animals)
- (c) पौधे (Plants)
- (d) जीवाणु (Bacteria)
उत्तर: (c)
हल (Solution):
सिद्धांत (Principle): प्रकाश संश्लेषण वह प्रक्रिया है जिसमें हरे पौधे, शैवाल और कुछ जीवाणु सूर्य के प्रकाश, कार्बन डाइऑक्साइड और पानी का उपयोग करके अपना भोजन (ग्लूकोज) बनाते हैं और ऑक्सीजन को उपोत्पाद के रूप में छोड़ते हैं। यह प्रक्रिया क्लोरोफिल नामक वर्णक की उपस्थिति में होती है।
व्याख्या (Explanation): पौधे क्लोरोफिल नामक हरे वर्णक के माध्यम से सूर्य के प्रकाश की ऊर्जा का उपयोग करके प्रकाश संश्लेषण करते हैं। इस प्रक्रिया में वे वायुमंडल से कार्बन डाइऑक्साइड और जड़ों से पानी लेते हैं, और ग्लूकोज (भोजन) तथा ऑक्सीजन का उत्पादन करते हैं। कवक और जानवर परपोषी होते हैं, यानी वे अपने भोजन के लिए अन्य जीवों पर निर्भर करते हैं। कुछ जीवाणु भी प्रकाश संश्लेषक होते हैं, लेकिन विकल्पों में से पौधे सबसे उपयुक्त उत्तर हैं।
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निम्नलिखित में से कौन सा कथन हीरे और ग्रेफाइट दोनों के लिए सही है?
- (a) वे समान क्रिस्टलीय संरचना रखते हैं।
- (b) वे समान रासायनिक बंधन रखते हैं।
- (c) वे कार्बन के अपररूप हैं।
- (d) वे विद्युत के सुचालक हैं।
उत्तर: (c)
हल (Solution):
सिद्धांत (Principle): अपररूपता एक ही तत्व के विभिन्न रूपों का सह-अस्तित्व है। अपररूपों के रासायनिक गुण समान होते हैं (क्योंकि वे एक ही तत्व से बने होते हैं) लेकिन भौतिक गुण भिन्न होते हैं (क्योंकि उनके परमाणुओं की व्यवस्था भिन्न होती है)।
व्याख्या (Explanation): हीरा और ग्रेफाइट दोनों कार्बन के अपररूप हैं, जिसका अर्थ है कि वे दोनों केवल कार्बन परमाणुओं से बने हैं। हालांकि, उनकी क्रिस्टलीय संरचनाएं (हीरा – चतुष्फलकीय, ग्रेफाइट – षट्कोणीय परतें) और रासायनिक बंधन (हीरा – sp3, ग्रेफाइट – sp2) भिन्न होते हैं। इस भिन्नता के कारण उनके भौतिक गुण भी भिन्न होते हैं; हीरा विद्युत का कुचालक है जबकि ग्रेफाइट सुचालक है।
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मोहली पैमाने (Mohs scale) पर हीरे की कठोरता क्या है?
- (a) 7
- (b) 8
- (c) 9
- (d) 10
उत्तर: (d)
हल (Solution):
सिद्धांत (Principle): मोहस कठोरता पैमाना खनिजों की कठोरता को मापने का एक गुणात्मक पैमाना है, जो खनिजों की खरोंचने के प्रतिरोध को मापता है। इस पैमाने पर 1 (टैल्क) से 10 (हीरा) तक मान होते हैं।
व्याख्या (Explanation): मोहस पैमाने पर हीरा सबसे कठोर ज्ञात प्राकृतिक खनिज है और इसकी कठोरता 10 है। यह इसे काटने, पीसने और पॉलिश करने जैसे औद्योगिक अनुप्रयोगों के लिए आदर्श बनाता है।
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मनुष्य के शरीर में सबसे कठोर पदार्थ कौन सा है?
- (a) हड्डी (Bone)
- (b) दांत का इनेमल (Tooth enamel)
- (c) बाल (Hair)
- (d) नाखून (Nail)
उत्तर: (b)
हल (Solution):
सिद्धांत (Principle): शरीर के कठोर ऊतक मुख्य रूप से खनिज पदार्थों, जैसे कैल्शियम फॉस्फेट और कैल्शियम कार्बोनेट, से बने होते हैं, जो उन्हें संरचनात्मक समर्थन और सुरक्षा प्रदान करते हैं।
व्याख्या (Explanation): दांत का इनेमल (दंतवल्क) मानव शरीर का सबसे कठोर पदार्थ है। यह मुख्य रूप से कैल्शियम फॉस्फेट के एक क्रिस्टलीय रूप हाइड्रॉक्सीएपेटाइट (hydroxyapatite) से बना होता है। इसकी कठोरता इसे चबाने और घिसने का विरोध करने में मदद करती है, जो दांतों के लिए आवश्यक है।
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पानी में वायु का बुलबुला किस लेंस की तरह व्यवहार करता है?
- (a) उत्तल लेंस (Convex lens)
- (b) अवतल लेंस (Concave lens)
- (c) समतल-उत्तल लेंस (Plano-convex lens)
- (d) समतल-अवतल लेंस (Plano-concave lens)
उत्तर: (b)
हल (Solution):
सिद्धांत (Principle): लेंस का व्यवहार (अभिसारी या अपसारी) उसके आकार और उसके आस-पास के माध्यम के सापेक्ष उसके अपवर्तनांक पर निर्भर करता है।
व्याख्या (Explanation): पानी में वायु का बुलबुला एक अवतल लेंस की तरह व्यवहार करता है। यद्यपि इसका आकार उत्तल होता है, वायु का अपवर्तनांक (लगभग 1.00) पानी के अपवर्तनांक (लगभग 1.33) से कम होता है। जब प्रकाश सघन माध्यम (पानी) से विरल माध्यम (वायु के बुलबुले) में प्रवेश करता है और फिर वापस सघन माध्यम में लौटता है, तो यह किरणों को अपसारित (diverge) कर देता है, जो एक अवतल लेंस का कार्य है।
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रसायन विज्ञान में ‘हीरा’ (Diamond) शब्द का प्रयोग आमतौर पर _______ के क्रिस्टलीय रूप के लिए किया जाता है।
- (a) सिलिका
- (b) बोरोन
- (c) कार्बन
- (d) सल्फर
उत्तर: (c)
हल (Solution):
सिद्धांत (Principle): रसायन विज्ञान में, पदार्थों को उनके रासायनिक संघटन और संरचना के आधार पर वर्गीकृत किया जाता है।
व्याख्या (Explanation): हीरा, रासायनिक रूप से शुद्ध कार्बन का एक क्रिस्टलीय अपररूप है। इसके परमाणुओं की विशिष्ट चतुष्फलकीय व्यवस्था इसे अद्वितीय भौतिक गुण प्रदान करती है।
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मानव शरीर में कार्बोहाइड्रेट किस रूप में संचित होता है?
- (a) ग्लूकोज
- (b) ग्लाइकोजन
- (c) स्टार्च
- (d) सुक्रोज
उत्तर: (b)
हल (Solution):
सिद्धांत (Principle): शरीर अतिरिक्त ग्लूकोज को ग्लाइकोजन के रूप में संग्रहीत करता है, जो आवश्यकता पड़ने पर ऊर्जा के लिए तोड़ा जा सकता है।
व्याख्या (Explanation): मानव शरीर में, कार्बोहाइड्रेट का मुख्य भंडारण रूप ग्लाइकोजन है। यह मुख्य रूप से यकृत (liver) और मांसपेशियों (muscles) में संग्रहीत होता है। जब शरीर को ऊर्जा की आवश्यकता होती है, तो ग्लाइकोजन को ग्लूकोज में तोड़ दिया जाता है। पौधों में कार्बोहाइड्रेट स्टार्च के रूप में संचित होता है।
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जब सफेद प्रकाश एक प्रिज्म से गुजरता है, तो किस रंग का विचलन (deviation) सबसे अधिक होता है?
- (a) लाल (Red)
- (b) नारंगी (Orange)
- (c) बैंगनी (Violet)
- (d) हरा (Green)
उत्तर: (c)
हल (Solution):
सिद्धांत (Principle): प्रकाश का विक्षेपण (Dispersion) तब होता है जब सफेद प्रकाश अपने घटक रंगों में विभाजित होता है, क्योंकि विभिन्न तरंग दैर्ध्य के प्रकाश का अपवर्तनांक अलग-अलग होता है। कम तरंग दैर्ध्य वाली प्रकाश किरणों का विचलन अधिक होता है।
व्याख्या (Explanation): सफेद प्रकाश विभिन्न रंगों (VIBGYOR) से बना होता है, जिनकी तरंग दैर्ध्य भिन्न होती है। बैंगनी रंग की तरंग दैर्ध्य सबसे कम होती है, जिसके कारण इसका अपवर्तनांक सबसे अधिक होता है और प्रिज्म से गुजरने पर इसका विचलन (झुकना) सबसे अधिक होता है। इसके विपरीत, लाल रंग की तरंग दैर्ध्य सबसे अधिक होती है और इसका विचलन सबसे कम होता है। यही कारण है कि इंद्रधनुष में बैंगनी रंग सबसे नीचे और लाल रंग सबसे ऊपर दिखाई देता है।
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निम्नलिखित में से कौन सा एंजाइम प्रोटीन को पचाने में मदद करता है?
- (a) एमाइलेज (Amylase)
- (b) लाइपेज (Lipase)
- (c) ट्रिप्सिन (Trypsin)
- (d) माल्टेज (Maltase)
उत्तर: (c)
हल (Solution):
सिद्धांत (Principle): एंजाइम विशिष्ट बायोमोलेक्यूल्स पर कार्य करते हैं ताकि रासायनिक प्रतिक्रियाओं को उत्प्रेरित किया जा सके।
व्याख्या (Explanation): ट्रिप्सिन एक प्रोटीज़ एंजाइम है जो अग्नाशय (pancreas) द्वारा स्रावित होता है। यह छोटी आंत में प्रोटीन और पॉलीपेप्टाइड को छोटे पेप्टाइड और अमीनो एसिड में तोड़ने में मदद करता है। एमाइलेज कार्बोहाइड्रेट (स्टार्च) को पचाता है, लाइपेज वसा को पचाता है, और माल्टेज माल्टोस को ग्लूकोज में तोड़ता है।
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निम्नलिखित में से किस धातु का उपयोग बिजली के तारों में किया जाता है क्योंकि यह विद्युत का उत्कृष्ट सुचालक है?
- (a) लोहा (Iron)
- (b) एल्यूमीनियम (Aluminium)
- (c) चांदी (Silver)
- (d) तांबा (Copper)
उत्तर: (d)
हल (Solution):
सिद्धांत (Principle): धातुएं विद्युत की सुचालक होती हैं क्योंकि उनके पास मुक्त इलेक्ट्रॉन होते हैं जो आसानी से प्रवाहित हो सकते हैं। चालकता धातुओं की क्रिस्टल संरचना और संयोजी इलेक्ट्रॉनों की संख्या पर निर्भर करती है।
व्याख्या (Explanation): चांदी हालांकि विद्युत का सबसे अच्छा सुचालक है, लेकिन इसकी उच्च लागत के कारण यह बिजली के तारों के लिए व्यावहारिक नहीं है। तांबा चांदी के बाद दूसरा सबसे अच्छा सुचालक है और यह अपेक्षाकृत सस्ता, लचीला और संक्षारण प्रतिरोधी होता है, जिससे यह बिजली के तारों और अन्य विद्युत अनुप्रयोगों के लिए एक आदर्श विकल्प बन जाता है। एल्यूमीनियम भी तारों में उपयोग होता है, खासकर ओवरहेड ट्रांसमिशन लाइनों में, लेकिन तांबे की तुलना में इसकी चालकता कम होती है।
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इंसुलिन हार्मोन का उत्पादन शरीर के किस अंग द्वारा होता है?
- (a) यकृत (Liver)
- (b) गुर्दा (Kidney)
- (c) अग्नाशय (Pancreas)
- (d) थायरॉयड ग्रंथि (Thyroid gland)
उत्तर: (c)
हल (Solution):
सिद्धांत (Principle): हार्मोन रासायनिक संदेशवाहक होते हैं जो अंतःस्रावी ग्रंथियों द्वारा उत्पादित होते हैं और रक्तप्रवाह में छोड़े जाते हैं, जहां वे लक्ष्य कोशिकाओं या अंगों पर कार्य करते हैं।
व्याख्या (Explanation): इंसुलिन एक हार्मोन है जो अग्नाशय में स्थित लैंगरहैंस के आइलेट्स (Islets of Langerhans) की बीटा कोशिकाओं द्वारा निर्मित होता है। इसका मुख्य कार्य रक्त में ग्लूकोज के स्तर को नियंत्रित करना है। यह कोशिकाओं को रक्त से ग्लूकोज लेने और उसे ऊर्जा के लिए उपयोग करने या ग्लाइकोजन के रूप में संग्रहीत करने में मदद करता है। इंसुलिन की कमी से मधुमेह (डायबिटीज) होता है।
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निम्नलिखित में से कौन सा बल परमाणु के नाभिक में प्रोटॉन और न्यूट्रॉन को एक साथ बांधे रखता है?
- (a) गुरुत्वाकर्षण बल (Gravitational force)
- (b) विद्युतचुंबकीय बल (Electromagnetic force)
- (c) दुर्बल नाभिकीय बल (Weak nuclear force)
- (d) प्रबल नाभिकीय बल (Strong nuclear force)
उत्तर: (d)
हल (Solution):
सिद्धांत (Principle): प्रकृति में चार मूल बल होते हैं: गुरुत्वाकर्षण, विद्युतचुंबकीय, प्रबल नाभिकीय और दुर्बल नाभिकीय बल। प्रत्येक बल की अपनी विशिष्ट सीमा और कार्य होता है।
व्याख्या (Explanation): प्रबल नाभिकीय बल (जिसे प्रबल अन्योन्यक्रिया भी कहा जाता है) प्रकृति का सबसे मजबूत बल है। यह क्वार्क को एक साथ बांधकर प्रोटॉन और न्यूट्रॉन बनाते हैं, और फिर प्रोटॉन और न्यूट्रॉन को नाभिक के भीतर एक साथ बांधे रखते हैं। यह बल बहुत कम दूरी (नाभिकीय आकार) पर ही कार्य करता है, लेकिन विद्युतचुंबकीय प्रतिकर्षण के बावजूद धनावेशित प्रोटॉन को नाभिक में स्थिर रखता है।
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साबुन के बुलबुले के रंगीन दिखाई देने का कारण क्या है?
- (a) परावर्तन (Reflection)
- (b) व्यतिकरण (Interference)
- (c) विवर्तन (Diffraction)
- (d) ध्रुवीकरण (Polarization)
उत्तर: (b)
हल (Solution):
सिद्धांत (Principle): प्रकाश का व्यतिकरण तब होता है जब दो या दो से अधिक सुसंगत प्रकाश तरंगें एक दूसरे पर अध्यारोपित होती हैं, जिससे परिणामी तरंग की तीव्रता में वृद्धि या कमी होती है। पतली फिल्मों में रंगीन पैटर्न अक्सर व्यतिकरण के कारण होते हैं।
व्याख्या (Explanation): साबुन का बुलबुला एक पतली फिल्म के रूप में होता है। जब सफेद प्रकाश इस पतली फिल्म पर पड़ता है, तो फिल्म की ऊपरी और निचली सतहों से परावर्तित होने वाली प्रकाश तरंगें आपस में व्यतिकरण करती हैं। फिल्म की मोटाई और प्रकाश के आपतन कोण के आधार पर, कुछ तरंग दैर्ध्य (रंग) रचनात्मक रूप से व्यतिकरण करते हैं (एक दूसरे को मजबूत करते हैं) और कुछ विनाशात्मक रूप से व्यतिकरण करते हैं (एक दूसरे को रद्द करते हैं), जिससे बुलबुले की सतह पर रंगीन पैटर्न दिखाई देते हैं।
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पेनिसिलिन, जो एक एंटीबायोटिक है, किससे प्राप्त की जाती है?
- (a) जीवाणु (Bacteria)
- (b) कवक (Fungi)
- (c) वायरस (Virus)
- (d) शैवाल (Algae)
उत्तर: (b)
हल (Solution):
सिद्धांत (Principle): एंटीबायोटिक्स ऐसे पदार्थ होते हैं जो सूक्ष्मजीवों (विशेषकर बैक्टीरिया) के विकास को रोकते या नष्ट करते हैं। वे अक्सर अन्य सूक्ष्मजीवों द्वारा उत्पादित होते हैं।
व्याख्या (Explanation): पेनिसिलिन पहली खोजी गई एंटीबायोटिक थी, जिसे 1928 में अलेक्जेंडर फ्लेमिंग ने ‘पेनिसिलियम नोटेटम’ नामक एक कवक से प्राप्त किया था। यह कई जीवाणु संक्रमणों के इलाज में अत्यधिक प्रभावी साबित हुई है।
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परमाणु रिएक्टरों में भारी पानी (Heavy water – D2O) का उपयोग किस रूप में किया जाता है?
- (a) ईंधन (Fuel)
- (b) शीतलक (Coolant)
- (c) मंदक (Moderator)
- (d) (b) और (c) दोनों
उत्तर: (d)
हल (Solution):
सिद्धांत (Principle): परमाणु रिएक्टरों में, मंदक का उपयोग न्यूट्रॉन को धीमा करने के लिए किया जाता है ताकि वे यूरेनियम परमाणुओं के विखंडन (fission) के लिए अधिक प्रभावी हों। शीतलक विखंडन से उत्पन्न गर्मी को दूर ले जाता है।
व्याख्या (Explanation): भारी पानी (ड्यूटेरियम ऑक्साइड, D2O) का उपयोग परमाणु रिएक्टरों में मंदक और शीतलक दोनों के रूप में किया जाता है। एक मंदक के रूप में, यह तीव्र न्यूट्रॉन की गतिज ऊर्जा को कम करता है, जिससे वे यूरेनियम -235 के विखंडन के लिए अधिक उपयुक्त होते हैं। एक शीतलक के रूप में, यह रिएक्टर कोर से उत्पन्न गर्मी को अवशोषित करके बाहर निकालता है, जिससे रिएक्टर को ज़्यादा गरम होने से बचाया जा सके।
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रक्त का थक्का जमने (Blood Clotting) में कौन सा विटामिन महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है?
- (a) विटामिन A
- (b) विटामिन C
- (c) विटामिन K
- (d) विटामिन D
उत्तर: (c)
हल (Solution):
सिद्धांत (Principle): रक्त का थक्का जमना शरीर की एक महत्वपूर्ण रक्षा तंत्र है जो चोट लगने पर अत्यधिक रक्तस्राव को रोकने में मदद करता है। इस प्रक्रिया में कई कारक और विटामिन शामिल होते हैं।
व्याख्या (Explanation): विटामिन K रक्त के थक्के जमने की प्रक्रिया के लिए आवश्यक होता है। यह यकृत में प्रोथ्रोम्बिन और अन्य थक्के जमने वाले कारकों के संश्लेषण के लिए महत्वपूर्ण है। विटामिन K की कमी से रक्तस्राव की प्रवृत्ति बढ़ जाती है।
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एक ध्वनि तरंग की आवृत्ति को किस इकाई में मापा जाता है?
- (a) मीटर प्रति सेकंड (m/s)
- (b) हर्ट्ज़ (Hz)
- (c) डेसिबल (dB)
- (d) जूल (Joule)
उत्तर: (b)
हल (Solution):
सिद्धांत (Principle): आवृत्ति एक इकाई समय में दोहराई जाने वाली घटनाओं की संख्या को संदर्भित करती है। ध्वनि तरंगों के संदर्भ में, यह एक सेकंड में पूर्ण किए गए कंपन चक्रों की संख्या है।
व्याख्या (Explanation): ध्वनि तरंग की आवृत्ति को हर्ट्ज़ (Hz) में मापा जाता है, जो प्रति सेकंड कंपन या चक्रों की संख्या को दर्शाता है। मीटर प्रति सेकंड (m/s) वेग की इकाई है, डेसिबल (dB) ध्वनि की तीव्रता या प्रबलता की इकाई है, और जूल (Joule) ऊर्जा की इकाई है।
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निम्नलिखित में से कौन सा रोग जीवाणु (Bacteria) के कारण होता है?
- (a) खसरा (Measles)
- (b) पोलियो (Polio)
- (c) तपेदिक (Tuberculosis – TB)
- (d) चेचक (Chickenpox)
उत्तर: (c)
हल (Solution):
सिद्धांत (Principle): संक्रामक रोग विभिन्न सूक्ष्मजीवों (जैसे बैक्टीरिया, वायरस, कवक, परजीवी) के कारण होते हैं।
व्याख्या (Explanation): तपेदिक (टीबी) ‘माइकोबैक्टीरियम ट्यूबरकुलोसिस’ नामक जीवाणु के कारण होता है। खसरा, पोलियो और चेचक सभी वायरस के कारण होने वाले रोग हैं।
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शुष्क बर्फ (Dry ice) क्या है?
- (a) ठोस पानी (Solid water)
- (b) ठोस कार्बन डाइऑक्साइड (Solid carbon dioxide)
- (c) ठोस ऑक्सीजन (Solid oxygen)
- (d) ठोस नाइट्रोजन (Solid nitrogen)
उत्तर: (b)
हल (Solution):
सिद्धांत (Principle): कुछ पदार्थ सीधे ठोस अवस्था से गैसीय अवस्था में बदल सकते हैं (उर्ध्वपातन या sublimation)।
व्याख्या (Explanation): शुष्क बर्फ ठोस कार्बन डाइऑक्साइड (CO2) है। यह -78.5 °C (-109.3 °F) पर सीधे ठोस से गैस में (उर्ध्वपातन द्वारा) बदल जाती है, बिना तरल अवस्था में आए। इसका उपयोग शीतलक के रूप में और कृत्रिम कोहरा (artificial fog) बनाने में किया जाता है।
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विद्युत बल्ब का फिलामेंट किस धातु का बना होता है?
- (a) तांबा (Copper)
- (b) एल्यूमीनियम (Aluminium)
- (c) टंगस्टन (Tungsten)
- (d) लोहा (Iron)
उत्तर: (c)
हल (Solution):
सिद्धांत (Principle): उच्च प्रतिरोध और उच्च गलनांक वाले पदार्थ का उपयोग फिलामेंट के लिए किया जाता है ताकि यह उच्च तापमान पर बिना पिघले चमक सके।
व्याख्या (Explanation): विद्युत बल्ब का फिलामेंट टंगस्टन धातु का बना होता है। टंगस्टन का गलनांक बहुत अधिक (लगभग 3422°C) होता है और यह उच्च तापमान पर भी दीप्तिमान रहता है, जिससे यह प्रकाश उत्पन्न कर पाता है। इसका प्रतिरोध भी पर्याप्त होता है जिससे गर्म होने पर यह चमकता है।
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आनुवंशिकी (Genetics) का जनक किसे माना जाता है?
- (a) चार्ल्स डार्विन (Charles Darwin)
- (b) ग्रेगर मेंडल (Gregor Mendel)
- (c) लुई पाश्चर (Louis Pasteur)
- (d) रॉबर्ट हुक (Robert Hooke)
उत्तर: (b)
हल (Solution):
सिद्धांत (Principle): आनुवंशिकी जीव विज्ञान की वह शाखा है जो आनुवंशिकता और जीवों में भिन्नता का अध्ययन करती है।
व्याख्या (Explanation): ग्रेगर मेंडल को आनुवंशिकी का जनक माना जाता है। उन्होंने मटर के पौधों पर अपने प्रयोगों के माध्यम से आनुवंशिकता के बुनियादी नियमों की खोज की, जिनमें प्रभुत्व (dominance), पृथक्करण (segregation) और स्वतंत्र अपव्यूहन (independent assortment) के नियम शामिल हैं। उनके कार्य ने आनुवंशिकी के आधुनिक क्षेत्र की नींव रखी।
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निम्नलिखित में से कौन सा एक ग्रीनहाउस गैस नहीं है?
- (a) कार्बन डाइऑक्साइड (Carbon dioxide)
- (b) मीथेन (Methane)
- (c) नाइट्रस ऑक्साइड (Nitrous oxide)
- (d) ऑक्सीजन (Oxygen)
उत्तर: (d)
हल (Solution):
सिद्धांत (Principle): ग्रीनहाउस गैसें वे गैसें होती हैं जो पृथ्वी के वायुमंडल में गर्मी को रोकती हैं, जिससे ग्रह का तापमान बढ़ जाता है।
व्याख्या (Explanation): ऑक्सीजन (O2) एक ग्रीनहाउस गैस नहीं है। ग्रीनहाउस गैसें वे गैसें होती हैं जो पृथ्वी के वायुमंडल में अवरक्त विकिरण (गर्मी) को अवशोषित और उत्सर्जित करती हैं, जिससे ग्रीनहाउस प्रभाव पैदा होता है। प्रमुख ग्रीनहाउस गैसों में कार्बन डाइऑक्साइड (CO2), मीथेन (CH4), नाइट्रस ऑक्साइड (N2O) और जल वाष्प शामिल हैं। ये गैसें पृथ्वी के तापमान को जीवन के लिए उपयुक्त बनाए रखने में मदद करती हैं, लेकिन मानव गतिविधियों के कारण इनकी सांद्रता में वृद्धि वैश्विक तापमान वृद्धि (ग्लोबल वार्मिंग) का कारण बन रही है।
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पानी में घुलनशील विटामिन कौन से हैं?
- (a) विटामिन A और D
- (b) विटामिन E और K
- (c) विटामिन B और C
- (d) विटामिन A और E
उत्तर: (c)
हल (Solution):
सिद्धांत (Principle): विटामिन को उनकी घुलनशीलता के आधार पर दो मुख्य श्रेणियों में बांटा गया है: वसा में घुलनशील और पानी में घुलनशील।
व्याख्या (Explanation): विटामिन को उनकी घुलनशीलता के आधार पर दो मुख्य समूहों में वर्गीकृत किया जाता है: वसा में घुलनशील विटामिन (A, D, E, K) और पानी में घुलनशील विटामिन (B समूह और C)। पानी में घुलनशील विटामिन शरीर में जमा नहीं होते और अतिरिक्त मात्रा मूत्र के माध्यम से उत्सर्जित हो जाती है, इसलिए इन्हें नियमित रूप से लेना आवश्यक होता है।
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