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इतिहास की गहराई: प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए संपूर्ण अभ्यास सेट

समय के पहिये को पीछे घुमाएं और इतिहास के उन पन्नों को फिर से खोलें जिन्होंने दुनिया को आकार दिया। चाहे वह सिंधु घाटी की रहस्यमयी गलियां हों या आधुनिक भारत का स्वतंत्रता संग्राम, यह क्विज़ आपकी तैयारी को अंतिम रूप देने के लिए डिज़ाइन किया गया है। चलिए, अतीत की इस रोमांचक यात्रा पर चलते हैं और अपनी तैयारी को परखते हैं!


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  1. सिंधु घाटी सभ्यता के किस स्थल को ‘गोदीबाड़ा’ (Dockyard) के रूप में पहचाना गया है, जो प्राचीन समुद्री व्यापार का प्रमुख केंद्र था?\n
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    • (A) कालीबंगा
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    • (B) लोथल
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    • (C) धोलावीरा
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    • (D) बनावली
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    सही उत्तर: (B) लोथल

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    \n विस्तृत व्याख्या: लोथल, जो वर्तमान गुजरात में स्थित है, सिंधु घाटी सभ्यता का एक महत्वपूर्ण बंदरगाह शहर था। यहाँ एक विशाल ईंटों से बनी गोदीबाड़ा (Dockyard) मिली है, जो यह सिद्ध करती है कि हड़प्पावासी मेसोपोटामिया और अन्य विदेशी सभ्यताओं के साथ समुद्री व्यापार करते थे।\n
    अन्य विकल्प: कालीबंगा (राजस्थान) अपने जुते हुए खेतों के लिए जाना जाता है; धोलावीरा (गुजरात) अपनी उन्नत जल प्रबंधन प्रणाली के लिए प्रसिद्ध है; बनावली (हरियाणा) से मिट्टी के हल के नमूने मिले हैं।\n

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  3. ऋग्वेद के किस मंडल में ‘दस राजाओं के युद्ध’ (दशराज्ञ युद्ध) का वर्णन मिलता है?\n
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    • (A) तीसरे मंडल
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    • (B) सातवें मंडल
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    • (C) नौवें मंडल
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    • (D) दसवें मंडल
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    सही उत्तर: (B) सातवें मंडल

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    \n विस्तृत व्याख्या: ऋग्वेद के सातवें मंडल में दशराज्ञ युद्ध का वर्णन है, जो परुष्णी (रावी) नदी के तट पर लड़ा गया था। यह युद्ध भरत कबीले के राजा सुदास और पांच अन्य कबीलों के संघ के बीच हुआ था, जिसमें राजा सुदास विजयी हुए।\n
    अन्य विकल्प: तीसरे मंडल में अग्नि और इंद्र के बारे में जानकारी है; नौवें मंडल में सोम को समर्पित सूक्त हैं; दसवें मंडल में पुरुष सूक्त का वर्णन है।\n

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  4. \n\n

  5. मौर्य शासक अशोक के किस शिलालेख में ‘धम्म’ की व्याख्या की गई है और सामाजिक सद्भाव पर जोर दिया गया है?\n
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    • (A) प्रथम शिलालेख
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    • (B) चतुर्थ शिलालेख
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    • (C) ग्यारहवां शिलालेख
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    • (D) तेरहवां शिलालेख
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    सही उत्तर: (C) ग्यारहवां शिलालेख

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    \n विस्तृत व्याख्या: अशोक के 11वें शिलालेख में ‘धम्म’ के सिद्धांतों का विस्तार से वर्णन है, जिसमें माता-पिता का सम्मान, दासों के प्रति दया और सभी धर्मों के प्रति सहिष्णुता की बात कही गई है।\n
    अन्य विकल्प: प्रथम शिलालेख पशुबलि की निंदा करता है; चतुर्थ शिलालेख धम्म के प्रचार की बात करता है; तेरहवां शिलालेख कलिंग युद्ध के विवरण और पश्चात्ताप के लिए प्रसिद्ध है।\n

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  6. \n\n

  7. गुप्त काल के किस शासक को ‘भारत का नेपोलियन’ कहा जाता है, जिसने उत्तर और दक्षिण भारत के बड़े हिस्से पर विजय प्राप्त की थी?\n
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    • (A) श्री गुप्त
    • \n

    • (B) समुद्रगुप्त
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    • (C) चंद्रगुप्त प्रथम
    • \n

    • (D) स्कंदगुप्त
    • \n

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    सही उत्तर: (B) समुद्रगुप्त

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    \n विस्तृत व्याख्या: इतिहासकार वी.ए. स्मिथ ने समुद्रगुप्त को ‘भारत का नेपोलियन’ कहा है क्योंकि उसने अपनी सैन्य कुशलता से आर्यावर्त और दक्षिणापथ के कई राज्यों को जीता था। उसकी विजयों का विवरण प्रयाग प्रशस्ति (इलाहाबाद स्तंभ लेख) में मिलता है।\n
    अन्य विकल्प: श्री गुप्त गुप्त वंश के संस्थापक थे; चंद्रगुप्त प्रथम ने साम्राज्य का विस्तार शुरू किया था; स्कंदगुप्त ने हूणों के आक्रमण को विफल किया था।\n

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  8. \n\n

  9. बौद्ध धर्म की ‘चौथी बौद्ध संगीति’ किसके शासनकाल में और कहाँ आयोजित की गई थी?\n
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    • (A) अशोक – पाटलिपुत्र
    • \n

    • (B) कालाशोक – पाटलिपुत्र
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    • (C) कनिष्क – कुंडलवन (कश्मीर)
    • \n

    • (D) अजातशत्रु – राजगृह
    • \n

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    सही उत्तर: (C) कनिष्क – कुंडलवन (कश्मीर)

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    \n विस्तृत व्याख्या: चौथी बौद्ध संगीति कुषाण राजा कनिष्क के संरक्षण में कश्मीर के कुंडलवन में हुई थी। इसी संगीति के बाद बौद्ध धर्म ‘हीनयान’ और ‘महायान’ नामक दो प्रमुख संप्रदायों में विभाजित हो गया।\n
    अन्य विकल्प: पहली संगीति अजातशत्रु के समय राजगृह में; दूसरी कालाशोक के समय वैशाली में; तीसरी अशोक के समय पाटलिपुत्र में हुई थी।\n

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  10. \n\n

  11. संगम साहित्य की सबसे प्राचीन व्याकरण पुस्तक कौन सी है?\n
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    • (A) सिलप्पदिकारम
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    • (B) मणिमेखलै
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    • (C) तोलकाप्पियम
    • \n

    • (D) तिरुक्कुरल
    • \n

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    सही उत्तर: (C) तोलकाप्पियम

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    \n विस्तृत व्याख्या: तोलकाप्पियम तमिल भाषा की सबसे प्राचीन उपलब्ध व्याकरण पुस्तक है, जो संगम काल की सामाजिक और भाषाई स्थिति पर प्रकाश डालती है।\n
    अन्य विकल्प: सिलप्पदिकारम और मणिमेखलै महाकाव्य हैं; तिरुक्कुरल तिरुवल्लुवर द्वारा रचित नीतिशास्त्र की पुस्तक है।\n

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  12. \n\n \n

  13. दिल्ली सल्तनत के किस सुल्तान ने ‘बाजार नियंत्रण नीति’ (Market Control Policy) लागू की ताकि सेना के लिए वस्तुओं की कीमतें स्थिर रहें?\n
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    • (A) गयासुद्दीन तुगलक
    • \n

    • (B) अलाउद्दीन खिलजी
    • \n

    • (C) बलबन
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    • (D) इल्तुतमिश
    • \n

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    सही उत्तर: (B) अलाउद्दीन खिलजी

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    \n विस्तृत व्याख्या: अलाउद्दीन खिलजी ने एक विशाल सेना बनाए रखने के लिए वस्तुओं की कीमतें निर्धारित कीं और राशनिंग प्रणाली लागू की। इसके लिए उसने ‘शहना-ए-मंडी’ नामक अधिकारी की नियुक्ति की।\n
    अन्य विकल्प: बलबन ने ‘सिजदा और पैबोस’ की प्रथा शुरू की; इल्तुतमिश ने ‘इक्ता प्रणाली’ को व्यवस्थित किया था।\n

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  15. मुगल सम्राट अकबर द्वारा शुरू किया गया ‘दीन-इ-इलाही’ मुख्य रूप से क्या था?\n
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    • (A) एक नया कानूनी कोड
    • \n

    • (B) एक सैन्य रणनीति
    • \n

    • (C) एक नैतिक आचार संहिता (Syncretic Religion)
    • \n

    • (D) एक भू-राजस्व प्रणाली
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    सही उत्तर: (C) एक नैतिक आचार संहिता

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    \n विस्तृत व्याख्या: 1582 में अकबर ने ‘दीन-इ-इलाही’ (तौहीद-ए-इलाही) की शुरुआत की, जिसका उद्देश्य सभी धर्मों के अच्छे तत्वों को मिलाकर एक साझा नैतिक ढांचा तैयार करना था ताकि साम्राज्य में एकता बनी रहे।\n
    अन्य विकल्प: भू-राजस्व प्रणाली को ‘ज़ब्ती’ या ‘दहशाला’ कहा जाता था; सैन्य रणनीति से इसका संबंध नहीं था।\n

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  16. \n\n

  17. विजयनगर साम्राज्य के किस शासक ने ‘अमुक्तामाल्यद’ नामक ग्रंथ की रचना तेलुगु भाषा में की थी?\n
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    • (A) हरिहर I
    • \n

    • (B) देवराय II
    • \n

    • (C) कृष्णदेवराय
    • \n

    • (D) अच्युत देवराय
    • \n

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    सही उत्तर: (C) कृष्णदेवराय

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    \n विस्तृत व्याख्या: तुलुव वंश के महान शासक कृष्णदेवराय एक महान विद्वान और कवि भी थे। उन्होंने ‘अमुक्तामाल्यद’ की रचना की, जो शासनकला और भक्ति पर आधारित है। उनके दरबार को ‘अष्टदिग्गज’ (आठ महान कवि) सुशोभित करते थे।\n
    अन्य विकल्प: हरिहर और बुक्का ने साम्राज्य की स्थापना की थी; देवराय II ने साम्राज्य की सीमाओं का विस्तार किया था।\n

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  18. \n\n

  19. छत्रपति शिवाजी महाराज द्वारा गठित ‘अष्टप्रधान’ परिषद का मुख्य उद्देश्य क्या था?\n
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    • (A) केवल सैन्य प्रबंधन
    • \n

    • (B) शासन के विभिन्न कार्यों का विकेंद्रीकरण
    • \n

    • (C) मुगल साम्राज्य पर आक्रमण की योजना बनाना
    • \n

    • (D) केवल धार्मिक सुधार करना
    • \n

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    सही उत्तर: (B) शासन के विभिन्न कार्यों का विकेंद्रीकरण

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    \n विस्तृत व्याख्या: शिवाजी महाराज ने प्रशासन को सुचारू रूप से चलाने के लिए आठ मंत्रियों की एक परिषद बनाई थी, जिसे ‘अष्टप्रधान’ कहा जाता था। इसमें ‘पेशवा’ (प्रधानमंत्री) सबसे महत्वपूर्ण पद था।\n
    अन्य विकल्प: हालाँकि सैन्य प्रबंधन इसका हिस्सा था, लेकिन इसका व्यापक उद्देश्य समग्र शासन व्यवस्था (प्रशासनिक, वित्तीय और न्यायिक) का प्रबंधन था।\n

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  20. \n\n

  21. मोहम्मद बिन तुगलक द्वारा दिल्ली से दौलताबाद राजधानी स्थानांतरित करने का मुख्य कारण क्या था?\n
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    • (A) मंगोल आक्रमणों से बचना
    • \n

    • (B) दक्षिण भारत पर बेहतर नियंत्रण स्थापित करना
    • \n

    • (C) धार्मिक कारणों से स्थानांतरण
    • \n

    • (D) जलवायु परिवर्तन के कारण
    • \n

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    सही उत्तर: (B) दक्षिण भारत पर बेहतर नियंत्रण स्थापित करना

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    \n विस्तृत व्याख्या: तुगलक ने महसूस किया कि दिल्ली से दक्षिण भारत के दूरदराज के इलाकों पर शासन करना कठिन है, इसलिए उसने राजधानी को मध्य भारत के दौलताबाद स्थानांतरित किया ताकि साम्राज्य का केंद्रीकरण हो सके। हालाँकि, यह प्रयोग असफल रहा।\n
    अन्य विकल्प: मंगोल आक्रमण दिल्ली के समय से ही चुनौती थे, लेकिन राजधानी बदलने का मुख्य उद्देश्य प्रशासनिक पहुंच बढ़ाना था।\n

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  22. \n\n

  23. मुगल काल में ‘मनसबदारी प्रणाली’ का मुख्य आधार क्या था?\n
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    • (A) केवल धार्मिक पद
    • \n

    • (B) जात और सवार की रैंक
    • \n

    • (C) केवल भूमि का स्वामित्व
    • \n

    • (D) जाति आधारित वर्गीकरण
    • \n

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    सही उत्तर: (B) जात और सवार की रैंक

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    \n विस्तृत व्याख्या: अकबर द्वारा शुरू की गई मनसबदारी प्रणाली में ‘जात’ व्यक्ति के व्यक्तिगत पद और वेतन को दर्शाता था, जबकि ‘सवार’ यह तय करता था कि उस अधिकारी को कितने घुड़सवार रखने होंगे।\n
    अन्य विकल्प: यह कोई धार्मिक या जाति आधारित प्रणाली नहीं थी, बल्कि एक प्रशासनिक और सैन्य ढांचा था।\n

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  24. \n\n \n

  25. 1857 के विद्रोह के दौरान लखनऊ में नेतृत्व किसने किया था?\n
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    • (A) नाना साहब
    • \n

    • (B) बेगम हजरत महल
    • \n

    • (C) कुंवर सिंह
    • \n

    • (D) रानी लक्ष्मीबाई
    • \n

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    सही उत्तर: (B) बेगम हजरत महल

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    \n विस्तृत व्याख्या: लखनऊ में 1857 के विद्रोह का नेतृत्व बेगम हजरत महल ने किया था, जिन्होंने अपने बेटे बिरजिस कद्र को नवाब घोषित कर अंग्रेजों के खिलाफ संघर्ष किया।\n
    अन्य विकल्प: नाना साहब ने कानपुर में; कुंवर सिंह ने बिहार (जगदीशपुर) में; रानी लक्ष्मीबाई ने झाँसी में नेतृत्व किया था।\n

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  27. राजा राममोहन राय द्वारा स्थापित ‘ब्रह्म समाज’ का मुख्य उद्देश्य क्या था?\n
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    • (A) केवल संस्कृत भाषा का प्रचार
    • \n

    • (B) मूर्ति पूजा का समर्थन करना
    • \n

    • (C) सती प्रथा का उन्मूलन और एकेश्वरवाद का प्रचार
    • \n

    • (D) ब्रिटिश शासन को हिंसक तरीके से उखाड़ना
    • \n

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    सही उत्तर: (C) सती प्रथा का उन्मूलन और एकेश्वरवाद का प्रचार

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    \n विस्तृत व्याख्या: राजा राममोहन राय ने 1828 में ब्रह्म समाज की स्थापना की। उन्होंने सती प्रथा जैसी कुरीतियों के खिलाफ लड़ाई लड़ी और तर्क दिया कि सभी धर्मों का मूल एक ही ईश्वर की उपासना है।\n
    अन्य विकल्प: उन्होंने मूर्ति पूजा का विरोध किया था और वह समाज सुधारक थे, न कि हिंसक क्रांतिकारी।\n

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  29. भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के प्रथम अधिवेशन (1885) की अध्यक्षता किसने की थी?\n
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    • (A) ए.ओ. ह्यूम
    • \n

    • (B) डब्ल्यू.सी. बनर्जी
    • \n

    • (C) दादाभाई नौरोजी
    • \n

    • (D) बदरुद्दीन तैयबजी
    • \n

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    सही उत्तर: (B) डब्ल्यू.सी. बनर्जी

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    \n विस्तृत व्याख्या: कांग्रेस का पहला सत्र दिसंबर 1885 में बम्बई के गोकुलदास तेजपाल संस्कृत कॉलेज में हुआ था, जिसकी अध्यक्षता व्योमेश चन्द्र बनर्जी (W.C. Bonnerjee) ने की थी।\n
    अन्य विकल्प: ए.ओ. ह्यूम इसके संस्थापक/संगठनकर्ता थे; दादाभाई नौरोजी तीसरे अध्यक्ष थे; तैयबजी पहले मुस्लिम अध्यक्ष थे।\n

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  31. गांधीजी द्वारा शुरू किया गया ‘असहयोग आंदोलन’ किस घटना के बाद वापस ले लिया गया था?\n
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    • (A) जलियांवाला बाग हत्याकांड
    • \n

    • (B) चौरी-चौरा कांड
    • \n

    • (C) रॉलेट एक्ट
    • \n

    • (D) दांडी मार्च
    • \n

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    सही उत्तर: (B) चौरी-चौरा कांड

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    \n विस्तृत व्याख्या: फरवरी 1922 में उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले के चौरी-चौरा नामक स्थान पर हिंसक भीड़ ने एक पुलिस स्टेशन को जला दिया, जिसमें 22 पुलिसकर्मी मारे गए। गांधीजी अहिंसा के पुजारी थे, इसलिए उन्होंने तुरंत आंदोलन वापस ले लिया।\n
    अन्य विकल्प: जलियांवाला बाग (1919) और रॉलेट एक्ट ने आंदोलन को प्रेरित किया था, जबकि दांडी मार्च 1930 की घटना है।\n

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  33. ‘करो या मरो’ (Do or Die) का नारा गांधीजी ने किस आंदोलन के दौरान दिया था?\n
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    • (A) असहयोग आंदोलन
    • \n

    • (B) सविनय अवज्ञा आंदोलन
    • \n

    • (C) भारत छोड़ो आंदोलन
    • \n

    • (D) चंपारण सत्याग्रह
    • \n

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    सही उत्तर: (C) भारत छोड़ो आंदोलन

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    \n विस्तृत व्याख्या: 8 अगस्त 1942 को बम्बई के ग्वालिया टैंक मैदान से गांधीजी ने ‘भारत छोड़ो आंदोलन’ की शुरुआत की और देशवासियों को ‘करो या मरो’ का मंत्र दिया, जिसका अर्थ था कि या तो हम भारत को आजाद कराएंगे या इस प्रयास में अपनी जान दे देंगे।\n
    अन्य विकल्प: असहयोग आंदोलन (1920-22) और सविनय अवज्ञा (1930-34) पहले के आंदोलन थे।\n

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  34. \n\n

  35. सुभाष चंद्र बोस द्वारा गठित ‘आजाद हिंद फौज’ (INA) का मुख्य उद्देश्य क्या था?\n
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    • (A) केवल भारतीय सैनिकों का कल्याण करना
    • \n

    • (B) ब्रिटिश शासन के खिलाफ सशस्त्र संघर्ष द्वारा भारत को आजाद करना
    • \n

    • (C) जापान के साथ व्यापारिक संबंध बनाना
    • \n

    • (D) केवल दक्षिण-पूर्व एशिया में भारतीय प्रवासियों की रक्षा करना
    • \n

    \n

    सही उत्तर: (B) ब्रिटिश शासन के खिलाफ सशस्त्र संघर्ष द्वारा भारत को आजाद करना

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    \n विस्तृत व्याख्या: नेताजी सुभाष चंद्र बोस ने INA का पुनर्गठन किया और ‘दिल्ली चलो’ का नारा दिया। उनका मानना था कि केवल अहिंसा से आजादी नहीं मिलेगी, बल्कि सैन्य दबाव आवश्यक है।\n
    अन्य विकल्प: हालांकि उन्होंने प्रवासियों को संगठित किया, लेकिन अंतिम लक्ष्य भारत की पूर्ण स्वतंत्रता था।\n

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  36. \n\n

  37. भारत शासन अधिनियम 1935 की सबसे महत्वपूर्ण विशेषता क्या थी?\n
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    • (A) पूर्ण स्वराज की घोषणा
    • \n

    • (B) प्रांतीय स्वायत्तता (Provincial Autonomy)
    • \n

    • (C) द्वि-सदनीय विधायिका की शुरुआत
    • \n

    • (D) केवल एक केंद्रीय सरकार की स्थापना
    • \n

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    सही उत्तर: (B) प्रांतीय स्वायत्तता

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    \n विस्तृत व्याख्या: 1935 के अधिनियम ने प्रांतों में ‘द्वैध शासन’ को समाप्त कर उन्हें स्वायत्तता प्रदान की, जिससे भारतीय मंत्रियों को प्रांतीय प्रशासन में अधिक अधिकार मिले।\n
    अन्य विकल्प: पूर्ण स्वराज 1929 के लाहौर अधिवेशन का लक्ष्य था। द्वि-सदनीय व्यवस्था पहले भी कुछ स्तरों पर मौजूद थी।\n

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  38. \n\n

  39. सविनय अवज्ञा आंदोलन की शुरुआत गांधीजी ने किस घटना के साथ की थी?\n
      \n

    • (A) खेड़ा सत्याग्रह
    • \n

    • (B) नमक मार्च (दांडी यात्रा)
    • \n

    • (C) अहमदाबाद मिल हड़ताल
    • \n

    • (D) असहयोग का आह्वान
    • \n

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    सही उत्तर: (B) नमक मार्च

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    \n विस्तृत व्याख्या: 12 मार्च 1930 को साबरमती आश्रम से दांडी तक की यात्रा करके गांधीजी ने नमक कानून तोड़ा, जिससे पूरे देश में ‘सविनय अवज्ञा आंदोलन’ की शुरुआत हुई।\n
    अन्य विकल्प: खेड़ा और अहमदाबाद मिल हड़ताल गांधीजी के शुरुआती क्षेत्रीय प्रयोग थे।\n

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  40. \n\n \n

  41. प्राचीन मेसोअमेरिका की ‘एज़्टेक साम्राज्य’ (Aztec Empire) मुख्य रूप से किस वर्तमान देश के क्षेत्र में स्थित था?\n
      \n

    • (A) ब्राजील
    • \n

    • (B) पेरू
    • \n

    • (C) मेक्सिको
    • \n

    • (D) अर्जेंटीना
    • \n

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    सही उत्तर: (C) मेक्सिको

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    \n विस्तृत व्याख्या: एज़्टेक साम्राज्य 14वीं से 16वीं शताब्दी के बीच आधुनिक मेक्सिको के मध्य क्षेत्र में केंद्रित था। उनकी राजधानी ‘तेनोचतितलन’ (Tenochtitlan) थी, जो आज के मेक्सिको सिटी के स्थान पर थी। हालिया पुरातात्विक खोजें इनके शहरी नियोजन और धार्मिक अनुष्ठानों के बारे में नई जानकारी दे रही हैं।\n
    अन्य विकल्प: पेरू में ‘इंका साम्राज्य’ स्थित था। ब्राजील और अर्जेंटीना में ऐसी कोई विशाल साम्राज्य प्रणाली नहीं थी।\n

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  42. \n\n

  43. 1956 की ‘हंगेरियन क्रांति’ (Hungarian Revolution) मुख्य रूप से किसके विरुद्ध एक विद्रोह था?\n
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    • (A) नाजी जर्मनी
    • \n

    • (B) फासीवादी इटली
    • \n

    • (C) सोवियत संघ (USSR)
    • \n

    • (D) ब्रिटिश साम्राज्य
    • \n

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    सही उत्तर: (C) सोवियत संघ (USSR)

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    \n विस्तृत व्याख्या: अक्टूबर 1956 में हंगरी के लोगों ने सोवियत संघ के नियंत्रण और कम्युनिस्ट शासन के खिलाफ विद्रोह कर दिया था। सोवियत सेना ने अंततः इस विद्रोह को हिंसक रूप से कुचल दिया। यह शीत युद्ध के दौरान एक महत्वपूर्ण घटना थी।\n
    अन्य विकल्प: नाजी और फासीवादी शासन द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान थे; हंगरी उस समय सोवियत प्रभाव क्षेत्र (Eastern Bloc) में था।\n

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  44. \n\n

  45. फ्रांसीसी क्रांति (1789) का तात्कालिक कारण क्या था?\n
      \n

    • (A) नेपोलियन का उदय
    • \n

    • (B) लुई XVI द्वारा करों में वृद्धि और आर्थिक संकट
    • \n

    • (C) औद्योगिक क्रांति की शुरुआत
    • \n

    • (D) अमेरिका की आजादी
    • \n

    \n

    सही उत्तर: (B) लुई XVI द्वारा करों में वृद्धि और आर्थिक संकट

    \n

    \n विस्तृत व्याख्या: फ्रांस में भारी कर्ज और अकाल के कारण आर्थिक स्थिति खराब थी। राजा लुई XVI ने तीसरे वर्ग (Third Estate) पर कर बढ़ाने की कोशिश की, जिससे आक्रोश बढ़ा और ‘बास्तील के किले’ के पतन के साथ क्रांति शुरू हुई।\n
    अन्य विकल्प: नेपोलियन क्रांति के बाद सत्ता में आया; औद्योगिक क्रांति एक आर्थिक प्रक्रिया थी, न कि राजनीतिक विद्रोह का कारण।\n

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  46. \n\n

  47. औद्योगिक क्रांति की शुरुआत सबसे पहले किस देश में हुई थी?\n
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    • (A) फ्रांस
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    • (B) संयुक्त राज्य अमेरिका
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    • (C) ब्रिटेन
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    • (D) जर्मनी
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    सही उत्तर: (C) ब्रिटेन

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    \n विस्तृत व्याख्या: 18वीं शताब्दी के उत्तरार्ध में ब्रिटेन में औद्योगिक क्रांति शुरू हुई। कोयले और लोहे की प्रचुरता, उपनिवेशों से कच्चे माल की उपलब्धता और तकनीकी आविष्कारों (जैसे स्टीम इंजन) ने ब्रिटेन को दुनिया का ‘वर्कशॉप’ बना दिया।\n
    अन्य विकल्प: अन्य देशों में यह क्रांति बाद में पहुंची।\n

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  48. \n\n

  49. प्रथम विश्व युद्ध (1914-1918) का तात्कालिक कारण क्या था?\n
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    • (A) वर्साय की संधि
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    • (B) आर्कड्यूक फ्रांसिफ़र्ड की हत्या
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    • (C) जर्मनी का पोलैंड पर आक्रमण
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    • (D) रूस की क्रांति
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    सही उत्तर: (B) आर्कड्यूक फ्रांसिफ़र्ड की हत्या

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    \n विस्तृत व्याख्या: 28 जून 1914 को ऑस्ट्रिया-हंगरी के राजकुमार आर्कड्यूक फ्रांसिफ़र्ड की साराजेवो (बोस्निया) में हत्या कर दी गई। इस घटना ने यूरोपीय शक्तियों के बीच गठबंधन की श्रृंखला को सक्रिय कर दिया और युद्ध छिड़ गया।\n
    अन्य विकल्प: वर्साय की संधि युद्ध के *बाद* हुई; जर्मनी का पोलैंड पर हमला द्वितीय विश्व युद्ध का कारण था।\n

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